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Political


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अरे आप तो जो है सबसे पहले अपना एम ए कंप्लीट कर लीजिए अच्छे से अच्छे मार्क्स से और उसके बाद आकर आप आईएएस की तैयारी करना चाहते हैं तो जरूर कीजिए बहुत ही अच्छी बाते आपका जो लाइफ का गोल है वह कंप्लीट कीजि...
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अरे आप तो जो है सबसे पहले अपना एम ए कंप्लीट कर लीजिए अच्छे से अच्छे मार्क्स से और उसके बाद आकर आप आईएएस की तैयारी करना चाहते हैं तो जरूर कीजिए बहुत ही अच्छी बाते आपका जो लाइफ का गोल है वह कंप्लीट कीजिए और उसके लिए जो है वह पर्टिकुलर पैटर्न में आपको शादी करना पड़ता है लगभग लोग जो है वह कम से कम एक या डेढ़ साल उसके लिए मेहनत करते हैं उसके बाद जाकर कई लोगों का होता है तो उसमें उसमें जो पाठक लिस्ट स्टैंडर्ड रहता है जो पट खुले हुए सवालों पर जाते हैं पैटर्न को फॉलो किया जाता है जैसे जो सब्जेक्ट किया उसको पूरा पोस्ट फर्स्ट क्लास से लेकर ट्वेल्थ क्लास है उसको पूरा हिस्ट्री आपको मालूम होना चाहिए कि क्या हुआ क्या चल रहा है और आपको जनरल नॉलेज पता होनी चाहिए जो करंट अफेयर है वह सब पता होना चाहिए यह तो बताओ आप जो है पूरा आहार खादर में जो है आप ऑलराउंडर होनी चाहिए अभी उसमें आपका जो है वह चांद से बनता है और अगर नहीं आप कोई काम मुश्किल है लग रहा है तो आपको छूट की जानकारी चाहते हैं कई बड़े-बड़े शहर में बहुत इनामी कोचिंग इंस्टिट्यूट से बोलो मटेरियल प्रोजेक्ट कराते और उसी पैटर्न में जो है पढ़ाई कर आते तो उसे जो है वह आपको फायदा हो सकता है और मैं आपको ऑल द बेस्ट कहना चाहूंगा आपकी आईएएस की तैयारी के लिएArre Aap To Jo Hai Sabse Pehle Apna Em A Complete Kar Lijiye Acche Se Acche Marks Se Aur Uske Baad Aakar Aap IAS Ki Taiyari Karna Chahte Hain To Jarur Kijiye Bahut Hi Acchi Bate Aapka Jo Life Ka Gol Hai Wah Complete Kijiye Aur Uske Liye Jo Hai Wah Particular Pattern Mein Aapko Shadi Karna Padata Hai Lagbhag Log Jo Hai Wah Kum Se Kum Ek Ya Dedh Saal Uske Liye Mehnat Karte Hain Uske Baad Jaakar Kai Logon Ka Hota Hai To Usamen Usamen Jo Pathak List Standard Rehta Hai Jo Pat Khule Hue Sawalon Par Jaate Hain Pattern Ko Follow Kiya Jata Hai Jaise Jo Subject Kiya Usko Pura Post First Class Se Lekar Twelfth Class Hai Usko Pura History Aapko Maloom Hona Chahiye Ki Kya Hua Kya Chal Raha Hai Aur Aapko General Knowledge Pata Honi Chahiye Jo Current Affair Hai Wah Sab Pata Hona Chahiye Yeh To Batao Aap Jo Hai Pura Aahaar Khadar Mein Jo Hai Aap Allrounder Honi Chahiye Abhi Usamen Aapka Jo Hai Wah Chand Se Banta Hai Aur Agar Nahi Aap Koi Kaam Mushkil Hai Lag Raha Hai To Aapko Chhut Ki Jankari Chahte Hain Kai Bade Bade Sheher Mein Bahut Inami Coaching Institute Se Bolo Material Project Karate Aur Ussi Pattern Mein Jo Hai Padhai Kar Aate To Use Jo Hai Wah Aapko Fayda Ho Sakta Hai Aur Main Aapko All D Best Kehna Chahunga Aapki IAS Ki Taiyari Ke Liye
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सफलता पॉलिटिकल साइंस पढ़ना चाहते हैं तो शुरुआत आप कर सकते हैं कोचिंग से आप और ऊंचाइयों कोचिंग प्राइवेट कोशिश कर सकते हैं या तो पॉलिटिकल साइंस की प्राइवेट कोचिंग अथवा से निकलती है तो आप क्या कर सकते है...
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सफलता पॉलिटिकल साइंस पढ़ना चाहते हैं तो शुरुआत आप कर सकते हैं कोचिंग से आप और ऊंचाइयों कोचिंग प्राइवेट कोशिश कर सकते हैं या तो पॉलिटिकल साइंस की प्राइवेट कोचिंग अथवा से निकलती है तो आप क्या कर सकते हैं या तो कॉलेज प्राइवेट कॉलेज में गवर्नमेंट कॉलेज सभा में वैकेंसी शादी होती है वहां पर जाकर अपना मतलब बता सकते हैं बहुत ही बेहतर सब्जेक्ट है और उसकी ओपनिंग पे आती है कौन सा जगह पर तो आप ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं कहां पर पॉलिटिकल साइंस है जो टीचर्स किया है प्रोफेसर की वैकेंसी है आप वहां पर जाकर आपका इंटरव्यू दे सकते हैं नारियल से जो रेफरेंसेस किसी का हो या कोई कॉलेज में हो तो उनसे भी ले सकते हैं कोई वैकेंसी हो तो आप वहां पर जाकर एग्जाम दीजिए और लेट हो जाएगा तभी पूरा बढ़ा सकते हैंSafalta Political Science Padhna Chahte Hain To Shuruvat Aap Kar Sakte Hain Coaching Se Aap Aur Unchaiyon Coaching Private Koshish Kar Sakte Hain Ya To Political Science Ki Private Coaching Athwa Se Nikalti Hai To Aap Kya Kar Sakte Hain Ya To College Private College Mein Government College Sabha Mein Vacancy Shadi Hoti Hai Wahan Par Jaakar Apna Matlab Bata Sakte Hain Bahut Hi Behtar Subject Hai Aur Uski Opening Pe Aati Hai Kaun Sa Jagah Par To Aap Online Bhi Check Kar Sakte Hain Kahan Par Political Science Hai Jo Teachers Kiya Hai Professor Ki Vacancy Hai Aap Wahan Par Jaakar Aapka Interview De Sakte Hain Nariyal Se Jo Refarenses Kisi Ka Ho Ya Koi College Mein Ho To Unse Bhi Le Sakte Hain Koi Vacancy Ho To Aap Wahan Par Jaakar Exam Dijiye Aur Let Ho Jayega Tabhi Pura Badha Sakte Hain
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यूजीसी नेट पोलिटिकल साइंस का पेपर देना चाहते तो उसके लिए आप कुछ चीज जो हमेशा याद रखें क्योंकि इसमें हमेशा जो यूनिवर्सिटी नोटिफिकेशन से लेटेस्ट न्यूज़ अब से हमेशा अपडेट रहे हैं इसलिए बस और एग्जाम पैटर्...
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यूजीसी नेट पोलिटिकल साइंस का पेपर देना चाहते तो उसके लिए आप कुछ चीज जो हमेशा याद रखें क्योंकि इसमें हमेशा जो यूनिवर्सिटी नोटिफिकेशन से लेटेस्ट न्यूज़ अब से हमेशा अपडेट रहे हैं इसलिए बस और एग्जाम पैटर्न जो है वह पता करते रहे कि क्या है टाइम टेबल जो है आप उसे बनाया हंड्रेड कम से कम हंड्रेड इसका मतलब जैसे भी आप का पैटर्न नेता क्वेश्चन ज्यादा वेटेज की तरह को सबसे ज्यादा आ रहा है टॉपिक स्टार्ट किस तरह से ज्यादा पूछे जाते है उस पर ज्यादा फोकस कीजिए हमेशा से और क्यों किस लिए बस बहुत ज्यादा है तो उसके उसको आप डिसाइड कर लीजिए वीकली मैसेज पर कि इस बीच में कोई स्त्री का सिलेबस कंप्लीट करने से क्या होगा Border नंबर कम हो जाएगा जिससे आप कंप्यूटर सिलेबस कंप्लीट हो जाएगा थोड़ा सा कंप्यूटर पहुंच जाएंगे टॉपिक है उसका अब से आप डिवाइस की चित्र जो है इसे ही रहेगा को याद करने में और सब साथ जो पॉलिटिकल साइंस बस स्टॉप पर होता है तो सिलेबस है उसके बहुत सारे हैं आपको यूजीसी औपचारिक का मतलब चेक कर सकते हैं इंटरनेट से भी आप पुराने जो आप पेपर है वहां से आकर चेक वहां पर आपको सिलेबस लिखा रहता है क्या क्या उसका सिलेबस इंपॉर्टेंट क्वेश्चन से जिसे पोलिटिकल थ्योरी नोट्स है कंपेरेटिव पॉलिटिक्स इन पॉलिटिकल रांची से इंडियन गवर्नमेंट एंड पॉलिटिक्स पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन इन रिलेशनशिप पावर एंड अथॉरिटी पॉलिटिकल सोशलिस्ट रिपब्लिकन सेट थ्योरी ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन इंडियन फॉरेन पॉलिसी इज कंप्यूटर कंप्यूटर रिजर्वेशन सीट ऑफिस से इंपॉर्टेंट होते हैं तो आप पैसे चेक कर लीजिए कौन सा सिलेबस उसका है यूजीसी नेट का पॉलिटिकल साइंस काUgc Net Political Science Ka Paper Dena Chahte To Uske Liye Aap Kuch Cheez Jo Hamesha Yaad Rakhen Kyonki Isme Hamesha Jo University Notification Se Latest News Ab Se Hamesha Update Rahe Hain Isliye Bus Aur Exam Pattern Jo Hai Wah Pata Karte Rahe Ki Kya Hai Time Table Jo Hai Aap Use Banaya Hundred Kum Se Kum Hundred Iska Matlab Jaise Bhi Aap Ka Pattern Neta Question Jyada Weightage Ki Tarah Ko Sabse Jyada Aa Raha Hai Topic Start Kis Tarah Se Jyada Puche Jaate Hai Us Par Jyada Focus Kijiye Hamesha Se Aur Kyun Kis Liye Bus Bahut Jyada Hai To Uske Usko Aap Decide Kar Lijiye Vikli Massage Par Ki Is Beech Mein Koi Stri Ka Syllabus Complete Karne Se Kya Hoga Border Number Kum Ho Jayega Jisse Aap Computer Syllabus Complete Ho Jayega Thoda Sa Computer Pahunch Jaenge Topic Hai Uska Ab Se Aap Device Ki Chitra Jo Hai Ise Hi Rahega Ko Yaad Karne Mein Aur Sab Saath Jo Political Science Bus Stop Par Hota Hai To Syllabus Hai Uske Bahut Sare Hain Aapko Ugc Aupcharik Ka Matlab Check Kar Sakte Hain Internet Se Bhi Aap Purane Jo Aap Paper Hai Wahan Se Aakar Check Wahan Par Aapko Syllabus Likha Rehta Hai Kya Kya Uska Syllabus Important Question Se Jise Political Theory Notes Hai Kamperetiv Politics In Political Ranchi Se Indian Government End Politics Public Administration In Relationship Power End Authority Political Socialist Republican Set Theory Of International Relation Indian Foreign Policy Is Computer Computer Reservation Seat Office Se Important Hote Hain To Aap Paise Check Kar Lijiye Kaun Sa Syllabus Uska Hai Ugc Net Ka Political Science Ka
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जी हां मुझे बिल्कुल ऐसा लगता है कि किसी राजनेता को शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए मुझे लगता है कि हमारे पॉलिटिकल सिस्टम की सबसे बड़ी खामी ही यही है कि हमें हमारे कोई क्वालिफिकेशन क्राइटेरिया नहीं है इसलिए...
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जी हां मुझे बिल्कुल ऐसा लगता है कि किसी राजनेता को शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए मुझे लगता है कि हमारे पॉलिटिकल सिस्टम की सबसे बड़ी खामी ही यही है कि हमें हमारे कोई क्वालिफिकेशन क्राइटेरिया नहीं है इसलिए जो अशिक्षित लोग होते हैं जिनको ना इतना एक्सपोजर मिला होता है ना उनकी नॉलेज बड़ी होती है उनको हम अपनी लाइफ कंट्रोल करने का अपनी लाइफ की रिस्पॉन्सिबिलिटी दे देते हैं तो मुझे बिल्कुल लगता है कि वैसे तो यह काफी पहले हो जाना चाहिए था पर अगर नहीं हुआ है तो अब तो बिल्कुल शुरू हो जाना चाहिए किस शैक्षिक योग्यता होनी ही चाहिए राजनेताओं में ताकि वह इसलिए नहीं था कि वह खुद अपना दिमाग लड़की कुछ कर सके इसलिए ताकि वह हम लोगों की बात समझ सके इस अयोग्यता के बिना दूसरों के बाद समझना बहुत मुश्किल हो जाता है और इसके अलावा मुझे लगता है कि जो क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले मंत्री हैं वह लोग भी हट जाने से ही है पर हां शैक्षिक योग्यता सबसे जरूरी हैG Haan Mujhe Bilkul Aisa Lagta Hai Ki Kisi Raajneta Ko Shaikshik Yogyata Honi Chahiye Mujhe Lagta Hai Ki Hamare Political System Ki Sabse Badi Khami Hi Yahi Hai Ki Hume Hamare Koi Qualification Criteria Nahi Hai Isliye Jo Ashikshit Log Hote Hain Jinako Na Itna Exposure Mila Hota Hai Na Unki Knowledge Badi Hoti Hai Unko Hum Apni Life Control Karne Ka Apni Life Ki Rispansibiliti De Dete Hain To Mujhe Bilkul Lagta Hai Ki Waise To Yeh Kafi Pehle Ho Jana Chahiye Tha Par Agar Nahi Hua Hai To Ab To Bilkul Shuru Ho Jana Chahiye Kis Shaikshik Yogyata Honi Hi Chahiye Rajnetao Mein Taki Wah Isliye Nahi Tha Ki Wah Khud Apna Dimag Ladki Kuch Kar Sake Isliye Taki Wah Hum Logon Ki Baat Samajh Sake Is Ayogyata Ke Bina Dusron Ke Baad Samajhna Bahut Mushkil Ho Jata Hai Aur Iske Alava Mujhe Lagta Hai Ki Jo Criminal Record Wali Mantri Hain Wah Log Bhi Hut Jaane Se Hi Hai Par Haan Shaikshik Yogyata Sabse Zaroori Hai
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हमारे देश कब आजाद हुआ था तो उस समय कॉन्स्टिट्यूशन में आरक्षण यानी रिजर्वेशन डाला गया था दलितों और SC ST कास्ट के लोगों के लिए और वह उस समय डालते वक्त यह चीज़ कहीं गई थी कि हमारे देश में आरक्षण की सिर्...
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हमारे देश कब आजाद हुआ था तो उस समय कॉन्स्टिट्यूशन में आरक्षण यानी रिजर्वेशन डाला गया था दलितों और SC ST कास्ट के लोगों के लिए और वह उस समय डालते वक्त यह चीज़ कहीं गई थी कि हमारे देश में आरक्षण की सिर्फ 10 साल जरूरत है दलितों का आरक्षण किस से 10 साल जरूरत है और उसके बाद उसको हटा देना चाहिए और उनका जो जितना उन को बढ़ावा मिलना चाहिए जिनको ऊपर आना है वह 10 साल में आ जाएंगे और उसके बाद आरक्षण की कोई भी जरूरत नहीं रहेगी देश में लेकिन मेरे मुताबिक जो आरक्षण का फैसला था वह सिर्फ 10 साल के लिए ठीक था और आज के समय में भी उस आरक्षण को चलाया जा रहा है इतने सालों से उसको नहीं हटाया गया है और कोई भी पॉलिटिकल पार्टी आरक्षण को हटाने का रिस्क रिस्क भी नहीं देना चाहती है तू मेरे हिसाब से आरक्षण लेने बनाने का जो फैसला था 10 साल के बाद उसको नहीं हटाया गया वह जो फैसला था वह ही हमारे देश को काफी पिछड़ा हुआ बना रहा है और उसकी वजह से देश में विकास नहीं हो पा रहा है कि आरक्षण के चलते जाति के हिसाब से लोग आगे जाते हैं और ना ही उनकी काबिलियत और गुणों के हिसाब से और इसी वजह से जो लोग ज्यादा काबिलियत रखते हैं जो जो लोग ज्यादा मेहनत करते हैं और अगर वह सामान्य वर्ग से हैं तो वह पीछे रह जाते हैं वही जाति के हिसाब से अगर कम काबिलियत रखने वाले लोग भी आगे निकल जाते हैं जिसकी वजह से एक न्यायपूर्ण प्रणाली नहीं चल रही है और उस और हमारे देश में जो कॉन्स्टिट्यूशन कहता है कि सभी को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए वह चीज नहीं हो पा रही है तो मुझे लगता है कि जो आरक्षण को चला इतने सालों तक चलाई रखने का जो फैसला है और वह हमारे देश को काफी पिछड़ा हुआ बना रहा है और इसी वजह से हमारे देश में विकास भी ज्यादा नहीं हो पा रहा हैHamare Desh Kab Azad Hua Tha To Us Samay Constitution Mein Aarakshan Yani Reservation Dala Gaya Tha Dalito Aur SC ST Caste Ke Logon Ke Liye Aur Wah Us Samay Daalte Waqt Yeh Cheese Kahin Gayi Thi Ki Hamare Desh Mein Aarakshan Ki Sirf 10 Saal Zaroorat Hai Dalito Ka Aarakshan Kis Se 10 Saal Zaroorat Hai Aur Uske Baad Usko Hata Dena Chahiye Aur Unka Jo Jitna Un Ko Badhawa Milna Chahiye Jinako Upar Aana Hai Wah 10 Saal Mein Aa Jaenge Aur Uske Baad Aarakshan Ki Koi Bhi Zaroorat Nahi Rahegi Desh Mein Lekin Mere Mutabik Jo Aarakshan Ka Faisla Tha Wah Sirf 10 Saal Ke Liye Theek Tha Aur Aaj Ke Samay Mein Bhi Us Aarakshan Ko Chalaya Ja Raha Hai Itne Salon Se Usko Nahi Hataya Gaya Hai Aur Koi Bhi Political Party Aarakshan Ko Hatane Ka Risk Risk Bhi Nahi Dena Chahti Hai Tu Mere Hisab Se Aarakshan Lene Banane Ka Jo Faisla Tha 10 Saal Ke Baad Usko Nahi Hataya Gaya Wah Jo Faisla Tha Wah Hi Hamare Desh Ko Kafi Pichada Hua Bana Raha Hai Aur Uski Wajah Se Desh Mein Vikash Nahi Ho Pa Raha Hai Ki Aarakshan Ke Chalte Jati Ke Hisab Se Log Aage Jaate Hain Aur Na Hi Unki Kabiliyat Aur Gunon Ke Hisab Se Aur Isi Wajah Se Jo Log Jyada Kabiliyat Rakhate Hain Jo Jo Log Jyada Mehnat Karte Hain Aur Agar Wah Samanya Varg Se Hain To Wah Piche Rah Jaate Hain Wahi Jati Ke Hisab Se Agar Kum Kabiliyat Rakhne Wale Log Bhi Aage Nikal Jaate Hain Jiski Wajah Se Ek Nyaypurn Pranali Nahi Chal Rahi Hai Aur Us Aur Hamare Desh Mein Jo Constitution Kahata Hai Ki Sabhi Ko Barabar Ka Adhikaar Milna Chahiye Wah Cheez Nahi Ho Pa Rahi Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Jo Aarakshan Ko Chala Itne Salon Tak Chalai Rakhne Ka Jo Faisla Hai Aur Wah Hamare Desh Ko Kafi Pichada Hua Bana Raha Hai Aur Isi Wajah Se Hamare Desh Mein Vikash Bhi Jyada Nahi Ho Pa Raha Hai
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कोई भी राजनीति करता होती है कोई भी राजनीतिक मीटिंग होती है तो उसकी जो महत्व हिंदी में हम नहीं लिख सकते हिंदी में हम नहीं कर सकते क्योंकि अब असली इंडिया जो है इस तरह की समुदाय है जहां पर अलग-अलग कल चर्...
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कोई भी राजनीति करता होती है कोई भी राजनीतिक मीटिंग होती है तो उसकी जो महत्व हिंदी में हम नहीं लिख सकते हिंदी में हम नहीं कर सकते क्योंकि अब असली इंडिया जो है इस तरह की समुदाय है जहां पर अलग-अलग कल चर्च के लोग अलग-अलग लैंग्वेज बोली जाती है इंडिया में और क्योंकि हिंदी में हर एक पाठ में नहीं बोली जाती विषय को लेकर साउथ की बात क्या किया जाए तो अलग-अलग अपनी लैंग्वेज है तो सब को हिंदी समझ में नहीं आती है तो राजनीती अगर वार्तालाप होती है किसी वक्त विधानसभा की बात की जाए वहां पर कोई होती है कोई बैठक होती है तो उसमें को हिंदी में सब लोग बात करेंगे या फिर कल ऑफिस हिंदी में ही होगा अगर तो अब इस जो लोग भी हिंदी नहीं जानते हो समझ नहीं पाएंगे तो उसकी राजनीतिक बैठकों कोई महत्व नहीं दिया जाता है इसलिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है जो का मन हो इसी बीच बीच में जो भी हिंदी नहीं जानते हो इंग्लिश में स्पीच देते हैं ताकि अपनी बात से पूरी तरह से रख पाए इससे सब कुछ समझा पाए तो अभी जो इंपॉर्टेंट नहीं हो सकती हैKoi Bhi Rajneeti Karta Hoti Hai Koi Bhi Rajnitik Meeting Hoti Hai To Uski Jo Mahatva Hindi Mein Hum Nahi Likh Sakte Hindi Mein Hum Nahi Kar Sakte Kyonki Ab Asli India Jo Hai Is Tarah Ki Samuday Hai Jahan Par Alag Alag Kal Church Ke Log Alag Alag Language Boli Jati Hai India Mein Aur Kyonki Hindi Mein Har Ek Path Mein Nahi Boli Jati Vishay Ko Lekar South Ki Baat Kya Kiya Jaye To Alag Alag Apni Language Hai To Sab Ko Hindi Samajh Mein Nahi Aati Hai To Rajneeti Agar Vartalaap Hoti Hai Kisi Waqt Vidhan Sabha Ki Baat Ki Jaye Wahan Par Koi Hoti Hai Koi Baithak Hoti Hai To Usamen Ko Hindi Mein Sab Log Baat Karenge Ya Phir Kal Office Hindi Mein Hi Hoga Agar To Ab Is Jo Log Bhi Hindi Nahi Jante Ho Samajh Nahi Paenge To Uski Rajnitik Baithakon Koi Mahatva Nahi Diya Jata Hai Isliye Aisi Bhasha Ka Istemal Kiya Jata Hai Jo Ka Man Ho Isi Beech Beech Mein Jo Bhi Hindi Nahi Jante Ho English Mein Speech Dete Hain Taki Apni Baat Se Puri Tarah Se Rakh Paye Isse Sab Kuch Samjha Paye To Abhi Jo Important Nahi Ho Sakti Hai
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यह हर किसी चीज में मेहनत तो करनी ही पड़ती है कोई भी चीज बिना मेहनत कि नहीं आती यदि हमारे खाना ही पड़ेगा तब वह अंदर जाएगा वह अपने आप अंदर नहीं जाता है एनी हर किसी चीज के स्ट्रगल करना ही पड़ता है भले वह...
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यह हर किसी चीज में मेहनत तो करनी ही पड़ती है कोई भी चीज बिना मेहनत कि नहीं आती यदि हमारे खाना ही पड़ेगा तब वह अंदर जाएगा वह अपने आप अंदर नहीं जाता है एनी हर किसी चीज के स्ट्रगल करना ही पड़ता है भले वह कोई सी भी चीज चाहे राजनीति हो या कोई भी हो यहां से तक सांस लेने के लिए भी हमें कुछ ना कुछ करना ही पड़ता हर किसी चीज के लिए हमें कुछ ना कुछ करना ही पड़ता है इस जीवन का नाम ही कुछ करना यानी कुछ मेहनत यह जीवन का नाम तो भले भाई राजनीति कभी चाहे वह कोई भी भेजा है उसमें हमेशा ही मेहनत का काम होता है यदि हम छोटे स्तर पर कोई भी है थोड़े बड़े स्तर पर लोगों की सेवा करते करते या किसी प्रकाश तक 22 तारीख तक पहुंचाते सबसे बड़ी सबसे बड़ी राजनीतिक सीढ़ियां भी सब कुछ मेहनत ज्योतिYeh Har Kisi Cheez Mein Mehnat To Karni Hi Padhti Hai Koi Bhi Cheez Bina Mehnat Ki Nahi Aati Yadi Hamare Khana Hi Padega Tab Wah Andar Jayega Wah Apne Aap Andar Nahi Jata Hai Any Har Kisi Cheez Ke Struggle Karna Hi Padata Hai Bhale Wah Koi Si Bhi Cheez Chahe Rajneeti Ho Ya Koi Bhi Ho Yahan Se Tak Saans Lene Ke Liye Bhi Hume Kuch Na Kuch Karna Hi Padata Har Kisi Cheez Ke Liye Hume Kuch Na Kuch Karna Hi Padata Hai Is Jeevan Ka Naam Hi Kuch Karna Yani Kuch Mehnat Yeh Jeevan Ka Naam To Bhale Bhai Rajneeti Kabhi Chahe Wah Koi Bhi Bheja Hai Usamen Hamesha Hi Mehnat Ka Kaam Hota Hai Yadi Hum Chote Sthar Par Koi Bhi Hai Thode Bade Sthar Par Logon Ki Seva Karte Karte Ya Kisi Prakash Tak 22 Tarikh Tak Pahunchate Sabse Badi Sabse Badi Rajnitik Sidhiyan Bhi Sab Kuch Mehnat Jyoti
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अगर आप नहीं करना चाहते हैं तो आप किस सब्जेक्ट से करना चाहते हैं फिर से या पॉलिटिकल साइंस है क्योंकि आपके सब खैरियत है आप कुछ डिसाइड कर सकते हैं मेरे हिसाब से देखा जाए तो पॉलिटिकल साइंस अगर आप ऐसा करते...
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अगर आप नहीं करना चाहते हैं तो आप किस सब्जेक्ट से करना चाहते हैं फिर से या पॉलिटिकल साइंस है क्योंकि आपके सब खैरियत है आप कुछ डिसाइड कर सकते हैं मेरे हिसाब से देखा जाए तो पॉलिटिकल साइंस अगर आप ऐसा करते हैं तो बेहतर होगा लेकिन आपके आगे क्या करना चाहते हैं अब आगे क्या बनना चाहते उसका भी डिपेंड करता है तो वह मैं तो उस लॉक में क्या पॉलिटिकल साइंस m.a. कर सकते हैं लेकिन अगर आप चाहते हैं इससे कनेक्ट हिस्ट्री से भी कर सकते हैं कि आपका सिम चलेगी दिखा दिया क्या करना चाहते उड़ीसा के लिए क्या-क्या पढ़ाई करना चाहते तो आप भी बनना चाहते उसके रिकॉर्डिंग पढ़ाई करेंगे तो आप बेहतर से बेहतर पाएंगेAgar Aap Nahi Karna Chahte Hain To Aap Kis Subject Se Karna Chahte Hain Phir Se Ya Political Science Hai Kyonki Aapke Sab Khairiyat Hai Aap Kuch Decide Kar Sakte Hain Mere Hisab Se Dekha Jaye To Political Science Agar Aap Aisa Karte Hain To Behtar Hoga Lekin Aapke Aage Kya Karna Chahte Hain Ab Aage Kya Banana Chahte Uska Bhi Depend Karta Hai To Wah Main To Us Lock Mein Kya Political Science M.a. Kar Sakte Hain Lekin Agar Aap Chahte Hain Isse Connect History Se Bhi Kar Sakte Hain Ki Aapka Sim Chalegi Dikha Diya Kya Karna Chahte Oddisha Ke Liye Kya Kya Padhai Karna Chahte To Aap Bhi Banana Chahte Uske Recording Padhai Karenge To Aap Behtar Se Behtar Paenge
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बेटी रेप इंसान की मजबूरी है या राजनीति दवा हो तो मैं तो कह सकता हूं कि जो इंसान का अधिक होता है वह तो उनकी मजबूरी होती है क्योंकि उनको जिन्हें हवस का शिकार बनाया जाता है रेप होने के बाद जो उनको न्याय ...
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बेटी रेप इंसान की मजबूरी है या राजनीति दवा हो तो मैं तो कह सकता हूं कि जो इंसान का अधिक होता है वह तो उनकी मजबूरी होती है क्योंकि उनको जिन्हें हवस का शिकार बनाया जाता है रेप होने के बाद जो उनको न्याय मिलना चाहिए उसमें जो है बहुत सारे राजनीतिक दबाव आते हैं दिखा जाए तो कोई अपनी पार्टी को बेहतर कहने के लिए कोई अपनी बॉडी को बेहतर साबित करने के लिए उसको सपोर्ट करता है कोई कभी पर आरोप लगाता है बहुत सारे आरोप प्रत्यारोप लगते हैंBeti Rape Insaan Ki Majburi Hai Ya Rajneeti Dawa Ho To Main To Keh Sakta Hoon Ki Jo Insaan Ka Adhik Hota Hai Wah To Unki Majburi Hoti Hai Kyonki Unko Jinhen Havas Ka Shikar Banaya Jata Hai Rape Hone Ke Baad Jo Unko Nyay Milna Chahiye Usamen Jo Hai Bahut Sare Rajnitik Dabaav Aate Hain Dikha Jaye To Koi Apni Party Ko Behtar Kehne Ke Liye Koi Apni Body Ko Behtar Saabit Karne Ke Liye Usko Support Karta Hai Koi Kabhi Par Aarop Lagaata Hai Bahut Sare Aarop Pratyarop Lagte Hain
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अरुण जी मेरा ऐसा मानना है मोदी जी और राहुल गांधी जी के दृष्टिकोण में राशिद को लेकर कोई मतभेद नहीं है जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उन्होंने यह भी वादे किए थे यही आरोप लगाए थे और और कांग्रेस के कुल को जस...
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अरुण जी मेरा ऐसा मानना है मोदी जी और राहुल गांधी जी के दृष्टिकोण में राशिद को लेकर कोई मतभेद नहीं है जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उन्होंने यह भी वादे किए थे यही आरोप लगाए थे और और कांग्रेस के कुल को जस्टिफाई किया था और उस समय भाजपा ने इन्हीं सब चीजों के अध्यक्ष कांग्रेस का विरोध किया था वही जवाब भाजपा सत्ता में आई है तो कांग्रेस MP3 वह आरोप लगा रही है भाजपा सीन काम कर रही है और भाजपा कांग्रेस की क्या पोजीशन में है तो उन पर अब आरोप प्रत्यारोप चल रहा है तू राजनीति में इनकी कोई दृष्टिकोण नहीं है इनके जो भी जो साउथ में चुनाव हो रहे हैं वहां के जो इनकी मॉडल ऑफ सेना ने लॉन्च किए हैं कि यह वादे करेंगे बातें करेंगे वह एकदम सेम है अगर बीजेपी ने कहा है कि वह युवाओं को iPhone फोन देने लैपटॉप देंगे तो कांग्रेस ने कहा कि वह महिलाओं के साथ ऐसा करेंगे महिला शाम को देंगे तू उनके दृष्टिकोण में कोई ज्यादा डिफरेंस नहीं है मुझे सिर्फ यह बात है कि जो सत्ता में है वह जाता बोल जाता है जो सत्ता में नहीं है बोलकर गैस बोलता है अगर अब कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह डीमोनेटाइजेशन जीएसटी सुनकर भी वह इतना विरोध कर रही है वह उन्हीं को सपोर्ट करेगी क्योंकि कहीं ना कहीं वह हेल्पफुल है हां थोड़ा डिफरेंट है यह कहूंगी कि मोदी जी थोड़ा सा वक्त के साथ-साथ बदल रहे हैं थोड़ा और युवाओं को लेकर मोड नई लिस्ट को लेकर आगे बढ़े लेकिन राहुल गांधी युवा होते हुए भी वहीं के वहीं अटके हैंArun Ji Mera Aisa Manana Hai Modi Ji Aur Rahul Gandhi Ji Ke Drishtikon Mein Rashid Ko Lekar Koi Matbhed Nahi Hai Jab Congress Satta Mein Thi Tab Unhone Yeh Bhi Waade Kiye The Yahi Aarop Lagaye The Aur Aur Congress Ke Kul Ko Justify Kiya Tha Aur Us Samay Bhajpa Ne Inhin Sab Chijon Ke Adhyaksh Congress Ka Virodh Kiya Tha Wahi Jawab Bhajpa Satta Mein Eye Hai To Congress MP3 Wah Aarop Laga Rahi Hai Bhajpa Seen Kaam Kar Rahi Hai Aur Bhajpa Congress Ki Kya Position Mein Hai To Un Par Ab Aarop Pratyarop Chal Raha Hai Tu Rajneeti Mein Inki Koi Drishtikon Nahi Hai Inke Jo Bhi Jo South Mein Chunav Ho Rahe Hain Wahan Ke Jo Inki Model Of Sena Ne Launch Kiye Hain Ki Yeh Waade Karenge Batein Karenge Wah Ekdam Same Hai Agar Bjp Ne Kaha Hai Ki Wah Yuvaon Ko IPhone Phone Dene Laptop Denge To Congress Ne Kaha Ki Wah Mahilaon Ke Saath Aisa Karenge Mahila Shaam Ko Denge Tu Unke Drishtikon Mein Koi Jyada Difference Nahi Hai Mujhe Sirf Yeh Baat Hai Ki Jo Satta Mein Hai Wah Jata Bol Jata Hai Jo Satta Mein Nahi Hai Bolkar Gas Bolta Hai Agar Ab Congress Satta Mein Aati Hai To Wah Dimonetaijeshan Gst Sunkar Bhi Wah Itna Virodh Kar Rahi Hai Wah Unhin Ko Support Karegi Kyonki Kahin Na Kahin Wah Helpaful Hai Haan Thoda Different Hai Yeh Kahungi Ki Modi Ji Thoda Sa Waqt Ke Saath Saath Badal Rahe Hain Thoda Aur Yuvaon Ko Lekar Mode Nayi List Ko Lekar Aage Badhe Lekin Rahul Gandhi Yuva Hote Hue Bhi Wahin Ke Wahin Atake Hain
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गुरु गोविंद सिंह के नेतृत्व में एक राजनैतिक व सैनिक शक्ति के रूप में संगठित हुए...
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गुरु गोविंद सिंह के नेतृत्व में एक राजनैतिक व सैनिक शक्ति के रूप में संगठित हुएGuru Govind Singh Ke Netritva Mein Ek Rajnaitik V Sainik Shakti Ke Roop Mein Sangathit Hue
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दिखे बस मैं इतना कहूंगा कि तूफान के प्रभाव को कम नहीं कम कर सकते लेकिन जब भी वेदर फोरकास्ट होती है तो बताया जाता है कि आने वाले 4 दिनों में इतने से इतने दिन तक तूफान आने की संभावना है तो हां कुछ सेटिं...
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दिखे बस मैं इतना कहूंगा कि तूफान के प्रभाव को कम नहीं कम कर सकते लेकिन जब भी वेदर फोरकास्ट होती है तो बताया जाता है कि आने वाले 4 दिनों में इतने से इतने दिन तक तूफान आने की संभावना है तो हां कुछ सेटिंग प्रिकॉशन से हम ले सकते हैं ताकि तूफान की वजह से कुछ जो क्षति हुई है वह कम हो और उसको लगभग ना के बराबर किया जा सके तो यह प्रिकॉशन जरूर लेना चाहिए कि लावा गवर्नमेंट को जो गवर्मेंट ऑफिस है उसे हमको रिहैबिलिटेशन की अच्छी व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में तूफान आया जिसमें लगभग 70 लोगों की डेथ हो गई और वह मगर उसको पहले ही प्रिकॉशन लिया गया होता तो मुझे नहीं लगता इतनी जान माल की हानि होती तो वही है कि अगर आप प्रभु तूफान के बाप को तो नहीं कम कर सकते लेकिन हां अगर उससे होने वाली क्षति को आप जरूर कम कर सकते हैं लेकिन अगर आप से पहले कुछ प्रिकॉशन से ले ले ठीक है यह गवर्मेंट ऑफिस है उसका काम है क्या और रिहैबिलिटेशन की अच्छी व्यवस्था अगर जो लोगों की जान माल की छतरी तो उनके लिए प्रॉपर कंपनसेशन जो देना वह भी आपको देना चाहिए तो यही तरीके हैं जिनसे आप उस चीज को कंपनी सेट कर सकते होDikhe Bus Main Itna Kahunga Ki Toofan Ke Prabhav Ko Kum Nahi Kum Kar Sakte Lekin Jab Bhi Weather Forecast Hoti Hai To Bataya Jata Hai Ki Aane Wale 4 Dinon Mein Itne Se Itne Din Tak Toofan Aane Ki Sambhavna Hai To Haan Kuch Setting Precaution Se Hum Le Sakte Hain Taki Toofan Ki Wajah Se Kuch Jo Kshati Hui Hai Wah Kum Ho Aur Usko Lagbhag Na Ke Barabar Kiya Ja Sake To Yeh Precaution Jarur Lena Chahiye Ki Lava Government Ko Jo Goverment Office Hai Use Hamko Rehabilitation Ki Acchi Vyavastha Karni Chahiye Kyonki Kuch Din Pehle Uttar Pradesh Mein Toofan Aaya Jisme Lagbhag 70 Logon Ki Death Ho Gayi Aur Wah Magar Usko Pehle Hi Precaution Liya Gaya Hota To Mujhe Nahi Lagta Itni Jaan Maal Ki Hani Hoti To Wahi Hai Ki Agar Aap Prabhu Toofan Ke Baap Ko To Nahi Kum Kar Sakte Lekin Haan Agar Usse Hone Wali Kshati Ko Aap Jarur Kum Kar Sakte Hain Lekin Agar Aap Se Pehle Kuch Precaution Se Le Le Theek Hai Yeh Goverment Office Hai Uska Kaam Hai Kya Aur Rehabilitation Ki Acchi Vyavastha Agar Jo Logon Ki Jaan Maal Ki Chhatari To Unke Liye Proper Kampanaseshan Jo Dena Wah Bhi Aapko Dena Chahiye To Yahi Tarike Hain Jinse Aap Us Cheez Ko Company Set Kar Sakte Ho
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DJ विचारधारा की बात तर्कसंगत नहीं है सारे राजनीतिक दल विचारधारा के नाम पर सिर्फ मत मांगते हैं उस विचारधारा के लिए कुछ भी नहीं करते जिस कांग्रेस को आज मुसलमानों के तुष्टीकरण का दोषी पाया जाता है वह क...
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DJ विचारधारा की बात तर्कसंगत नहीं है सारे राजनीतिक दल विचारधारा के नाम पर सिर्फ मत मांगते हैं उस विचारधारा के लिए कुछ भी नहीं करते जिस कांग्रेस को आज मुसलमानों के तुष्टीकरण का दोषी पाया जाता है वह कांग्रेस पार्टी थी जिसने जो जब जब केंद्र में थी तो बाबरी विध्वंस हुआ था वह कांग्रेस पार्टी जब केंद्र में थी तो भागलपुर ब्राइटनेस पार्टी थी जब सिखों का कत्ल हुआ था कांग्रेस की हिंदूवादी होने के चलते ही मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी और पाकिस्तान का निर्माण हुआ था आज भाजपा कि खुद को हिंदूवादी कहती है पिछले 4 सालों में इन्होंने हिंदुओं के लिए क्या-क्या किया राम मंदिर बनवा दिया क्या क्या क्या इन्होंने लूट लिए यह निकाह हलाला निकाह माता की बात और यह किस को हटाने की बात जो कहते हैं ट्रिपल तलाक की जो बात करते क्या हिंदुओं के लिए करते हैं क्या या सारे मदरसों में कंप्यूटर डलवा रहे हैं मदरसों को सल्फर नहीं करवा रहे हैं मुसलमान बच्चियों को कैंसिल करने पर पैसा दे रहे हैं यह किसके लिए कर हिंदू के लिए कर रहे हैं क्या चलो हज में सुधार की व्यवस्था कर रहे हो तो क्या हिंदू के लिए कर रहा है दीवानी है इस विचारधारा कुछ नहीं है सिर्फ असुरक्षा है आपको यह देखना होगा कि आपको किस तरह से अच्छा है कि सिक्योरिटी है अगर आप को ऐसा लग रहा है कि जैसे मुसलमानों का राज होने वाला है सरिया लग जाएगा तो भाजपा और बजरंग दल ज्वाइन कर लीजिए कर लीजिए तुरंत ज्वाइन कर लीजिए उनकी जानकारी रामविलास पासवान चलो सब चलो हैं जिनके पास कोई सिक्योरिटी भी नहीं है मुझे बात विचारधारा की नहीं है बात आपको किस तरह की असुरक्षा है आपको किस तरह का कॉन्प्लेक्स करो उस पर निर्भर करDJ Vichardhara Ki Baat Tarksangat Nahi Hai Sare Raajnitik Dal Vichardhara Ke Naam Par Sirf Mat Mangate Hain Us Vichardhara Ke Liye Kuch Bhi Nahi Karte Jis Congress Ko Aaj Musalmano Ke Tushtikaran Ka Doshi Paya Jata Hai Wah Congress Party Thi Jisne Jo Jab Jab Kendra Mein Thi To Babari Vidhawanse Hua Tha Wah Congress Party Jab Kendra Mein Thi To Bhagalpur Braitanes Party Thi Jab Sikhon Ka Katl Hua Tha Congress Ki Hinduvaadi Hone Ke Chalte Hi Muslim League Ki Sthapana Hui Thi Aur Pakistan Ka Nirmaan Hua Tha Aaj Bhajpa Ki Khud Ko Hinduvaadi Kahti Hai Pichhle 4 Salon Mein Inhone Hinduon Ke Liye Kya Kya Kiya Ram Mandir Banwa Diya Kya Kya Kya Inhone Loot Liye Yeh Nikah Halala Nikah Mata Ki Baat Aur Yeh Kis Ko Hatane Ki Baat Jo Kehte Hain Triple Talak Ki Jo Baat Karte Kya Hinduon Ke Liye Karte Hain Kya Ya Sare Madarson Mein Computer Dalava Rahe Hain Madarson Ko Sulfur Nahi Karava Rahe Hain Musalman Bacchiyo Ko Cancel Karne Par Paisa De Rahe Hain Yeh Kiske Liye Kar Hindu Ke Liye Kar Rahe Hain Kya Chalo Haj Mein Sudhaar Ki Vyavastha Kar Rahe Ho To Kya Hindu Ke Liye Kar Raha Hai Deewani Hai Is Vichardhara Kuch Nahi Hai Sirf Asuraksha Hai Aapko Yeh Dekhna Hoga Ki Aapko Kis Tarah Se Accha Hai Ki Security Hai Agar Aap Ko Aisa Lag Raha Hai Ki Jaise Musalmano Ka Raj Hone Vala Hai Sariya Lag Jayega To Bhajpa Aur Bajrang Dal Join Kar Lijiye Kar Lijiye Turant Join Kar Lijiye Unki Jankari Ramvilas Paswan Chalo Sab Chalo Hain Jinke Paas Koi Security Bhi Nahi Hai Mujhe Baat Vichardhara Ki Nahi Hai Baat Aapko Kis Tarah Ki Asuraksha Hai Aapko Kis Tarah Ka Conplex Karo Us Par Nirbhar Kar
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मैं इस बात के पक्ष में नहीं हूं कि राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में आना चाहिए इसका कारण देखिए क्या है कि जो राजनीतिक पार्टियां हैं वह कोई सरकारी एजेंसी नहीं है और यह जो आरटीआई एक्ट है सिर्फ स...
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मैं इस बात के पक्ष में नहीं हूं कि राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में आना चाहिए इसका कारण देखिए क्या है कि जो राजनीतिक पार्टियां हैं वह कोई सरकारी एजेंसी नहीं है और यह जो आरटीआई एक्ट है सिर्फ सरकारी एजेंसियों पर ही लागू होता है जो गवर्नमेंट से पढ़ लेती हैं और उसको एक्सप्लेन करते हैं ITI का जहां तक सवाल है उसके बहुत सारे नेगेटिव साइड भी है और राजनीति के अंदर जो है अगर आरटीआई को लगाया जाएगा तो बताना पड़ेगा कि कौन व्यक्ति किसका फंड दे रहा है कौन इंडस्ट्री फोन दे रही है और इस बात का बहुत ज्यादा मिस यूज़ हो सकता है तो मैं इस बात के पक्ष में नहीं हूं कि आरटीआई के दायरे में पॉलिटिकल पार्टी स्कूल आना चाहिएMain Is Baat Ke Paksh Mein Nahi Hoon Ki Rajnitik Partiyon Ko Rti Ke Daayre Mein Aana Chahiye Iska Kaaran Dekhie Kya Hai Ki Jo Rajnitik Partyian Hain Wah Koi Sarkari Agency Nahi Hai Aur Yeh Jo Rti Act Hai Sirf Sarkari Agencyon Par Hi Laagu Hota Hai Jo Government Se Padh Leti Hain Aur Usko Explain Karte Hain ITI Ka Jahan Tak Sawal Hai Uske Bahut Sare Negative Side Bhi Hai Aur Rajneeti Ke Andar Jo Hai Agar Rti Ko Lagaya Jayega To Batana Padega Ki Kaun Vyakti Kiska Fund De Raha Hai Kaun Industry Phone De Rahi Hai Aur Is Baat Ka Bahut Jyada Miss Use Ho Sakta Hai To Main Is Baat Ke Paksh Mein Nahi Hoon Ki Rti Ke Daayre Mein Political Party School Aana Chahiye
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अभी पढ़ रही तो बस आगे बहुत सारे रूपए पहली सी जॉब मिल सकती है या फिर आगे जो है आप बैंकिंग की तैयारी कर सकते हैं इसके अलावा अब बोल साइंस में जो आज के डेट में सब्जेक्ट है मैं तो आरती रिटेन एग्जाम होते है...
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अभी पढ़ रही तो बस आगे बहुत सारे रूपए पहली सी जॉब मिल सकती है या फिर आगे जो है आप बैंकिंग की तैयारी कर सकते हैं इसके अलावा अब बोल साइंस में जो आज के डेट में सब्जेक्ट है मैं तो आरती रिटेन एग्जाम होते हैं आपस में गाली से एग्जाम दे सकते हैं पी एस टी स्टेड PSC एग्जाम में कितने समय में काफी हेल्पफुल रहेगा आपके लिएAbhi Padh Rahi To Bus Aage Bahut Sare Rupee Pehli Si Job Mil Sakti Hai Ya Phir Aage Jo Hai Aap Banking Ki Taiyari Kar Sakte Hain Iske Alava Ab Bol Science Mein Jo Aaj Ke Date Mein Subject Hai Main To Aarti Written Exam Hote Hain Aapas Mein Gaali Se Exam De Sakte Hain P S T Stede PSC Exam Mein Kitne Samay Mein Kafi Helpaful Rahega Aapke Liye
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व्हिच इज राजनीति जो है उसको धर्म के साथ दादा इन कॉर्पोरेट किया गया है आज के समय में किस धर्म के नाम पर बहुत सारे राजनीतिक लोग वोट कमा लेते हैं अभी देखिए जो मोदी सरकार ने यह मुस्लिम लोगों को लेकर जो बि...
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व्हिच इज राजनीति जो है उसको धर्म के साथ दादा इन कॉर्पोरेट किया गया है आज के समय में किस धर्म के नाम पर बहुत सारे राजनीतिक लोग वोट कमा लेते हैं अभी देखिए जो मोदी सरकार ने यह मुस्लिम लोगों को लेकर जो बिल बनाया था जो यह कोशिश की थी ट्रिपल तलाक बिल लाने के लिए इसके ऊपर कितनी राजनीति हुई और दूसरी पार्टी से इसका बिल्कुल फायदा उठाने वाली है अब अगले चुनाव में वह यूज़ करेंगे इसको वेपन की तरह मोदी सरकार के गेम्स और वोट लेने के लिए राजनीति हमारे देश में एक इंपॉर्टेंट चीज है उतना ही इंपॉर्टेंट धर्म भी है यानी कि धर्म के नाम पर लोग दूसरों को मार काट देते हैं धर्म के नाम पर दंगे-फसाद जाति धर्म बहुत ज्यादा ही सुप्रीम आ जाते हमारे देश में इसका मतलब ही टारगेट है वोट लेने के लिए राजनीतिक लोगों के लिए राजनीति में इमोशंस वगैरह कुछ नहीं होता अपना काम निकाल एक मोटे मोटे लोगों का और अपना काम निकालने के लिए लोग कुछ भी कर लेते हैं इसलिए वह धर्म जिसे जिसको जिसको इतना निष्पक्ष रखना चाहिए जो सिर्फ लोगों को शांति देने के लिए भगवान शिव निकली यूज़ करना चाहिए उसको वोट के लिए यूज किया जाता है तो यह सिर्फ पोलिटिकल एजेंट आज है यह सब दिखाते कि हमारी पॉलिटिक्स कितनी गंदी हो चुकी है और और इसमें कुछ भी बात नहीं हैWhich Is Rajneeti Jo Hai Usko Dharm Ke Saath Dada In Corporate Kiya Gaya Hai Aaj Ke Samay Mein Kis Dharm Ke Naam Par Bahut Sare Rajnitik Log Vote Kama Lete Hain Abhi Dekhie Jo Modi Sarkar Ne Yeh Muslim Logon Ko Lekar Jo Bill Banaya Tha Jo Yeh Koshish Ki Thi Triple Talak Bill Lane Ke Liye Iske Upar Kitni Rajneeti Hui Aur Dusri Party Se Iska Bilkul Fayda Uthane Wali Hai Ab Agle Chunav Mein Wah Use Karenge Isko Weapon Ki Tarah Modi Sarkar Ke Games Aur Vote Lene Ke Liye Rajneeti Hamare Desh Mein Ek Important Cheez Hai Utana Hi Important Dharm Bhi Hai Yani Ki Dharm Ke Naam Par Log Dusron Ko Maar Kaat Dete Hain Dharm Ke Naam Par Denge Fasad Jati Dharm Bahut Jyada Hi Supreme Aa Jaate Hamare Desh Mein Iska Matlab Hi Target Hai Vote Lene Ke Liye Rajnitik Logon Ke Liye Rajneeti Mein Emotional Vagairah Kuch Nahi Hota Apna Kaam Nikal Ek Mote Mote Logon Ka Aur Apna Kaam Nikalne Ke Liye Log Kuch Bhi Kar Lete Hain Isliye Wah Dharm Jise Jisko Jisko Itna Nishpaksh Rakhna Chahiye Jo Sirf Logon Ko Shanti Dene Ke Liye Bhagwan Shiv Nikli Use Karna Chahiye Usko Vote Ke Liye Use Kiya Jata Hai To Yeh Sirf Political Agent Aaj Hai Yeh Sab Dikhate Ki Hamari Politics Kitni Gandi Ho Chuki Hai Aur Aur Isme Kuch Bhi Baat Nahi Hai
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2019 के चुनाव के लिए कौन सा राजनीतिक दल बेहतर होगा मुझे लगता है महत्वपूर्ण यह है कि देश एकता देश की अखंडता इन चीजों को और देश के लोकतंत्र को जो राजनीतिक दल सम्मान देगा इन चीजों को बनाए रखिएगा मुझे लग...
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2019 के चुनाव के लिए कौन सा राजनीतिक दल बेहतर होगा मुझे लगता है महत्वपूर्ण यह है कि देश एकता देश की अखंडता इन चीजों को और देश के लोकतंत्र को जो राजनीतिक दल सम्मान देगा इन चीजों को बनाए रखिएगा मुझे लगता है कि उसका जीतना बहुत ज्यादा जरूरी है आज इस प्रकार देश में हालत है मुझे लगता है कि कहीं नदीम भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनाव से पहले जो देश को वायदे किए थे सपने दिखाए थे उनमें लगभग पूरे नहीं किए मुस्लिम शासकों ने पूरे नहीं किए लेकिन समस्या यह है कि देश की जनता के बाद इसके बाद कोई दूसरा विकल्प नहीं है आप कांग्रेस की बात करेंगे तो कांग्रेस में आप देखिए जिस प्रकार कांग्रेस के नेताओं के बयान है तू कश्मीर को लेकर जाता है कि देश को तोड़ने की बात करते हैं तो मुझे लगता है देश के तोड़ने वालों से बड़ा देश को जोड़ने वाले हैं देश को जोड़ने वाली जो भी राजनीतिक पार्टी होगी उसको छोड़ दिया जाना चाहिए और अभी के मुख्य जितने भी सर्दी उसमें यही दिखाया जाए भारतीय जनता पार्टी को जीत जाएगी तो बेहतर राजनीतिक दल की अगर बात की जाए क्योंकि जनता के पास चॉइस बहुत कम है तो मुझे लगता है कि लोग भारतीय जनता पार्टी को चांस देना पसंद करेंगे2019 Ke Chunav Ke Liye Kaun Sa Rajnitik Dal Behtar Hoga Mujhe Lagta Hai Mahatvapurna Yeh Hai Ki Desh Ekta Desh Ki Akhandata In Chijon Ko Aur Desh Ke Loktantra Ko Jo Rajnitik Dal Samman Dega In Chijon Ko Banaye Rakhiegaa Mujhe Lagta Hai Ki Uska Jeetana Bahut Jyada Zaroori Hai Aaj Is Prakar Desh Mein Halat Hai Mujhe Lagta Hai Ki Kahin Nadeem Bhartiya Janta Party Ne 2014 Ke Chunav Se Pehle Jo Desh Ko Vayde Kiye The Sapne Dekhiye The Unmen Lagbhag Poore Nahi Kiye Muslim Shaasko Ne Poore Nahi Kiye Lekin Samasya Yeh Hai Ki Desh Ki Janta Ke Baad Iske Baad Koi Doosra Vikalp Nahi Hai Aap Congress Ki Baat Karenge To Congress Mein Aap Dekhie Jis Prakar Congress Ke Netaon Ke Bayan Hai Tu Kashmir Ko Lekar Jata Hai Ki Desh Ko Todne Ki Baat Karte Hain To Mujhe Lagta Hai Desh Ke Todne Walon Se Bada Desh Ko Jodne Wale Hain Desh Ko Jodne Wali Jo Bhi Rajnitik Party Hogi Usko Chod Diya Jana Chahiye Aur Abhi Ke Mukhya Jitne Bhi Sardi Usamen Yahi Dikhaya Jaye Bhartiya Janta Party Ko Jeet Jayegi To Behtar Rajnitik Dal Ki Agar Baat Ki Jaye Kyonki Janta Ke Paas Choice Bahut Kum Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Log Bhartiya Janta Party Ko Chance Dena Pasand Karenge
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दिखे राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी जी की बात की जाए तो प्रधानमंत्री मोदी जी एक अच्छे ग्रेटर हैं जबकि राहुल गांधी इतने अच्छे हो रिटर्न नहीं है दूसरे प्रधानमंत्री मोदी जी की अगर बात की जाए तो प्रधानम...
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दिखे राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी जी की बात की जाए तो प्रधानमंत्री मोदी जी एक अच्छे ग्रेटर हैं जबकि राहुल गांधी इतने अच्छे हो रिटर्न नहीं है दूसरे प्रधानमंत्री मोदी जी की अगर बात की जाए तो प्रधानमंत्री मोदी को किसी भी फील्ड के बारे में अच्छी जानकारी है बहुत थारो नॉलेज उनके पास लेकिन राहुल गांधी का जो एरिया है बहुत लिमिटेड है उनको बहुत सारी चीजों के बारे में जानकारी नहीं है इसके अलावा कभी भी कोई एक ऐसा सुदेश के सामने आता है जहां उन लोगों से उम्मीद उम्मीद कर देंगे राहुल गांधी अपना स्टेटमेंट पर देंगे तो कहीं राहुल गांधी उस समय देश में मौजूद नहीं होते तो राहुल गांधी और मोदी जी के राजनीतिक दृष्टि की अगर बात की जाए तो राहुल गांधी मोदी जी से बहुत ज्यादा पीछे राजनीतिक मुद्दों पर बात की तो जब राहुल गांधी स्पीच देते तो कहीं ना कहीं मेजोरिटी दिखता है लेकिन जब मोदी जी स्पीच देते हैं तो लगता है कि एक बहुत अच्छा स्पीच दे रहे हैं हालांकि करते वह भी कुछ भी नहीं है लेकिन हां SP की बात की जाए तो मोदी जी बहुत आगे हैं राहुल मुझे नहीं लगता कि वेट कर पाएंगेDikhe Rahul Gandhi Aur Pradhanmantri Modi Ji Ki Baat Ki Jaye To Pradhanmantri Modi Ji Ek Acche Greater Hain Jabki Rahul Gandhi Itne Acche Ho Return Nahi Hai Dusre Pradhanmantri Modi Ji Ki Agar Baat Ki Jaye To Pradhanmantri Modi Ko Kisi Bhi Field Ke Bare Mein Acchi Jankari Hai Bahut Tharo Knowledge Unke Paas Lekin Rahul Gandhi Ka Jo Area Hai Bahut Limited Hai Unko Bahut Saree Chijon Ke Bare Mein Jankari Nahi Hai Iske Alava Kabhi Bhi Koi Ek Aisa Sudesh Ke Samane Aata Hai Jahan Un Logon Se Ummid Ummid Kar Denge Rahul Gandhi Apna Statement Par Denge To Kahin Rahul Gandhi Us Samay Desh Mein Maujud Nahi Hote To Rahul Gandhi Aur Modi Ji Ke Rajnitik Drishti Ki Agar Baat Ki Jaye To Rahul Gandhi Modi Ji Se Bahut Jyada Piche Rajnitik Muddon Par Baat Ki To Jab Rahul Gandhi Speech Dete To Kahin Na Kahin Majority Dikhta Hai Lekin Jab Modi Ji Speech Dete Hain To Lagta Hai Ki Ek Bahut Accha Speech De Rahe Hain Halanki Karte Wah Bhi Kuch Bhi Nahi Hai Lekin Haan SP Ki Baat Ki Jaye To Modi Ji Bahut Aage Hain Rahul Mujhe Nahi Lagta Ki Wait Kar Paenge
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भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है|२०१६ तक यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।
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भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है|२०१६ तक यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।Bhartiya Janta Party Sanchep Mein Bhajpa Bharat Ke Do Pramukh Rajnitik Dalon Mein Se Ek Hain Jisme Doosra Dal Bhartiya Rashtriya Congress Hai 2016 Tak Yeh Rashtriya Sansad Aur Rajya Vidhansabhaon Mein Pratinidhitva Ke Mamle Mein Desh Ki Sabse Badi Rajnitik Party Hai Aur Prathmik Sadasyata Ke Mamle Mein Yeh Duniya Ka Sabse Bada Dal Hai
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पूर्वी भारत में एक राज्य बिहार की राजनीति को कमजोर शासन और भ्रष्ट राजनेताओं द्वारा 2000 के दशक की शुरुआत में वर्णित किया गया था। वर्तमान में, चार मुख्य राजनीति दल हैं
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पूर्वी भारत में एक राज्य बिहार की राजनीति को कमजोर शासन और भ्रष्ट राजनेताओं द्वारा 2000 के दशक की शुरुआत में वर्णित किया गया था। वर्तमान में, चार मुख्य राजनीति दल हैंPurvi Bharat Mein Ek Rajya Bihar Ki Rajneeti Ko Kamjor Shasan Aur Bhrasht Rajnetao Dwara 2000 Ke Dashak Ki Shuruvat Mein Varnit Kiya Gaya Tha Vartaman Mein Char Mukhya Rajneeti Dal Hain
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भाजपा दुनिया की सबसे अमीर राजनीतिक पार्टियों में से एक है. पिछले साल चुनाव आयोग को दाखिल किए गए रिटर्न के मुताबिक 2016-17 में पार्टी की आय 1,034 करोड़ रुपये थी. आय के हिसाब से यह साल भाजपा के लिए बेहतरीन रहा जब उसके चंदे में पिछले साल की तुलना में 81 प्रतिशत का इजाफा हुआ. अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी द्वारा इकट्ठा किया गया चंदा अन्य सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा जुटाए गए चंदे के दोगुना से भी अधिक था.
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भाजपा दुनिया की सबसे अमीर राजनीतिक पार्टियों में से एक है. पिछले साल चुनाव आयोग को दाखिल किए गए रिटर्न के मुताबिक 2016-17 में पार्टी की आय 1,034 करोड़ रुपये थी. आय के हिसाब से यह साल भाजपा के लिए बेहतरीन रहा जब उसके चंदे में पिछले साल की तुलना में 81 प्रतिशत का इजाफा हुआ. अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी द्वारा इकट्ठा किया गया चंदा अन्य सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा जुटाए गए चंदे के दोगुना से भी अधिक था.Bhajpa Duniya Ki Sabse Amir Rajnitik Partiyon Mein Se Ek Hai Pichhle Saal Chunav Aayog Ko Dakhil Kiye Gaye Return Ke Mutabik 2016-17 Mein Party Ki Aay 1,034 Crore Rupaye Thi Aay Ke Hisab Se Yeh Saal Bhajpa Ke Liye Behtareen Raha Jab Uske Chande Mein Pichhle Saal Ki Tulna Mein 81 Pratishat Ka Ijafa Hua Adhik Mahatvapurna Baat Yeh Hai Ki Party Dwara Ikattha Kiya Gaya Chanda Anya Sabhi Rashtriya Dalon Dwara Jutaye Gaye Chande Ke Doguna Se Bhi Adhik Tha
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m.a. पॉलिटिकल का सिलेबस क्या है तो आप मास्टर ऑफ आर्ट्स इन पॉलिटिकल साइंस बोल सकते हैं यह जो है 2 सालों की डिग्री होती है और यह पोस्ट डिग्री होती है इसमें का पूजन करना होगा प्रिया पोस्ट वेस्टइंडीज विकल...
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m.a. पॉलिटिकल का सिलेबस क्या है तो आप मास्टर ऑफ आर्ट्स इन पॉलिटिकल साइंस बोल सकते हैं यह जो है 2 सालों की डिग्री होती है और यह पोस्ट डिग्री होती है इसमें का पूजन करना होगा प्रिया पोस्ट वेस्टइंडीज विकल्प आते तो तुम्हें बता देता हूं तो रिसर्च मेथोडोलोजी अंसिएंट इंडियन पोलिटिकल साइंस प्रैक्टिकल वर्क आता है पोलिटिकल सोशियोलॉजी पोलिटिकल पॉलिटिकल इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन सिस्टम ऑफ इलेक्ट्रिकल वर्क एट अवध इंटरनेशनल पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स इन इंडिया मोड इन इंडियन पोलिटिकल थॉट प्रैक्टिकल वर्क फॉर सेमेस्टर चार्जर की आखिरी समस्या हो तो कंसीव टाइम इन पॉलिटिकल साइंस पोस्ट कोल्ड वार इंटरनेशनल रिलेशन स्टेट पॉलिटिक्स इंडियन रेलवे स्टेशन ऑन डिजास्टर सन एंड Viber वॉइस क्यों होता है ऐसा बहुत सारी कॉलेज कॉलेज कॉलेज कॉलेज का सेंटर कॉलेज में जब जाएंगे पढ़ने के लिए सबको पता चलेगा कि राजीव गांधी यूनिवर्सिटी प्रकाश युनिवर्सिटी छपरा है कॉलेज m.a. पॉलिटिकल साइंस बात कर सकते हैंM.a. Political Ka Syllabus Kya Hai To Aap Master Of Arts In Political Science Bol Sakte Hain Yeh Jo Hai 2 Salon Ki Degree Hoti Hai Aur Yeh Post Degree Hoti Hai Isme Ka Pujan Karna Hoga Priya Post WestIndies Vikalp Aate To Tumhein Bata Deta Hoon To Research Methodoloji Ansient Indian Political Science Practical Work Aata Hai Political Sociology Political Political Indian Constitution System Of Electrical Work Eight Avadh International Politics Politics In India Mode In Indian Political Thought Practical Work For Semester Charger Ki Aakhiri Samasya Ho To Concieve Time In Political Science Post Cold Var International Relation State Politics Indian Railway Station On Disaster Sun End Viber Voice Kyon Hota Hai Aisa Bahut Saree College College College College Ka Center College Mein Jab Jaenge Padhne Ke Liye Sabko Pata Chalega Ki Rajeev Gandhi University Prakash University Chhapra Hai College M.a. Political Science Baat Kar Sakte Hain
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भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है।२०१६ तक यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।
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भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है।२०१६ तक यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।Bhartiya Janta Party Sanchep Mein Bhajpa Bharat Ke Do Pramukh Rajnitik Dalon Mein Se Ek Hain Jisme Doosra Dal Bhartiya Rashtriya Congress Hai 2016 Tak Yeh Rashtriya Sansad Aur Rajya Vidhansabhaon Mein Pratinidhitva Ke Mamle Mein Desh Ki Sabse Badi Rajnitik Party Hai Aur Prathmik Sadasyata Ke Mamle Mein Yeh Duniya Ka Sabse Bada Dal Hai
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समय समय पर भारत में चुनाव सुधारों की बात होती रहती है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए धन जुटाने का मुद्दा अहम मुद्दा रहा है. समस्या के समाधान के लिए सरकार की चुनावी बॉन्ड की योजना भी विवादों में है. Indien Wahlen Uttar Pradesh (picture alliance/dpa/S. Kumar) सभी जानते हैं कि खर्चीले चुनाव राजनीति में भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा कारण हैं. चुनाव लड़ने के लिए धन की जरूरत पड़ती है. आजादी के बाद भारतीय राजनीति और उसमें सक्रिय राजनीतिक दलों का जिस तरह से विकास हुआ है, उसमें अब पार्टियां जनता से मिलने वाले चंदे या आर्थिक मदद पर निर्भर नहीं रह गयी हैं. वे लगभग पूरी तरह बड़े कॉरपोरेट घरानों से मिलने वाले धन और सत्ता प्राप्त करने के बाद किए गए भ्रष्टाचार से कमाए धन पर निर्भर हैं. भारत में चुनाव सुधारों और चुनावों की राज्य द्वारा फंडिंग के बारे में अक्सर बातें तो बहुत की जाती हैं, लेकिन अमल में कुछ भी नहीं किया जाता. पश्चिम के अनेक विकसित लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक दलों को मिलने वाले धन के बारे में कई तरह के सख्त क़ानून लागू हैं जो राजनीतिक प्रकिया और चुनावी अभियान को पारदर्शी बनाना सुनिश्चित करते हैं. इन पर कड़ाई से पालन भी किया जाता है. लंबे समय तक पहले पश्चिम जर्मनी और बाद में एकीकृत जर्मनी के चांसलर रहे हेल्मुट कोल पर तो पार्टी के लिए गैर-कानूनी ढंग से चंदा इकट्ठा करने के आरोप में भारी जुर्माना भी लगाया गया था जबकि स्वयं अपने लिए उन्होंने धन नहीं लिया था. भारत की दो सबसे बड़ी पार्टियां---सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी---धन इकट्ठा करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वादे करती रही हैं लेकिन उनकी कारगुजारियां अक्सर इन वादों के विपरीत ही होती हैं. Indien Wahlen (DW/S. Wahhed) पिछले वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में चुनावी बॉन्ड की योजना पेश करते हुए दावा किया था कि इनके कारण पूरी पारदर्शिता न भी आ पाए पर फिर भी फंडिंग पहले की अपेक्षा काफी अधिक पारदर्शी हो जाएगी क्योंकि राजनीतिक दलों को नकद के बजाय बॉन्डों के रूप में धन मिलेगा जो बैंकों से खरीदे जाएंगे और प्राप्त की गयी धनराशि के बारे में राजनीतिक दाल निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे लेकिन उनका स्रोत नहीं बताएंगे. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने इस दावे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि इन बॉन्डों के कारण लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी और राजनीतिक भ्रष्टाचार काम होने के बजाय और अधिक बढ़ेगा. अन्य विपक्षी दलों और स्वयं निर्वाचन आयोग ने इस योजना के बारे में संदेह प्रकट किया था. समस्या यह है कि क्योंकि बैंकों को पता होगा कि किस राजनीतिक दल के लिए किस व्यक्ति या कंपनी ने कितनी धनराशि के बॉन्ड खरीदे, इसलिए यह जानकारी और किसी को हो न हो, सरकार को जरूर होगी. इस जानकारी का इस्तेमाल विपक्ष को धन देने वालों को परेशान करने के लिए किया जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि किसी को भी पता नहीं चल पाएगा कि सत्तारूढ़ पार्टी को किसने कितना धन दिया. सीपीएम ने इसी पर आपत्ति करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
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समय समय पर भारत में चुनाव सुधारों की बात होती रहती है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए धन जुटाने का मुद्दा अहम मुद्दा रहा है. समस्या के समाधान के लिए सरकार की चुनावी बॉन्ड की योजना भी विवादों में है. Indien Wahlen Uttar Pradesh (picture alliance/dpa/S. Kumar) सभी जानते हैं कि खर्चीले चुनाव राजनीति में भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा कारण हैं. चुनाव लड़ने के लिए धन की जरूरत पड़ती है. आजादी के बाद भारतीय राजनीति और उसमें सक्रिय राजनीतिक दलों का जिस तरह से विकास हुआ है, उसमें अब पार्टियां जनता से मिलने वाले चंदे या आर्थिक मदद पर निर्भर नहीं रह गयी हैं. वे लगभग पूरी तरह बड़े कॉरपोरेट घरानों से मिलने वाले धन और सत्ता प्राप्त करने के बाद किए गए भ्रष्टाचार से कमाए धन पर निर्भर हैं. भारत में चुनाव सुधारों और चुनावों की राज्य द्वारा फंडिंग के बारे में अक्सर बातें तो बहुत की जाती हैं, लेकिन अमल में कुछ भी नहीं किया जाता. पश्चिम के अनेक विकसित लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक दलों को मिलने वाले धन के बारे में कई तरह के सख्त क़ानून लागू हैं जो राजनीतिक प्रकिया और चुनावी अभियान को पारदर्शी बनाना सुनिश्चित करते हैं. इन पर कड़ाई से पालन भी किया जाता है. लंबे समय तक पहले पश्चिम जर्मनी और बाद में एकीकृत जर्मनी के चांसलर रहे हेल्मुट कोल पर तो पार्टी के लिए गैर-कानूनी ढंग से चंदा इकट्ठा करने के आरोप में भारी जुर्माना भी लगाया गया था जबकि स्वयं अपने लिए उन्होंने धन नहीं लिया था. भारत की दो सबसे बड़ी पार्टियां---सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी---धन इकट्ठा करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वादे करती रही हैं लेकिन उनकी कारगुजारियां अक्सर इन वादों के विपरीत ही होती हैं. Indien Wahlen (DW/S. Wahhed) पिछले वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में चुनावी बॉन्ड की योजना पेश करते हुए दावा किया था कि इनके कारण पूरी पारदर्शिता न भी आ पाए पर फिर भी फंडिंग पहले की अपेक्षा काफी अधिक पारदर्शी हो जाएगी क्योंकि राजनीतिक दलों को नकद के बजाय बॉन्डों के रूप में धन मिलेगा जो बैंकों से खरीदे जाएंगे और प्राप्त की गयी धनराशि के बारे में राजनीतिक दाल निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे लेकिन उनका स्रोत नहीं बताएंगे. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने इस दावे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि इन बॉन्डों के कारण लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी और राजनीतिक भ्रष्टाचार काम होने के बजाय और अधिक बढ़ेगा. अन्य विपक्षी दलों और स्वयं निर्वाचन आयोग ने इस योजना के बारे में संदेह प्रकट किया था. समस्या यह है कि क्योंकि बैंकों को पता होगा कि किस राजनीतिक दल के लिए किस व्यक्ति या कंपनी ने कितनी धनराशि के बॉन्ड खरीदे, इसलिए यह जानकारी और किसी को हो न हो, सरकार को जरूर होगी. इस जानकारी का इस्तेमाल विपक्ष को धन देने वालों को परेशान करने के लिए किया जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि किसी को भी पता नहीं चल पाएगा कि सत्तारूढ़ पार्टी को किसने कितना धन दिया. सीपीएम ने इसी पर आपत्ति करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.Samay Samay Par Bharat Mein Chunav Sudharo Ki Baat Hoti Rehti Hai Lekin Rajnitik Dalon Ke Liye Dhan Jutane Ka Mudda Aham Mudda Raha Hai Samasya Ke Samadhan Ke Liye Sarkar Ki Chunavi Bond Ki Yojana Bhi Vivadon Mein Hai Wahlen Uttar Pradesh (picture Alliance/dpa/S. Sabhi Jante Hain Ki Kharchile Chunav Rajneeti Mein Bhrashtachar Ka Ek Bahut Bada Kaaran Hain Chunav Ladane Ke Liye Dhan Ki Zaroorat Padti Hai Azadi Ke Baad Bhartiya Rajneeti Aur Usamen Sakriy Rajnitik Dalon Ka Jis Tarah Se Vikash Hua Hai Usamen Ab Partyian Janta Se Milne Wale Chande Ya Aarthik Madad Par Nirbhar Nahi Rah Gayi Hain Ve Lagbhag Puri Tarah Bade Corporate Gharaano Se Milne Wale Dhan Aur Satta Prapt Karne Ke Baad Kiye Gaye Bhrashtachar Se Kamaye Dhan Par Nirbhar Hain Bharat Mein Chunav Sudharo Aur Chunavon Ki Rajya Dwara Funding Ke Bare Mein Aksar Batein To Bahut Ki Jati Hain Lekin Amal Mein Kuch Bhi Nahi Kiya Jata Paschim Ke Anek Viksit Loktantrik Deshon Mein Rajnitik Dalon Ko Milne Wale Dhan Ke Bare Mein Kai Tarah Ke Sakht Kanoon Laagu Hain Jo Rajnitik Prakriya Aur Chunavi Abhiyan Ko Pardarshi Banana Sunishchit Karte Hain In Par Kadai Se Palan Bhi Kiya Jata Hai Lambe Samay Tak Pehle Paschim Germany Aur Baad Mein Ekikrit Germany Ke Chancellor Rahe Helmut Kal Par To Party Ke Liye Gair Kanooni Dhang Se Chanda Ikattha Karne Ke Aarop Mein Bhari Jurmana Bhi Lagaya Gaya Tha Jabki Swayam Apne Liye Unhone Dhan Nahi Liya Tha Bharat Ki Do Sabse Badi Partyian Sattarudh Bhartiya Janta Party Aur Vipakshi Congress Party Dhan Ikattha Karne Ki Prakriya Ko Pardarshi Banane Ke Liye Waade Karti Rahi Hain Lekin Unki Kargujariyan Aksar In Vaado Ke Viparit Hi Hoti Hain Wahlen (DW/S. Pichhle Varsh Kendriya Vitt Mantri Arun Jaitley Ne Budget Mein Chunavi Bond Ki Yojana Pesh Karte Huye Daawa Kiya Tha Ki Inke Kaaran Puri Pardarshita N Bhi Aa Paye Par Phir Bhi Funding Pehle Ki Apeksha Kafi Adhik Pardarshi Ho Jayegi Kyonki Rajnitik Dalon Ko Nakad Ke Bajay Bandon Ke Roop Mein Dhan Milega Jo Bankon Se Kharide Jaenge Aur Prapt Ki Gayi Dhanrashi Ke Bare Mein Rajnitik Dal Nirvachan Aayog Ko Suchit Karenge Lekin Unka Srot Nahi Batayenge Markswadi Communist Party CPM Ne Is Daave Ko Supreme Court Mein Chunauti Di Hai Aur Aarop Lagaya Hai Ki In Bandon Ke Kaaran Loktantra Ki Neev Kamjor Hogi Aur Rajnitik Bhrashtachar Kaam Hone Ke Bajay Aur Adhik Badhega Anya Vipakshi Dalon Aur Swayam Nirvachan Aayog Ne Is Yojana Ke Bare Mein Sandeh Prakat Kiya Tha Samasya Yeh Hai Ki Kyonki Bankon Ko Pata Hoga Ki Kis Rajnitik Dal Ke Liye Kis Vyakti Ya Company Ne Kitni Dhanrashi Ke Bond Kharide Isliye Yeh Jankari Aur Kisi Ko Ho N Ho Sarkar Ko Jarur Hogi Is Jankari Ka Istemal Vipaksh Ko Dhan Dene Walon Ko Pareshan Karne Ke Liye Kiya Ja Sakta Hai Dilchasp Baat Yeh Hai Ki Kisi Ko Bhi Pata Nahi Chal Payega Ki Sattarudh Party Ko Kisne Kitna Dhan Diya CPM Ne Isi Par Apatti Karte Huye Supreme Court Ka Darwaja Khatakhataaya Hai
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भारतीय राजाओं का अपने स्वार्थ के लिए समय समय पर विदेशी ताकतों को भारत मे घुसने की अनुमति देना इतिहास की वो सबसे बड़ी भूल है जिसने भारत के ‘सोने की चिड़िया’ के तमगे में से सोना विदेशों की तिजोरी में पहुंचा दिया।हमारे कमज़ोर और लालसाबद्ध राजाओं और राजनयिकों के चलते ही पहले मुगल और फिर अंग्रेज, पुर्तगाली, फ़्रांसिसी हमारे देश के स्रोतों का न केवल अंधाधुंध दोहन किया बल्कि उन स्त्रोतों को पैदा करने वाले हाथों पर भी कुल्हाड़ी चला दी। इसके अतिरिक्त भारत मे से बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों का अलगाव भी इन्हीं विदेशी लोगों की देन है जिन्होंने अखंड भारतवर्ष को खंडित कर दिया।ये भारी भूल आज अगर सुधार दी जाए तो भारत आज बहुत अधिक सम्पन्न तथा वैश्विक स्तर पर एक और ज़्यादा मज़बूत ताकत के रूप में उभरता।
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भारतीय राजाओं का अपने स्वार्थ के लिए समय समय पर विदेशी ताकतों को भारत मे घुसने की अनुमति देना इतिहास की वो सबसे बड़ी भूल है जिसने भारत के ‘सोने की चिड़िया’ के तमगे में से सोना विदेशों की तिजोरी में पहुंचा दिया।हमारे कमज़ोर और लालसाबद्ध राजाओं और राजनयिकों के चलते ही पहले मुगल और फिर अंग्रेज, पुर्तगाली, फ़्रांसिसी हमारे देश के स्रोतों का न केवल अंधाधुंध दोहन किया बल्कि उन स्त्रोतों को पैदा करने वाले हाथों पर भी कुल्हाड़ी चला दी। इसके अतिरिक्त भारत मे से बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों का अलगाव भी इन्हीं विदेशी लोगों की देन है जिन्होंने अखंड भारतवर्ष को खंडित कर दिया।ये भारी भूल आज अगर सुधार दी जाए तो भारत आज बहुत अधिक सम्पन्न तथा वैश्विक स्तर पर एक और ज़्यादा मज़बूत ताकत के रूप में उभरता।Bhartiya Rajao Ka Apne Swartha Ke Liye Samay Samay Par Videshi Takaton Ko Bharat Me Ghusane Ki Anumati Dena Itihas Ki Vo Sabse Badi Bhul Hai Jisne Bharat Ke Sone Ki Chidiya Ke Tamage Mein Se Sona Videshon Ki Tijori Mein Pahuncha Diya Hamare Kamazor Aur Lalsabddh Rajao Aur Rajnayikon Ke Chalte Hi Pehle Mughal Aur Phir Angrej Putrgali Fransisi Hamare Desh Ke Sroton Ka N Kewal Andhadhundh Dohan Kiya Balki Un Stroton Ko Paida Karne Wale Hathon Par Bhi Kulhadi Chala Di Iske Atirikt Bharat Me Se Bangladesh Pakistan Sri Lanka Jaise Deshon Ka Alagav Bhi Inhin Videshi Logon Ki Then Hai Jinhone Akhand Bharatvarsh Ko Khandit Kar Diya Yeh Bhari Bhul Aaj Agar Sudhaar Di Jaye To Bharat Aaj Bahut Adhik Sampann Tatha Vaishvik Sthar Par Ek Aur Jyada Mazboot Takat Ke Roop Mein Ubharata
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बाद में, प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट थॉमस नास्ट ने अपने अख़बार कार्टून में गधे का इस्तेमाल किया, इसे डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतीक के रूप में स्थापित करने में मदद की।और यह नास्ट था जिसने रिपब्लिकन को अपने हाथी के साथ प्रदान किया था।
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बाद में, प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट थॉमस नास्ट ने अपने अख़बार कार्टून में गधे का इस्तेमाल किया, इसे डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतीक के रूप में स्थापित करने में मदद की।और यह नास्ट था जिसने रिपब्लिकन को अपने हाथी के साथ प्रदान किया था।Baad Mein Prasiddh Cartoonist Thomas Nast Ne Apne Akhabaar Cartoon Mein Gadhe Ka Istemal Kiya Ise Democratic Party Ke Pratik Ke Roop Mein Sthapit Karne Mein Madad Ki Aur Yeh Nast Tha Jisne Republican Ko Apne Haathi Ke Saath Pradan Kiya Tha
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राजनीतिक दल अथवा राजनैतिक दल एक राजनीतिक संस्था (Political organisation) है जो शासन में राजनीतिक शक्ति प्राप्त करने एवं उसे बनाये रखने का प्रयत्न करता है। इसके लिये प्राय: वह चुनाव की प्रक्रिया में भाग लेता है। राजनीतिक दलों का अपना एक सिद्धान्त या लक्ष्य (विज़न) होता है जो प्राय: लिखित दस्तावेज के रूप में होता है।
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राजनीतिक दल अथवा राजनैतिक दल एक राजनीतिक संस्था (Political organisation) है जो शासन में राजनीतिक शक्ति प्राप्त करने एवं उसे बनाये रखने का प्रयत्न करता है। इसके लिये प्राय: वह चुनाव की प्रक्रिया में भाग लेता है। राजनीतिक दलों का अपना एक सिद्धान्त या लक्ष्य (विज़न) होता है जो प्राय: लिखित दस्तावेज के रूप में होता है।Rajnitik Dal Athwa Rajnaitik Dal Ek Rajnitik Sanstha (Political Organisation) Hai Jo Shasan Mein Rajnitik Shakti Prapt Karne Evam Use Banaye Rakhne Ka Prayatn Karta Hai Iske Liye Paraya Wah Chunav Ki Prakriya Mein Bhag Leta Hai Rajnitik Dalon Ka Apna Ek Siddhant Ya Lakshya Vizan Hota Hai Jo Paraya Likhit Dastavej Ke Roop Mein Hota Hai
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भारत की राजनीति अपने संविधान के ढाँचे में काम करती हैं, क्योंकि भारत एक संघीय संसदीय, लोकतांत्रिक गणतंत्र हैं, जहाँ पर राष्ट्रपति देश का प्रमुख होता हैं और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता हैं। भारत एक द्वि-राजतन्त्र का अनुसरण करता हैं, अर्थात, केन्द्र में एक केन्द्रीय सत्ता वाली सरकार और परिधि में राज्य सरकारें संविधान में विधान मंडल के द्विसदनीयता का प्रावधान हैं, जिस में एक ऊपरी सदन जो भारतीय संघ के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता हैं, और निचला सदन जो भारतीय जनता का प्रतिनिधित्व करता हैं, सम्मिलित हैं।
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भारत की राजनीति अपने संविधान के ढाँचे में काम करती हैं, क्योंकि भारत एक संघीय संसदीय, लोकतांत्रिक गणतंत्र हैं, जहाँ पर राष्ट्रपति देश का प्रमुख होता हैं और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता हैं। भारत एक द्वि-राजतन्त्र का अनुसरण करता हैं, अर्थात, केन्द्र में एक केन्द्रीय सत्ता वाली सरकार और परिधि में राज्य सरकारें संविधान में विधान मंडल के द्विसदनीयता का प्रावधान हैं, जिस में एक ऊपरी सदन जो भारतीय संघ के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता हैं, और निचला सदन जो भारतीय जनता का प्रतिनिधित्व करता हैं, सम्मिलित हैं।Bharat Ki Rajneeti Apne Samvidhan Ke Dhaache Mein Kaam Karti Hain Kyonki Bharat Ek Sanghiye Sansadiya Loktantrik Ganatantra Hain Jahan Par Rashtrapati Desh Ka Pramukh Hota Hain Aur Pradhanmantri Sarkar Ka Pramukh Hota Hain Bharat Ek The Rajtantra Ka Anusaran Karta Hain Arthat Kendra Mein Ek Kendriy Satta Wali Sarkar Aur Paridhi Mein Rajya Sarkaren Samvidhan Mein Vidhan Mandal Ke Dwisadaniyta Ka Pravadhan Hain Jis Mein Ek Upari Sadan Jo Bhartiya Sangh Ke Rajya Tatha Kendra Shasit Pradesh Ka Pratinidhitva Karta Hain Aur Nichala Sadan Jo Bhartiya Janta Ka Pratinidhitva Karta Hain Smmilit Hain
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करमचन्द गांधी (२ अक्टूबर १८६९ - ३० जनवरी १९४८) भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर रखी गयी थी जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। उन्हें दुनिया में आम जनता महात्मा गांधी के नाम से जानती है।
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करमचन्द गांधी (२ अक्टूबर १८६९ - ३० जनवरी १९४८) भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर रखी गयी थी जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। उन्हें दुनिया में आम जनता महात्मा गांधी के नाम से जानती है। Karamchand Gandhi 2 October 1869 - 30 January 1948 Bharat Evam Bhartiya Svatantrata Aandolan Ke Ek Pramukh Rajnaitik Evam Aadhyatmik Neta The Ve Satyagrah Vyapak Savinay Awagya Ke Maadhyam Se Atyachar Ke Pratikar Ke Agranee Neta The Unki Is Awdharna Ki Neev Sampurna Ahinsha Ke Siddhant Par Rakhi Gayi Thi Jisne Bharat Ko Azadi Dilakar Puri Duniya Mein Janta Ke Nagarik Adhikaaro Evam Swatantrata Ke Prati Andolan Ke Liye Prerit Kiya Unhen Duniya Mein Aam Janta Mahatma Gandhi Ke Naam Se Jaanti Hai
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राजनीतिक अर्थशास्त्र (Political economy) किसी समाज में राजनीतिक और आर्थिक सत्ता के बँटवारे की जानकारी देते हुए बताता है कि सत्ता का यह वितरण वैकासिक और अन्य नीतियों पर किस तरह का प्रभाव डाल रहा है। इसी बात को इस तरह भी कहा जा सकता है कि राजनीतिक अर्थशास्त्र उन बुद्धिसंगत फ़ैसलों का अध्ययन करता है जो राजनीतिक और आर्थिक संस्थाओं के संदर्भ में लिए जाते हैं। इस अध्ययन में तर्कसंगत आधारों की रोशनी में समष्टिगत प्रभावों पर ग़ौर किया जाता है। मूलतः उत्पादन एवं व्यापार, तथा इनका विधि, प्रथा, सरकार से सम्बन्ध और राष्ट्रीय आय एवं सम्पदा के वितरण के अध्ययन को 'राजनीतिक अर्थशास्त्र' कहा गया था। राजनीतिक अर्थशास्त्र की उत्पत्ति नैतिक दर्शन (moral philosophy) से हुई। अट्ठारहवीं शताब्दी में इसका विकास राज्य के अर्थतंत्र या पॉलिटी (polities) के अध्ययन के उद्देश्य से किया गया था, इसी लिए इसका नाम 'पॉलिटिकल इकनॉमी' पड़ा।
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राजनीतिक अर्थशास्त्र (Political economy) किसी समाज में राजनीतिक और आर्थिक सत्ता के बँटवारे की जानकारी देते हुए बताता है कि सत्ता का यह वितरण वैकासिक और अन्य नीतियों पर किस तरह का प्रभाव डाल रहा है। इसी बात को इस तरह भी कहा जा सकता है कि राजनीतिक अर्थशास्त्र उन बुद्धिसंगत फ़ैसलों का अध्ययन करता है जो राजनीतिक और आर्थिक संस्थाओं के संदर्भ में लिए जाते हैं। इस अध्ययन में तर्कसंगत आधारों की रोशनी में समष्टिगत प्रभावों पर ग़ौर किया जाता है। मूलतः उत्पादन एवं व्यापार, तथा इनका विधि, प्रथा, सरकार से सम्बन्ध और राष्ट्रीय आय एवं सम्पदा के वितरण के अध्ययन को 'राजनीतिक अर्थशास्त्र' कहा गया था। राजनीतिक अर्थशास्त्र की उत्पत्ति नैतिक दर्शन (moral philosophy) से हुई। अट्ठारहवीं शताब्दी में इसका विकास राज्य के अर्थतंत्र या पॉलिटी (polities) के अध्ययन के उद्देश्य से किया गया था, इसी लिए इसका नाम 'पॉलिटिकल इकनॉमी' पड़ा।Rajnitik Arthashastra (Political Economy) Kisi Samaaj Mein Rajnitik Aur Aarthik Satta Ke Bantawaare Ki Jankari Dete Huye Batata Hai Ki Satta Ka Yeh Vitaran Vaikasik Aur Anya Nitiyon Par Kis Tarah Ka Prabhav Dal Raha Hai Isi Baat Ko Is Tarah Bhi Kaha Ja Sakta Hai Ki Rajnitik Arthashastra Un Buddhisangat Faisalo Ka Adhyayan Karta Hai Jo Rajnitik Aur Aarthik Sasthaon Ke Sandarbh Mein Liye Jaate Hain Is Adhyayan Mein Tarksangat Aadharon Ki Roshni Mein Samashtigat Prabhavon Par Ghaur Kiya Jata Hai Mooltah Utpadan Evam Vyapar Tatha Inka Vidhi Pratha Sarkar Se Sambandh Aur Rashtriya Aay Evam Sampada Ke Vitaran Ke Adhyayan Ko Rajnitik Arthashastra Kaha Gaya Tha Rajnitik Arthashastra Ki Utpatti Naitik Darshan (moral Philosophy) Se Hui Attharahavin Shatabdi Mein Iska Vikash Rajya Ke Arthatantra Ya Polity (polities) Ke Adhyayan Ke Uddeshya Se Kiya Gaya Tha Isi Liye Iska Naam Political Ikanami Pada
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