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Literature


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देखिए अगर आपको अच्छा लेखक बनना है तो मुझे ऐसा लगता है कि जिन मुद्दों में आपको अच्छे से लिखना आता है उन्हीं मुद्दों को लिखे हो सकता है वह मुद्दा पोएट्री हो हो सकता है वह मुद्दा आपका दिन दिन करो दिन रोज...
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देखिए अगर आपको अच्छा लेखक बनना है तो मुझे ऐसा लगता है कि जिन मुद्दों में आपको अच्छे से लिखना आता है उन्हीं मुद्दों को लिखे हो सकता है वह मुद्दा पोएट्री हो हो सकता है वह मुद्दा आपका दिन दिन करो दिन रोज की बातें हूं वह सकता है आप किसी की भविष्यवाणी या फिर उत्तर किसी के बारे में अच्छे से बता सके हो सकता ब्लाउज के अच्छे से लिख सकते हैं तो आप पूरी अच्छे से लिख सकते तो जिन मुद्दों पर आपको लिखना है वह आप पर निर्भर करता किन-किन मुद्दों को बच्चे से लिख सकते हैं जिन मुद्दों पर आपको कॉन्फिडेंस एक लाइन में मेरे विचार जो है वह बिल्कुल प्रभावशाली है और मैं इन विचारों में लोगों को अपनी तरफ खींचता कर सकता हूं मेरे को ऐसा लगता है कि कभी कबार मुद्दे ज्यादा जरूरी होते पर जो आपके दिल की बात होती है जरा वह लोगों तक पहुंचाएं आपको लगता है कि वह प्रभावशाली बात है जो लोगों को आज तक नहीं पता थी और आपने यह कनवे कर रहे हैं तो वह आपके लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होगी जो आपके दिल में है आप एक बार बोल लिखिए और फिर आप देखे क्या आपको उसका क्या रिस्पांस मिलता है अगर आपको लगता है कि आपको उसमें अच्छा रिस्पांस मिल तुझे एक बहुत अच्छी बात है तो मुझे लगता है आप इस तरीके से अच्छा लेखन देख सकते हैंDekhie Agar Aapko Accha Lekhak Banana Hai To Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Jin Muddon Mein Aapko Acche Se Likhna Aata Hai Unhin Muddon Ko Likhe Ho Sakta Hai Wah Mudda Poetry Ho Ho Sakta Hai Wah Mudda Aapka Din Din Karo Din Roj Ki Batein Hoon Wah Sakta Hai Aap Kisi Ki Bhavishyavaani Ya Phir Uttar Kisi Ke Baare Mein Acche Se Bata Sake Ho Sakta Blouse Ke Acche Se Likh Sakte Hain To Aap Puri Acche Se Likh Sakte To Jin Muddon Par Aapko Likhna Hai Wah Aap Par Nirbhar Karta Kin Kin Muddon Ko Bacche Se Likh Sakte Hain Jin Muddon Par Aapko Confidence Ek Line Mein Mere Vichar Jo Hai Wah Bilkul Prabhavshali Hai Aur Main In Vicharon Mein Logon Ko Apni Taraf Khinchata Kar Sakta Hoon Mere Ko Aisa Lagta Hai Ki Kabhi Kabar Mudde Jyada Zaroori Hote Par Jo Aapke Dil Ki Baat Hoti Hai Jara Wah Logon Tak Paunchaye Aapko Lagta Hai Ki Wah Prabhavshali Baat Hai Jo Logon Ko Aaj Tak Nahi Pata Thi Aur Aapne Yeh Kanave Kar Rahe Hain To Wah Aapke Liye Bahut Jyada Faydemand Hogi Jo Aapke Dil Mein Hai Aap Ek Baar Bol Likhiye Aur Phir Aap Dekhe Kya Aapko Uska Kya Response Milta Hai Agar Aapko Lagta Hai Ki Aapko Usamen Accha Response Mil Tujhe Ek Bahut Acchi Baat Hai To Mujhe Lagta Hai Aap Is Tarike Se Accha Lekhan Dekh Sakte Hain
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यह बात बिल्कुल सत्य है कि करणी सेना बहुत लोगों को बहुत ही धमकियां दे रही है चाय पद्मावत के रिलीज की वजह से चाहे वह मूवी के एक्टर्स डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हो या फिर जॉब प्रसून जोशी जी चौकी सीबीएफसी के...
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यह बात बिल्कुल सत्य है कि करणी सेना बहुत लोगों को बहुत ही धमकियां दे रही है चाय पद्मावत के रिलीज की वजह से चाहे वह मूवी के एक्टर्स डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हो या फिर जॉब प्रसून जोशी जी चौकी सीबीएफसी के हेड है आजकल और उन्होंने इस मूवी को पास करके रिलीज के लिए पास किया है और उन्होंने ने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को भी बहुत सराहना दी है इस मूवी के लिए के यहां इस मूवी को पूरे देश में डिलीट करना चाहिए और यह बहुत ही अच्छी मूवी है और जो आप कह रहे हैं कि कटनी से का पागल हो चुकी है तो मेरे हिसाब से जिस दिन से करणी सेना ने इस मूवी के लिए विरोध शुरू किया था और उन्होंने सेट पर जाकर भंसाली के साथ गलत व्यवहार किया था वह सेट की चीजों को तोड़ दिया था काफी कुछ हंगामा भी किया था तो तभी से वह पागल हो चुके हैं और उनको यह बात समझ में नहीं आ पा रही है कि अगर आपने कोई चीज देखी नहीं है आपको किसी चीज के बारे में पता ही नहीं है तो विरोध किस बेसिस पर कर रहे हैं और बेतुकी बात हुई थी आपसे शायद के मतलब पर है शायद की वजह से विरोध कर रहे हैं कि शायद ऐसा है या शायद उसमें कुछ गलत है क्योंकि जब तक आपको कोई चीज का ठोस सबूत है तो विरोध कर रही है तो यह तो आप ही पागल हुए ना क्यों आप ही सोच पर सवाल उठने चाहिए क्या आप ऐसा क्यों कर रहे हैं आपको सब कुछ पता ही नहीं है और अब चाहे जो कि cbse ने मूवी पास कर दिया और यह रिलीज के लिए तैयार हुई तो भंसाली जी ने करनी सेना के चीफ को बुलाकर इनविटेशन दिया मूवी देखने आने के लिए करणी सेना के जो चीज थे उन्होंने इस मूवी को देखा और उन्हें बहुत पसंद है क्योंकि इसमें राजपूतों को बहुत ही अच्छे ढंग से दिखाया गया है उनके जो बरेली है को बहुत अच्छे ढंग से दिखाया गया है तो अब क्या हो गया अब क्या बात हो गई जो आप ने विरोध करना एकदम बंद कर दिया और आप के चीफ ने सभी को अच्छा कहा है तो यह तो बहुत ही पागलपंती की बात है कि आप पहले विरोध कर रहे थे और जब आपको पता चला तो आपने विरोध बंद कर दियाYeh Baat Bilkul Satya Hai Ki Karni Sena Bahut Logon Ko Bahut Hi Dhamakiyan De Rahi Hai Chai Padmavat Ke Release Ki Wajah Se Chahe Wah Movie Ke Actors Director Aur Producer Ho Ya Phir Job Prasoon Joshi Ji Chowki Sibiefasi Ke Head Hai Aajkal Aur Unhone Is Movie Ko Paas Karke Release Ke Liye Paas Kiya Hai Aur Unhone Ne Supreme Court Ke Judgement Ko Bhi Bahut Sarahana Di Hai Is Movie Ke Liye Ke Yahan Is Movie Ko Poore Desh Mein Delete Karna Chahiye Aur Yeh Bahut Hi Acchi Movie Hai Aur Jo Aap Keh Rahe Hain Ki Katni Se Ka Pagal Ho Chuki Hai To Mere Hisab Se Jis Din Se Karni Sena Ne Is Movie Ke Liye Virodh Shuru Kiya Tha Aur Unhone Set Par Jaakar Bhansali Ke Saath Galat Vyavhar Kiya Tha Wah Set Ki Chijon Ko Tod Diya Tha Kafi Kuch Hungama Bhi Kiya Tha To Tabhi Se Wah Pagal Ho Chuke Hain Aur Unko Yeh Baat Samajh Mein Nahi Aa Pa Rahi Hai Ki Agar Aapne Koi Cheez Dekhi Nahi Hai Aapko Kisi Cheez Ke Baare Mein Pata Hi Nahi Hai To Virodh Kis Basis Par Kar Rahe Hain Aur Betuki Baat Hui Thi Aapse Shayad Ke Matlab Par Hai Shayad Ki Wajah Se Virodh Kar Rahe Hain Ki Shayad Aisa Hai Ya Shayad Usamen Kuch Galat Hai Kyonki Jab Tak Aapko Koi Cheez Ka Thos Sabut Hai To Virodh Kar Rahi Hai To Yeh To Aap Hi Pagal Hue Na Kyun Aap Hi Soch Par Sawal Uthane Chahiye Kya Aap Aisa Kyun Kar Rahe Hain Aapko Sab Kuch Pata Hi Nahi Hai Aur Ab Chahe Jo Ki Cbse Ne Movie Paas Kar Diya Aur Yeh Release Ke Liye Taiyaar Hui To Bhansali Ji Ne Karni Sena Ke Chief Ko Bulakar Invitation Diya Movie Dekhne Aane Ke Liye Karni Sena Ke Jo Cheez The Unhone Is Movie Ko Dekha Aur Unhen Bahut Pasand Hai Kyonki Isme Rajputon Ko Bahut Hi Acche Dhang Se Dikhaya Gaya Hai Unke Jo Bareilly Hai Ko Bahut Acche Dhang Se Dikhaya Gaya Hai To Ab Kya Ho Gaya Ab Kya Baat Ho Gayi Jo Aap Ne Virodh Karna Ekdam Band Kar Diya Aur Aap Ke Chief Ne Sabhi Ko Accha Kaha Hai To Yeh To Bahut Hi Pagalpanti Ki Baat Hai Ki Aap Pehle Virodh Kar Rahe The Aur Jab Aapko Pata Chala To Aapne Virodh Band Kar Diya
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अगर आप पर पोयम और न्यूज़ लिखा पसंद करते हैं और इन समय बहुत ज्यादा रुचि रखते हैं और अगर आप लेट मैंने Idea यूज़ करके और बाकी लोगों से यूनिक दो तरह के पोयम और न्यूज़ लिखते हैं और उन लोगों को उन को ऑडियो ...
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अगर आप पर पोयम और न्यूज़ लिखा पसंद करते हैं और इन समय बहुत ज्यादा रुचि रखते हैं और अगर आप लेट मैंने Idea यूज़ करके और बाकी लोगों से यूनिक दो तरह के पोयम और न्यूज़ लिखते हैं और उन लोगों को उन को ऑडियो में के हिसाब से आपको पब्लिश करना चाहते हैं अपने वेबसाइट पर तो यह का अच्छा तरीका ही है कि आपका इंटरनेट के माध्यम से आगे बढ़ सकते हैं फेमस हो सकते लेकिन नाम जो भी होता है कि शुरुआत में आपको अपना पब्लिसिटी खुद ही करना होगा जैसे कि आपको खुद ही प्रमोट करना होगा जिसे जितनी आपका फॉलोवर्स बरसाते जाएंगे उतना ही उसके हिसाब से ही इंटरनेट भी आपको मदद करेगा आगे बढ़ने के लिए लेकिन अब जो भी कदम आप पर स्टार्टिंग में शुरुआत में उठाते हैं पहले थोड़ा कुछ करना पड़ेगा और अगर आपका कोई नया न्यूज़ लोगों को अच्छा लगता है तो आप लिखने के बजाए ऑडियो में रिकॉर्ड करके अपडेट कर सकते हैं पब्लिश कर सकते हैं यह देखा जाए तो एक अच्छा आईडिया हैAgar Aap Par Poem Aur News Likha Pasand Karte Hain Aur In Samay Bahut Jyada Ruchi Rakhate Hain Aur Agar Aap Let Maine Idea Use Karke Aur Baki Logon Se Unique Do Tarah Ke Poem Aur News Likhte Hain Aur Un Logon Ko Un Ko Audio Mein Ke Hisab Se Aapko Publish Karna Chahte Hain Apne Website Par To Yeh Ka Accha Tarika Hi Hai Ki Aapka Internet Ke Maadhyam Se Aage Badh Sakte Hain Famous Ho Sakte Lekin Naam Jo Bhi Hota Hai Ki Shuruvat Mein Aapko Apna Publicity Khud Hi Karna Hoga Jaise Ki Aapko Khud Hi Promote Karna Hoga Jise Jitni Aapka Followers Barasaate Jaenge Utana Hi Uske Hisab Se Hi Internet Bhi Aapko Madad Karega Aage Badhne Ke Liye Lekin Ab Jo Bhi Kadam Aap Par Starting Mein Shuruvat Mein Uthaatey Hain Pehle Thoda Kuch Karna Padega Aur Agar Aapka Koi Naya News Logon Ko Accha Lagta Hai To Aap Likhne Ke Bajae Audio Mein Record Karke Update Kar Sakte Hain Publish Kar Sakte Hain Yeh Dekha Jaye To Ek Accha Idea Hai
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हम तुम को समझ में आए मैं आपके बेहतरीन सुझावों के लिए आईडिया के लिए मैं कभी बनना चाहता हूं और मेरे दिमाग में एक आइडिया साथी रहते हैं कि की कविताओं में जो नहीं सीलिंग है जो मुझे नेशन है वीडियोस को जन्म ...
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हम तुम को समझ में आए मैं आपके बेहतरीन सुझावों के लिए आईडिया के लिए मैं कभी बनना चाहता हूं और मेरे दिमाग में एक आइडिया साथी रहते हैं कि की कविताओं में जो नहीं सीलिंग है जो मुझे नेशन है वीडियोस को जन्म देती है कि जो आप न्यूज़ सुनते हो जो स्टोरी सुनते हो या आप जो भी टॉपिक है अगर पोयम के माध्यम से लोग सुनें लिंग की एक ID आई है अभी बने थे इस की रुपरेखा तैयार नहीं की है लेकिन अगर यह होता है तो मुझे लगता है कि लोगों को काफी हेल्प करेगा पोयम याद करने में भी मददगार साबित हो सकती है नई इनोवेशन में इंटरनेट पर देख रहा हूं उन लोग नए नए तरीके आजमा रहे हैं मान सिंह के सो मच आपने बहुत ही पॉजिटिव रिस्पांस दिया है और Ten Sports मोटिवेशन आई विल अप्लाई आइडियास एंड ब्राडकास्टिंग समस्याHum Tum Ko Samajh Mein Aaye Main Aapke Behtareen Sujhaavo Ke Liye Idea Ke Liye Main Kabhi Banana Chahta Hoon Aur Mere Dimag Mein Ek Idea Sathi Rehte Hain Ki Ki Kavitao Mein Jo Nahi Ceiling Hai Jo Mujhe Nation Hai Videos Ko Janm Deti Hai Ki Jo Aap News Sunte Ho Jo Story Sunte Ho Ya Aap Jo Bhi Topic Hai Agar Poem Ke Maadhyam Se Log Sunan Ling Ki Ek ID Eye Hai Abhi Bane The Is Ki Ruprekha Taiyaar Nahi Ki Hai Lekin Agar Yeh Hota Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Logon Ko Kafi Help Karega Poem Yaad Karne Mein Bhi Madadgaar Saabit Ho Sakti Hai Nayi Innovation Mein Internet Par Dekh Raha Hoon Un Log Naye Naye Tarike Ajama Rahe Hain Maan Singh Ke So Mach Aapne Bahut Hi Positive Response Diya Hai Aur Ten Sports Motivation Eye Will Apply Aidiyas End Bradakasting Samasya
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वांट टू द लास्ट किताब के लेखक रस्किन बांड...
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वांट टू द लास्ट किताब के लेखक रस्किन बांडWant To D Last Kitab Ke Lekhak Raskin Bond
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यूपीएससी आईएएस मैंस एग्जाम ऑफ़ 10 सेक्टर हिंदी साहित्य में जहां तक बात है तो उसके लिए आपको दृष्टि आईएएस की जो आपने बोला है वह पर्याप्त नहीं होगी लेकिन मैं इस तरह यह भी कह सकता हूं कि दृष्टि आईएएस की ज...
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यूपीएससी आईएएस मैंस एग्जाम ऑफ़ 10 सेक्टर हिंदी साहित्य में जहां तक बात है तो उसके लिए आपको दृष्टि आईएएस की जो आपने बोला है वह पर्याप्त नहीं होगी लेकिन मैं इस तरह यह भी कह सकता हूं कि दृष्टि आईएएस की जॉब हिंदी साहित्य के लिए जोक्स होते हैं उसी पूरे पढ़ने की जरूरत नहीं है कुछ टॉपिक ही ऐसे होते हैं जो उसने पढ़ना चाहिए उसके पश्चात और भी अनेक संस्थान है जिसके हिंदी साहित्य के नोट्स मार्केट में अवेलेबल हैं जैसे कि मैं आईएएस और भी हैं तो आप उसे भी पड़ी उसने पूरे पढ़ने की जरूरत नहीं है उसमें भी कुछ टॉपिक है उन्हें खुद ही संस्था ने हिंदी साहित्य के लिए टेस्ट सीरीज भी करवाती है तो मैं क्या सुकू टेस्ट भी ज्वाइन करना चाहिए उसके लिए आज दृष्टि आईएएस हैदर आईएस ए विजन आईएस ए तो इसमें आपकी प्रिपरेशन होती है वह बहुत ज्यादा इसमें सहायता पहुंचाई थैंक यूUPSC IAS Mains Egjam Af 10 Sector Hindi Sahitya Mein Jhan Tak Baat Hai To Uske Lie Aapko Drishti IAS Ki Joe Aapne Bolla Hai Wah Paryapt Nahin Hogi Lekin Main Is Turha Yeh Bhi Keh Sakta Hoon Qi Drishti IAS Ki Job Hindi Sahitya K Lie Jokes Hote Hain Ussi Poore Padhane Ki Jarurat Nahin Hai Kuch Topic Hea Aise Hote Hain Joe Usne Padhana Chahie Uske Pashchat Aur Bhi Aneka Sansthan Hai Jiske Hindi Sahitya K Notes Market Mein Available Hain Jaise Qi Main IAS Aur Bhi Hain To Aap Usse Bhi Padi Usne Poore Padhane Ki Jarurat Nahin Hai Usme Bhi Kuch Topic Hai Unhein Khud Hea Sanstha Ne Hindi Sahitya K Lie Test Series Bhi Karwati Hai To Main Kya Suku Test Bhi Jwain Krna Chahie Uske Lie Aj Drishti IAS Haider IS A Vijan IS A To Ismein Aapki Preparation Hoti Hai Wah Bahut Jyada Ismein Sahayata Pahunchai Thank You
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10 की शक्ति अर्थात ज्ञान ज्ञान अपने आप में एक और सीमित दायरा है इस जितने भी कार्य होते हैं सभी ज्ञान के माध्यम से होते इसीलिए इसकी कल्पना करना कि यह ट्रेन की शक्ति कहां तक है इसमें कोई भी दुनिया का ऐस...
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10 की शक्ति अर्थात ज्ञान ज्ञान अपने आप में एक और सीमित दायरा है इस जितने भी कार्य होते हैं सभी ज्ञान के माध्यम से होते इसीलिए इसकी कल्पना करना कि यह ट्रेन की शक्ति कहां तक है इसमें कोई भी दुनिया का ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां पर इसके बिना कोई काम ना हो सके सभी कार्य ज्ञान के अनुरूप ही होता है जो कलम के माध्यम से निर्धारित किए जाते हैं अर्थात हम समझ सकते हैं कि ज्ञान अपने आप में परिपूर्ण व्यवस्था है जिसके माध्यम से छोटी से छोटी और बड़े से बड़े कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं थैंक यू10 Ki Shakti Arthat Gyaan Gyaan Apne Aap Mein Ek Aur Simith Dayara Hai Is Jitne Bhi Karya Hote Hain Sabhi Gyaan Ke Maadhyam Se Hote Isliye Iski Kalpana Karna Ki Yeh Train Ki Shakti Kahan Tak Hai Isme Koi Bhi Duniya Ka Aisa Kshetra Nahi Hai Jahan Par Iske Bina Koi Kaam Na Ho Sake Sabhi Karya Gyaan Ke Anurup Hi Hota Hai Jo Kalam Ke Maadhyam Se Nirdharit Kiye Jaate Hain Arthat Hum Samajh Sakte Hain Ki Gyaan Apne Aap Mein Paripurna Vyavastha Hai Jiske Maadhyam Se Choti Se Choti Aur Bade Se Bade Karya Bhi Aasani Se Kiye Ja Sakte Hain Thank You
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2017 में साहित्य में नोबेल प्राइज का जो AC गुरु को मिला...
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2017 में साहित्य में नोबेल प्राइज का जो AC गुरु को मिला2017 Mein Sahitya Mein Nobel Prize Ka Jo AC Guru Ko Mila
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जयशंकर प्रसाद सर्वप्रथम छायावादी रचनाकार है ओपन डोर है लेकिन पार्टी में हिंदू में प्रकाशित हुआ हिंदू हिंदी में कार्यालय द्वारा गीत ना अभी आरंभ किया नाटक और रंगमंच प्रसाद ने एक बार कहा था रंगमंच नाटक क...
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जयशंकर प्रसाद सर्वप्रथम छायावादी रचनाकार है ओपन डोर है लेकिन पार्टी में हिंदू में प्रकाशित हुआ हिंदू हिंदी में कार्यालय द्वारा गीत ना अभी आरंभ किया नाटक और रंगमंच प्रसाद ने एक बार कहा था रंगमंच नाटक के अनुकूल होना चाहिए ना की नाटक रामचंद्र के अनुसार आरंभिक रचनाएं जयशंकर प्रसाद की आरंभिक रचनाएं अद्भुत चक्र भाषा में मिलती है प्रसाद की ही प्रेरणा से नागिन 99 में उनके भांजे अंबिका प्रसाद गुप्ता के समर्थन में हिंदू नाम का मासिक पत्र का प्रकाशन आरंभ किया गया थाJaishankar Prasad Sarvapratham Chhayavadi Rachnakar Hai Open Dor Hai Lekin Party Mein Hindu Mein Prakashit Hua Hindu Hindi Mein Karyalaya Dwara Geet Na Abhi Aarambh Kiya Natak Aur Rangamanch Prasad Ne Ek Baar Kaha Tha Rangamanch Natak Ke Anukul Hona Chahiye Na Ki Natak Ramachandra Ke Anusar Aarambhik Rachanae Jaishankar Prasad Ki Aarambhik Rachanae Adbhut Chakra Bhasha Mein Milti Hai Prasad Ki Hi Prerna Se Nagin 99 Mein Unke Bhanje Ambika Prasad Gupta Ke Samarthan Mein Hindu Naam Ka Maasik Patra Ka Prakashan Aarambh Kiya Gaya Tha
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अधिक साहित्य के अनुसार मानव जीवन में कुल 4 दिन होते हैं उसे देवरी मेडिसिन पृथ्वी और मानव जाति के लिए विचार दिल न माने जाते हैं वैदिक साहित्य केंद्र...
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अधिक साहित्य के अनुसार मानव जीवन में कुल 4 दिन होते हैं उसे देवरी मेडिसिन पृथ्वी और मानव जाति के लिए विचार दिल न माने जाते हैं वैदिक साहित्य केंद्रAdhik Sahitya Ke Anusar Manav Jeevan Mein Kul 4 Din Hote Hain Use Deori Medicine Prithvi Aur Manav Jati Ke Liye Vichar Dil N Mane Jaate Hain Vaidik Sahitya Kendra
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क्या आप इसके लिए साहित्य मंजरी डॉट कॉम पल पल सकते हैं...
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क्या आप इसके लिए साहित्य मंजरी डॉट कॉम पल पल सकते हैंKya Aap Iske Liye Sahitya Manjari Dot Com Pal Pal Sakte Hain
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मेरे हिसाब से तो इसमें एक जागरूकता प्रमुख कारण है कि पैसे वाले मुझे गरीब आ कर अपना काम चलाते हैं वह गरीब लोगों से समझ नहीं पाते तुम मेरे साथ चला एवं चाहिए कि गरीब लोगों को पहले तो अंधविश्वास और यह फाल...
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मेरे हिसाब से तो इसमें एक जागरूकता प्रमुख कारण है कि पैसे वाले मुझे गरीब आ कर अपना काम चलाते हैं वह गरीब लोगों से समझ नहीं पाते तुम मेरे साथ चला एवं चाहिए कि गरीब लोगों को पहले तो अंधविश्वास और यह फालतू की चीजों पर विश्वास नहीं करना चाहिए औरMere Hisab Se To Isme Ek Jagrukta Pramukh Kaaran Hai Ki Paise Wale Mujhe Garib Aa Kar Apna Kaam Chalte Hain Wah Garib Logon Se Samajh Nahi Paate Tum Mere Saath Chala Evam Chahiye Ki Garib Logon Ko Pehle To Andhavishvas Aur Yeh Faltu Ki Chijon Par Vishwas Nahi Karna Chahiye Aur
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चमक को बताना चाहता हूं कि मौका पिक को मौके हो एक भी बोलते तो मैं आपको बता दूं कि हीरो कमी काम आमतौर पर संत प्रतिज्ञा पैरोडी होते हैं जुलाई को और वीर साहित्य के शास्त्रीय और रूढ़िवादी आम पर है आमतौर पर...
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चमक को बताना चाहता हूं कि मौका पिक को मौके हो एक भी बोलते तो मैं आपको बता दूं कि हीरो कमी काम आमतौर पर संत प्रतिज्ञा पैरोडी होते हैं जुलाई को और वीर साहित्य के शास्त्रीय और रूढ़िवादी आम पर है आमतौर पर नकली वीर काम या तो नायक की भूमिका में मूर्ख बनाते हैं कबीर गुणों को इस तरह के बिंदु पर अंतरित करते कि वह बेतुका हो जाते हैंChamak Ko Batana Chahta Hoon Ki Mauka Pic Ko Mauke Ho Ek Bhi Bolte To Main Aapko Bata Doon Ki Hero Kami Kaam Aamtaur Par Sant Pratigya Pairodi Hote Hain July Ko Aur Veer Sahitya Ke Shashtriya Aur Rudhivadi Aam Par Hai Aamtaur Par Nakli Veer Kaam Ya To Nayak Ki Bhumika Mein Murkh Banate Hain Kabir Gunon Ko Is Tarah Ke Bindu Par Antarit Karte Ki Wah Betukaa Ho Jaate Hain
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विकी पंजाबी साहित्य का वैकल्पिक रूप में लेना चाहते हैं तो कोचिंग सेंटर बहुत सारे ऐसे आपके आसपास अब देखेंगे ट्रांसफर पंजाब स्टेट है वहां पर कोचिंग सेंटर बहुत सारे मिल जाएंगे तो आप जाकर वहां पर आपके आसप...
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विकी पंजाबी साहित्य का वैकल्पिक रूप में लेना चाहते हैं तो कोचिंग सेंटर बहुत सारे ऐसे आपके आसपास अब देखेंगे ट्रांसफर पंजाब स्टेट है वहां पर कोचिंग सेंटर बहुत सारे मिल जाएंगे तो आप जाकर वहां पर आपके आसपास के लिए कौनसा क्षेत्र से पंजाब के यहां पर पंजाबी साहित्य जो है पढ़ सकते हैं पंजाबी स्टेटस पढ़ सकते हैंVikee Punjabi Sahitya Ka Vaikalpik Roop Mein Lena Chahte Hain To Coaching Center Bahut Sare Aise Aapke Aaspass Ab Dekhenge Transfer Punjab State Hai Wahan Par Coaching Center Bahut Sare Mil Jaenge To Aap Jaakar Wahan Par Aapke Aaspass Ke Liye Kaunsa Kshetra Se Punjab Ke Yahan Par Punjabi Sahitya Jo Hai Padh Sakte Hain Punjabi Status Padh Sakte Hain
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हिंदी साहित्य के कुछ महान लेखक है.. 1-कबीर हिंदी साहित्य के महिमामण्डित व्यक्तित्व हैं। कबीर के जन्म के संबंध में अनेक किंवदन्तियाँ हैं। 2-जन्म काल महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से न केवल हिन्दू समाज और भारत, बल्कि समस्त संसार आलोकित हो रहा है !3-सूरदास जी वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने श्रृंगार और शान्त रसों का भी बड़ा मर्मस्पर्शी वर्णन किया है। 4-रैदास नाम से विख्यात संत रविदास का जन्म सन् 1388 (इनका जन्म कुछ विद्वान 1398 में हुआ भी बताते हैं) को बनारस में हुआ था। रैदास कबीर के समकालीन हैं।5-कृष्णभक्ति शाखा की हिंदी की महान कवयित्री मीराबाई का जन्म संवत् १५७३ में जोधपुर में चोकड़ी नामक गाँव में हुआ था। इनका विवाह उदयपुर के महाराणा कुमार भोजराज जी के साथ हुआ था। 6-रहीम का पूरा नाम अब्दुल रहीम (अब्दुर्रहीम) ख़ानख़ाना था। आपका जन्म 17 दिसम्बर 1556 को लाहौर में हुआ। रहीम के पिता का नाम बैरम खान तथा माता का नाम सुल्ताना बेगम था।7-महाकवि बिहारीलाल का जन्म 1603 के लगभग ग्वालियर में हुआ।
Romanized Version
हिंदी साहित्य के कुछ महान लेखक है.. 1-कबीर हिंदी साहित्य के महिमामण्डित व्यक्तित्व हैं। कबीर के जन्म के संबंध में अनेक किंवदन्तियाँ हैं। 2-जन्म काल महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से न केवल हिन्दू समाज और भारत, बल्कि समस्त संसार आलोकित हो रहा है !3-सूरदास जी वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने श्रृंगार और शान्त रसों का भी बड़ा मर्मस्पर्शी वर्णन किया है। 4-रैदास नाम से विख्यात संत रविदास का जन्म सन् 1388 (इनका जन्म कुछ विद्वान 1398 में हुआ भी बताते हैं) को बनारस में हुआ था। रैदास कबीर के समकालीन हैं।5-कृष्णभक्ति शाखा की हिंदी की महान कवयित्री मीराबाई का जन्म संवत् १५७३ में जोधपुर में चोकड़ी नामक गाँव में हुआ था। इनका विवाह उदयपुर के महाराणा कुमार भोजराज जी के साथ हुआ था। 6-रहीम का पूरा नाम अब्दुल रहीम (अब्दुर्रहीम) ख़ानख़ाना था। आपका जन्म 17 दिसम्बर 1556 को लाहौर में हुआ। रहीम के पिता का नाम बैरम खान तथा माता का नाम सुल्ताना बेगम था।7-महाकवि बिहारीलाल का जन्म 1603 के लगभग ग्वालियर में हुआ। Hindi Sahitya Ke Kuch Mahaan Lekhak Hai Kabir Hindi Sahitya Ke Mahimamandit Vyaktitva Hain Kabir Ke Janm Ke Sambandh Mein Anek Kinvadantiyan Hain Janm Kaal Mahaan Kavi Tulsidas Ki Pratibha Kirano Se N Kewal Hindu Samaaj Aur Bharat Balki Samast Sansar Aalokit Ho Raha Hai Surdas Ji Vatsalya Ras Ke Samrat Mane Jaate Hain Unhone Shrringar Aur Shant Rason Ka Bhi Bada Marmsparshi Vernon Kiya Hai Raidas Naam Se Vikhyat Sant Ravidas Ka Janm San 1388 Inka Janm Kuch Vidwan 1398 Mein Hua Bhi Batatey Hain Ko Banaras Mein Hua Tha Raidas Kabir Ke Samkalin Hain Krishnabhakti Sakha Ki Hindi Ki Mahaan Kavayitri Mirabai Ka Janm Sanvat 1573 Mein Jodhpur Mein Chokdi Namak Gaon Mein Hua Tha Inka Vivah Udaipur Ke Maharana Kumar Bhojraj Ji Ke Saath Hua Tha Raheem Ka Pura Naam Abdul Raheem Abdurraheem Khankhana Tha Aapka Janm 17 December 1556 Ko Lahore Mein Hua Raheem Ke Pita Ka Naam Bairam Khan Tatha Mata Ka Naam Sultana Begum Tha Mahakavi Biharilal Ka Janm 1603 Ke Lagbhag Gwalior Mein Hua
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जगदीशचंद्र माथुर (जन्म १६ जुलाई, १९१७ -- १९७८) हिंदी के लेखक एवं नाटककार थे। वे उन साहित्यकारों में से हैं जिन्होंने आकाशवाणी में काम करते हुए हिन्दी की लोकप्रयता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया। रंगमंच के निर्माण, निर्देशन, अभिनय, संकेत आदि के सम्बन्ध में आपको विशेष सफलता मिली
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जगदीशचंद्र माथुर (जन्म १६ जुलाई, १९१७ -- १९७८) हिंदी के लेखक एवं नाटककार थे। वे उन साहित्यकारों में से हैं जिन्होंने आकाशवाणी में काम करते हुए हिन्दी की लोकप्रयता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया। रंगमंच के निर्माण, निर्देशन, अभिनय, संकेत आदि के सम्बन्ध में आपको विशेष सफलता मिली Jagadishchandra Mathur Janm 16 July 1917 -- 1978 Hindi Ke Lekhak Evam Natakakar The Ve Un Shaahitykaaron Mein Se Hain Jinhone Aakashwani Mein Kaam Karte Hue Hindi Ki Lokaprayata Ke Vikash Mein Mahatvapurna Yogdan Kiya Rangamanch Ke Nirman Nirdeshan Abhinay Sanket Aadi Ke Sambandh Mein Aapko Vishesh Safalta Mili
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हिंदी साहितय के लेखकों के नाम की लिस्ट कुछ इस प्रकार है:-कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, रैदास, मीरादास,आदि
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हिंदी साहितय के लेखकों के नाम की लिस्ट कुछ इस प्रकार है:-कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, रैदास, मीरादास,आदि Hindi Sahitay Ke Lekhkon Ke Naam Ki List Kuch Is Prakar Hai Kabirdas Tulsidas Surdas Raidas Miradas Aadi
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मोबाइल अनुप्रयोगों की लगातार मांग और अपेक्षाकृत आसान पहुंच बाजार डेवलपर्स को मोबाइल एप्लिकेशन विकास में आकर्षित कर रहा है। डेरिवको, एक गेम डेवलपमेंट कंपनी ने एक वेबसाइट प्रोजेक्ट ई-स्पोर्ट्स की शुरुआत की द्वार। इस परियोजना में, विकसित होने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन की आवश्यकता है। से पहले विकास में कूदते हुए, पृष्ठभूमि अनुसंधान के क्षेत्र में किया जाना चाहिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, विभिन्न प्लेटफार्मों और डिजाइन सिद्धांतों। यह साहित्य समीक्षा का उद्देश्य सामान्य रूप से इन क्षेत्रों को कवर करना और प्रारंभिक बिंदु प्रदान करना है मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करना 1। परिचय ई-स्पोर्ट्स पोर्टल एक वेबसाइट प्रोजेक्ट है जिसे ई-स्पोर्ट्स को सुविधाजनक बनाने और व्यवस्थित करने के लिए विकसित किया जा रहा है लीग। एक ई-स्पोर्ट्स टीम के लिए अपने मैच के परिणाम वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए, एक मोबाइल परिणाम कैप्चर करने और वेबसाइट सर्वर पर अपलोड करने के लिए आवेदन की आवश्यकता है। मोबाइल विकास शुरू करते समय, कुछ प्रश्न उठाए जा सकते हैं। क्या अंतर करता है मोबाइल एप्लिकेशन विकास और पारंपरिक अनुप्रयोग विकास? क्या विकल्प हैं उपलब्ध? मोबाइल एप्लिकेशन के लिए महत्वपूर्ण डिजाइन सिद्धांत क्या हैं? ये प्रश्न उत्तर दिया जाता है क्योंकि प्रत्येक साहित्य की समीक्षा निम्नलिखित खंडों में की जाती है: सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मोबाइल विकास में मुद्दे; मूल आवेदन और मोबाइल वेब के बीच तुलना आवेदन; आईओएस और एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम; और मोबाइल में मानव कंप्यूटर बातचीत। प्रत्येक अनुभाग में निम्नलिखित कागजात और एक पुस्तक की समीक्षा की गई है: पेपर 1 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे [12] पेपर 2 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट: वेब बनाम मूल [1] पेपर 3 - स्मार्ट स्मार्टफोन विकास: एंड्रॉइड बनाम आईओएस [4] पुस्तक - मोबाइल इंटरैक्शन डिजाइन [9] 2. मोबाइल विकास में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे मोबाइल एप्लिकेशन के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग परंपरागत के साथ समान प्रथाओं को साझा करता है आवेदन। हालांकि, पेपर 1 ने कुछ मुद्दों को इंगित किया जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता थी विशेष रूप से मोबाइल विकास में। पेपर 1 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे [12] मुद्दों में जाने के लिए एक परिचय के रूप में, पेपर कई बिंदुओं को पेश किया गया है पारंपरिक अनुप्रयोगों से मोबाइल अनुप्रयोगों में अलग। पहला बिंदु एक दूसरे के बीच अनुप्रयोगों की संभावित बातचीत थी। मोबाइल इंटरैक्शन की संभावना के साथ उपकरणों के विभिन्न स्रोतों से कई अनुप्रयोग हैं उनके बीच। दूसरा, सेंसर हैंडलिंग की ओर इशारा किया गया था। Accelerometers कि डिवाइस आंदोलनों का जवाब, कई टच स्क्रीन जेस्चर, ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम, माइक्रोफोन जो वॉयस कॉल, कैमरे और एकाधिक के अलावा अन्य अनुप्रयोगों में प्रयोग योग्य हैं नेटवर्किंग प्रोटोकॉल सभी एक ही डिवाइस में हैं, जिसके लिए कई फीचर विकल्प हैं आवेदन
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मोबाइल अनुप्रयोगों की लगातार मांग और अपेक्षाकृत आसान पहुंच बाजार डेवलपर्स को मोबाइल एप्लिकेशन विकास में आकर्षित कर रहा है। डेरिवको, एक गेम डेवलपमेंट कंपनी ने एक वेबसाइट प्रोजेक्ट ई-स्पोर्ट्स की शुरुआत की द्वार। इस परियोजना में, विकसित होने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन की आवश्यकता है। से पहले विकास में कूदते हुए, पृष्ठभूमि अनुसंधान के क्षेत्र में किया जाना चाहिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, विभिन्न प्लेटफार्मों और डिजाइन सिद्धांतों। यह साहित्य समीक्षा का उद्देश्य सामान्य रूप से इन क्षेत्रों को कवर करना और प्रारंभिक बिंदु प्रदान करना है मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करना 1। परिचय ई-स्पोर्ट्स पोर्टल एक वेबसाइट प्रोजेक्ट है जिसे ई-स्पोर्ट्स को सुविधाजनक बनाने और व्यवस्थित करने के लिए विकसित किया जा रहा है लीग। एक ई-स्पोर्ट्स टीम के लिए अपने मैच के परिणाम वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए, एक मोबाइल परिणाम कैप्चर करने और वेबसाइट सर्वर पर अपलोड करने के लिए आवेदन की आवश्यकता है। मोबाइल विकास शुरू करते समय, कुछ प्रश्न उठाए जा सकते हैं। क्या अंतर करता है मोबाइल एप्लिकेशन विकास और पारंपरिक अनुप्रयोग विकास? क्या विकल्प हैं उपलब्ध? मोबाइल एप्लिकेशन के लिए महत्वपूर्ण डिजाइन सिद्धांत क्या हैं? ये प्रश्न उत्तर दिया जाता है क्योंकि प्रत्येक साहित्य की समीक्षा निम्नलिखित खंडों में की जाती है: सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मोबाइल विकास में मुद्दे; मूल आवेदन और मोबाइल वेब के बीच तुलना आवेदन; आईओएस और एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम; और मोबाइल में मानव कंप्यूटर बातचीत। प्रत्येक अनुभाग में निम्नलिखित कागजात और एक पुस्तक की समीक्षा की गई है: पेपर 1 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे [12] पेपर 2 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट: वेब बनाम मूल [1] पेपर 3 - स्मार्ट स्मार्टफोन विकास: एंड्रॉइड बनाम आईओएस [4] पुस्तक - मोबाइल इंटरैक्शन डिजाइन [9] 2. मोबाइल विकास में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे मोबाइल एप्लिकेशन के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग परंपरागत के साथ समान प्रथाओं को साझा करता है आवेदन। हालांकि, पेपर 1 ने कुछ मुद्दों को इंगित किया जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता थी विशेष रूप से मोबाइल विकास में। पेपर 1 - मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मुद्दे [12] मुद्दों में जाने के लिए एक परिचय के रूप में, पेपर कई बिंदुओं को पेश किया गया है पारंपरिक अनुप्रयोगों से मोबाइल अनुप्रयोगों में अलग। पहला बिंदु एक दूसरे के बीच अनुप्रयोगों की संभावित बातचीत थी। मोबाइल इंटरैक्शन की संभावना के साथ उपकरणों के विभिन्न स्रोतों से कई अनुप्रयोग हैं उनके बीच। दूसरा, सेंसर हैंडलिंग की ओर इशारा किया गया था। Accelerometers कि डिवाइस आंदोलनों का जवाब, कई टच स्क्रीन जेस्चर, ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम, माइक्रोफोन जो वॉयस कॉल, कैमरे और एकाधिक के अलावा अन्य अनुप्रयोगों में प्रयोग योग्य हैं नेटवर्किंग प्रोटोकॉल सभी एक ही डिवाइस में हैं, जिसके लिए कई फीचर विकल्प हैं आवेदनMobile Anuprayogon Ki Lagatar Maang Aur Apekshakrit Aasan Pahunch Bazar Developers Ko Mobile Application Vikash Mein Aakarshit Kar Raha Hai Ek Game Development Company Ne Ek Website Project Ee Sports Ki Shuruvat Ki Dwar Is Pariyojana Mein Viksit Hone Ke Liye Ek Mobile Application Ki Avashyakta Hai Se Pehle Vikash Mein Koodate Huye Pristhbhumi Anusandhan Ke Kshetra Mein Kiya Jana Chahiye Software Engineering Vibhinn Platformo Aur Design Siddhanto Yeh Sahitya Samiksha Ka Uddeshya Samanya Roop Se In Kshetro Ko Cover Karna Aur Prarambhik Bindu Pradan Karna Hai Mobile Application Viksit Karna Parichay Ee Sports Portal Ek Website Project Hai Jise Ee Sports Ko Suvidhajanak Banane Aur Vyavasthit Karne Ke Liye Viksit Kiya Ja Raha Hai League Ek Ee Sports Team Ke Liye Apne Match Ke Parinam Website Par Upload Karne Ke Liye Ek Mobile Parinam Capture Karne Aur Website Server Par Upload Karne Ke Liye Avedan Ki Avashyakta Hai Mobile Vikash Shuru Karte Samay Kuch Prashna Uthye Ja Sakte Hain Kya Antar Karta Hai Mobile Application Vikash Aur Paramparik Anuprayog Vikash Kya Vikalp Hain Uplabdha Mobile Application Ke Liye Mahatvapurna Design Siddhant Kya Hain Yeh Prashna Uttar Diya Jata Hai Kyonki Pratyek Sahitya Ki Samiksha Nimnlikhit Khando Mein Ki Jati Hai Software Engineering Mobile Vikash Mein Mudde Mul Avedan Aur Mobile Web Ke Bich Tulna Avedan IOS Aur Android Operating System Aur Mobile Mein Manav Computer Batchit Pratyek Anubhag Mein Nimnlikhit Kagajat Aur Ek Pustak Ki Samiksha Ki Gayi Hai Paper 1 - Mobile Application Development Ke Liye Software Engineering Mudde Paper 2 - Mobile Application Development Web Banam Mul Paper 3 - Smart Smartphone Vikash Android Banam IOS Pustak - Mobile Interaction Design [9] 2. Mobile Vikash Mein Software Engineering Mudde Mobile Application Ke Liye Software Engineering Paramparagat Ke Saath Saman Prathaon Ko Sajha Karta Hai Avedan Halanki Paper 1 Ne Kuch Muddon Ko Ingit Kiya Jinhen Sambodhit Karne Ki Avashyakta Thi Vishesh Roop Se Mobile Vikash Mein Paper 1 - Mobile Application Development Ke Liye Software Engineering Mudde Muddon Mein Jaane Ke Liye Ek Parichay Ke Roop Mein Paper Kai Binduon Ko Pesh Kiya Gaya Hai Paramparik Anuprayogon Se Mobile Anuprayogon Mein Alag Pehla Bindu Ek Dusre Ke Bich Anuprayogon Ki Sambhavit Batchit Thi Mobile Interaction Ki Sambhavna Ke Saath Upkarano Ke Vibhinn Sroton Se Kai Anuprayog Hain Unke Bich Doosra Censor Handling Ki Oar Ishaaraa Kiya Gaya Tha Accelerometers Ki Device Andolanon Ka Jawab Kai Touch Screen Global System Microphone Jo Voice Call Cameras Aur Ekadhikar Ke Alava Anya Anuprayogon Mein Prayog Yogya Hain Networking Protocol Sabhi Ek Hi Device Mein Hain Jiske Liye Kai Feature Vikalp Hain Avedan
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे कि आपने बोला कि आपने इंग्लिश लिटरेचर लिया है और कैसे पढ़ाई करें कि ऑफिस लिए इंग्लिश लिटरेचर के लिए बुक्स आते हैं बहुत सारे जो सिलेबस के बुक से आप उसे कंप्लीट कीजिए ठीक है सर सर आप क्लास में लेक्च...
जवाब पढ़िये
जैसे कि आपने बोला कि आपने इंग्लिश लिटरेचर लिया है और कैसे पढ़ाई करें कि ऑफिस लिए इंग्लिश लिटरेचर के लिए बुक्स आते हैं बहुत सारे जो सिलेबस के बुक से आप उसे कंप्लीट कीजिए ठीक है सर सर आप क्लास में लेक्चर अटेंड कीजिए बहुत जरूरी होता है क्या आप इंग्लिश लिटरेचर क्लास में हैं आप को अटेंड करते क्लासेज अटेंड करने से आपको आदि चीजें जो है बहुत ही क्लियर हो जाती है और बहुत ही आसानी से आप कोशिश को सीख सकते हैं तो बहुत जरूरी है कि आपको क्लास में लेक्चर एक लेक्चर अटेंड करना चाहिए उसको धीरे-धीरे खुद पर भी करेंगे तो इतना काफी होगा कि आप जो है प्रिपरेशन उसका कर सकते हैंJaise Ki Aapne Bola Ki Aapne English Literature Liya Hai Aur Kaise Padhai Karen Ki Office Liye English Literature Ke Liye Books Aate Hain Bahut Sare Jo Syllabus Ke Book Se Aap Use Complete Kijiye Theek Hai Sar Sar Aap Class Mein Lecture Attend Kijiye Bahut Zaroori Hota Hai Kya Aap English Literature Class Mein Hain Aap Ko Attend Karte Classes Attend Karne Se Aapko Aadi Cheezen Jo Hai Bahut Hi Clear Ho Jati Hai Aur Bahut Hi Aasani Se Aap Koshish Ko Seekh Sakte Hain To Bahut Zaroori Hai Ki Aapko Class Mein Lecture Ek Lecture Attend Karna Chahiye Usko Dhire Dhire Khud Par Bhi Karenge To Itna Kafi Hoga Ki Aap Jo Hai Preparation Uska Kar Sakte Hain
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कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। ओडिसी जैसे महाकाव्य कविताओं या उपन्यास जैसे कि किल ए मॉकिंगबर्ड को साहित्य माना जाता है क्योंकि उनके पास गहरा अर्थ है जो कहानी से परे जाते हैं। दोनों कहानियां सिर्फ पाठक का आनंद लेने से ज्यादा करने के लिए हैं।
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कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। ओडिसी जैसे महाकाव्य कविताओं या उपन्यास जैसे कि किल ए मॉकिंगबर्ड को साहित्य माना जाता है क्योंकि उनके पास गहरा अर्थ है जो कहानी से परे जाते हैं। दोनों कहानियां सिर्फ पाठक का आनंद लेने से ज्यादा करने के लिए हैं।Kahaniyon Ko Aamtaur Par Sahitya Mana Jata Hai Jab Unke Paas Lambe Samay Tak Chalne Wale Kalatmak Ya Samajik Mulya Hote Hain Odisee Jaise Mahakavya Kavitao Ya Upanyaas Jaise Ki Kill A Makingabard Ko Sahitya Mana Jata Hai Kyonki Unke Paas Gehra Arth Hai Jo Kahani Se Pare Jaate Hain Dono Kahaniya Sirf Pathak Ka Anand Lene Se Jyada Karne Ke Liye Hain
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गंभीर अध्ययन साहित्य, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, सिनेमा, और रंगमंच पर लागू विश्लेषणात्मक तरीकों में निहित है।
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गंभीर अध्ययन साहित्य, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, सिनेमा, और रंगमंच पर लागू विश्लेषणात्मक तरीकों में निहित है।Gambhir Adhyayan Sahitya Itihas Arthashastra Rajneeti Vigyan Cinema Aur Rangamanch Par Laagu Vislesanaatmak Trikon Mein Nihit Hai
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हाँ टेलीविजन को साहित्य माना जा सकता है क्योंकि TV पर दिखाई जाने वाली बहुत सी ऐसी कहानियां होती है बहुत से ऐसे संवाद होते हैं जिनके माध्यम से कुछ सीखा जा सकता है। यह एक लिखित काम का टूटना है जो इसे स्टोरीबोर्डिंग और एक पूर्ण टुकड़े (टीवी शो, प्ले, मूवी, ग्राफिक उपन्यास, मंगा इत्यादि) के माध्यम से संवाद के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है।
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हाँ टेलीविजन को साहित्य माना जा सकता है क्योंकि TV पर दिखाई जाने वाली बहुत सी ऐसी कहानियां होती है बहुत से ऐसे संवाद होते हैं जिनके माध्यम से कुछ सीखा जा सकता है। यह एक लिखित काम का टूटना है जो इसे स्टोरीबोर्डिंग और एक पूर्ण टुकड़े (टीवी शो, प्ले, मूवी, ग्राफिक उपन्यास, मंगा इत्यादि) के माध्यम से संवाद के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है।Haan Television Ko Sahitya Mana Ja Sakta Hai Kyonki TV Par Dikhai Jaane Wali Bahut Si Aisi Kahaniya Hoti Hai Bahut Se Aise Sanvaad Hote Hain Jinke Maadhyam Se Kuch Seekha Ja Sakta Hai Yeh Ek Likhit Kaam Ka Tutana Hai Jo Ise Storibording Aur Ek Poorn Tukade Tv Show Play Movie Graphic Upanyaas Manga Ityadi Ke Maadhyam Se Sanvaad Ke Maadhyam Se Vyakt Kiya Ja Sakta Hai
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अंग्रेजी साहित्य के प्राचीन एवं अर्वाचीन काल कई आयामों में विभक्त किए जा सकते हैं। यह विभाजन केवल अध्ययन की सुविधा के लिए किया जाता है; इससे अंग्रेजी साहित्य प्रवाह को अक्षुण्णता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। प्राचीन युग के अंग्रेजी साहित्य के तीन स्पष्ट आयाम है ऐंग्लो-सैक्सन नार्मन विजय से चॉसर तक चॉसर से अंग्रेजी पुनर्जागरण काल तक।
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अंग्रेजी साहित्य के प्राचीन एवं अर्वाचीन काल कई आयामों में विभक्त किए जा सकते हैं। यह विभाजन केवल अध्ययन की सुविधा के लिए किया जाता है; इससे अंग्रेजी साहित्य प्रवाह को अक्षुण्णता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। प्राचीन युग के अंग्रेजी साहित्य के तीन स्पष्ट आयाम है ऐंग्लो-सैक्सन नार्मन विजय से चॉसर तक चॉसर से अंग्रेजी पुनर्जागरण काल तक।Angrezi Sahitya Ke Prachin Evam Arwachin Kaal Kai Aayamon Mein Vibhakt Kiye Ja Sakte Hain Yeh Vibhajan Kewal Adhyayan Ki Suvidha Ke Liye Kiya Jata Hai Isse Angrezi Sahitya Parvaah Ko Akshunnata Par Koi Prabhav Nahi Padhna Chahiye Prachin Yug Ke Angrezi Sahitya Ke Teen Spasht Aayam Hai Ainglo Saxon Narman Vijay Se Chasar Tak Chasar Se Angrezi Punarjaagran Kaal Tak
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क्या आपके पास एक विचार है कि एक संभावना है कि वह मूल कलाकार के साथ सौदा कर सकता है जिसमें वह अपनी फिल्मों में अपने संगीत को दोबारा उपयोग करने या फिर से बनाने के अधिकारों के बदले रॉयल्टी का भुगतान करेगा? इसके अलावा एक गैर प्रकटीकरण खंड कुछ ऐसे हो सकता है जहां उस समझौते में दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आएंगे और इस समझौते के बारे में बात करेंगे।
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क्या आपके पास एक विचार है कि एक संभावना है कि वह मूल कलाकार के साथ सौदा कर सकता है जिसमें वह अपनी फिल्मों में अपने संगीत को दोबारा उपयोग करने या फिर से बनाने के अधिकारों के बदले रॉयल्टी का भुगतान करेगा? इसके अलावा एक गैर प्रकटीकरण खंड कुछ ऐसे हो सकता है जहां उस समझौते में दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आएंगे और इस समझौते के बारे में बात करेंगे।Kya Aapke Paas Ek Vichar Hai Ki Ek Sambhavna Hai Ki Wah Mul Kalakar Ke Saath Sauda Kar Sakta Hai Jisme Wah Apni Filmo Mein Apne Sangeet Ko Dobara Upyog Karne Ya Phir Se Banane Ke Adhikaaro Ke Badle Royalty Ka Bhugtan Karega Iske Alava Ek Gair Prakatikaran Khand Kuch Aise Ho Sakta Hai Jahan Us Samjhaute Mein Dono Paksh Sarvajanik Roop Se Bahar Nahi Aayenge Aur Is Samjhaute Ke Bare Mein Baat Karenge
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आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या 125 मिलियन है और यह भारत की कुल आबादी का सिर्फ 12.18% है। इसके विपरीत, हिंदी भाषी लोगों की संख्या 551 मिलियन है जो भारतीय लोगों का 53.60% है। इसलिए, भले ही हम में से कई अंग्रेजी बढ़ने और हिंदी के उपयोग को कम करने के उपयोग को ढूंढ रहे हों, यह संभवतः समूह ध्रुवीकरण का प्रभाव है। और जैसा ऊपर बताया गया है, यह समूह जनसंख्या का केवल 12.18% है। हिंदी का उपयोग निश्चित रूप से संचार के उद्देश्य के अनुरूप बेहतर होगा क्योंकि यह वर्षों से हुआ है लेकिन फिर हिंदी जल्द ही गायब होने के लिए कहीं भी नहीं है। जैसा कि अन्य उत्तरों में सूचीबद्ध है, यह भी सच है कि किसी की मूल भाषा में बात करना एक अपरिवर्तनीय अनुभव है, बहुमत इसे पसंद करते हैं और यह हिंदी के अस्तित्व के लिए और भी अधिक कारण जोड़ता है। विचार करने के लिए एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि आज की पीढ़ी दुनिया भर से ज्ञान प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी में और अधिक पढ़ती है और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के बराबर होती है। लेकिन अधिकांश आबादी इस भाषा को समझ में नहीं आता है। इसलिए, इस आबादी को पूरा करने के लिए किसी को हिंदी भाषा को पकड़ना और नौकरियां, उत्पाद बनाना और इस भाषा में सेवाएं प्रदान करना है। असल में कई मोबाइल ऐप कंपनियां हिंदी में अपने ऐप भी पेश कर रही हैं क्योंकि भारत का एक विशाल हिंदी बाजार है जिसे आसानी से टाला जा सकता है। शेयरकैट एक ऐसी ऐप है जिसे न केवल हिंदी में बल्कि कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी लॉन्च किया गया है। और इसकी बड़ी सफलता यह साबित करती है कि कैसे मूल भाषा केवल लोगों के साथ अच्छी तरह से जा सकती है।
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आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या 125 मिलियन है और यह भारत की कुल आबादी का सिर्फ 12.18% है। इसके विपरीत, हिंदी भाषी लोगों की संख्या 551 मिलियन है जो भारतीय लोगों का 53.60% है। इसलिए, भले ही हम में से कई अंग्रेजी बढ़ने और हिंदी के उपयोग को कम करने के उपयोग को ढूंढ रहे हों, यह संभवतः समूह ध्रुवीकरण का प्रभाव है। और जैसा ऊपर बताया गया है, यह समूह जनसंख्या का केवल 12.18% है। हिंदी का उपयोग निश्चित रूप से संचार के उद्देश्य के अनुरूप बेहतर होगा क्योंकि यह वर्षों से हुआ है लेकिन फिर हिंदी जल्द ही गायब होने के लिए कहीं भी नहीं है। जैसा कि अन्य उत्तरों में सूचीबद्ध है, यह भी सच है कि किसी की मूल भाषा में बात करना एक अपरिवर्तनीय अनुभव है, बहुमत इसे पसंद करते हैं और यह हिंदी के अस्तित्व के लिए और भी अधिक कारण जोड़ता है। विचार करने के लिए एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि आज की पीढ़ी दुनिया भर से ज्ञान प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी में और अधिक पढ़ती है और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के बराबर होती है। लेकिन अधिकांश आबादी इस भाषा को समझ में नहीं आता है। इसलिए, इस आबादी को पूरा करने के लिए किसी को हिंदी भाषा को पकड़ना और नौकरियां, उत्पाद बनाना और इस भाषा में सेवाएं प्रदान करना है। असल में कई मोबाइल ऐप कंपनियां हिंदी में अपने ऐप भी पेश कर रही हैं क्योंकि भारत का एक विशाल हिंदी बाजार है जिसे आसानी से टाला जा सकता है। शेयरकैट एक ऐसी ऐप है जिसे न केवल हिंदी में बल्कि कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी लॉन्च किया गया है। और इसकी बड़ी सफलता यह साबित करती है कि कैसे मूल भाषा केवल लोगों के साथ अच्छी तरह से जा सकती है।Aakado Ke Mutabik Bharat Mein Angrezi Bolne Walon Ki Sankhya 125 Million Hai Aur Yeh Bharat Ki Kul Aabadi Ka Sirf 12.18% Hai Iske Viparit Hindi Bhashi Logon Ki Sankhya 551 Million Hai Jo Bhartiya Logon Ka 53.60% Hai Isliye Bhale Hi Hum Mein Se Kai Angrezi Badhne Aur Hindi Ke Upyog Ko Kam Karne Ke Upyog Ko Dhundh Rahe Hon Yeh Sanbhavatah Samuh Dhruvikaran Ka Prabhav Hai Aur Jaisa Upar Bataya Gaya Hai Yeh Samuh Jansankhya Ka Kewal 12.18% Hai Hindi Ka Upyog Nishchit Roop Se Sanchar Ke Uddeshya Ke Anurup Behtar Hoga Kyonki Yeh Varshon Se Hua Hai Lekin Phir Hindi Jald Hi Gayab Hone Ke Liye Kahin Bhi Nahi Hai Jaisa Ki Anya Utaron Mein Suchibadh Hai Yeh Bhi Sach Hai Ki Kisi Ki Mul Bhasha Mein Baat Karna Ek Aparivartaneey Anubhav Hai Bahumat Ise Pasand Karte Hain Aur Yeh Hindi Ke Astitv Ke Liye Aur Bhi Adhik Kaaran Jodtha Hai Vichar Karne Ke Liye Ek Aur Mahatvapurna Tathya Yeh Hai Ki Aaj Ki Pidhi Duniya Bhar Se Gyaan Prapt Karne Ke Liye Angrezi Mein Aur Adhik Padhati Hai Aur Duniya Mein Sarvashrestha Ke Barabar Hoti Hai Lekin Adhikaansh Aabadi Is Bhasha Ko Samajh Mein Nahi Aata Hai Isliye Is Aabadi Ko Pura Karne Ke Liye Kisi Ko Hindi Bhasha Ko Pakadna Aur Naukriyan Utpaad Banana Aur Is Bhasha Mein Sevayen Pradan Karna Hai Asal Mein Kai Mobile App Companiyan Hindi Mein Apne App Bhi Pesh Kar Rahi Hain Kyonki Bharat Ka Ek Vishal Hindi Bazar Hai Jise Aasani Se Talla Ja Sakta Hai Sheyarakait Ek Aisi App Hai Jise N Kewal Hindi Mein Balki Kai Anya Kshetriya Bhashaon Mein Bhi Launch Kiya Gaya Hai Aur Iski Badi Safalta Yeh Saabit Karti Hai Ki Kaise Mul Bhasha Kewal Logon Ke Saath Acchi Tarah Se Ja Sakti Hai
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टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। फिर भी, 1 टेलीविजन विच्छेद करने के लिए कक्षा के समय का उपयोग करने के बारे में वैध चिंताएं हैं। एक मुद्दा यह है कि जटिल टेलीविज़न शो में वयस्क या ग्राफिक थीम कक्षा के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। एक और चिंता में शामिल है कि छात्र टेलीविजन पर कितना समय व्यतीत करते हैं।
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टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। फिर भी, 1 टेलीविजन विच्छेद करने के लिए कक्षा के समय का उपयोग करने के बारे में वैध चिंताएं हैं। एक मुद्दा यह है कि जटिल टेलीविज़न शो में वयस्क या ग्राफिक थीम कक्षा के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। एक और चिंता में शामिल है कि छात्र टेलीविजन पर कितना समय व्यतीत करते हैं।Television Show Upanyaas Ke Roop Mein Jatil Ho Sakte Hain Aur Chhatro Ko Yeh Jaanne Ke Avsar Pradan Kar Sakte Hain Ki Upanyaas Nahi Hain Phir Bhi 1 Television Vichched Karne Ke Liye Kaksha Ke Samay Ka Upyog Karne Ke Bare Mein Vaidh Chintaen Hain Ek Mudda Yeh Hai Ki Jatil Television Show Mein Vayask Ya Graphic Theme Kaksha Ke Liye Upayukt Nahi Hoti Hain Ek Aur Chinta Mein Shamil Hai Ki Chatra Television Par Kitna Samay Vyatit Karte Hain
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कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। लेकिन यह बच्चों पर एक गहरा असर छोड़ते हैं और वह इन से कई बातें सीख सकते हैं इस प्रकार टेलीविजन को साहित्य माना जा सकता है।
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कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। लेकिन यह बच्चों पर एक गहरा असर छोड़ते हैं और वह इन से कई बातें सीख सकते हैं इस प्रकार टेलीविजन को साहित्य माना जा सकता है। Kahaniyon Ko Aamtaur Par Sahitya Mana Jata Hai Jab Unke Paas Lambe Samay Tak Chalne Wale Kalatmak Ya Samajik Mulya Hote Hain Television Show Upanyaas Ke Roop Mein Jatil Ho Sakte Hain Aur Chhatro Ko Yeh Jaanne Ke Avsar Pradan Kar Sakte Hain Ki Upanyaas Nahi Hain Lekin Yeh Bacchon Par Ek Gehra Asar Chedate Hain Aur Wah In Se Kai Batein Seekh Sakte Hain Is Prakar Television Ko Sahitya Mana Ja Sakta Hai
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टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। फिर भी, टेलीविज़न को विच्छेदन करने के लिए कक्षा के समय का उपयोग करने के बारे में वैध चिंताएं हैं। एक मुद्दा यह है कि जटिल टेलीविज़न शो में वयस्क या ग्राफिक थीम कक्षा के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। यदि सही तरह से tv का उपयोग किया जाए तो यह साहित्य माना जा सकता है।
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टेलीविज़न शो उपन्यास के रूप में जटिल हो सकते हैं और छात्रों को यह जानने के अवसर प्रदान कर सकते हैं कि उपन्यास नहीं हैं। फिर भी, टेलीविज़न को विच्छेदन करने के लिए कक्षा के समय का उपयोग करने के बारे में वैध चिंताएं हैं। एक मुद्दा यह है कि जटिल टेलीविज़न शो में वयस्क या ग्राफिक थीम कक्षा के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। यदि सही तरह से tv का उपयोग किया जाए तो यह साहित्य माना जा सकता है।Television Show Upanyaas Ke Roop Mein Jatil Ho Sakte Hain Aur Chhatro Ko Yeh Jaanne Ke Avsar Pradan Kar Sakte Hain Ki Upanyaas Nahi Hain Phir Bhi Television Ko Vichedan Karne Ke Liye Kaksha Ke Samay Ka Upyog Karne Ke Bare Mein Vaidh Chintaen Hain Ek Mudda Yeh Hai Ki Jatil Television Show Mein Vayask Ya Graphic Theme Kaksha Ke Liye Upayukt Nahi Hoti Hain Yadi Sahi Tarah Se Tv Ka Upyog Kiya Jaye To Yeh Sahitya Mana Ja Sakta Hai
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पहली बार मौखिक रूप से परी कथाओं, लोकगीत, और महाकाव्य कविताओं के रूप में बताया गया था, और अंत में लिखा गया था। और जब तक हमारे पास कहानियां थीं, हमारे पास साहित्य था। कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। ओडिसी जैसे महाकाव्य कविताओं या उपन्यास जैसे टू किल ए मॉकिंगबर्ड को साहित्य माना जाता है क्योंकि उनके पास गहरा अर्थ है जो कहानी से परे जाते हैं। दोनों कहानियां सिर्फ पाठक का आनंद लेने से ज्यादा करने के लिए हैं। एक जेम्स उपन्यास, जैसे कि जेम्स पैटरसन पुस्तक, आप हवाई अड्डे पर खरीद सकते हैं, परंपरागत रूप से साहित्य नहीं माना जाएगा क्योंकि यह पाठक के मनोरंजन से कहीं ज्यादा कुछ नहीं करना है।
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पहली बार मौखिक रूप से परी कथाओं, लोकगीत, और महाकाव्य कविताओं के रूप में बताया गया था, और अंत में लिखा गया था। और जब तक हमारे पास कहानियां थीं, हमारे पास साहित्य था। कहानियों को आमतौर पर साहित्य माना जाता है जब उनके पास लंबे समय तक चलने वाले कलात्मक या सामाजिक मूल्य होते हैं। ओडिसी जैसे महाकाव्य कविताओं या उपन्यास जैसे टू किल ए मॉकिंगबर्ड को साहित्य माना जाता है क्योंकि उनके पास गहरा अर्थ है जो कहानी से परे जाते हैं। दोनों कहानियां सिर्फ पाठक का आनंद लेने से ज्यादा करने के लिए हैं। एक जेम्स उपन्यास, जैसे कि जेम्स पैटरसन पुस्तक, आप हवाई अड्डे पर खरीद सकते हैं, परंपरागत रूप से साहित्य नहीं माना जाएगा क्योंकि यह पाठक के मनोरंजन से कहीं ज्यादा कुछ नहीं करना है।Pehli Bar Maukhik Roop Se Pari Kathao Lokgeet Aur Mahakavya Kavitao Ke Roop Mein Bataya Gaya Tha Aur Ant Mein Likha Gaya Tha Aur Jab Tak Hamare Paas Kahaniya Thi Hamare Paas Sahitya Tha Kahaniyon Ko Aamtaur Par Sahitya Mana Jata Hai Jab Unke Paas Lambe Samay Tak Chalne Wale Kalatmak Ya Samajik Mulya Hote Hain Odisee Jaise Mahakavya Kavitao Ya Upanyaas Jaise To Kill A Makingabard Ko Sahitya Mana Jata Hai Kyonki Unke Paas Gehra Arth Hai Jo Kahani Se Pare Jaate Hain Dono Kahaniya Sirf Pathak Ka Anand Lene Se Jyada Karne Ke Liye Hain Ek Jems Upanyaas Jaise Ki Jems Patterson Pustak Aap Hawai Adde Par Kharid Sakte Hain Paramparagat Roop Se Sahitya Nahi Mana Jayega Kyonki Yeh Pathak Ke Manoranjan Se Kahin Jyada Kuch Nahi Karna Hai
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