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आयुर्वेद

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नहीं ! मुझे नहीं लगता कि यह उचित चीज है, कि जो आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की जो डॉक्टर एलोपेथिक का भी अभ्यास कर सकते हैं ;क्योंकि एलोपैथिक के जो ट्रीटमेंट है वह बहुत ही ज्यादा उसके लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है और वह जो चार पांच साल एमबीबीएस करते हैं एलोपैथी में वह भी अपने को कंप्लीट डॉक्टर महसूस नहीं करते हैं l ज्यादातर लोग एमडी करते हैं, एमएस करते हैं और हायर एजुकेशन के लिए जाते हैं, तब जाकर के वह महसूस करते हैं की उनको, जो अपनी डॉक्टरी की अच्छी परख हो गई है, और जो लोग आयुर्वेद और होमियोपैथी के डॉक्टर हैं अगर वह लोग एलोपैथी की प्रेक्टिस करने लगेंगे, तो इस देश का क्या होगा ? तो मैं नहीं समझता कि एक बहुत ही अच्छी कोई योजना है और जब तक जो डॉक्टर से उनकी आलोपैथी में उनको सर्टिफाइड ना हो, तब तक उनको एलोपैथी का प्रेक्टिस करने की परमिशन नहीं मिलनी चाहिए l
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नहीं ! मुझे नहीं लगता कि यह उचित चीज है, कि जो आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की जो डॉक्टर एलोपेथिक का भी अभ्यास कर सकते हैं ;क्योंकि एलोपैथिक के जो ट्रीटमेंट है वह बहुत ही ज्यादा उसके लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है और वह जो चार पांच साल एमबीबीएस करते हैं एलोपैथी में वह भी अपने को कंप्लीट डॉक्टर महसूस नहीं करते हैं l ज्यादातर लोग एमडी करते हैं, एमएस करते हैं और हायर एजुकेशन के लिए जाते हैं, तब जाकर के वह महसूस करते हैं की उनको, जो अपनी डॉक्टरी की अच्छी परख हो गई है, और जो लोग आयुर्वेद और होमियोपैथी के डॉक्टर हैं अगर वह लोग एलोपैथी की प्रेक्टिस करने लगेंगे, तो इस देश का क्या होगा ? तो मैं नहीं समझता कि एक बहुत ही अच्छी कोई योजना है और जब तक जो डॉक्टर से उनकी आलोपैथी में उनको सर्टिफाइड ना हो, तब तक उनको एलोपैथी का प्रेक्टिस करने की परमिशन नहीं मिलनी चाहिए lNahi ! Mujhe Nahi Lagta Ki Yeh Uchit Cheez Hai Ki Jo Ayurvedic Aur Homeopathic Ki Jo Doctor Elopethik Ka Bhi Abhyas Kar Sakte Hain Kyonki Allopathic Ke Jo Treatment Hai Wah Bahut Hi Jyada Uske Liye Training Ki Zaroorat Hoti Hai Aur Wah Jo Char Paanch Saal MBBS Karte Hain Allopathy Mein Wah Bhi Apne Ko Complete Doctor Mahsus Nahi Karte Hain L Jyadatar Log MD Karte Hain Ms Karte Hain Aur Hire Education Ke Liye Jaate Hain Tab Jaakar Ke Wah Mahsus Karte Hain Ki Unko Jo Apni Daktari Ki Acchi Parakh Ho Gayi Hai Aur Jo Log Ayurveda Aur Homeopathy Ke Doctor Hain Agar Wah Log Allopathy Ki Practice Karne Lagenge To Is Desh Ka Kya Hoga ? To Main Nahi Samajhata Ki Ek Bahut Hi Acchi Koi Yojana Hai Aur Jab Tak Jo Doctor Se Unki Alopaithi Mein Unko Certified Na Ho Tab Tak Unko Allopathy Ka Practice Karne Ki Permission Nahi Milani Chahiye L
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यदि आप टॉन्सिल का घरेलू उपाय जानना चाहते हैं देखिए जो सबसे जरूरी जो होता है किसके कारण जानना बहुत जरूरी होते हैं कि ऐसा क्यों होता है इसका प्रमुख कारण है क्योंकि जो ठंडा ठंडा हो सकती है आपको चावल क्या आप दूध मलाई या धूम पानी दूसरी कंपनी की चावल ना खाएं ज्यादा ठंडी पर चीजें ना पिए और भूत वाली यदि आप अपनी गली को हमेशा फ्रेश होकर यानी कि गर्म पानी से गए थे तो आपको बहुत लाभ मिलेगा और यदि आप एक गिलास पानी में एक एक चम्मच यदि आप अजवाइन लेकर बालू और ठंडा होने पर खोला जाएगा और यदि आप चाहें तो दो चुटकी हल्दी और आधी चुटकी जो होती है वह काली मिर्च और जो अदरक होता है एक चम्मच का जो यानी कि पैसा हुआ तो आप उसे लेकर रात में सोते समय गर्म करके और दो-तीन दिन तक TV आपको बहुत लाभ मिलेगा और चिंगारी को वालों का जो पानी होता है उससे
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यदि आप टॉन्सिल का घरेलू उपाय जानना चाहते हैं देखिए जो सबसे जरूरी जो होता है किसके कारण जानना बहुत जरूरी होते हैं कि ऐसा क्यों होता है इसका प्रमुख कारण है क्योंकि जो ठंडा ठंडा हो सकती है आपको चावल क्या आप दूध मलाई या धूम पानी दूसरी कंपनी की चावल ना खाएं ज्यादा ठंडी पर चीजें ना पिए और भूत वाली यदि आप अपनी गली को हमेशा फ्रेश होकर यानी कि गर्म पानी से गए थे तो आपको बहुत लाभ मिलेगा और यदि आप एक गिलास पानी में एक एक चम्मच यदि आप अजवाइन लेकर बालू और ठंडा होने पर खोला जाएगा और यदि आप चाहें तो दो चुटकी हल्दी और आधी चुटकी जो होती है वह काली मिर्च और जो अदरक होता है एक चम्मच का जो यानी कि पैसा हुआ तो आप उसे लेकर रात में सोते समय गर्म करके और दो-तीन दिन तक TV आपको बहुत लाभ मिलेगा और चिंगारी को वालों का जो पानी होता है उससेYadi Aap Tonsil Ka Gharelu Upay Janana Chahte Hain Dekhie Jo Sabse Zaroori Jo Hota Hai Kiske Kaaran Janana Bahut Zaroori Hote Hain Ki Aisa Kyun Hota Hai Iska Pramukh Kaaran Hai Kyonki Jo Thanda Thanda Ho Sakti Hai Aapko Chawal Kya Aap Dudh Malai Ya Dhoom Pani Dusri Company Ki Chawal Na Khayen Jyada Thandi Par Cheezen Na Pa Aur Bhoot Wali Yadi Aap Apni Gali Ko Hamesha Fresh Hokar Yani Ki Garam Pani Se Gaye The To Aapko Bahut Labh Milega Aur Yadi Aap Ek Gilas Pani Mein Ek Ek Chammach Yadi Aap Ajavain Lekar Baalu Aur Thanda Hone Par Khola Jayega Aur Yadi Aap Chahain To Do Chutki Haldi Aur Aadhi Chutki Jo Hoti Hai Wah Kali Mirch Aur Jo Adrak Hota Hai Ek Chammach Ka Jo Yani Ki Paisa Hua To Aap Use Lekar Raat Mein Sote Samay Garam Karke Aur Do Teen Din Tak TV Aapko Bahut Labh Milega Aur Chingaari Ko Walon Ka Jo Pani Hota Hai Usse
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तुलसी प्लांट किसी टच में बहुत सारे बेनिफिट्स होते हैं हेयर से लेकर 10 से लेकर बॉडी के पार्ट्स के लिए आयुर्वेदिक पॉप अप एक्स्ट्रा
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तुलसी प्लांट किसी टच में बहुत सारे बेनिफिट्स होते हैं हेयर से लेकर 10 से लेकर बॉडी के पार्ट्स के लिए आयुर्वेदिक पॉप अप एक्स्ट्राTulsi Plant Kisi Touch Mein Bahut Saare Benefits Hote Hain Hair Se Lekar 10 Se Lekar Body Ke Parts Ke Liye Ayurvedic Pop Up Extra
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देखे हम आपको लखनऊ में जो कुछ अच्छे डॉक्टर IPS के लिए हम उनको भी आपका नाम बता देते मैं आपको बताना चाहता हूं धरती Gopi Kishan लिखे कस्टम सेंट्रल के डॉक्टर लव कुमार का घर एक है डॉक्टर संजय कुमार सोमानी है जो बहुत अच्छे डॉक्टर डॉक्टर अमित प्रकाश श्रीवास्तव आई है डॉक्टर प्रोफेसर मैम चंद्रा एक है और डॉक्टर अंकुर सिंह एक है लखनऊ गेस्ट्रोलॉजी क्लीनिक है डॉक्टर संजय श्रीवास्तव है क्या यह सारे लखनऊ के बहुत ही अच्छे माने जाने डॉक्टर है आप किसी भी डॉक्टर के पास जाकर ट्रीटमेंट करा सकते हैं
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देखे हम आपको लखनऊ में जो कुछ अच्छे डॉक्टर IPS के लिए हम उनको भी आपका नाम बता देते मैं आपको बताना चाहता हूं धरती Gopi Kishan लिखे कस्टम सेंट्रल के डॉक्टर लव कुमार का घर एक है डॉक्टर संजय कुमार सोमानी है जो बहुत अच्छे डॉक्टर डॉक्टर अमित प्रकाश श्रीवास्तव आई है डॉक्टर प्रोफेसर मैम चंद्रा एक है और डॉक्टर अंकुर सिंह एक है लखनऊ गेस्ट्रोलॉजी क्लीनिक है डॉक्टर संजय श्रीवास्तव है क्या यह सारे लखनऊ के बहुत ही अच्छे माने जाने डॉक्टर है आप किसी भी डॉक्टर के पास जाकर ट्रीटमेंट करा सकते हैंDekhe Hum Aapko Lucknow Mein Jo Kuch Acche Doctor IPS Ke Liye Hum Unko Bhi Aapka Naam Bata Dete Main Aapko Batana Chahta Hoon Dharti Gopi Kishan Likhe Custom Central Ke Doctor Love Kumar Ka Ghar Ek Hai Doctor Sanjay Kumar Somani Hai Jo Bahut Acche Doctor Doctor Amit Prakash Srivastava Eye Hai Doctor Professor Ma'am Chandra Ek Hai Aur Doctor Ankur Singh Ek Hai Lucknow Gestrolaji Clinic Hai Doctor Sanjay Srivastava Hai Kya Yeh Sare Lucknow Ke Bahut Hi Acche Mane Jaane Doctor Hai Aap Kisi Bhi Doctor Ke Paas Jaakar Treatment Kra Sakte Hain
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अखिलेश के ऊपर डिपेंड करता है कि आयुर्वेदा की तरह सोलंकी
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अखिलेश के ऊपर डिपेंड करता है कि आयुर्वेदा की तरह सोलंकीAkhilesh Ke Upar Depend Karta Hai Ki Ayurveda Ki Tarah Solanki
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आपने पूछा है कि किडनी स्टोन के लिए आयुर्वेदिक दवाई ले सकते हैं भैया आयुर्वेद के सिवा किसी और थेरेपी से किडनी की जो पथरी है वो निकल ही नहीं सकती है हां कुछ हद तक होम्योपैथी दवाई निकाल देती है जितना आयुर्वेद के अंदर इलाज है पथरी के लिए ऐसा वर्ल्ड की कोई भी और थेरेपी में नहीं है तो आप आयुर्वेदिक कोई भी डॉक्टर से अपना जो सोनोग्राफी रिपोर्ट करवाकर मिली कितना एमएम है कितनी साइज की है कहां पर है उसके हिसाब से वह दवाई देंगे आप चाहे तो हमसे भी व्हाट्सएप पर कांटेक्ट कर सकते हैं हमारा नंबर है ट्रिपल आईटी 129
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आपने पूछा है कि किडनी स्टोन के लिए आयुर्वेदिक दवाई ले सकते हैं भैया आयुर्वेद के सिवा किसी और थेरेपी से किडनी की जो पथरी है वो निकल ही नहीं सकती है हां कुछ हद तक होम्योपैथी दवाई निकाल देती है जितना आयुर्वेद के अंदर इलाज है पथरी के लिए ऐसा वर्ल्ड की कोई भी और थेरेपी में नहीं है तो आप आयुर्वेदिक कोई भी डॉक्टर से अपना जो सोनोग्राफी रिपोर्ट करवाकर मिली कितना एमएम है कितनी साइज की है कहां पर है उसके हिसाब से वह दवाई देंगे आप चाहे तो हमसे भी व्हाट्सएप पर कांटेक्ट कर सकते हैं हमारा नंबर है ट्रिपल आईटी 129Aapne Puchha Hai Ki KIDNEY Stone Ke Liye Ayurvedic Dawai Le Sakte Hain Bhaiya Ayurveda Ke Siva Kisi Aur Therepy Se KIDNEY Ki Jo Pathari Hai Vo Nikal Hi Nahi Sakti Hai Haan Kuch Had Tak Homoeopathy Dawai Nikaal Deti Hai Jitna Ayurveda Ke Andar Ilaj Hai Pathari Ke Liye Aisa World Ki Koi Bhi Aur Therepy Mein Nahi Hai Toh Aap Ayurvedic Koi Bhi Doctor Se Apna Jo Sonography Report Karvakar Mili Kitna Mm Hai Kitni Size Ki Hai Kahaan Par Hai Uske Hisab Se Wah Dawai Denge Aap Chahe Toh Humse Bhi Whatsapp Par Contact Kar Sakte Hain Hamara Number Hai Triple It 129
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टाइप 1 मधुमेह (डायबिटीज़) के प्रबंधन में आयुर्वेदिक दवाएं अप्रभावी हैं। हालांकि, जब टाइप 2 मधुमेह की बात आती है, तो कुछ आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं, जो वास्तव में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, और ये दवाएं एलोपैथिक दवा के दुष्प्रभावों से मुक्त होती हैं।
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टाइप 1 मधुमेह (डायबिटीज़) के प्रबंधन में आयुर्वेदिक दवाएं अप्रभावी हैं। हालांकि, जब टाइप 2 मधुमेह की बात आती है, तो कुछ आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं, जो वास्तव में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, और ये दवाएं एलोपैथिक दवा के दुष्प्रभावों से मुक्त होती हैं।Type 1 Madhumeh Diabetes Ke Prabandhan Mein Ayurvedic Davayain Aprabhavi Hain Halanki Jab Type 2 Madhumeh Ki Baat Aati Hai To Kuch Ayurvedic Davayain Hoti Hain Jo Vaastav Mein Sugar Ke Sthar Ko Niyantrit Karne Mein Madad Karti Hain Aur Yeh Davayain Allopathic Dawa Ke Dushprabhavo Se Mukt Hoti Hain
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मधुमेह के साथ एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना संभव है, लाखों मधुमेह रोगी आयुर्वेद के साथ अपने रक्त शर्करा का स्तर प्रबंधित करते हैं, और मधुमेह के लिए समय पर इलाज की उपेक्षा के कारण प्रमुख स्वास्थ्य जटिलताओं की शुरुआत से बचते हैं, अपने मधुमेह के मूल कारण को समझें, आयुर्वेद के साथ इसका प्रबंधन करें और इसका इलाज करें, आगे स्वास्थ्य समस्याओं के अपने जोखिम को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं।
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मधुमेह के साथ एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना संभव है, लाखों मधुमेह रोगी आयुर्वेद के साथ अपने रक्त शर्करा का स्तर प्रबंधित करते हैं, और मधुमेह के लिए समय पर इलाज की उपेक्षा के कारण प्रमुख स्वास्थ्य जटिलताओं की शुरुआत से बचते हैं, अपने मधुमेह के मूल कारण को समझें, आयुर्वेद के साथ इसका प्रबंधन करें और इसका इलाज करें, आगे स्वास्थ्य समस्याओं के अपने जोखिम को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाएं।Madhumeh Ke Saath Ek Swasth Aur Khushahal Jeevan Jeena Sambhav Hai Laakhon Madhumeh Rogi Ayurveda Ke Saath Apne Rakta Sharkara Ka Sthar Prabandhit Karte Hain Aur Madhumeh Ke Liye Samay Par Ilaj Ki Upeksha Ke Kaaran Pramukh Swasthya Jatillataon Ki Shuruvat Se Bachte Hain Apne Madhumeh Ke Mul Kaaran Ko Samajhe Ayurveda Ke Saath Iska Prabandhan Karen Aur Iska Ilaj Karen Aage Swasthya Samasyaon Ke Apne Jokhim Ko Kam Karne Ke Liye Sakriy Kadam Uthaen
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आयुर्वेद के अनुसार, अमरुद एक कसैला, स्वादिष्ट, भारी, शीतल, कफकारक, अम्लीय, वात-पित शामक, शुक्रजनक, तीक्ष्ण, तृष्णा, कृमि, मूर्च्छा, भ्रम, उन्माद, शोथ, विषम ज्वर नाशक फल है । पेट साफ कर कब्ज़ियत दूर करने में सर्वोत्तम है। भोजन के पश्चात् खाने से पाचन क्रिया सुधारता है और भोजन के पूर्व खाने से अतिसार में लाभकारी है। शीतकाल के फल अधिक बलकारी और तृप्तिदायक होते हैं।यूनानी चिकित्सा के अनुसार, अमरूद में पहले दर्जे की ठंडी और दूसरे दर्जे की ऊष्ण प्रकृति होती है। यह रक्तदोष जन्य शरीर के चकत्ते, दूषित व्रण व मसूढ़ों की सूजन को दूर करने में सर्वोत्तम है।वैज्ञानिक मतानुसार अमरूद की रासायनिक बनावट में पानी 89.9, कार्बोहाइड्रेट 14.9, प्रोटीन 1.5, वसा 1.2, खनिज-लवण 1.8 प्रतिशत पाए जाते हैं। इसके अलावा पर्याप्त विटामिन ‘सी’, कैल्शियम, फास्फोरस व आयरन भी पाया जाता है। अमरूद के पत्तों में राल, वसा, काष्टोज, टेनिन, उड़नशील तेल और खनिज लवण होते हैं।
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आयुर्वेद के अनुसार, अमरुद एक कसैला, स्वादिष्ट, भारी, शीतल, कफकारक, अम्लीय, वात-पित शामक, शुक्रजनक, तीक्ष्ण, तृष्णा, कृमि, मूर्च्छा, भ्रम, उन्माद, शोथ, विषम ज्वर नाशक फल है । पेट साफ कर कब्ज़ियत दूर करने में सर्वोत्तम है। भोजन के पश्चात् खाने से पाचन क्रिया सुधारता है और भोजन के पूर्व खाने से अतिसार में लाभकारी है। शीतकाल के फल अधिक बलकारी और तृप्तिदायक होते हैं।यूनानी चिकित्सा के अनुसार, अमरूद में पहले दर्जे की ठंडी और दूसरे दर्जे की ऊष्ण प्रकृति होती है। यह रक्तदोष जन्य शरीर के चकत्ते, दूषित व्रण व मसूढ़ों की सूजन को दूर करने में सर्वोत्तम है।वैज्ञानिक मतानुसार अमरूद की रासायनिक बनावट में पानी 89.9, कार्बोहाइड्रेट 14.9, प्रोटीन 1.5, वसा 1.2, खनिज-लवण 1.8 प्रतिशत पाए जाते हैं। इसके अलावा पर्याप्त विटामिन ‘सी’, कैल्शियम, फास्फोरस व आयरन भी पाया जाता है। अमरूद के पत्तों में राल, वसा, काष्टोज, टेनिन, उड़नशील तेल और खनिज लवण होते हैं।Ayurveda Ke Anusar Amarood Ek Kasaila Svaadisht Bhari Shital Kafakarak Amliya Vaat Pit Shamak Shukrajanak Teekshn Trishna Krimi Murccha Bharam Unmaad Shouth Wisam Jvar Nashak Fal Hai Pet Saaf Kar Kabziyat Dur Karne Mein Sarvottam Hai Bhojan Ke Paschat Khane Se Pachan Kriya Sudhaarata Hai Aur Bhojan Ke Purv Khane Se Atisar Mein Labhakari Hai Sheetkal Ke Fal Adhik Balkari Aur Triptidayak Hote Hain Unani Chikitsa Ke Anusar Aamrud Mein Pehle Darje Ki Thandi Aur Dusre Darje Ki Ushn Prakriti Hoti Hai Yeh Raktadosh Janya Sharir Ke Chakatte Dushit Vran V Masudhon Ki Sujan Ko Dur Karne Mein Sarvottam Hai Vaigyanik Matanusar Aamrud Ki Rasaynik Banawat Mein Pani 89.9, Carbohydrate 14.9, Protein 1.5, Vasa 1.2, Khaniz Lavan 1.8 Pratishat Paye Jaate Hain Iske Alava Paryapt Vitamin Si Calcium Phosphorus V Iron Bhi Paya Jata Hai Aamrud Ke Patton Mein Raal Vasa Kashtoj Tenin Udanshil Tel Aur Khaniz Lavan Hote Hain
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एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार करने के लिए सुबह शाम एक गिलास पानी के साथ आँवले का चूरन खायें। इसके बाद आधे घंटे तक कुछ और नहीं खाना है। इसकी जगह आप एक चम्मच आँवले का रस भी पी सकते हैं।2. एसिडिटी कंट्रोल करने के लिए अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को छानकर गुनगुना पियें। अदरक की चाय भी एसिडिटी से छुटकारा देती है। 3. एसिडिटी और पेट में जलन होने पर एलोवेरा जूस पीना लाभदायक होता है। हर दिन एलोवेरा जूस पीने वाले लोगों को पेट में एसिडिटी की समस्या नहीं होती है।4. मुलेठी का काढ़ा बनाकर पियें, इससे एसिडिटी के साथ-साथ गले की जलन भी ख़त्म होती है। मुलेठी का चूरन भी लाभदायक है।5. एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए 1 गिलास पानी में नीम की छाल को रात भर भीगने दें। सुबह इस पानी को छानकर पिएं। आप नीम की छाल का चूरन बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।6. अश्वगंधा से एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपाय किया जा सकता है। एक गिलास दूध में चुटकी भर अश्वगंधा मिलाकर पीने से अम्लपित्त ख़त्म होती है।7. मुन्नका अम्लता खत्म करने में कारगर है। मुन्नका को एक गिलास दूध में उबालकर खायें। गुलकंद भी अम्लपित्त खत्म कर सकता है।8. गिलोय की जड़ के 7 छोटे-छोटे टुकड़े पानी में उबालें। गुनगुना होने पर इसे घूँट-घूँटकर पीने से एसिडिटी से निजात मिलती है।9. यष्टि मधु और दालचीनी चूरन को शहद के साथ मिलाकर गोलियाँ बनायें। फिर इन्हें आवश्यकतानुसार चूसें।. 1-1 चम्मच जीरा, सौंफ, अजवाइन और सावा के बीज पानी में उबालें। इसे छानकर पानी को दिन में 2-3 बार पिएं। इस प्रयोग से पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
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एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार करने के लिए सुबह शाम एक गिलास पानी के साथ आँवले का चूरन खायें। इसके बाद आधे घंटे तक कुछ और नहीं खाना है। इसकी जगह आप एक चम्मच आँवले का रस भी पी सकते हैं।2. एसिडिटी कंट्रोल करने के लिए अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को छानकर गुनगुना पियें। अदरक की चाय भी एसिडिटी से छुटकारा देती है। 3. एसिडिटी और पेट में जलन होने पर एलोवेरा जूस पीना लाभदायक होता है। हर दिन एलोवेरा जूस पीने वाले लोगों को पेट में एसिडिटी की समस्या नहीं होती है।4. मुलेठी का काढ़ा बनाकर पियें, इससे एसिडिटी के साथ-साथ गले की जलन भी ख़त्म होती है। मुलेठी का चूरन भी लाभदायक है।5. एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए 1 गिलास पानी में नीम की छाल को रात भर भीगने दें। सुबह इस पानी को छानकर पिएं। आप नीम की छाल का चूरन बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।6. अश्वगंधा से एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपाय किया जा सकता है। एक गिलास दूध में चुटकी भर अश्वगंधा मिलाकर पीने से अम्लपित्त ख़त्म होती है।7. मुन्नका अम्लता खत्म करने में कारगर है। मुन्नका को एक गिलास दूध में उबालकर खायें। गुलकंद भी अम्लपित्त खत्म कर सकता है।8. गिलोय की जड़ के 7 छोटे-छोटे टुकड़े पानी में उबालें। गुनगुना होने पर इसे घूँट-घूँटकर पीने से एसिडिटी से निजात मिलती है।9. यष्टि मधु और दालचीनी चूरन को शहद के साथ मिलाकर गोलियाँ बनायें। फिर इन्हें आवश्यकतानुसार चूसें।. 1-1 चम्मच जीरा, सौंफ, अजवाइन और सावा के बीज पानी में उबालें। इसे छानकर पानी को दिन में 2-3 बार पिएं। इस प्रयोग से पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।Acidity Ka Ayurvedic Upchaar Karne Ke Liye Subah Shaam Ek Gilas Pani Ke Saath Aanvale Ka Chooran Khaayen Iske Baad Aadhe Ghante Tak Kuch Aur Nahi Khana Hai Iski Jagah Aap Ek Chammach Aanvale Ka Ras Bhi P Sakte Hain Acidity Control Karne Ke Liye Adrak Ko Chote Chote Tukdo Mein Katkar Pani Mein Ubaal Lein Phir Is Pani Ko Chanakar Gunaguna Piyen Adrak Ki Chai Bhi Acidity Se Chhutkara Deti Hai Acidity Aur Pet Mein Jalan Hone Par Aloevera Juice Peena Labhdayak Hota Hai Har Din Aloevera Juice Peene Wale Logon Ko Pet Mein Acidity Ki Samasya Nahi Hoti Hai Mulethi Ka Kaadha Banakar Piyen Isse Acidity Ke Saath Saath Gale Ki Jalan Bhi Khatam Hoti Hai Mulethi Ka Chooran Bhi Labhdayak Hai Acidity Se Chhutkara Pane Ke Liye 1 Gilas Pani Mein Neem Ki Chaal Ko Raat Bhar Bhigne Dein Subah Is Pani Ko Chanakar Pien Aap Neem Ki Chaal Ka Chooran Banakar Bhi Istemal Kar Sakte Hain Ashawagandha Se Acidity Ka Ayurvedic Upay Kiya Ja Sakta Hai Ek Gilas Dudh Mein Chutakee Bhar Ashawagandha Milakar Peene Se Amlapitt Khatam Hoti Hai Munnaka Amlata Khatam Karne Mein Kargar Hai Munnaka Ko Ek Gilas Dudh Mein Ubalakar Khaayen Gulkand Bhi Amlapitt Khatam Kar Sakta Hai Giloy Ki Jad Ke 7 Chote Chote Tukade Pani Mein Ubaalen Gunaguna Hone Par Ise Ghunt Ghuntakar Peene Se Acidity Se Nijat Milti Hai Yashti Madhu Aur Daalchini Chooran Ko Shahed Ke Saath Milakar Goliyan Banayen Phir Inhen Aavashyakataanusaar Chooshan 1-1 Chammach Jeera Sounf Ajavain Aur Sava Ke Beej Pani Mein Ubaalen Ise Chanakar Pani Ko Din Mein 2-3 Bar Pien Is Prayog Se Pet Ki Samasyaon Se Chhutkara Milega
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बवासीर का उपचार1. नियमित व्यायाम अति आवश्यक है।2. फलों का ताज़ा रस और सब्ज़ियों का सूप फ़ायदेमंद है।3. रोज़ाना 4 लीटर पानी पीने की आदत बनाएं।4. ख़ूनी बवासीर हो तो नींबू को काटपर उस पर पिसा कत्था लगाकर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इनका रस चूस लें। इसके लिए 15 मिनट का समय रखें। उदड़ दाल और मांस मछली से परहेज़ करने ज़रूरत है। इस प्रयोग को 5 दिन करने के बाद आप फ़ायदा स्वयँ महसूस करेंगे।5. एक केले को बीच से काटकर उस पर पिसा कत्था छिड़ककर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इसका सेवन करें। एक सप्ताह में अपको परिणाम दिख जाएंगे।6. 10 ग्राम धुले हुए तिल और ताज़ा मक्खन चबाकर खाने से ख़ूनी बवासीर का इलाज सम्भव है।7. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून लीजिए। ठंडी करके इसका पाउडर बना लें। रोज़ सुबह ख़ाली पेट यह बड़ी इलायची का भुना चूर्ण लेने से कब्ज़ की शिक़ायत दूर हो जाती है।8. रसेदार खाद्य वस्तुओं का सेवन अपने भोजन में अवश्यक करें। सेब, संतरा, नींबू और दही आदि काफ़ी लाभकारी है।9. 1 चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से बवासीर का इलाज कर पाना संभव है।10. 50 ग्राम रीठे को तवे पर रखकर नीचे आग जलाएं। आधे घंटे बाद रीठे भस्म हो जाएंगे। इस भस्म को ठंडा होने के बाद पीसकर बारीक़ कर लें। अब 20 ग्राम रीठे की भस्म, 10 ग्राम सफेद कत्था और 3 ग्राम कुश्ता फोलाद पीसकर चूर्ण बनाएं। 1 ग्राम चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन और 1 गिलास दूध के साथ रोज़ लें। ये उपाय 15 दिन करने से ख़ूनी बवासीर का इलाज हो जाएगा।
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बवासीर का उपचार1. नियमित व्यायाम अति आवश्यक है।2. फलों का ताज़ा रस और सब्ज़ियों का सूप फ़ायदेमंद है।3. रोज़ाना 4 लीटर पानी पीने की आदत बनाएं।4. ख़ूनी बवासीर हो तो नींबू को काटपर उस पर पिसा कत्था लगाकर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इनका रस चूस लें। इसके लिए 15 मिनट का समय रखें। उदड़ दाल और मांस मछली से परहेज़ करने ज़रूरत है। इस प्रयोग को 5 दिन करने के बाद आप फ़ायदा स्वयँ महसूस करेंगे।5. एक केले को बीच से काटकर उस पर पिसा कत्था छिड़ककर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इसका सेवन करें। एक सप्ताह में अपको परिणाम दिख जाएंगे।6. 10 ग्राम धुले हुए तिल और ताज़ा मक्खन चबाकर खाने से ख़ूनी बवासीर का इलाज सम्भव है।7. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून लीजिए। ठंडी करके इसका पाउडर बना लें। रोज़ सुबह ख़ाली पेट यह बड़ी इलायची का भुना चूर्ण लेने से कब्ज़ की शिक़ायत दूर हो जाती है।8. रसेदार खाद्य वस्तुओं का सेवन अपने भोजन में अवश्यक करें। सेब, संतरा, नींबू और दही आदि काफ़ी लाभकारी है।9. 1 चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से बवासीर का इलाज कर पाना संभव है।10. 50 ग्राम रीठे को तवे पर रखकर नीचे आग जलाएं। आधे घंटे बाद रीठे भस्म हो जाएंगे। इस भस्म को ठंडा होने के बाद पीसकर बारीक़ कर लें। अब 20 ग्राम रीठे की भस्म, 10 ग्राम सफेद कत्था और 3 ग्राम कुश्ता फोलाद पीसकर चूर्ण बनाएं। 1 ग्राम चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन और 1 गिलास दूध के साथ रोज़ लें। ये उपाय 15 दिन करने से ख़ूनी बवासीर का इलाज हो जाएगा। Bawasir Ka Upchaar Niyamit Vyayam Ati Aavashyak Hai Faloon Ka Taza Ras Aur Sabziyon Ka Soup Fayademand Hai Rozaana 4 Liter Pani Peene Ki Aadat Banaye Khuni Bawasir Ho To Nimboo Ko Katapar Us Par Pisa Kattha Lagakar Raat Bhar Khuli Chhat Par Rakhen Aur Subah Jagate Hi Inka Ras Chus Lein Iske Liye 15 Minute Ka Samay Rakhen Udad Dal Aur Maans Machli Se Parahez Karne Zaroorat Hai Is Prayog Ko 5 Din Karne Ke Baad Aap Fayda Swayan Mahsus Karenge Ek Kele Ko Bich Se Katkar Us Par Pisa Kattha CHIRAKKARA Raat Bhar Khuli Chhat Par Rakhen Aur Subah Jagate Hi Iska Seven Karen Ek Saptah Mein Apako Parinam Dikh Jaenge 10 Gram Dhule Huye Til Aur Taza Makhan Chabaakar Khane Se Khuni Bawasir Ka Ilaj Sambhav Hai 50 Gram Badi Elaichi Ko Twe Par Bhoon Lijiye Thandi Karke Iska Powder Bana Lein Rose Subah Khali Pet Yeh Badi Elaichi Ka Bhuna Churn Lene Se Qabz Ki Shiqayat Dur Ho Jati Hai Rasedar Khadya Vastuon Ka Seven Apne Bhojan Mein Avashayak Karen Seb Santara Nimboo Aur Dahi Aadi Kaafi Labhakari Hai 1 Chammach Shahed Mein Ek Chauthai Chammach Daalchini Powder Milakar Khane Se Bawasir Ka Ilaj Kar Pana Sambhav Hai 50 Gram Rithe Ko Twe Par Rakhakar Neeche Aag Jalaen Aadhe Ghante Baad Rithe Bhasm Ho Jaenge Is Bhasm Ko Thanda Hone Ke Baad Piskar Bariq Kar Lein Ab 20 Gram Rithe Ki Bhasm 10 Gram Safed Kattha Aur 3 Gram Kushta Folad Piskar Churn Banaye 1 Gram Churn Ko 20 Gram Makhan Aur 1 Gilas Dudh Ke Saath Rose Lein Yeh Upay 15 Din Karne Se Khuni Bawasir Ka Ilaj Ho Jayega
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बवासीर के लक्षण1. मल त्याग के समय पीड़ा और रक्त स्राव 2. गुदा द्वार के आस पास सूजन, जलन और दर्द 3. कब्ज़, ख़राब हाज़मा और भूख में कमी, साथ ही पेट में गैस की समस्या4. शारीरिक कमज़ोरी होना और चेहरे में सूजन रहना आयुर्वेद में बवासीर का उपचार1. नियमित व्यायाम अति आवश्यक है।2. फलों का ताज़ा रस और सब्ज़ियों का सूप फ़ायदेमंद है।3. रोज़ाना 4 लीटर पानी पीने की आदत बनाएं।4. ख़ूनी बवासीर हो तो नींबू को काटपर उस पर पिसा कत्था लगाकर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इनका रस चूस लें। इसके लिए 15 मिनट का समय रखें। उदड़ दाल और मांस मछली से परहेज़ करने ज़रूरत है। इस प्रयोग को 5 दिन करने के बाद आप फ़ायदा स्वयँ महसूस करेंगे।5. एक केले को बीच से काटकर उस पर पिसा कत्था छिड़ककर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इसका सेवन करें। एक सप्ताह में अपको परिणाम दिख जाएंगे।6.10 ग्राम धुले हुए तिल और ताज़ा मक्खन चबाकर खाने से ख़ूनी बवासीर का इलाज सम्भव है।7. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून लीजिए। ठंडी करके इसका पाउडर बना लें। रोज़ सुबह ख़ाली पेट यह बड़ी इलायची का भुना चूर्ण लेने से कब्ज़ की शिक़ायत दूर हो जाती है।8. रसेदार खाद्य वस्तुओं का सेवन अपने भोजन में अवश्यक करें। सेब, संतरा, नींबू और दही आदि काफ़ी लाभकारी है। 1 चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से बवासीर का इलाज कर पाना संभव है।10. 50 ग्राम रीठे को तवे पर रखकर नीचे आग जलाएं। आधे घंटे बाद रीठे भस्म हो जाएंगे। इस भस्म को ठंडा होने के बाद पीसकर बारीक़ कर लें। अब 20 ग्राम रीठे की भस्म, 10 ग्राम सफेद कत्था और 3 ग्राम कुश्ता फोलाद पीसकर चूर्ण बनाएं। 1 ग्राम चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन और 1 गिलास दूध के साथ रोज़ लें। ये उपाय 15 दिन करने से ख़ूनी बवासीर का इलाज हो जाएगा।
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बवासीर के लक्षण1. मल त्याग के समय पीड़ा और रक्त स्राव 2. गुदा द्वार के आस पास सूजन, जलन और दर्द 3. कब्ज़, ख़राब हाज़मा और भूख में कमी, साथ ही पेट में गैस की समस्या4. शारीरिक कमज़ोरी होना और चेहरे में सूजन रहना आयुर्वेद में बवासीर का उपचार1. नियमित व्यायाम अति आवश्यक है।2. फलों का ताज़ा रस और सब्ज़ियों का सूप फ़ायदेमंद है।3. रोज़ाना 4 लीटर पानी पीने की आदत बनाएं।4. ख़ूनी बवासीर हो तो नींबू को काटपर उस पर पिसा कत्था लगाकर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इनका रस चूस लें। इसके लिए 15 मिनट का समय रखें। उदड़ दाल और मांस मछली से परहेज़ करने ज़रूरत है। इस प्रयोग को 5 दिन करने के बाद आप फ़ायदा स्वयँ महसूस करेंगे।5. एक केले को बीच से काटकर उस पर पिसा कत्था छिड़ककर रात भर खुली छत पर रखें और सुबह जगते ही इसका सेवन करें। एक सप्ताह में अपको परिणाम दिख जाएंगे।6.10 ग्राम धुले हुए तिल और ताज़ा मक्खन चबाकर खाने से ख़ूनी बवासीर का इलाज सम्भव है।7. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून लीजिए। ठंडी करके इसका पाउडर बना लें। रोज़ सुबह ख़ाली पेट यह बड़ी इलायची का भुना चूर्ण लेने से कब्ज़ की शिक़ायत दूर हो जाती है।8. रसेदार खाद्य वस्तुओं का सेवन अपने भोजन में अवश्यक करें। सेब, संतरा, नींबू और दही आदि काफ़ी लाभकारी है। 1 चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से बवासीर का इलाज कर पाना संभव है।10. 50 ग्राम रीठे को तवे पर रखकर नीचे आग जलाएं। आधे घंटे बाद रीठे भस्म हो जाएंगे। इस भस्म को ठंडा होने के बाद पीसकर बारीक़ कर लें। अब 20 ग्राम रीठे की भस्म, 10 ग्राम सफेद कत्था और 3 ग्राम कुश्ता फोलाद पीसकर चूर्ण बनाएं। 1 ग्राम चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन और 1 गिलास दूध के साथ रोज़ लें। ये उपाय 15 दिन करने से ख़ूनी बवासीर का इलाज हो जाएगा।Bawasir Ke Lakshan Mal Tyag Ke Samay Pida Aur Rakta Srav Guda Dwar Ke Aas Paas Sujan Jalan Aur Dard Qabz Kharab Haajmaa Aur Bhukh Mein Kami Saath Hi Pet Mein Gas Ki Samasya Shaaririk Kamzori Hona Aur Chehare Mein Sujan Rehna Ayurveda Mein Bawasir Ka Upchaar Niyamit Vyayam Ati Aavashyak Hai Faloon Ka Taza Ras Aur Sabziyon Ka Soup Fayademand Hai Rozaana 4 Liter Pani Peene Ki Aadat Banaye Khuni Bawasir Ho To Nimboo Ko Katapar Us Par Pisa Kattha Lagakar Raat Bhar Khuli Chhat Par Rakhen Aur Subah Jagate Hi Inka Ras Chus Lein Iske Liye 15 Minute Ka Samay Rakhen Udad Dal Aur Maans Machli Se Parahez Karne Zaroorat Hai Is Prayog Ko 5 Din Karne Ke Baad Aap Fayda Swayan Mahsus Karenge Ek Kele Ko Bich Se Katkar Us Par Pisa Kattha CHIRAKKARA Raat Bhar Khuli Chhat Par Rakhen Aur Subah Jagate Hi Iska Seven Karen Ek Saptah Mein Apako Parinam Dikh Jaenge Gram Dhule Huye Til Aur Taza Makhan Chabaakar Khane Se Khuni Bawasir Ka Ilaj Sambhav Hai 50 Gram Badi Elaichi Ko Twe Par Bhoon Lijiye Thandi Karke Iska Powder Bana Lein Rose Subah Khali Pet Yeh Badi Elaichi Ka Bhuna Churn Lene Se Qabz Ki Shiqayat Dur Ho Jati Hai Rasedar Khadya Vastuon Ka Seven Apne Bhojan Mein Avashayak Karen Seb Santara Nimboo Aur Dahi Aadi Kaafi Labhakari Hai 1 Chammach Shahed Mein Ek Chauthai Chammach Daalchini Powder Milakar Khane Se Bawasir Ka Ilaj Kar Pana Sambhav Hai 50 Gram Rithe Ko Twe Par Rakhakar Neeche Aag Jalaen Aadhe Ghante Baad Rithe Bhasm Ho Jaenge Is Bhasm Ko Thanda Hone Ke Baad Piskar Bariq Kar Lein Ab 20 Gram Rithe Ki Bhasm 10 Gram Safed Kattha Aur 3 Gram Kushta Folad Piskar Churn Banaye 1 Gram Churn Ko 20 Gram Makhan Aur 1 Gilas Dudh Ke Saath Rose Lein Yeh Upay 15 Din Karne Se Khuni Bawasir Ka Ilaj Ho Jayega
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अपने अपनी उम्र नहीं बताइए गैस्ट्रिक प्रॉब्लम है तो बहुत सारे प्रॉब्लम आते हैं गैस बनना करना बार-बार खट्टे डकार आना हाइपरएसिडिटी लीवर की तरह दर्द होना लीवर की साइट क्या है आपने नहीं बताया तो आप कौन से डॉक्टर के पास जाए हमसे भी कांटेक्ट कर सकते हैं
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अपने अपनी उम्र नहीं बताइए गैस्ट्रिक प्रॉब्लम है तो बहुत सारे प्रॉब्लम आते हैं गैस बनना करना बार-बार खट्टे डकार आना हाइपरएसिडिटी लीवर की तरह दर्द होना लीवर की साइट क्या है आपने नहीं बताया तो आप कौन से डॉक्टर के पास जाए हमसे भी कांटेक्ट कर सकते हैंApne Apni Umar Nahi Bataiye Gastric Problem Hai Toh Bahut Saare Problem Aate Hain Gas Banana Karna Baar Baar Khatte Dakar Aana Haiparaesiditi Liver Ki Tarah Dard Hona Liver Ki Site Kya Hai Aapne Nahi Bataya Toh Aap Kaun Se Doctor Ke Paas Jaye Humse Bhi Contact Kar Sakte Hain
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आयुर्वेद के अनुसार, नींबू के फल (नींबू, अंगूर, नारंगी, और टेंगेरिन) और अनार 10-10 से 3 बजे के बीच खाने के लिए बेहतर होते हैं, यानी दोपहर के भोजन से पहले। तरबूज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सख्ती से खाया जाना चाहिए। मेलन एक अलग नाश्ता भी है, आदर्श रूप से 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच |
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आयुर्वेद के अनुसार, नींबू के फल (नींबू, अंगूर, नारंगी, और टेंगेरिन) और अनार 10-10 से 3 बजे के बीच खाने के लिए बेहतर होते हैं, यानी दोपहर के भोजन से पहले। तरबूज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सख्ती से खाया जाना चाहिए। मेलन एक अलग नाश्ता भी है, आदर्श रूप से 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच |Ayurveda Ke Anusar Nimboo Ke Fal Nimboo Angoor Narangi Aur Tengerin Aur Anar 10-10 Se 3 Baje Ke Bich Khane Ke Liye Behtar Hote Hain Yani Dopahar Ke Bhojan Se Pehle Tarabuj Subah 11 Baje Se Shaam 5 Baje Ke Bich Sakhti Se Khaya Jana Chahiye Melon Ek Alag Nashta Bhi Hai Adarsh Roop Se 9 Baje Se Shaam 4 Baje Ke Bich |
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दिल की धड़कन में पहले हमारी जो मेडिकल कम होते हैं पेट में लाश मिली होती है वह आयुर्वेदिक दवाई आती है तो यह जो है वह दवाइयां कंस्ट्रक्शन केमिकल्स के द्वारा बनाई जाती ओरिजिनल यीशु मसीह से ऊपर जाती है जो कि प्लांट्स होते हैं उन से बनाई जाती 3 का साइड इफेक्ट है वह बिल्कुल नहीं होता है ना के बराबर
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दिल की धड़कन में पहले हमारी जो मेडिकल कम होते हैं पेट में लाश मिली होती है वह आयुर्वेदिक दवाई आती है तो यह जो है वह दवाइयां कंस्ट्रक्शन केमिकल्स के द्वारा बनाई जाती ओरिजिनल यीशु मसीह से ऊपर जाती है जो कि प्लांट्स होते हैं उन से बनाई जाती 3 का साइड इफेक्ट है वह बिल्कुल नहीं होता है ना के बराबरDil Ki Dharakan Mein Pehle Hamari Jo Medical Kam Hote Hain Pet Mein Laash Mili Hoti Hai Wah Ayurvedic Dawai Aati Hai To Yeh Jo Hai Wah Davaaiyaan Construction Chemicals Ke Dwara Banai Jati Original Yeshu Masih Se Upar Jati Hai Jo Ki Plants Hote Hain Un Se Banai Jati 3 Ka Side Effect Hai Wah Bilkul Nahi Hota Hai Na Ke Barabar
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हां जी आप वह बोल रहे हैं कि आपने वेट कम करने के लिए कोई आयुर्वेदिक दवाई नहीं है तो तेरा सजदा आयुर्वेदिक दवाई होती है तो इनका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता है उसे बट अगर आपको किसी चीज से कोई रिलेशन है जैसे कि आप फूड आइटम्स अगर किसी को एलर्जी होती है तो दवाई लेकर दोनों साइड इफेक्ट हो सकते हैं अगर वह इस केस में कुछ भी प्रॉब्लम नहीं होगी
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हां जी आप वह बोल रहे हैं कि आपने वेट कम करने के लिए कोई आयुर्वेदिक दवाई नहीं है तो तेरा सजदा आयुर्वेदिक दवाई होती है तो इनका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होता है उसे बट अगर आपको किसी चीज से कोई रिलेशन है जैसे कि आप फूड आइटम्स अगर किसी को एलर्जी होती है तो दवाई लेकर दोनों साइड इफेक्ट हो सकते हैं अगर वह इस केस में कुछ भी प्रॉब्लम नहीं होगीHaan Ji Aap Wah Bol Rahe Hain Ki Aapne Wait Kam Karne Ke Liye Koi Ayurvedic Dawai Nahi Hai To Tera Sajda Ayurvedic Dawai Hoti Hai To Inka Koi Side Effect To Nahi Hota Hai Use But Agar Aapko Kisi Cheez Se Koi Relation Hai Jaise Ki Aap Food Iteams Agar Kisi Ko Allergy Hoti Hai To Dawai Lekar Dono Side Effect Ho Sakte Hain Agar Wah Is Case Mein Kuch Bhi Problem Nahi Hogi
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थलम उपचार व्यसन के लिए बहुत प्रभावी और शक्तिशाली उपचार है। यह आमतौर पर पुरुषों और महिलाओं के लिए लागू होता है। यह अनिद्रा, माइग्रेन, खोपड़ी की जलन, कमजोर दृष्टि, त्वचा विकार और कान, नाक, गले की समस्याओं (ईएनटी) के लिए उपचार है।
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थलम उपचार व्यसन के लिए बहुत प्रभावी और शक्तिशाली उपचार है। यह आमतौर पर पुरुषों और महिलाओं के लिए लागू होता है। यह अनिद्रा, माइग्रेन, खोपड़ी की जलन, कमजोर दृष्टि, त्वचा विकार और कान, नाक, गले की समस्याओं (ईएनटी) के लिए उपचार है।Thalam Upchaar Vyasan Ke Liye Bahut Prabhavi Aur Shaktishaali Upchaar Hai Yeh Aamtaur Par Purushon Aur Mahilaon Ke Liye Laagu Hota Hai Yeh Anidra Migraine Khopadi Ki Jalan Kamjor Drishti Twacha Vikar Aur Kaan Nak Gale Ki Samasyaon ENT Ke Liye Upchaar Hai
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हमारे देश में आयुर्वेद के अध्ययन अध्यापन का स्वरूप क्या हो, इस प्रश्न पर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश तथा अन्य प्रदेशीय सरकारों की अनेक समितियां विचार करके अपनी रिपोर्ट दे चुकी हैं। इन समितियों ने बहुत परिश्रम के बाद अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये जिनमें से बहुतों को अब भी व्यावहारिक रूप देना सम्भव नहीं हुआ है। किन्तु मेरे विचार से इन समितियों में दो बड़े दोष थे। या तो उनमें मुझे जैसे अल्पज्ञों का बाहुल्य था या एलोपैथी के डाक्टरों का उनमें प्राधान्य था। इन डाक्टरों की इच्छा चाहे कितनी ही निरपेक्ष तथा निष्पक्ष रहने की रही हो, परन्तु उनसे यह आशा नहीं की जा सकती थी कि अपनी प्रणाली से भिन्न किसी अन्य प्रणाली के संबंध में ऐसा मान सकते कि यह किसी सार्थक अध्ययन का विषय बन सकती है। किन्तु हम सबके पीछे यह धारणा भी रहती है कि आयुर्वेद, हिकमत और होमियोपैथी को, विशेषकर आयुर्वेद और हिकमत को अन्य कारणों से नही ंतो राजनैतिक कारणों से ही सही एक दम छोडऩा सम्भव नहीं है, यद्यपि ये इतनी सम्माननीय नहीं है कि विज्ञानविद् उनका अनुशीलन और अध्ययन करें।
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हमारे देश में आयुर्वेद के अध्ययन अध्यापन का स्वरूप क्या हो, इस प्रश्न पर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश तथा अन्य प्रदेशीय सरकारों की अनेक समितियां विचार करके अपनी रिपोर्ट दे चुकी हैं। इन समितियों ने बहुत परिश्रम के बाद अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये जिनमें से बहुतों को अब भी व्यावहारिक रूप देना सम्भव नहीं हुआ है। किन्तु मेरे विचार से इन समितियों में दो बड़े दोष थे। या तो उनमें मुझे जैसे अल्पज्ञों का बाहुल्य था या एलोपैथी के डाक्टरों का उनमें प्राधान्य था। इन डाक्टरों की इच्छा चाहे कितनी ही निरपेक्ष तथा निष्पक्ष रहने की रही हो, परन्तु उनसे यह आशा नहीं की जा सकती थी कि अपनी प्रणाली से भिन्न किसी अन्य प्रणाली के संबंध में ऐसा मान सकते कि यह किसी सार्थक अध्ययन का विषय बन सकती है। किन्तु हम सबके पीछे यह धारणा भी रहती है कि आयुर्वेद, हिकमत और होमियोपैथी को, विशेषकर आयुर्वेद और हिकमत को अन्य कारणों से नही ंतो राजनैतिक कारणों से ही सही एक दम छोडऩा सम्भव नहीं है, यद्यपि ये इतनी सम्माननीय नहीं है कि विज्ञानविद् उनका अनुशीलन और अध्ययन करें।Hamare Desh Mein Ayurveda Ke Adhyayan Adhyapan Ka Swaroop Kya Ho Is Prashna Par Bharat Sarkar Aur Uttar Pradesh Tatha Anya Pradeshiya Sarkaro Ki Anek Samitiyaan Vichar Karke Apni Report De Chuki Hain In Samitiyon Ne Bahut Parishram Ke Baad Apne Mahatvapurna Sujhaav Diye Jinmein Se Bahuton Ko Ab Bhi Vyavaharik Roop Dena Sambhav Nahi Hua Hai Kintu Mere Vichar Se In Samitiyon Mein Do Bade Dosh The Ya To Unmen Mujhe Jaise Alpagyon Ka Bahulya Tha Ya Allopathy Ke Doctoron Ka Unmen Praadhaanya Tha In Doctoron Ki Icha Chahe Kitni Hi Nirapeksh Tatha Nishpaksh Rehne Ki Rahi Ho Parantu Unse Yeh Asha Nahi Ki Ja Sakti Thi Ki Apni Pranali Se Bhinn Kisi Anya Pranali Ke Sambandh Mein Aisa Maan Sakte Ki Yeh Kisi Sarthak Adhyayan Ka Vishay Ban Sakti Hai Kintu Hum Sabke Piche Yeh Dharan Bhi Rehti Hai Ki Ayurveda Hikmath Aur Homoeopathy Ko Visheshakar Ayurveda Aur Hikmath Ko Anya Kaarno Se Nahi Nto Rajnaitik Kaarno Se Hi Sahi Ek Dum Chodऩa Sambhav Nahi Hai Yadyapi Yeh Itni Sammananiya Nahi Hai Ki Vigyanavid Unka Anushilan Aur Adhyayan Karen
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आयुर्वेद के अनुसार, नींबू के फल (नींबू, अंगूर, नारंगी, और टेंगेरिन) और अनार 10-10 से 3 बजे के बीच खाने के लिए बेहतर होते हैं, यानी दोपहर के भोजन से पहले। तरबूज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सख्ती से खाया जाना चाहिए। मेलन एक अलग नाश्ता भी है, आदर्श रूप से 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच खाया जाना चाहिए ।
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आयुर्वेद के अनुसार, नींबू के फल (नींबू, अंगूर, नारंगी, और टेंगेरिन) और अनार 10-10 से 3 बजे के बीच खाने के लिए बेहतर होते हैं, यानी दोपहर के भोजन से पहले। तरबूज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सख्ती से खाया जाना चाहिए। मेलन एक अलग नाश्ता भी है, आदर्श रूप से 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच खाया जाना चाहिए ।Ayurveda Ke Anusar Nimboo Ke Fal Nimboo Angoor Narangi Aur Tengerin Aur Anar 10-10 Se 3 Baje Ke Bich Khane Ke Liye Behtar Hote Hain Yani Dopahar Ke Bhojan Se Pehle Tarabuj Subah 11 Baje Se Shaam 5 Baje Ke Bich Sakhti Se Khaya Jana Chahiye Melon Ek Alag Nashta Bhi Hai Adarsh Roop Se 9 Baje Se Shaam 4 Baje Ke Bich Khaya Jana Chahiye
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पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ निवेदन करता है भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भारत सरकार के मंत्रालय है और इसका परिचय
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पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ निवेदन करता है भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भारत सरकार के मंत्रालय है और इसका परिचयPurvotar Ayurveda Evam Homoeopathy Sansthan Institute Of Nivedan Karta Hai Bharat Sarkar Ka Aayush Mantralay Bharat Sarkar Ke Mantralay Hai Aur Iska Parichay
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मुझे कोई क्वेश्चन है कि आपका एलर्जी के कारण जो है जुखाम हो गया है आंख लाल हो जाती है तो आयुर्वेदिक दवाइयां ले सकते हैं कि नहीं तो देखिए आपने जिस डॉक्टर को कंसल्ट कराया होगा जिसने आपको आयुर्वेदिक दवाई ली है तो आप एक बार उनसे फिर से पूछ लीजिए कि यह सब जो है जो दवाई है वह आप एक साथ में ले सकते हैं कि नहीं क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि ज्यादा दवाई लेने से वह आपस में आई लाइक तो उनका जो इफ़ेक्ट होता है वह कम हो जाता है तो आप एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर लीजिए वही ज्यादा बेहतर रहेगा
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मुझे कोई क्वेश्चन है कि आपका एलर्जी के कारण जो है जुखाम हो गया है आंख लाल हो जाती है तो आयुर्वेदिक दवाइयां ले सकते हैं कि नहीं तो देखिए आपने जिस डॉक्टर को कंसल्ट कराया होगा जिसने आपको आयुर्वेदिक दवाई ली है तो आप एक बार उनसे फिर से पूछ लीजिए कि यह सब जो है जो दवाई है वह आप एक साथ में ले सकते हैं कि नहीं क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि ज्यादा दवाई लेने से वह आपस में आई लाइक तो उनका जो इफ़ेक्ट होता है वह कम हो जाता है तो आप एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर लीजिए वही ज्यादा बेहतर रहेगाMujhe Koi Question Hai Ki Aapka Allergy Ke Kaaran Jo Hai Jukham Ho Gaya Hai Aankh Lal Ho Jati Hai To Ayurvedic Davaaiyaan Le Sakte Hain Ki Nahi To Dekhie Aapne Jis Doctor Ko Consult Karaya Hoga Jisne Aapko Ayurvedic Dawai Lee Hai To Aap Ek Baar Unse Phir Se Pooch Lijiye Ki Yeh Sab Jo Hai Jo Dawai Hai Wah Aap Ek Saath Mein Le Sakte Hain Ki Nahi Kyonki Kabhi Kabhi Aisa Hota Hai Ki Zyada Dawai Lene Se Wah Aapas Mein I Like To Unka Jo Effect Hota Hai Wah Kam Ho Jata Hai To Aap Ek Baar Apne Doctor Se Consult Kar Lijiye Wahi Zyada Behtar Rahega
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लिखित किडनी का उपचार आयुर्वेद से संभव है और उसकी कंडीशन है कि पैशन शुरू शुरू में आए जब उसको बीमारी का पता चले तब डॉक्टर से मिले आयुर्वेदिक डॉक्टर से इलाज 100% संभव है आजकल पेशेंट हर एक जगह थक्के दो 5 साल बिगड़ने के बाद बहुत सारी लंबी लंबी साइड इफेक्ट वाली एलोपैथिक ट्रीटमेंट लेने के बाद लास्ट में आयुर्वेद में आते हैं आयुर्वेद कोई जादुई चिराग तो है नहीं कि तुरंत ठीक कर देगा और जहां तक मेरा नॉलेज है और जिस जिस तरह से मैं प्रैक्टिस करता हूं आयुर्वेद में कितनी भी किडनी खराब हो गई हो अगर पेशेंट शुरू नहीं आता है तो उसका हंड्रेड पर्सन इलाज है किडनी के अंदर जो पथरिया थी उसके लिए भी हंड्रेड पर्सन इलाज है किसी को पेशाब में जलन है तो भी हमें पैसा नहीं है आप हमसे भी कांटेक्ट कर सकते हैं
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लिखित किडनी का उपचार आयुर्वेद से संभव है और उसकी कंडीशन है कि पैशन शुरू शुरू में आए जब उसको बीमारी का पता चले तब डॉक्टर से मिले आयुर्वेदिक डॉक्टर से इलाज 100% संभव है आजकल पेशेंट हर एक जगह थक्के दो 5 साल बिगड़ने के बाद बहुत सारी लंबी लंबी साइड इफेक्ट वाली एलोपैथिक ट्रीटमेंट लेने के बाद लास्ट में आयुर्वेद में आते हैं आयुर्वेद कोई जादुई चिराग तो है नहीं कि तुरंत ठीक कर देगा और जहां तक मेरा नॉलेज है और जिस जिस तरह से मैं प्रैक्टिस करता हूं आयुर्वेद में कितनी भी किडनी खराब हो गई हो अगर पेशेंट शुरू नहीं आता है तो उसका हंड्रेड पर्सन इलाज है किडनी के अंदर जो पथरिया थी उसके लिए भी हंड्रेड पर्सन इलाज है किसी को पेशाब में जलन है तो भी हमें पैसा नहीं है आप हमसे भी कांटेक्ट कर सकते हैंLikhit KIDNEY Ka Upchaar Ayurveda Se Sambhav Hai Aur Uski Condition Hai Ki Passion Shuru Shuru Mein Aaye Jab Usko Bimari Ka Pata Chale Tab Doctor Se Mile Ayurvedic Doctor Se Ilaj 100% Sambhav Hai Aajkal Patient Har Ek Jagah Thakke Do 5 Saal Bigadne Ke Baad Bahut Saree Lambi Lambi Side Effect Waali Allopathic Treatment Lene Ke Baad Last Mein Ayurveda Mein Aate Hain Ayurveda Koi Jaduii Chirag Toh Hai Nahi Ki Turant Theek Kar Dega Aur Jahan Tak Mera Knowledge Hai Aur Jis Jis Tarah Se Main Practice Karta Hoon Ayurveda Mein Kitni Bhi KIDNEY Kharaab Ho Gayi Ho Agar Patient Shuru Nahi Aata Hai Toh Uska Hundred Person Ilaj Hai KIDNEY Ke Andar Jo Pathariya Thi Uske Liye Bhi Hundred Person Ilaj Hai Kisi Ko Peshab Mein Jalan Hai Toh Bhi Humein Paisa Nahi Hai Aap Humse Bhi Contact Kar Sakte Hain
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शुगर का इलाज आयुर्वेदिक कैसे करें तो बहुत सारी जो है मतलब हमारे यहां जो है आयुर्वेदिक सेंटर है जिसकी जीवा आयुर्वेद क्लिनिक से बैजनाथ के लाइव वेदर में तो बिल्कुल होगा कि जीवन में हर एक शहर में सब्जी व देख सकते जीवन में आयुर्वेदिक इलाज करवा सकते हैं क्योंकि आप को सजा सुनाई आप ज्यादा टेंशन ना लें टेंशन लाइन पर चलते हैं अच्छा लगेगा और चीनी तो बिल्कुल न खाएं और खाने में भी थोड़ा ध्यान दें तो बाकी आप जो है डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं
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शुगर का इलाज आयुर्वेदिक कैसे करें तो बहुत सारी जो है मतलब हमारे यहां जो है आयुर्वेदिक सेंटर है जिसकी जीवा आयुर्वेद क्लिनिक से बैजनाथ के लाइव वेदर में तो बिल्कुल होगा कि जीवन में हर एक शहर में सब्जी व देख सकते जीवन में आयुर्वेदिक इलाज करवा सकते हैं क्योंकि आप को सजा सुनाई आप ज्यादा टेंशन ना लें टेंशन लाइन पर चलते हैं अच्छा लगेगा और चीनी तो बिल्कुल न खाएं और खाने में भी थोड़ा ध्यान दें तो बाकी आप जो है डॉक्टर से सलाह ले सकते हैंSugar Kangaroo Ilaj Ayurvedic Kaise Karen To Bahut Saree Jo Hai Matlab Hamare Yahan Jo Hai Ayurvedic Center Hai Jiski Jiva Ayurveda Clinic Se Baijnath Ke Live Weather Mein To Bilkul Hoga Ki Jeevan Mein Har Ek Sheher Mein Sabzi V Dekh Sakte Jeevan Mein Ayurvedic Ilaj Karava Sakte Hain Kyonki Aap Ko Saja Sunayi Aap Zyada Tension Na Lein Tension Line Par Chalte Hain Accha Lagega Aur Chini To Bilkul N Khayen Aur Khane Mein Bhi Thoda Dhyan Dein To Baki Aap Jo Hai Doctor Se Salah Le Sakte Hain
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जी अगर आप आयुर्वेद की नजर से तो आपको भी कहीं ना कहीं जॉब मिल जाएगी उसके लिए आप ऑनलाइन naukri.com और जैसे कि काफी सारी नौकरी साइट से साइन इन विद वहां पर अपने जॉब के लिए आप अपना आवेदन भरे नहीं तो आप ऑनलाइन गवर्नमेंट जॉब के लिए भी ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं या अपने आस पास कोई भी आयुर्वेदिक संस्था के पास अब जाकर अपना अपने बारे में अपना रिज्यूम भेज के इंटरव्यू दे
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जी अगर आप आयुर्वेद की नजर से तो आपको भी कहीं ना कहीं जॉब मिल जाएगी उसके लिए आप ऑनलाइन naukri.com और जैसे कि काफी सारी नौकरी साइट से साइन इन विद वहां पर अपने जॉब के लिए आप अपना आवेदन भरे नहीं तो आप ऑनलाइन गवर्नमेंट जॉब के लिए भी ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं या अपने आस पास कोई भी आयुर्वेदिक संस्था के पास अब जाकर अपना अपने बारे में अपना रिज्यूम भेज के इंटरव्यू देG Agar Aap Ayurveda Ki Nazar Se To Aapko Bhi Kahin Na Kahin Job Mil Jayegi Uske Liye Aap Online Naukri.com Aur Jaise Ki Kafi Saree Naukri Site Se Sign In Vid Wahan Par Apne Job Ke Liye Aap Apna Avedan Bhare Nahi To Aap Online Government Job Ke Liye Bhi Online Avedan Bhar Sakte Hain Ya Apne Aas Paas Koi Bhi Ayurvedic Sanstha Ke Paas Ab Jaakar Apna Apne Bare Mein Apna Resume Bhej Ke Interview De
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शुक्र अगर आप आयुर्वेद रत्न पंजीकृत किस्सा बिहार से रजिस्टर है तो प्रेक्टिस करते हैं उसमें कोर्स कंप्लीट किया है उसका बैटरी सेव कर सकते
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शुक्र अगर आप आयुर्वेद रत्न पंजीकृत किस्सा बिहार से रजिस्टर है तो प्रेक्टिस करते हैं उसमें कोर्स कंप्लीट किया है उसका बैटरी सेव कर सकतेShukra Agar Aap Ayurveda Ratna Panjikrit Kissa Bihar Se Register Hai To Practice Karte Hain Usamen Course Complete Kiya Hai Uska Battery Save Kar Sakte
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आज बी सी डी फार्मा किया है तो आप जो है मां बहुत सारी कंपनी है वैदिक की कंपनी है आज मैं आपको देख सकते अपना रिज्यूम सबसे अच्छा क्या कि आप अपने क्रीम बनाई naukri.com सेंड वैकेंसी निकलती है और आपको जो है वह इनफॉर्म भी किया जाएगा जब आपसे इनफील्ड रिलेटेड कोई भी गेम से निकलेगी आप जाकर वहां पर इंटरव्यू दे सकते
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आज बी सी डी फार्मा किया है तो आप जो है मां बहुत सारी कंपनी है वैदिक की कंपनी है आज मैं आपको देख सकते अपना रिज्यूम सबसे अच्छा क्या कि आप अपने क्रीम बनाई naukri.com सेंड वैकेंसी निकलती है और आपको जो है वह इनफॉर्म भी किया जाएगा जब आपसे इनफील्ड रिलेटेड कोई भी गेम से निकलेगी आप जाकर वहां पर इंटरव्यू दे सकतेAaj Be Si D Pharma Kiya Hai To Aap Jo Hai Maa Bahut Saree Company Hai Vaidik Ki Company Hai Aaj Main Aapko Dekh Sakte Apna Resume Sabse Accha Kya Ki Aap Apne Cream Banai Naukri.com Send Vacancy Nikalti Hai Aur Aapko Jo Hai Wah Inafarm Bhi Kiya Jayega Jab Aapse Enfield Related Koi Bhi Game Se Nikalegi Aap Jaakar Wahan Par Interview De Sakte
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यानी कि पांच अलग-अलग कर्म आयुर्वेद में और जैसे और शरीर में कोई भी खराबी हो तो उसको साफ करने के लिए याद इतना भी कचरा आपका साल भर में जो भी कुछ जमा हुआ हो उसको शोधन करने के लिए पंचकर्म के उपचार बताए गए उपाय उपचार बताएं हैं उनमें पहला है वामन वामन यानी की उल्टी कराना अब शरीर में जिसकी भी शरीर में जैसे किसी को बहुत सारा दिन की बीमारियां हो तो उनके लिए अब आमंत्रित करते हैं इसमें काफी सराही मेडिकेटेड की दवाई वाला जो होता है वह काफी बड़ी मात्रा में पाया जाता है उसे सारा जो भी कचरा है जो भी अब तक सलूशन कचरा है वह सारा पेट में लाया जाता है और जो भी पेट में लाया जाता है वह कचरा दवाई उल्टी करके उतारा का पूरा जो भी कचरा है वह निकाला जाता है उसको हम कहते हैं दूसरा प्रोसीजर है या दूसरा करना है वह है तेरे चाहने वाले विकार जिनको रहते हैं बहुत सारी आशिकी की पिक करती है जिसको काफी परेशान करते रहते हैं उनमें विरेचन क्रिया की जाती है इसमें आयुर्वेदिक दवाइयां है उसे सुजुकी रहता है इसमें भी फिर से काफी बड़ी मात्रा में गीत गाया जाता है केला करके सारा कचरा क्यों कर कि पेट में लाया जाता है चुकी हूं आप इतना भी शरीर में जहां पर भी कहना हो वह पूरा पेट में आ जाए तभी उसको दवाई दे कर के 10 जुलाई जाते हैं और 10 मिनट 10 से लेकर 40 तक की मात्राएं होती है एक ही दिन है और काफी बड़ा उसमें से निकल जाता है यह गठन की प्रक्रिया तीसरी प्रक्रिया है अपनी बस्ती बस्ती आने की निमाड़ी भाषा में अनिमा बोल सकते हैं लेकिन केवल पानी का हो या फिर तू पटरानी बनेगी रहता है इसमें दवाई वाला और दवाई वाले जो काले होते हैं इनका एनिमा दिया जाता है टॉयलेट की जगह से यह तेल और कांटे के देवा दिए जाते हैं दूसरे की पेट में पड़े हुए सारे धमाल कहते हैं कि पुरानी आंख में क्यों पड़े हुए माई है उसको पहले दिलवाले लीला किया जाता है और फिर काडी काडी माटेकर की बौछारें कचरे को बाहर निकाला जाता है तथा पंचकर्म में अपना नाम कैसे जाने कि और सर के ऊपर के जितने भी लोग हैं मतलब अपनी शोल्डर के ऊपर आंख के नाक के कांटे थाइरोइड की गोट है या फिर आपके और साल के हैं या फिर आपको कोई भी होटल प्रॉब्लम है या फिर कोई भी आपको साइकियाट्रिक सब दे दिया जाता है तस्वीर आने की दवाई की बूंदे छोड़ी जाती है यह दवाई कि उसे छोड़ने पर काफी सराहना की प्रक्रिया काफी सारा कचरा के रूप में पानी कि स्वरूप में काफी सारा पी कर निकल आता है सर्दियों में जितने भी जमा हुए हैं वह पूरी को हमसे कहते हैं पांचवा जो करना है वह रक्त मुख संकट मोचन आयुर्वेद में काफी प्रकार किया जाता है उसमें जो एक प्रकार है यानी कि यह प्रकार का प्राणी है जो नदियों में मिलता है लूट ली जाने की ग्रसित हो या कहीं किसी को सेल्यूलाइटिस हुआ हो या कहीं भी कोई भी प्रकार का दर्द जोड़ों की दर्द वह खराब खून वहां का चूस चूस कर निकाल लेती है और फिर जो को हल्दी के पानी में डुबाया जाता है उसको उल्टी कराई जाती है टूटा एक प्रकार है कि हम अच्छा कर्म करते तो छानकर पकड़ने के बाद वहां पर बात क्यों क्रिएट करते हैं यानी कि हल्के से स्कूल से वापस क्रिएट करते हैं और थोड़ा सा कुर्ते में लगे तभी उसके ऊपर हम और तुम भी आने की अल्लाहू या घटी यंत्र लगाकर इन वाक्यों के लिए करके वहां से खून किया जाता है कि सरकार ने किस काल में लगाकर की लड़की लेटिंग किया जाता है एक्शन में शरीर के अंदर जितना भी खराब है उसको धीरे धीरे करके थोड़ा सा बाहर निकालते हैं तू ही रहे पांच घरों के तरीके
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यानी कि पांच अलग-अलग कर्म आयुर्वेद में और जैसे और शरीर में कोई भी खराबी हो तो उसको साफ करने के लिए याद इतना भी कचरा आपका साल भर में जो भी कुछ जमा हुआ हो उसको शोधन करने के लिए पंचकर्म के उपचार बताए गए उपाय उपचार बताएं हैं उनमें पहला है वामन वामन यानी की उल्टी कराना अब शरीर में जिसकी भी शरीर में जैसे किसी को बहुत सारा दिन की बीमारियां हो तो उनके लिए अब आमंत्रित करते हैं इसमें काफी सराही मेडिकेटेड की दवाई वाला जो होता है वह काफी बड़ी मात्रा में पाया जाता है उसे सारा जो भी कचरा है जो भी अब तक सलूशन कचरा है वह सारा पेट में लाया जाता है और जो भी पेट में लाया जाता है वह कचरा दवाई उल्टी करके उतारा का पूरा जो भी कचरा है वह निकाला जाता है उसको हम कहते हैं दूसरा प्रोसीजर है या दूसरा करना है वह है तेरे चाहने वाले विकार जिनको रहते हैं बहुत सारी आशिकी की पिक करती है जिसको काफी परेशान करते रहते हैं उनमें विरेचन क्रिया की जाती है इसमें आयुर्वेदिक दवाइयां है उसे सुजुकी रहता है इसमें भी फिर से काफी बड़ी मात्रा में गीत गाया जाता है केला करके सारा कचरा क्यों कर कि पेट में लाया जाता है चुकी हूं आप इतना भी शरीर में जहां पर भी कहना हो वह पूरा पेट में आ जाए तभी उसको दवाई दे कर के 10 जुलाई जाते हैं और 10 मिनट 10 से लेकर 40 तक की मात्राएं होती है एक ही दिन है और काफी बड़ा उसमें से निकल जाता है यह गठन की प्रक्रिया तीसरी प्रक्रिया है अपनी बस्ती बस्ती आने की निमाड़ी भाषा में अनिमा बोल सकते हैं लेकिन केवल पानी का हो या फिर तू पटरानी बनेगी रहता है इसमें दवाई वाला और दवाई वाले जो काले होते हैं इनका एनिमा दिया जाता है टॉयलेट की जगह से यह तेल और कांटे के देवा दिए जाते हैं दूसरे की पेट में पड़े हुए सारे धमाल कहते हैं कि पुरानी आंख में क्यों पड़े हुए माई है उसको पहले दिलवाले लीला किया जाता है और फिर काडी काडी माटेकर की बौछारें कचरे को बाहर निकाला जाता है तथा पंचकर्म में अपना नाम कैसे जाने कि और सर के ऊपर के जितने भी लोग हैं मतलब अपनी शोल्डर के ऊपर आंख के नाक के कांटे थाइरोइड की गोट है या फिर आपके और साल के हैं या फिर आपको कोई भी होटल प्रॉब्लम है या फिर कोई भी आपको साइकियाट्रिक सब दे दिया जाता है तस्वीर आने की दवाई की बूंदे छोड़ी जाती है यह दवाई कि उसे छोड़ने पर काफी सराहना की प्रक्रिया काफी सारा कचरा के रूप में पानी कि स्वरूप में काफी सारा पी कर निकल आता है सर्दियों में जितने भी जमा हुए हैं वह पूरी को हमसे कहते हैं पांचवा जो करना है वह रक्त मुख संकट मोचन आयुर्वेद में काफी प्रकार किया जाता है उसमें जो एक प्रकार है यानी कि यह प्रकार का प्राणी है जो नदियों में मिलता है लूट ली जाने की ग्रसित हो या कहीं किसी को सेल्यूलाइटिस हुआ हो या कहीं भी कोई भी प्रकार का दर्द जोड़ों की दर्द वह खराब खून वहां का चूस चूस कर निकाल लेती है और फिर जो को हल्दी के पानी में डुबाया जाता है उसको उल्टी कराई जाती है टूटा एक प्रकार है कि हम अच्छा कर्म करते तो छानकर पकड़ने के बाद वहां पर बात क्यों क्रिएट करते हैं यानी कि हल्के से स्कूल से वापस क्रिएट करते हैं और थोड़ा सा कुर्ते में लगे तभी उसके ऊपर हम और तुम भी आने की अल्लाहू या घटी यंत्र लगाकर इन वाक्यों के लिए करके वहां से खून किया जाता है कि सरकार ने किस काल में लगाकर की लड़की लेटिंग किया जाता है एक्शन में शरीर के अंदर जितना भी खराब है उसको धीरे धीरे करके थोड़ा सा बाहर निकालते हैं तू ही रहे पांच घरों के तरीकेYani Ki Paanch Alag Alag Karm Ayurveda Mein Aur Jaise Aur Sharir Mein Koi Bhi Kharabi Ho Toh Usko Saaf Karne Ke Liye Yaad Itna Bhi Kachda Aapka Saal Bhar Mein Jo Bhi Kuch Jama Hua Ho Usko Sodhan Karne Ke Liye Panchkarm Ke Upchaar Batayen Gaye Upay Upchaar Bataye Hain Unmen Pehla Hai Waman Waman Yani Ki Ulti Karana Ab Sharir Mein Jiski Bhi Sharir Mein Jaise Kisi Ko Bahut Saara Din Ki Bimariyan Ho Toh Unke Liye Ab Aamantrit Karte Hain Ismein Kafi SARAHI Mediketed Ki Dawai Vala Jo Hota Hai Wah Kafi Badi Matra Mein Paya Jata Hai Use Saara Jo Bhi Kachda Hai Jo Bhi Ab Tak Salution Kachda Hai Wah Saara Pet Mein Laya Jata Hai Aur Jo Bhi Pet Mein Laya Jata Hai Wah Kachda Dawai Ulti Karke Utara Ka Pura Jo Bhi Kachda Hai Wah Nikaala Jata Hai Usko Hum Kehte Hain Doosra Procedure Hai Ya Doosra Karna Hai Wah Hai Tere Chahne Wale Vikar Jinako Rehte Hain Bahut Saree Aashiki Ki Pic Karti Hai Jisko Kafi Pareshan Karte Rehte Hain Unmen Virechan Kriya Ki Jati Hai Ismein Ayurvedic Davaaiyaan Hai Use Suzuki Rehta Hai Ismein Bhi Phir Se Kafi Badi Matra Mein Geet Gaaya Jata Hai Kela Karke Saara Kachda Kyon Kar Ki Pet Mein Laya Jata Hai Chuki Hoon Aap Itna Bhi Sharir Mein Jahan Par Bhi Kehna Ho Wah Pura Pet Mein Aa Jaye Tabhi Usko Dawai De Kar Ke 10 July Jaate Hain Aur 10 Minute 10 Se Lekar 40 Tak Ki Matraen Hoti Hai Ek Hi Din Hai Aur Kafi Bada Usmein Se Nikal Jata Hai Yeh Gathan Ki Prakriya Teesri Prakriya Hai Apni Basti Basti Aane Ki Nimadi Bhasha Mein Anima Bol Sakte Hain Lekin Keval Pani Ka Ho Ya Phir Tu Patrani Banegi Rehta Hai Ismein Dawai Vala Aur Dawai Wale Jo Kaale Hote Hain Inka Anima Diya Jata Hai Toilet Ki Jagah Se Yeh Tel Aur Kante Ke Deva Diye Jaate Hain Dusre Ki Pet Mein Pade Hue Saare Dhamaal Kehte Hain Ki Purani Aankh Mein Kyon Pade Hue My Hai Usko Pehle Dilwale Leela Kiya Jata Hai Aur Phir Kaadi Kaadi Matekar Ki Bauchharein Kachre Ko Bahar Nikaala Jata Hai Tatha Panchkarm Mein Apna Naam Kaise Jaane Ki Aur Sar Ke Upar Ke Jitne Bhi Log Hain Matlab Apni Shoulder Ke Upar Aankh Ke Nak Ke Kante Thyroid Ki Goat Hai Ya Phir Aapke Aur Saal Ke Hain Ya Phir Aapko Koi Bhi Hotel Problem Hai Ya Phir Koi Bhi Aapko Saikiyatrik Sab De Diya Jata Hai Tasveer Aane Ki Dawai Ki Bundein Cchodi Jati Hai Yeh Dawai Ki Use Chodane Par Kafi Sarahana Ki Prakriya Kafi Saara Kachda Ke Roop Mein Pani Ki Swaroop Mein Kafi Saara P Kar Nikal Aata Hai Sardiyo Mein Jitne Bhi Jama Hue Hain Wah Puri Ko Humse Kehte Hain Panchava Jo Karna Hai Wah Rakt Mukh Sankat Mochan Ayurveda Mein Kafi Prakar Kiya Jata Hai Usmein Jo Ek Prakar Hai Yani Ki Yeh Prakar Ka Prani Hai Jo Nadiyon Mein Milta Hai Loot Li Jaane Ki Grasit Ho Ya Kahin Kisi Ko Selyulaitis Hua Ho Ya Kahin Bhi Koi Bhi Prakar Ka Dard Jodo Ki Dard Wah Kharaab Khoon Wahan Ka Chus Chus Kar Nikaal Leti Hai Aur Phir Jo Ko Haldi Ke Pani Mein Dubaya Jata Hai Usko Ulti Karai Jati Hai Tuta Ek Prakar Hai Ki Hum Accha Karm Karte Toh Chanakar Pakadane Ke Baad Wahan Par Baat Kyon Create Karte Hain Yani Ki Halke Se School Se Wapas Create Karte Hain Aur Thoda Sa Kurtey Mein Lage Tabhi Uske Upar Hum Aur Tum Bhi Aane Ki Allahu Ya Ghati Yantra Lagakar In Vaakyon Ke Liye Karke Wahan Se Khoon Kiya Jata Hai Ki Sarkar Ne Kis Kaal Mein Lagakar Ki Ladki Letting Kiya Jata Hai Action Mein Sharir Ke Andar Jitna Bhi Kharaab Hai Usko Dhire Dhire Karke Thoda Sa Bahar Nikalate Hain Tu Hi Rahe Paanch Gharon Ke Tarike
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जॉब काइंड रक्तमोक्षण जो पंचकर्म किया जाता है या फिर वहां से इत्र निकालने की मदद करना सेटिंग चालू कर दो
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जॉब काइंड रक्तमोक्षण जो पंचकर्म किया जाता है या फिर वहां से इत्र निकालने की मदद करना सेटिंग चालू कर दोJob Kind Raktamokshan Jo Panchkarm Kiya Jata Hai Ya Phir Wahan Se Itr Nikalne Ki Madad Karna Setting Chalu Kar Do
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हर इंडियन की भी रिक्वेस्ट करना कि वक्त अपना टाइम टेबल आयुर्वेदिक बिहार में कहां कितनी है और कितना बढ़ गया है जिन विचारों में रहे हैं तो हमारा शरीर खाना खाना है तो हमारे इंटेस्टाइन ने के तरीके दुनिया दीवानी रे अब से लेकर अपना भला ऊपर आना की रिकॉर्डिंग को हम कंट्रोल कर सकते हैं यहां रोक सकते हैं दीपक पेंटर पेंटर महाराज की नदी अभियंत्रण विभाग रविशंकर आते हैं
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हर इंडियन की भी रिक्वेस्ट करना कि वक्त अपना टाइम टेबल आयुर्वेदिक बिहार में कहां कितनी है और कितना बढ़ गया है जिन विचारों में रहे हैं तो हमारा शरीर खाना खाना है तो हमारे इंटेस्टाइन ने के तरीके दुनिया दीवानी रे अब से लेकर अपना भला ऊपर आना की रिकॉर्डिंग को हम कंट्रोल कर सकते हैं यहां रोक सकते हैं दीपक पेंटर पेंटर महाराज की नदी अभियंत्रण विभाग रविशंकर आते हैंHar Indian Ki Bhi Request Karna Ki Waqt Apna Time Table Ayurvedic Bihar Mein Kahaan Kitni Hai Aur Kitna Badh Gaya Hai Jin Vicharon Mein Rahe Hain Toh Hamara Sharir Khana Khana Hai Toh Hamare Intestine Ne Ke Tarike Duniya Deewani Ray Ab Se Lekar Apna Bhala Upar Aana Ki Recording Ko Hum Control Kar Sakte Hain Yahan Rok Sakte Hain Deepak Painter Painter Maharaj Ki Nadi Abhiyantran Vibhag Ravishankar Aate Hain
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