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पीटी आपकी आस्था पर डिपेंड करता है कि आप एक ही स्वर को पूछते हैं या अनेक जीवो को पूछते हैं दोनों ही अपने रास्ते से सही है सिर्फ क्योंकि यहां पर भूत ईश्वर की आराधना करना है चाहे वह आप राम नाम से करे या कृष्ण नाम की तरह ही अन्ना नाम से करें या ईसा मसीह के नाम से करें या इसके नाम से करें या महात्मा बुद्ध के नाम दिख रही हमारी स्वामी के नाम से नाम अनेक हो सकते हैं लेकिन वह एक ही एक ही अनेक पुस्तक 220 की आराधना करते दोनों ही सही है एक दूसरे को हम एक दूसरे गलत नहीं है क्योंकि हमारा उद्देश्य केवल ईश्वर की आराधना करना है एक दूसरे से श्रेष्ठ साबित करना नहीं यदि हम श्रेष्ठ साबित करते हैं तो हमारी बेस्ट कंडीशन को धिक्कार है और हमारे समस्त ज्ञान को धिक्कार है क्योंकि हमें तो ईश्वर की आराधना करनी है पिटाई पर कि आज ईश्वर के प्रति मास था मानसिक शांति के लिए करते हैं इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है इससे हम को संतोष प्राप्त होता है बाकी ईश्वर को देखा किसी ने नहीं आपने देखा है आप भी कहेंगे मैंने महसूस किया है मैंने उसको सुनना है मैं उसकी खुशबू दे रहा हूं लेकिन मूर्त रूप में आंखों से नहीं देखा आपने ठीक इसी प्रकार पिता ईश्वर मानव के रक्त के कण-कण में समाया हुआ है कि तेरा साईं तुझ में ढूंढ सके तो ढूंढ तो उसे तलाश खत्म हुआ मंदिर मस्जिद गिरजाघर आदि मत ढूंढना पड़ता है लेकिन सच्चाई यही है तुम्हारे अंदर समाहित है इसे महसूस करो
पीटी आपकी आस्था पर डिपेंड करता है कि आप एक ही स्वर को पूछते हैं या अनेक जीवो को पूछते हैं दोनों ही अपने रास्ते से सही है सिर्फ क्योंकि यहां पर भूत ईश्वर की आराधना करना है चाहे वह आप राम नाम से करे या कृष्ण नाम की तरह ही अन्ना नाम से करें या ईसा मसीह के नाम से करें या इसके नाम से करें या महात्मा बुद्ध के नाम दिख रही हमारी स्वामी के नाम से नाम अनेक हो सकते हैं लेकिन वह एक ही एक ही अनेक पुस्तक 220 की आराधना करते दोनों ही सही है एक दूसरे को हम एक दूसरे गलत नहीं है क्योंकि हमारा उद्देश्य केवल ईश्वर की आराधना करना है एक दूसरे से श्रेष्ठ साबित करना नहीं यदि हम श्रेष्ठ साबित करते हैं तो हमारी बेस्ट कंडीशन को धिक्कार है और हमारे समस्त ज्ञान को धिक्कार है क्योंकि हमें तो ईश्वर की आराधना करनी है पिटाई पर कि आज ईश्वर के प्रति मास था मानसिक शांति के लिए करते हैं इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है इससे हम को संतोष प्राप्त होता है बाकी ईश्वर को देखा किसी ने नहीं आपने देखा है आप भी कहेंगे मैंने महसूस किया है मैंने उसको सुनना है मैं उसकी खुशबू दे रहा हूं लेकिन मूर्त रूप में आंखों से नहीं देखा आपने ठीक इसी प्रकार पिता ईश्वर मानव के रक्त के कण-कण में समाया हुआ है कि तेरा साईं तुझ में ढूंढ सके तो ढूंढ तो उसे तलाश खत्म हुआ मंदिर मस्जिद गिरजाघर आदि मत ढूंढना पड़ता है लेकिन सच्चाई यही है तुम्हारे अंदर समाहित है इसे महसूस करो
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पूछा कि भगवान कैसे बने तू अगर अपने हिंदी मथुरा की देखी हुई है और आपको पता है बहुत सारे ऐसे रामायण या फिर महाभारत बहुत सारे ऐसे दिखाएंगे की बहुत सारे लोग जो है धरती पर भगवान बनने की कोशिश में लगे थे लेकिन जो भी ऐसा सोचता है जो भी भगवान बनने की कोशिश करता है उसका अंत जो है वह हमेशा बुरा ही होता है कभी उसका नक्शा नहीं होता है भगवान बनने की मटक सबसे पहले भगवान बनने के लिए अच्छा बंधन बनने की जरूरत है पहले हम जैसे पुरुषोत्तम राम कहते हैं उनकी पुरुषों में उत्तम तो पहले वैसा बन के दिखा कि इसमें सबसे उत्तम बने आप कुछ भी चीज करके टेक्निकली राइट करे कुछ भी गलत ना करे किसी के साथ न करे ना देखे ना होने दें अगर पहले का सबसे अच्छी इंसान बन जाते धरती पर वही बहुत बड़ी बात होगी भगवान बनने वाले का हमेशा अंजू चाहे वह बुरा ही होता है
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पूछा कि भगवान कैसे बने तू अगर अपने हिंदी मथुरा की देखी हुई है और आपको पता है बहुत सारे ऐसे रामायण या फिर महाभारत बहुत सारे ऐसे दिखाएंगे की बहुत सारे लोग जो है धरती पर भगवान बनने की कोशिश में लगे थे लेकिन जो भी ऐसा सोचता है जो भी भगवान बनने की कोशिश करता है उसका अंत जो है वह हमेशा बुरा ही होता है कभी उसका नक्शा नहीं होता है भगवान बनने की मटक सबसे पहले भगवान बनने के लिए अच्छा बंधन बनने की जरूरत है पहले हम जैसे पुरुषोत्तम राम कहते हैं उनकी पुरुषों में उत्तम तो पहले वैसा बन के दिखा कि इसमें सबसे उत्तम बने आप कुछ भी चीज करके टेक्निकली राइट करे कुछ भी गलत ना करे किसी के साथ न करे ना देखे ना होने दें अगर पहले का सबसे अच्छी इंसान बन जाते धरती पर वही बहुत बड़ी बात होगी भगवान बनने वाले का हमेशा अंजू चाहे वह बुरा ही होता हैPucha Qi Bhagwan Kaise Bane Tu Agar Apne Hindi Mathura Ki Dekhi Hue Hai Aur Aapko Patta Hai Bahut Saare Aise Ramayan Ya Phir Mahabharata Bahut Saare Aise Dikhaenge Ki Bahut Saare Log Joe Hai Dharti Per Bhagwan Banane Ki Koshish Mein Lage The Lekin Joe Bhi Aisa Sochta Hai Joe Bhi Bhagwan Banane Ki Koshish Karata Hai Uska Anta Joe Hai Wah Hamesha Bura Hea Hota Hai Kabhi Uska Nksha Nahin Hota Hai Bhagwan Banane Ki Matak Sabse Pehle Bhagwan Banane K Lie Accha Badhan Banane Ki Jarurat Hai Pehle Hum Jaise Purushottam Ram Kehte Hain Unki Purushon Mein Uttam To Pehle Waisa Bun K Dikha Qi Ismein Sabse Uttam Bane Aap Kuch Bhi Chij Karake Technically Right Kare Kuch Bhi Galat Na Kare Kisi K Sathe Na Kare Na Dekhe Na Hone Dein Agar Pehle Ka Sabse Achchhee Insaan Bun Jaate Dharti Per Whey Bahut Badi Baat Hogi Bhagwan Banane Wale Ka Hamesha Anju Chahe Wah Bura Hea Hota Hai
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किसी भी परिवार में कोई बच्चा जन्मता है उसको छोटा है कोई नहीं है कि मैं सुधर जा मैं तो वही होगा ऐसा बोलो कि ब्राह्मण इसमें अगर हो जाता है तो तो उसका जो कर्म होंगे वह जो बड़े होकर कुछ करेगा उसे ब्राह्मण होगा अपने कर्मों से
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किसी भी परिवार में कोई बच्चा जन्मता है उसको छोटा है कोई नहीं है कि मैं सुधर जा मैं तो वही होगा ऐसा बोलो कि ब्राह्मण इसमें अगर हो जाता है तो तो उसका जो कर्म होंगे वह जो बड़े होकर कुछ करेगा उसे ब्राह्मण होगा अपने कर्मों सेKisi Bhi Parivar Mein Koi Baccha Janmata Hai Usko Chota Hai Koi Nahi Hai Ki Main Sudhar Ja Main To Wahi Hoga Aisa Bolo Ki Brahman Isme Agar Ho Jata Hai To To Uska Jo Karm Honge Wah Jo Bade Hokar Kuch Karega Use Brahman Hoga Apne Karmo Se
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हिंदू हिंदू अब जो बोलता है आपको भी बता बोल बोल ना उसको पड़ता है कम आती जिस को खुद पर शक हो कि हम मतलब हम हिंदू नहीं हम बोलते दिखाते हैं कि हम हिंदू हैं यार हम हिंदू हैं और हिंदू थे और हिंदू हैं और हिंदू ही रहेंगे और यह पार्टी कुछ नहीं करता पार्टी नहीं था तो भी हिंदू था आप पार्टी नहीं रहेगा तो भी हिंदू हैं यह चीजें हैं जो मतलब कि हिंदू हिंदू कह कर के मुस्लिम करके बिल्कुल गलत आदमी को भी बनता है और आप देख सकते हैं कि बीजेपी पार्टी में खुद जो है इसके बारे में जो नेता अपनी बेटी की शादी कर रखा है और वह पार्टी में भी है तो अब वह मतलब हिंदुओं करता है उसको मिलेगा तो बस यह चीजें होती है ना मतलब इसका मतलब की कमी से होता है कि कैसे कैलकुलेट करके बीजेपी नेता हिंदू का नाम लेगा एक बोलेगा कि हम विकास की बात करते हैं एक बोला कि हम मतलब कि योगी हैं मतलब कि मुझे फोन करो जो भी उस SIM की राहों में दो अलग-अलग डायरेक्शन में क्योंकि वह पहले से 1 मिनट की तरह काम कर रहा है जिससे मतलब कि किस-किस चीज पर कैसे बिठाएं क्या करें नहीं करें चलो अच्छी बात है आप करते हैं पर यह लाने का काम कभी नहीं करना चाहिए जिससे मतलब फ्यूचर में मतलब कि देश के लिए मध्य की खराबी हो या फिर न्यूज़ नेशन के लिए या फिर जैसे नफरत पैदा हो मतलब समझ में रहते हैं एक जाति जाति के बीच में या फिर जो धर्म धर्म के बीच में यह बिल्कुल गलत है तो मुझे ऐसा लगता है कोर्ट को इस पर कुछ मतलब की है तो नियम बनाना चाहिए कि कोई भी किसी के धर्म को लेकर के या किसी भी चीज को लेकर के ऐसे मतलब पॉलिटिक्स है मतलब नहीं कर सकता है और मुझे यहां यह भी लगता है कि पॉलिटिशियन भी मुहम्मद टर्म एंड कंडीशन रखना चाहिए कि यह सब चीजें स्टैंडर्ड होगा वह पॉलिटिशियन बन सकता है जैसे हम लोग मतलब की एक्सीडेंट होते हैं तब जाकर कहीं साफ सुथरा पतलू की पॉलिटिक्स को ऐसे नहीं होता है
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हिंदू हिंदू अब जो बोलता है आपको भी बता बोल बोल ना उसको पड़ता है कम आती जिस को खुद पर शक हो कि हम मतलब हम हिंदू नहीं हम बोलते दिखाते हैं कि हम हिंदू हैं यार हम हिंदू हैं और हिंदू थे और हिंदू हैं और हिंदू ही रहेंगे और यह पार्टी कुछ नहीं करता पार्टी नहीं था तो भी हिंदू था आप पार्टी नहीं रहेगा तो भी हिंदू हैं यह चीजें हैं जो मतलब कि हिंदू हिंदू कह कर के मुस्लिम करके बिल्कुल गलत आदमी को भी बनता है और आप देख सकते हैं कि बीजेपी पार्टी में खुद जो है इसके बारे में जो नेता अपनी बेटी की शादी कर रखा है और वह पार्टी में भी है तो अब वह मतलब हिंदुओं करता है उसको मिलेगा तो बस यह चीजें होती है ना मतलब इसका मतलब की कमी से होता है कि कैसे कैलकुलेट करके बीजेपी नेता हिंदू का नाम लेगा एक बोलेगा कि हम विकास की बात करते हैं एक बोला कि हम मतलब कि योगी हैं मतलब कि मुझे फोन करो जो भी उस SIM की राहों में दो अलग-अलग डायरेक्शन में क्योंकि वह पहले से 1 मिनट की तरह काम कर रहा है जिससे मतलब कि किस-किस चीज पर कैसे बिठाएं क्या करें नहीं करें चलो अच्छी बात है आप करते हैं पर यह लाने का काम कभी नहीं करना चाहिए जिससे मतलब फ्यूचर में मतलब कि देश के लिए मध्य की खराबी हो या फिर न्यूज़ नेशन के लिए या फिर जैसे नफरत पैदा हो मतलब समझ में रहते हैं एक जाति जाति के बीच में या फिर जो धर्म धर्म के बीच में यह बिल्कुल गलत है तो मुझे ऐसा लगता है कोर्ट को इस पर कुछ मतलब की है तो नियम बनाना चाहिए कि कोई भी किसी के धर्म को लेकर के या किसी भी चीज को लेकर के ऐसे मतलब पॉलिटिक्स है मतलब नहीं कर सकता है और मुझे यहां यह भी लगता है कि पॉलिटिशियन भी मुहम्मद टर्म एंड कंडीशन रखना चाहिए कि यह सब चीजें स्टैंडर्ड होगा वह पॉलिटिशियन बन सकता है जैसे हम लोग मतलब की एक्सीडेंट होते हैं तब जाकर कहीं साफ सुथरा पतलू की पॉलिटिक्स को ऐसे नहीं होता हैHindu Hindu Ab Jo Bolta Hai Aapko Bhi Bata Bol Bol Na Usko Padata Hai Kam Aati Jis Ko Khud Par Shaq Ho Ki Hum Matlab Hum Hindu Nahi Hum Bolte Dikhate Hain Ki Hum Hindu Hain Yaar Hum Hindu Hain Aur Hindu The Aur Hindu Hain Aur Hindu Hi Rahenge Aur Yeh Party Kuch Nahi Karta Party Nahi Tha To Bhi Hindu Tha Aap Party Nahi Rahega To Bhi Hindu Hain Yeh Cheezen Hain Jo Matlab Ki Hindu Hindu Keh Kar Ke Muslim Karke Bilkul Galat Aadmi Ko Bhi Banta Hai Aur Aap Dekh Sakte Hain Ki Bjp Party Mein Khud Jo Hai Iske Bare Mein Jo Neta Apni Beti Ki Shadi Kar Rakha Hai Aur Wah Party Mein Bhi Hai To Ab Wah Matlab Hinduon Karta Hai Usko Milega To Bus Yeh Cheezen Hoti Hai Na Matlab Iska Matlab Ki Kami Se Hota Hai Ki Kaise Calculate Karke Bjp Neta Hindu Ka Naam Lega Ek Bolega Ki Hum Vikash Ki Baat Karte Hain Ek Bola Ki Hum Matlab Ki Yogi Hain Matlab Ki Mujhe Phone Karo Jo Bhi Us SIM Ki Mein Do Alag Alag Direction Mein Kyonki Wah Pehle Se 1 Minute Ki Tarah Kaam Kar Raha Hai Jisse Matlab Ki Kis Kis Cheez Par Kaise Kya Karen Nahi Karen Chalo Acchi Baat Hai Aap Karte Hain Par Yeh Lane Ka Kaam Kabhi Nahi Karna Chahiye Jisse Matlab Future Mein Matlab Ki Desh Ke Liye Madhya Ki Kharabi Ho Ya Phir News Nation Ke Liye Ya Phir Jaise Nafrat Paida Ho Matlab Samajh Mein Rehte Hain Ek Jati Jati Ke Bich Mein Ya Phir Jo Dharm Dharm Ke Bich Mein Yeh Bilkul Galat Hai To Mujhe Aisa Lagta Hai Court Ko Is Par Kuch Matlab Ki Hai To Niyam Banana Chahiye Ki Koi Bhi Kisi Ke Dharm Ko Lekar Ke Ya Kisi Bhi Cheez Ko Lekar Ke Aise Matlab Politics Hai Matlab Nahi Kar Sakta Hai Aur Mujhe Yahan Yeh Bhi Lagta Hai Ki Bhi Muhammed Term End Condition Rakhna Chahiye Ki Yeh Sab Cheezen Standard Hoga Wah Ban Sakta Hai Jaise Hum Log Matlab Ki Accident Hote Hain Tab Jaakar Kahin Saaf Suthara Patalu Ki Politics Ko Aise Nahi Hota Hai
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विदेशों में विष्णु और शिव की पूजा होती है पर ब्रह्मा जी की पूजा नहीं होती और ना ही कभी उनका कहीं मंदिर होता है इसके पीछे हिंदू माइथोलॉजी में कथा प्रस्तुत है कि एक बार ब्रह्मा देव जगत के कल्याण के लिए याद कर रहे थे और मैंने उन्हें उनकी पत्नी के साथ बैठना आवश्यक है और उस समय उनकी पत्नी सावित्री वहां नहीं थी और इसी कारण उन्होंने एक बार बार से शादी कर ली और उसी के साथ बैठकर करने लगे लेकिन यह के बीच में ही उनकी पत्नी सावित्री वहां आ गई और उन्होंने ब्रम्हदेव को देख लिया और क्रोधित होकर जवाब दे दिया कि आपका नहीं तो कभी भी पूजा होगा और ना ही कहीं आप का मंदिर होगा अगर कोई भी आप का मंदिर गया पूजा करने की कोशिश करेगा तो वह वही समाप्त हो जाएगा और इसी श्राप के कारण ब्रह्मदेव का कहीं भी पूजा नहीं होता है और उनका सिर्फ एक जगह में मंदिर है पुष्कर राजस्थान में और वहां पर भी ब्रम्हदेव प्रसिद्ध मंदिर है वहां पर उनकी पूजा अर्चना नहीं होती है तो यही इसके पीछे मान्यता है या कारण है जिसके अंदर अंदर की पूजा नहीं होती है
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विदेशों में विष्णु और शिव की पूजा होती है पर ब्रह्मा जी की पूजा नहीं होती और ना ही कभी उनका कहीं मंदिर होता है इसके पीछे हिंदू माइथोलॉजी में कथा प्रस्तुत है कि एक बार ब्रह्मा देव जगत के कल्याण के लिए याद कर रहे थे और मैंने उन्हें उनकी पत्नी के साथ बैठना आवश्यक है और उस समय उनकी पत्नी सावित्री वहां नहीं थी और इसी कारण उन्होंने एक बार बार से शादी कर ली और उसी के साथ बैठकर करने लगे लेकिन यह के बीच में ही उनकी पत्नी सावित्री वहां आ गई और उन्होंने ब्रम्हदेव को देख लिया और क्रोधित होकर जवाब दे दिया कि आपका नहीं तो कभी भी पूजा होगा और ना ही कहीं आप का मंदिर होगा अगर कोई भी आप का मंदिर गया पूजा करने की कोशिश करेगा तो वह वही समाप्त हो जाएगा और इसी श्राप के कारण ब्रह्मदेव का कहीं भी पूजा नहीं होता है और उनका सिर्फ एक जगह में मंदिर है पुष्कर राजस्थान में और वहां पर भी ब्रम्हदेव प्रसिद्ध मंदिर है वहां पर उनकी पूजा अर्चना नहीं होती है तो यही इसके पीछे मान्यता है या कारण है जिसके अंदर अंदर की पूजा नहीं होती हैVideshon Mein Vishnu Aur Shiv Ki Puja Hoti Hai Par Brahma Ji Ki Puja Nahi Hoti Aur Na Hi Kabhi Unka Kahin Mandir Hota Hai Iske Piche Hindu Mythology Mein Katha Prastut Hai Ki Ek Baar Brahma Dev Jagat Ke Kalyan Ke Liye Yaad Kar Rahe The Aur Maine Unhen Unki Patni Ke Saath Baithana Aavashyak Hai Aur Us Samay Unki Patni Savitri Wahan Nahi Thi Aur Isi Kaaran Unhone Ek Baar Baar Se Shadi Kar Lee Aur Ussi Ke Saath Baithkar Karne Lage Lekin Yeh Ke Beech Mein Hi Unki Patni Savitri Wahan Aa Gayi Aur Unhone Bramhadev Ko Dekh Liya Aur Krodhit Hokar Jawab De Diya Ki Aapka Nahi To Kabhi Bhi Puja Hoga Aur Na Hi Kahin Aap Ka Mandir Hoga Agar Koi Bhi Aap Ka Mandir Gaya Puja Karne Ki Koshish Karega To Wah Wahi Samapt Ho Jayega Aur Isi Shraap Ke Kaaran Brahmdev Ka Kahin Bhi Puja Nahi Hota Hai Aur Unka Sirf Ek Jagah Mein Mandir Hai Pushkar Rajasthan Mein Aur Wahan Par Bhi Bramhadev Prasiddh Mandir Hai Wahan Par Unki Puja Archana Nahi Hoti Hai To Yahi Iske Piche Manyata Hai Ya Kaaran Hai Jiske Andar Andar Ki Puja Nahi Hoti Hai
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पैदा होते ही तुमने अपने बाप का प्रमाण मांगा था क्या मां का प्रमाण मांगा था क्या क्या आप ही मेरे मां बाप को इसका प्रमाण तो नहीं मांगा था मां बाप मानती तो हो उसको सही अपना पिता मानते हो उसे ही अपनी मां मानते हो जैसा बचपन से देखते चले आए हो उसी तरह से बिना प्रमाण मांगे भगवान के अस्तित्व को भी स्वीकार करो भाई प्रमाण की जहां तक बात है तो माल मिल जाएगा यह मरने लोगों के मरने का समय आ जाएगा तो अपने आप प्रमाण मिल जाएगा फिर किसी से प्रमाण मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ी भगवान के प्रमाण की बात नकारात्मक व्यक्तियों के लिए नहीं है जो भगवान के अस्तित्व को उनकी परम सत्ता को स्वीकार करते हैं उनके लिए ने दुर्योधन भी कृष्ण को स्वीकार नहीं करता था वह भगवान नहीं मानता था भगवान ने जब अपना परम स्वरूप दिखाया दिव्य स्वरूप जब दिखाया तो उसकी आंखों ताकत ही नहीं थी कि वह देख सके भीष्म के अलावा और विदुर के अलावा भरी सभा में कृष्ण को देखने की क्षमता ताकत ही नहीं थी तो नकारात्मकता से भरे हुए लोग भगवान का प्रमाण ना मांगे तो ज्यादा अच्छा है बेहतर यह है कि अपना जीवन जियो आनंद लो मर जाओ मरते समय भगवान जरूर याद आएंगे और उस समय प्रमाण भी दे देंगे इसलिए इसमें कोई चिंता की बात नहीं है भगवान का प्रमाण पानी के लिए आध्यात्मिक एमआर को चुनना पड़ता है तपस्या करनी पड़ती है अध्ययन करना पड़ता है ऐसे लोगों में क्षमता होती नहीं
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पैदा होते ही तुमने अपने बाप का प्रमाण मांगा था क्या मां का प्रमाण मांगा था क्या क्या आप ही मेरे मां बाप को इसका प्रमाण तो नहीं मांगा था मां बाप मानती तो हो उसको सही अपना पिता मानते हो उसे ही अपनी मां मानते हो जैसा बचपन से देखते चले आए हो उसी तरह से बिना प्रमाण मांगे भगवान के अस्तित्व को भी स्वीकार करो भाई प्रमाण की जहां तक बात है तो माल मिल जाएगा यह मरने लोगों के मरने का समय आ जाएगा तो अपने आप प्रमाण मिल जाएगा फिर किसी से प्रमाण मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ी भगवान के प्रमाण की बात नकारात्मक व्यक्तियों के लिए नहीं है जो भगवान के अस्तित्व को उनकी परम सत्ता को स्वीकार करते हैं उनके लिए ने दुर्योधन भी कृष्ण को स्वीकार नहीं करता था वह भगवान नहीं मानता था भगवान ने जब अपना परम स्वरूप दिखाया दिव्य स्वरूप जब दिखाया तो उसकी आंखों ताकत ही नहीं थी कि वह देख सके भीष्म के अलावा और विदुर के अलावा भरी सभा में कृष्ण को देखने की क्षमता ताकत ही नहीं थी तो नकारात्मकता से भरे हुए लोग भगवान का प्रमाण ना मांगे तो ज्यादा अच्छा है बेहतर यह है कि अपना जीवन जियो आनंद लो मर जाओ मरते समय भगवान जरूर याद आएंगे और उस समय प्रमाण भी दे देंगे इसलिए इसमें कोई चिंता की बात नहीं है भगवान का प्रमाण पानी के लिए आध्यात्मिक एमआर को चुनना पड़ता है तपस्या करनी पड़ती है अध्ययन करना पड़ता है ऐसे लोगों में क्षमता होती नहींPaida Hote Hi Tumne Apne Baap Ka Pramaan Manga Tha Kya Maa Ka Pramaan Manga Tha Kya Kya Aap Hi Mere Maa Baap Ko Iska Pramaan To Nahi Manga Tha Maa Baap Maanati To Ho Usko Sahi Apna Pita Manate Ho Use Hi Apni Maa Manate Ho Jaisa Bachpan Se Dekhte Chale Aaye Ho Ussi Tarah Se Bina Pramaan Mange Bhagwan Ke Astitv Ko Bhi Sweekar Karo Bhai Pramaan Ki Jahan Tak Baat Hai To Maal Mil Jayega Yeh Marne Logon Ke Marne Ka Samay Aa Jayega To Apne Aap Pramaan Mil Jayega Phir Kisi Se Pramaan Mangane Ki Zaroorat Hi Nahi Padi Bhagwan Ke Pramaan Ki Baat Nakaratmak Vyaktiyon Ke Liye Nahi Hai Jo Bhagwan Ke Astitv Ko Unki Param Satta Ko Sweekar Karte Hain Unke Liye Ne Duryodhan Bhi Krishan Ko Sweekar Nahi Karta Tha Wah Bhagwan Nahi Manata Tha Bhagwan Ne Jab Apna Param Swaroop Dikhaya Divya Swaroop Jab Dikhaya To Uski Aakhon Takat Hi Nahi Thi Ki Wah Dekh Sake Bhishma Ke Alava Aur Vidur Ke Alava Bhari Sabha Mein Krishan Ko Dekhne Ki Kshamta Takat Hi Nahi Thi To Nakaratmakta Se Bhare Huye Log Bhagwan Ka Pramaan Na Mange To Zyada Accha Hai Behtar Yeh Hai Ki Apna Jeevan Jio Anand Lo Mar Jao Marte Samay Bhagwan Jarur Yaad Aayenge Aur Us Samay Pramaan Bhi De Denge Isliye Isme Koi Chinta Ki Baat Nahi Hai Bhagwan Ka Pramaan Pani Ke Liye Aadhyatmik Mr Ko Chunana Padata Hai Tapasya Karni Padhti Hai Adhyayan Karna Padata Hai Aise Logon Mein Kshamta Hoti Nahi
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लेकिन मोक्ष प्राप्त करने के लिए ऋषि मुनियों ने जप-तप करके भगवान को समर्पित अपने आपको भगवान को समर्पित किया और उन्हें भगवान को ही शरण में जाना समझा उन्हें मोक्ष प्राप्ति के लिए अपना पूरा जीवन भगवान के लिए ही न्योछावर कर दिया क्योंकि मोक्ष प्राप्त करने का मतलब है जब हिंदू धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्त करना मनुष्य का जन्म मरण के चक्र से मुक्त हो जाना आत्मा परमात्मा में मिल जाती है और हम जीवन के इस चक्र से मुक्त हो जाते हैं और मनुष्य द्वारा धरती पर जन्म नहीं लेता
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लेकिन मोक्ष प्राप्त करने के लिए ऋषि मुनियों ने जप-तप करके भगवान को समर्पित अपने आपको भगवान को समर्पित किया और उन्हें भगवान को ही शरण में जाना समझा उन्हें मोक्ष प्राप्ति के लिए अपना पूरा जीवन भगवान के लिए ही न्योछावर कर दिया क्योंकि मोक्ष प्राप्त करने का मतलब है जब हिंदू धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्त करना मनुष्य का जन्म मरण के चक्र से मुक्त हो जाना आत्मा परमात्मा में मिल जाती है और हम जीवन के इस चक्र से मुक्त हो जाते हैं और मनुष्य द्वारा धरती पर जन्म नहीं लेताLekin Moksha Prapt Karne Ke Liye Rishi Muniyo Ne Jap Tap Karke Bhagwan Ko Samarpit Apne Aapko Bhagwan Ko Samarpit Kiya Aur Unhen Bhagwan Ko Hi Sharan Mein Jana Samjha Unhen Moksha Prapti Ke Liye Apna Pura Jeevan Bhagwan Ke Liye Hi Nyochhaavar Kar Diya Kyonki Moksha Prapt Karne Ka Matlab Hai Jab Hindu Dharm Ke Anusar Moksha Prapt Karna Manushya Ka Janm Maran Ke Chakra Se Mukt Ho Jana Aatma Paramatma Mein Mil Jati Hai Aur Hum Jeevan Ke Is Chakra Se Mukt Ho Jaate Hain Aur Manushya Dwara Dharti Par Janm Nahi Leta
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यह प्रश्न तो आध्यात्मिक प्रश्न है यह निर्भर करता है कि आप की आत्म चेतना कितनी जागृत है अगर आप की आत्म चेतना आत्मिक ऊर्जा को समझने का उसके साथ साक्षात करने की क्षमता आपके अंदर विकसित है यानी कि आप अपनी इंद्रियों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं अपने विचारों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं तो निश्चित रूप से आप अपने खुद के भीतर ईश्वर का भगवान का बहुत कर सकते हैं परंतु यदि आपकी मन स्थिति उसे पर कि नहीं है तो निश्चित रूप से आप को मंदिर जाने का प्रयोग करना चाहिए मंदिर में विक्रम होते हैं मूर्तियां होती है मूर्तियों के प्रति हम अपनी भावनाओं को समर्पित करते हैं हम क्या लाखों लोग वहां पर जाते हैं और अपनी भावनाओं को एक रूप में समर्पित करते हैं जिसके कारण हमारे विचारों में एक अनुशासन आता है हमारी दृष्टि जो है वह आत्म केंद्रित होती है एक समय ऐसा भी आता है जब आप उस सीमा से ऊपर उठ जाते हैं तो फिर आप अपने घर में साधना करें या चलते हुए साधना करें या सोचते हुए साधना करें उसी अवस्था में आप जा सकते हैं मंदिर बड़े-बड़े संतों महापुरुषों के द्वारा भी अपने आत्म चेतना के लिए अपनी साधना के लिए प्रयोग में लिया गया है और हम जैसे सामान्य पुरुष कि उसको अपने प्रयोग में ले सकते हैं यह हमारी सुविधा के लिए है परंतु इस को आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो अपने अंदर की छोरी तत्व को पहचानने के लिए उसको जागृत करने के लिए मंदिर का प्रथम प्रयोग ठीक है अच्छा है अनुशासित रखने के लिए अपने आप को यह सही मार्ग है
यह प्रश्न तो आध्यात्मिक प्रश्न है यह निर्भर करता है कि आप की आत्म चेतना कितनी जागृत है अगर आप की आत्म चेतना आत्मिक ऊर्जा को समझने का उसके साथ साक्षात करने की क्षमता आपके अंदर विकसित है यानी कि आप अपनी इंद्रियों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं अपने विचारों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं तो निश्चित रूप से आप अपने खुद के भीतर ईश्वर का भगवान का बहुत कर सकते हैं परंतु यदि आपकी मन स्थिति उसे पर कि नहीं है तो निश्चित रूप से आप को मंदिर जाने का प्रयोग करना चाहिए मंदिर में विक्रम होते हैं मूर्तियां होती है मूर्तियों के प्रति हम अपनी भावनाओं को समर्पित करते हैं हम क्या लाखों लोग वहां पर जाते हैं और अपनी भावनाओं को एक रूप में समर्पित करते हैं जिसके कारण हमारे विचारों में एक अनुशासन आता है हमारी दृष्टि जो है वह आत्म केंद्रित होती है एक समय ऐसा भी आता है जब आप उस सीमा से ऊपर उठ जाते हैं तो फिर आप अपने घर में साधना करें या चलते हुए साधना करें या सोचते हुए साधना करें उसी अवस्था में आप जा सकते हैं मंदिर बड़े-बड़े संतों महापुरुषों के द्वारा भी अपने आत्म चेतना के लिए अपनी साधना के लिए प्रयोग में लिया गया है और हम जैसे सामान्य पुरुष कि उसको अपने प्रयोग में ले सकते हैं यह हमारी सुविधा के लिए है परंतु इस को आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो अपने अंदर की छोरी तत्व को पहचानने के लिए उसको जागृत करने के लिए मंदिर का प्रथम प्रयोग ठीक है अच्छा है अनुशासित रखने के लिए अपने आप को यह सही मार्ग है
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मिथुन राशि लोगों के लिए पन्ना स्टोन ना बहुत लकी है
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मिथुन राशि लोगों के लिए पन्ना स्टोन ना बहुत लकी हैMithun Rashi Logon Ke Liye Panna Stone Na Bahut Lucky Hai
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देखिए आखिर में मनुष्य की मृत्यु के बाद क्या होता है संस्कृत भाषा का महत्व कुछ कहते हैं कि जब एक इंसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी आत्मा है वह उसकी जो बॉडी को तैयार देती है और जो आता है वह अगर उस बॉडी ने उस आत्मा ने अच्छे काम किए हैं अपनी लाइफ में तो वह स्वर्ग में जाती है और अगर उस गाड़ी नहीं आज मैंने बुरे काम किए जाते हैं कि हमारे पास आके मिली है कि मरने के बाद जो मनुष्य है वही आता है या तो मैं स्वर्ग में जाएगा यह है कि वह होते हैं जो बिछड़ने उनके दुकान छूट गए थे जो भेज अच्छे से बात करना चाह रहे थे वह पूरा करते हैं तो दिल्ली है कि मनुष्य की मृत्यु के बाद क्या होता है कुछ कह देंगे तब उसकी मृत्यु हो जाती है तो वापस जानवर बनते हैं और जानवर से कोई भी जानवर सपना वापस इसी विल स्टार्ट करते हैं और कुछ कहते हैं कोई मनुष्य मर जाता है तो मर जाता है उनको भी पता है मैं सिंपल एक मर जाते हैं उनका जो बॉडी एंड की पौड़ी खत्म हो जाती है उसके बाद देश खत्म हो जाता है पर बहुत सारी बिल्ली को मारने का कुछ एक डोली को मारने का कुछ बहुत ज्यादा दोस्त ग्रुप नहीं है
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देखिए आखिर में मनुष्य की मृत्यु के बाद क्या होता है संस्कृत भाषा का महत्व कुछ कहते हैं कि जब एक इंसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी आत्मा है वह उसकी जो बॉडी को तैयार देती है और जो आता है वह अगर उस बॉडी ने उस आत्मा ने अच्छे काम किए हैं अपनी लाइफ में तो वह स्वर्ग में जाती है और अगर उस गाड़ी नहीं आज मैंने बुरे काम किए जाते हैं कि हमारे पास आके मिली है कि मरने के बाद जो मनुष्य है वही आता है या तो मैं स्वर्ग में जाएगा यह है कि वह होते हैं जो बिछड़ने उनके दुकान छूट गए थे जो भेज अच्छे से बात करना चाह रहे थे वह पूरा करते हैं तो दिल्ली है कि मनुष्य की मृत्यु के बाद क्या होता है कुछ कह देंगे तब उसकी मृत्यु हो जाती है तो वापस जानवर बनते हैं और जानवर से कोई भी जानवर सपना वापस इसी विल स्टार्ट करते हैं और कुछ कहते हैं कोई मनुष्य मर जाता है तो मर जाता है उनको भी पता है मैं सिंपल एक मर जाते हैं उनका जो बॉडी एंड की पौड़ी खत्म हो जाती है उसके बाद देश खत्म हो जाता है पर बहुत सारी बिल्ली को मारने का कुछ एक डोली को मारने का कुछ बहुत ज्यादा दोस्त ग्रुप नहीं हैDekhie Aakhir Mein Manushya Ki Mrityu Ke Baad Kya Hota Hai Sanskrit Bhasha Ka Mahatva Kuch Kehte Hain Ki Jab Ek Insaan Ki Mrityu Ho Jati Hai To Uski Aatma Hai Wah Uski Jo Body Ko Taiyaar Deti Hai Aur Jo Aata Hai Wah Agar Us Body Ne Us Aatma Ne Acche Kaam Kiye Hain Apni Life Mein To Wah Swarg Mein Jati Hai Aur Agar Us Gaadi Nahi Aaj Maine Bure Kaam Kiye Jaate Hain Ki Hamare Paas Aake Mili Hai Ki Marne Ke Baad Jo Manushya Hai Wahi Aata Hai Ya To Main Swarg Mein Jayega Yeh Hai Ki Wah Hote Hain Jo Bichadane Unke Dukan Chhut Gaye The Jo Bhej Acche Se Baat Karna Chah Rahe The Wah Pura Karte Hain To Delhi Hai Ki Manushya Ki Mrityu Ke Baad Kya Hota Hai Kuch Keh Denge Tab Uski Mrityu Ho Jati Hai To Wapas Janwar Bante Hain Aur Janwar Se Koi Bhi Janwar Sapna Wapas Isi Will Start Karte Hain Aur Kuch Kehte Hain Koi Manushya Mar Jata Hai To Mar Jata Hai Unko Bhi Pata Hai Main Simple Ek Mar Jaate Hain Unka Jo Body End Ki Podi Khatam Ho Jati Hai Uske Baad Desh Khatam Ho Jata Hai Par Bahut Saree Billi Ko Maarne Ka Kuch Ek Doli Ko Maarne Ka Kuch Bahut Jyada Dost Group Nahi Hai
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नहीं खाया तो भगवान हमारे लिए भी हंसता है हमें लगता है कि भगवान है तो भगवान है वह सच
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नहीं खाया तो भगवान हमारे लिए भी हंसता है हमें लगता है कि भगवान है तो भगवान है वह सचNahi Khaya To Bhagwan Hamare Liye Bhi Hansata Hai Hume Lagta Hai Ki Bhagwan Hai To Bhagwan Hai Wah Sach
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आज की हिंदुस्तान में मनीष जो है बेसिकली पुलिंग शब्द है जो कि एक जाति को वर्कर समय जो है जिसकी कोई भी चीज में रुकावट या अवरोध उत्पन्न करने वाले होते थे वैसे लोग दुखी नॉमिनीज छुआछूत का समय था उस वक्त मलेश्वर से जो कि मुझे कुछ नहीं करें उन तक नहीं करी किसी व्यक्ति को मोर ले चलो किसी को टच नहीं करें या बहुत गंदगी में रहने वाले लोग इस तरह की जो प्रजापति समाज जाति पर ठीक है इसका मुझे बहुत पहले ही सभी चीजों का एक टाइम था जिस वक्त यह मैसेज सब जो इस्तेमाल किया था लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं है वैसा कुछ शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाता है
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आज की हिंदुस्तान में मनीष जो है बेसिकली पुलिंग शब्द है जो कि एक जाति को वर्कर समय जो है जिसकी कोई भी चीज में रुकावट या अवरोध उत्पन्न करने वाले होते थे वैसे लोग दुखी नॉमिनीज छुआछूत का समय था उस वक्त मलेश्वर से जो कि मुझे कुछ नहीं करें उन तक नहीं करी किसी व्यक्ति को मोर ले चलो किसी को टच नहीं करें या बहुत गंदगी में रहने वाले लोग इस तरह की जो प्रजापति समाज जाति पर ठीक है इसका मुझे बहुत पहले ही सभी चीजों का एक टाइम था जिस वक्त यह मैसेज सब जो इस्तेमाल किया था लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं है वैसा कुछ शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाता हैAaj Ki Hindustan Mein Manish Jo Hai Basically Puling Shabdh Hai Jo Ki Ek Jati Ko Worker Samay Jo Hai Jiski Koi Bhi Cheez Mein Rukavat Ya Avarodh Utpann Karne Wale Hote The Waise Log Dukhi Naminij Chhuachhut Ka Samay Tha Us Waqt Maleshwar Se Jo Ki Mujhe Kuch Nahi Karen Un Tak Nahi Kari Kisi Vyakti Ko More Le Chalo Kisi Ko Touch Nahi Karen Ya Bahut Gandagi Mein Rehne Wale Log Is Tarah Ki Jo Prajapati Samaaj Jati Par Theek Hai Iska Mujhe Bahut Pehle Hi Sabhi Chijon Ka Ek Time Tha Jis Waqt Yeh Massage Sab Jo Istemal Kiya Tha Lekin Abhi Aisa Kuch Nahi Hai Waisa Kuch Shabdh Istemal Nahi Kiya Jata Hai
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देखिए सबसे पहले तो मैं आपके जवाब नहीं क्वेश्चन पूछा है मैं से बिल्कुल एग्री ही नहीं करती मैं नहीं मानती कि ऐसा कुछ होता है अपनी अपनी बॉडी में कुछ आत्मा या सोने जैसा कुछ होता है क्योंकि इसका हमारे पास कुछ प्रूफ नहीं है यह जिस्म तो कहते हैं कि लाइफ आफ्टर डेथ आत्मा क्या करती है आत्मा कहां जाती है इसका बेवकूफ नहीं है इसका साइंटिफिक लॉजिक नहीं है अलार्म साइंस के हिसाब से देखें तो कोई इंसान सिर्फ सभी अवस्था है जब उसके बॉडी खराब हो जाती है नमस्कार शरीर में कुछ ऐसा कुछ खराब हो जाता है या उसके शरीर में कहीं चोट लग जाती है या उसके शरीर में कुछ ऐसा हो जाता है जो उसका शरीर पर नहीं कर सकता मैं भी एक्सीडेंट या कुछ और दिन खराब हो गया है ऐसा कुछ और याद आ रही आपकी क्वेश्चन की बात कि शरीर पुराना होने पर आत्महत्या कर दी है जी मैं नहीं मानती क्योंकि साइंस का कुछ लॉजिक नहीं है स्टेशन में और जूजू जो जन्म लेता है उनकी मृत्यु हो जाती है कभी-कभी डिलीवरी करते टाइम कुछ प्रॉब्लम आ गई हो या फिर जो शिशु है उसकी ऑर्गंस ही अच्छी तरह से तकलीफ ना हो पाए जाते हैं इसका हमारे पास एक बहुत ज्यादा एक अच्छा लॉजिक होता है तो ऐसा नहीं है कि आत्महत्या कर देती है यह कोई बात नहीं है क्योंकि साइंस साइंस के हिसाब से उचित नहीं है
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देखिए सबसे पहले तो मैं आपके जवाब नहीं क्वेश्चन पूछा है मैं से बिल्कुल एग्री ही नहीं करती मैं नहीं मानती कि ऐसा कुछ होता है अपनी अपनी बॉडी में कुछ आत्मा या सोने जैसा कुछ होता है क्योंकि इसका हमारे पास कुछ प्रूफ नहीं है यह जिस्म तो कहते हैं कि लाइफ आफ्टर डेथ आत्मा क्या करती है आत्मा कहां जाती है इसका बेवकूफ नहीं है इसका साइंटिफिक लॉजिक नहीं है अलार्म साइंस के हिसाब से देखें तो कोई इंसान सिर्फ सभी अवस्था है जब उसके बॉडी खराब हो जाती है नमस्कार शरीर में कुछ ऐसा कुछ खराब हो जाता है या उसके शरीर में कहीं चोट लग जाती है या उसके शरीर में कुछ ऐसा हो जाता है जो उसका शरीर पर नहीं कर सकता मैं भी एक्सीडेंट या कुछ और दिन खराब हो गया है ऐसा कुछ और याद आ रही आपकी क्वेश्चन की बात कि शरीर पुराना होने पर आत्महत्या कर दी है जी मैं नहीं मानती क्योंकि साइंस का कुछ लॉजिक नहीं है स्टेशन में और जूजू जो जन्म लेता है उनकी मृत्यु हो जाती है कभी-कभी डिलीवरी करते टाइम कुछ प्रॉब्लम आ गई हो या फिर जो शिशु है उसकी ऑर्गंस ही अच्छी तरह से तकलीफ ना हो पाए जाते हैं इसका हमारे पास एक बहुत ज्यादा एक अच्छा लॉजिक होता है तो ऐसा नहीं है कि आत्महत्या कर देती है यह कोई बात नहीं है क्योंकि साइंस साइंस के हिसाब से उचित नहीं हैDekhie Sabse Pehle To Main Aapke Jawab Nahi Question Poocha Hai Main Se Bilkul Agree Hi Nahi Karti Main Nahi Maanati Ki Aisa Kuch Hota Hai Apni Apni Body Mein Kuch Aatma Ya Sone Jaisa Kuch Hota Hai Kyonki Iska Hamare Paas Kuch Proof Nahi Hai Yeh Jism To Kehte Hain Ki Life After Death Aatma Kya Karti Hai Aatma Kahan Jati Hai Iska Bewakoof Nahi Hai Iska Scientific Logic Nahi Hai Alarm Science Ke Hisab Se Dekhen To Koi Insaan Sirf Sabhi Awastha Hai Jab Uske Body Kharab Ho Jati Hai Namaskar Sharir Mein Kuch Aisa Kuch Kharab Ho Jata Hai Ya Uske Sharir Mein Kahin Chot Lag Jati Hai Ya Uske Sharir Mein Kuch Aisa Ho Jata Hai Jo Uska Sharir Par Nahi Kar Sakta Main Bhi Accident Ya Kuch Aur Din Kharab Ho Gaya Hai Aisa Kuch Aur Yaad Aa Rahi Aapki Question Ki Baat Ki Sharir Purana Hone Par Aatmahatya Kar Di Hai Ji Main Nahi Maanati Kyonki Science Ka Kuch Logic Nahi Hai Station Mein Aur Zuzu Jo Janm Leta Hai Unki Mrityu Ho Jati Hai Kabhi Kabhi Delivery Karte Time Kuch Problem Aa Gayi Ho Ya Phir Jo Shishu Hai Uski Argans Hi Acchi Tarah Se Takleef Na Ho Paye Jaate Hain Iska Hamare Paas Ek Bahut Jyada Ek Accha Logic Hota Hai To Aisa Nahi Hai Ki Aatmahatya Kar Deti Hai Yeh Koi Baat Nahi Hai Kyonki Science Science Ke Hisab Se Uchit Nahi Hai
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भगवान रियल हैं या नहीं है सचमुच है या नहीं है आपकी आस्था पर डिपेंड करता है कि आप मानते हैं अगर आपके सच्चे दिल से मानते हैं कि गॉड हैं तो गॉड हैं और अगर आप नहीं मानते हैं कि भगवान ने आप को जरा सा भी भगवान पर आस्था नहीं है तो फिर भगवान आपके लिए नहीं है पहले मेरा ऐसा व्यक्तिगत राय यह है कि भगवान होते हैं अगर यह दुनिया में बुराई है तो अच्छाई भी अगर दुनिया में जाना है तो भगवान भी रिश्ते भगवान का अस्तित्व है और मैं इसे भगवान के अस्तित्व को सपोर्ट करता हूं
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भगवान रियल हैं या नहीं है सचमुच है या नहीं है आपकी आस्था पर डिपेंड करता है कि आप मानते हैं अगर आपके सच्चे दिल से मानते हैं कि गॉड हैं तो गॉड हैं और अगर आप नहीं मानते हैं कि भगवान ने आप को जरा सा भी भगवान पर आस्था नहीं है तो फिर भगवान आपके लिए नहीं है पहले मेरा ऐसा व्यक्तिगत राय यह है कि भगवान होते हैं अगर यह दुनिया में बुराई है तो अच्छाई भी अगर दुनिया में जाना है तो भगवान भी रिश्ते भगवान का अस्तित्व है और मैं इसे भगवान के अस्तित्व को सपोर्ट करता हूंBhagwan Real Hain Ya Nahi Hai Sachmuch Hai Ya Nahi Hai Aapki Aastha Par Depend Karta Hai Ki Aap Manate Hain Agar Aapke Sacche Dil Se Manate Hain Ki God Hain To God Hain Aur Agar Aap Nahi Manate Hain Ki Bhagwan Ne Aap Ko Jara Sa Bhi Bhagwan Par Aastha Nahi Hai To Phir Bhagwan Aapke Liye Nahi Hai Pehle Mera Aisa Vyaktigat Rai Yeh Hai Ki Bhagwan Hote Hain Agar Yeh Duniya Mein Burayi Hai To Acchai Bhi Agar Duniya Mein Jana Hai To Bhagwan Bhi Rishte Bhagwan Ka Astitv Hai Aur Main Ise Bhagwan Ke Astitv Ko Support Karta Hoon
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जी बिल्कुल हिंदू धर्म में अपने गोत्र में शादी करना गलत होता है और सिर्फ अपना गोत्र नहीं आपके लिए तो आप की महान ही होती है और जो आपकी दादी होती है उन सब के गोत्र छोड़े जाते हैं आपके माता का गोत्र पर छोड़ता है तो ऐसे सब गोत्र छोड़कर क्यों क्यों ऐसा होता है हिंदू धर्म में कि वह अग्रसेन गोत्र क्या होता तो भाई बहन मतलब रियालिटी में नहीं पैसे धर्म के हिसाब से विश्व के सबसे को भाई-बहन होते हैं वह मतलब वह शामली होती है तो अपनी फैमिली में शादी करना यह चीज नहीं होते नजर में तो इंतजार में कुछ पुत्र को छोड़कर से शादी की जाती और शादी करते हुए जब कुंडली हो गया मिलाते हैं जो आज भी चल रही है चीज उस टाइम पर भी चीज देखी जाति के गोत्र सेम ना हो
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जी बिल्कुल हिंदू धर्म में अपने गोत्र में शादी करना गलत होता है और सिर्फ अपना गोत्र नहीं आपके लिए तो आप की महान ही होती है और जो आपकी दादी होती है उन सब के गोत्र छोड़े जाते हैं आपके माता का गोत्र पर छोड़ता है तो ऐसे सब गोत्र छोड़कर क्यों क्यों ऐसा होता है हिंदू धर्म में कि वह अग्रसेन गोत्र क्या होता तो भाई बहन मतलब रियालिटी में नहीं पैसे धर्म के हिसाब से विश्व के सबसे को भाई-बहन होते हैं वह मतलब वह शामली होती है तो अपनी फैमिली में शादी करना यह चीज नहीं होते नजर में तो इंतजार में कुछ पुत्र को छोड़कर से शादी की जाती और शादी करते हुए जब कुंडली हो गया मिलाते हैं जो आज भी चल रही है चीज उस टाइम पर भी चीज देखी जाति के गोत्र सेम ना होJi Bilkul Hindu Dharm Mein Apne Gotra Mein Shadi Karna Galat Hota Hai Aur Sirf Apna Gotra Nahi Aapke Liye To Aap Ki Mahaan Hi Hoti Hai Aur Jo Aapki Dadi Hoti Hai Un Sab Ke Gotra Chodde Jaate Hain Aapke Mata Ka Gotra Par Chodta Hai To Aise Sab Gotra Chodkar Kyun Kyun Aisa Hota Hai Hindu Dharm Mein Ki Wah Agrasen Gotra Kya Hota To Bhai Behen Matlab Reality Mein Nahi Paise Dharm Ke Hisab Se Vishwa Ke Sabse Ko Bhai Behen Hote Hain Wah Matlab Wah Shamili Hoti Hai To Apni Family Mein Shadi Karna Yeh Cheez Nahi Hote Nazar Mein To Intejar Mein Kuch Putra Ko Chodkar Se Shadi Ki Jati Aur Shadi Karte Hue Jab Kundali Ho Gaya Milaate Hain Jo Aaj Bhi Chal Rahi Hai Cheez Us Time Par Bhi Cheez Dekhi Jati Ke Gotra Same Na Ho
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धर्म का होता है धारण अर्थात जिसे धारण किया जा सके धर्म कर्म प्रधान है गुणों को जो प्रदर्शित करें वह धर्म है धर्म को घुन भी कह सकते हैं यहां उल्लेखनीय है कि धर्म शब्द में घुन अर्थ केवल मानव से संबंधित नहीं पदार्थ के लिए भी धर्म शब्द प्रयुक्त होता है या था पानी का घर में रहना अग्नि का धर्म प्रकाश ऊष्मा देना और संपर्क में आने वाली वस्तु को जलाना व्यापकता की दृष्टिकोण से धर्म को उनका कहना सजीव निर्जीव दोनों के अर्थ में निंदा नितांत की ही उपयुक्त है धर्म सार्वभौमिक होता है अर्थात हो या मानव पूरी पृथ्वी के किसी भी कोने में बैठे मानव्य पदार्थ का धर्म एक ही होता है उसके देश रंग रूप की कोई बाधा नहीं है धर्म सार्वकालिक होता है यानी कि प्रत्येक काल में युग में धर्म का स्वरूप यह वही रहता है धर्म कभी बदलता नहीं है उदाहरण के लिए पानी अग्नि आदि पत्थर का धर्म सृष्टि निर्माण से आज पर्यंत पर्यंत समान है धर्म संप्रदाय में मूलभूत अंतर है धर्म का अंत अर्थ जब गुना जीवन में धारण करने योग्य होता है तो प्रत्येक मानव के लिए न मान सम्मान होना चाहिए 50 का धर्म सार्वभौमिक है तो मानव जाति के लिए भी तो इसकी सार्वभौमिकता होनी चाहिए अतः मानव के संदर्भ में धर्म की बात करें तो वह केवल मानव धर्म है हिंदू मुस्लिम इसाई जैन या बहुत आदि धर्म ना होकर संप्रदाय या समुदाय मात्रा है संप्रदाय परंपरा के मानने वालों का समूह है
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धर्म का होता है धारण अर्थात जिसे धारण किया जा सके धर्म कर्म प्रधान है गुणों को जो प्रदर्शित करें वह धर्म है धर्म को घुन भी कह सकते हैं यहां उल्लेखनीय है कि धर्म शब्द में घुन अर्थ केवल मानव से संबंधित नहीं पदार्थ के लिए भी धर्म शब्द प्रयुक्त होता है या था पानी का घर में रहना अग्नि का धर्म प्रकाश ऊष्मा देना और संपर्क में आने वाली वस्तु को जलाना व्यापकता की दृष्टिकोण से धर्म को उनका कहना सजीव निर्जीव दोनों के अर्थ में निंदा नितांत की ही उपयुक्त है धर्म सार्वभौमिक होता है अर्थात हो या मानव पूरी पृथ्वी के किसी भी कोने में बैठे मानव्य पदार्थ का धर्म एक ही होता है उसके देश रंग रूप की कोई बाधा नहीं है धर्म सार्वकालिक होता है यानी कि प्रत्येक काल में युग में धर्म का स्वरूप यह वही रहता है धर्म कभी बदलता नहीं है उदाहरण के लिए पानी अग्नि आदि पत्थर का धर्म सृष्टि निर्माण से आज पर्यंत पर्यंत समान है धर्म संप्रदाय में मूलभूत अंतर है धर्म का अंत अर्थ जब गुना जीवन में धारण करने योग्य होता है तो प्रत्येक मानव के लिए न मान सम्मान होना चाहिए 50 का धर्म सार्वभौमिक है तो मानव जाति के लिए भी तो इसकी सार्वभौमिकता होनी चाहिए अतः मानव के संदर्भ में धर्म की बात करें तो वह केवल मानव धर्म है हिंदू मुस्लिम इसाई जैन या बहुत आदि धर्म ना होकर संप्रदाय या समुदाय मात्रा है संप्रदाय परंपरा के मानने वालों का समूह हैDharm Ka Hota Hai Dharan Arthat Jise Dharan Kiya Ja Sake Dharm Karm Pradhan Hai Gunon Ko Jo Pradarshit Karen Wah Dharm Hai Dharm Ko Ghun Bhi Keh Sakte Hain Yahan Ullekhniya Hai Ki Dharm Shabdh Mein Ghun Arth Kewal Manav Se Sambandhit Nahi Padarth Ke Liye Bhi Dharm Shabdh Prayukt Hota Hai Ya Tha Pani Ka Ghar Mein Rehna Agni Ka Dharm Prakash Ushma Dena Aur Sampark Mein Aane Wali Vastu Ko Jalana Vyapkata Ki Drishtikon Se Dharm Ko Unka Kehna Sajeev Nirjeev Dono Ke Arth Mein Ninda Nitant Ki Hi Upayukt Hai Dharm Sarvabhaumik Hota Hai Arthat Ho Ya Manav Puri Prithvi Ke Kisi Bhi Kone Mein Baithey Manavya Padarth Ka Dharm Ek Hi Hota Hai Uske Desh Rang Roop Ki Koi Badha Nahi Hai Dharm Sarvakalik Hota Hai Yani Ki Pratyek Kaal Mein Yug Mein Dharm Ka Swaroop Yeh Wahi Rehta Hai Dharm Kabhi Badalta Nahi Hai Udaharan Ke Liye Pani Agni Aadi Pathar Ka Dharm Shrishti Nirman Se Aaj Paryant Paryant Saman Hai Dharm Sampraday Mein Mulbhut Antar Hai Dharm Ka Ant Arth Jab Guna Jeevan Mein Dharan Karne Yogya Hota Hai To Pratyek Manav Ke Liye N Maan Samman Hona Chahiye 50 Ka Dharm Sarvabhaumik Hai To Manav Jati Ke Liye Bhi To Iski Sarvabhaumikta Honi Chahiye Atah Manav Ke Sandarbh Mein Dharm Ki Baat Karen To Wah Kewal Manav Dharm Hai Hindu Muslim Isai Jain Ya Bahut Aadi Dharm Na Hokar Sampraday Ya Samuday Matra Hai Sampraday Parampara Ke Manane Walon Ka Samuh Hai
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आशीष पुत्री और जो है नर्मदा नदी को कहा जाता है
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आशीष पुत्री और जो है नर्मदा नदी को कहा जाता हैAashish Putri Aur Jo Hai Narmada Nadi Ko Kaha Jata Hai
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लक्ष्मी और गणेश जी की सबसे पहले शास्त्रों में लिखा है कि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले हमको गणेश जी की पूजा करते हो लक्ष्मी जी क्यों पैसे का से लेकर आने का नहीं है कि रामचंद्र जी को का तो वह आईटी अब तो 16 साल बाद लौट के आया था नहीं बहाना बना रखी है लोगों ने आह्वान करने के लिए किसी भी किसान के लिए सबसे पहले हमको गणेश की पूजा करनी होती इतनी जी की पूजा की जाती है और की धमकी
लक्ष्मी और गणेश जी की सबसे पहले शास्त्रों में लिखा है कि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले हमको गणेश जी की पूजा करते हो लक्ष्मी जी क्यों पैसे का से लेकर आने का नहीं है कि रामचंद्र जी को का तो वह आईटी अब तो 16 साल बाद लौट के आया था नहीं बहाना बना रखी है लोगों ने आह्वान करने के लिए किसी भी किसान के लिए सबसे पहले हमको गणेश की पूजा करनी होती इतनी जी की पूजा की जाती है और की धमकी
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महीने तो नहीं पता है हमें कुछ देर से जब जनता थी जैसे जनवरी में वोटिंग जनवरी थी जो वह जिस तरह प्रवेश के लिए और फरवरी में से 24 मार्च में जो है वह तीन दर्शन सेवन एट 12th और जो अप्रैल में है वह भी तीन रेट है 1927 आर्मी में दौड़ डेट है 2 और 11 जून को है 2225 अमित ने बताया कि यह जो टेस्ट मैच में गृह प्रवेश कर सकते हैं बहुत अच्छा रहेगा
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महीने तो नहीं पता है हमें कुछ देर से जब जनता थी जैसे जनवरी में वोटिंग जनवरी थी जो वह जिस तरह प्रवेश के लिए और फरवरी में से 24 मार्च में जो है वह तीन दर्शन सेवन एट 12th और जो अप्रैल में है वह भी तीन रेट है 1927 आर्मी में दौड़ डेट है 2 और 11 जून को है 2225 अमित ने बताया कि यह जो टेस्ट मैच में गृह प्रवेश कर सकते हैं बहुत अच्छा रहेगाMahine To Nahi Pata Hai Hume Kuch Der Se Jab Janta Thi Jaise January Mein Voting January Thi Jo Wah Jis Tarah Pravesh Ke Liye Aur February Mein Se 24 March Mein Jo Hai Wah Teen Darshan Seven Eight 12th Aur Jo April Mein Hai Wah Bhi Teen Rate Hai 1927 Army Mein Daudh Date Hai 2 Aur 11 June Ko Hai 2225 Amit Ne Bataya Ki Yeh Jo Test Match Mein Grah Pravesh Kar Sakte Hain Bahut Accha Rahega
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अरे हुए व्यक्ति का एक व्यक्ति जो माना जाता है कि जीवित रहने के लिए प्रकट होता है यह प्रकट होता है आमतौर पर एक अस्पष्ट छवि के रूप में
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अरे हुए व्यक्ति का एक व्यक्ति जो माना जाता है कि जीवित रहने के लिए प्रकट होता है यह प्रकट होता है आमतौर पर एक अस्पष्ट छवि के रूप मेंArre Hue Vyakti Ka Ek Vyakti Jo Mana Jata Hai Ki Jeevit Rehne Ke Liye Prakat Hota Hai Yeh Prakat Hota Hai Aamtaur Par Ek Aspast Chawi Ke Roop Mein
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हिंदू धर्म एक धर्म है जिस के अनुयाई अधिकांशत भारत-नेपाल और मॉरीशस में बहुमत में है इसे विश्व का प्राचीनतम धर्म कहा जाता है इसे वैदिक सतानंद सनातन वर्णाश्रम धर्म की भी कहे कहते हैं जिसका अर्थ है कि इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले से है विद्वान लोग हिंदू धर्म को भारत को की विभिन्न संस्कृतियों एवं परंपराओं का सम्मिश्रण मानते हैं जिसका कोई संस्थापक नहीं है यह धर्म अपने अंदर कई अलग-अलग उपासना पद्धति देव मत संप्रदाय और दर्शन समिति हुए हैं अनुयायियों की संख्या के आधार पर यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है संख्या के आधार पर इस के अधिकतर उपासक भारत में है और प्रतिशत के आधार पर नेपाल में है हालांकि इसमें कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है लेकिन वास्तव में यह यह एकेश्वरवादी धर्म है इसे सनातन धर्म वैदिक धर्म भी कहते हैं इंडोनेशिया में इस धर्म का अर्थ औपचारिक नाम हिंदू आगम है हिंदू केवल एक धर्म या संप्रदाय ही नहीं है अपितु जीवन जीने की पद्धति है
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हिंदू धर्म एक धर्म है जिस के अनुयाई अधिकांशत भारत-नेपाल और मॉरीशस में बहुमत में है इसे विश्व का प्राचीनतम धर्म कहा जाता है इसे वैदिक सतानंद सनातन वर्णाश्रम धर्म की भी कहे कहते हैं जिसका अर्थ है कि इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले से है विद्वान लोग हिंदू धर्म को भारत को की विभिन्न संस्कृतियों एवं परंपराओं का सम्मिश्रण मानते हैं जिसका कोई संस्थापक नहीं है यह धर्म अपने अंदर कई अलग-अलग उपासना पद्धति देव मत संप्रदाय और दर्शन समिति हुए हैं अनुयायियों की संख्या के आधार पर यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है संख्या के आधार पर इस के अधिकतर उपासक भारत में है और प्रतिशत के आधार पर नेपाल में है हालांकि इसमें कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है लेकिन वास्तव में यह यह एकेश्वरवादी धर्म है इसे सनातन धर्म वैदिक धर्म भी कहते हैं इंडोनेशिया में इस धर्म का अर्थ औपचारिक नाम हिंदू आगम है हिंदू केवल एक धर्म या संप्रदाय ही नहीं है अपितु जीवन जीने की पद्धति हैHindu Dharm Ek Dharm Hai Jis Ke Anuyai Adhikanshat Bharat Nepal Aur Mauritius Mein Bahumat Mein Hai Ise Vishwa Ka Pracheentam Dharm Kaha Jata Hai Ise Vaidik Satanand Sanatan Varnaashram Dharm Ki Bhi Kahe Kehte Hain Jiska Arth Hai Ki Iski Utpatti Manav Ki Utpatti Se Bhi Pehle Se Hai Vidwan Log Hindu Dharm Ko Bharat Ko Ki Vibhinn Sanskritiyo Evam Paramparaon Ka Sammishran Manate Hain Jiska Koi Sansthapak Nahi Hai Yeh Dharm Apne Andar Kai Alag Alag Upasana Paddhatee Dev Mat Sampraday Aur Darshan Samiti Hue Hain Anuyayiyon Ki Sankhya Ke Aadhar Par Yeh Vishwa Ka Teesra Sabse Bada Dharm Hai Sankhya Ke Aadhar Par Is Ke Adhiktar Upasak Bharat Mein Hai Aur Pratishat Ke Aadhar Par Nepal Mein Hai Halanki Isme Kai Devi Devatao Ki Puja Ki Jati Hai Lekin Vaastav Mein Yeh Yeh Ekeshwaravadi Dharm Hai Ise Sanatan Dharm Vaidik Dharm Bhi Kehte Hain Indonesia Mein Is Dharm Ka Arth Aupcharik Naam Hindu Aagam Hai Hindu Kewal Ek Dharm Ya Sampraday Hi Nahi Hai Apitu Jeevan Jeene Ki Paddhatee Hai
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आम आम बहुत इंटरेस्टिंग क्वेश्चन पूछा आपने अगर आपको बताती हूं कोई प्रूफ नहीं है इसका वैसे मजाक की बात नहीं है हमें नहीं पता पहले कौन आया पहले कौन नहीं आया अब लोग पूछ रहे थे पहले मुर्गी आई कि अंडा आपने पूछा पहले भगवान जी के पहले बंदर आए भगवान जी आए होंगे भगवान जी ने देखा होगा बहुत सारे पेड़ में रहे हैं आप सो जाओगे कुछ इंटरेस्टिंग कर आ जाएंगे साथ उन्होंने बंदर बना दिए बंदरों ने बहुत उछल कूद कि यहां से वहां कूदे और फिर भगवान जन्म से बोर हो गए होंगे क्योंकि वह सिर्फ कूद-फांद रहे थे उनके साथ ज्यादा कुछ करने को था नहीं और रोमांचक अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का बहुत मन कर रहा होगा उन्होंने सोचा आप इंसान बनाया जाए जिनके सब की अलग हाव-भाव अलग हाथ-पैर मुंह नाक आंख बाल सब कुछ अलग हाइट अलग हुआ जी वहां अपनी क्रिएटिविटी दिखा रहे थे और इस क्रिएटिविटी दिखाने के चक्कर में वह बंदर से इंसान बन गए तो इसीलिए भगवान ने बंदर से बाद में इंसान बनाती है
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आम आम बहुत इंटरेस्टिंग क्वेश्चन पूछा आपने अगर आपको बताती हूं कोई प्रूफ नहीं है इसका वैसे मजाक की बात नहीं है हमें नहीं पता पहले कौन आया पहले कौन नहीं आया अब लोग पूछ रहे थे पहले मुर्गी आई कि अंडा आपने पूछा पहले भगवान जी के पहले बंदर आए भगवान जी आए होंगे भगवान जी ने देखा होगा बहुत सारे पेड़ में रहे हैं आप सो जाओगे कुछ इंटरेस्टिंग कर आ जाएंगे साथ उन्होंने बंदर बना दिए बंदरों ने बहुत उछल कूद कि यहां से वहां कूदे और फिर भगवान जन्म से बोर हो गए होंगे क्योंकि वह सिर्फ कूद-फांद रहे थे उनके साथ ज्यादा कुछ करने को था नहीं और रोमांचक अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का बहुत मन कर रहा होगा उन्होंने सोचा आप इंसान बनाया जाए जिनके सब की अलग हाव-भाव अलग हाथ-पैर मुंह नाक आंख बाल सब कुछ अलग हाइट अलग हुआ जी वहां अपनी क्रिएटिविटी दिखा रहे थे और इस क्रिएटिविटी दिखाने के चक्कर में वह बंदर से इंसान बन गए तो इसीलिए भगवान ने बंदर से बाद में इंसान बनाती हैAam Aam Bahut Interesting Question Poocha Aapne Agar Aapko Batati Hoon Koi Proof Nahi Hai Iska Waise Mazak Ki Baat Nahi Hai Hume Nahi Pata Pehle Kaun Aaya Pehle Kaun Nahi Aaya Ab Log Pooch Rahe The Pehle Murgi Eye Ki Anda Aapne Poocha Pehle Bhagwan Ji Ke Pehle Bandar Aaye Bhagwan Ji Aaye Honge Bhagwan Ji Ne Dekha Hoga Bahut Sare Ped Mein Rahe Hain Aap So Jaoge Kuch Interesting Kar Aa Jaenge Saath Unhone Bandar Bana Diye Bandaron Ne Bahut Uchal Kud Ki Yahan Se Wahan Kude Aur Phir Bhagwan Janm Se Bore Ho Gaye Honge Kyonki Wah Sirf Kud Phand Rahe The Unke Saath Jyada Kuch Karne Ko Tha Nahi Aur Romanchak Apni Creativity Dikhane Ka Bahut Man Kar Raha Hoga Unhone Socha Aap Insaan Banaya Jaye Jinke Sab Ki Alag Hav Bhav Alag Hath Pair Mooh Nak Aankh Baal Sab Kuch Alag Height Alag Hua Ji Wahan Apni Creativity Dikha Rahe The Aur Is Creativity Dikhane Ke Chakkar Mein Wah Bandar Se Insaan Ban Gaye To Isliye Bhagwan Ne Bandar Se Baad Mein Insaan Banati Hai
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मैडिटेशन को योग बोलती है और इसका मतलब यह होता है कि कोई एक पार्टी कूलर चीज के ऊपर हम लोग ध्यान रखें और वह पार्टी कूलर चीज को अपना मन में बसा कर उसे कंसंट्रेट करके उसका योग करें
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मैडिटेशन को योग बोलती है और इसका मतलब यह होता है कि कोई एक पार्टी कूलर चीज के ऊपर हम लोग ध्यान रखें और वह पार्टी कूलर चीज को अपना मन में बसा कर उसे कंसंट्रेट करके उसका योग करेंMeditation Ko Yog Bolti Hai Aur Iska Matlab Yeh Hota Hai Ki Koi Ek Party Cooler Cheez Ke Upar Hum Log Dhyan Rakhen Aur Wah Party Cooler Cheez Ko Apna Man Mein Basa Kar Use Concentrate Karke Uska Yog Karen
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