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पढ़ लिखकर इतने बड़े बड़े अफसर बनते हैं पर एक बिना पढ़े लिखे मंत्री के अंदर काम करते हैं, ऐसा क्यों? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे हमारे जो संविधान है वो एक मंत्री की जो क्राइटेरिया है उस पर यह नहीं बोलता कि आपके पास यह डिग्री होने चाहिए यह डिप्लोमा होना चाहिए सर्टिफिकेशन वगैरा-वगैरा यह सारी चीजें नहीं बोलता इसलिए आपको दिखेगा कि हमारे जो मंत्री लोग हैं वह बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है या उन्होंने इस चीज में महारत हासिल नहीं की है क्योंकि हमारा जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होता है एक मंत्री बनने का वह ऐसा नहीं होता है वही मंत्री वह बनता है जिनके पीछे समर्थन होता है जिनके साथ लोग खड़े हो जाते हैं और उसको चीता देते हैं चुनाव में क्यों क्योंकि लोगों को विश्वास होता है कि ऐसे इंसान हैं जो कुछ काम करवा सकते हैं हमारे समाज को हमारे और वर्ग को या उसे रिया को उस शाम को जस्टिस कर पाएंगे अगर यह उस जगह पर पहुंच जाएं तो लोग अगर उनको योग्य समझते हैं कि भाई यह हमारे हित में ही फैसले और काम करेंगे तो इसीलिए कोई इंसान मंत्री बन जाता है मंत्री बनने के लिए कोई ऐसी अयोग्यता नहीं चाहिए अलग से कि आपको ऐसा होना चाहिए आपको वैसा होना चाहिए वगैरा-वगैरा तो इसीलिए आप देखेंगे कि भाई ऑफिशल्स जो कि मंत्री के अंदर काम करते हैं वह योग्य होते हैं वह इसलिए योग्य होते हैं कि ऑफिस असी तो होते हैं चाहे वह आईएएस आईएफएस आईपीएस जो भी ऑफिस एसओएस का डर के ऑफिस है यह बहुत योग्य होते हैं इनको पता होता है देश-दुनिया के बारे में इनको पता होता है कि यहां पर क्या चला कैसे काम करना है क्या करना है कैसे ले जाना चाहे वो इंश्योरेंस सुरक्षा की बात हो जाए तो नार्मल इकॉनमी की बात आ जाए वह सेफ्टी सिक्योरिटी की बातों से कोई मतलब यह सारे लोग हैं जो अपने सब्जेक्ट एरिया में निपुण होते हैं और यह गाइड करते हैं मिनिस्टर को तो मिनिस्टर के अपने आइडियाज होते हैं थॉट्स ओं थे जो इन से सलाह मशवरा लेते हैं और इनको इंप्लीमेंट जाने के लिए बोलते हैं एग्जीक्यूट करने के लिए बोलते हैं साथ में यह लो पर मिनिस्टर्स को गाइड करते हैं कि देखे हैं ऐसा करना चाहिए ऐसा नहीं करना चाहिए यह करने से ऐसा होगा वह करने से पैसा होगा तो इसमें दोनों का माला है दोनों का भला ऐसा है कि वह इंसान जो पर बैठा है जिस पर लोगों ने विश्वास जताया कि वह उनके काम करवा सकता है उस मिनिस्टर के पास एक बहुत ही काबिल वह खुश है इन ऑफिस के रूप में जो एक आम को इंप्लीमेंट करते हैं को अंजाम देते हैं कई बार तो उनके दिमाग ही होते हैं किसी ने पारी को शुरू करने में तो इसीलिए यह जो यह जुकाम भी नहीं नहीं रिकांबिनेशन ठीक-ठाक है हां लेकिन मैं यह जरूर मानता हूं कि फिर भी हमारी जो नेता लोग हैं उनको कुछ पढ़ा लिखा जरूर होना चाहिए पहली बात दूसरी बात उनका बैकग्राउंड जो है वह कोई ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह जेल में जा चुके हैं या उनके ऊपर कोई मुकदमा चल रहा है वगैरा-वगैरा ऐसा नहीं होना चाहिए यह मेरा बहुत सॉन्ग गोपी ने ने उनका भी हिसाब-किताब बहुत आया रिकॉर्ड बहुत साफ होना चाहिए जिस तरीके से अगर आप और कहीं जॉब करने जाते हैं किसी बिजनेस में काम करने जाते हैं तो वहां पर जिस तरीके से हमारे एजुकेशन क्वालिफिकेशन देखा जाता है हमारा बैकग्राउंड चेक कराया जाता है देखा जाता है कि भाई मैंने कोई गलत काम तो नहीं किया मेरा कोई जेल बेल का हसीन तो नहीं है अगर ऐसा कुछ होता है तो मुझे नौकरी नहीं मिलती इसी तरीके से एक मंत्री को नौकरी नहीं मिली थी क्योंकि वह जनता की सेवा करने जा रहे हैं अगर वह ईमानदार नहीं है उसके ऊपर कोर्ट केस चल रहा है कोई सही बात नहीं होगी फिलहाल तो ऐसा है लेकिन आगे चलकर शायद हो सकता यह चीजें बदल जाए तो बस मैं इतना ही कहूंगा
देखे हमारे जो संविधान है वो एक मंत्री की जो क्राइटेरिया है उस पर यह नहीं बोलता कि आपके पास यह डिग्री होने चाहिए यह डिप्लोमा होना चाहिए सर्टिफिकेशन वगैरा-वगैरा यह सारी चीजें नहीं बोलता इसलिए आपको दिखेगा कि हमारे जो मंत्री लोग हैं वह बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है या उन्होंने इस चीज में महारत हासिल नहीं की है क्योंकि हमारा जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होता है एक मंत्री बनने का वह ऐसा नहीं होता है वही मंत्री वह बनता है जिनके पीछे समर्थन होता है जिनके साथ लोग खड़े हो जाते हैं और उसको चीता देते हैं चुनाव में क्यों क्योंकि लोगों को विश्वास होता है कि ऐसे इंसान हैं जो कुछ काम करवा सकते हैं हमारे समाज को हमारे और वर्ग को या उसे रिया को उस शाम को जस्टिस कर पाएंगे अगर यह उस जगह पर पहुंच जाएं तो लोग अगर उनको योग्य समझते हैं कि भाई यह हमारे हित में ही फैसले और काम करेंगे तो इसीलिए कोई इंसान मंत्री बन जाता है मंत्री बनने के लिए कोई ऐसी अयोग्यता नहीं चाहिए अलग से कि आपको ऐसा होना चाहिए आपको वैसा होना चाहिए वगैरा-वगैरा तो इसीलिए आप देखेंगे कि भाई ऑफिशल्स जो कि मंत्री के अंदर काम करते हैं वह योग्य होते हैं वह इसलिए योग्य होते हैं कि ऑफिस असी तो होते हैं चाहे वह आईएएस आईएफएस आईपीएस जो भी ऑफिस एसओएस का डर के ऑफिस है यह बहुत योग्य होते हैं इनको पता होता है देश-दुनिया के बारे में इनको पता होता है कि यहां पर क्या चला कैसे काम करना है क्या करना है कैसे ले जाना चाहे वो इंश्योरेंस सुरक्षा की बात हो जाए तो नार्मल इकॉनमी की बात आ जाए वह सेफ्टी सिक्योरिटी की बातों से कोई मतलब यह सारे लोग हैं जो अपने सब्जेक्ट एरिया में निपुण होते हैं और यह गाइड करते हैं मिनिस्टर को तो मिनिस्टर के अपने आइडियाज होते हैं थॉट्स ओं थे जो इन से सलाह मशवरा लेते हैं और इनको इंप्लीमेंट जाने के लिए बोलते हैं एग्जीक्यूट करने के लिए बोलते हैं साथ में यह लो पर मिनिस्टर्स को गाइड करते हैं कि देखे हैं ऐसा करना चाहिए ऐसा नहीं करना चाहिए यह करने से ऐसा होगा वह करने से पैसा होगा तो इसमें दोनों का माला है दोनों का भला ऐसा है कि वह इंसान जो पर बैठा है जिस पर लोगों ने विश्वास जताया कि वह उनके काम करवा सकता है उस मिनिस्टर के पास एक बहुत ही काबिल वह खुश है इन ऑफिस के रूप में जो एक आम को इंप्लीमेंट करते हैं को अंजाम देते हैं कई बार तो उनके दिमाग ही होते हैं किसी ने पारी को शुरू करने में तो इसीलिए यह जो यह जुकाम भी नहीं नहीं रिकांबिनेशन ठीक-ठाक है हां लेकिन मैं यह जरूर मानता हूं कि फिर भी हमारी जो नेता लोग हैं उनको कुछ पढ़ा लिखा जरूर होना चाहिए पहली बात दूसरी बात उनका बैकग्राउंड जो है वह कोई ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह जेल में जा चुके हैं या उनके ऊपर कोई मुकदमा चल रहा है वगैरा-वगैरा ऐसा नहीं होना चाहिए यह मेरा बहुत सॉन्ग गोपी ने ने उनका भी हिसाब-किताब बहुत आया रिकॉर्ड बहुत साफ होना चाहिए जिस तरीके से अगर आप और कहीं जॉब करने जाते हैं किसी बिजनेस में काम करने जाते हैं तो वहां पर जिस तरीके से हमारे एजुकेशन क्वालिफिकेशन देखा जाता है हमारा बैकग्राउंड चेक कराया जाता है देखा जाता है कि भाई मैंने कोई गलत काम तो नहीं किया मेरा कोई जेल बेल का हसीन तो नहीं है अगर ऐसा कुछ होता है तो मुझे नौकरी नहीं मिलती इसी तरीके से एक मंत्री को नौकरी नहीं मिली थी क्योंकि वह जनता की सेवा करने जा रहे हैं अगर वह ईमानदार नहीं है उसके ऊपर कोर्ट केस चल रहा है कोई सही बात नहीं होगी फिलहाल तो ऐसा है लेकिन आगे चलकर शायद हो सकता यह चीजें बदल जाए तो बस मैं इतना ही कहूंगा
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऑफिसर बनने के लिए जितने भी गवर्नमेंट एम्पलाई है 12:00 बजे चकला को एग्जाम देने होते लेकिन एंड पॉलीटिशियन होते हैं वह वोट यानी जनता के वोट के द्वारा स्टेशन बनते में जितनी ज्यादा जनता के बीच उनकी पकड़ होते होते वोट मिलते हैं और उन्हें पोजीशन मिलते हैं तो लोकतंत्र में ऐसा संभव
ऑफिसर बनने के लिए जितने भी गवर्नमेंट एम्पलाई है 12:00 बजे चकला को एग्जाम देने होते लेकिन एंड पॉलीटिशियन होते हैं वह वोट यानी जनता के वोट के द्वारा स्टेशन बनते में जितनी ज्यादा जनता के बीच उनकी पकड़ होते होते वोट मिलते हैं और उन्हें पोजीशन मिलते हैं तो लोकतंत्र में ऐसा संभव
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