जावेद अख्तर सोचते हैं कि मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस पर आपकी क्या राय है? ...

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मैं जावेद अख्तर जी की बात से बिल्कुल सहमत हूं कि मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए क्योंकि इससे बहुत ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होता है और आसपास रह रहे लोगों को काफी परेशानी होती है l और मेरे मुताबिक सि...जवाब पढ़िये
मैं जावेद अख्तर जी की बात से बिल्कुल सहमत हूं कि मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए क्योंकि इससे बहुत ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होता है और आसपास रह रहे लोगों को काफी परेशानी होती है l और मेरे मुताबिक सिर्फ मस्जिदों पर ही नहीं अन्य धार्मिक स्थलों पर भी जैसे मंदिरों में, गिरजाघरों में या फिर गुरुद्वारों में, किसी भी धार्मिक स्थल पर तेज लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल बंद होना चाहिए l क्योंकि जिन धार्मिक स्थलों के पास आम लोगों के घर होते हैं वहां पर उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है l क्योंकि इन लाउडस्पीकर उसे जोर जोर जोर से आवाज निकलती है या वह भजन की हो या फिर अजान की हो या फिर किसी अन्य धार्मिक स्थल में जो भी कार्य हो रहे हैं उनकी हो l लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है l उनके घरों में तेज आवाज आती है और हो सकता है किसी भी घर में अगर कोई बीमार व्यक्ति है उसे सोने में या फिर बच्चों को पढ़ाई करने में काफी तकलीफ होती है l तो इसी वजह से मुझे लगता है कि हर एक स्टेट में या पूरे भारत में इन लाउडस्पीकरों पर बैन लगा देना चाहिए क्योंकि लाउड स्पीकर का प्रयोग करके आप भगवान को अल्लाह को ईसा मसीह या फिर किसी को भी खुश नहीं कर सकते हैं l अगर आपको पूजा करनी है या फिर नमाज पढ़ना है तो आप पर्सनली उसे कर सकते हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है l जो भी मंदिर मस्जिद या फिर अन्य धार्मिक स्थल के लोग हैं उन्हें इस बारे में गंभीर होने की आवश्यकता है कि लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल बंद किया जाए और जो भी जहां पर या फिर अन्य जगहों पर भी जैसे दीजे बगैरा बजाए जाते हैं शादी-पार्टी में यह सारी चीजें भी बंद होनी चाहिए जिससे ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके l और लोगों को राहत पहुंचाने का एक कार्य किया जाए lMain Javed Akhtar Ji Ki Baat Se Bilkul Sahmat Hoon Ki Masjidon Par Loudspeaker Band Hone Chahiye Kyonki Isse Bahut Jyada Dhwani Pradushan Hota Hai Aur Aaspass Rah Rahe Logon Ko Kafi Pareshani Hoti Hai L Aur Mere Mutabik Sirf Masjidon Par Hi Nahi Anya Dharmik Sthalon Par Bhi Jaise Mandiro Mein Girjagharon Mein Ya Phir Gurudwaron Mein Kisi Bhi Dharmik Sthal Par Tez Loudspeakaro Ka Istemal Band Hona Chahiye L Kyonki Jin Dharmik Sthalon Ke Paas Aam Logon Ke Ghar Hote Hain Wahan Par Unko Kafi Dikkaton Ka Samana Karna Padata Hai L Kyonki In Loudspeaker Use Jor Jor Jor Se Aawaj Nikalti Hai Ya Wah Bhajan Ki Ho Ya Phir Ajan Ki Ho Ya Phir Kisi Anya Dharmik Sthal Mein Jo Bhi Karya Ho Rahe Hain Unki Ho L Logon Ko Kafi Pareshaaniyon Ka Samana Karna Padata Hai L Unke Gharon Mein Tez Aawaj Aati Hai Aur Ho Sakta Hai Kisi Bhi Ghar Mein Agar Koi Bimar Vyakti Hai Use Sone Mein Ya Phir Bacchon Ko Padhai Karne Mein Kafi Takleef Hoti Hai L To Isi Wajah Se Mujhe Lagta Hai Ki Har Ek State Mein Ya Poore Bharat Mein In Loudspeakaro Par Ban Laga Dena Chahiye Kyonki Loud Speaker Ka Prayog Karke Aap Bhagwan Ko Allah Ko Isa Masih Ya Phir Kisi Ko Bhi Khush Nahi Kar Sakte Hain L Agar Aapko Puja Karni Hai Ya Phir Namaz Padhna Hai To Aap Personally Use Kar Sakte Hain Aur Isme Koi Burayi Nahi Hai L Jo Bhi Mandir Masjid Ya Phir Anya Dharmik Sthal Ke Log Hain Unhen Is Baare Mein Gambhir Hone Ki Avashyakta Hai Ki Loudspeakaro Ka Istemal Band Kiya Jaye Aur Jo Bhi Jahan Par Ya Phir Anya Jagho Par Bhi Jaise Dije Bagera Bajae Jaate Hain Shadi Party Mein Yeh Saree Cheezen Bhi Band Honi Chahiye Jisse Dhwani Pradushan Par Lagaam Lagai Ja Sake L Aur Logon Ko Raahat Pahunchane Ka Ek Karya Kiya Jaye L
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जावेद अख्तर साहब जो हैं उन्होंने उनका यह बयान देना की मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए बाकी काबिले तारीफ इसलिए नहीं क्योंकि उन्होंने एक ऐसा इसलिए क्योंकि मुसलमान होने के बावजूद इन सब ची...जवाब पढ़िये
जावेद अख्तर साहब जो हैं उन्होंने उनका यह बयान देना की मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए बाकी काबिले तारीफ इसलिए नहीं क्योंकि उन्होंने एक ऐसा इसलिए क्योंकि मुसलमान होने के बावजूद इन सब चीजों को परे हटकर उन्होंने यह बात आगे रखी है जो कि आमतौर पर नहीं देखी जाती है क्योंकि जो भी धर्म होता है उसके दूसरे धर्म की बात करता है और दूसरे धर्म के आलोचना करता है लेकिन रहने की बात कही की मस्जिद में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए बिल्कुल सही बात है लेकिन जींस केवल मस्जिद क्यों रहे मंदिरों में भी देखें सर हमारा धर्म हिंदू है स्टीकर लगा होता है वह बहुत ही ज्यादा दूर तक आवाज पहुंचाता है पचोर करता है इन ग्रामों के दिन है बच्चों के बोर्ड के एग्जाम है तो उसमें दिक्कतें होती हैं उन्हें पढ़ने में आमतौर पर यह कई बार कोई फंक्शन होता है कीर्तन होता है या मस्जिद में अजान हो इन सब चीजों से कोई डिस्टरबेंस होता है तू कहीं पर भी नहीं होना चाहिए आज तक की न्यूज़ होना चाहिए अन्यथा इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए पर वह मस्जिद को मंदिरJaved Akhtar Sahab Jo Hain Unhone Unka Yeh Bayan Dena Ki Masjidon Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye Baki Kabile Tarif Isliye Nahi Kyonki Unhone Ek Aisa Isliye Kyonki Musalman Hone Ke Bawajud In Sab Chijon Ko Pare Hatakar Unhone Yeh Baat Aage Rakhi Hai Jo Ki Aamtaur Par Nahi Dekhi Jati Hai Kyonki Jo Bhi Dharm Hota Hai Uske Dusre Dharm Ki Baat Karta Hai Aur Dusre Dharm Ke Aalochana Karta Hai Lekin Rehne Ki Baat Kahi Ki Masjid Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye Bilkul Sahi Baat Hai Lekin Jeans Kewal Masjid Kyun Rahe Mandiro Mein Bhi Dekhen Sar Hamara Dharm Hindu Hai Stikar Laga Hota Hai Wah Bahut Hi Jyada Dur Tak Aawaj Pahunchata Hai Pachor Karta Hai In Gramo Ke Din Hai Bacchon Ke Board Ke Exam Hai To Usamen Dikkaten Hoti Hain Unhen Padhne Mein Aamtaur Par Yeh Kai Baar Koi Function Hota Hai Kirtan Hota Hai Ya Masjid Mein Ajan Ho In Sab Chijon Se Koi Distarabens Hota Hai Tu Kahin Par Bhi Nahi Hona Chahiye Aaj Tak Ki News Hona Chahiye Anyatha Iska Istemal Nahi Hona Chahiye Par Wah Masjid Ko Mandir
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लेकिन मुझे लगता है कि जावेद अख्तर जो सोचते मस्जिदों और जो मस्जिद में स्पीकर था इसमें नहीं होना चाहिए अभी रिसीव मुझे मैं भी उनके बात में सहमत हूं अभी रिसेंटली रुलाया था जो यूपी का जो यूपी कॉमेडी पूरी ज...जवाब पढ़िये
लेकिन मुझे लगता है कि जावेद अख्तर जो सोचते मस्जिदों और जो मस्जिद में स्पीकर था इसमें नहीं होना चाहिए अभी रिसीव मुझे मैं भी उनके बात में सहमत हूं अभी रिसेंटली रुलाया था जो यूपी का जो यूपी कॉमेडी पूरी जो जो जो लोग दिल के मंदिर में बिना लाइसेंस में लाउडस्पीकर लगाए थे और जिसमें नॉइस पोलूशन होता था उसके लिए वह लोग बहन कर दी है और यह जो रुलाया था पहले ओल्ड हाई कोर्ट का ऑर्डर दे दिया था अभी वह जब एवं को वार्निंग में लता BP कॉमेंट को कॉपी करने पर जो लाउडस्पीकर बंद कर दिया सिर्फ मुस्लिम मस्जिदों में नहीं भाई बहन मंदिर हिंदू मस्जिदों में यात्रियों 46 में सब में बंद कर या बंद कर दिया तो आजकल क्या होता है यह सब इसको भी राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है तो क्या होता है जो मुस्लिम मस्जिद है या हिंदू मंदिर है यह जुग जुग जुग जुग बिना लाइसेंस में जो गाना चलाते हैं वह जो एरिया जो रजनी तैयार होते हैं उनको इफ़ेक्ट होता है तो लोग बहुत सारे लोग देखे ऑफिस में काम ऑफिस से रात भर काम करके आते हैं सुबह थोड़ा आराम वह थोड़ा रात भर सुबह तक सुबह तक रहेंगे मगर यह लोग सुबह 4:00 से 5:00 बजे लोग जो लोग को जल्दी सो के 9:00 बजे सोकर 4:00 बजे उठकर लाउडस्पीकर लगा देते लोगों को डिस्टर्ब होता लोगों का लाइव इफ़ेक्ट होता है तो और डिप्रेशन आ जाता है अगर आपको नींद से नहीं होगा तो डिप्रेशन आ जाएगा तो रेजिडेंशियल एरिया में अब आपको परमिशन लेना पड़ता है अगर बिना परमिशन मैं आपको चलाएंगे तो बैन होना ही चाहिए और अगर वह सरकार भी बोल रहा है कि अगर आपके पास लाइसेंस है अगर वह आपके आसपास कोई रजिस्ट्रेशन एरिया नहीं है अगर लोगों को डिस्टर्ब नहीं हो रहा तो कोई टेंशन नहीं है आप लाउड स्पीकर ऑन करके मगर आप जो भी 10 दिन चले देवी मंदिर खोल कर या मस्जिद खोल के अग्रज और लाउड स्पीकर ऑन कर दोगे तो आपको किसी को भी नींद नहीं नींद टूट जाएगा लोगों लोगों को भी खराब लगेगा यह हिंदू हो या मुस्लिम हो या क्रिश्चन ओवैसी को ऐसा कुछ भी नहीं है हर किसी को धार्मिक संस्था है अगर लाइसेंस नहीं है तो बैंक करना चाहिए लौटकरLekin Mujhe Lagta Hai Ki Javed Akhtar Jo Sochte Masjidon Aur Jo Masjid Mein Speaker Tha Isme Nahi Hona Chahiye Abhi Receive Mujhe Main Bhi Unke Baat Mein Sahmat Hoon Abhi Recently Rulaayaa Tha Jo Up Ka Jo Up Comedy Puri Jo Jo Jo Log Dil Ke Mandir Mein Bina License Mein Loudspeaker Lagaye The Aur Jisme Nais Pollution Hota Tha Uske Liye Wah Log Behen Kar Di Hai Aur Yeh Jo Rulaayaa Tha Pehle Old Hi Court Ka Order De Diya Tha Abhi Wah Jab Evam Ko Warning Mein Lata BP Cament Ko Copy Karne Par Jo Loudspeaker Band Kar Diya Sirf Muslim Masjidon Mein Nahi Bhai Behen Mandir Hindu Masjidon Mein Yatriyon 46 Mein Sab Mein Band Kar Ya Band Kar Diya To Aajkal Kya Hota Hai Yeh Sab Isko Bhi Rajnitik Mudda Banaya Ja Raha Hai To Kya Hota Hai Jo Muslim Masjid Hai Ya Hindu Mandir Hai Yeh Jug Jug Jug Jug Bina License Mein Jo Gaana Chalte Hain Wah Jo Area Jo Rajni Taiyaar Hote Hain Unko Effect Hota Hai To Log Bahut Sare Log Dekhe Office Mein Kaam Office Se Raat Bhar Kaam Karke Aate Hain Subah Thoda Aaram Wah Thoda Raat Bhar Subah Tak Subah Tak Rahenge Magar Yeh Log Subah 4:00 Se 5:00 Baje Log Jo Log Ko Jaldi So Ke 9:00 Baje Sokar 4:00 Baje Uthakar Loudspeaker Laga Dete Logon Ko Disturb Hota Logon Ka Live Effect Hota Hai To Aur Depression Aa Jata Hai Agar Aapko Neend Se Nahi Hoga To Depression Aa Jayega To Rejidenshiyal Area Mein Ab Aapko Permission Lena Padata Hai Agar Bina Permission Main Aapko Chalaenge To Ban Hona Hi Chahiye Aur Agar Wah Sarkar Bhi Bol Raha Hai Ki Agar Aapke Paas License Hai Agar Wah Aapke Aaspass Koi Registration Area Nahi Hai Agar Logon Ko Disturb Nahi Ho Raha To Koi Tension Nahi Hai Aap Loud Speaker On Karke Magar Aap Jo Bhi 10 Din Chale Devi Mandir Khol Kar Ya Masjid Khol Ke Agraj Aur Loud Speaker On Kar Doge To Aapko Kisi Ko Bhi Neend Nahi Neend Toot Jayega Logon Logon Ko Bhi Kharab Lagega Yeh Hindu Ho Ya Muslim Ho Ya Krishchan Owaisi Ko Aisa Kuch Bhi Nahi Hai Har Kisi Ko Dharmik Sanstha Hai Agar License Nahi Hai To Bank Karna Chahiye Lautkar
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जी, जो जावेद अख्तर सोचते हैं मैं भी वही सोचती हूं और मैं साथ में यह भी कहना चाहूंगी कि मस्जिद के अलावा और जितने भी मंदिर हैं सबका जगह पर स्पीकर का यूज नहीं होना चाहिए l देखिये, काफी अच्छे से एक बार मै...जवाब पढ़िये
जी, जो जावेद अख्तर सोचते हैं मैं भी वही सोचती हूं और मैं साथ में यह भी कहना चाहूंगी कि मस्जिद के अलावा और जितने भी मंदिर हैं सबका जगह पर स्पीकर का यूज नहीं होना चाहिए l देखिये, काफी अच्छे से एक बार मैंने एक कविता पढ़ी थी मुझे याद है उसमें लिखा था क्या हमारे भगवान, हमारे अल्लाह बहरे जो मैं स्पीकर से चला चला कर उन्हें अपनी बात कहनी पड़ती है l देखिये, अब बात अगर सच्चे मन से कहेंगे तो भी शायद ऊपर वाला सुन ले l आपको कोई जरूरत नहीं है स्पीकर लगाकर आपके पूरे शहर को आपके मन की बात सुनाने की l देखिए , जावेद अख्तर जो खुद मुस्लिम है अब अगर उन्होंने यह बात कही है तो शायद उन्हें कम प्रताड़ना झेलनी पड़े तो इतना कर आपको याद होगा कि जब एक्टर सिंगर सिंगर सोनू निगम ने भी यह बात की थी तो उन्हें कितना प्रताड़ित किया गया था l और अब तक जावेद अख्तर खुद मुस्लिम होकर अपने कल्चर के बारे में कुछ कह रहे हैं तो आगे देखना पड़ेगा कि उनकी कम्युनिटी इस बात के प्रति कैसे रियेक्ट करती है l खैर, हमे मैं इन सब चीजों में हिंदू मुस्लिम से ऊपर उठकर नार्मल कॉमन सेंस लगाना चाहिए कि किस तरह से यह सारी प्रैक्टिसेज हमारे ही लाइफ को कितनी मुश्किल बना देते हैं l आप खुद सोचिये आपके घर के बगल में कोई भी मंदिर हो या कोई भी मस्जिद हो और वहां आप देर रात तक थक कर काम कर रहे हो सुबह-सुबह आप को जबरदस्ती उठाना पड़ जाए क्योंकि आपके घर के बाजू वाले जो मंदिर या मस्जिद है वहां पर स्पीकर पर लोग चिल्ला रहे हैं वह आपके लिए कष्ट दायक होगा, है ना l तो हम सब को इन सब बातों को समझना चाहिए और जो हम अल्लाह को या भगवान को इतना चिल्ला-चिल्लाकर याद करते हैं उसके बजाय अगर हम थोड़ा ध्यान दे दे कि हमारे आसपास के मनुष्य कैसे रह रहे हैं तो हम थोड़ा सा पुण्य कमा लेंगे lJi Jo Javed Akhtar Sochte Hain Main Bhi Wahi Sochti Hoon Aur Main Saath Mein Yeh Bhi Kehna Chahungi Ki Masjid Ke Alava Aur Jitne Bhi Mandir Hain Sabka Jagah Par Speaker Ka Use Nahi Hona Chahiye L Dekhiye Kafi Acche Se Ek Baar Maine Ek Kavita Padhi Thi Mujhe Yaad Hai Usamen Likha Tha Kya Hamare Bhagwan Hamare Allah Behre Jo Main Speaker Se Chala Chala Kar Unhen Apni Baat Kahani Padhti Hai L Dekhiye Ab Baat Agar Sacche Man Se Kahenge To Bhi Shayad Upar Wala Sun Le L Aapko Koi Zaroorat Nahi Hai Speaker Lagakar Aapke Poore Sheher Ko Aapke Man Ki Baat Sunaane Ki L Dekhie , Javed Akhtar Jo Khud Muslim Hai Ab Agar Unhone Yeh Baat Kahi Hai To Shayad Unhen Kum Pratadana Jhelani Pade To Itna Kar Aapko Yaad Hoga Ki Jab Actor Singer Singer Sonu Nigam Ne Bhi Yeh Baat Ki Thi To Unhen Kitna Pratadit Kiya Gaya Tha L Aur Ab Tak Javed Akhtar Khud Muslim Hokar Apne Culture Ke Baare Mein Kuch Keh Rahe Hain To Aage Dekhna Padega Ki Unki Community Is Baat Ke Prati Kaise Riyekt Karti Hai L Khair Hume Main In Sab Chijon Mein Hindu Muslim Se Upar Uthakar Normal Common Sense Lagana Chahiye Ki Kis Tarah Se Yeh Saree Practices Hamare Hi Life Ko Kitni Mushkil Bana Dete Hain L Aap Khud Sochiye Aapke Ghar Ke Bagal Mein Koi Bhi Mandir Ho Ya Koi Bhi Masjid Ho Aur Wahan Aap Der Raat Tak Thak Kar Kaam Kar Rahe Ho Subah Subah Aap Ko Jabardasti Uthaana Padh Jaye Kyonki Aapke Ghar Ke Baju Wale Jo Mandir Ya Masjid Hai Wahan Par Speaker Par Log Chilla Rahe Hain Wah Aapke Liye Kasht Dayak Hoga Hai Na L To Hum Sab Ko In Sab Baaton Ko Samajhna Chahiye Aur Jo Hum Allah Ko Ya Bhagwan Ko Itna Chilla Chillakar Yaad Karte Hain Uske Bajay Agar Hum Thoda Dhyan De De Ki Hamare Aaspass Ke Manushya Kaise Rah Rahe Hain To Hum Thoda Sa Punya Kama Lenge L
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शादी के जावेद अख्तर ने कहा है कि जितने भी धार्मिक जगह वहां पर लाउडस्पीकर जो है वहां पर आ नहीं लगाना चाहिए जिस प्रकार से पिछले वर्ष सोनू निगम ने यह कहा था कि लाउडस्पीकर जो है लगाने का अच्छी बात नहीं है...जवाब पढ़िये
शादी के जावेद अख्तर ने कहा है कि जितने भी धार्मिक जगह वहां पर लाउडस्पीकर जो है वहां पर आ नहीं लगाना चाहिए जिस प्रकार से पिछले वर्ष सोनू निगम ने यह कहा था कि लाउडस्पीकर जो है लगाने का अच्छी बात नहीं है तो उसके उनके खिलाफ फतवा भी लगाएगा तो तो वैसे ही हां जावेद अख्तर साहब ने भी कहा है कि लाउडस्पीकर जो है वह उसमे नहीं अन्य धार्मिक जगहों पर भी उसको यूज नहीं करने चाहिए उन्होंने एक ट्वीट में कहा था कि जो सुनाने आया मैं उनकी बात से बिल्कुल सहमत हूं और ऊंचाई मस्जित हो या फिर कोई भी जगह धार्मिक जगह वापस नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए मेरे हिसाब से जावेद अख्तर जी बिल्कुल सही है क्योंकि अगर हम जितना धार्मिक जगह पर स्पीकर इस्तेमाल करते हैं वह चाहे कोई त्यौहार हो या आपसे कोई भी कारण हो अगर हम स्पीकर का इस्तेमाल करते हैं तो उसकी कल जो है कभी-कभी इंसानों को भी आ जाओ है दर्द पहुंचाते इंसानों के कान को भी दर्द पहुंचा देगी स्पीकर बहुत ही ज्यादा ऑफिस वाले होते हैं उनका डिसेबल जो होता है डीसीबी वह भी बहुत ज्यादा होता है और सिर्फ इंसान ही नहीं है जानवरों की बहुत हद तक जो है उनके भी कान खराब कर सकते हो नबी हर हियरिंग एंप्लॉयमेंट ला सकते हैं उनमें जो एक दरिया खौफ लगा सकते है और फिर वही ने जिस प्रकार से जितने घंटो तक जो है सारे धार्मिक जगह पर स्पीकर बजते हैं जब कोई त्यौहार हो तो बिल्कुल सही नहीं अगर त्योहार और धार्मिक त्योहारों को को बनाना है तो जरूरी नहीं है कि आपको स्पीकर लेकर आने से आप जो है अच्छे काम करके भी आप जो है वह त्यौहार बना सकते हो लेकिन जिस प्रकार से पिछले कई सालों से स्पीकर से धार धार्मिक द्वारा जो है सेलिब्रेट किया जा रहे हो बिल्कुल सही नहीं है और जावेद अख्तर ने जो कहा है कि उसकी करो का इस्तेमाल नहीं होना से कोई भी धार्मिक जगह पर वह बिल्कुल सही हैShadi Ke Javed Akhtar Ne Kaha Hai Ki Jitne Bhi Dharmik Jagah Wahan Par Loudspeaker Jo Hai Wahan Par Aa Nahi Lagana Chahiye Jis Prakar Se Pichle Varsh Sonu Nigam Ne Yeh Kaha Tha Ki Loudspeaker Jo Hai Lagane Ka Acchi Baat Nahi Hai To Uske Unke Khilaf Fatava Bhi Lagaega To To Waise Hi Haan Javed Akhtar Sahab Ne Bhi Kaha Hai Ki Loudspeaker Jo Hai Wah Usme Nahi Anya Dharmik Jagho Par Bhi Usko Use Nahi Karne Chahiye Unhone Ek Tweet Mein Kaha Tha Ki Jo Sunaane Aaya Main Unki Baat Se Bilkul Sahmat Hoon Aur Unchai Masjit Ho Ya Phir Koi Bhi Jagah Dharmik Jagah Wapas Nahi Istemal Karni Chahiye Mere Hisab Se Javed Akhtar Ji Bilkul Sahi Hai Kyonki Agar Hum Jitna Dharmik Jagah Par Speaker Istemal Karte Hain Wah Chahe Koi Tyohar Ho Ya Aapse Koi Bhi Kaaran Ho Agar Hum Speaker Ka Istemal Karte Hain To Uski Kal Jo Hai Kabhi Kabhi Insanon Ko Bhi Aa Jao Hai Dard Pahunchate Insanon Ke Kaan Ko Bhi Dard Pahuncha Degi Speaker Bahut Hi Jyada Office Wale Hote Hain Unka Disable Jo Hota Hai Disibi Wah Bhi Bahut Jyada Hota Hai Aur Sirf Insaan Hi Nahi Hai Jaanvaro Ki Bahut Had Tak Jo Hai Unke Bhi Kaan Kharab Kar Sakte Ho Nabi Har Hearing Employment La Sakte Hain Unmen Jo Ek Dariya Khauf Laga Sakte Hai Aur Phir Wahi Ne Jis Prakar Se Jitne Ghanton Tak Jo Hai Sare Dharmik Jagah Par Speaker Bajatey Hain Jab Koi Tyohar Ho To Bilkul Sahi Nahi Agar Tyohaar Aur Dharmik Tyoharon Ko Ko Banana Hai To Zaroori Nahi Hai Ki Aapko Speaker Lekar Aane Se Aap Jo Hai Acche Kaam Karke Bhi Aap Jo Hai Wah Tyohar Bana Sakte Ho Lekin Jis Prakar Se Pichle Kai Salon Se Speaker Se Dhar Dharmik Dwara Jo Hai Celebrate Kiya Ja Rahe Ho Bilkul Sahi Nahi Hai Aur Javed Akhtar Ne Jo Kaha Hai Ki Uski Karo Ka Istemal Nahi Hona Se Koi Bhi Dharmik Jagah Par Wah Bilkul Sahi Hai
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इस तरह के मुद्दे अक्सर धर्म से जोड़ लिया जाते हैं लेकिन ना मुझे ऐसा लगता है यह हर किसी की अपनी कॉपी नियन होती है मतलब जरूरी नहीं है कि आप उसे मारने या फिर आप उसको इतनी तारीफ थे कि वह एक देश का मुद्दा ...जवाब पढ़िये
इस तरह के मुद्दे अक्सर धर्म से जोड़ लिया जाते हैं लेकिन ना मुझे ऐसा लगता है यह हर किसी की अपनी कॉपी नियन होती है मतलब जरूरी नहीं है कि आप उसे मारने या फिर आप उसको इतनी तारीफ थे कि वह एक देश का मुद्दा बन जाए अब हम सब जानते हैं कि टाइम जब सोनू निगम ने कहा था मस्जिदों में स्पीकर लगने की बात है जब वह परेशान हो जाते थे तो उनकी अपनी एक व्यक्ति जिन्होंने शेयर की थी या आप ही के लिए उन्होंने अपनी कंप्लेंट की थी उसको इतना बड़ा बड़ा मुद्दा नहीं बनना चाहता भाई जावेद अख्तर भी यह बात कह रहा है तू भी एक मुद्दा बन रही है पर इतना बड़ा मुद्दा नहीं बन रही है कारण जो भी हो हम सब जानते हैं लेकिन मुद्दा बना नहीं चाहिए रही बात राय की मस्जिदों में स्पीकर होना चाहिए या नहीं होना चाहिए यह एक अपने आप में बहुत बड़ा मुद्दा है मुझे लगता है कि डिपेंड करता है अगर आपको चाहिए तो आप रखिए नहीं तो मत रखिए कानून कहां से आते हैं जब धर्म का पालन की बारी आती है तो कानून कहां से आते हैं और अगर पीकर हटने के बाद भी आती तो भी धर्म क्यों खतरे में पड़ेगा भाई स्पीकर हटा देना या लगा देना आपकी जो अच्छाई है जो आपके बढ़ाइए तब तक धर्म है उसको कहीं से भी कम है पता नहीं करेगी तो ऐसे में इतना ज्यादा उस चीज को बढ़ाना यह मुद्दा ही नहीं हुआ यह नेशनल डिबेट कब टॉपिक बने कि जावेद अख्तर क्या सोचते हैं कि स्पीकर लगना चाहिए कि नहीं लगना चाहिए और यह बहुत ही सीधा सादा समुद्र आपको लगता है रीत मस्जिद जो मौलाना है उनके अपनी सोच है अगर वह चाहे तो वहां टाइम होता है तो ना हटाए इसका मुद्दा लेकर नहीं बनाती मेरे ख्याल सेIs Tarah Ke Mudde Aksar Dharm Se Jod Liya Jaate Hain Lekin Na Mujhe Aisa Lagta Hai Yeh Har Kisi Ki Apni Copy Niyan Hoti Hai Matlab Zaroori Nahi Hai Ki Aap Use Maarne Ya Phir Aap Usko Itni Tarif The Ki Wah Ek Desh Ka Mudda Ban Jaye Ab Hum Sab Jante Hain Ki Time Jab Sonu Nigam Ne Kaha Tha Masjidon Mein Speaker Lagne Ki Baat Hai Jab Wah Pareshan Ho Jaate The To Unki Apni Ek Vyakti Jinhone Share Ki Thi Ya Aap Hi Ke Liye Unhone Apni Complaint Ki Thi Usko Itna Bada Bada Mudda Nahi Banana Chahta Bhai Javed Akhtar Bhi Yeh Baat Keh Raha Hai Tu Bhi Ek Mudda Ban Rahi Hai Par Itna Bada Mudda Nahi Ban Rahi Hai Kaaran Jo Bhi Ho Hum Sab Jante Hain Lekin Mudda Bana Nahi Chahiye Rahi Baat Rai Ki Masjidon Mein Speaker Hona Chahiye Ya Nahi Hona Chahiye Yeh Ek Apne Aap Mein Bahut Bada Mudda Hai Mujhe Lagta Hai Ki Depend Karta Hai Agar Aapko Chahiye To Aap Rakhiye Nahi To Mat Rakhiye Kanoon Kahan Se Aate Hain Jab Dharm Ka Palan Ki Baari Aati Hai To Kanoon Kahan Se Aate Hain Aur Agar Pikar Hatane Ke Baad Bhi Aati To Bhi Dharm Kyun Khatre Mein Padega Bhai Speaker Hata Dena Ya Laga Dena Aapki Jo Acchai Hai Jo Aapke Badhaiye Tab Tak Dharm Hai Usko Kahin Se Bhi Kum Hai Pata Nahi Karegi To Aise Mein Itna Jyada Us Cheez Ko Badhana Yeh Mudda Hi Nahi Hua Yeh National Debate Kab Topic Bane Ki Javed Akhtar Kya Sochte Hain Ki Speaker Lagna Chahiye Ki Nahi Lagna Chahiye Aur Yeh Bahut Hi Sidhaa Saada Samudra Aapko Lagta Hai Reet Masjid Jo Maulana Hai Unke Apni Soch Hai Agar Wah Chahe To Wahan Time Hota Hai To Na Hataye Iska Mudda Lekar Nahi Banati Mere Khayal Se
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नितारा अगर जावेद अख्तर साहब यह सोचते हैं कि मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए तो थोड़ा सा माने कलेक्ट कलेक्ट करना चाहूंगी कि मस्जिदें मस्जिदों में ही क्यों किसी भी धार्मिक स्थल पर कहीं प...जवाब पढ़िये
नितारा अगर जावेद अख्तर साहब यह सोचते हैं कि मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए तो थोड़ा सा माने कलेक्ट कलेक्ट करना चाहूंगी कि मस्जिदें मस्जिदों में ही क्यों किसी भी धार्मिक स्थल पर कहीं पर भी आखिरी धार्मिक स्थल क्यों कहीं पर भी और लाउडस्पीकर का यूज़ नहीं होना चाहिए सिर्फ मस्जिदों को यहां पर सेंट्रलाइज कर ना सिर्फ मस्जिदों के ऊपर उंगली उठाना मेरे सबसे गलत है किसी एक धर्म की भावनाओं को आहत नहीं पहुंचाने चाहिए जब किसी से बाकी जगह पर भी होती है जावेद के सामने सिर्फ मस्जिद क्यों कहा यह तो मैं नहीं जानती पर जिससे अभी यूपी में शुरू हुआ कि हर धार्मिक स्थल पर कहीं पर व्यस्त लाउडस्पीकर यूज़ नहीं किए जाएंगे जो कि काफी वेलकम इंग्लिश शुरुआत है तो अब से कई बार ऐसा होता कि कई लोग लाइन पर रहने के सिर से बोल जाते हैं उन्हें नहीं बोलनी चाहिए मैं भी ज्यादा के साथ कैसे कोई मोटे बना होगा उन्होंने किस धर्म के बारे में बोला वह जिसने थोड़ी सी गलत लगी किस धर्म को सेंट्रलाइज ना करें बल्कि बोले कि किसी भी जगह पर कोई भी धार्मिक स्थल पर नहीं घुस करें लाउडस्पीकर क्योंकि इससे बहुत ज्यादा प्रॉब्लम क्रिएट हो जाती है यू जूली तोहार एक ऐसे धार्मिक स्थलों पर ही चीजें अवार्ड करनी चाहिए सिर्फ मस्जिद नहीं बोलना चाहिएNitara Agar Javed Akhtar Sahab Yeh Sochte Hain Ki Masjidon Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye To Thoda Sa Mane Collect Collect Karna Chahungi Ki Masjiden Masjidon Mein Hi Kyun Kisi Bhi Dharmik Sthal Par Kahin Par Bhi Aakhiri Dharmik Sthal Kyun Kahin Par Bhi Aur Loudspeaker Ka Use Nahi Hona Chahiye Sirf Masjidon Ko Yahan Par Sentralaij Kar Na Sirf Masjidon Ke Upar Ungali Uthaana Mere Sabse Galat Hai Kisi Ek Dharm Ki Bhavnao Ko Aahat Nahi Pahunchane Chahiye Jab Kisi Se Baki Jagah Par Bhi Hoti Hai Javed Ke Samane Sirf Masjid Kyun Kaha Yeh To Main Nahi Jaanti Par Jisse Abhi Up Mein Shuru Hua Ki Har Dharmik Sthal Par Kahin Par Vyasta Loudspeaker Use Nahi Kiye Jaenge Jo Ki Kafi Welcome English Shuruvat Hai To Ab Se Kai Baar Aisa Hota Ki Kai Log Line Par Rehne Ke Sir Se Bol Jaate Hain Unhen Nahi Bolani Chahiye Main Bhi Jyada Ke Saath Kaise Koi Mote Bana Hoga Unhone Kis Dharm Ke Baare Mein Bola Wah Jisne Thodi Si Galat Lagi Kis Dharm Ko Sentralaij Na Karen Balki Bole Ki Kisi Bhi Jagah Par Koi Bhi Dharmik Sthal Par Nahi Ghus Karen Loudspeaker Kyonki Isse Bahut Jyada Problem Create Ho Jati Hai You Juilee Tohar Ek Aise Dharmik Sthalon Par Hi Cheezen Award Karni Chahiye Sirf Masjid Nahi Bolna Chahiye
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जावेद अख्तर जी ने जो है वह अपनी सोच आगे रखें अपना जो 1 पॉइंट ऑफ व्यू रखा है और सबके सामने इसका मतलब यह नहीं कि वह अगेंस्ट में है सबका यह देश एक अपनी कंट्री इंडिपेंडेंट करती है सबको अपनी अपनी राय अपने ...जवाब पढ़िये
जावेद अख्तर जी ने जो है वह अपनी सोच आगे रखें अपना जो 1 पॉइंट ऑफ व्यू रखा है और सबके सामने इसका मतलब यह नहीं कि वह अगेंस्ट में है सबका यह देश एक अपनी कंट्री इंडिपेंडेंट करती है सबको अपनी अपनी राय अपने सबके सामने एक्सप्रेस करने की पूरी लिबर्टी है तो उन्होंने जो कहा कुछ गलत नहीं किया उन्होंने बस एक्सप्रेस किया है और जो कि सब को हक है उन्हें लगता है उन्हें लगता है कि स्पीकर के समान नहीं होने से किसी और को लगता है कि स्पीकर का इस्तेमाल होना चाहिए तो इसमें कोई गलत नहीं है अपनी अपना जो है फॉर इंटरव्यू किसी के सामने ही रखनाJaved Akhtar Ji Ne Jo Hai Wah Apni Soch Aage Rakhen Apna Jo 1 Point Of View Rakha Hai Aur Sabke Samane Iska Matlab Yeh Nahi Ki Wah Against Mein Hai Sabka Yeh Desh Ek Apni Country Independent Karti Hai Sabko Apni Apni Rai Apne Sabke Samane Express Karne Ki Puri Liberty Hai To Unhone Jo Kaha Kuch Galat Nahi Kiya Unhone Bus Express Kiya Hai Aur Jo Ki Sab Ko Haq Hai Unhen Lagta Hai Unhen Lagta Hai Ki Speaker Ke Saman Nahi Hone Se Kisi Aur Ko Lagta Hai Ki Speaker Ka Istemal Hona Chahiye To Isme Koi Galat Nahi Hai Apni Apna Jo Hai For Interview Kisi Ke Samane Hi Rakhna
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लिखे जो जावेद अख्तर जी ने कहा है कि यह मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए मेरे हिसाब से यह 2 पॉइंट करें थे क्योंकि देखें मस्जिदो में लोग क्यों जाते हैं मन्नत मांगने जाते हैं और थोड़ा प्रेयर करने जाते हैं मेडिटेट करने जाते हैं थोड़ा ध्यान लगाने जाते हैं और अगर स्पीकर से जो लाउड मैसेज आते हैं वह भी डिस्ट्रक्शन बन जाती है जिसके कारण जो लोग मन की शांति प्राप्त करना चाहते हैं वह नहीं हो पाते बहुत लोगों का स्थिति किसी कारण से स्पीकर्स हट जाना चाहिएLikhe Jo Javed Akhtar Ji Ne Kaha Hai Ki Yeh Masjidon Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye Mere Hisab Se Yeh 2 Point Karen The Kyonki Dekhen Masjido Mein Log Kyun Jaate Hain Mannat Mangane Jaate Hain Aur Thoda Preyar Karne Jaate Hain Meditate Karne Jaate Hain Thoda Dhyan Lagane Jaate Hain Aur Agar Speaker Se Jo Loud Massage Aate Hain Wah Bhi Destruction Ban Jati Hai Jiske Kaaran Jo Log Man Ki Shanti Prapt Karna Chahte Hain Wah Nahi Ho Paate Bahut Logon Ka Sthiti Kisi Kaaran Se Speakers Hut Jana Chahiye
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देखिये, जावेद अख्तर ने जो कहा है कि मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए उन्होंने इस तरह से कहा है कि चाहे मस्जिद हो चाहे मस्जिद मंदिर हो जहां पर भी साउंड पोलूशन होता है वहां पर नहीं होना च...जवाब पढ़िये
देखिये, जावेद अख्तर ने जो कहा है कि मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए उन्होंने इस तरह से कहा है कि चाहे मस्जिद हो चाहे मस्जिद मंदिर हो जहां पर भी साउंड पोलूशन होता है वहां पर नहीं होना चाहिए l तो उल्टा अर्थ या मतलब नहीं निकालना चाहिए और वह सोचते हैं इतने इंटेलेक्चुअल आदमी है तो मुझे लगता है सही सोचते होंगे क्योंकि कुछ जगह परेशानी सच में होती है l देखिए, अजान पढ़ने या धर्म की काम करना कॉन्स्टिट्यूशनल गलत नहीं है लेकिन उसकी वजह से किसी को परेशानी होती है, यह अच्छी बात नहीं है l परेशानी सबसे बड़ी यह है कि हमारे देश में जितने का कई तरह के लोग रहते हैं, धर्म के लोग रहते हैं उन में समन्वय नहीं है l समन्वय मतलब एक दूसरे के साथ कंपेटिबिलिटी नहीं है l हम हर आदमी फ्रीडम चाहता है, फ्रीडम चाहता है तो क्यों नहीं मिली फ्रीडम उसको l तो इस फ्रीडम को कंट्रोल करने के लिए कुछ लोग इस तरह की चीजें जान बूझकर करते हैं l मैं किसी धर्म का नाम नहीं ले रहा लेकिन उन्होंने सभी के लिए बोला है, उनके मुंह से जरूर मस्जिद निकला हुआ है l वैसे मुझे लगता है उनका इंटेंशन जो था वह कहने का वह केवल मस्जिद नहीं और भी सभी जितने भी धर्म है, हिंदू, गुरुद्वारे इन सब पर भी स्पीकरस लगे होते, कोई यूज ना करें साउंड पोलूशन कम करने के लिए बोलते हैं l क्योंकि आदमी को भी परेशान हो जाता है कभी-कभी l तो उसका अन्य अर्थ मतलब निकालना चाहिए और जावेद ने जो कहा उसको सही कहा है, धन्यवाद lDekhiye Javed Akhtar Ne Jo Kaha Hai Ki Masjidon Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye Unhone Is Tarah Se Kaha Hai Ki Chahe Masjid Ho Chahe Masjid Mandir Ho Jahan Par Bhi Sound Pollution Hota Hai Wahan Par Nahi Hona Chahiye L To Ulta Arth Ya Matlab Nahi Nikalna Chahiye Aur Wah Sochte Hain Itne Intelekchual Aadmi Hai To Mujhe Lagta Hai Sahi Sochte Honge Kyonki Kuch Jagah Pareshani Sach Mein Hoti Hai L Dekhie Ajan Padhne Ya Dharm Ki Kaam Karna Constitutional Galat Nahi Hai Lekin Uski Wajah Se Kisi Ko Pareshani Hoti Hai Yeh Acchi Baat Nahi Hai L Pareshani Sabse Badi Yeh Hai Ki Hamare Desh Mein Jitne Ka Kai Tarah Ke Log Rehte Hain Dharm Ke Log Rehte Hain Un Mein Samanvay Nahi Hai L Samanvay Matlab Ek Dusre Ke Saath Kampetibiliti Nahi Hai L Hum Har Aadmi Freedom Chahta Hai Freedom Chahta Hai To Kyun Nahi Mili Freedom Usko L To Is Freedom Ko Control Karne Ke Liye Kuch Log Is Tarah Ki Cheezen Jaan Bujhkar Karte Hain L Main Kisi Dharm Ka Naam Nahi Le Raha Lekin Unhone Sabhi Ke Liye Bola Hai Unke Mooh Se Jarur Masjid Nikla Hua Hai L Waise Mujhe Lagta Hai Unka Intenshan Jo Tha Wah Kehne Ka Wah Kewal Masjid Nahi Aur Bhi Sabhi Jitne Bhi Dharm Hai Hindu Gurudware In Sab Par Bhi Spikaras Lage Hote Koi Use Na Karen Sound Pollution Kum Karne Ke Liye Bolte Hain L Kyonki Aadmi Ko Bhi Pareshan Ho Jata Hai Kabhi Kabhi L To Uska Anya Arth Matlab Nikalna Chahiye Aur Javed Ne Jo Kaha Usko Sahi Kaha Hai Dhanyavad L
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जैसे कि जावेद अख्तर जी ने कहा है कि मस्जिदों में अब लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होना चाहिए तो इस पर जो है उन्होंने यह इस बात के लिए इस बात को देख कर कहा है कि लाउडस्पीकर जैसी जो चीज है वह मुख्य तौर पर ध...जवाब पढ़िये
जैसे कि जावेद अख्तर जी ने कहा है कि मस्जिदों में अब लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होना चाहिए तो इस पर जो है उन्होंने यह इस बात के लिए इस बात को देख कर कहा है कि लाउडस्पीकर जैसी जो चीज है वह मुख्य तौर पर ध्वनि प्रदूषण फैलाने का काम इस तरह से करती हैं और प्रकृति को जिस बात से जो है हानि पहुंचती हानि पहुंचती है और हमें भी जो है इस बात से सहमत होना चाहिए क्योंकि जब मंदिरों में मस्जिदों में लाउडस्पीकर जैसी चीजें मिलती हैं तो ध्वनि प्रदूषण का फैलता ही है लेकिन साथ ही साथ हमें एक फैक्ट्री से जब रोड में सड़कों के बगल में जब कोई इस प्रकार की जानवर की जगह पर जो है जब कहीं पर कहीं पर सरकार और हो तो लोगों को सुनने भी तकलीफ आती है और वह एक्सीडेंट कभी हमारे लिए कार्य कर सकता है मैं जाऊंगा तब तक जी की इस बात से एक बार एक और बात पर कि जो है एक बार बार फिर से सहमत हूं क्योंकि उन्होंने उन्होंने जो है लोगों को उनकी उन्होंने जो इस बात को क्या कर लोगों को जो है ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जागरूक और उनकी जगह तक को जो है हमें अपनाना चाहिए तो इसीलिए मेरा मानना है कि उन्होंने बिल्कुल सही कहा है और हमें जो है मस्जिदों या मंदिरों में कहीं भी जो है लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करना चाहिए धन्यवादJaise Ki Javed Akhtar Ji Ne Kaha Hai Ki Masjidon Mein Ab Loudspeaker Ka Prayog Nahi Hona Chahiye To Is Par Jo Hai Unhone Yeh Is Baat Ke Liye Is Baat Ko Dekh Kar Kaha Hai Ki Loudspeaker Jaisi Jo Cheez Hai Wah Mukhya Taur Par Dhwani Pradushan Phailane Ka Kaam Is Tarah Se Karti Hain Aur Prakriti Ko Jis Baat Se Jo Hai Hani Pahunchati Hani Pahunchati Hai Aur Hume Bhi Jo Hai Is Baat Se Sahmat Hona Chahiye Kyonki Jab Mandiro Mein Masjidon Mein Loudspeaker Jaisi Cheezen Milti Hain To Dhwani Pradushan Ka Failata Hi Hai Lekin Saath Hi Saath Hume Ek Factory Se Jab Road Mein Sadkon Ke Bagal Mein Jab Koi Is Prakar Ki Janwar Ki Jagah Par Jo Hai Jab Kahin Par Kahin Par Sarkar Aur Ho To Logon Ko Sunane Bhi Takleef Aati Hai Aur Wah Accident Kabhi Hamare Liye Karya Kar Sakta Hai Main Jaunga Tab Tak Ji Ki Is Baat Se Ek Baar Ek Aur Baat Par Ki Jo Hai Ek Baar Baar Phir Se Sahmat Hoon Kyonki Unhone Unhone Jo Hai Logon Ko Unki Unhone Jo Is Baat Ko Kya Kar Logon Ko Jo Hai Dhwani Pradushan Ke Khilaf Jaagruk Aur Unki Jagah Tak Ko Jo Hai Hume Apnana Chahiye To Isliye Mera Manana Hai Ki Unhone Bilkul Sahi Kaha Hai Aur Hume Jo Hai Masjidon Ya Mandiro Mein Kahin Bhi Jo Hai Loudspeaker Ka Prayog Nahi Karna Chahiye Dhanyavad
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अब से निकले थे इनका जावेद अख्तर साहब ने जो बात कही की मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि बाकी जो पूजा-पाठ के स्थल है वहां भी उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए क्योंकि आप...जवाब पढ़िये
अब से निकले थे इनका जावेद अख्तर साहब ने जो बात कही की मस्जिदों में स्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि बाकी जो पूजा-पाठ के स्थल है वहां भी उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए क्योंकि आप बहुत पर्सनल चीज़ है आप खुद प्रैक्टिस करें लेकिन जबरदस्ती थोपना किसी के ऊपर उसको लाउडस्पीकर केसरिया थैंक यू बेटू गुटर आप खुद करें प्रेक्टिस मंदिर जाएं आप तो दिल में रखे भगवान को आप को जो करना है करें लेकिन चाहे जिस धर्म के अनुयाई हैं जरूरी नहीं कि मतलब हर कोई आप का भजन यह जान समय के लिए बेताब हो तो वैसे में आप करो बट दूसरों में थोपो मतAb Se Nikale The Inka Javed Akhtar Sahab Ne Jo Baat Kahi Ki Masjidon Mein Speaker Ka Istemal Nahi Hona Chahiye Unhone Yeh Bhi Kaha Ki Baki Jo Puja Path Ke Sthal Hai Wahan Bhi Unka Istemal Nahi Hona Chahiye Kyonki Aap Bahut Personal Cheese Hai Aap Khud Practice Karen Lekin Jabardasti Thopana Kisi Ke Upar Usko Loudspeaker Kesariya Thank You Betu Gutar Aap Khud Karen Practice Mandir Jayen Aap To Dil Mein Rakhe Bhagwan Ko Aap Ko Jo Karna Hai Karen Lekin Chahe Jis Dharm Ke Anuyai Hain Zaroori Nahi Ki Matlab Har Koi Aap Ka Bhajan Yeh Jaan Samay Ke Liye Betaab Ho To Waise Mein Aap Karo But Dusron Mein Thopo Mat
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दिखी मेरी नजर में तो लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए मस्जिद में बंद होने चाहिए लाउडस्पीकर क्योंकि मजहब इस्लाम किसी को भी तकलीफ पहुंचाने की इजाजत नहीं देता दूसरी बात यह है कि आज से 14 साल पहले जब माइक नहीं ...जवाब पढ़िये
दिखी मेरी नजर में तो लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए मस्जिद में बंद होने चाहिए लाउडस्पीकर क्योंकि मजहब इस्लाम किसी को भी तकलीफ पहुंचाने की इजाजत नहीं देता दूसरी बात यह है कि आज से 14 साल पहले जब माइक नहीं थे तब भी अजान होती थी और अजान सुनकर नमाज में आने वालों की तादाद भी ज्यादा होती थी आज वक्त बदला है टेक्नोलॉजी नहीं नहीं है फिर भी अजान होने के बाद सूची मस्जिदों में लोगों की भीड़ कम है यह कोई देखी भी खिला पर शराब बात नहीं कर रहा हूं और ना ही मैं किसी मजहब को बुरा ऐसा नहीं कह रहा हूं मेरी सोच यह है कि अपनी वजह से कोई मदद नहीं सिखाता है कि आप किसी को तकलीफ पहुंचा है वे किस में छोटे-छोटे बच्चे होते हैं स्कूल जाने वाले ड्यूटी से कोई आया है कोई बीमार है अभी स्पीकर बसता है जो सुबह स्कूल की नींद में खलल पड़ता है तो बेहतर यह है कि इसको बंद होनी चाहिए जिस तरह में अपनी ड्यूटी का ख्याल रहता है कि वह हमें 8:00 बजे ड्यूटी जाना है तो यह ख्याल क्यों नहीं होता कि आप मस्जिद में कोई टाइम तक तो पहुंच जाओ नमाज को जा कर आप का ऐलान करके बुलाया जाता है ड्यूटी के वक्त में आपका इलाज तो नहीं होता कि भैया आप ड्यूटी का टाइम हो गया आप चाहिए तो कोशिश कीजिए कि अपनी वजह से किसी को तकलीफ ना हो जो कि मजहब इस्लाम जो है यह सिखाता है कि आपका पड़ोसी भी आपकी वजह से परेशान ना हो तो मेरी सोच तो यही कि स्पीकर लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए बस्सी टू में और अगर जगहों पर भी एक वक्त मुकर्रर होना चाहिएDikhi Meri Nazar Mein To Loudspeaker Band Hone Chahiye Masjid Mein Band Hone Chahiye Loudspeaker Kyonki Majahab Islam Kisi Ko Bhi Takleef Pahunchane Ki Ijajat Nahi Deta Dusri Baat Yeh Hai Ki Aaj Se 14 Saal Pehle Jab Mike Nahi The Tab Bhi Ajan Hoti Thi Aur Ajan Sunkar Namaz Mein Aane Walon Ki Tadad Bhi Zyada Hoti Thi Aaj Waqt Badla Hai Technology Nahi Nahi Hai Phir Bhi Ajan Hone Ke Baad Suchi Masjidon Mein Logon Ki Bheed Kam Hai Yeh Koi Dekhi Bhi Khila Par Sharab Baat Nahi Kar Raha Hoon Aur Na Hi Main Kisi Majahab Ko Bura Aisa Nahi Keh Raha Hoon Meri Soch Yeh Hai Ki Apni Wajah Se Koi Madad Nahi Sikhata Hai Ki Aap Kisi Ko Takleef Pahuncha Hai Ve Kis Mein Chote Chote Bacche Hote Hain School Jaane Wali Duty Se Koi Aaya Hai Koi Bimar Hai Abhi Speaker Basetaa Hai Jo Subah School Ki Neend Mein Khalal Padata Hai To Behtar Yeh Hai Ki Isko Band Honi Chahiye Jis Tarah Mein Apni Duty Ka Khayal Rehta Hai Ki Wah Hume 8:00 Baje Duty Jana Hai To Yeh Khayal Kyon Nahi Hota Ki Aap Masjid Mein Koi Time Tak To Pahunch Jao Namaz Ko Ja Kar Aap Ka Elan Karke Bulaya Jata Hai Duty Ke Waqt Mein Aapka Ilaj To Nahi Hota Ki Bhaiya Aap Duty Ka Time Ho Gaya Aap Chahiye To Koshish Kijiye Ki Apni Wajah Se Kisi Ko Takleef Na Ho Jo Ki Majahab Islam Jo Hai Yeh Sikhata Hai Ki Aapka Padoshi Bhi Aapki Wajah Se Pareshan Na Ho To Meri Soch To Yahi Ki Speaker Loudspeaker Band Hone Chahiye Bassi To Mein Aur Agar Jagho Par Bhi Ek Waqt Mukrrar Hona Chahiye
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