आज के दौर में हम इतने स्वार्थी हो गए हैं कि लोग इंसानियत भूलते जा रहे हैं? क्यों? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह तो आज का दौर बन ही चुका है कि अपने स्वार्थ के लिए हर चीज करना परंतु इंसानियत धर्म बिल्कुल भूल जाना जब समय पड़ता है तो लोग गधे को भी बाप बना लेते हैं और जब इंसानियत धन की बात आती है सामने वाले...जवाब पढ़िये
देखिए यह तो आज का दौर बन ही चुका है कि अपने स्वार्थ के लिए हर चीज करना परंतु इंसानियत धर्म बिल्कुल भूल जाना जब समय पड़ता है तो लोग गधे को भी बाप बना लेते हैं और जब इंसानियत धन की बात आती है सामने वाले को मदद करने की बात आती है तब मुंह फेर के निकल लेते हैं जैसे कि कोई नाता ही नहीं है उनसे आपका भाई रिश्ता हो या ना हो इंसानियत का नाता तो हर इंसान से होता है आजकल तो लोग पुलिस के चक्कर में ना पढ़ने के लिए मरते इंसान को रोड पर देखते हुए अनदेखा कर देते हैं इसीलिए तो नया लो बन गया कि नहीं फसेंगे पुलिस केस में जान तो बचाओ किसी की बहुत ही बुरी चीज है यह कि लोग इंसानियत धर्म होते जा रहे हैं हजारों करोड़ों मंदिर हैं हमारे देश में जहां बैठकर लोग दिन-रात पूजा करते हैं परंतु इंसानियत धर्म नहीं हेलो को के अंदर रत्ती भर भी बहुत ही गलत है यह इतना स्वार्थ सही नहीं दूसरों की मदद कर देनी चाहिए सिर्फ अपने स्वार्थ नहीं देखना चाहिए हर चीज में अगर हम आज किसी की मदद नहीं करेंगे तो कल कोई हमारी भी मदद नहीं करेगा कल हमारे जरूरत के समय में भी हमें यूं ही फेंक कर चले जाएंगे लोग अनदेखा कर के तो बस सामने वाले की जगह खुद को रख कर देखें और बस दूसरों की भी मदद करें खुद का विश्वास देखें पर हमेशा नहीं हर वक्त नहीं थोड़ा दूसरों के लिए भी सोचो ऐसे आप अपनी खुद की जिंदगी को खुश खुश और अच्छा बनाएंगे और खुद को एक अच्छा इंसान बनाएंगेDekhie Yeh To Aaj Ka Daur Ban Hi Chuka Hai Ki Apne Swartha Ke Liye Har Cheez Karna Parantu Insaniyat Dharm Bilkul Bhul Jana Jab Samay Padata Hai To Log Gadhe Ko Bhi Baap Bana Lete Hain Aur Jab Insaniyat Dhan Ki Baat Aati Hai Samane Wale Ko Madad Karne Ki Baat Aati Hai Tab Mooh Pher Ke Nikal Lete Hain Jaise Ki Koi Nataa Hi Nahi Hai Unse Aapka Bhai Rishta Ho Ya Na Ho Insaniyat Ka Nataa To Har Insaan Se Hota Hai Aajkal To Log Police Ke Chakkar Mein Na Padhne Ke Liye Marte Insaan Ko Road Par Dekhte Hue Andekha Kar Dete Hain Isliye To Naya Lo Ban Gaya Ki Nahi Fasenge Police Case Mein Jaan To Bachao Kisi Ki Bahut Hi Buri Cheez Hai Yeh Ki Log Insaniyat Dharm Hote Ja Rahe Hain Hajaron Karodo Mandir Hain Hamare Desh Mein Jahan Baithkar Log Din Raat Puja Karte Hain Parantu Insaniyat Dharm Nahi Hello Ko Ke Andar Rattey Bhar Bhi Bahut Hi Galat Hai Yeh Itna Swartha Sahi Nahi Dusron Ki Madad Kar Deni Chahiye Sirf Apne Swartha Nahi Dekhna Chahiye Har Cheez Mein Agar Hum Aaj Kisi Ki Madad Nahi Karenge To Kal Koi Hamari Bhi Madad Nahi Karega Kal Hamare Zaroorat Ke Samay Mein Bhi Hume Yun Hi Fenk Kar Chale Jaenge Log Andekha Kar Ke To Bus Samane Wale Ki Jagah Khud Ko Rakh Kar Dekhen Aur Bus Dusron Ki Bhi Madad Karen Khud Ka Vishwas Dekhen Par Hamesha Nahi Har Waqt Nahi Thoda Dusron Ke Liye Bhi Socho Aise Aap Apni Khud Ki Zindagi Ko Khush Khush Aur Accha Banayenge Aur Khud Ko Ek Accha Insaan Banayenge
Likes  4  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिए तो बिल्कुल सच है रात के समय का सबसे बड़ा सच है कि लोग बस अब अपने बारे में सोचते हैं दूसरों दूसरे क्या सोच रहे हैं किस समय से गुजर रहे हैं उन्हें कुछ किसी बात से मतलब नहीं होता उन्हें बस चाहिए कि उ...जवाब पढ़िये
जिए तो बिल्कुल सच है रात के समय का सबसे बड़ा सच है कि लोग बस अब अपने बारे में सोचते हैं दूसरों दूसरे क्या सोच रहे हैं किस समय से गुजर रहे हैं उन्हें कुछ किसी बात से मतलब नहीं होता उन्हें बस चाहिए कि उनका खुद का अच्छा हो कई बार आप देखेंगे आजकल कैसे हो रहे हैं कि लोग मरण सइया पर पड़े डेथ पेट पर पड़े पर उनके बच्चे उन सब चीजों को छोड़कर वसीयत पर सिग्नेचर ले रहे हैं बताइए या फिर स्वार्थ नहीं है तो क्या है इंसानियत पता नहीं कहां गुम हो गई है काफी कम लोग बचे हैं इस दुनिया में दुनिया की चूड़ियां भारत को ही देख लीजिए कम लोग आपस में तो सच में आपकी मदद करना चाहते हैं अगर आप किसी को अपनी समस्या बताएंगे तो शायद मैं आप का मजाक उड़ा दे या फिर आपकी समस्या को अपनी अपनी आपकी कमजोरी बना रहेगा और अपनी ताकत और उसको आपके कीमती वोट करेगा सर आज कोई सच में आपकी समस्या सुनकर आपको मदद की मदद करने को कोई तैयार नहीं होता हम लोग सच में अब ह्यूमन बीइंग केवल मंत्री रह गए बीइंग ह्यूमन जो क्वालिटी है वह अब लोगों में रह गई नहीं है हमें चाहिए क्या नहीं सारी चीजें भूलकर कुछ हद तक तो अपने अंदर इंसानियत डेवलप करें यह जो कंपटीशन की इतनी बड़ी दुनिया हो गई है कट थ्रोट कंपटीशन है अब जाना चाहिए उन्हें बेस्ट होना है खुद को फिट बनाने के चक्कर में लोग बाकी लोगों के साथ क्या-क्या बुरा नहीं कर पाते हैं इन चीजों को कम होना चाहिए और हमें कभी कभी दूसरों के बारे में भी सोचना चाहिए कि तुझसे भी खुश रह सके और अगर दूसरे खुश होंगे तो मेरा यकीन मानिए हम खुद को खुद खुश हो जाएंगेJiye To Bilkul Sach Hai Raat Ke Samay Ka Sabse Bada Sach Hai Ki Log Bus Ab Apne Baare Mein Sochte Hain Dusron Dusre Kya Soch Rahe Hain Kis Samay Se Gujar Rahe Hain Unhen Kuch Kisi Baat Se Matlab Nahi Hota Unhen Bus Chahiye Ki Unka Khud Ka Accha Ho Kai Baar Aap Dekhenge Aajkal Kaise Ho Rahe Hain Ki Log Maran Saiya Par Pade Death Pet Par Pade Par Unke Bacche Un Sab Chijon Ko Chodkar Wasiyat Par Signature Le Rahe Hain Bataiye Ya Phir Swartha Nahi Hai To Kya Hai Insaniyat Pata Nahi Kahan Gum Ho Gayi Hai Kafi Kum Log Bache Hain Is Duniya Mein Duniya Ki Chudiyan Bharat Ko Hi Dekh Lijiye Kum Log Aapas Mein To Sach Mein Aapki Madad Karna Chahte Hain Agar Aap Kisi Ko Apni Samasya Batayenge To Shayad Main Aap Ka Mazak Uda De Ya Phir Aapki Samasya Ko Apni Apni Aapki Kamjori Bana Rahega Aur Apni Takat Aur Usko Aapke Kimti Vote Karega Sar Aaj Koi Sach Mein Aapki Samasya Sunkar Aapko Madad Ki Madad Karne Ko Koi Taiyaar Nahi Hota Hum Log Sach Mein Ab Human Being Kewal Mantri Rah Gaye Being Human Jo Quality Hai Wah Ab Logon Mein Rah Gayi Nahi Hai Hume Chahiye Kya Nahi Saree Cheezen Bhoolkar Kuch Had Tak To Apne Andar Insaniyat Develop Karen Yeh Jo Competition Ki Itni Badi Duniya Ho Gayi Hai Cut THROAT Competition Hai Ab Jana Chahiye Unhen Best Hona Hai Khud Ko Fit Banane Ke Chakkar Mein Log Baki Logon Ke Saath Kya Kya Bura Nahi Kar Paate Hain In Chijon Ko Kum Hona Chahiye Aur Hume Kabhi Kabhi Dusron Ke Baare Mein Bhi Sochna Chahiye Ki Tujhse Bhi Khush Rah Sake Aur Agar Dusre Khush Honge To Mera Yakin Maaniye Hum Khud Ko Khud Khush Ho Jaenge
Likes  3  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के दौर में हम इतने स्वार्थी इसलिए हो गए हैं क्योंकि अगर एक भी स्वार्थी व्यक्ति किसी इंसान की मदद करेगा बिना किसी स्वार्थ के तो अगला इंसान उस का अच्छे से इस्तेमाल करेगा जैसे ही उस इंसान का काम निकल ...जवाब पढ़िये
आज के दौर में हम इतने स्वार्थी इसलिए हो गए हैं क्योंकि अगर एक भी स्वार्थी व्यक्ति किसी इंसान की मदद करेगा बिना किसी स्वार्थ के तो अगला इंसान उस का अच्छे से इस्तेमाल करेगा जैसे ही उस इंसान का काम निकल जाएगा 1 सालों से छोड़कर चला जाएगा ना तक कि उसे भूल भी जाएगा इस बात से उसने स्वार्थी व्यक्ति को सिर्फ दुख होगा और इसी दुख की वजह से वह स्वार्थी बन जाता है हम कोई भी दुखी एक बार जेल लेंगे दो बार जन्म लेंगे लेकिन अगर बार-बार हमारे साथ वही होगा तो हम नहीं सेंड कर पाएंगे पर हम भी औरों की तरह हो जाएंगे उनके कुछ नहीं स्वार्थी लोगों की वजह से जो अच्छे लोग हैं वह भी इंसानियत भूलते जा रहे हैं उन्हें भी आप लोगों से मतलब नहीं है और वह भी स्वार्थी बनते जा रहे हैंAaj Ke Daur Mein Hum Itne Swaarthi Isliye Ho Gaye Hain Kyonki Agar Ek Bhi Swaarthi Vyakti Kisi Insaan Ki Madad Karega Bina Kisi Swartha Ke To Agla Insaan Us Ka Acche Se Istemal Karega Jaise Hi Us Insaan Ka Kaam Nikal Jayega 1 Salon Se Chodkar Chala Jayega Na Tak Ki Use Bhul Bhi Jayega Is Baat Se Usne Swaarthi Vyakti Ko Sirf Dukh Hoga Aur Isi Dukh Ki Wajah Se Wah Swaarthi Ban Jata Hai Hum Koi Bhi Dukhi Ek Baar Jail Lenge Do Baar Janm Lenge Lekin Agar Baar Baar Hamare Saath Wahi Hoga To Hum Nahi Send Kar Paenge Par Hum Bhi Auron Ki Tarah Ho Jaenge Unke Kuch Nahi Swaarthi Logon Ki Wajah Se Jo Acche Log Hain Wah Bhi Insaniyat Bhultey Ja Rahe Hain Unhen Bhi Aap Logon Se Matlab Nahi Hai Aur Wah Bhi Swaarthi Bante Ja Rahe Hain
Likes  0  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Aaj Ke Daur Mein Hum Itne Swaarthi Ho Gaye Hain Ki Log Insaniyat Bhultey Ja Rahe Hain Kyon, In Today's Era, We Have Become So Selfish That People Are Forgetting Innocently? Why?

vokalandroid