क्या यह सच है कि आप एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और आप वास्तव में इसे बदल नहीं सकते? ...

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क्या यह सच है कि आप जो पहनते हैं वह उनके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ कहता है? ...

यश बच्चों इसमें साइकोलॉजी का प्रयोग किया जाता है आप एक शब्द भी ना भूलें और मेरे सामने खड़े हो जाएंगे मैं आपकी फेस रीडिंग करके आपको बता सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं क्योंकि साइकोलॉजी है इसलिए अंग्रेजवाब पढ़िये
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मैं अपने व्यक्तित्व में क्या परिवर्तन लाऊँ जिससे लोग मुझे पसंद करें? ...

इसका जवाब बहुत सिंपल है ढूंढो आपको कोई भी चीज आपकी पर्सनैलिटी में लाने का दरकार नहीं है चौधरी है इसलिए लोग आप को लाइक करें यह कभी भी नहीं होना चाहिए अपनी पर्सनालिटी में चेंज लाने के लिए अगर आपको अपनी जवाब पढ़िये
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह बात बिलकुल और 100% सच है कि आप एक व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं निश्चित व्यक्तित्व शब्द में नहीं करूंगी व्यक्तित्व सचिव करना चाहूंगी बिकॉज कोई भी एक मनुष्य अपने पैरेंट्स उनके बारे में अपने फोरफादर्स इन सारी जींस का एक मिक्सचर ओके हर एक मनुष्य बिना है उनकी हर एक क्वालिटी बी एड फिजिकल बीएड इमोशनल अभी 1 मिनट के अंदर आती ही आती है तो एक व्यक्तित्व आप लेकर इस धरती पर आएंगे पर उस व्यक्तित्व को आप चेंज नहीं कर सकते यह बिल्कुल गलत बात है ह्यूमन एक ऐसी रचना है जिसके पास यह पूरा पावर है कि वह अपने सोचने के तरीके अपने दे टुडे एक्टिविटीज के तरीके अपने आई नो अपने किसी भी चीज की तरफ अप्रोच को लेकर हर एक चीज वह बदल सकता है हर एक चीज की यदि आप गांव को देखेंगे आप कोई भी एनिमल को देखेंगे पेड़ पौधों को देखेंगे तो जिस तरीके से बनाए गए हैं जिस तरीके से सृष्टि ने उनकी रचना कीजिए उससे अलग कुछ नहीं कर सकते पर मनुष्य हमारे पास ही पावर है कि हम किसी भी दिन किसी भी समय अगर हम दृढ़ निश्चय कर ले और अपने दिमाग में एक संकल्प ले ले तो हम अपने व्यक्तित्व को हमेशा अच्छाई की तरफ और और बेटा बना सकते हैं
जी हां यह बात बिलकुल और 100% सच है कि आप एक व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं निश्चित व्यक्तित्व शब्द में नहीं करूंगी व्यक्तित्व सचिव करना चाहूंगी बिकॉज कोई भी एक मनुष्य अपने पैरेंट्स उनके बारे में अपने फोरफादर्स इन सारी जींस का एक मिक्सचर ओके हर एक मनुष्य बिना है उनकी हर एक क्वालिटी बी एड फिजिकल बीएड इमोशनल अभी 1 मिनट के अंदर आती ही आती है तो एक व्यक्तित्व आप लेकर इस धरती पर आएंगे पर उस व्यक्तित्व को आप चेंज नहीं कर सकते यह बिल्कुल गलत बात है ह्यूमन एक ऐसी रचना है जिसके पास यह पूरा पावर है कि वह अपने सोचने के तरीके अपने दे टुडे एक्टिविटीज के तरीके अपने आई नो अपने किसी भी चीज की तरफ अप्रोच को लेकर हर एक चीज वह बदल सकता है हर एक चीज की यदि आप गांव को देखेंगे आप कोई भी एनिमल को देखेंगे पेड़ पौधों को देखेंगे तो जिस तरीके से बनाए गए हैं जिस तरीके से सृष्टि ने उनकी रचना कीजिए उससे अलग कुछ नहीं कर सकते पर मनुष्य हमारे पास ही पावर है कि हम किसी भी दिन किसी भी समय अगर हम दृढ़ निश्चय कर ले और अपने दिमाग में एक संकल्प ले ले तो हम अपने व्यक्तित्व को हमेशा अच्छाई की तरफ और और बेटा बना सकते हैं
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विज्ञान का जो रिजल्ट है उसमें एक विशेष व्यक्ति डॉक्टर ने काटा क्या आप मुझे बता दो और आप मुझे कहो आप उसे क्या बनाना चाहते हो ना यह शक्ल आर्टिस्ट का उद्घाटन उसका हिसाब से बंटा कोई बात नहीं है वही काम करता है कि पुलिस वाले बच्चे का एक्सपोजर के लोगों के साथ हुआ उसका देखे की बहुत सारी देश है जहां पर आजकल ज्यादा नास्तिक बाद अमृत है बहुत धार्मिक नहीं हो जीवन को बदल दिया के लोगों की सोच को समझ को बदल दिया उनके घर वालों को भी कुछ कम्युनिटी में दो अलग-अलग प्रभाव रोबोट पर पड़ता है आपकी माहौल से पैदा होती तो आप बदलना पड़ेगा
विज्ञान का जो रिजल्ट है उसमें एक विशेष व्यक्ति डॉक्टर ने काटा क्या आप मुझे बता दो और आप मुझे कहो आप उसे क्या बनाना चाहते हो ना यह शक्ल आर्टिस्ट का उद्घाटन उसका हिसाब से बंटा कोई बात नहीं है वही काम करता है कि पुलिस वाले बच्चे का एक्सपोजर के लोगों के साथ हुआ उसका देखे की बहुत सारी देश है जहां पर आजकल ज्यादा नास्तिक बाद अमृत है बहुत धार्मिक नहीं हो जीवन को बदल दिया के लोगों की सोच को समझ को बदल दिया उनके घर वालों को भी कुछ कम्युनिटी में दो अलग-अलग प्रभाव रोबोट पर पड़ता है आपकी माहौल से पैदा होती तो आप बदलना पड़ेगा
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सारी चीजें हैं जो हम यह बात तो सही है पर मैं क्या करूं करूं या अपनी कमी ना करूं तो मेरी पसंद की चीज होती है कुछ लोग बहुत ही पता नहीं मिलते मिलते हम कमेंट कहते हैं वही रहती है पर टपोरी कंपनी बनाती है जो अंदर जो एक्शन होता है सर निकलने की
सारी चीजें हैं जो हम यह बात तो सही है पर मैं क्या करूं करूं या अपनी कमी ना करूं तो मेरी पसंद की चीज होती है कुछ लोग बहुत ही पता नहीं मिलते मिलते हम कमेंट कहते हैं वही रहती है पर टपोरी कंपनी बनाती है जो अंदर जो एक्शन होता है सर निकलने की
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इसमें उत्तर यही रहेगा कि हम सब लोग जो भी पर्सनालिटी के साथ से जो भी हमारा जो भी हम बुंदिया कोई खराब हमारे में बात है उसके साथ हम सब आते हैं दुनिया में और हम सब जो हैं अपने सराउंडिंग के प्रोडक्ट होते हैं मेरा मानना है मतलब आपके घर में जो भी वातावरण है आप मेरे घर में जो वातावरण है हमारे पास जरूर है लेकिन जैसे-जैसे आप बड़े हो रहे हो एक घंटे का टाइम होता है 13 साल के बच्चे की जान लेने में प्रॉब्लम हो रहा है यानी की बात करते हैं या फिर बात करते हैं रोटी बनाने में रुकावट पैदा करता है तो आपको यह पता चल जाएगा कि मेरे में ऐसी क्या बात है जो मुझसे दूर भाग रहे हैं लाइफ में आगे बढ़ो भी मेरी मजबूरियों परेशान कि मैं खराब की गई वही तो होता नहीं आऊंगी हटा लूंगा तभी मेरा अच्छा होगा तो मेरे हिसाब से हमेशा इंपॉसिबल है और अपनी में आप दुनिया से अच्छी-अच्छी चीजें डाल सकते हो जो कि आप लेकर आए हो ऐसा देश को भ्रष्ट कर देगी आपको प्लस तब सब कुछ नरम और अच्छा होना चाहिए कभी भी दूसरों को चोट नहीं पहुंचाना चाहिए कि आप आपका समझ आता होना चाहिए मेरे को पलटन बिल्कुल बोलो
इसमें उत्तर यही रहेगा कि हम सब लोग जो भी पर्सनालिटी के साथ से जो भी हमारा जो भी हम बुंदिया कोई खराब हमारे में बात है उसके साथ हम सब आते हैं दुनिया में और हम सब जो हैं अपने सराउंडिंग के प्रोडक्ट होते हैं मेरा मानना है मतलब आपके घर में जो भी वातावरण है आप मेरे घर में जो वातावरण है हमारे पास जरूर है लेकिन जैसे-जैसे आप बड़े हो रहे हो एक घंटे का टाइम होता है 13 साल के बच्चे की जान लेने में प्रॉब्लम हो रहा है यानी की बात करते हैं या फिर बात करते हैं रोटी बनाने में रुकावट पैदा करता है तो आपको यह पता चल जाएगा कि मेरे में ऐसी क्या बात है जो मुझसे दूर भाग रहे हैं लाइफ में आगे बढ़ो भी मेरी मजबूरियों परेशान कि मैं खराब की गई वही तो होता नहीं आऊंगी हटा लूंगा तभी मेरा अच्छा होगा तो मेरे हिसाब से हमेशा इंपॉसिबल है और अपनी में आप दुनिया से अच्छी-अच्छी चीजें डाल सकते हो जो कि आप लेकर आए हो ऐसा देश को भ्रष्ट कर देगी आपको प्लस तब सब कुछ नरम और अच्छा होना चाहिए कभी भी दूसरों को चोट नहीं पहुंचाना चाहिए कि आप आपका समझ आता होना चाहिए मेरे को पलटन बिल्कुल बोलो
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एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और वास्तव में से बदल नहीं सकते नहीं बिल्कुल गलत है क्या होता है हम जब धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं हमारे सोसाइटी स्कूल कॉलेज फ्रेंड्स रिलेटिव्स सभी का बहुत ज्यादा इंश्योरेंस होता है बहुत ज्यादा और सभी कुछ ना कुछ आप में देखना चाहते हैं सभी लोग आपको एक फोटो कॉलेज फ्रेम में फिट करना चाहते हैं तो क्या हो जाता है आप क्या चीज है जो है अच्छा न लगती हुए भी आप इनवाइट कर लेते हैं या ने अपने आप में डाल देते हैं लोगों के अनुसार जैसे तू भी गुण अच्छे बने रहने की कोशिश क्योंकि लोगों को यह बहुत पसंद है लड़का या लड़की बहुत लोगों का सपोर्ट करते हैं आपके मन में होता नहीं है लेकिन फिर भी आप करते हैं और अपना नहीं बोल पाते हैं क्योंकि आप को नीतू भी गुट के तले दबे हुए हैं अच्छे बनने की कोशिश तो यह सारी चीज जो है आपकी पर्सनालिटी को चेंज कर देती है पर जो पर्सनालिटी है वह है अपने आप को पहचानना अपने आप को स्वीकार करना जैसे आप है ना की किसी से प्रभावित होना और हर पल आपके व्यक्तित्व जो है बदलते जाती है क्योंकि बचपन में आपने जो एक्वायर किया है टीचर से यह कई लोगों से उन को खुश करने की कोशिश में धीरे-धीरे होने लगते हैं उसकी वैल्यू आपको समझ में आता है और धीरे-धीरे जोगा उतारने लगते हैं पर उतारने चाहिए और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी के लिए जाना बहुत जरूरी है अपने आप को पहचानिए आगे बढ़िए
एक निश्चित व्यक्तित्व के साथ पैदा होते हैं और वास्तव में से बदल नहीं सकते नहीं बिल्कुल गलत है क्या होता है हम जब धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं हमारे सोसाइटी स्कूल कॉलेज फ्रेंड्स रिलेटिव्स सभी का बहुत ज्यादा इंश्योरेंस होता है बहुत ज्यादा और सभी कुछ ना कुछ आप में देखना चाहते हैं सभी लोग आपको एक फोटो कॉलेज फ्रेम में फिट करना चाहते हैं तो क्या हो जाता है आप क्या चीज है जो है अच्छा न लगती हुए भी आप इनवाइट कर लेते हैं या ने अपने आप में डाल देते हैं लोगों के अनुसार जैसे तू भी गुण अच्छे बने रहने की कोशिश क्योंकि लोगों को यह बहुत पसंद है लड़का या लड़की बहुत लोगों का सपोर्ट करते हैं आपके मन में होता नहीं है लेकिन फिर भी आप करते हैं और अपना नहीं बोल पाते हैं क्योंकि आप को नीतू भी गुट के तले दबे हुए हैं अच्छे बनने की कोशिश तो यह सारी चीज जो है आपकी पर्सनालिटी को चेंज कर देती है पर जो पर्सनालिटी है वह है अपने आप को पहचानना अपने आप को स्वीकार करना जैसे आप है ना की किसी से प्रभावित होना और हर पल आपके व्यक्तित्व जो है बदलते जाती है क्योंकि बचपन में आपने जो एक्वायर किया है टीचर से यह कई लोगों से उन को खुश करने की कोशिश में धीरे-धीरे होने लगते हैं उसकी वैल्यू आपको समझ में आता है और धीरे-धीरे जोगा उतारने लगते हैं पर उतारने चाहिए और कॉन्फिडेंट पर्सनैलिटी के लिए जाना बहुत जरूरी है अपने आप को पहचानिए आगे बढ़िए
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हर इंसान जब पैदा होता है तो वह एक पर्सनालिटी एक व्यक्तित्व लेकर आता है यह सही है परंतु वही व्यक्तित्व उसका हर समय आखिर तक रहे यह सही नहीं है इंसान का व्यक्तित्व उसकी परिस्थितियों के हिसाब से बनता है उसके आसपास के लोगों का बहुत अभाव होता उसके ऊपर लालन-पालन किस अवस्था में हुआ है उसका एक्सपीरियंस क्या है लाइफ का उसके आसपास कैसे लोग हैं एक कहावत मैन इज नोन बाय हिस कंपनी यह कहावत बनी थी इसलिए है क्योंकि हम जिन लोगों के साथ रहते हैं उनका हम पर प्रभाव पड़ता है उसके साथ जो हमारे जीवन में घटनाएं घटती हैं उसका भी हमारे व्यक्तित्व पर बहुत प्रभाव पड़ता है कुछ घटनाएं कुछ चैलेंज हमें स्ट्रांग कर जाते हैं और कुछ हमें तोड़ जाते हैं कुछ हमें नई सीख दे जाते हैं और कुछ हमें कुछ पीछे धकेल लेते हैं हमारा आपने विश्वास तोड़ देते हैं तो हमारा व्यक्तित्व तो है जन्म से मगर हमें आसपास इन्वायरमेंट क्या मिला वाया हमारा एक नेचर है हमें नर्चर के सहा से मिला है उससे हमारी पर्सनालिटी पर बहुत फर्क पड़ता है तो हम यह नहीं कह सकते कि जो व्यक्तित्व हम लेकर पैदा हुए हैं वही व्यक्तित्व हमेशा हमारे साथ रहेगा क्योंकि वह परिस्थितियों के हिसाब से बदलता रहता है हमारी बेहतरी के लिए
हर इंसान जब पैदा होता है तो वह एक पर्सनालिटी एक व्यक्तित्व लेकर आता है यह सही है परंतु वही व्यक्तित्व उसका हर समय आखिर तक रहे यह सही नहीं है इंसान का व्यक्तित्व उसकी परिस्थितियों के हिसाब से बनता है उसके आसपास के लोगों का बहुत अभाव होता उसके ऊपर लालन-पालन किस अवस्था में हुआ है उसका एक्सपीरियंस क्या है लाइफ का उसके आसपास कैसे लोग हैं एक कहावत मैन इज नोन बाय हिस कंपनी यह कहावत बनी थी इसलिए है क्योंकि हम जिन लोगों के साथ रहते हैं उनका हम पर प्रभाव पड़ता है उसके साथ जो हमारे जीवन में घटनाएं घटती हैं उसका भी हमारे व्यक्तित्व पर बहुत प्रभाव पड़ता है कुछ घटनाएं कुछ चैलेंज हमें स्ट्रांग कर जाते हैं और कुछ हमें तोड़ जाते हैं कुछ हमें नई सीख दे जाते हैं और कुछ हमें कुछ पीछे धकेल लेते हैं हमारा आपने विश्वास तोड़ देते हैं तो हमारा व्यक्तित्व तो है जन्म से मगर हमें आसपास इन्वायरमेंट क्या मिला वाया हमारा एक नेचर है हमें नर्चर के सहा से मिला है उससे हमारी पर्सनालिटी पर बहुत फर्क पड़ता है तो हम यह नहीं कह सकते कि जो व्यक्तित्व हम लेकर पैदा हुए हैं वही व्यक्तित्व हमेशा हमारे साथ रहेगा क्योंकि वह परिस्थितियों के हिसाब से बदलता रहता है हमारी बेहतरी के लिए
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बच्चों में आपसे सहमत भी हूं व्यक्त को बदला जा सकता है अब आपको मैं छुट्टी उदाहरण दे रहा हूं एक इंग्लैंड का बच्चा जो अंग्रेज दंपत्ति से पैदा हुआ है उसको अपने भारत के वर्तमान में पाले तो वह बच्चा मदर टंग हिंदी के रूप में किसी के का धीरे-धीरे हिंदी सीखता हुआ चला जाएगा और बुड़बक बोलने लगे हमारी तरफ लेकिन इसी तरह हमारे जो हिंदी का वातावरण है यहां के दंपतियों का एक बच्चे को अपने इंग्लैंड लिया कर रखें तो वहां पर इंग्लैंड की जो अंग्रेजी है उसको सीखेगा तो धीरे-धीरे अंग्रेजी का बहुत अच्छा नष्ट हो जाएगा अंग्रेजी को छुआ बोलेगा तो बच्चों को सब्जी को बता सकता है इन्वायरमेंट के द्वारा आज के हम जो देख रहे हैं शिक्षा पद्धति उसके अंतर्गत शहरों के बच्चे गांव के बच्चों से अधिक आगे कारण क्या है कि शहरों में जो माता पिता होते हैं उनका क्वालिफाइड फैमिली होती है मां भी पढ़ी लिखी है पिता भी पढ़ा लिखा है चाचा भी पढ़ा लिखा है चाचू पढ़ी लिखी है दादा भी पढ़े-लिखे दादी भी पढ़ी लिखी है सभी सदस्यों में करते हैं इसलिए उन बच्चों को क्वालिफाइड इन बाहों में मिलता है अच्छी भाषा का प्रयोग मिलता है इसलिए वह उनसे भी पढ़ो सहायता ले लेते हैं मुंह से पढ़ाते भी हैं जबकि ग्रामीण वातावरण को देखिए हम तो ग्रामीण बच्चा है इसलिए पिक्चर हो जाता है क्योंकि उसे बताओ नहीं उसके पास घर में जो बोलते हैं वह जिस तरह की ग्रामीण भाषा होती है उसी का प्रयोग करते हैं बच्चा सिर्फ स्कूल में पढ़ कर आता है और लाकर की किताबों को पर रख लेता है तो उसको बातों पर नहीं मिल पाता है इसलिए वह बच्चे शेयरों के बच्चों की तुलना में पिछड़ जाते हैं तो व्यक्तित्व को बदला जा सकता है लेकिन उसको
बच्चों में आपसे सहमत भी हूं व्यक्त को बदला जा सकता है अब आपको मैं छुट्टी उदाहरण दे रहा हूं एक इंग्लैंड का बच्चा जो अंग्रेज दंपत्ति से पैदा हुआ है उसको अपने भारत के वर्तमान में पाले तो वह बच्चा मदर टंग हिंदी के रूप में किसी के का धीरे-धीरे हिंदी सीखता हुआ चला जाएगा और बुड़बक बोलने लगे हमारी तरफ लेकिन इसी तरह हमारे जो हिंदी का वातावरण है यहां के दंपतियों का एक बच्चे को अपने इंग्लैंड लिया कर रखें तो वहां पर इंग्लैंड की जो अंग्रेजी है उसको सीखेगा तो धीरे-धीरे अंग्रेजी का बहुत अच्छा नष्ट हो जाएगा अंग्रेजी को छुआ बोलेगा तो बच्चों को सब्जी को बता सकता है इन्वायरमेंट के द्वारा आज के हम जो देख रहे हैं शिक्षा पद्धति उसके अंतर्गत शहरों के बच्चे गांव के बच्चों से अधिक आगे कारण क्या है कि शहरों में जो माता पिता होते हैं उनका क्वालिफाइड फैमिली होती है मां भी पढ़ी लिखी है पिता भी पढ़ा लिखा है चाचा भी पढ़ा लिखा है चाचू पढ़ी लिखी है दादा भी पढ़े-लिखे दादी भी पढ़ी लिखी है सभी सदस्यों में करते हैं इसलिए उन बच्चों को क्वालिफाइड इन बाहों में मिलता है अच्छी भाषा का प्रयोग मिलता है इसलिए वह उनसे भी पढ़ो सहायता ले लेते हैं मुंह से पढ़ाते भी हैं जबकि ग्रामीण वातावरण को देखिए हम तो ग्रामीण बच्चा है इसलिए पिक्चर हो जाता है क्योंकि उसे बताओ नहीं उसके पास घर में जो बोलते हैं वह जिस तरह की ग्रामीण भाषा होती है उसी का प्रयोग करते हैं बच्चा सिर्फ स्कूल में पढ़ कर आता है और लाकर की किताबों को पर रख लेता है तो उसको बातों पर नहीं मिल पाता है इसलिए वह बच्चे शेयरों के बच्चों की तुलना में पिछड़ जाते हैं तो व्यक्तित्व को बदला जा सकता है लेकिन उसको
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नहीं इंसान सिर्फ एक आवाज के साथ पैदा होता है और वह रोने की आवाज व्यक्तित्व इंसान का पालन पोषण बनाता है आपने बहुत बार देखा होगा एक ऐसा इंसान जो चाहे बहुत ही गरीब परिवार में पला बढ़ा हूं लेकिन अगर उसका उसकी संगी साथी अच्छे हो उसके परिवार वालों की सोच अच्छी हो तो गरीबी गरीबी अमीरी वहां मैटर नहीं करती आप किस इंसान के साथ सबसे ज्यादा समय बिताते हैं यह बहुत मैटर करता है क्योंकि आप उनकी सोच को अपनी सोच के अंदर बसा लेते हैं इसलिए व्यक्तित्व बनाया जा सकता है यह बदला जा सकता है थोड़ा मुश्किल होता है कठिन होता है पर नामुमकिन नहीं होता क्योंकि कोई भी स्कूल है वह सीखी जा सकती है स्कूल की परसेंटेज में जरूर पाक रहेगा किसकी रचना की होगी तो आपके पास अगर नहीं है तो आप 5% 10:00 10% 15:00 20% उसको सीख पाएंगे लेकिन आप इसको बदल सकते हैं
नहीं इंसान सिर्फ एक आवाज के साथ पैदा होता है और वह रोने की आवाज व्यक्तित्व इंसान का पालन पोषण बनाता है आपने बहुत बार देखा होगा एक ऐसा इंसान जो चाहे बहुत ही गरीब परिवार में पला बढ़ा हूं लेकिन अगर उसका उसकी संगी साथी अच्छे हो उसके परिवार वालों की सोच अच्छी हो तो गरीबी गरीबी अमीरी वहां मैटर नहीं करती आप किस इंसान के साथ सबसे ज्यादा समय बिताते हैं यह बहुत मैटर करता है क्योंकि आप उनकी सोच को अपनी सोच के अंदर बसा लेते हैं इसलिए व्यक्तित्व बनाया जा सकता है यह बदला जा सकता है थोड़ा मुश्किल होता है कठिन होता है पर नामुमकिन नहीं होता क्योंकि कोई भी स्कूल है वह सीखी जा सकती है स्कूल की परसेंटेज में जरूर पाक रहेगा किसकी रचना की होगी तो आपके पास अगर नहीं है तो आप 5% 10:00 10% 15:00 20% उसको सीख पाएंगे लेकिन आप इसको बदल सकते हैं
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लिखे ब्लू के साथ ऐसा होता है जैसे उनका जन्म किसी स्कूल में हो गया तो वह अपने कुल को मर्यादा कुल की मर्यादा को रखने के लिए ओ मतलब अपनी मौज मस्ती कम करना पड़ रहा है और बहुत सारी परेशानियां होती है जिंदगी जीने की प्रणाली को अलग कर देते हैं
लिखे ब्लू के साथ ऐसा होता है जैसे उनका जन्म किसी स्कूल में हो गया तो वह अपने कुल को मर्यादा कुल की मर्यादा को रखने के लिए ओ मतलब अपनी मौज मस्ती कम करना पड़ रहा है और बहुत सारी परेशानियां होती है जिंदगी जीने की प्रणाली को अलग कर देते हैं
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देखिए यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है कि आप एक निश्चित व्यतीत के साथ पैदा होते हैं व्यक्ति से जाने की भव्य जब हम इंसान होते हैं तो आपने भी देखा होगा एक बच्चा इंदौर बहुत ही बहुत ही अच्छा एक्टिव होता है आउटसाइडर वर्ल्ड के पीछे तो जैसे जैसे लोगों से मिलते जाते हैं जैसे-जैसे इन्वायरमेंट का अक्षरों से पड़ता जाता है वैसे वैसे उसका बिहेवियर चेंज होता जाता है हम कहते हैं ना बहुत से लोगों की अरे यह तो बचपन में ऐसा था लेकिन आज ऐसा नहीं है तो यह जरूरी नहीं है कि किसी बंदे का जो बिहेवियर है उसके बचपन से ही शिक्षा आफ्टर दी टीनएजर्स उनके माइंड चेंज होते रहते हैं बहुत से ऐसे स्टेज आती है लाइफ में जहां पर एक बंदे की मेंटालिटी पर बहुत गहरा फर्क पड़ता है और वह अपनी बीवी और मैं बहुत बड़ा चेंज लाता है बहुत सी ऐसी कंडीशन होती हैं जहां उसे अपने अपने अनुसार वातावरण को डालना पड़ता है या फिर खुद वातावरण के अनुसार डालना पड़ता है तो आई थिंक सो देवताओं की किसी भी बच्चे का या किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके इन बोनफिक्स हो जाता है यह चेंज होता रहता है और लाइफ में कई बार चेंज होता है उस व्यक्ति के ऊपर निर्भर है कि वह कितना सोसाइटी से कन्वर्ट होता है उसे कितना कनेक्ट रहता है
देखिए यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है कि आप एक निश्चित व्यतीत के साथ पैदा होते हैं व्यक्ति से जाने की भव्य जब हम इंसान होते हैं तो आपने भी देखा होगा एक बच्चा इंदौर बहुत ही बहुत ही अच्छा एक्टिव होता है आउटसाइडर वर्ल्ड के पीछे तो जैसे जैसे लोगों से मिलते जाते हैं जैसे-जैसे इन्वायरमेंट का अक्षरों से पड़ता जाता है वैसे वैसे उसका बिहेवियर चेंज होता जाता है हम कहते हैं ना बहुत से लोगों की अरे यह तो बचपन में ऐसा था लेकिन आज ऐसा नहीं है तो यह जरूरी नहीं है कि किसी बंदे का जो बिहेवियर है उसके बचपन से ही शिक्षा आफ्टर दी टीनएजर्स उनके माइंड चेंज होते रहते हैं बहुत से ऐसे स्टेज आती है लाइफ में जहां पर एक बंदे की मेंटालिटी पर बहुत गहरा फर्क पड़ता है और वह अपनी बीवी और मैं बहुत बड़ा चेंज लाता है बहुत सी ऐसी कंडीशन होती हैं जहां उसे अपने अपने अनुसार वातावरण को डालना पड़ता है या फिर खुद वातावरण के अनुसार डालना पड़ता है तो आई थिंक सो देवताओं की किसी भी बच्चे का या किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके इन बोनफिक्स हो जाता है यह चेंज होता रहता है और लाइफ में कई बार चेंज होता है उस व्यक्ति के ऊपर निर्भर है कि वह कितना सोसाइटी से कन्वर्ट होता है उसे कितना कनेक्ट रहता है
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ऐसी साइंटिफिक एस्पेक्ट वैज्ञानिक प्रदेश में कहें या यह वास्तविकता हुई है रियलिटी है कि जो चाइल्ड या कोई बच्चा या हम पैदा होते हैं जन्म लेते हैं उस समय जो पैरंट्स होते हैं माता-पिता के जो जींस हैं वह बच्चे में ट्रांसफर हो जाते हैं जो मां बाप की याद योर ग्रैंडफादर की जो अनुवांशिकी है तुझी से बच्चे के अंदर ट्रांसफर हो जाते हैं और उन जींस में जो भी सूचनाएं होती है वह भी ट्रांसफर हो जाती है बच्चे एनी की जो मां बाप की ट्रेस होते हैं जो लक्षण होते हैं विशेषताएं होती जिन के माध्यम से बच्चे में प्रवेश कर जाती हैं कुछ कुछ हद तक वह भी वेरी कर सकता है कि वह मां की विशेषताएं ज्यादा ही बचे कंदरिया पिता की विशेषताएं आई तू जिस की विशेषता यह दोनों की मिक्स होकर आए तुम अगर पिता गुस्सा करता है तो हो सकता है कि बच्चे के अंदर भी आगे चलकर गुस्से जैसे लक्षण देखने मुझे यामा अगर मां का लक्षण है हो सकता है उसके अंदर प्यार के लिए छोड़ा जा तू अब उसके देवगन से जैसी बच्चे पैदा हुआ वैसे ही वह अब दुनिया में आ चुका है दुनिया में वही प्रवेश से उसके चारों ओर से एक सराउंडिंग से घिर चुका है उसके आसपास जो भी चीजें को देखता है सुनता है यह समझता है या सुनता है उन सब चीजों से पूछे जो जो भी सीखेगा उसी हिसाब से उसकी पर्सनालिटी उसका उसका व्यक्तित्व बनता जाएगा व्यक्तित्व ऐसा नहीं बदलेगा नहीं हमें अभी बदलता ही जाएगा अब वह व्यक्ति जैसा चाहे वैसा बना सकता है ऐसा देखा गया है कि जैसे किसी के पेरेंट्स रूढ़ीवादी होते हैं पुरानी विचारों की होते हैं लेकिन उनका बच्चा जो होता है वह मॉडर्न विचारों का होता है तार्किक विचार का होता है विज्ञान नजरिए का हो तो वैज्ञानिक नजरिए का होता है तो अभी पेरेंट्स की जींस में जो सूचनाएं हैं उनको भी बदला जा सकता है लेकिन आराम से अभ्यास से होता है यानी कि उसकी अब रिंग कैसी है उसका वह कैसे उसका पालन-पोषण हुआ है उस
ऐसी साइंटिफिक एस्पेक्ट वैज्ञानिक प्रदेश में कहें या यह वास्तविकता हुई है रियलिटी है कि जो चाइल्ड या कोई बच्चा या हम पैदा होते हैं जन्म लेते हैं उस समय जो पैरंट्स होते हैं माता-पिता के जो जींस हैं वह बच्चे में ट्रांसफर हो जाते हैं जो मां बाप की याद योर ग्रैंडफादर की जो अनुवांशिकी है तुझी से बच्चे के अंदर ट्रांसफर हो जाते हैं और उन जींस में जो भी सूचनाएं होती है वह भी ट्रांसफर हो जाती है बच्चे एनी की जो मां बाप की ट्रेस होते हैं जो लक्षण होते हैं विशेषताएं होती जिन के माध्यम से बच्चे में प्रवेश कर जाती हैं कुछ कुछ हद तक वह भी वेरी कर सकता है कि वह मां की विशेषताएं ज्यादा ही बचे कंदरिया पिता की विशेषताएं आई तू जिस की विशेषता यह दोनों की मिक्स होकर आए तुम अगर पिता गुस्सा करता है तो हो सकता है कि बच्चे के अंदर भी आगे चलकर गुस्से जैसे लक्षण देखने मुझे यामा अगर मां का लक्षण है हो सकता है उसके अंदर प्यार के लिए छोड़ा जा तू अब उसके देवगन से जैसी बच्चे पैदा हुआ वैसे ही वह अब दुनिया में आ चुका है दुनिया में वही प्रवेश से उसके चारों ओर से एक सराउंडिंग से घिर चुका है उसके आसपास जो भी चीजें को देखता है सुनता है यह समझता है या सुनता है उन सब चीजों से पूछे जो जो भी सीखेगा उसी हिसाब से उसकी पर्सनालिटी उसका उसका व्यक्तित्व बनता जाएगा व्यक्तित्व ऐसा नहीं बदलेगा नहीं हमें अभी बदलता ही जाएगा अब वह व्यक्ति जैसा चाहे वैसा बना सकता है ऐसा देखा गया है कि जैसे किसी के पेरेंट्स रूढ़ीवादी होते हैं पुरानी विचारों की होते हैं लेकिन उनका बच्चा जो होता है वह मॉडर्न विचारों का होता है तार्किक विचार का होता है विज्ञान नजरिए का हो तो वैज्ञानिक नजरिए का होता है तो अभी पेरेंट्स की जींस में जो सूचनाएं हैं उनको भी बदला जा सकता है लेकिन आराम से अभ्यास से होता है यानी कि उसकी अब रिंग कैसी है उसका वह कैसे उसका पालन-पोषण हुआ है उस
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यह बिल्कुल भी सच नहीं है कि हम एक बटे करले पर्सनालिटी के साथ बोन औरतें जब हम पैदा होते हैं तो हम कुछ नहीं जानते और हमारी पर्सनालिटी कैसे बनती जाती है जैसे हमारे आसपास के लोगों ने हमारे मम्मी पापा और जो भी हमारे घर में दादा-दादी जो भी रहते हैं तो वह जो बोलते हैं जैसा सुनते हैं जिसे लोग बर्ताव करते हमारे साथ हमारी मीटिंग में बैठने लगता बड़ी होती है स्कूल जाने लगी और ज्यादा अपने दोस्तों के साथ तो फिर वह जो कंपनी जैसी होती है वैसा हम करने लगे और बड़े होते तो इसमें जो भी होते हैं गलतियों की गलतियां होती है उसकी वजह से मैं कुछ भुगतना पड़ता है कि बीमारी फैली और टूटना पॉजिटिवली और कितना नेगेटिव लिटा कल करते हैं इस बात पर डिपेंड करता है कि हमारी पर्सनालिटी कैसी हो सकते एक इंसान ने 1 पॉइंट एफएम पर कोई गलती की हो और आप उसे एक पैक कर सकते हैं कि उसकी पर्सनालिटी बहुत पॉजिटिव हो जाए अगर वह गलती को कॉल कर लेता है तो वहीं दूसरी इसका उल्टा भी हो सकता है
यह बिल्कुल भी सच नहीं है कि हम एक बटे करले पर्सनालिटी के साथ बोन औरतें जब हम पैदा होते हैं तो हम कुछ नहीं जानते और हमारी पर्सनालिटी कैसे बनती जाती है जैसे हमारे आसपास के लोगों ने हमारे मम्मी पापा और जो भी हमारे घर में दादा-दादी जो भी रहते हैं तो वह जो बोलते हैं जैसा सुनते हैं जिसे लोग बर्ताव करते हमारे साथ हमारी मीटिंग में बैठने लगता बड़ी होती है स्कूल जाने लगी और ज्यादा अपने दोस्तों के साथ तो फिर वह जो कंपनी जैसी होती है वैसा हम करने लगे और बड़े होते तो इसमें जो भी होते हैं गलतियों की गलतियां होती है उसकी वजह से मैं कुछ भुगतना पड़ता है कि बीमारी फैली और टूटना पॉजिटिवली और कितना नेगेटिव लिटा कल करते हैं इस बात पर डिपेंड करता है कि हमारी पर्सनालिटी कैसी हो सकते एक इंसान ने 1 पॉइंट एफएम पर कोई गलती की हो और आप उसे एक पैक कर सकते हैं कि उसकी पर्सनालिटी बहुत पॉजिटिव हो जाए अगर वह गलती को कॉल कर लेता है तो वहीं दूसरी इसका उल्टा भी हो सकता है
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