क्या किसी व्यक्ति को हम मजबूर कर सकते हैं कि आप ये नहीं ये खाओगे या ये पहनो? ...

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भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां का संविधान हर एक नागरिक को समान दृष्टि से देखता है और यहां का संविधान जो है वह सभी लोगों को समान अधिकार देता है यानी कि कोई भी व्यक्ति अपनी सुरक्षा के हिसाब से खान-पान या फिर पहनावा कर सकता है किसी भी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उसे यह नहीं कहना चाहिए कि आप मेरे मुताबिक कपड़े पहनो या मेरे मुताबिक खाना खाओ लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि हमारे समाज में अगर कोई व्यक्ति अपने मुताबिक कुछ ऐसा पहनावा करता है जो कि बाकी लोगों को सही नहीं लगता है तो लोग उस पर उंगलियां उठाने लगते हैं लेकिन यह चीज गलत है क्योंकि वह व्यक्ति अपनी पसंद का कुछ भी पहन सकता है इससे दूसरे व्यक्तियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए तो मुझे ऐसा ही लगता है कि हमारे समाज में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जहां पर कोई भी व्यक्ति नेपाल रुपया पाबंदी ना लगा पाए जिससे वह जो भी अपना मन करे वह खा सकता है या फिर जैसे कपड़े चाहे वैसे पहन सकता है और कई लोगों को नॉनवेज जो खाते हैं उनसे परेशानी होती है लेकिन हमारे कानून में संविधान में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा हुआ है कि नॉनवेज खाना एक गलत बात है तो अगर कोई व्यक्ति अपनी पसंद से खाना खा रहा है तो उसे रोकना नहीं चाहिए तो मुझे ऐसा ही लगता है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरों पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले सबसे पहले यह सोचना चाहिए कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं क्योंकि हमारे संविधान में सभी लोगों को एक बराबर समझा है और हमें भी उसका पालन करते हुए सभी नागरिकों को हमारे परिवार के सदस्यों को एक समान समझना चाहिए और उनकी पसंद का उन्हें काम करने देना चाहिएBharat Ek Loktantrik Desh Hai Aur Yahan Ka Samvidhan Har Ek Nagarik Ko Saman Drishti Se Dekhta Hai Aur Yahan Ka Samvidhan Jo Hai Wah Sabhi Logon Ko Saman Adhikaar Deta Hai Yani Ki Koi Bhi Vyakti Apni Suraksha Ke Hisab Se Khan Pan Ya Phir Pahanava Kar Sakta Hai Kisi Bhi Vyakti Ko Kisi Anya Vyakti Par Apne Prabhav Ka Istemal Karke Use Yeh Nahi Kehna Chahiye Ki Aap Mere Mutabik Kapde Pahano Ya Mere Mutabik Khana Khao Lekin Kai Baar Aisa Dekha Gaya Hai Ki Hamare Samaaj Mein Agar Koi Vyakti Apne Mutabik Kuch Aisa Pahanava Karta Hai Jo Ki Baki Logon Ko Sahi Nahi Lagta Hai To Log Us Par Ungaliyan Uthane Lagte Hain Lekin Yeh Cheez Galat Hai Kyonki Wah Vyakti Apni Pasand Ka Kuch Bhi Pahan Sakta Hai Isse Dusre Vyaktiyon Ko Koi Pareshani Nahi Honi Chahiye To Mujhe Aisa Hi Lagta Hai Ki Hamare Samaaj Mein Aisi Vyavastha Honi Chahiye Jahan Par Koi Bhi Vyakti Nepal Rupya Pabandi Na Laga Paye Jisse Wah Jo Bhi Apna Man Kare Wah Kha Sakta Hai Ya Phir Jaise Kapde Chahe Waise Pahan Sakta Hai Aur Kai Logon Ko Nonveg Jo Khate Hain Unse Pareshani Hoti Hai Lekin Hamare Kanoon Mein Samvidhan Mein Kahin Bhi Aisa Nahi Likha Hua Hai Ki Nonveg Khana Ek Galat Baat Hai To Agar Koi Vyakti Apni Pasand Se Khana Kha Raha Hai To Use Rokna Nahi Chahiye To Mujhe Aisa Hi Lagta Hai Ki Kisi Bhi Vyakti Ko Dusron Par Koi Bhi Tippani Karne Se Pehle Sabse Pehle Yeh Sochna Chahiye Ki Wah Aisa Kyun Kar Rahe Hain Kyonki Hamare Samvidhan Mein Sabhi Logon Ko Ek Barabar Samjha Hai Aur Hume Bhi Uska Palan Karte Hue Sabhi Naagrikon Ko Hamare Parivar Ke Sadasyon Ko Ek Saman Samajhna Chahiye Aur Unki Pasand Ka Unhen Kaam Karne Dena Chahiye
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बिल्कुल भी नहीं कर सकते अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको अगर वह SC ST का व्यक्ति है और अपनों ने जीएसटी के तो ऐसी एसटी एक्ट के तहत आप को कम से कम 6 माह की सजा मिल सकती है जुर्माना हो सकता है अधिकतम 5 वर्ष की सजा हो सकती है तो ऐसा करने की कोशिश भी ना करें इसके अलावा अगर वह व्यक्ति ऐसी स्टीकर नहीं भी है तो सिविल राइट्स या ह्यूमन लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत आपने यह काम जो किया है जबरदस्ती खिलाने का या पहनाने का तो आप पर फिर से सजा हो सकती है और मुझे लगता है कि आपको यह चीज पूछने की जरूरत ही नहीं कि कौन क्या पहन रहा है कौन क्या नहीं पहन रहा मुझे समझ में नहीं आता दुनिया को क्या हुआ है वह क्यों दूसरों को देखती है क्या आपने अपना पहनावा कभी देखा है आप अपने आप को एक बार शीशे में देख लीजिए सच्ची बता रहा हूं अगर आपको दूसरों के पहनावे फर्क पड़ता है तो आपको खुद को देखकर हंसी आ जाएगी और हो सकता है मैं थोड़ा ड्यूटी आपसे बात कर रहा हूं लेकिन यह चीज होनी भी चाहिए थोड़ा रुड़की आपको क्या फर्क पड़ता है कोई कैसे रहता है पूरी दीजिए जिसको जैसे रहने वैसे रहने दीजिए उसकी जिंदगी है आप अपनी लाइफ को देखकर अपनी लाइफ को कैसे बेहतर बना सकते हैं आप दूसरों की सहायता कर सकते हैं कि नहीं कर सकते आप खुद कितने किस तरह के कपड़े पहनते क्या खाते हैं क्या नहीं खाते हैं खुद कुछ भी उल्टा सीधा खाने के बाद आप दूसरों को सलाह देंगे तो आपकी सलाह भी कोई नहीं मानेगा इसलिए खुद पहले आदर्श बनिए मैं बिल्कुल नहीं करूंगा हैंडसम दिख जाएगी बिल्कुल नहीं बिल्कुल नहीं करोगी महंगी महंगी पड़ेगी उसका जी बिल्कुल नहीं पहले का आदर्श मनी सोसाइटी के सामने क्योंकि हमारे देश की सबसे बड़ी कमी सबसे बड़ी कमी यही है कि हमारे देश में जो भी बुजुर्ग लोग हैं वह हमेशा को एक चुनौती सुनाई देंगे लेकिन करते नहीं दिखाई देंगे तो हमारे देश में धरना आ चुकी है कि आप पहले करके दिखाइए फिर उसके बाद बोलिए तो यह चीज मैं आपको बोलूंगा पहले आपको दिया था कीजिए फिर आप कुछ बोल सकते हैं फिर भी आप फोर्स नहीं कर सकते धन्यवादBilkul Bhi Nahi Kar Sakte Agar Aap Aisa Karte Hain To Aapko Agar Wah SC ST Ka Vyakti Hai Aur Apnon Ne Gst Ke To Aisi ST Act Ke Tahat Aap Ko Kum Se Kum 6 Mah Ki Saja Mil Sakti Hai Jurmana Ho Sakta Hai Adhiktam 5 Varsh Ki Saja Ho Sakti Hai To Aisa Karne Ki Koshish Bhi Na Karen Iske Alava Agar Wah Vyakti Aisi Stikar Nahi Bhi Hai To Civil Rights Ya Human Life Protection Act Ke Tahat Aapne Yeh Kaam Jo Kiya Hai Jabardasti Khilane Ka Ya Pehnaane Ka To Aap Par Phir Se Saja Ho Sakti Hai Aur Mujhe Lagta Hai Ki Aapko Yeh Cheez Poochne Ki Zaroorat Hi Nahi Ki Kaun Kya Pahan Raha Hai Kaun Kya Nahi Pahan Raha Mujhe Samajh Mein Nahi Aata Duniya Ko Kya Hua Hai Wah Kyun Dusron Ko Dekhti Hai Kya Aapne Apna Pahanava Kabhi Dekha Hai Aap Apne Aap Ko Ek Baar Shishe Mein Dekh Lijiye Sachhi Bata Raha Hoon Agar Aapko Dusron Ke Pahnawe Fark Padata Hai To Aapko Khud Ko Dekhkar Hansi Aa Jayegi Aur Ho Sakta Hai Main Thoda Duty Aapse Baat Kar Raha Hoon Lekin Yeh Cheez Honi Bhi Chahiye Thoda Roorkee Aapko Kya Fark Padata Hai Koi Kaise Rehta Hai Puri Dijiye Jisko Jaise Rehne Waise Rehne Dijiye Uski Zindagi Hai Aap Apni Life Ko Dekhkar Apni Life Ko Kaise Behtar Bana Sakte Hain Aap Dusron Ki Sahaayata Kar Sakte Hain Ki Nahi Kar Sakte Aap Khud Kitne Kis Tarah Ke Kapde Pehente Kya Khate Hain Kya Nahi Khate Hain Khud Kuch Bhi Ulta Sidhaa Khane Ke Baad Aap Dusron Ko Salah Denge To Aapki Salah Bhi Koi Nahi Manega Isliye Khud Pehle Adarsh Banie Main Bilkul Nahi Karunga Handsome Dikh Jayegi Bilkul Nahi Bilkul Nahi Karogi Mehengi Mehengi Padegi Uska Ji Bilkul Nahi Pehle Ka Adarsh Money Society Ke Samane Kyonki Hamare Desh Ki Sabse Badi Kami Sabse Badi Kami Yahi Hai Ki Hamare Desh Mein Jo Bhi Bujurg Log Hain Wah Hamesha Ko Ek Chunauti Sunayi Denge Lekin Karte Nahi Dikhai Denge To Hamare Desh Mein Dharna Aa Chuki Hai Ki Aap Pehle Karke Dikhaaiye Phir Uske Baad Bolie To Yeh Cheez Main Aapko Bolunga Pehle Aapko Diya Tha Kijiye Phir Aap Kuch Bol Sakte Hain Phir Bhi Aap Force Nahi Kar Sakte Dhanyavad
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यह देखिए हमें किसी भी प्रकार का कोई भी अधिकार नहीं होता कि हम किसी को बताए कि उन्हें जो है क्या खाना चाहिए फिर क्या पीना चाहिए उन्हें क्या करना चाहिए क्या खाना चाहिए और क्या पीना चाहिए पहनना चाहिए पूरी तरह से उनका जो है व्यक्तिमत्व का डिसीजन है और उन्हें खुद सही है डिसीजन लेना चाहिए हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम उन्हें कुछ बताएं एक दोस्त के तौर पर या फिर किसी फैमिली मेंबर पर फैमिली मेंबर के तौर पर यह सब बातें बोलना करना उचित है लेकिन अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति से यह सब चीजें करने जाते तो जो है वहां पर अनबन हो सकती है तो हमें किसी पर ऐसे विचार हमारी नौकरी नहीं चाहिएYeh Dekhie Hume Kisi Bhi Prakar Ka Koi Bhi Adhikaar Nahi Hota Ki Hum Kisi Ko Bataye Ki Unhen Jo Hai Kya Khana Chahiye Phir Kya Peena Chahiye Unhen Kya Karna Chahiye Kya Khana Chahiye Aur Kya Peena Chahiye Pahanna Chahiye Puri Tarah Se Unka Jo Hai Vyaktimatva Ka Decision Hai Aur Unhen Khud Sahi Hai Decision Lena Chahiye Hume Koi Adhikaar Nahi Hai Ki Hum Unhen Kuch Bataen Ek Dost Ke Taur Par Ya Phir Kisi Family Member Par Family Member Ke Taur Par Yeh Sab Batein Bolna Karna Uchit Hai Lekin Agar Aap Kisi Dusre Vyakti Se Yeh Sab Cheezen Karne Jaate To Jo Hai Wahan Par Anaban Ho Sakti Hai To Hume Kisi Par Aise Vichar Hamari Naukri Nahi Chahiye
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