मानव जीवन का उद्धेश्य क्या है? ...

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मानव जीवन का उद्देश्य क्या है यह दर्शनशास्त्र का एक टॉपिक है लेकिन मैं अपनी लाइफ को अपने अनुसार मानव जीवन के उद्देश को बताना चाहता हूं कि मेरा कोई संदेश नहीं है मैं अपने बारे में बताना चाहता हूं मालूम...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का उद्देश्य क्या है यह दर्शनशास्त्र का एक टॉपिक है लेकिन मैं अपनी लाइफ को अपने अनुसार मानव जीवन के उद्देश को बताना चाहता हूं कि मेरा कोई संदेश नहीं है मैं अपने बारे में बताना चाहता हूं मालूम जीवन का उद्देश अपना कल्याण करना मानव जीवन का मुख्य उद्देश अपना कल्याण करना कल्याण करने का अर्थ ही नहीं कि आर्थिक रूप से रूप से समृद्धि बाला यस वाला उसका मुख्य उद्देश तो है बेटा कि वह अपने लाइफ में अपने जन्म के उद्देश्य को समझ लिया अर्थात आत्म ज्ञान होना और इस संसार के प्रत्येक कण तत्वज्ञान प्रत्येक हमको समझ ले क्योंकि इस ब्रह्मांड का प्रत्येक चीज़ कानों से निर्मित है तो मनुष्य का मानव जीवन का जो मुख्य उद्देश होता आसमान और तत्वज्ञान इस दो ज्ञान ही मानव जीवन का उद्देश होता है बाकी चीजें जो होती है वह सब झूठी और दिखाएं होते ही उसमें कोई सताता नहीं होती सब असद 332 ही ज्ञान है आत्मज्ञान और तत्वज्ञान बाकी कोई ज्ञान नहीं है कि मानव जीवन का मुख्य उद्देश होता है और जीवन के अंतिम पल में यही उसको याद आती है जब वह ना लिख सकता है ना बोल सकता है ना बता सकता है ओके धन्यवादManav Jeevan Ka Uddeshya Kya Hai Yeh Darshanashastra Ka Ek Topic Hai Lekin Main Apni Life Ko Apne Anusar Manav Jeevan Ke Uddesh Ko Batana Chahta Hoon Ki Mera Koi Sandesh Nahi Hai Main Apne Bare Mein Batana Chahta Hoon Maloom Jeevan Ka Uddesh Apna Kalyan Karna Manav Jeevan Ka Mukhya Uddesh Apna Kalyan Karna Kalyan Karne Ka Arth Hi Nahi Ki Aarthik Roop Se Roop Se Samridhi Bala Yash Vala Uska Mukhya Uddesh To Hai Beta Ki Wah Apne Life Mein Apne Janm Ke Uddeshya Ko Samajh Liya Arthat Aatm Gyaan Hona Aur Is Sansar Ke Pratyek Kan Tatvagyan Pratyek Hamko Samajh Le Kyonki Is Brahmand Ka Pratyek Cheese Kando Se Nirmit Hai To Manushya Ka Manav Jeevan Ka Jo Mukhya Uddesh Hota Aasman Aur Tatvagyan Is Do Gyaan Hi Manav Jeevan Ka Uddesh Hota Hai Baki Cheezen Jo Hoti Hai Wah Sab Jhuthi Aur Dikhaen Hote Hi Usamen Koi Sataata Nahi Hoti Sab Asad 332 Hi Gyaan Hai Atmagyan Aur Tatvagyan Baki Koi Gyaan Nahi Hai Ki Manav Jeevan Ka Mukhya Uddesh Hota Hai Aur Jeevan Ke Antim Pal Mein Yahi Usko Yaad Aati Hai Jab Wah Na Likh Sakta Hai Na Bol Sakta Hai Na Bata Sakta Hai Ok Dhanyavad
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दर्शन का प्रश्न है मेरी रुचि का प्रश्न है दर्शन दर्शन सत्य की खोज को दर्शन करते हैं और सत्य को खोजने का बहुत-बहुत सारे सिद्धांत हैं उन्हें सेक्सी डांस है दिया ने की थी वा ने के टिप्स को पहले खुद भगवान...जवाब पढ़िये
दर्शन का प्रश्न है मेरी रुचि का प्रश्न है दर्शन दर्शन सत्य की खोज को दर्शन करते हैं और सत्य को खोजने का बहुत-बहुत सारे सिद्धांत हैं उन्हें सेक्सी डांस है दिया ने की थी वा ने के टिप्स को पहले खुद भगवान क्या नहीं है इसे पहले खोजिए और जो बच जाएगा वह भगवान है वैसे ही मानव जीवन का उद्देश्य क्या है तो सबसे पहले मैं खो दूंगा कि उदेश क्या नहीं है और जो बन जाएगा वही आपका उद्देश्य है तो सबसे पहले आप ऐसे समझे कि आज किसी भी व्यक्ति से पूछिए कि आप क्या है तो सबसे पहले आदमी बोले हमें इंजीनियर हूं मैं डॉक्टर हूं मैया यशोदा एपीएसयू यह सारी बातें मीनिंग लेस है मैं बताता हूं कि ईश्वर ने आपको धरती पर यह सब करने भेजा यह सारे बैरियर डॉक्टर इंजीनियर जितने भी आप ने बना रखे हैं ना वह अपने खुद के लिए बना रखे हैं ताकि आप यह बोल सके कि मैं कल आने से बेहतर हूं तो आपके अंदर या कॉन्प्लेक्स है आपके अंदर यह जानता है कि आप दूसरे मनुष्यों से बेहतर बनना चाहते हैं तो क्या मैं आपके अंदर है प्रकृति ने या भाव आपके अंदर डाला नहीं है यह भाव आपने बनाया है जो भी पर्सनल एंबीशंस है जो आपकी व्यक्तिगत अच्छा है या व्यक्तिगत होता है यह आपका उद्देश्य हो ही नहीं सकता उद्देश्य ऐसा हो सकता है जो सब पर लागू होता हो तुम इस बात तो मैं जाना नहीं चाह रहा कि मोक्ष प्राप्ति उद्देश्य है कि नहीं शांति पाना उद्देश्य है कि नहीं मानवता के लिए काम करना उद्देश्य है कि नहीं मेरा तो सिंपल पकाना है कि इस बारे में बिना सोचे कि आप कौन से देशDarshan Ka Prashna Hai Meri Ruchi Ka Prashna Hai Darshan Darshan Satya Ki Khoj Ko Darshan Karte Hain Aur Satya Ko Khojne Ka Bahut Bahut Sare Siddhant Hain Unhen Sexy Dance Hai Diya Ne Ki Thi Va Ne Ke Tips Ko Pehle Khud Bhagwan Kya Nahi Hai Ise Pehle Khojiye Aur Jo Bach Jayega Wah Bhagwan Hai Waise Hi Manav Jeevan Ka Uddeshya Kya Hai To Sabse Pehle Main Kho Dunga Ki Udesh Kya Nahi Hai Aur Jo Ban Jayega Wahi Aapka Uddeshya Hai To Sabse Pehle Aap Aise Samjhe Ki Aaj Kisi Bhi Vyakti Se Poochhie Ki Aap Kya Hai To Sabse Pehle Aadmi Bole Hume Engineer Hoon Main Doctor Hoon Maiya Yashoda APSU Yeh Saree Batein Meaning Les Hai Main Batata Hoon Ki Ishwar Ne Aapko Dharti Par Yeh Sab Karne Bheja Yeh Sare Barrier Doctor Engineer Jitne Bhi Aap Ne Bana Rakhe Hain Na Wah Apne Khud Ke Liye Bana Rakhe Hain Taki Aap Yeh Bol Sake Ki Main Kal Aane Se Behtar Hoon To Aapke Andar Ya Conplex Hai Aapke Andar Yeh Jaanta Hai Ki Aap Dusre Manusyon Se Behtar Banana Chahte Hain To Kya Main Aapke Andar Hai Prakriti Ne Ya Bhav Aapke Andar Dala Nahi Hai Yeh Bhav Aapne Banaya Hai Jo Bhi Personal Embishans Hai Jo Aapki Vyaktigat Accha Hai Ya Vyaktigat Hota Hai Yeh Aapka Uddeshya Ho Hi Nahi Sakta Uddeshya Aisa Ho Sakta Hai Jo Sab Par Laagu Hota Ho Tum Is Baat To Main Jana Nahi Chah Raha Ki Moksha Prapti Uddeshya Hai Ki Nahi Shanti Pana Uddeshya Hai Ki Nahi Manavta Ke Liye Kaam Karna Uddeshya Hai Ki Nahi Mera To Simple Pakana Hai Ki Is Bare Mein Bina Soche Ki Aap Kaon Se Desh
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जहां तक मेरा मानना है मानव जीवन का उद्देश्य कुछ ऐसा होना चाहिए कि वह अपने जीवन को खुलकर जी सकें जैसे एक दो फूल होता है वह सबसे अच्छा तब लगता है जब वह पूरी तरीके उसी तरीके से मानव अगर अपने जीवन को खुलक...जवाब पढ़िये
जहां तक मेरा मानना है मानव जीवन का उद्देश्य कुछ ऐसा होना चाहिए कि वह अपने जीवन को खुलकर जी सकें जैसे एक दो फूल होता है वह सबसे अच्छा तब लगता है जब वह पूरी तरीके उसी तरीके से मानव अगर अपने जीवन को खुलकर जीता है तो शायद उससे बड़ा उसके लिए कोई उद्देश्य नहीं हो सकता मैं अपनी इच्छाओं को पूरा कर सके अपनी इच्छाओं को दूसरों के साले पकड़ कर सके और अपनी जिंदगी को अच्छा कर सके उसके बाद वह कुछ ऐसा कर सके जिससे कि मानवता का भला हो जिस तरीके से आजकल इंसानियत खत्म हो गई है तुमसे लगता है कि मानव दूसरों की हेल्प करेगा मदद करेगा तो शायद यह काफी अच्छी बात होगी तो ऐसी कुछ उद्देश्य जिंदगी में अजनबी करनी चाहिए और बाकी काफी सारे लोगों की भी अलग-अलग होती है काफी लोग साधु संत बन के रहना चाहते हैं तो काफी लोग लोगों की भलाई कर के जाते हो काफी लोग कैसे होते हैं जो रूप से अपने आप में मस्त रहना चाहते हो ना दूसरों से मतलब नहीं है लेकिन यहां पर बात यह कि वो अपनी चीजों को अपने उसको फॉलो कर रहे हैं तो बिल्कुल और यह काफी अच्छी बात है अगर आपकी इच्छा और लेकिन कभी दूसरों को नुकसान ना पहुंचाएं कुछ ऐसा उसको उद्देश्य होना चाहिए तो ज्यादा बेहतर होगाJahan Tak Mera Manana Hai Manav Jeevan Ka Uddeshya Kuch Aisa Hona Chahiye Ki Wah Apne Jeevan Ko Khulkar G Saken Jaise Ek Do Fool Hota Hai Wah Sabse Accha Tab Lagta Hai Jab Wah Puri Tarike Ussi Tarike Se Manav Agar Apne Jeevan Ko Khulkar Jita Hai To Shayad Usse Bada Uske Liye Koi Uddeshya Nahi Ho Sakta Main Apni Ikchao Ko Pura Kar Sake Apni Ikchao Ko Dusron Ke Saale Pakad Kar Sake Aur Apni Zindagi Ko Accha Kar Sake Uske Baad Wah Kuch Aisa Kar Sake Jisse Ki Manavta Ka Bhala Ho Jis Tarike Se Aajkal Insaniyat Khatam Ho Gayi Hai Tumse Lagta Hai Ki Manav Dusron Ki Help Karega Madad Karega To Shayad Yeh Kafi Acchi Baat Hogi To Aisi Kuch Uddeshya Zindagi Mein Ajnabee Karni Chahiye Aur Baki Kafi Sare Logon Ki Bhi Alag Alag Hoti Hai Kafi Log Sadhu Sant Ban Ke Rehna Chahte Hain To Kafi Log Logon Ki Bhalai Kar Ke Jaate Ho Kafi Log Kaise Hote Hain Jo Roop Se Apne Aap Mein Mast Rehna Chahte Ho Na Dusron Se Matlab Nahi Hai Lekin Yahan Par Baat Yeh Ki Vo Apni Chijon Ko Apne Usko Follow Kar Rahe Hain To Bilkul Aur Yeh Kafi Acchi Baat Hai Agar Aapki Icha Aur Lekin Kabhi Dusron Ko Nuksan Na Paunchaye Kuch Aisa Usko Uddeshya Hona Chahiye To Zyada Behtar Hoga
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और कि मुझे लगता है कि हर किसी का जीवन अलग है तो हर किसी के जीवन का उद्देश्य में अलग होगा तो मैं ऐसा नहीं कह सकते कि जो मेरा उद्देश्य गया कभी उद्देश्यों एक चीज जो मुझे लगता है हर मनुष्य को करनी है फ्री...जवाब पढ़िये
और कि मुझे लगता है कि हर किसी का जीवन अलग है तो हर किसी के जीवन का उद्देश्य में अलग होगा तो मैं ऐसा नहीं कह सकते कि जो मेरा उद्देश्य गया कभी उद्देश्यों एक चीज जो मुझे लगता है हर मनुष्य को करनी है फ्री है कि वह अपने साथ साथ अपने से जुड़े हर इंसान की जिंदगी बेहतर बनाए रखें इतना तो हम मनुष्य खरीद सकते हैं ना कि हम अपने साथ-साथ सब के जीवन को एक बेहतर दिशा दे सके सबके लिए हम इस दुनिया को थोड़ा खुशनुमा बना सके तो यह मुझे लगता है मनुष्य का उद्देश्य होना चाहिए कि वह पूरे विश्व को इतनी बेहतर तरीके से मतलब रखें अपने आप को अपने चीजों को पूरे विश्व में सबके लिए रहना और आसान हो जाएAur Ki Mujhe Lagta Hai Ki Har Kisi Ka Jeevan Alag Hai To Har Kisi Ke Jeevan Ka Uddeshya Mein Alag Hoga To Main Aisa Nahi Keh Sakte Ki Jo Mera Uddeshya Gaya Kabhi Udyeshwo Ek Cheez Jo Mujhe Lagta Hai Har Manushya Ko Karni Hai Free Hai Ki Wah Apne Saath Saath Apne Se Jude Har Insaan Ki Zindagi Behtar Banaye Rakhen Itna To Hum Manushya Kharid Sakte Hain Na Ki Hum Apne Saath Saath Sab Ke Jeevan Ko Ek Behtar Disha De Sake Sabke Liye Hum Is Duniya Ko Thoda Khushnuma Bana Sake To Yeh Mujhe Lagta Hai Manushya Ka Uddeshya Hona Chahiye Ki Wah Poore Vishwa Ko Itni Behtar Tarike Se Matlab Rakhen Apne Aap Ko Apne Chijon Ko Poore Vishwa Mein Sabke Liye Rehna Aur Aasan Ho Jaye
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मानव जीवन का उद्देश्य जो मेरे हिसाब से वह यही है कि देखिए आज इतनी भी मनुष्य धरती पर रहते हैं वह सभी एक दूसरे से प्रेम भाव से रहे एक दूसरे के साथ और हमेशा प्रयास करें कि कैसे भी किसी भी दूसरे इंसान की ...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का उद्देश्य जो मेरे हिसाब से वह यही है कि देखिए आज इतनी भी मनुष्य धरती पर रहते हैं वह सभी एक दूसरे से प्रेम भाव से रहे एक दूसरे के साथ और हमेशा प्रयास करें कि कैसे भी किसी भी दूसरे इंसान की जो भी संभव मदद तो कर सकते हैं किसी भी तरह से वह करें और कहीं ना दे एक दूसरे के बीच में एक हार मनी और एक का अच्छा रिलेशंस बना कर रहे एक दूसरे के बीच में जो बॉन्डिंग है वह बहुत अच्छी हो और यह मेरे हिसाब से उद्देश्य मानव जीवन का अर्थ था कि आप एक दूसरे से मिलकर अगर वो रहेंगे तो खुशाली भरा जीवन जी के रह सकते हैंManav Jeevan Ka Uddeshya Jo Mere Hisab Se Wah Yahi Hai Ki Dekhie Aaj Itni Bhi Manushya Dharti Par Rehte Hain Wah Sabhi Ek Dusre Se Prem Bhav Se Rahe Ek Dusre Ke Saath Aur Hamesha Prayas Karen Ki Kaise Bhi Kisi Bhi Dusre Insaan Ki Jo Bhi Sambhav Madad To Kar Sakte Hain Kisi Bhi Tarah Se Wah Karen Aur Kahin Na De Ek Dusre Ke Bich Mein Ek Haar Money Aur Ek Ka Accha Rileshans Bana Kar Rahe Ek Dusre Ke Bich Mein Jo Bonding Hai Wah Bahut Acchi Ho Aur Yeh Mere Hisab Se Uddeshya Manav Jeevan Ka Arth Tha Ki Aap Ek Dusre Se Milkar Agar Vo Rahenge To Khushali Bhara Jeevan G Ke Rah Sakte Hain
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डेकी सुखी जीवन के उद्देश्य अलग-अलग होते हैं अगर हम इन जनरल बात करें तो मानव जीवन का उद्देश्य यही है कि वह भलाई करें दूसरों के साथ अच्छा करें दूसरों को खुश रखने की कोशिश करें क्योंकि बहन चली हम जिंदगी ...जवाब पढ़िये
डेकी सुखी जीवन के उद्देश्य अलग-अलग होते हैं अगर हम इन जनरल बात करें तो मानव जीवन का उद्देश्य यही है कि वह भलाई करें दूसरों के साथ अच्छा करें दूसरों को खुश रखने की कोशिश करें क्योंकि बहन चली हम जिंदगी में कभी खुश रह पाएंगे जब हम अपनी खुशियां बांट पाएंगे यह दूसरों के लिए कुछ कर पाएंगे अगर हम समर्थ है अगर हम कैपेबल है दूसरों की मदद करने क्या दूसरों की जिंदगी में एक छोटा सा भी बदलाव लाने के लिए और अगर वह कर रहे हैं तो वह हमारा जीवन सार्थक होगा हमारे जीवन का उद्देश्य यही होना चाहिए कि ना तो किसी के साथ कुछ गलत करे ना खुद के साथ गलत सही और हो सके तो दूसरों की मदद करने की कोशिश करें दूसरों को खुश रखने की कोशिश करें पर बदलते दौर में यह जो देश है या यह जो थॉट है वह लोगों के दिमाग में नहीं आता सब का प्राइम मोटे सबके लिए अपना पहला लक्ष्य सिर्फ खुद की खुशी होता है और शायद ही गलत नहीं है क्योंकि अगर हम खुद कुछ नहीं रह पाएंगे तो हम किसी को खुश रख भी नहीं पाएंगे तो मोटा भी अवधेश यही होना चाहिए कि खुश रहे सबसे पहले तो खुद और फिर हो सके दूसरे को खुश रखने की कोशिश करेंDeki Sukhi Jeevan Ke Uddeshya Alag Alag Hote Hain Agar Hum In General Baat Karen To Manav Jeevan Ka Uddeshya Yahi Hai Ki Wah Bhalai Karen Dusron Ke Saath Accha Karen Dusron Ko Khush Rakhne Ki Koshish Karen Kyonki Behen Chali Hum Zindagi Mein Kabhi Khush Rah Payenge Jab Hum Apni Khushiyan Baant Payenge Yeh Dusron Ke Liye Kuch Kar Payenge Agar Hum Samarth Hai Agar Hum Kaipebal Hai Dusron Ki Madad Karne Kya Dusron Ki Zindagi Mein Ek Chota Sa Bhi Badlav Lane Ke Liye Aur Agar Wah Kar Rahe Hain To Wah Hamara Jeevan Sarthak Hoga Hamare Jeevan Ka Uddeshya Yahi Hona Chahiye Ki Na To Kisi Ke Saath Kuch Galat Kare Na Khud Ke Saath Galat Sahi Aur Ho Sake To Dusron Ki Madad Karne Ki Koshish Karen Dusron Ko Khush Rakhne Ki Koshish Karen Par Badalte Daur Mein Yeh Jo Desh Hai Ya Yeh Jo Thought Hai Wah Logon Ke Dimag Mein Nahi Aata Sab Ka Prime Mote Sabke Liye Apna Pehla Lakshya Sirf Khud Ki Khushi Hota Hai Aur Shayad Hi Galat Nahi Hai Kyonki Agar Hum Khud Kuch Nahi Rah Payenge To Hum Kisi Ko Khush Rakh Bhi Nahi Payenge To Mota Bhi Awadhesh Yahi Hona Chahiye Ki Khush Rahe Sabse Pehle To Khud Aur Phir Ho Sake Dusre Ko Khush Rakhne Ki Koshish Karen
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मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य किलो उनके काम करने के लिए 12 वीं पास कक्षा 12वीं पास रखने वाला बॉक्स आदमी हमसे खुश रहे हो लोगों की परेशानियों को दूर करें जितना हो सकता है और अपने परिवार के साथ खुश रहें...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य किलो उनके काम करने के लिए 12 वीं पास कक्षा 12वीं पास रखने वाला बॉक्स आदमी हमसे खुश रहे हो लोगों की परेशानियों को दूर करें जितना हो सकता है और अपने परिवार के साथ खुश रहें और आगे बढ़ना बल्कि हमेशा कोशिश करेंManav Jeevan Ka Vastavik Uddeshya Kilo Unke Kaam Karne Ke Liye 12 Vi Paas Kaksha Vi Paas Rakhne Vala Box Aadmi Humse Khush Rahe Ho Logon Ki Pareshaaniyon Ko Dur Karen Jitna Ho Sakta Hai Aur Apne Parivar Ke Saath Khush Rahen Aur Aage Badhana Balki Hamesha Koshish Karen
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दुनिया में बहुत सारे लोग हैं और सभी के जीवन का उद्देश्य अलग अलग हो सकता है यह व्यक्ति की मानसिकता पर निर्भर करता है कि वह अपना जीवन किस तरह से बिताना चाहता है और किस लक्ष्य को अपने जीवन में हासिल करना...जवाब पढ़िये
दुनिया में बहुत सारे लोग हैं और सभी के जीवन का उद्देश्य अलग अलग हो सकता है यह व्यक्ति की मानसिकता पर निर्भर करता है कि वह अपना जीवन किस तरह से बिताना चाहता है और किस लक्ष्य को अपने जीवन में हासिल करना चाहता है किसी व्यक्ति को सन्यासी जीवन पसंद होता है तो वह उसी मार्ग पर आगे बढ़ता है और एक सन्यासी के रूप में अपना पूरा जीवन व्यतीत करता है उसे भौतिक वस्तुओं से कोई लगाव नहीं रहता बहुत सारे लोग हमारे समाज में ऐसे हैं जो पैसे के पीछे भागते रहते हैं उनके जीवन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना ही रह जाता है तो ऐसे भी व्यक्ति हमारे समाज में बहुत सारे हमें मिल जाएंगे इसके अलावा कई लोग समाजसेवी होते हैं उनके जीवन का उद्देश्य दूसरों की जिंदगी में सुधार करना होता है तो मुझे लगता है कि हमें हमें दूसरों के बारे में अधिक सोचना चाहिए और उसके बाद हमें खुद के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि अगर हम समाज के लिए कुछ कर पाए तो इससे समाज एक बेहतर जगह बन जाएगी रहने के लिए जहां पर अमीर और गरीब के बीच का जो डिफरेंस है वह काफी कम होगा तो इसीलिए अलग-अलग लोगों का जो जीवन जीने का तरीका है वह भिन्न-भिन्न रहता है और उनके जीवन का उद्देश्य भी अलग अलग होता हैDuniya Mein Bahut Sare Log Hain Aur Sabhi Ke Jeevan Ka Uddeshya Alag Alag Ho Sakta Hai Yeh Vyakti Ki Mansikta Par Nirbhar Karta Hai Ki Wah Apna Jeevan Kis Tarah Se Bitana Chahta Hai Aur Kis Lakshya Ko Apne Jeevan Mein Hasil Karna Chahta Hai Kisi Vyakti Ko Sanyaasi Jeevan Pasand Hota Hai To Wah Ussi Marg Par Aage Badhta Hai Aur Ek Sanyaasi Ke Roop Mein Apna Pura Jeevan Vyatit Karta Hai Use Bhautik Vastuon Se Koi Lagaav Nahi Rehta Bahut Sare Log Hamare Samaaj Mein Aise Hain Jo Paise Ke Piche Bhagte Rehte Hain Unke Jeevan Ka Uddeshya Zyada Se Zyada Paisa Kamana Hi Rah Jata Hai To Aise Bhi Vyakti Hamare Samaaj Mein Bahut Sare Hume Mil Jaenge Iske Alava Kai Log Samajsevi Hote Hain Unke Jeevan Ka Uddeshya Dusron Ki Zindagi Mein Sudhaar Karna Hota Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Hume Hume Dusron Ke Bare Mein Adhik Sochna Chahiye Aur Uske Baad Hume Khud Ke Bare Mein Sochna Chahiye Kyonki Agar Hum Samaaj Ke Liye Kuch Kar Paye To Isse Samaaj Ek Behtar Jagah Ban Jayegi Rehne Ke Liye Jahan Par Amir Aur Garib Ke Bich Ka Jo Difference Hai Wah Kafi Kam Hoga To Isliye Alag Alag Logon Ka Jo Jeevan Jeene Ka Tarika Hai Wah Bhinn Bhinn Rehta Hai Aur Unke Jeevan Ka Uddeshya Bhi Alag Alag Hota Hai
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देखिए हम मेरे हिसाब से मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए अगर पृथ्वी पर हमें अजय मानव जन्म मिला तो हम ऐसा कुछ ना कुछ काम कर दे जिसकी वजह से पूरे मानवता का भला हो सके ऐसा कुछ नया इन्वेंशन कर दे हम पहले ख...जवाब पढ़िये
देखिए हम मेरे हिसाब से मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए अगर पृथ्वी पर हमें अजय मानव जन्म मिला तो हम ऐसा कुछ ना कुछ काम कर दे जिसकी वजह से पूरे मानवता का भला हो सके ऐसा कुछ नया इन्वेंशन कर दे हम पहले खुद का ही भला कर सके और बाकी सारे लोगों का हमारे जो भी आसपास के जैसे कि हमारे समझ जाओगे समाज हो गया हमारा राज्य हो गया हमारा देश हो गया इस प्रकार से आप जितना हो सके उसने अपनी कोशिश करके अपने आजू-बाजू के लोगों का जो है बिल्कुल भला कर सकते और मिल सकते कि यही मानवता का सबसे बड़ा उद्देश्यों नाचे और इस मकसद को हासिल करने के लिए सुदेश को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इंसान को खुद को उसके काबिल बनाना पड़ेगा खुद को पहला चित्र दिखाना पड़ेगा और उसके बाद जो भी आपका काम है उस काम को करके आप अपने उद्देश्य को बिल्कुल हासिल कर सकते हैंDekhie Hum Mere Hisab Se Manav Jeevan Ka Uddeshya Hona Chahiye Agar Prithvi Par Hume Ajay Manav Janm Mila To Hum Aisa Kuch Na Kuch Kaam Kar De Jiski Wajah Se Poore Manavta Ka Bhala Ho Sake Aisa Kuch Naya Invention Kar De Hum Pehle Khud Ka Hi Bhala Kar Sake Aur Baki Sare Logon Ka Hamare Jo Bhi Aaspass Ke Jaise Ki Hamare Samajh Jaoge Samaaj Ho Gaya Hamara Rajya Ho Gaya Hamara Desh Ho Gaya Is Prakar Se Aap Jitna Ho Sake Usne Apni Koshish Karke Apne Aaju Baju Ke Logon Ka Jo Hai Bilkul Bhala Kar Sakte Aur Mil Sakte Ki Yahi Manavta Ka Sabse Bada Udyeshwo Nache Aur Is Maksad Ko Hasil Karne Ke Liye Sudesh Ko Prapt Karne Ke Liye Sabse Pehle Insaan Ko Khud Ko Uske Kaabil Banana Padega Khud Ko Pehla Chitra Dikhana Padega Aur Uske Baad Jo Bhi Aapka Kaam Hai Us Kaam Ko Karke Aap Apne Uddeshya Ko Bilkul Hasil Kar Sakte Hain
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मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए कि सिर्फ लोगों की सेवा करना और लोगों को कभी तकलीफ ना देना क्योंकि लोग ग्रुप है के पीछे भागते हैं सोचते हैं कि मैं अपने बच्चे को यह कर दूंगा अपने बच्चे को बुखार मैं कहन...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए कि सिर्फ लोगों की सेवा करना और लोगों को कभी तकलीफ ना देना क्योंकि लोग ग्रुप है के पीछे भागते हैं सोचते हैं कि मैं अपने बच्चे को यह कर दूंगा अपने बच्चे को बुखार मैं कहना चाहता हूं उन माता-पिता या उन बच्चों से कि जिन माता पिता के बच्चे जो है लायक होते हैं वह अपने माता-पिता के ध्यान में लगाओ नहीं रखते हैं वह अपने माता पिता के प्रति लगाव रखते हैं और जो बच्चे नालायक होते हैं वह माता-पिता कितना भी धन इकट्ठा कर ले वह माता-पिता की तरफ आकर्षित नहीं होते वह उस धन के लिए आकर्षित रहते हैं बस जिस दिन माता-पिता से धन निकला उस दिन वह कार अर्थात स्वार्थ स्वार्थ के द्वारा ही हम लोग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं उसको आप वास्तव में माने या ना माने मनुष्य जो है स्वार्थ से जुड़ा था लेकिन अब स्वार्थ से जीता है दोनों में अंतर है बहन करिएगा समझ लेगा अगर अच्छा लगा हो तो लाइक जरूर करिएगा जय हिंद जय भारतManav Jeevan Ka Uddeshya Hona Chahiye Ki Sirf Logon Ki Seva Karna Aur Logon Ko Kabhi Takleef Na Dena Kyonki Log Group Hai Ke Piche Bhagte Hain Sochte Hain Ki Main Apne Bacche Ko Yeh Kar Dunga Apne Bacche Ko Bukhar Main Kehna Chahta Hoon Un Mata Pita Ya Un Bacchon Se Ki Jin Mata Pita Ke Bacche Jo Hai Layak Hote Hain Wah Apne Mata Pita Ke Dhyan Mein Lagao Nahi Rakhate Hain Wah Apne Mata Pita Ke Prati Lagaav Rakhate Hain Aur Jo Bacche Nalayak Hote Hain Wah Mata Pita Kitna Bhi Dhan Ikattha Kar Le Wah Mata Pita Ki Taraf Aakarshit Nahi Hote Wah Us Dhan Ke Liye Aakarshit Rehte Hain Bus Jis Din Mata Pita Se Dhan Nikla Us Din Wah Car Arthat Swartha Swartha Ke Dwara Hi Hum Log Ek Dusre Se Jude Huye Hain Usko Aap Vaastav Mein Mane Ya Na Mane Manushya Jo Hai Swartha Se Juda Tha Lekin Ab Swartha Se Jita Hai Dono Mein Antar Hai Behen Kariega Samajh Lega Agar Accha Laga Ho To Like Jarur Kariega Jai Hind Jai Bharat
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हिंदू धर्म के अनुसार आत्मा 8400000 शरीर धारण कर सकता है संसार में जितने भी प्रकार के जीव हैं उनमें मानव शरीर ही संसार का सबसे श्रेष्ठ शरीर रचना है क्योंकि इसी शरीर के द्वारा कर्म किया जा सकता है और बा...जवाब पढ़िये
हिंदू धर्म के अनुसार आत्मा 8400000 शरीर धारण कर सकता है संसार में जितने भी प्रकार के जीव हैं उनमें मानव शरीर ही संसार का सबसे श्रेष्ठ शरीर रचना है क्योंकि इसी शरीर के द्वारा कर्म किया जा सकता है और बाकी जो शरीर है जिनके द्वारा करूं वालों को मौका जाता है अतः मनुष्य को हमेशा अच्छा कर्म करना चाहिए जिससे संसार में रहने वाले सभी जीवो को भलाई हो सके मानव जीवन का मूल उद्देश्य संसार में रह रहे सभी प्राणियों को भलाई करना ही हैHindu Dharm Ke Anusar Aatma 8400000 Sharir Dharan Kar Sakta Hai Sansar Mein Jitne Bhi Prakar Ke Jeev Hain Unmen Manav Sharir Hi Sansar Ka Sabse Shreshtha Sharir Rachna Hai Kyonki Isi Sharir Ke Dwara Karm Kiya Ja Sakta Hai Aur Baki Jo Sharir Hai Jinke Dwara Karun Walon Ko Mauka Jata Hai Atah Manushya Ko Hamesha Accha Karm Karna Chahiye Jisse Sansar Mein Rehne Wali Sabhi Jivo Ko Bhalai Ho Sake Manav Jeevan Ka Mul Uddeshya Sansar Mein Rah Rahe Sabhi Praaniyon Ko Bhalai Karna Hi Hai
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मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में हम विस्तृत चर्चा कर सकते हैं लेकिन हमारे पास केवल 2 मिनट है सबसे पहले ही सबसे जरूरी चीज यह है कि मानव जीवन हो या किसी भी क्रिएचर या पानी का जीवन हो उसकी शशि जो मूल जर...जवाब पढ़िये
मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में हम विस्तृत चर्चा कर सकते हैं लेकिन हमारे पास केवल 2 मिनट है सबसे पहले ही सबसे जरूरी चीज यह है कि मानव जीवन हो या किसी भी क्रिएचर या पानी का जीवन हो उसकी शशि जो मूल जरूरतें हैं जो फंडामेंटल नोट्स है वह सर्वाइवर यानी कि जीवित रहना किसी भी हाल में हमें जीवित रहना तो जीवित रहने के लिए चाहे जैसी सरकमस्टेंसस जैसी भी परिस्थितियां बनी हमें हर हाल में जीवित रहना है है और जीवित रहने के लिए हमें हमें हमारे लिए रोटी कपड़ा मकान खाने के लिए रहने के लिए हमारी सुरक्षा के लिए जो हमारी मूल जरूरतें हैं उनका पूरी होना जो मूल आवश्यकताएं हैं मूल इन्फ्राट्रक्चर है उसकी पहले दोस्ती करना जब जिससे हमारा हमारे जीवन का आधार तैयार होगा जब हम सर्वाइवर के लिए पूरी तरह से सुनिश्चित हो जाएंगे कि हमारा सर्वाइवर अब हो चुका है हमें हमें हमारी नींद और हमारा आधार हमें मिल चुका है जब मारी मूलभूत जरूरतें हैं और फंडामेंटल यूनिट्स पूरी हो जाएंगी और हमारा सर्वाइवर अच्छे से होगा तब हम अपनी रोटी कपड़ा मकान और उसे सुरक्षा और शिक्षा की बात आगे के लिए सोचेंगे और अधिक से अधिक ज्ञान प्रदान करने के लिए सोचेंगे और नए-नए अपने मानव जीवन के नए-नए उद्देश्यों को शामिल करेंगे नई नई ऊंचाइयों को नए नए आयामों को हासिल करने की कोशिश करेंगे उसी क्रम में आप आप कभी आईएस बनते हैं कभी डॉक्टर या इंजीनियर बनते हैं तो यही यह हमारा अंतिम उद्देश्य नहीं है यह हमारे जीवन के अनुभव हैं इन अनुभव अनुभवों से सीखते हुए हम कर्म कर्म में सतत रहते हुए अपने आप को नई नई ऊंचाइयां अपने आप को विस्तार देते हुए हम अपने जीवन का अस्तित्व ढूंढेंगे हमारा जीवन का अस्तित्व केManav Jeevan Ke Uddeshya Ke Bare Mein Hum Vistrit Charcha Kar Sakte Hain Lekin Hamare Paas Kewal 2 Minute Hai Sabse Pehle Hi Sabse Zaroori Cheez Yeh Hai Ki Manav Jeevan Ho Ya Kisi Bhi Kriechar Ya Pani Ka Jeevan Ho Uski Shashi Jo Mul Jarurate Hain Jo Fundamental Notes Hai Wah Survivor Yani Ki Jeevit Rehna Kisi Bhi Haal Mein Hume Jeevit Rehna To Jeevit Rehne Ke Liye Chahe Jaisi Sarakamastensas Jaisi Bhi Paristhiyaan Bani Hume Har Haal Mein Jeevit Rehna Hai Hai Aur Jeevit Rehne Ke Liye Hume Hume Hamare Liye Roti Kapda Makan Khane Ke Liye Rehne Ke Liye Hamari Suraksha Ke Liye Jo Hamari Mul Jarurate Hain Unka Puri Hona Jo Mul Aavashyakataen Hain Mul Imfratrakchar Hai Uski Pehle Dosti Karna Jab Jisse Hamara Hamare Jeevan Ka Aadhar Taiyaar Hoga Jab Hum Survivor Ke Liye Puri Tarah Se Sunishchit Ho Jaenge Ki Hamara Survivor Ab Ho Chuka Hai Hume Hume Hamari Neend Aur Hamara Aadhar Hume Mil Chuka Hai Jab Mari Mulbhut Jarurate Hain Aur Fundamental Units Puri Ho Jaengi Aur Hamara Survivor Acche Se Hoga Tab Hum Apni Roti Kapda Makan Aur Use Suraksha Aur Shiksha Ki Baat Aage Ke Liye Sochenge Aur Adhik Se Adhik Gyaan Pradan Karne Ke Liye Sochenge Aur Naye Naye Apne Manav Jeevan Ke Naye Naye Udyeshwo Ko Shaamil Karenge Nayi Nayi Unchaiyon Ko Naye Naye Aayamon Ko Hasil Karne Ki Koshish Karenge Ussi Kram Mein Aap Aap Kabhi Ias Bante Hain Kabhi Doctor Ya Engineer Bante Hain To Yahi Yeh Hamara Antim Uddeshya Nahi Hai Yeh Hamare Jeevan Ke Anubhav Hain In Anubhav Anubhavon Se Sikhate Huye Hum Karm Karm Mein Satat Rehte Huye Apne Aap Ko Nayi Nayi Unchaiyan Apne Aap Ko Vistar Dete Huye Hum Apne Jeevan Ka Astitv Dhoondhenge Hamara Jeevan Ka Astitv Ke
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मानव जीवन का उद्देश्य क्या है इस सवाल का जवाब में आत्मिक स्तर पर कर्मों के आधार पर देना चाहूंगा हमें यह ज्ञात होना चाहिए कि हमारी है जो आत्मा है वह परमपिता परमेश्वर जो की परम आनंद और परम शांति का भंडा...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का उद्देश्य क्या है इस सवाल का जवाब में आत्मिक स्तर पर कर्मों के आधार पर देना चाहूंगा हमें यह ज्ञात होना चाहिए कि हमारी है जो आत्मा है वह परमपिता परमेश्वर जो की परम आनंद और परम शांति का भंडार है उसका अंश और उसकी संतान है लेकिन उससे बिछड़ कर हम काम क्रोध लोभ और मोह के वशीभूत होकर मलिन हो चुके हैं और मनुष्य जीवन 8400000 योनियों में सबसे बेस्ट एसी योनि है सर्वश्रेष्ठ योनि है जिस का सदुपयोग करके जिस जीवन का सदुपयोग करके हम उन्हें शुद्ध और पवित्र होकर उस ईश्वर तक पहुंच सकते हैं तो मानव जीवन का उद्देश्य यही होना चाहिए कि अंततः जब हम इस जीवन को संपूर्णता से जीते हुए इसके चरम पर पहुंचे और प्राण त्यागे तो हमारी आत्मा के साथ सद्गुण प्रेम शांति आनंद ही साथ जाए किसी भी तरह का काम क्रोध लोभ और मोह यह संभव न रहे तो हम उन्हें शुद्ध और पवित्र होकर उस परमपिता परमेश्वर में विलीन होकर इस जीवन की वैल्यू को समझें तो समस्त कर्म बंधनों से मुक्त होकर परम शांति और परम आनंद में विलीन होना ही इस जीवन का उद्देश्य होना चाहिए कि जिस ईश्वर से दूर होकर हम इंजन जाल में फंसे हैं इस सब से मुक्त होकर पुणे ईश्वर तक पहुंचेManav Jeevan Ka Uddeshya Kya Hai Is Sawal Ka Jawab Mein Aatmik Sthar Par Karmon Ke Aadhar Par Dena Chahunga Hume Yeh Gyaat Hona Chahiye Ki Hamari Hai Jo Aatma Hai Wah Parampita Parmeshwar Jo Ki Param Anand Aur Param Shanti Ka Bhandar Hai Uska Ansh Aur Uski Santan Hai Lekin Usse Bichhad Kar Hum Kaam Krodh Lobh Aur Moh Ke Vashibhoot Hokar Malin Ho Chuke Hain Aur Manushya Jeevan 8400000 Yoniyon Mein Sabse Best Ac Yoni Hai Sarvashrestha Yoni Hai Jis Ka Sadupyog Karke Jis Jeevan Ka Sadupyog Karke Hum Unhen Shudh Aur Pavitra Hokar Us Ishwar Tak Pahunch Sakte Hain To Manav Jeevan Ka Uddeshya Yahi Hona Chahiye Ki Antatah Jab Hum Is Jeevan Ko Sanpoornataa Se Jeete Huye Iske Charam Par Pahuche Aur Praan Tyaage To Hamari Aatma Ke Saath Sadgun Prem Shanti Anand Hi Saath Jaye Kisi Bhi Tarah Ka Kaam Krodh Lobh Aur Moh Yeh Sambhav N Rahe To Hum Unhen Shudh Aur Pavitra Hokar Us Parampita Parmeshwar Mein Vileen Hokar Is Jeevan Ki Value Ko Samajhe To Samast Karm Bandhanon Se Mukt Hokar Param Shanti Aur Param Anand Mein Vileen Hona Hi Is Jeevan Ka Uddeshya Hona Chahiye Ki Jis Ishwar Se Dur Hokar Hum Engine Jaal Mein Phase Hain Is Sab Se Mukt Hokar Pune Ishwar Tak Pahuche
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विकी मानव जीवन का सर्वप्रथम सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि मैं लोगों की रक्षा करें धर्म का पालन करें और अपने इंसान होने का कर्तव्य निभाएं और सदैव एक इंसानियत एक मर्यादित रास्ते में चले और कहीं ना कहीं द...जवाब पढ़िये
विकी मानव जीवन का सर्वप्रथम सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि मैं लोगों की रक्षा करें धर्म का पालन करें और अपने इंसान होने का कर्तव्य निभाएं और सदैव एक इंसानियत एक मर्यादित रास्ते में चले और कहीं ना कहीं देश को या फिर मुझे इस संस्था से है या जिस धर्म से है उस चीज को की उन्नति करें और यदि हुई वह तत्पर रहे इस कार्य के लिए कि वह भगवान के द्वारा चलाई गई सभी प्राणियों वर्ग में सबसे उच्च वर्ग और मैं उसका पालन करके और उसके उस पर कार्यरत हैVikee Manav Jeevan Ka Sarvapratham Sabse Bada Uddeshya Yahi Hai Ki Main Logon Ki Raksha Karen Dharm Ka Palan Karen Aur Apne Insaan Hone Ka Kartavya Nibhaaein Aur Sadaiv Ek Insaniyat Ek Maryadit Raste Mein Chale Aur Kahin Na Kahin Desh Ko Ya Phir Mujhe Is Sanstha Se Hai Ya Jis Dharm Se Hai Us Cheez Ko Ki Unnati Karen Aur Yadi Hui Wah Tatpar Rahe Is Karya Ke Liye Ki Wah Bhagwan Ke Dwara Chalai Gayi Sabhi Praaniyon Varg Mein Sabse Uccha Varg Aur Main Uska Palan Karke Aur Uske Us Par Karyarat Hai
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मानव जीवन का यही उद्देश्य जियो और जीने दो खुश रहो और दूसरों को खुश रखो दूसरे की कमाओ और अपनी अपेक्षा न करो...जवाब पढ़िये
मानव जीवन का यही उद्देश्य जियो और जीने दो खुश रहो और दूसरों को खुश रखो दूसरे की कमाओ और अपनी अपेक्षा न करोManav Jeevan Ka Yahi Uddeshya Jio Aur Jeene Do Khush Raho Aur Dusron Ko Khush Rakho Dusre Ki Kamao Aur Apni Apeksha N Karo
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