आरक्षण का आधार क्या था।आरक्षण क्यों लागू किया गया और इसे क्यों खत्म किया जाना चाहिए ? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देसी आरक्षण के बारे में बाधा क्यों को ऊपर उठाने के लिए शासन लागू लागू किए देश की आजादी के 70 साल बाद यह क्या किया तो ऊपर चुकी है उनके नंबर अधिक आने के बाद भी कमाते हैं और उनके विकास की गति और यह जातिय...जवाब पढ़िये
देसी आरक्षण के बारे में बाधा क्यों को ऊपर उठाने के लिए शासन लागू लागू किए देश की आजादी के 70 साल बाद यह क्या किया तो ऊपर चुकी है उनके नंबर अधिक आने के बाद भी कमाते हैं और उनके विकास की गति और यह जातियां आर्थिक रुप से शुरू हो चुकी है यह बात सामाजिक स्थिति मैं ऊपर आने की यह तो तभी हो सकता है जब जाति व्यवस्था को खत्म कर दिया जाए और सभी को जंगल में किया जाएDesi Aarakshan Ke Bare Mein Badha Kyon Ko Upar Uthane Ke Liye Shasan Laagu Laagu Kiye Desh Ki Azadi Ke 70 Saal Baad Yeh Kya Kiya To Upar Chuki Hai Unke Number Adhik Aane Ke Baad Bhi Kamate Hain Aur Unke Vikash Ki Gati Aur Yeh Jatiyaan Aarthik Roop Se Shuru Ho Chuki Hai Yeh Baat Samajik Sthiti Main Upar Aane Ki Yeh To Tabhi Ho Sakta Hai Jab Jati Vyavastha Ko Khatam Kar Diya Jaye Aur Sabhi Ko Jungle Mein Kiya Jaye
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब आरक्षण बनाया गया था बाबा राव अंबेडकर द्वारा कॉन्स्टिट्यूशन में तो उनका आधार सिर्फ यही था कि जो दलित और SC ST कास्ट के लोग हैं वह लोग अपना सोशल स्टैंडर्ड अच्छा कर सके और वह लोग अपने समाज के ऊपर आ सक...जवाब पढ़िये
जब आरक्षण बनाया गया था बाबा राव अंबेडकर द्वारा कॉन्स्टिट्यूशन में तो उनका आधार सिर्फ यही था कि जो दलित और SC ST कास्ट के लोग हैं वह लोग अपना सोशल स्टैंडर्ड अच्छा कर सके और वह लोग अपने समाज के ऊपर आ सके क्योंकि उनका बहुत सालों से शोषण उत्पीड़न किया जा रहा था पर कास्ट के लोगों द्वारा लेकिन काफी साल हो चुके हैं जब से आरक्षण चल रहा है और जिन लोगों को ऊपर आना था उनका स्टैंडर्ड पॉजिटिव पर आ चुका है लेकिन अभी भी कुछ लोग नीचे हैं जो कि ऊपर आ नहीं पाते हैं उसका कारण यह है उसका मैप उदाहरण ले सकते हैं कि अगर किसी परिवार में किसी माता पिता को ऑलरेडी दिया गया है और उन्होंने अपने सोशल स्टैंडर्ड ऊपर कर लिया है तो उनका बच्चा भी आरक्षण का गलत उपयोग करके अपना एडमिशन या फिर अपनी जॉब की अपॉर्चुनिटी ले लेता है बल्कि यह तो आरक्षण के लिए वजह से उसको मिलनी चाहिए जो कि हम अभी भी कम पैसे के घर में पल रहा बढ़ रहा बच्चा होता है क्योंकि उनके पास उनको ज्यादा जरूरत है कि आरक्षण उनको मिले क्योंकि बनाया ही उन लोगों के लिए था जिनके पास पढ़ने लिखने के लिए और अपना जीवन यापन करने के लिए पैसे नहीं थे तो इसी वजह से आरक्षण का गलत उपयोग होना शुरू कर दिया गया है और यही वजह है कि हमें आरक्षण खत्म कर देना चाहिए और कुछ सालों में हो सकता है आरक्षण खत्म भी हो जाए क्योंकि आरक्षण का लोग गलत तरह से उपयोग करने लग गए हैं और जिस वजह से आरक्षण बनाया गया था वह आधार भी खत्म होता जा रहा हैJab Aarakshan Banaya Gaya Tha Baba Rav Ambedkar Dwara Constitution Mein To Unka Aadhar Sirf Yahi Tha Ki Jo Dalit Aur SC ST Caste Ke Log Hain Wah Log Apna Social Standard Accha Kar Sake Aur Wah Log Apne Samaaj Ke Upar Aa Sake Kyonki Unka Bahut Salon Se Shoshan Utpidan Kiya Ja Raha Tha Par Caste Ke Logon Dwara Lekin Kafi Saal Ho Chuke Hain Jab Se Aarakshan Chal Raha Hai Aur Jin Logon Ko Upar Aana Tha Unka Standard Positive Par Aa Chuka Hai Lekin Abhi Bhi Kuch Log Neeche Hain Jo Ki Upar Aa Nahi Paate Hain Uska Kaaran Yeh Hai Uska Map Udaharan Le Sakte Hain Ki Agar Kisi Parivar Mein Kisi Mata Pita Ko Diya Gaya Hai Aur Unhone Apne Social Standard Upar Kar Liya Hai To Unka Baccha Bhi Aarakshan Ka Galat Upyog Karke Apna Admission Ya Phir Apni Job Ki Opportunity Le Leta Hai Balki Yeh To Aarakshan Ke Liye Wajah Se Usko Milani Chahiye Jo Ki Hum Abhi Bhi Kam Paise Ke Ghar Mein Pal Raha Badh Raha Baccha Hota Hai Kyonki Unke Paas Unko Jyada Zaroorat Hai Ki Aarakshan Unko Mile Kyonki Banaya Hi Un Logon Ke Liye Tha Jinke Paas Padhne Likhne Ke Liye Aur Apna Jeevan Yaapan Karne Ke Liye Paise Nahi The To Isi Wajah Se Aarakshan Ka Galat Upyog Hona Shuru Kar Diya Gaya Hai Aur Yahi Wajah Hai Ki Hume Aarakshan Khatam Kar Dena Chahiye Aur Kuch Salon Mein Ho Sakta Hai Aarakshan Khatam Bhi Ho Jaye Kyonki Aarakshan Ka Log Galat Tarah Se Upyog Karne Lag Gaye Hain Aur Jis Wajah Se Aarakshan Banaya Gaya Tha Wah Aadhar Bhi Khatam Hota Ja Raha Hai
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1942 में डॉक्टर अंबेडकर ने अनुसूचित जातियों की उन्नति के लिए उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा को सरकारी क्षेत्र में आरक्षण की मांग की थी और उनकी कोशिशों की वजह से लोकसभा व राज्यसभा में इनके लिए...जवाब पढ़िये
1942 में डॉक्टर अंबेडकर ने अनुसूचित जातियों की उन्नति के लिए उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा को सरकारी क्षेत्र में आरक्षण की मांग की थी और उनकी कोशिशों की वजह से लोकसभा व राज्यसभा में इनके लिए कुछ विशेष रखी गई आरक्षण को लेकर धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा आजाद भारत के संविधान में यह सुनिश्चित किया गया कि जातीय जन्म स्थान तथा धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होगा सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए ही संविधान में आरक्षण की धाराएं रखी गई है डॉक्टर अंबेडकर का मानना था कि यह एक विकास के लिए सहारा है बेसिक बैसाखी नहीं है कि जीवन भर इसके सारे चला जाए यदि किसी वर्ग का विकास हो जाता है आरक्षण से तो उसके आगे की पीढ़ी को इसका लाभ नहीं मिलना चाहिए ऐसा डॉक्टर अंबेडकर का कहना था आरक्षण देने के समय में 10 वर्षों में यह समीक्षा की जाएगी उन्हें उसका लाभ मिला है या नहीं कई नेताओं का मानना था आरक्षण से भाई-भाई में दरार पड़ेगी और समाज का संतुलन संतुलन बिगड़ जाएगा आरक्षण का पूरा लाभ उन लोगों को मिल रहा है जिन्हें इसकी जरूरत ही नहीं1942 Mein Doctor Ambedkar Ne Anusuchit Jaatiyo Ki Unnati Ke Liye Unka Jeevan Sthar Uncha Uthane Ke Liye Shiksha Ko Sarkari Kshetra Mein Aarakshan Ki Maang Ki Thi Aur Unki Koshishon Ki Wajah Se Lok Sabha V Rajya Sabha Mein Inke Liye Kuch Vishesh Rakhi Gayi Aarakshan Ko Lekar Dharm Ke Aadhar Par Koi Bhedbhav Nahi Kiya Jayega Azad Bharat Ke Samvidhan Mein Yeh Sunishchit Kiya Gaya Ki Jatiye Janm Sthan Tatha Dharm Ke Aadhar Par Bhedbhav Nahi Hoga Samajik Aur Shaikshik Roop Se Pichade Vargon Ke Liye Hi Samvidhan Mein Aarakshan Ki Dharayen Rakhi Gayi Hai Doctor Ambedkar Ka Manana Tha Ki Yeh Ek Vikash Ke Liye Sahara Hai Basic Baisakhi Nahi Hai Ki Jeevan Bhar Iske Sare Chala Jaye Yadi Kisi Varg Ka Vikash Ho Jata Hai Aarakshan Se To Uske Aage Ki Pidhi Ko Iska Labh Nahi Milna Chahiye Aisa Doctor Ambedkar Ka Kehna Tha Aarakshan Dene Ke Samay Mein 10 Varshon Mein Yeh Samiksha Ki Jayegi Unhen Uska Labh Mila Hai Ya Nahi Kai Netaon Ka Manana Tha Aarakshan Se Bhai Bhai Mein Daraar Padegi Aur Samaaj Ka Santulan Santulan Bigad Jayega Aarakshan Ka Pura Labh Un Logon Ko Mil Raha Hai Jinhen Iski Zaroorat Hi Nahi
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