क्या हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर हमारे साथ रहेंगे ? ...

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जिंदगी में इतने बदलाव आते हैं तो उतार चढ़ाव आते हैं वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं आप जिस सिटी में रह रहे हैं वह बदल जाती है तो जरूरी नहीं है कि बचपन के दोस्त हमेशा आपके साथ रहे यह सारी चीजों के ...जवाब पढ़िये
जिंदगी में इतने बदलाव आते हैं तो उतार चढ़ाव आते हैं वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं आप जिस सिटी में रह रहे हैं वह बदल जाती है तो जरूरी नहीं है कि बचपन के दोस्त हमेशा आपके साथ रहे यह सारी चीजों के अलावा यह भी चीज हो सकती है कि वह बड़े होते होते तक हम अपने आप को इतना इग्नोर कर लेते हैं कि हमें यह समझ में भी आने लग जाता है कि शायद हमारा जो बचपन का दोस्त है वह हमें इतनी अच्छी तरीके से समझ नहीं पा रहा यह हर किसी के साथ नहीं होता है वही स्पेशल बात है परंतु प्रश्न पर डिपेंड करता है और यह भी हो सकता है कि दो-तीन साल पुराना आपका कोई दोस्त है वह जिंदगी भर का साथ निभाने जितना आपका अच्छा दोस्त हो गया बचपन का दोस्त है आपका आपका जिंदगी भर साथ शायद ना निभा पाएZindagi Mein Itne Badlav Aate Hain To Utar Chadhav Aate Hain Waqt Badal Jata Hai Insaan Badal Jaate Hain Aap Jis City Mein Rah Rahe Hain Wah Badal Jati Hai To Zaroori Nahi Hai Ki Bachpan Ke Dost Hamesha Aapke Saath Rahe Yeh Saree Chijon Ke Alava Yeh Bhi Cheez Ho Sakti Hai Ki Wah Bade Hote Hote Tak Hum Apne Aap Ko Itna Ignore Kar Lete Hain Ki Hume Yeh Samajh Mein Bhi Aane Lag Jata Hai Ki Shayad Hamara Jo Bachpan Ka Dost Hai Wah Hume Itni Acchi Tarike Se Samajh Nahi Pa Raha Yeh Har Kisi Ke Saath Nahi Hota Hai Wahi Special Baat Hai Parantu Prashna Par Depend Karta Hai Aur Yeh Bhi Ho Sakta Hai Ki Do Teen Saal Purana Aapka Koi Dost Hai Wah Zindagi Bhar Ka Saath Nibhane Jitna Aapka Accha Dost Ho Gaya Bachpan Ka Dost Hai Aapka Aapka Zindagi Bhar Saath Shayad Na Nibha Paye
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हां मुझे लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर साथ रहेंगे क्योंकि बचपन के दोस्तों की यह खासियत है कि वह हमें उस सब जानते हैं जब हम धीरे-धीरे डेवलप हो रहे होते हैं हमारी हमारी पर्सनालिटी डेवलप हो रही ...जवाब पढ़िये
हां मुझे लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर साथ रहेंगे क्योंकि बचपन के दोस्तों की यह खासियत है कि वह हमें उस सब जानते हैं जब हम धीरे-धीरे डेवलप हो रहे होते हैं हमारी हमारी पर्सनालिटी डेवलप हो रही होती है और वह हमारे साथ उस वक्त होते जो शायद हमारे साथ बहुत लोग नहीं होते तो यह हो जाता है ना कि दोस्तों में हम उनके साथ बढ़ते हैं हम उनके साथ बहुत चीजें सीखते हैं वह पढ़ाई हो यार लाइट की जनरल बातें हो हम हम गिरना सीखते हैं उतना सीखते हैं और चोट लगती है तो वही साथ होते हमारे अच्छे बुरे पल हमारे साथ होते हैं तो यह बता कि कभी कबार ऐसा होता कि ब्लू कांटेक्ट में दम पर फिर भी अगर हम बहुत दिन तक कांटेक्ट में भी नहीं रहते पर जब भी आप मिलते हैं मुंबई से शुरू करते जहां पर हमने पिछली बात छोड़ा था कॉलेज के दोस्तों के साथ इतना ज्यादा नहीं होता पर बचपन के दोस्त होते जो हमारे घर के बाजू में रहते हैं या हमारे नर्सरी में होते हैं हमारे पहले दोस्त होते हैं वह हमारे बेस्ट फ्रेंड हो जाते तो उनका साथ होना क्योंकि वह में समझते हमारे उस टाइम से हमें जानते हैं इस टाइम से हम शायद खुद को पहचाने लगते तो बचपन के दोस्त जीवन भर साथ मुझे लगता है हमेशा रहते हो और और हमें रखना चाहिए हमारे साथ इंपॉर्टेंट पार्ट ऑफ लाइफ टाइम हमारे बहुत अच्छे से पहचानते तो हम साथ-साथ रहते हमारेHaan Mujhe Lagta Hai Ki Hamare Bachpan Ke Dost Jeevan Bhar Saath Rahenge Kyonki Bachpan Ke Doston Ki Yeh Khasiyat Hai Ki Wah Hume Us Sab Jante Hain Jab Hum Dhire Dhire Develop Ho Rahe Hote Hain Hamari Hamari Personality Develop Ho Rahi Hoti Hai Aur Wah Hamare Saath Us Waqt Hote Jo Shayad Hamare Saath Bahut Log Nahi Hote To Yeh Ho Jata Hai Na Ki Doston Mein Hum Unke Saath Badhte Hain Hum Unke Saath Bahut Cheezen Sikhate Hain Wah Padhai Ho Yaar Light Ki General Batein Ho Hum Hum Girna Sikhate Hain Utana Sikhate Hain Aur Chot Lagti Hai To Wahi Saath Hote Hamare Acche Bure Pal Hamare Saath Hote Hain To Yeh Bata Ki Kabhi Kabar Aisa Hota Ki Blue Contact Mein Dum Par Phir Bhi Agar Hum Bahut Din Tak Contact Mein Bhi Nahi Rehte Par Jab Bhi Aap Milte Hain Mumbai Se Shuru Karte Jahan Par Humne Pichali Baat Choda Tha College Ke Doston Ke Saath Itna Jyada Nahi Hota Par Bachpan Ke Dost Hote Jo Hamare Ghar Ke Baju Mein Rehte Hain Ya Hamare Nursery Mein Hote Hain Hamare Pehle Dost Hote Hain Wah Hamare Best Friend Ho Jaate To Unka Saath Hona Kyonki Wah Mein Samajhte Hamare Us Time Se Hume Jante Hain Is Time Se Hum Shayad Khud Ko Pehchane Lagte To Bachpan Ke Dost Jeevan Bhar Saath Mujhe Lagta Hai Hamesha Rehte Ho Aur Aur Hume Rakhna Chahiye Hamare Saath Important Part Of Life Time Hamare Bahut Acche Se Pehchante To Hum Saath Saath Rehte Hamare
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देखिए यहां जो आपके बचपन के दोस्तों में जीवन भर आपके साथ रहेंगे पर ऐसा नहीं होता कि आपका हर बचपन का दोस्त आपके साथ जीवन भर साथ रहता है गिने-चुने जो एक दो दोस्त होते हैं जो आपके बहुत ज्यादा करीबी 255 आप...जवाब पढ़िये
देखिए यहां जो आपके बचपन के दोस्तों में जीवन भर आपके साथ रहेंगे पर ऐसा नहीं होता कि आपका हर बचपन का दोस्त आपके साथ जीवन भर साथ रहता है गिने-चुने जो एक दो दोस्त होते हैं जो आपके बहुत ज्यादा करीबी 255 आप अपनी चड्डी बडी याद बहुत सकते हैं मैं आपके साथ हमेशा रहेंगे पर उसके अलावा जो आपके बाकी तो सोचा आप को धीरे-धीरे दिखेगा क्या आप का एक के बाद एक ग्रुप से कोंटेक्ट उतर जाएगा क्योंकि लोगों के साथ क्या होता है कि जिनके साथ आप लोग रहते हैं आप उन्हें अपनी प्रॉपर्टी सुनाना शुरू कर देते हैं तो आप लोगों के पास इतना समय नहीं होता क्या अपने स्कूल के दोस्तों को समय दे पाए ज्यादा तो इसलिए तो बचपन के दोस्त होते हैं वह धीरे-धीरे करके अलग हो जाते हैं फिर भी मुझे ऐसा लगता है कि जब बचपन के दो सारे कट्ठे मिलते हैं तो वहीं दोस्ती वापस आ जाती है वही पल याद आ जाते हैं पर अगर पुलिस क्लोज फ्रेंड तो क्लोज फ्रेंड आपके एक तू ही रहेंगे तो बचपन में आपके बहुत ज्यादा अच्छे फ्रेंड रहे हैंDekhie Yahan Jo Aapke Bachpan Ke Doston Mein Jeevan Bhar Aapke Saath Rahenge Par Aisa Nahi Hota Ki Aapka Har Bachpan Ka Dost Aapke Saath Jeevan Bhar Saath Rehta Hai Gine Chune Jo Ek Do Dost Hote Hain Jo Aapke Bahut Jyada Karibi 255 Aap Apni Chaddee Buddy Yaad Bahut Sakte Hain Main Aapke Saath Hamesha Rahenge Par Uske Alava Jo Aapke Baki To Socha Aap Ko Dhire Dhire Dikhega Kya Aap Ka Ek Ke Baad Ek Group Se Contact Utar Jayega Kyonki Logon Ke Saath Kya Hota Hai Ki Jinke Saath Aap Log Rehte Hain Aap Unhen Apni Property Sunana Shuru Kar Dete Hain To Aap Logon Ke Paas Itna Samay Nahi Hota Kya Apne School Ke Doston Ko Samay De Paye Jyada To Isliye To Bachpan Ke Dost Hote Hain Wah Dhire Dhire Karke Alag Ho Jaate Hain Phir Bhi Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Jab Bachpan Ke Do Sare Katthe Milte Hain To Wahin Dosti Wapas Aa Jati Hai Wahi Pal Yaad Aa Jaate Hain Par Agar Police Close Friend To Close Friend Aapke Ek Tu Hi Rahenge To Bachpan Mein Aapke Bahut Jyada Acche Friend Rahe Hain
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देखे ही कहना तो बहुत ही मुश्किल है क्या अगर अखियां के बचपन के दोस्त जीवन भर आपका साथ रहेंगे या नहीं क्योंकि बहुत ज्यादा असर कम सांसद पर डिपेंड करता है यह डिपेंड करता है कि आपकी किस तरह के दोस्त है क्य...जवाब पढ़िये
देखे ही कहना तो बहुत ही मुश्किल है क्या अगर अखियां के बचपन के दोस्त जीवन भर आपका साथ रहेंगे या नहीं क्योंकि बहुत ज्यादा असर कम सांसद पर डिपेंड करता है यह डिपेंड करता है कि आपकी किस तरह के दोस्त है क्या वह बिल्कुल अच्छी तरीके के दोस्त हैं क्या मैं सच में आपको अपना दोस्त मानते हैं और असली ज्यादा से कम चांस डिपेंड करता है क्यों किया होता क्या है कि हम अपनी जिंदगी में बहुत सारे नए लोगों से मिलते हैं जैसे कि हम बचपन में पैदा हुए हमारे दोस्त बने हैं उसके बाद 10थ के बाद जो है क्लासेज लेट हो जाते हैं कुछ लोग अलग-अलग स्ट्रीम देते हैं उसमें हमें नए दोस्त मिलते हैं उसको जब कॉलेज जाते हुए क्लासेस लेट हो जाते हैं काफी सारे लोग तुम्हारे फ्रेंड से कॉलेज में होते हैं उस पर जॉब टाइम में तो यह बहुत ज्यादा है ट्रेन टूटने का टूटी सरगम शांति पर डिपेंड करता है पर हां यह है कि अगर आपका अपने बचपन के दोस्तों के साथ बहुत ज्यादा अच्छा कौन है आगरा करो कांटेक्ट में है और अब हर एक दुख एक दूसरे के सुख-दुख में साथ है तो यह बहुत है क्या आपका आपके जो बचपन के दोस्त आपके जीवन भर साथ रहेDekhe Hi Kehna To Bahut Hi Mushkil Hai Kya Agar Akhiyan Ke Bachpan Ke Dost Jeevan Bhar Aapka Saath Rahenge Ya Nahi Kyonki Bahut Jyada Asar Kum Saansad Par Depend Karta Hai Yeh Depend Karta Hai Ki Aapki Kis Tarah Ke Dost Hai Kya Wah Bilkul Acchi Tarike Ke Dost Hain Kya Main Sach Mein Aapko Apna Dost Manate Hain Aur Asli Jyada Se Kum Chance Depend Karta Hai Kyun Kiya Hota Kya Hai Ki Hum Apni Zindagi Mein Bahut Sare Naye Logon Se Milte Hain Jaise Ki Hum Bachpan Mein Paida Hue Hamare Dost Bane Hain Uske Baad Th Ke Baad Jo Hai Classes Let Ho Jaate Hain Kuch Log Alag Alag Stream Dete Hain Usamen Hume Naye Dost Milte Hain Usko Jab College Jaate Hue Classes Let Ho Jaate Hain Kafi Sare Log Tumhare Friend Se College Mein Hote Hain Us Par Job Time Mein To Yeh Bahut Jyada Hai Train Tutane Ka Tuti Sargam Shanti Par Depend Karta Hai Par Haan Yeh Hai Ki Agar Aapka Apne Bachpan Ke Doston Ke Saath Bahut Jyada Accha Kaun Hai Agra Karo Contact Mein Hai Aur Ab Har Ek Dukh Ek Dusre Ke Sukh Dukh Mein Saath Hai To Yeh Bahut Hai Kya Aapka Aapke Jo Bachpan Ke Dost Aapke Jeevan Bhar Saath Rahe
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अभी से यह कहना एकदम सॉलिड इसे तो बोल नहीं सकते की बचपन की दोस्त जीवन भर रहेंगे या नहीं क्योंकि यह दोनों जो आप और आपके बचपन के दोस्त दोनों को निभाने का निभाने की पावर पर रहता है अगर आप दोनों जिंदगी भर ...जवाब पढ़िये
अभी से यह कहना एकदम सॉलिड इसे तो बोल नहीं सकते की बचपन की दोस्त जीवन भर रहेंगे या नहीं क्योंकि यह दोनों जो आप और आपके बचपन के दोस्त दोनों को निभाने का निभाने की पावर पर रहता है अगर आप दोनों जिंदगी भर निभाएंगे तो ऑफिस लिए आपका फ्रेंड से फॉर स्ट्रांग बनेगा और अगर कुछ कठिनाइयां आए और अगर उसको आप उसके उसको भी आप अगर सॉल्व कर दिया और फिर भी रहे फ्रेंड फ्रेंड रहे तो ऑफिस से आपको फ्रेंडशिप सांग्स बन जाएगा पर बहुत बड़ा होता है कि बहुत यशस्वी टाइम की वजह से टाइम बिजी होने से या ब्लॉक की वजह से उसने कांटेक्ट में नहीं रहने से वह फ्रेंडशिप टूट जाता है टाइपिंग किए हर इंसान पर डिपेंड होता है अलग-अलग इंसान का व्यक्ति का व्यवहार अलग रहता है उसे हिंदी एंड उस पर डिपेंड होगाAbhi Se Yeh Kehna Ekdam Solid Ise To Bol Nahi Sakte Ki Bachpan Ki Dost Jeevan Bhar Rahenge Ya Nahi Kyonki Yeh Dono Jo Aap Aur Aapke Bachpan Ke Dost Dono Ko Nibhane Ka Nibhane Ki Power Par Rehta Hai Agar Aap Dono Zindagi Bhar Nibhaenge To Office Liye Aapka Friend Se For Strong Banega Aur Agar Kuch Kathinaiyan Aaye Aur Agar Usko Aap Uske Usko Bhi Aap Agar Solve Kar Diya Aur Phir Bhi Rahe Friend Friend Rahe To Office Se Aapko Friendship Sangs Ban Jayega Par Bahut Bada Hota Hai Ki Bahut Yasaswi Time Ki Wajah Se Time Busy Hone Se Ya Block Ki Wajah Se Usne Contact Mein Nahi Rehne Se Wah Friendship Toot Jata Hai Typing Kiye Har Insaan Par Depend Hota Hai Alag Alag Insaan Ka Vyakti Ka Vyavhar Alag Rehta Hai Use Hindi End Us Par Depend Hoga
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अरविंद जी आधी कि मुझे ऐसा लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त होते हैं वह हमारे साथ शायद पूरी उम्र तक नहीं रह पाते और ऐसे में हमारे दोस्त की हमारी गलती नहीं होती आज चली यह सिचुएशन और शक्ल चांद जैसे हो जाते...जवाब पढ़िये
अरविंद जी आधी कि मुझे ऐसा लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त होते हैं वह हमारे साथ शायद पूरी उम्र तक नहीं रह पाते और ऐसे में हमारे दोस्त की हमारी गलती नहीं होती आज चली यह सिचुएशन और शक्ल चांद जैसे हो जाते हैं कि यह प्रेक्टिकली पॉसिबल नहीं हो पाता और हर कोई एक जैसा नहीं होता है और जैसे मैं आपको मेरा एग्जाम पर देती हूं मेरी बचपन की फ्रेंड हुआ करती पर हम करीबन सेवंथ क्लास तक साथ में पड़े सेवंथ क्लास के बाद और मैं दूसरे शहर में आ गई क्योंकि पापा की ट्रांसफर हो गई उसके बाद में मेरे को डाक में नहीं रे बीच में फिर से कोंटेक्ट हुआ फिर अब वह चली गई चली गई मैं इधर रह गई तो वह डिस्टेंस बढ़ता गया और वह मुझसे कांटेक्ट में नहीं है हां वह मेरे WhatsApp लिस्ट में है Facebook फ्रेंड है इंतजाम पर है फोटोस पर कभी कभी लाइक कमेंट हो जाता है पर बस इतना ही से ज्यादा नहीं थोड़ा बचपन में 7:30 बता दे तो तभी तो समझ नहीं होती नारी जो पसंद नापसंद है वह हमें पता ही नहीं होती क्या है थोड़ा बड़े होते हैं अगर कॉलेज जाते हैं तो ड्रीम्स अलग अलग हो जाती है इस शहर बदल जाते हैं नए दोस्त मिल जाते हैं अपनी पसंद नापसंद समझ में आ जाती है और कई बार हमारे दोस्त से बात नहीं करती तो फिर वह 10 दिन बढ़ता जाता है और दूसरे कम होती जाती है लेकिन मैं कोशिश करूंगा कि मैं सेवंथ क्लास में यहां आई और जो दोस्त मुझे तब मिले और अब करीबन हमें 10 साल हो चुके हैं अब 89 साल हो चुके आंख खुली और वह अब तक मेरे दोस्त है और मैं रोज से बात करती हूं तो जरूरी नहीं है कि बचपन के दोस्त ही आपके सच्चे दोस्त हो सकते हैं आपको जो बाद में दोस्त मिलेंगे वह भी आपके बहुत से दोस्त हो सकते हैंArvind Ji Aadhi Ki Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Hamare Bachpan Ke Dost Hote Hain Wah Hamare Saath Shayad Puri Umar Tak Nahi Rah Paate Aur Aise Mein Hamare Dost Ki Hamari Galti Nahi Hoti Aaj Chali Yeh Situation Aur Shakla Chand Jaise Ho Jaate Hain Ki Yeh Prektikali Possible Nahi Ho Pata Aur Har Koi Ek Jaisa Nahi Hota Hai Aur Jaise Main Aapko Mera Exam Par Deti Hoon Meri Bachpan Ki Friend Hua Karti Par Hum Kariban Sevanth Class Tak Saath Mein Pade Sevanth Class Ke Baad Aur Main Dusre Sheher Mein Aa Gayi Kyonki Papa Ki Transfer Ho Gayi Uske Baad Mein Mere Ko Dak Mein Nahi Ray Beech Mein Phir Se Contact Hua Phir Ab Wah Chali Gayi Chali Gayi Main Idhar Rah Gayi To Wah Distance Badhta Gaya Aur Wah Mujhse Contact Mein Nahi Hai Haan Wah Mere WhatsApp List Mein Hai Facebook Friend Hai Intajam Par Hai Photoss Par Kabhi Kabhi Like Comment Ho Jata Hai Par Bus Itna Hi Se Jyada Nahi Thoda Bachpan Mein 7:30 Bata De To Tabhi To Samajh Nahi Hoti Nari Jo Pasand Napasand Hai Wah Hume Pata Hi Nahi Hoti Kya Hai Thoda Bade Hote Hain Agar College Jaate Hain To Dreams Alag Alag Ho Jati Hai Is Sheher Badal Jaate Hain Naye Dost Mil Jaate Hain Apni Pasand Napasand Samajh Mein Aa Jati Hai Aur Kai Baar Hamare Dost Se Baat Nahi Karti To Phir Wah 10 Din Badhta Jata Hai Aur Dusre Kum Hoti Jati Hai Lekin Main Koshish Karunga Ki Main Sevanth Class Mein Yahan Eye Aur Jo Dost Mujhe Tab Mile Aur Ab Kariban Hume 10 Saal Ho Chuke Hain Ab 89 Saal Ho Chuke Aankh Khuli Aur Wah Ab Tak Mere Dost Hai Aur Main Roj Se Baat Karti Hoon To Zaroori Nahi Hai Ki Bachpan Ke Dost Hi Aapke Sacche Dost Ho Sakte Hain Aapko Jo Baad Mein Dost Milenge Wah Bhi Aapke Bahut Se Dost Ho Sakte Hain
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