आपके हिसाब से क्या चीज़ सामाजिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए? ...

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लिख एक ऐसी चीज जो सामाजिक रुप से पूरी तरह से स्वीकार होनी चाहिए कैसी चीज मुझे लगता है कि जो जिस प्रकार से आज के समय में लोग में आयोजित होते हैं कि लव मैरिज इसके लिए पहले के समय में जितना ज्यादा विरोध होता ताजा धर्म को लेकर और थोड़ा बहुत कम हो चुका है या नहीं तोड़े हद तक कम हो चुका है लेकिन आज भी अगर आप हमारे देश में गांव में देखोगे तो वहां पर जो एक लड़की को जो है उसके दूसरे समाज के और दूसरी शादी के लिए लड़की के साथ शादी करने के लिए परवानगी नहीं है सानू मत नहीं तो वह बात मुझे पता है कहीं ना कहीं बदलनी चाहिए जो बदलते समय में हमारे विचार में बदलने चाहिए तो हर जात पात धर्म समाज में जो चीज है अभी हमें दो हम सबको इंस्टिट्यूट के ऊपर अभी उठना चाहिए और विचार करना चाहिए क्योंकि यह सब बहुत पुरानी ट्रेडिशन समिति आज के समय में इन सब चीजों को कोई मतवाला प्रैक्टिकल इन चीजों को समझने की समझने की कोशिश कीजिए उनसे लड़के लड़कियों के बारे में सोचें क्योंकि उनका पूरा भविष्य उन चीजों के ऊपर डिपेंड होता है तोते की सामाजिक रुप से कर कर लेनी चाहिए
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लिख एक ऐसी चीज जो सामाजिक रुप से पूरी तरह से स्वीकार होनी चाहिए कैसी चीज मुझे लगता है कि जो जिस प्रकार से आज के समय में लोग में आयोजित होते हैं कि लव मैरिज इसके लिए पहले के समय में जितना ज्यादा विरोध होता ताजा धर्म को लेकर और थोड़ा बहुत कम हो चुका है या नहीं तोड़े हद तक कम हो चुका है लेकिन आज भी अगर आप हमारे देश में गांव में देखोगे तो वहां पर जो एक लड़की को जो है उसके दूसरे समाज के और दूसरी शादी के लिए लड़की के साथ शादी करने के लिए परवानगी नहीं है सानू मत नहीं तो वह बात मुझे पता है कहीं ना कहीं बदलनी चाहिए जो बदलते समय में हमारे विचार में बदलने चाहिए तो हर जात पात धर्म समाज में जो चीज है अभी हमें दो हम सबको इंस्टिट्यूट के ऊपर अभी उठना चाहिए और विचार करना चाहिए क्योंकि यह सब बहुत पुरानी ट्रेडिशन समिति आज के समय में इन सब चीजों को कोई मतवाला प्रैक्टिकल इन चीजों को समझने की समझने की कोशिश कीजिए उनसे लड़के लड़कियों के बारे में सोचें क्योंकि उनका पूरा भविष्य उन चीजों के ऊपर डिपेंड होता है तोते की सामाजिक रुप से कर कर लेनी चाहिएLikh Ek Aisi Cheez Jo Samajik Roop Se Puri Tarah Se Sweekar Honi Chahiye Kaisi Cheez Mujhe Lagta Hai Ki Jo Jis Prakar Se Aaj Ke Samay Mein Log Mein Aayojit Hote Hain Ki Love Marriage Iske Liye Pehle Ke Samay Mein Jitna Jyada Virodh Hota Taaza Dharm Ko Lekar Aur Thoda Bahut Kam Ho Chuka Hai Ya Nahi Tode Had Tak Kam Ho Chuka Hai Lekin Aaj Bhi Agar Aap Hamare Desh Mein Gav Mein To Wahan Par Jo Ek Ladki Ko Jo Hai Uske Dusre Samaaj Ke Aur Dusri Shadi Ke Liye Ladki Ke Saath Shadi Karne Ke Liye Nahi Hai Sanu Mat Nahi To Wah Baat Mujhe Pata Hai Kahin Na Kahin Badalni Chahiye Jo Badalte Samay Mein Hamare Vichar Mein Badalne Chahiye To Har Jaat Pat Dharm Samaaj Mein Jo Cheez Hai Abhi Hume Do Hum Sabko Institute Ke Upar Abhi Uthana Chahiye Aur Vichar Karna Chahiye Kyonki Yeh Sab Bahut Purani Samiti Aaj Ke Samay Mein In Sab Chijon Ko Koi Practical In Chijon Ko Samjhne Ki Samjhne Ki Koshish Kijiye Unse Ladke Ladkiyon Ke Bare Mein Sochen Kyonki Unka Pura Bhavishya Un Chijon Ke Upar Depend Hota Hai Tote Ki Samajik Roop Se Kar Kar Leni Chahiye
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मुझे लगता है इस आधुनिक युग में हमारे समाज में युवा सोच में जो बदलाव आ रहे हैं उसके अनुसार प्रेम विवाह को समाज और परिवार की ओर से खुशी से स्वीकार कर लेना चाहिए l वक्त के साथ समाज को भी और लोगों को भी बदलना चाहिए तभी समाज में शांति और खुशहाली रह सकती है l आज कल अरेंज मैरिज में जो बच्चों के विचार आपस में नहीं मिलते हैं तो शादियां टूटने की कगार पर आ जाती है और परिवार टूटने लगते हैं l लेकिन प्रेम विवाह में यह कारण नहीं होता है क्योंकि बच्चे आपस में एक दूसरे को जान कर, समझ कर और सोच कर शादी करने का फैसला लेते हैं और यह फैसला उनका अपना होता है l इसलिए वह इस रिश्ते को निभाने की पूरी कोशिश भी करते हैं l जो हमारे समाज में आज शादियाँ ज्यादा टूट रही है, परिवारों में आपस में स्नेह व समझ की कमी आ रही है, मुझे लगता है प्रेम विवाह की स्वीकार्यता से हमें टूटने से लाभ जरूर होगा l हम अपने बच्चों को भी खुश रख पाएंगे और परिवारों को भी टूटने से बचा लेंगे और समाज को एक नई दिशा, एक नई सोच की जरूरत है l समाज को चाहिए कि वह बदलाव के साथ बदले और इन चीजों को स्वीकार करें पूरे मन से, खुले दिल से l ताकि उनके बच्चे खुश रह सके और अच्छी तरह से अपना जीवन यापन कर सके, परिवारों के साथ रह सके l परिवारों के प्यार में, बड़ों के साए में जी सके l अगर उन्हें अलग-थलग कर दिया जाता है तो अशांति रहती है, मां-बाप से बच्चे अलग हो जाते हैं और वह प्रेम और वह स्नेह नहीं रह पाता है जो रहना चाहिए l इसलिए मुझे लगता है कि प्रेम विवाह को स्वीकार्यता मिलनी चाहिए l
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मुझे लगता है इस आधुनिक युग में हमारे समाज में युवा सोच में जो बदलाव आ रहे हैं उसके अनुसार प्रेम विवाह को समाज और परिवार की ओर से खुशी से स्वीकार कर लेना चाहिए l वक्त के साथ समाज को भी और लोगों को भी बदलना चाहिए तभी समाज में शांति और खुशहाली रह सकती है l आज कल अरेंज मैरिज में जो बच्चों के विचार आपस में नहीं मिलते हैं तो शादियां टूटने की कगार पर आ जाती है और परिवार टूटने लगते हैं l लेकिन प्रेम विवाह में यह कारण नहीं होता है क्योंकि बच्चे आपस में एक दूसरे को जान कर, समझ कर और सोच कर शादी करने का फैसला लेते हैं और यह फैसला उनका अपना होता है l इसलिए वह इस रिश्ते को निभाने की पूरी कोशिश भी करते हैं l जो हमारे समाज में आज शादियाँ ज्यादा टूट रही है, परिवारों में आपस में स्नेह व समझ की कमी आ रही है, मुझे लगता है प्रेम विवाह की स्वीकार्यता से हमें टूटने से लाभ जरूर होगा l हम अपने बच्चों को भी खुश रख पाएंगे और परिवारों को भी टूटने से बचा लेंगे और समाज को एक नई दिशा, एक नई सोच की जरूरत है l समाज को चाहिए कि वह बदलाव के साथ बदले और इन चीजों को स्वीकार करें पूरे मन से, खुले दिल से l ताकि उनके बच्चे खुश रह सके और अच्छी तरह से अपना जीवन यापन कर सके, परिवारों के साथ रह सके l परिवारों के प्यार में, बड़ों के साए में जी सके l अगर उन्हें अलग-थलग कर दिया जाता है तो अशांति रहती है, मां-बाप से बच्चे अलग हो जाते हैं और वह प्रेम और वह स्नेह नहीं रह पाता है जो रहना चाहिए l इसलिए मुझे लगता है कि प्रेम विवाह को स्वीकार्यता मिलनी चाहिए lMujhe Lagta Hai Is Aadhunik Yug Mein Hamare Samaaj Mein Yuva Soch Mein Jo Badlav Aa Rahe Hain Uske Anusar Prem Vivah Ko Samaaj Aur Parivar Ki Oar Se Khushi Se Sweekar Kar Lena Chahiye L Waqt Ke Saath Samaaj Ko Bhi Aur Logon Ko Bhi Badalna Chahiye Tabhi Samaaj Mein Shanti Aur Khushhali Rah Sakti Hai L Aaj Kal Arrange Marriage Mein Jo Bacchon Ke Vichar Aapas Mein Nahi Milte Hain To Shadiyan Tutane Ki Kagar Par Aa Jati Hai Aur Parivar Tutane Lagte Hain L Lekin Prem Vivah Mein Yeh Kaaran Nahi Hota Hai Kyonki Bacche Aapas Mein Ek Dusre Ko Jaan Kar Samajh Kar Aur Soch Kar Shadi Karne Ka Faisla Lete Hain Aur Yeh Faisla Unka Apna Hota Hai L Isliye Wah Is Rishte Ko Nibhane Ki Puri Koshish Bhi Karte Hain L Jo Hamare Samaaj Mein Aaj Shadiyaa Jyada Toot Rahi Hai Parivaro Mein Aapas Mein Sneh V Samajh Ki Kami Aa Rahi Hai Mujhe Lagta Hai Prem Vivah Ki Se Hume Tutane Se Labh Jarur Hoga L Hum Apne Bacchon Ko Bhi Khush Rakh Paenge Aur Parivaro Ko Bhi Tutane Se Bacha Lenge Aur Samaaj Ko Ek Nayi Disha Ek Nayi Soch Ki Zaroorat Hai L Samaaj Ko Chahiye Ki Wah Badlav Ke Saath Badle Aur In Chijon Ko Sweekar Karen Poore Man Se Khule Dil Se L Taki Unke Bacche Khush Rah Sake Aur Acchi Tarah Se Apna Jeevan Yaapan Kar Sake Parivaro Ke Saath Rah Sake L Parivaro Ke Pyar Mein Badon Ke Mein Ji Sake L Agar Unhen Alag Kar Diya Jata Hai To Ashanti Rehti Hai Maa Baap Se Bacche Alag Ho Jaate Hain Aur Wah Prem Aur Wah Sneh Nahi Rah Pata Hai Jo Rehna Chahiye L Isliye Mujhe Lagta Hai Ki Prem Vivah Ko Milani Chahiye L
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लेकिन मेरे हिसाब से तो कोई सा भी चीज है जो कि सामाजिक रुप में स्वीकार होना चाहिए लेकिन एक ऐसी चीज़ नहीं लगता है अब समय आ चुका है कि वह सामाजिक रुप से स्वीकार हो 22182 रहीम की सेक्सी ट्रांसपोर्ट करने वाले भी स्वीकार करने अन्य चीज है जो कि भारत में प्रतिबंधित आर्टिकल 360 सिक्योरिटी सिंह द्वारा समय आ चुका है कि कल जो है हमारे ब्लॉग से हटा देसी की वीडियो कमेंट्री लोगे वह भी इंसान होने के उपाय मान सम्मान मिलना है जितना हमें मिल रहा है उनका प्यार करने का तरीका अलग होता है या फिर हम कह सकते हैं वह एक ही चैनल पर लोगों को प्रेम करते कल अब यह नहीं है क्या 19 और सामाजिक रुप से स्वीकार ना करें या फिर उन्हें खफा प्यार करने वाले गंदी चीज खाए कि कि वो लोग भी इंसान है और उन्हें भी प्रिंट करने का हक है प्रियंका कोई डेफिनेशन नहीं होता है और प्रेम का कोई मूल्य नहीं होता अगर कोई पुरुष को पुरुष से प्रिंट कर रहा है तो वह भी नहीं होता है और उसे सामाजिक रूप से हमें स्वीकारना चाहिए तब जाकर हमारा देश आगे बढ़ेगा तब जाकर हमारा देश जो है मॉडल हो पाएगा या हमारे देश की जो सोच विचार जो है वह बदल पाएगी तो मेरे हिसाब से एलजीबीटी क्यूट एक ऐसी चीज़ होगी जो कि सामाजिक रुप से स्वीकार होनी चाहिए
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लेकिन मेरे हिसाब से तो कोई सा भी चीज है जो कि सामाजिक रुप में स्वीकार होना चाहिए लेकिन एक ऐसी चीज़ नहीं लगता है अब समय आ चुका है कि वह सामाजिक रुप से स्वीकार हो 22182 रहीम की सेक्सी ट्रांसपोर्ट करने वाले भी स्वीकार करने अन्य चीज है जो कि भारत में प्रतिबंधित आर्टिकल 360 सिक्योरिटी सिंह द्वारा समय आ चुका है कि कल जो है हमारे ब्लॉग से हटा देसी की वीडियो कमेंट्री लोगे वह भी इंसान होने के उपाय मान सम्मान मिलना है जितना हमें मिल रहा है उनका प्यार करने का तरीका अलग होता है या फिर हम कह सकते हैं वह एक ही चैनल पर लोगों को प्रेम करते कल अब यह नहीं है क्या 19 और सामाजिक रुप से स्वीकार ना करें या फिर उन्हें खफा प्यार करने वाले गंदी चीज खाए कि कि वो लोग भी इंसान है और उन्हें भी प्रिंट करने का हक है प्रियंका कोई डेफिनेशन नहीं होता है और प्रेम का कोई मूल्य नहीं होता अगर कोई पुरुष को पुरुष से प्रिंट कर रहा है तो वह भी नहीं होता है और उसे सामाजिक रूप से हमें स्वीकारना चाहिए तब जाकर हमारा देश आगे बढ़ेगा तब जाकर हमारा देश जो है मॉडल हो पाएगा या हमारे देश की जो सोच विचार जो है वह बदल पाएगी तो मेरे हिसाब से एलजीबीटी क्यूट एक ऐसी चीज़ होगी जो कि सामाजिक रुप से स्वीकार होनी चाहिएLekin Mere Hisab Se To Koi Sa Bhi Cheez Hai Jo Ki Samajik Roop Mein Sweekar Hona Chahiye Lekin Ek Aisi Cheese Nahi Lagta Hai Ab Samay Aa Chuka Hai Ki Wah Samajik Roop Se Sweekar Ho 22182 Raheem Ki Sexy Transport Karne Wale Bhi Sweekar Karne Anya Cheez Hai Jo Ki Bharat Mein Pratibandhit Article 360 Security Singh Dwara Samay Aa Chuka Hai Ki Kal Jo Hai Hamare Blog Se Hata Desi Ki Video Commentary Loge Wah Bhi Insaan Hone Ke Upay Maan Samman Milna Hai Jitna Hume Mil Raha Hai Unka Pyar Karne Ka Tarika Alag Hota Hai Ya Phir Hum Keh Sakte Hain Wah Ek Hi Channel Par Logon Ko Prem Karte Kal Ab Yeh Nahi Hai Kya 19 Aur Samajik Roop Se Sweekar Na Karen Ya Phir Unhen Khafa Pyar Karne Wale Gandi Cheez Khae Ki Ki Vo Log Bhi Insaan Hai Aur Unhen Bhi Print Karne Ka Haq Hai Priyanka Koi Definition Nahi Hota Hai Aur Prem Ka Koi Mulya Nahi Hota Agar Koi Purush Ko Purush Se Print Kar Raha Hai To Wah Bhi Nahi Hota Hai Aur Use Samajik Roop Se Hume Chahiye Tab Jaakar Hamara Desh Aage Badhega Tab Jaakar Hamara Desh Jo Hai Model Ho Payega Ya Hamare Desh Ki Jo Soch Vichar Jo Hai Wah Badal Payegi To Mere Hisab Se LGBT Cute Ek Aisi Cheese Hogi Jo Ki Samajik Roop Se Sweekar Honi Chahiye
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लेकिन मेरे हिसाब से तो अगर देखा जाए तो सबसे जो एक चीज मैं चाहूंगा कि वह सामाजिक रुप से स्वीकार हो जानी चाहिए वह है प्रेम विवाह प्रेम विवाह एक ऐसा व्यवहार है जिसको जिसको लेकर काफी लोग उसके खिलाफ रहते हैं तो मेरे हिसाब से जिस हिसाब से आजकल की जनरेशन चेंज हो रही है और लोग ज्यादातर लोग बढ़ते जा रहे हैं जो प्रेम विवाह करना चाहते हैं अपने मनपसंद पार्टनर के साथ तो इस चीज को स्वीकार करना चाहिए आप लोगों को अपनी सोच को थोड़ा बदलना चाहिए और अपने बच्चों को प्रेम विवाह करने का मौका देना चाहिए क्योंकि प्रेम प्रेम विवाह ज्यादातर यह फायदा देकर जाता है कि लोग जो कि किसी से प्यार करते हैं वह उनको समझते हैं इसीलिए उनसे वह प्रेम विवाह करना चाहते हैं तो मैं यह एक चीज है जो करूंगा कि आप सामाजिक रुप से स्वीकार हो जानी चाहिए
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लेकिन मेरे हिसाब से तो अगर देखा जाए तो सबसे जो एक चीज मैं चाहूंगा कि वह सामाजिक रुप से स्वीकार हो जानी चाहिए वह है प्रेम विवाह प्रेम विवाह एक ऐसा व्यवहार है जिसको जिसको लेकर काफी लोग उसके खिलाफ रहते हैं तो मेरे हिसाब से जिस हिसाब से आजकल की जनरेशन चेंज हो रही है और लोग ज्यादातर लोग बढ़ते जा रहे हैं जो प्रेम विवाह करना चाहते हैं अपने मनपसंद पार्टनर के साथ तो इस चीज को स्वीकार करना चाहिए आप लोगों को अपनी सोच को थोड़ा बदलना चाहिए और अपने बच्चों को प्रेम विवाह करने का मौका देना चाहिए क्योंकि प्रेम प्रेम विवाह ज्यादातर यह फायदा देकर जाता है कि लोग जो कि किसी से प्यार करते हैं वह उनको समझते हैं इसीलिए उनसे वह प्रेम विवाह करना चाहते हैं तो मैं यह एक चीज है जो करूंगा कि आप सामाजिक रुप से स्वीकार हो जानी चाहिएLekin Mere Hisab Se To Agar Dekha Jaye To Sabse Jo Ek Cheez Main Chahunga Ki Wah Samajik Roop Se Sweekar Ho Jani Chahiye Wah Hai Prem Vivah Prem Vivah Ek Aisa Vyavhar Hai Jisko Jisko Lekar Kafi Log Uske Khilaf Rehte Hain To Mere Hisab Se Jis Hisab Se Aajkal Ki Generation Change Ho Rahi Hai Aur Log Jyadatar Log Badhte Ja Rahe Hain Jo Prem Vivah Karna Chahte Hain Apne Manpasand Partner Ke Saath To Is Cheez Ko Sweekar Karna Chahiye Aap Logon Ko Apni Soch Ko Thoda Badalna Chahiye Aur Apne Bacchon Ko Prem Vivah Karne Ka Mauka Dena Chahiye Kyonki Prem Prem Vivah Jyadatar Yeh Fayda Dekar Jata Hai Ki Log Jo Ki Kisi Se Pyar Karte Hain Wah Unko Samajhte Hain Isliye Unse Wah Prem Vivah Karna Chahte Hain To Main Yeh Ek Cheez Hai Jo Karunga Ki Aap Samajik Roop Se Sweekar Ho Jani Chahiye
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखी मेरे हिसाब से अगर कोई किसी चीज को सामाजिक रुप से स्वीकार कर होना चाहिए तो बहुत सारी चीजें जब भी अभी हमारे भारत में अभी देखिए एक छोटी छोटी चीज को इशू बनाते हैं अगर देखिए मेरी एक बात बोलना भूल जाऊंगा जो कास्ट भेजो मैरिज होते शादी होते जो इंटर कास्ट मैरिज को हमारे जो समाज स्वीकार नहीं करता है बहुत सारे अगर आज भी देखेंगे आप हरियाणा हो गया या बिहार हो गया बहुत सारे जोर से राज्य में ऑनर किलिंग करते हैं अपने मां बाप की अपने बेटे बेटी को मार देते अगर वह इंटर कास्ट मैरिज करते हैं या कोई और मुस्लिम लोग से मुस्लिम बेलो आदमी लोग से शादी करते हैं तो यह सब चीज को तो पहले हम लोग को हटाना चाहिए क्योंकि एंड ऑफ द डे वह भी एक ह्यूमन बीइंग है तो हम लोगों को यह सब चीज को भूलकर और अगर किसी को खोजो अगर किसी को कोई पसंद आया तो उसके साथ वह विवाह क्यों नहीं कर सकता है हम लोग जो यह सब चीज जो आफ्टर कॉल करके और वह पढ़ती बंधक बनाकर हम लोग खड़े हो जाते हैं जो फैमिली जिस जिस को पसंद नहीं आता है जो कोई प्रेम विवाह करना चाहता है मगर इंटरकास्ट की वजह से वह वह दोनों कभी शादी नहीं कर पाते उसके बाद वह कभी भी खुशी दे नहीं रह पाएंगे तो यह हम लोगों को सामाजिक रुप से स्वीकार करना चाहिए जो हिंदू हो या मुस्लिम हो या क्रिश्चन हो अगर कोई किसी को पसंद करें तो उनको शादी करना चाहिए जो जो फैमिली का जो प्रेशर रहता है जो फैमिली फैमिली जो रितेश पेरेंट्स को सामाजिक रुप से स्वीकार नहीं करते हैं वह सब चीज को तो यह जो मेंटलिटी है हम लोगों को पहले हटाना चाहिए बहुत सारे ऐसे छोटे-मोटे चीज है जो फैमिली स्कोर देखना चाहिए और उनको भी यह गोरमेंट होना चाहिए कि एंड ऑफ द डे सब लोग अपना मिलकर रहेंगे तो सब अच्छा ही होगा जो या अभी अभी देखिए रिसेंटली अभी दिल्ली में हुआ था उसकी को एक आदमी को मुस्लिम लड़की से प्रेम विवाह प्रेम हो गया था मगर उसके मुस्लिम लड़की के जो फैमिली थे उसको मार दिया दिल्ली में सब और दिनदहाड़े तो यह जो चीजें बहुत ही भारत को पीछे ले कर जाएगा
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दिखी मेरे हिसाब से अगर कोई किसी चीज को सामाजिक रुप से स्वीकार कर होना चाहिए तो बहुत सारी चीजें जब भी अभी हमारे भारत में अभी देखिए एक छोटी छोटी चीज को इशू बनाते हैं अगर देखिए मेरी एक बात बोलना भूल जाऊंगा जो कास्ट भेजो मैरिज होते शादी होते जो इंटर कास्ट मैरिज को हमारे जो समाज स्वीकार नहीं करता है बहुत सारे अगर आज भी देखेंगे आप हरियाणा हो गया या बिहार हो गया बहुत सारे जोर से राज्य में ऑनर किलिंग करते हैं अपने मां बाप की अपने बेटे बेटी को मार देते अगर वह इंटर कास्ट मैरिज करते हैं या कोई और मुस्लिम लोग से मुस्लिम बेलो आदमी लोग से शादी करते हैं तो यह सब चीज को तो पहले हम लोग को हटाना चाहिए क्योंकि एंड ऑफ द डे वह भी एक ह्यूमन बीइंग है तो हम लोगों को यह सब चीज को भूलकर और अगर किसी को खोजो अगर किसी को कोई पसंद आया तो उसके साथ वह विवाह क्यों नहीं कर सकता है हम लोग जो यह सब चीज जो आफ्टर कॉल करके और वह पढ़ती बंधक बनाकर हम लोग खड़े हो जाते हैं जो फैमिली जिस जिस को पसंद नहीं आता है जो कोई प्रेम विवाह करना चाहता है मगर इंटरकास्ट की वजह से वह वह दोनों कभी शादी नहीं कर पाते उसके बाद वह कभी भी खुशी दे नहीं रह पाएंगे तो यह हम लोगों को सामाजिक रुप से स्वीकार करना चाहिए जो हिंदू हो या मुस्लिम हो या क्रिश्चन हो अगर कोई किसी को पसंद करें तो उनको शादी करना चाहिए जो जो फैमिली का जो प्रेशर रहता है जो फैमिली फैमिली जो रितेश पेरेंट्स को सामाजिक रुप से स्वीकार नहीं करते हैं वह सब चीज को तो यह जो मेंटलिटी है हम लोगों को पहले हटाना चाहिए बहुत सारे ऐसे छोटे-मोटे चीज है जो फैमिली स्कोर देखना चाहिए और उनको भी यह गोरमेंट होना चाहिए कि एंड ऑफ द डे सब लोग अपना मिलकर रहेंगे तो सब अच्छा ही होगा जो या अभी अभी देखिए रिसेंटली अभी दिल्ली में हुआ था उसकी को एक आदमी को मुस्लिम लड़की से प्रेम विवाह प्रेम हो गया था मगर उसके मुस्लिम लड़की के जो फैमिली थे उसको मार दिया दिल्ली में सब और दिनदहाड़े तो यह जो चीजें बहुत ही भारत को पीछे ले कर जाएगा Mere Hisab Se Agar Koi Kisi Cheez Ko Samajik Roop Se Sweekar Kar Hona Chahiye To Bahut Saree Cheezen Jab Bhi Abhi Hamare Bharat Mein Abhi Dekhie Ek Choti Choti Cheez Ko Issue Banate Hain Agar Dekhie Meri Ek Baat Bolna Bhul Jaunga Jo Caste Bhejo Marriage Hote Shadi Hote Jo Inter Caste Marriage Ko Hamare Jo Samaaj Sweekar Nahi Karta Hai Bahut Sare Agar Aaj Bhi Dekhenge Aap Haryana Ho Gaya Ya Bihar Ho Gaya Bahut Sare Jor Se Rajya Mein Honor Killing Karte Hain Apne Maa Baap Ki Apne Bete Beti Ko Maar Dete Agar Wah Inter Caste Marriage Karte Hain Ya Koi Aur Muslim Log Se Muslim Bello Aadmi Log Se Shadi Karte Hain To Yeh Sab Cheez Ko To Pehle Hum Log Ko Hatana Chahiye Kyonki End Of D Day Wah Bhi Ek Human Hai To Hum Logon Ko Yeh Sab Cheez Ko Aur Agar Kisi Ko Khojo Agar Kisi Ko Koi Pasand Aaya To Uske Saath Wah Vivah Kyon Nahi Kar Sakta Hai Hum Log Jo Yeh Sab Cheez Jo After Call Karke Aur Wah Padhati Bandhak Banakar Hum Log Khade Ho Jaate Hain Jo Family Jis Jis Ko Pasand Nahi Aata Hai Jo Koi Prem Vivah Karna Chahta Hai Magar Intercast Ki Wajah Se Wah Wah Dono Kabhi Shadi Nahi Kar Paate Uske Baad Wah Kabhi Bhi Khushi De Nahi Rah Paenge To Yeh Hum Logon Ko Samajik Roop Se Sweekar Karna Chahiye Jo Hindu Ho Ya Muslim Ho Ya Ho Agar Koi Kisi Ko Pasand Karen To Unko Shadi Karna Chahiye Jo Jo Family Ka Jo Pressure Rehta Hai Jo Family Family Jo Parents Ko Samajik Roop Se Sweekar Nahi Karte Hain Wah Sab Cheez Ko To Yeh Jo Hai Hum Logon Ko Pehle Hatana Chahiye Bahut Sare Aise Chote Mote Cheez Hai Jo Family Score Dekhna Chahiye Aur Unko Bhi Yeh Garment Hona Chahiye Ki End Of D Day Sab Log Apna Milkar Rahenge To Sab Accha Hi Hoga Jo Ya Abhi Abhi Dekhie Recently Abhi Dilli Mein Hua Tha Uski Ko Ek Aadmi Ko Muslim Ladki Se Prem Vivah Prem Ho Gaya Tha Magar Uske Muslim Ladki Ke Jo Family The Usko Maar Diya Dilli Mein Sab Aur To Yeh Jo Cheezen Bahut Hi Bharat Ko Piche Le Kar Jayega
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मेरे हिसाब से आप जो चीज सामाजिक रूप से लोगों को स्वीकार होनी चाहिए समाज में वह है और किसी दूसरे का कुछ भी करना है l क्योंकि हमारे देश में अब अगर इंसान खुद कुछ कर रहा है तो उसको इतना डर अपने आप से या उसका हमसे नहीं लगता जितना इस बात से लगता है कि बाकी लोग क्या कहेंगे और पूरा समाज क्या कहेगा और वह उस इंसान को कैसा जजमेंट देगा, क्या आप कैसे समझ जाएगा, क्या जज करेगा ? तो अब मेरे हिसाब से पूरे समाज में यह चीज बहुत जल्दी और बहुत अच्छे से स्वीकार लेनी चाहिए लोगों को अगर कोई इंसान कुछ भी कर रहा है तो आप अगर उस की भलाई नहीं कर सकते, उसको अच्छा नहीं बोल सकते तो आप प्लीज उसको जाकर बुरा भी ना बोलें और इससे दूसरे इंसान का दीमोरालिसशन होता है और कहीं ना कहीं वह बहुत देमोरालिसेद लाइफ हो जाता है l कुछ भी आगे करने के लिए या बढ़ने के लिए l और कुछ और चीजें हैं उसमें है एक तो थर्ड जेंडर आनी चाहिए जो किन्नर होते हैं उनको सामाजिक रुप से स्वीकार कर लेना चाहिए अब समाज को और एक अलग नजरों से, गलत नजरों से नहीं देखना चाहिए और उनको ऐसा नहीं मानता दिखाना चाहिए कि वह इस समाज की हिस्सा नहीं है और उनको समाज में रहने का हक नहीं है l तो मेरे साथ से यही दोनों चीजें बहुत जरूरी है जो हमारे देश को पद समझ नहीं चाहिए, वह बदल नहीं चाहिए अपने अंदर तभी जाकर समाज में कुछ बदलाव आ पाएगा l और जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे देश में हर कोई जज बहुत जल्दी कर लेता है और लोग क्या कहेंगे इस वजह से कई लोग बहुत पीछे रह जाते हैं और कुछ नहीं कर पाते हैं l तो हम लोगों को इस बात को बहुत अच्छे से समझ लेना चाहिए कि अगर दूसरा इंसान कुछ कर रहा है तो उस पर जजमेंट ना बनाएं और जितना हो सके उस को प्रोत्साहन दे l
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मेरे हिसाब से आप जो चीज सामाजिक रूप से लोगों को स्वीकार होनी चाहिए समाज में वह है और किसी दूसरे का कुछ भी करना है l क्योंकि हमारे देश में अब अगर इंसान खुद कुछ कर रहा है तो उसको इतना डर अपने आप से या उसका हमसे नहीं लगता जितना इस बात से लगता है कि बाकी लोग क्या कहेंगे और पूरा समाज क्या कहेगा और वह उस इंसान को कैसा जजमेंट देगा, क्या आप कैसे समझ जाएगा, क्या जज करेगा ? तो अब मेरे हिसाब से पूरे समाज में यह चीज बहुत जल्दी और बहुत अच्छे से स्वीकार लेनी चाहिए लोगों को अगर कोई इंसान कुछ भी कर रहा है तो आप अगर उस की भलाई नहीं कर सकते, उसको अच्छा नहीं बोल सकते तो आप प्लीज उसको जाकर बुरा भी ना बोलें और इससे दूसरे इंसान का दीमोरालिसशन होता है और कहीं ना कहीं वह बहुत देमोरालिसेद लाइफ हो जाता है l कुछ भी आगे करने के लिए या बढ़ने के लिए l और कुछ और चीजें हैं उसमें है एक तो थर्ड जेंडर आनी चाहिए जो किन्नर होते हैं उनको सामाजिक रुप से स्वीकार कर लेना चाहिए अब समाज को और एक अलग नजरों से, गलत नजरों से नहीं देखना चाहिए और उनको ऐसा नहीं मानता दिखाना चाहिए कि वह इस समाज की हिस्सा नहीं है और उनको समाज में रहने का हक नहीं है l तो मेरे साथ से यही दोनों चीजें बहुत जरूरी है जो हमारे देश को पद समझ नहीं चाहिए, वह बदल नहीं चाहिए अपने अंदर तभी जाकर समाज में कुछ बदलाव आ पाएगा l और जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे देश में हर कोई जज बहुत जल्दी कर लेता है और लोग क्या कहेंगे इस वजह से कई लोग बहुत पीछे रह जाते हैं और कुछ नहीं कर पाते हैं l तो हम लोगों को इस बात को बहुत अच्छे से समझ लेना चाहिए कि अगर दूसरा इंसान कुछ कर रहा है तो उस पर जजमेंट ना बनाएं और जितना हो सके उस को प्रोत्साहन दे lMere Hisab Se Aap Jo Cheez Samajik Roop Se Logon Ko Sweekar Honi Chahiye Samaaj Mein Wah Hai Aur Kisi Dusre Ka Kuch Bhi Karna Hai L Kyonki Hamare Desh Mein Ab Agar Insaan Khud Kuch Kar Raha Hai To Usko Itna Dar Apne Aap Se Ya Uska Humse Nahi Lagta Jitna Is Baat Se Lagta Hai Ki Baki Log Kya Kahenge Aur Pura Samaaj Kya Kahega Aur Wah Us Insaan Ko Kaisa Judgement Dega Kya Aap Kaise Samajh Jayega Kya Judge Karega ? To Ab Mere Hisab Se Poore Samaaj Mein Yeh Cheez Bahut Jaldi Aur Bahut Acche Se Sweekar Leni Chahiye Logon Ko Agar Koi Insaan Kuch Bhi Kar Raha Hai To Aap Agar Us Ki Bhalai Nahi Kar Sakte Usko Accha Nahi Bol Sakte To Aap Please Usko Jaakar Bura Bhi Na Bolen Aur Isse Dusre Insaan Ka Hota Hai Aur Kahin Na Kahin Wah Bahut Life Ho Jata Hai L Kuch Bhi Aage Karne Ke Liye Ya Badhne Ke Liye L Aur Kuch Aur Cheezen Hain Usamen Hai Ek To Third Gender Aani Chahiye Jo Kinnar Hote Hain Unko Samajik Roop Se Sweekar Kar Lena Chahiye Ab Samaaj Ko Aur Ek Alag Najaron Se Galat Najaron Se Nahi Dekhna Chahiye Aur Unko Aisa Nahi Manata Dikhana Chahiye Ki Wah Is Samaaj Ki Hissa Nahi Hai Aur Unko Samaaj Mein Rehne Ka Haq Nahi Hai L To Mere Saath Se Yahi Dono Cheezen Bahut Zaroori Hai Jo Hamare Desh Ko Pad Samajh Nahi Chahiye Wah Badal Nahi Chahiye Apne Andar Tabhi Jaakar Samaaj Mein Kuch Badlav Aa Payega L Aur Jaisa Ki Hum Sabhi Jante Hain Ki Hamare Desh Mein Har Koi Judge Bahut Jaldi Kar Leta Hai Aur Log Kya Kahenge Is Wajah Se Kai Log Bahut Piche Rah Jaate Hain Aur Kuch Nahi Kar Paate Hain L To Hum Logon Ko Is Baat Ko Bahut Acche Se Samajh Lena Chahiye Ki Agar Doosra Insaan Kuch Kar Raha Hai To Us Par Judgement Na Banaye Aur Jitna Ho Sake Us Ko Protsahan De L
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देखिए माना कि हर एक को अपनी अलग अलग होता है और जब कोचिंग सिकार करने के लिए कुछ लोगों के लिए कठिन दो कुछ लोगों के लिए आसान होती है बट फिर भी सबके लिए सामाजिक रूप से उचित कार्य होना बहुत बड़ी बात होती है और मुझे लगता है कि आज से हम कभी देखता देखे का स्टेशन का एक बहुत बड़ी दूर जा रहा है मतलब लोगों को अपना गू ज्यादा बढ़ा दे रहे लोग तो वह कम करके एकता भारत में देनी चाहिए ऐसे लोगों ने करना चाहे तो उनकी जो एकता का इसका स्वीकार है वह सब लोगों ने करना चाहिए तो फिर सोचा किसी की कैसी भी क्यों ना हो बट इस बात पर सब लोगों ने समान विचार रखना चाहिए दूसरी बात यह कि लोग मतलब काले हो या गोरे हो इस पर भी बहुत अलग-अलग विचार होते हैं लोगों के तो मतलब लोगों ने छोटी सोच ना रखते हुए इससे सामाजिक रुप से स्वीकार करना चाहिए कि लोग कैसे भी हो नवीन जाती के हो या मतलब रंग रूप से अलग हो बट फिर भी लोगों के मन अच्छे होने चाहिए उसका नाम बुरे काम करने वाले नहीं चाहिए फिर भी लोगों में एक अच्छे से एकता बनी रहे तो यही चीज है जो सामाजिक रुप से सिकाई होनी चाहिए सबके लिए
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देखिए माना कि हर एक को अपनी अलग अलग होता है और जब कोचिंग सिकार करने के लिए कुछ लोगों के लिए कठिन दो कुछ लोगों के लिए आसान होती है बट फिर भी सबके लिए सामाजिक रूप से उचित कार्य होना बहुत बड़ी बात होती है और मुझे लगता है कि आज से हम कभी देखता देखे का स्टेशन का एक बहुत बड़ी दूर जा रहा है मतलब लोगों को अपना गू ज्यादा बढ़ा दे रहे लोग तो वह कम करके एकता भारत में देनी चाहिए ऐसे लोगों ने करना चाहे तो उनकी जो एकता का इसका स्वीकार है वह सब लोगों ने करना चाहिए तो फिर सोचा किसी की कैसी भी क्यों ना हो बट इस बात पर सब लोगों ने समान विचार रखना चाहिए दूसरी बात यह कि लोग मतलब काले हो या गोरे हो इस पर भी बहुत अलग-अलग विचार होते हैं लोगों के तो मतलब लोगों ने छोटी सोच ना रखते हुए इससे सामाजिक रुप से स्वीकार करना चाहिए कि लोग कैसे भी हो नवीन जाती के हो या मतलब रंग रूप से अलग हो बट फिर भी लोगों के मन अच्छे होने चाहिए उसका नाम बुरे काम करने वाले नहीं चाहिए फिर भी लोगों में एक अच्छे से एकता बनी रहे तो यही चीज है जो सामाजिक रुप से सिकाई होनी चाहिए सबके लिएDekhie Mana Ki Har Ek Ko Apni Alag Alag Hota Hai Aur Jab Coaching Karne Ke Liye Kuch Logon Ke Liye Kathin Do Kuch Logon Ke Liye Aasan Hoti Hai But Phir Bhi Sabke Liye Samajik Roop Se Uchit Karya Hona Bahut Badi Baat Hoti Hai Aur Mujhe Lagta Hai Ki Aaj Se Hum Kabhi Dekhta Dekhe Ka Station Ka Ek Bahut Badi Dur Ja Raha Hai Matlab Logon Ko Apna Jyada Badha De Rahe Log To Wah Kam Karke Ekta Bharat Mein Deni Chahiye Aise Logon Ne Karna Chahe To Unki Jo Ekta Ka Iska Sweekar Hai Wah Sab Logon Ne Karna Chahiye To Phir Socha Kisi Ki Kaisi Bhi Kyon Na Ho But Is Baat Par Sab Logon Ne Saman Vichar Rakhna Chahiye Dusri Baat Yeh Ki Log Matlab Kaale Ho Ya Gore Ho Is Par Bhi Bahut Alag Alag Vichar Hote Hain Logon Ke To Matlab Logon Ne Choti Soch Na Rakhate Huye Isse Samajik Roop Se Sweekar Karna Chahiye Ki Log Kaise Bhi Ho Naveen Jati Ke Ho Ya Matlab Rang Roop Se Alag Ho But Phir Bhi Logon Ke Man Acche Hone Chahiye Uska Naam Bure Kaam Karne Wale Nahi Chahiye Phir Bhi Logon Mein Ek Acche Se Ekta Bani Rahe To Yahi Cheez Hai Jo Samajik Roop Se Honi Chahiye Sabke Liye
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देखिए समाज में हर तरीके के लोग होते हैं ऊंची सोच वाले खुली सोच वाले दकियानूसी सोच वाले बहुत छोटी सोच वाले थोड़ी छोटी सोच वाले और कितने लोग बताऊं तो हमारा समाज अलग अलग सोच के लोगों से बना हुआ है तो ऐसा हो सकता है कि हर इंसान के लिए हर चीज स्वीकार इतना हो समाज के कुछ बंधुओं के लिए कोई चीज स्वीकार एक हो सकती है और कुछ लोगों के लिए वही चीज स्वीकार्य नहीं हो सकती तो ऐसे बताना कि कौन सी चीज सामाजिक रुप से स्वीकार एक है या नहीं है पर बहुत मुश्किल है क्योंकि यह सब लोगों की सोच पर निर्भर करता है जिस तरीके के लोगों के बीच में आप रहते हैं उस पर निर्भर करता है जैसे कि आपको ही हाई सोसाइटी लें तो वहां पर छोटे पहनकर छोटे कपड़े पहन कर घर से बाहर निकलने वाली लड़की को गंदी नजर से नहीं देखा जाएगा गलत नहीं बोला जाएगा पर वही आपको एक छोटे एरिया की लड़की को छोटे कपड़े पहन कर बाहर जाते हुए देखेंगे तो जरूर आप कहेंगे कि यह देखिए कैसे बाहर जा रही है तो बस वही है कि समाज कहां का है कैसी सोच रखने वाला है सब चीज उस पर निर्भर करती है
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देखिए समाज में हर तरीके के लोग होते हैं ऊंची सोच वाले खुली सोच वाले दकियानूसी सोच वाले बहुत छोटी सोच वाले थोड़ी छोटी सोच वाले और कितने लोग बताऊं तो हमारा समाज अलग अलग सोच के लोगों से बना हुआ है तो ऐसा हो सकता है कि हर इंसान के लिए हर चीज स्वीकार इतना हो समाज के कुछ बंधुओं के लिए कोई चीज स्वीकार एक हो सकती है और कुछ लोगों के लिए वही चीज स्वीकार्य नहीं हो सकती तो ऐसे बताना कि कौन सी चीज सामाजिक रुप से स्वीकार एक है या नहीं है पर बहुत मुश्किल है क्योंकि यह सब लोगों की सोच पर निर्भर करता है जिस तरीके के लोगों के बीच में आप रहते हैं उस पर निर्भर करता है जैसे कि आपको ही हाई सोसाइटी लें तो वहां पर छोटे पहनकर छोटे कपड़े पहन कर घर से बाहर निकलने वाली लड़की को गंदी नजर से नहीं देखा जाएगा गलत नहीं बोला जाएगा पर वही आपको एक छोटे एरिया की लड़की को छोटे कपड़े पहन कर बाहर जाते हुए देखेंगे तो जरूर आप कहेंगे कि यह देखिए कैसे बाहर जा रही है तो बस वही है कि समाज कहां का है कैसी सोच रखने वाला है सब चीज उस पर निर्भर करती हैDekhie Samaaj Mein Har Tarike Ke Log Hote Hain Unchi Soch Wale Khuli Soch Wale Soch Wale Bahut Choti Soch Wale Thodi Choti Soch Wale Aur Kitne Log Bataun To Hamara Samaaj Alag Alag Soch Ke Logon Se Bana Hua Hai To Aisa Ho Sakta Hai Ki Har Insaan Ke Liye Har Cheez Sweekar Itna Ho Samaaj Ke Kuch Bandhuon Ke Liye Koi Cheez Sweekar Ek Ho Sakti Hai Aur Kuch Logon Ke Liye Wahi Cheez Svikarya Nahi Ho Sakti To Aise Batana Ki Kaun Si Cheez Samajik Roop Se Sweekar Ek Hai Ya Nahi Hai Par Bahut Mushkil Hai Kyonki Yeh Sab Logon Ki Soch Par Nirbhar Karta Hai Jis Tarike Ke Logon Ke Bich Mein Aap Rehte Hain Us Par Nirbhar Karta Hai Jaise Ki Aapko Hi Hi Society Lein To Wahan Par Chote Pehankar Chote Kapde Pahan Kar Ghar Se Bahar Nikalne Wali Ladki Ko Gandi Nazar Se Nahi Dekha Jayega Galat Nahi Bola Jayega Par Wahi Aapko Ek Chote Area Ki Ladki Ko Chote Kapde Pahan Kar Bahar Jaate Huye Dekhenge To Jarur Aap Kahenge Ki Yeh Dekhie Kaise Bahar Ja Rahi Hai To Bus Wahi Hai Ki Samaaj Kahan Ka Hai Kaisi Soch Rakhne Wala Hai Sab Cheez Us Par Nirbhar Karti Hai
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