क्या भारत का राष्ट्रपति सचमुच में रबर मोहर की तरह कार्य करता है? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी राष्ट्रपति नॉमिनल हैड है और राष्ट्रपति की यहां तक शक्तियों की बातें तो दोस्त को वीटो पावर दी गई है स्पेशलिस्ट नगर में जेबी वीटो पावर की बात करता हूं तो मुझे लगता है कि सबसे शक्तिशाली वीटो पावर रा...जवाब पढ़िये
विकी राष्ट्रपति नॉमिनल हैड है और राष्ट्रपति की यहां तक शक्तियों की बातें तो दोस्त को वीटो पावर दी गई है स्पेशलिस्ट नगर में जेबी वीटो पावर की बात करता हूं तो मुझे लगता है कि सबसे शक्तिशाली वीटो पावर राष्ट्रपति को दी गई है और जिसके अंतर्गत राष्ट्रपति किसी विधेयक को अपने पास रख सकता है ना उसको अप्रूवल करेगा ना उसको देना ही करेगा उसके अपने पास रख सकता है और उसके बिना उसको इतनी शक्ति नहीं दी गई है कि राष्ट्रपति क्वेश्चन कर लें और इसका एक शायद आपको वाक्य बताओ जब ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति थे उन्होंने अपनी इस जेबी वीटो पावर का यूज़ किया था और जो सरकार थी जो केंद्र सरकार की इस मामले में कुछ भी नहीं कर पाई थी तो ऐसा नहीं है कि राष्ट्रपति एकदम रबर की मोहर की तरह कार्य करता है लेकिन हां कुछ पावर राजपूती को जरूर ऐसी दी गई है जिसका यूज करेगा तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति से पावरफूल व्यक्ति कोई नहीं है और जितने भी हमारे देश के बैलेट रिलेशन से एग्रीमेंट होता है राष्ट्रपति के नाम पर ही किए जाते हैंVikee Rashtrapati Naminal Hand Hai Aur Rashtrapati Ki Yahan Tak Shaktiyon Ki Batein To Dost Ko Vito Power Di Gayi Hai Specialist Nagar Mein Jebi Vito Power Ki Baat Karta Hoon To Mujhe Lagta Hai Ki Sabse Shaktishaali Vito Power Rashtrapati Ko Di Gayi Hai Aur Jiske Antargat Rashtrapati Kisi Vidhayak Ko Apne Paas Rakh Sakta Hai Na Usko Approval Karega Na Usko Dena Hi Karega Uske Apne Paas Rakh Sakta Hai Aur Uske Bina Usko Itni Shakti Nahi Di Gayi Hai Ki Rashtrapati Question Kar Lein Aur Iska Ek Shayad Aapko Vaakya Batao Jab Gyani Gel Singh Rashtrapati The Unhone Apni Is Jebi Vito Power Ka Use Kiya Tha Aur Jo Sarkar Thi Jo Kendra Sarkar Ki Is Mamle Mein Kuch Bhi Nahi Kar Payi Thi To Aisa Nahi Hai Ki Rashtrapati Ekdam Rubber Ki Mohar Ki Tarah Karya Karta Hai Lekin Haan Kuch Power Rajputi Ko Jarur Aisi Di Gayi Hai Jiska Use Karega To Mujhe Lagta Hai Ki Rashtrapati Se Powerful Vyakti Koi Nahi Hai Aur Jitne Bhi Hamare Desh Ke Ballet Relation Se Agreement Hota Hai Rashtrapati Ke Naam Par Hi Kiye Jaate Hain
Likes  0  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी बिल्कुल सही फरमाया आपने कि भारत का राष्ट्रपति जो है वेश्या नाम उसे देश का सर्वोच्च नागरिक कहते हैं विश्वकप में सबसे ज्यादा सम्मानित व्यक्ति होता हमारे देश का सबसे ज्यादा रन सबसे ज्यादा पूछे पद पर...जवाब पढ़िये
विकी बिल्कुल सही फरमाया आपने कि भारत का राष्ट्रपति जो है वेश्या नाम उसे देश का सर्वोच्च नागरिक कहते हैं विश्वकप में सबसे ज्यादा सम्मानित व्यक्ति होता हमारे देश का सबसे ज्यादा रन सबसे ज्यादा पूछे पद पर दी हुई है वह राष्ट्रपति होता है लेकिन क्या फायदा ऐसे उसका क्या फायदा सर्वोच्च नागरिक का यदि उसके हाथ में कोई नहीं है वह केवल कठपुतली बना हुआ है मात्र केंद्र सरकार केंद्र सरकार किसी की भी हो लेकिन राष्ट्रपति उसी के इशारे पर काम करता है बेशक ऑन राइटिंग किताबों के अनुसार राष्ट्रपति के पास 2 3 Krrish Krrish Krrish पावर होती है लेकिन की जरूरत कहां पड़ती है उनका इस्तेमाल भी सलाह मशवरा सही होता है नहीं कुल मिलाकर देश की सारी पावर जो है वह केंद्र सरकार प्रधानमंत्री के ऊपर निर्भर है उसी के ऊपर केंद्रित है वीडियो सर्वोच्च नागरिक आप उस से क्या फायदा एक ऐसे अनेकों परिवार का मुखिया कहने की जिसकी चलती नहीं है जिसके पास कोई पावर ही नहीं हमारे परिवार में भी द्वारका मुखिया है उसी के पास सारी पावर है इसलिए वह मुखिया लेकिन यहां हमारे देश में अलग चीज है मुखिया राष्ट्रपति लेकिन चला रहा है देश प्रधानमंत्री तो यह गलत चीज या तो आप राष्ट्रपति को कुछ पावर दीजिए कलर दीजिए या फिर आप राष्ट्रपति का पद खत्म कर दीजिए कोई फायदा नहीं है ना ऐसे ऊंचे पद पर बैठे हुए हैं लेकिन उनके पास कोई काम नहीं है आपने जो सोच कर सके हम केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीVikee Bilkul Sahi Farmaya Aapne Ki Bharat Ka Rashtrapati Jo Hai Vaishya Naam Use Desh Ka Sarvoch Nagarik Kehte Hain Vishwacup Mein Sabse Jyada Sammanit Vyakti Hota Hamare Desh Ka Sabse Jyada Run Sabse Jyada Puche Pad Par Di Hui Hai Wah Rashtrapati Hota Hai Lekin Kya Fayda Aise Uska Kya Fayda Sarvoch Nagarik Ka Yadi Uske Hath Mein Koi Nahi Hai Wah Kewal Kathaputali Bana Hua Hai Matra Kendra Sarkar Kendra Sarkar Kisi Ki Bhi Ho Lekin Rashtrapati Ussi Ke Ishare Par Kaam Karta Hai Beshak On Writing Kitabon Ke Anusar Rashtrapati Ke Paas 2 3 Krrish Krrish Krrish Power Hoti Hai Lekin Ki Zaroorat Kahan Padhti Hai Unka Istemal Bhi Salah Mashvara Sahi Hota Hai Nahi Kul Milakar Desh Ki Saree Power Jo Hai Wah Kendra Sarkar Pradhanmantri Ke Upar Nirbhar Hai Ussi Ke Upar Kendrit Hai Video Sarvoch Nagarik Aap Us Se Kya Fayda Ek Aise Anaiko Parivar Ka Mukhiya Kehne Ki Jiski Chalti Nahi Hai Jiske Paas Koi Power Hi Nahi Hamare Parivar Mein Bhi Dwarka Mukhiya Hai Ussi Ke Paas Saree Power Hai Isliye Wah Mukhiya Lekin Yahan Hamare Desh Mein Alag Cheez Hai Mukhiya Rashtrapati Lekin Chala Raha Hai Desh Pradhanmantri To Yeh Galat Cheez Ya To Aap Rashtrapati Ko Kuch Power Dijiye Color Dijiye Ya Phir Aap Rashtrapati Ka Pad Khatam Kar Dijiye Koi Fayda Nahi Hai Na Aise Unche Pad Par Baithey Huye Hain Lekin Unke Paas Koi Kaam Nahi Hai Aapne Jo Soch Kar Sake Hum Kendra Sarkar Ya Pradhanmantri Narendra Modi
Likes  0  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि भारत की जो राष्ट्रपति है वह सिर्फ रबर मोहर की तरह कार्य करते हैं भारत का नागरिक होने के नाते हमें यह पता होना चाहिए कि संविधान ने भारत की राष्ट्रपति को कई अधिकार दिए ह...जवाब पढ़िये
जिंदगी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि भारत की जो राष्ट्रपति है वह सिर्फ रबर मोहर की तरह कार्य करते हैं भारत का नागरिक होने के नाते हमें यह पता होना चाहिए कि संविधान ने भारत की राष्ट्रपति को कई अधिकार दिए हैं 62 साल कि हमारे भारतीय गणतंत्र में ऐसे कई मौके आए हैं जब राष्ट्रपति जी ने परंपराओं और मित्रों को तोड़ा है और स्वतंत्र और निष्पक्ष Facebook से यह दिखाया है कि राष्ट्रपति सिर्फ केंद्र सरकार की कठपुतली नहीं है संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप केटीएस तुलसी नटवर सिंह और सुब्रमण्यम स्वामी के नजरिए से भी यही पता चलता है कि राष्ट्रपति अपने आप में एक उत्पाद है वह केंद्र सरकार के अधीन कार्य नहीं करते हैं उनके पास ऐसे कई अधिकार हैं जिनका निर्णय वह स्वयं लेते हैं ऐसी मिथक है कि राष्ट्रपति फांसी की सजा को कम करने पर अपने विवेक से फैसला नहीं लेते हैं लेकिन यह गलत है 2006 में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम नहीं है करके दिखाया था और उन्होंने सरकार का फैसला बदल दिया था ईटिंग 1987 में ज्ञानी जैल सिंह राजीव गांधी सरकार की पोस्टल कानून से सहमत नहीं थे उन्होंने सरकार को नहीं भेजा प्रधानमंत्री की नियुक्ति में भी बहुमत जरूरी नहीं है 3 प्रधानमंत्री चरण सिंह अटल बिहारी वाजपेई और चंद्रशेखर के पास सदन में बहुमत नहीं था इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दृश्य ने संसदीय दल का नेता चुने जाने से पहले राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाया था कैबिनेट की सिफारिश मारने को भी राष्ट्रपति बाध्य नहीं है वह केंद्रीय मंत्री को भी बर्खास्त कर सकते हैं सरकार के काम कार्यकाल कार्य कार्यों में थी वह हस्तक्षेप कर सकते हैं राष्ट्रपति सरकार के किसी भी शहर से जुडी फाई मंगवा सकते तो ऐसे कई अधिकार हैं जो हमारे देश के राष्ट्रपति के पास हैZindagi Aisa Bilkul Bhi Nahi Hai Ki Bharat Ki Jo Rashtrapati Hai Wah Sirf Rubber Mohar Ki Tarah Karya Karte Hain Bharat Ka Nagarik Hone Ke Naate Hume Yeh Pata Hona Chahiye Ki Samvidhan Ne Bharat Ki Rashtrapati Ko Kai Adhikaar Diye Hain 62 Saal Ki Hamare Bhartiya Ganatantra Mein Aise Kai Mauke Aaye Hain Jab Rashtrapati Ji Ne Paramparaon Aur Mitron Ko Toda Hai Aur Swatantra Aur Nishpaksh Facebook Se Yeh Dikhaya Hai Ki Rashtrapati Sirf Kendra Sarkar Ki Kathaputali Nahi Hai Samvidhan Visheshasgya Subhash Kashyap KTS Tulsi Natwar Singh Aur Subramanyam Swami Ke Nazariye Se Bhi Yahi Pata Chalta Hai Ki Rashtrapati Apne Aap Mein Ek Utpaad Hai Wah Kendra Sarkar Ke Adhin Karya Nahi Karte Hain Unke Paas Aise Kai Adhikaar Hain Jinka Nirnay Wah Swayam Lete Hain Aisi Mithak Hai Ki Rashtrapati Fansi Ki Saja Ko Kam Karne Par Apne Vivek Se Faisla Nahi Lete Hain Lekin Yeh Galat Hai 2006 Mein Rashtrapati Apj Abdul Kalam Nahi Hai Karke Dikhaya Tha Aur Unhone Sarkar Ka Faisla Badal Diya Tha Eating 1987 Mein Gyani Gel Singh Rajeev Gandhi Sarkar Ki Postal Kanoon Se Sahmat Nahi The Unhone Sarkar Ko Nahi Bheja Pradhanmantri Ki Niyukti Mein Bhi Bahumat Zaroori Nahi Hai 3 Pradhanmantri Charan Singh Atal Bihari Vajpayee Aur Chandrasekhar Ke Paas Sadan Mein Bahumat Nahi Tha Indira Gandhi Ki Hatya Ke Baad Drishya Ne Sansadiya Dal Ka Neta Chune Jaane Se Pehle Rajeev Gandhi Ko Pradhanmantri Banaya Tha Cabinet Ki Sifarish Maarne Ko Bhi Rashtrapati Badhya Nahi Hai Wah Kendriya Mantri Ko Bhi Barkhast Kar Sakte Hain Sarkar Ke Kaam Karyakal Karya Kaaryon Mein Thi Wah Hastakshep Kar Sakte Hain Rashtrapati Sarkar Ke Kisi Bhi Sheher Se Judee Fai Mangawa Sakte To Aise Kai Adhikaar Hain Jo Hamare Desh Ke Rashtrapati Ke Paas Hai
Likes  0  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Kya Bharat Ka Rashtrapati Sachmuch Mein Rubber Mohar Ki Tarah Karya Karta Hai

vokalandroid