सचिन ने क्रिकेट क्यों छोड़ा? ...

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हेलो सचिन ने क्रिकेट के छोड़ा और 20 साल से ज्यादा हो क्रिकेट खेले हैं कभी तो समय आएगा छोड़ने का क्यों छोड़ा गया बाद में हुए कपिल ने क्रिकेट क्यों छोड़ा गावस्कर ने क्रिकेट क्यों छोड़ा कोई अपनी मर्जी छोड़ जाता कोई जाए तो हिंदुस्तान में क्रिकेट एक ही आदमी है जो सचिन तेंदुलकर का सम्मान करके छोड़ा गया नहीं तो सब बेज्जती होकर भाग निकले
हेलो सचिन ने क्रिकेट के छोड़ा और 20 साल से ज्यादा हो क्रिकेट खेले हैं कभी तो समय आएगा छोड़ने का क्यों छोड़ा गया बाद में हुए कपिल ने क्रिकेट क्यों छोड़ा गावस्कर ने क्रिकेट क्यों छोड़ा कोई अपनी मर्जी छोड़ जाता कोई जाए तो हिंदुस्तान में क्रिकेट एक ही आदमी है जो सचिन तेंदुलकर का सम्मान करके छोड़ा गया नहीं तो सब बेज्जती होकर भाग निकले
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सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले के मुताबिक सन्यास लेने का फैसला उनके दिमाग में सबसे पहली बार अक्टूबर 2008 में चैंपियन ट्रॉफी T20 मैच के दौरान उन्होंने ऐलान किया और लिंक्डइन प्रोफाइल में क्या है तेंदुलकर ने लिखा था यह बात है अक्टूबर 2003 में दिल्ली में आयोजित चैंपियंस लीग के एक मैच के दौरान मेरी रोजाना सुबह की शुरुआत जिम में कसरत के साथ होती थी और मैं 25 सालों से ऐसे कर रहा करता रहा हूं लेकिन आज सुबह कुछ बदला हुआ था उन्होंने आगे लिखा मैंने महसूस किया कि मुझे खुद को जबरन जगाना और अपने दिन की शुरुआत करने के लिए क्या कहना पड़ रहा है मैं जानता था कि जिम जाना मेरे क्रिकेट का एक अहम हिस्सा है जो मेरी जिंदगी में कुछ करने को सालों से चला आ रहा था
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सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले के मुताबिक सन्यास लेने का फैसला उनके दिमाग में सबसे पहली बार अक्टूबर 2008 में चैंपियन ट्रॉफी T20 मैच के दौरान उन्होंने ऐलान किया और लिंक्डइन प्रोफाइल में क्या है तेंदुलकर ने लिखा था यह बात है अक्टूबर 2003 में दिल्ली में आयोजित चैंपियंस लीग के एक मैच के दौरान मेरी रोजाना सुबह की शुरुआत जिम में कसरत के साथ होती थी और मैं 25 सालों से ऐसे कर रहा करता रहा हूं लेकिन आज सुबह कुछ बदला हुआ था उन्होंने आगे लिखा मैंने महसूस किया कि मुझे खुद को जबरन जगाना और अपने दिन की शुरुआत करने के लिए क्या कहना पड़ रहा है मैं जानता था कि जिम जाना मेरे क्रिकेट का एक अहम हिस्सा है जो मेरी जिंदगी में कुछ करने को सालों से चला आ रहा थाSachin Tendulkar Ne Sabse Pehle Ke Mutabik Sanyas Lene Ka Faisla Unke Dimag Mein Sabse Pehli Bar October 2008 Mein Champion Trophy T20 Match Ke Dauran Unhone Elan Kiya Aur LinkedIn Profile Mein Kya Hai Tendulkar Ne Likha Tha Yeh Baat Hai October 2003 Mein Dilli Mein Aayojit Champions League Ke Ek Match Ke Dauran Meri Rojana Subah Ki Shuruvat Gym Mein Kasrat Ke Saath Hoti Thi Aur Main 25 Salon Se Aise Kar Raha Karta Raha Hoon Lekin Aaj Subah Kuch Badla Hua Tha Unhone Aage Likha Maine Mahsus Kiya Ki Mujhe Khud Ko Jabran Jagaana Aur Apne Din Ki Shuruvat Karne Ke Liye Kya Kehna Padh Raha Hai Main Jaanta Tha Ki Gym Jana Mere Cricket Ka Ek Aham Hissa Hai Jo Meri Zindagi Mein Kuch Karne Ko Salon Se Chala Aa Raha Tha
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सचिन तेंदुलकर के हम आइटम के बहुत ही प्रसिद्ध खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा एक अचीवमेंट है क्योंकि इतने साल तक कितने स्टॉप लेवल पर जो है तो फोन करते रहना बहुत अब कोई कोई आसान चीज नहीं है कोई भी नहीं कर पाते लोग 500 साल भी नहीं टिक पाते और यह से 24 साल तक फैला है और वर्ल्ड कप 2011 में हुआ था 2012 में रिटायर हुए क्योंकि अब इनको भी लग रहा था कि यह फिजिकली अपने लेवल पर नहीं है टीम को मतलब टीम को भी यह पूरी तरीके से अपना नहीं दे पा रहे थे क्योंकि बॉडी जैसी आप की सोच होती तो आपकी बॉडी भी जवाब देने लगती है यह कारण उनका रिटायर होने का और उन्होंने वर्ल्ड कप जीत लिया था तो उनके साथ से मतलब उन्होंने कर सकते थे
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सचिन तेंदुलकर के हम आइटम के बहुत ही प्रसिद्ध खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा एक अचीवमेंट है क्योंकि इतने साल तक कितने स्टॉप लेवल पर जो है तो फोन करते रहना बहुत अब कोई कोई आसान चीज नहीं है कोई भी नहीं कर पाते लोग 500 साल भी नहीं टिक पाते और यह से 24 साल तक फैला है और वर्ल्ड कप 2011 में हुआ था 2012 में रिटायर हुए क्योंकि अब इनको भी लग रहा था कि यह फिजिकली अपने लेवल पर नहीं है टीम को मतलब टीम को भी यह पूरी तरीके से अपना नहीं दे पा रहे थे क्योंकि बॉडी जैसी आप की सोच होती तो आपकी बॉडी भी जवाब देने लगती है यह कारण उनका रिटायर होने का और उन्होंने वर्ल्ड कप जीत लिया था तो उनके साथ से मतलब उन्होंने कर सकते थेSachin Tendulkar Ke Hum Item Ke Bahut Hi Prasiddh Khiladi Rahe Hain Aur Unhone 24 Saal Tak Antararashtriya Cricket Khela Hai To Yeh Apne Aap Mein Ek Bahut Bada Ek Achievement Hai Kyonki Itne Saal Tak Kitne Stop Level Par Jo Hai To Phone Karte Rehna Bahut Ab Koi Koi Aasan Cheez Nahi Hai Koi Bhi Nahi Kar Paate Log 500 Saal Bhi Nahi Tick Paate Aur Yeh Se 24 Saal Tak Faila Hai Aur World Cup 2011 Mein Hua Tha 2012 Mein Retire Huye Kyonki Ab Inko Bhi Lag Raha Tha Ki Yeh Physically Apne Level Par Nahi Hai Team Ko Matlab Team Ko Bhi Yeh Puri Tarike Se Apna Nahi De Pa Rahe The Kyonki Body Jaisi Aap Ki Soch Hoti To Aapki Body Bhi Jawab Dene Lagti Hai Yeh Kaaran Unka Retire Hone Ka Aur Unhone World Cup Jeet Liya Tha To Unke Saath Se Matlab Unhone Kar Sakte The
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सचिन तेंदुलकर एक बहुत ही महान क्रिकेटर रहे हैं और काफी अच्छे खिलाड़ी थे परंतु उनका क्रिकेट छोड़ने का कारण यही था कि एक समय आ जाता है जिस समय पर आकर आपको रिटायरमेंट देना पड़ता है क्रिकेट से सन्यास देना पड़ता है और उसका कारण यह होता है कि आपकी जो सर्जिकल फिटनेस चाहिए होती है क्रिकेट में और जिस तरह की और फिटनेस ऊंचाई होती है उस पर पहुंचाते जहां पर वह पॉसिबल नहीं हो पाता है आपके लिए और क्रिकेट में बहुत ज्यादा फिजिकल फिटनेस की जरूरत होती है और जहां पर नहीं खिलाड़ी आ रहे होते हैं और ज्यादा उत्तेजित ज्यादा और मशीनें खिलाड़ी आ रहे होते क्रिकेट में तो उनको जगह देने के लिए और ऊपर से क्रिकेट स्कोर हटना पड़ता है जो ज्यादा हिचकी हो जाते हैं और यही सचिन के साथ हुआ और जब उनकी एक एक लिमिट के आगे चली गई और उनको लगा कि उनको संयास ले लेना चाहिए क्योंकि उनकी फिजिकल फिटनेस उतनी नहीं रही है जितनी क्रिकेट में होनी चाहिए तो इसलिए उन्होंने सन्यास ले लिया और वही और खिलाड़ियों को आने का मौका दिया
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सचिन तेंदुलकर एक बहुत ही महान क्रिकेटर रहे हैं और काफी अच्छे खिलाड़ी थे परंतु उनका क्रिकेट छोड़ने का कारण यही था कि एक समय आ जाता है जिस समय पर आकर आपको रिटायरमेंट देना पड़ता है क्रिकेट से सन्यास देना पड़ता है और उसका कारण यह होता है कि आपकी जो सर्जिकल फिटनेस चाहिए होती है क्रिकेट में और जिस तरह की और फिटनेस ऊंचाई होती है उस पर पहुंचाते जहां पर वह पॉसिबल नहीं हो पाता है आपके लिए और क्रिकेट में बहुत ज्यादा फिजिकल फिटनेस की जरूरत होती है और जहां पर नहीं खिलाड़ी आ रहे होते हैं और ज्यादा उत्तेजित ज्यादा और मशीनें खिलाड़ी आ रहे होते क्रिकेट में तो उनको जगह देने के लिए और ऊपर से क्रिकेट स्कोर हटना पड़ता है जो ज्यादा हिचकी हो जाते हैं और यही सचिन के साथ हुआ और जब उनकी एक एक लिमिट के आगे चली गई और उनको लगा कि उनको संयास ले लेना चाहिए क्योंकि उनकी फिजिकल फिटनेस उतनी नहीं रही है जितनी क्रिकेट में होनी चाहिए तो इसलिए उन्होंने सन्यास ले लिया और वही और खिलाड़ियों को आने का मौका दियाSachin Tendulkar Ek Bahut Hi Mahaan Cricketer Rahe Hain Aur Kafi Acche Khiladi The Parantu Unka Cricket Chodane Ka Kaaran Yahi Tha Ki Ek Samay Aa Jata Hai Jis Samay Par Aakar Aapko Retirement Dena Padata Hai Cricket Se Sanyas Dena Padata Hai Aur Uska Kaaran Yeh Hota Hai Ki Aapki Jo Surgical Fitness Chahiye Hoti Hai Cricket Mein Aur Jis Tarah Ki Aur Fitness Unchai Hoti Hai Us Par Pahunchate Jahan Par Wah Possible Nahi Ho Pata Hai Aapke Liye Aur Cricket Mein Bahut Jyada Physical Fitness Ki Zaroorat Hoti Hai Aur Jahan Par Nahi Khiladi Aa Rahe Hote Hain Aur Jyada Uttejit Jyada Aur Khiladi Aa Rahe Hote Cricket Mein To Unko Jagah Dene Ke Liye Aur Upar Se Cricket Score Hatna Padata Hai Jo Jyada Hichki Ho Jaate Hain Aur Yahi Sachin Ke Saath Hua Aur Jab Unki Ek Ek Limit Ke Aage Chali Gayi Aur Unko Laga Ki Unko Sanyas Le Lena Chahiye Kyonki Unki Physical Fitness Utani Nahi Rahi Hai Jitni Cricket Mein Honi Chahiye To Isliye Unhone Sanyas Le Liya Aur Wahi Aur Khiladiyon Ko Aane Ka Mauka Diya
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सचिन तेंदुलकर भारत के सबसे महानतम क्रिकेटरों में से एक हैं और उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है तो यह साफ दिखाता है कि सचिन तेंदुलकर ने अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय क्रिकेट को समर्पित किया और उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई पहचान बनाई तो मुझे लगता है सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से संन्यास इसीलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि अब दूसरों को मौका मिलना चाहिए और उनका शरीर अब क्रिकेट खेलने के लिए उतना फिट नहीं रह गया जितना कि पहले होता था उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सारी अच्छी पारियां खेली है जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट ने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है और यह उनके प्रदर्शन से हम देख सकते हैं उनके इतने सारे रिकॉर्ड से जिन तक अन्य क्रिकेटरों को पहुंचने में कई वर्षों का समय लगेगा तो मुझे लगता है सचिन तेंदुलकर ने अपने हिस्से की क्रिकेट और इसके लिए उन्हें हमें धन्यवाद करना चाहिए और जब उन्होंने क्रिकेट से अलविदा कहा उस वक्त भी उनका फॉर्म काफी अच्छा था लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि अब उनका समय आ गया है और उन्हें क्रिकेट को अलविदा कह देना चाहिए तो इनका यह पर्सनल डिसीजन था जिसे सभी लोगों को सम्मान देना चाहिए
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सचिन तेंदुलकर भारत के सबसे महानतम क्रिकेटरों में से एक हैं और उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है तो यह साफ दिखाता है कि सचिन तेंदुलकर ने अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय क्रिकेट को समर्पित किया और उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई पहचान बनाई तो मुझे लगता है सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से संन्यास इसीलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि अब दूसरों को मौका मिलना चाहिए और उनका शरीर अब क्रिकेट खेलने के लिए उतना फिट नहीं रह गया जितना कि पहले होता था उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सारी अच्छी पारियां खेली है जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट ने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है और यह उनके प्रदर्शन से हम देख सकते हैं उनके इतने सारे रिकॉर्ड से जिन तक अन्य क्रिकेटरों को पहुंचने में कई वर्षों का समय लगेगा तो मुझे लगता है सचिन तेंदुलकर ने अपने हिस्से की क्रिकेट और इसके लिए उन्हें हमें धन्यवाद करना चाहिए और जब उन्होंने क्रिकेट से अलविदा कहा उस वक्त भी उनका फॉर्म काफी अच्छा था लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि अब उनका समय आ गया है और उन्हें क्रिकेट को अलविदा कह देना चाहिए तो इनका यह पर्सनल डिसीजन था जिसे सभी लोगों को सम्मान देना चाहिएSachin Tendulkar Bharat Ke Sabse Mahantam Cricketero Mein Se Ek Hain Aur Unhen Bharat Ratna Se Bhi Sammanit Kiya Ja Chuka Hai To Yeh Saaf Dikhaata Hai Ki Sachin Tendulkar Ne Apni Zindagi Ka Mahatvapurna Hissa Bhartiya Cricket Ko Samarpit Kiya Aur Unhone Bhartiya Cricket Ke Liye Ek Nayi Pehchaan Banai To Mujhe Lagta Hai Sachin Tendulkar Ne Cricket Se Sannyas Isliye Liya Kyonki Unhen Laga Ki Ab Dusron Ko Mauka Milna Chahiye Aur Unka Sharir Ab Cricket Khelne Ke Liye Utana Fit Nahi Rah Gaya Jitna Ki Pehle Hota Tha Unhone Bhartiya Cricket Ke Liye Bahut Saree Acchi Kheli Hai Jiski Wajah Se Bhartiya Cricket Ne Puri Duniya Mein Apni Ek Alag Hi Pehchaan Banai Sachin Tendulkar Ko Cricket Ka Bhagwan Bhi Kaha Jata Hai Aur Yeh Unke Pradarshan Se Hum Dekh Sakte Hain Unke Itne Sare Record Se Jin Tak Anya Cricketero Ko Pahuchne Mein Kai Varshon Ka Samay Lagega To Mujhe Lagta Hai Sachin Tendulkar Ne Apne Hisse Ki Cricket Aur Iske Liye Unhen Hume Dhanyavad Karna Chahiye Aur Jab Unhone Cricket Se Alvida Kaha Us Waqt Bhi Unka Form Kafi Accha Tha Lekin Unhen Aisa Laga Ki Ab Unka Samay Aa Gaya Hai Aur Unhen Cricket Ko Alvida Keh Dena Chahiye To Inka Yeh Personal Decision Tha Jise Sabhi Logon Ko Samman Dena Chahiye
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सचिन तेंदुलकर ने कभी भी क्रिकेट नहीं छोड़ा था और ना कभी छोड़ा है क्रिकेट हरे चने की होती है और हर साल की उम्र के बाद पटाखे छोड़ देना चाहिए और सबसे लंबा कर रहा हूं खासतौर पर अपने प्रेक्टिस करते हैं और भाई छोड़ना छोड़ना छोड़ना
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सचिन तेंदुलकर ने कभी भी क्रिकेट नहीं छोड़ा था और ना कभी छोड़ा है क्रिकेट हरे चने की होती है और हर साल की उम्र के बाद पटाखे छोड़ देना चाहिए और सबसे लंबा कर रहा हूं खासतौर पर अपने प्रेक्टिस करते हैं और भाई छोड़ना छोड़ना छोड़नाSachin Tendulkar Ne Kabhi Bhi Cricket Nahi Choda Tha Aur Na Kabhi Choda Hai Cricket Hare Chane Ki Hoti Hai Aur Har Saal Ki Umar Ke Baad Patakhe Chod Dena Chahiye Aur Sabse Lamba Kar Raha Hoon Khaasataur Par Apne Practice Karte Hain Aur Bhai Chodna Chodna Chodna
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हर किसी को नहीं सकता तो आप जब यह आपके आ जाती है जिसके बाद आप इतने फिट नहीं रहते और खेल नहीं पाते एक तरफ से आप जॉइंट इनके ऊपर बोझ बन जाएगा और एक जगह ब्लॉक करके रखेंगे बजाय इसके अगर आप उस जगह छोड़ देंगे तो नए जंक्शन जो आ रहे हैं जो नए आए तो ऊपर क्या रे देश के उन को मौका मिलेगा और वह लोग जो है अच्छे देश की सेवा कर पाएंगे कि आप को जितने करनी थी वह आपने कल भी तो यही तो है सचिन तेंदुलकर के साथ भी हुआ क्योंकि वह क्रिकेट में 16 साल की उम्र से ही जो है वह क्रिकेट खेल रहे हैं तो वह 42 43 44 अरब स्कोर्स नहीं बनाएंगे और आपका भी कर बार-बार जाएगा तो आपकी बेटी होना स्टार्ट होगी तो इतने लंबे करियर जो आपने अच्छे से संभाला दिल आशना की बेजती हो तो क्या बिजी होने से पहले ही छोड़ दें यही चीज है वह सचिन ने किया है क्योंकि उनकी फिटनेस इतनी अब नहीं रही थी यह जो गई थी तो इसलिए उन्होंने जो है वह जगह छोड़ दी और बैंक बैलेंस में जगह दी
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हर किसी को नहीं सकता तो आप जब यह आपके आ जाती है जिसके बाद आप इतने फिट नहीं रहते और खेल नहीं पाते एक तरफ से आप जॉइंट इनके ऊपर बोझ बन जाएगा और एक जगह ब्लॉक करके रखेंगे बजाय इसके अगर आप उस जगह छोड़ देंगे तो नए जंक्शन जो आ रहे हैं जो नए आए तो ऊपर क्या रे देश के उन को मौका मिलेगा और वह लोग जो है अच्छे देश की सेवा कर पाएंगे कि आप को जितने करनी थी वह आपने कल भी तो यही तो है सचिन तेंदुलकर के साथ भी हुआ क्योंकि वह क्रिकेट में 16 साल की उम्र से ही जो है वह क्रिकेट खेल रहे हैं तो वह 42 43 44 अरब स्कोर्स नहीं बनाएंगे और आपका भी कर बार-बार जाएगा तो आपकी बेटी होना स्टार्ट होगी तो इतने लंबे करियर जो आपने अच्छे से संभाला दिल आशना की बेजती हो तो क्या बिजी होने से पहले ही छोड़ दें यही चीज है वह सचिन ने किया है क्योंकि उनकी फिटनेस इतनी अब नहीं रही थी यह जो गई थी तो इसलिए उन्होंने जो है वह जगह छोड़ दी और बैंक बैलेंस में जगह दीHar Kisi Ko Nahi Sakta To Aap Jab Yeh Aapke Aa Jati Hai Jiske Baad Aap Itne Fit Nahi Rehte Aur Khel Nahi Paate Ek Taraf Se Aap Joint Inke Upar Bojh Ban Jayega Aur Ek Jagah Block Karke Rakhenge Bajay Iske Agar Aap Us Jagah Chod Denge To Naye Junction Jo Aa Rahe Hain Jo Naye Aaye To Upar Kya Ray Desh Ke Un Ko Mauka Milega Aur Wah Log Jo Hai Acche Desh Ki Seva Kar Paenge Ki Aap Ko Jitne Karni Thi Wah Aapne Kal Bhi To Yahi To Hai Sachin Tendulkar Ke Saath Bhi Hua Kyonki Wah Cricket Mein 16 Saal Ki Umar Se Hi Jo Hai Wah Cricket Khel Rahe Hain To Wah 42 43 44 Arab Nahi Banayenge Aur Aapka Bhi Kar Bar Bar Jayega To Aapki Beti Hona Start Hogi To Itne Lambe Career Jo Aapne Acche Se Sambhala Dil Aashna Ki Ho To Kya Busy Hone Se Pehle Hi Chod Dein Yahi Cheez Hai Wah Sachin Ne Kiya Hai Kyonki Unki Fitness Itni Ab Nahi Rahi Thi Yeh Jo Gayi Thi To Isliye Unhone Jo Hai Wah Jagah Chod Di Aur Bank Balance Mein Jagah Di
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विकी सचिन तेंदुलकर जिस्म क्रिकेट का भगवान भी कहते हैं या फिर हमें कह सकते हैं वह क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाडी है अब तक के कारण गवर्नर जनरल ने क्रिकेटर चलो छोड़ो कि की उम्र हो चुकी थी अगर हम देखें तो सचिन जिन्होंने अपना लास्ट वनडे ODI जो है वह 2013 में खेला था और के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया रे इंटरनेशनल क्रिकेट और उसके बाद उन्होंने 2014 तक मैं कह सकता हूं उन्होंने IPL भी खेला था तो मेरे हिसाब से उस क्रिकेट वनडे स्कोर छोड़ोगे की उम्र हो चुकी थी अगर हम देखें तो 38 की उम्र में भी हो क्रिकेट खेल रहे थे और कहां कहां पर गए वह आगे क्रिकेट खेलते रहते तो फिर देश में कितने युवा खिलाड़ी है जैसे कि विराट कोहली हो या मनीष पांडे हो या फिर कुलदीप यादव हो या फिर जसप्रीत बुमराह को खेलने के लिए मौका नहीं मिलता तो खाना खा पर सचिन जो है उन्होंने यही निर्णय लिया कि अब समय आ चुका है कि मैं रिटायरमेंट क्योंकि क्योंकि बॉडी भी उसको उत्तर सपोर्ट नहीं करेगा जितना उनको पहले कर पा रही थी उमर के कारण और 6 महीने होने इंजरी वापस आने का डर से देखिए जिस प्रकार कि उनकी इंजरी बीच में हुई थी 2002 से 2005 के बीच में जाकर उनको पहुंचाए सही कराने की सर्जरी करानी पड़ेगी और ऐसा लग रहा था कि वह कैरियर भी समाप्त हो जाएगा तो वही चीज वापस उनके जिंदगी में ना आए इसलिए जो उन्होंने यह निर्णय लिया कि मैं क्रिकेट छोड़ देंगे
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विकी सचिन तेंदुलकर जिस्म क्रिकेट का भगवान भी कहते हैं या फिर हमें कह सकते हैं वह क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाडी है अब तक के कारण गवर्नर जनरल ने क्रिकेटर चलो छोड़ो कि की उम्र हो चुकी थी अगर हम देखें तो सचिन जिन्होंने अपना लास्ट वनडे ODI जो है वह 2013 में खेला था और के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया रे इंटरनेशनल क्रिकेट और उसके बाद उन्होंने 2014 तक मैं कह सकता हूं उन्होंने IPL भी खेला था तो मेरे हिसाब से उस क्रिकेट वनडे स्कोर छोड़ोगे की उम्र हो चुकी थी अगर हम देखें तो 38 की उम्र में भी हो क्रिकेट खेल रहे थे और कहां कहां पर गए वह आगे क्रिकेट खेलते रहते तो फिर देश में कितने युवा खिलाड़ी है जैसे कि विराट कोहली हो या मनीष पांडे हो या फिर कुलदीप यादव हो या फिर जसप्रीत बुमराह को खेलने के लिए मौका नहीं मिलता तो खाना खा पर सचिन जो है उन्होंने यही निर्णय लिया कि अब समय आ चुका है कि मैं रिटायरमेंट क्योंकि क्योंकि बॉडी भी उसको उत्तर सपोर्ट नहीं करेगा जितना उनको पहले कर पा रही थी उमर के कारण और 6 महीने होने इंजरी वापस आने का डर से देखिए जिस प्रकार कि उनकी इंजरी बीच में हुई थी 2002 से 2005 के बीच में जाकर उनको पहुंचाए सही कराने की सर्जरी करानी पड़ेगी और ऐसा लग रहा था कि वह कैरियर भी समाप्त हो जाएगा तो वही चीज वापस उनके जिंदगी में ना आए इसलिए जो उन्होंने यह निर्णय लिया कि मैं क्रिकेट छोड़ देंगेVikee Sachin Tendulkar Jism Cricket Ka Bhagwan Bhi Kehte Hain Ya Phir Hume Keh Sakte Hain Wah Cricket Ke Sabse Behtareen Khiladi Hai Ab Tak Ke Kaaran Governor General Ne Cricketer Chalo Chhodo Ki Ki Umar Ho Chuki Thi Agar Hum Dekhen To Sachin Jinhone Apna Last Oneday ODI Jo Hai Wah 2013 Mein Khela Tha Aur Ke Baad Unhone Cricket Chod Diya Ray International Cricket Aur Uske Baad Unhone 2014 Tak Main Keh Sakta Hoon Unhone IPL Bhi Khela Tha To Mere Hisab Se Us Cricket Oneday Score Ki Umar Ho Chuki Thi Agar Hum Dekhen To 38 Ki Umar Mein Bhi Ho Cricket Khel Rahe The Aur Kahan Kahan Par Gaye Wah Aage Cricket Khelte Rehte To Phir Desh Mein Kitne Yuva Khiladi Hai Jaise Ki Virat Kohli Ho Ya Manish Pandey Ho Ya Phir Kuldeep Yadav Ho Ya Phir "Jaspreet " Bumrah Ko Khelne Ke Liye Mauka Nahi Milta To Khana Kha Par Sachin Jo Hai Unhone Yahi Nirnay Liya Ki Ab Samay Aa Chuka Hai Ki Main Retirement Kyonki Kyonki Body Bhi Usko Uttar Support Nahi Karega Jitna Unko Pehle Kar Pa Rahi Thi Umar Ke Kaaran Aur 6 Mahine Hone Injury Wapas Aane Ka Dar Se Dekhie Jis Prakar Ki Unki Injury Bich Mein Hui Thi 2002 Se 2005 Ke Bich Mein Jaakar Unko Pahunchaye Sahi Karane Ki Surgery Krani Padegi Aur Aisa Lag Raha Tha Ki Wah Carrier Bhi Samapt Ho Jayega To Wahi Cheez Wapas Unke Zindagi Mein Na Aaye Isliye Jo Unhone Yeh Nirnay Liya Ki Main Cricket Chod Denge
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