search_iconmic
leaderboard
notify
हिंदी
leaderboard
notify
हिंदी
जवाब दें

इतिहास के स्रोत क्या हैं? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखी इतिहास के स्रोत जो कहेगा आपने पूछा है पुराने तथ्य प्रमाण हैं लिखित या फिर उसे पुरातत्व विभाग के द्वारा खुदाई में प्राप्त जो भी वस्तुएं होती हैं वही एकमात्र स्रोत है या फिर वही एकमात्र साधन है जो इतिहास के बारे में बताता है क्योंकि पहले के समय में जो माने राजा महाराजा लोग होते थे वह शिलालेख लिख पाते थे उस पर उनके राज्य के बारे में या फिर उनकी नई नई कहानियां फिर वह जो कुछ करते थे उसके चलचित्र शीला लेकिन यही एकमात्र या फिर मिट्टी के बर्तन या फिर वहां के सिक्के इस माध्यम से ही उस समय की या फिर उससे इतिहास के बारे में जो हमारी यही एक स्रोत है जो हमें बताते हैं कि उस समय कैसा है फिर किस प्रकार का रहा होगा ओके बाय फ्रेंड
Romanized Version
लिखी इतिहास के स्रोत जो कहेगा आपने पूछा है पुराने तथ्य प्रमाण हैं लिखित या फिर उसे पुरातत्व विभाग के द्वारा खुदाई में प्राप्त जो भी वस्तुएं होती हैं वही एकमात्र स्रोत है या फिर वही एकमात्र साधन है जो इतिहास के बारे में बताता है क्योंकि पहले के समय में जो माने राजा महाराजा लोग होते थे वह शिलालेख लिख पाते थे उस पर उनके राज्य के बारे में या फिर उनकी नई नई कहानियां फिर वह जो कुछ करते थे उसके चलचित्र शीला लेकिन यही एकमात्र या फिर मिट्टी के बर्तन या फिर वहां के सिक्के इस माध्यम से ही उस समय की या फिर उससे इतिहास के बारे में जो हमारी यही एक स्रोत है जो हमें बताते हैं कि उस समय कैसा है फिर किस प्रकार का रहा होगा ओके बाय फ्रेंडLikhi Itihas Ke Srot Jo Kahega Aapne Puchha Hai Purane Tathya Pramaan Hain Likhit Ya Phir Use Puratatva Vibhag Ke Dwara Khudai Mein Prapt Jo Bhi Vastuye Hoti Hain Wahi Ekmatra Srot Hai Ya Phir Wahi Ekmatra Sadhan Hai Jo Itihas Ke Bare Mein Batata Hai Kyonki Pehle Ke Samay Mein Jo Maane Raja Maharaja Log Hote The Wah Shilalekh Likh Paate The Us Par Unke Rajya Ke Bare Mein Ya Phir Unki Nayi Nayi Kahaniyan Phir Wah Jo Kuch Karte The Uske Chalchitra Shila Lekin Yahi Ekmatra Ya Phir Mitti Ke Bartan Ya Phir Wahan Ke Sikke Is Maadhyam Se Hi Us Samay Ki Ya Phir Usse Itihas Ke Bare Mein Jo Hamari Yahi Ek Srot Hai Jo Humein Batatey Hain Ki Us Samay Kaisa Hai Phir Kis Prakar Ka Raha Hoga Ok By Friend
Likes  2  Dislikes      
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिए😊

ऐसे और सवाल

ques_icon

अधिक जवाब


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इतिहास के लगभग 15 भाग होते हैं जिसमें से प्रागैतिहासिक काल आद्य ऐतिहासिक काल फिट होता है ऐतिहासिक काल प्रागैतिहासिक काल जो होता है वह उस काल के मनुष्य जीवन की कोई भी लिखित विवरण नहीं होती है इसके अंतर्गत हम शासनकाल को रखकर जाने की हड़प्पा सभ्यता से के पूर्व काल को प्रागैतिहासिक काल कहा जाता है यह लगभग 300 3000 ईसा पूर्व माना जाता है फिर आता आपका आद्य ऐतिहासिक काल आज ऐतिहासिक काल के अंतर्गत सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक काल को रखते हैं इसका समय जो है 3000 ईसापुर से भी 600 ईसा पूर्व माना जाता है आद्य ऐतिहासिक काल की जानकारी पुरातात्विक और साहित्यिक दोनों स्रोतों से मिलती है कि रात ऐतिहासिक कार्यों की 600 एयरपोर्ट से लेकर वर्तमान समय के काल को ऐतिहासिक काल कहा जाता है इस काल में हमें पुरातत्व साहित्य एवं विदेशी स्रोतों से जानकारी मिलती है यह तीन जो स्रोत हैं इन्हीं से हमें इतिहास की जानकारियां मिलती है
Romanized Version
इतिहास के लगभग 15 भाग होते हैं जिसमें से प्रागैतिहासिक काल आद्य ऐतिहासिक काल फिट होता है ऐतिहासिक काल प्रागैतिहासिक काल जो होता है वह उस काल के मनुष्य जीवन की कोई भी लिखित विवरण नहीं होती है इसके अंतर्गत हम शासनकाल को रखकर जाने की हड़प्पा सभ्यता से के पूर्व काल को प्रागैतिहासिक काल कहा जाता है यह लगभग 300 3000 ईसा पूर्व माना जाता है फिर आता आपका आद्य ऐतिहासिक काल आज ऐतिहासिक काल के अंतर्गत सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक काल को रखते हैं इसका समय जो है 3000 ईसापुर से भी 600 ईसा पूर्व माना जाता है आद्य ऐतिहासिक काल की जानकारी पुरातात्विक और साहित्यिक दोनों स्रोतों से मिलती है कि रात ऐतिहासिक कार्यों की 600 एयरपोर्ट से लेकर वर्तमान समय के काल को ऐतिहासिक काल कहा जाता है इस काल में हमें पुरातत्व साहित्य एवं विदेशी स्रोतों से जानकारी मिलती है यह तीन जो स्रोत हैं इन्हीं से हमें इतिहास की जानकारियां मिलती हैItihas Ke Lagbhag 15 Bhag Hote Hain Jisme Se Pragetihasik Kaal Adhya Aitihasik Kaal Fit Hota Hai Aitihasik Kaal Pragetihasik Kaal Jo Hota Hai Wah Us Kaal Ke Manushya Jeevan Ki Koi Bhi Likhit Vivran Nahi Hoti Hai Iske Antargat Hum Shasankal Ko Rakhakar Jaane Ki Hadappa Sabhyata Se Ke Purv Kaal Ko Pragetihasik Kaal Kaha Jata Hai Yeh Lagbhag 300 3000 Isa Purv Mana Jata Hai Phir Aata Aapka Adhya Aitihasik Kaal Aaj Aitihasik Kaal Ke Antargat Sindhu Ghati Sabhyata Aur Vaidik Kaal Ko Rakhte Hain Iska Samay Jo Hai 3000 Isapur Se Bhi 600 Isa Purv Mana Jata Hai Adhya Aitihasik Kaal Ki Jankari Puratatvik Aur Sahityik Dono Sroton Se Milti Hai Ki Raat Aitihasik Kaaryon Ki 600 Airport Se Lekar Vartaman Samay Ke Kaal Ko Aitihasik Kaal Kaha Jata Hai Is Kaal Mein Humein Puratatva Sahitya Evam Videshi Sroton Se Jankari Milti Hai Yeh Teen Jo Srot Hain Inhin Se Humein Itihas Ki Jankariyan Milti Hai
Likes  4  Dislikes      
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches:Itihas Ke Srot Kya Hain,What Are The Sources Of History?,


vokalandroid