आरक्षण किस हद तक सही है,इससे समाज को नुकसान है या नही। ...

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आरक्षण मतलब रिजर्वेशन यह कुछ हद तक सही है कुछ हद तक गलत जैसे कि फिजिकली हैंडीकैप्ड होते हैं वह माना चौहान की उनके लिए सही और बाकी जो है वह काबिलियत पर होना चाहिए अभी दीदी तो अभी से उसको रिजर्वेशन की जरूरत नहीं पड़ेगीAarakshan Matlab Reservation Yeh Kuch Had Tak Sahi Hai Kuch Had Tak Galat Jaise Ki Physically Handicapped Hote Hain Wah Mana Chauhan Ki Unke Liye Sahi Aur Baki Jo Hai Wah Kabiliyat Par Hona Chahiye Abhi Didi To Abhi Se Usko Reservation Ki Zaroorat Nahi Padegi
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आरक्षण तभी तक सही हो सकता है और उसी हद तक सही हो सकता है जब तक को किसी दूसरी जाति के लोगों को नुकसान ना पहुंचा है लेकिन आज की अगर समाज में हम देखें तो आरक्षण सामान्य वर्ग के लोगों को बहुत ही ज्यादा नुकसानदेह हो रहा है क्योंकि यह किसी भी नौकरी या फिर किसी भी कॉलेज के एडमिशन के समय और जब भी आरक्षण लगता है तो उसकी वजह से जिन लोगों के ज्यादा नंबर आते हैं जो ज्यादा काबिल होते हैं उस नौकरी या फिर उस जगह के उस अतीत के लिए उन लोगों को वह चीज नहीं दी जाती है बल्कि आरक्षण के तहत कम नंबरों वालों को या फिर कम काबिलियत रखने वाले लोगों को सिद्धि दे दी दे दी जाती है जिसकी वजह से कहीं ना कहीं तो सामान्य वर्ग के लोग हैं वह लोग पीछे रह रहे हैं और उनको इस चीज के बारे में बहुत बुरा लगता है क्योंकि अगर आप किसी चीज के लिए मेहनत करें और आपको सिर्फ आरक्षण की वजह से बाहर निकाल दिया जाए और आपको वह सीखना दी जाए बल्कि आपकी कम आप से कम रैंक वाले आप से कम नंबर वाले इंसान को वह सीट दे दी जाए तो यह एक तरह से बाबू हम कमीशन होता है जो कि हमारे देश में गलत माना जाता है इन कॉन्स्टिट्यूशन ने भी सबको बराबर का अधिकार दिया है तो आरक्षण कैसे किसी को जाति के आधार पर अलग अलग करके और उनका हक छीन सकता है तो यह सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह हो रहा है मैं मानती हूं कि यह दलितों के लिए और SC ST लोगों के लिए एक अच्छी चीज है आरक्षण परंतु अब एक ऐसा समय आ गया है कि जिनके लिए हुआ करता था वह इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं बल्कि वह लोग इसका लाभ ले रहे हैं जिनके पास सब कुछ पहले से ही है और उनको आरक्षण की आवश्यकता नहीं है तो आरक्षण हमारे देश के उन्नाव सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बहुत नुकसान बन चुका है और उनकी काबिलियत को इस तरह से वह घटा रहा है क्योंकि उनकी काबिलियत और उनकी सोच वाले लोगों को वह चीज नहीं दी जा रही है जो कम से कम लोगों को मिल रही है तो आरक्षण हमारी समाज के लिए एक नुकसान बन चुका हैAarakshan Tabhi Tak Sahi Ho Sakta Hai Aur Ussi Had Tak Sahi Ho Sakta Hai Jab Tak Ko Kisi Dusri Jati Ke Logon Ko Nuksan Na Pahuncha Hai Lekin Aaj Ki Agar Samaaj Mein Hum Dekhen To Aarakshan Samanya Varg Ke Logon Ko Bahut Hi Jyada Nuksaandeh Ho Raha Hai Kyonki Yeh Kisi Bhi Naukri Ya Phir Kisi Bhi College Ke Admission Ke Samay Aur Jab Bhi Aarakshan Lagta Hai To Uski Wajah Se Jin Logon Ke Jyada Number Aate Hain Jo Jyada Kaabil Hote Hain Us Naukri Ya Phir Us Jagah Ke Us Atit Ke Liye Un Logon Ko Wah Cheez Nahi Di Jati Hai Balki Aarakshan Ke Tahat Kum Numberon Walon Ko Ya Phir Kum Kabiliyat Rakhne Wale Logon Ko Siddhi De Di De Di Jati Hai Jiski Wajah Se Kahin Na Kahin To Samanya Varg Ke Log Hain Wah Log Piche Rah Rahe Hain Aur Unko Is Cheez Ke Baare Mein Bahut Bura Lagta Hai Kyonki Agar Aap Kisi Cheez Ke Liye Mehnat Karen Aur Aapko Sirf Aarakshan Ki Wajah Se Bahar Nikal Diya Jaye Aur Aapko Wah Sikhna Di Jaye Balki Aapki Kum Aap Se Kum Rank Wale Aap Se Kum Number Wale Insaan Ko Wah Seat De Di Jaye To Yeh Ek Tarah Se Babu Hum Commision Hota Hai Jo Ki Hamare Desh Mein Galat Mana Jata Hai In Constitution Ne Bhi Sabko Barabar Ka Adhikaar Diya Hai To Aarakshan Kaise Kisi Ko Jati Ke Aadhar Par Alag Alag Karke Aur Unka Haq Chin Sakta Hai To Yeh Samanya Varg Ke Logon Ke Liye Bahut Jyada Nuksaandeh Ho Raha Hai Main Maanati Hoon Ki Yeh Dalito Ke Liye Aur SC ST Logon Ke Liye Ek Acchi Cheez Hai Aarakshan Parantu Ab Ek Aisa Samay Aa Gaya Hai Ki Jinke Liye Hua Karta Tha Wah Iska Labh Nahi Le Pa Rahe Hain Balki Wah Log Iska Labh Le Rahe Hain Jinke Paas Sab Kuch Pehle Se Hi Hai Aur Unko Aarakshan Ki Avashyakta Nahi Hai To Aarakshan Hamare Desh Ke Unnaav Samanya Varg Ke Logon Ke Liye Bahut Nuksan Ban Chuka Hai Aur Unki Kabiliyat Ko Is Tarah Se Wah Ghata Raha Hai Kyonki Unki Kabiliyat Aur Unki Soch Wale Logon Ko Wah Cheez Nahi Di Ja Rahi Hai Jo Kum Se Kum Logon Ko Mil Rahi Hai To Aarakshan Hamari Samaaj Ke Liye Ek Nuksan Ban Chuka Hai
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