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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहली बात तो यह समझो कि तुम जानना चाहते हो तो बार-बार इतना तो नहीं होता है जानना चाहते हो जानना चाहते प्रश्नोत्तरी प्रश्न पूछे जिज्ञासा सुनाओ अगर तुम ही नहीं उठा लेंगे तो संभालेगा कुत्ते को कुत्ता नहीं डाल सकते ऐसी कोई संभावना संभावना पैदा होते हो और वह संभावना दोनों तरफ महा पापी भी अनुसार सुन सकते हो और महायुद्ध भी हो सकते हो तो तुम तो फंस गए या तो तुम आदमी पैदा ना हो तो आदमी के पैदा हुआ है वैसे ही मर भी जाता है आदमी के पास कुछ तो होना पड़ेगा कि कबीर की राबड़ी चलो गर्मी चलते देख लो अगर अभी तुम उस रहा से पूरे नहीं तो बुध तुम्हारे लिए भी गर्व से निकलते ही थोड़े ही जंगल लगाई थी पहले 20 साल की साल उड़े को जो ऊंची से ऊंची सुविधाएं और सहमति दी जा सकती थी दी गई थी इस राह में प्रवेश हो सकता है कि तुम्हें ही बिना हाजमा इधर के पूरे गोवर्धन के भजन चलाओ क्या पता कोई विश्वास विश्वास कर लेना तो वैसे भी उस रहा की निशानी है वहां पर सब कुछ रास्ते चल रहा है वहां लोग इतना विश्वास करते हैं दूसरे पर विश्वास फिर भी पूरा है पूरा विश्वास है कि वहां की निशानी है ज्ञात की जाती है यहां तो कोई सवाल जवानी लायक नहीं माना जाता है सुनीता प्रेम करो ना किसी ने विश्वास नहीं होता कि दूसरी अध्यात्मिकता
पहली बात तो यह समझो कि तुम जानना चाहते हो तो बार-बार इतना तो नहीं होता है जानना चाहते हो जानना चाहते प्रश्नोत्तरी प्रश्न पूछे जिज्ञासा सुनाओ अगर तुम ही नहीं उठा लेंगे तो संभालेगा कुत्ते को कुत्ता नहीं डाल सकते ऐसी कोई संभावना संभावना पैदा होते हो और वह संभावना दोनों तरफ महा पापी भी अनुसार सुन सकते हो और महायुद्ध भी हो सकते हो तो तुम तो फंस गए या तो तुम आदमी पैदा ना हो तो आदमी के पैदा हुआ है वैसे ही मर भी जाता है आदमी के पास कुछ तो होना पड़ेगा कि कबीर की राबड़ी चलो गर्मी चलते देख लो अगर अभी तुम उस रहा से पूरे नहीं तो बुध तुम्हारे लिए भी गर्व से निकलते ही थोड़े ही जंगल लगाई थी पहले 20 साल की साल उड़े को जो ऊंची से ऊंची सुविधाएं और सहमति दी जा सकती थी दी गई थी इस राह में प्रवेश हो सकता है कि तुम्हें ही बिना हाजमा इधर के पूरे गोवर्धन के भजन चलाओ क्या पता कोई विश्वास विश्वास कर लेना तो वैसे भी उस रहा की निशानी है वहां पर सब कुछ रास्ते चल रहा है वहां लोग इतना विश्वास करते हैं दूसरे पर विश्वास फिर भी पूरा है पूरा विश्वास है कि वहां की निशानी है ज्ञात की जाती है यहां तो कोई सवाल जवानी लायक नहीं माना जाता है सुनीता प्रेम करो ना किसी ने विश्वास नहीं होता कि दूसरी अध्यात्मिकता
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है कि अध्यात्म क्या है देखिए अध्यात्म वह चीज है जो हमें शांति प्रदान करती है जो हमें सत्य की राहों पर लेकर जाती है जो हमें सत्य का सत्य की अनुभूति कराती है वह अध्यात्मा है बहुत सारे तांत्रिक होते हैं जो कि जादू टोना करते हैं जादू टोना अलग चीज है अध्यात्म अलग चीज अध्यात्म में अगर आपने मन लगा लिया तो आप उसी में खोए रहोगे भगवान कृष्ण कृष्ण ने गीता में साफ साफ शब्दों में लिखा है इंसान का एक ही कर्म है वह है भागवत भजन भगवान का भजन भगवान में अध्यात्म की भावना से भगवान को याद करना अध्यात्मा को हम योग के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं आपने सुना होगा सिद्धार्थ की कहानी जो कि बाद में भगवान बुद्ध के नाम से जाने गए बहुत बड़े परिवार में जन्म हुआ था उनका राजा शुद्धोधन शोधन के पुत्र थे लेकिन उन्हें सम मैं आ गया क्या यार यह क्या मजाक कर रहा हूं मैं वह सत्य की राह पर चल पड़े सब कुछ राजपाट सब कुछ छोड़ कर उन्होंने बहुत मेहनत किया बहुत तपस्या किया बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए लेकिन उन्होंने अध्यात्म की अनुभूति के माध्यम से योग के माध्यम से सत्य को जाना तो अध्यात्म में वही चीज है जो हमें हमेशा कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है अध्यात्म वह चीज है जो हमें विरोधियों को भी सही रास्ते पर लाने में मदद करती है गलत विचार वाले लोगों का भी सही रास्ते पर आ जाना ही अध्यात्म आए तो अध्यात्म बहुत बड़ा चीज है अध्यात्म को आप मन में अपने इंद्रियों को इंद्रियों को केंद्रित करके आप ध्यान करिए आप धीरे धीरे धीरे किसी फार्मूले की जरूरत नहीं है यूट्यूब पर बहुत सारे फार्मूला देते हैं लोग क्या भगवान की ऐसी प्रार्थना करिए वह करिए यह करिए मैं कहता हूं कि आप अपने सपना सिस्टम बनाइए आप खुद जन्मदाता बनी है आप ध्यान करिए आप से बहुत सारी गलतियां होंगी धीरे धीरे इंप्रूव होता जाएगा और आपकी अध्यात्म की दिशा जो है वह सही दिशा में जाती रहेगी तो आप आज से अभी से और अध्यात्म करने का एक सिस्टम होता है यह थोड़ी ना है कि आप कोई भी कपड़ा पहन लिए अध्यात्म में बैठ गए मन को मन को एकदम केंद्रित करने के लिए मन को एकदम 1 पॉइंट पर केंद्रित करने के लिए आप सुबह उठे सुबह के टाइम में हवा चल रही होती है बढ़िया एक जगह बैठे और पूरी शरीर को टाइट कर लीजिए बॉडी को पूरी और आप अपनी आंखें बंद करके भगवान का स्मरण करिए आप के अद्भुत अध्यात्म की दिशा सही दिशा में जाती रहेगी धीरे धीरे-धीरे आपका उसमें मन लग जाएगा मन लग जाएगा एक बार अगर भगवान में मन लग जाए ना तो कुछ नहीं दिखाई देता है यह शरीर नश्वर है भगवान कृष्ण ने बोला था क्या लेकर आए हो क्या तुम्हारा था क्या किसी और का होगा जो आज तुम्हारा है कल किसी और का था और तुम अगर मर जाओगे तो फिर कल किसी और का हो जाएगा किसी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है कौन अपना है कौन पराया है यह सब मत सोचो क्या सत्य है क्या सत्य है भूतकाल के बारे में सोच कर अपने वर्तमान को खराब मत करो भविष्य के बारे में सोच कर अपने वर्तमान को खराब मत करो अपने वर्तमान को सही तरीके से जीने की कोशिश करो भगवान श्री कृष्ण ने यह बोला है अब भूतकाल और भविष्य काल को भूल जाइए आप अपने पूरे दिमाग को खाली कर दीजिए आपने पहले क्या किया भूल जाइए सब कुछ बस आप मन लगा लीजिए अध्यात्म में अध्यात्म में अगर आप मन लगा लेंगे तो आपको शांति प्रदान होगी आप जहां पर रहेंगे वहां के चारों तरफ का एनवायरमेंट शांत होगा अच्छा वातावरण होगा तो धीरे-धीरे आपका मन लग जाएगा और आपको सत्य की प्राप्ति हो जाएगी धन्यवाद
आप का सवाल है कि अध्यात्म क्या है देखिए अध्यात्म वह चीज है जो हमें शांति प्रदान करती है जो हमें सत्य की राहों पर लेकर जाती है जो हमें सत्य का सत्य की अनुभूति कराती है वह अध्यात्मा है बहुत सारे तांत्रिक होते हैं जो कि जादू टोना करते हैं जादू टोना अलग चीज है अध्यात्म अलग चीज अध्यात्म में अगर आपने मन लगा लिया तो आप उसी में खोए रहोगे भगवान कृष्ण कृष्ण ने गीता में साफ साफ शब्दों में लिखा है इंसान का एक ही कर्म है वह है भागवत भजन भगवान का भजन भगवान में अध्यात्म की भावना से भगवान को याद करना अध्यात्मा को हम योग के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं आपने सुना होगा सिद्धार्थ की कहानी जो कि बाद में भगवान बुद्ध के नाम से जाने गए बहुत बड़े परिवार में जन्म हुआ था उनका राजा शुद्धोधन शोधन के पुत्र थे लेकिन उन्हें सम मैं आ गया क्या यार यह क्या मजाक कर रहा हूं मैं वह सत्य की राह पर चल पड़े सब कुछ राजपाट सब कुछ छोड़ कर उन्होंने बहुत मेहनत किया बहुत तपस्या किया बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए लेकिन उन्होंने अध्यात्म की अनुभूति के माध्यम से योग के माध्यम से सत्य को जाना तो अध्यात्म में वही चीज है जो हमें हमेशा कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है अध्यात्म वह चीज है जो हमें विरोधियों को भी सही रास्ते पर लाने में मदद करती है गलत विचार वाले लोगों का भी सही रास्ते पर आ जाना ही अध्यात्म आए तो अध्यात्म बहुत बड़ा चीज है अध्यात्म को आप मन में अपने इंद्रियों को इंद्रियों को केंद्रित करके आप ध्यान करिए आप धीरे धीरे धीरे किसी फार्मूले की जरूरत नहीं है यूट्यूब पर बहुत सारे फार्मूला देते हैं लोग क्या भगवान की ऐसी प्रार्थना करिए वह करिए यह करिए मैं कहता हूं कि आप अपने सपना सिस्टम बनाइए आप खुद जन्मदाता बनी है आप ध्यान करिए आप से बहुत सारी गलतियां होंगी धीरे धीरे इंप्रूव होता जाएगा और आपकी अध्यात्म की दिशा जो है वह सही दिशा में जाती रहेगी तो आप आज से अभी से और अध्यात्म करने का एक सिस्टम होता है यह थोड़ी ना है कि आप कोई भी कपड़ा पहन लिए अध्यात्म में बैठ गए मन को मन को एकदम केंद्रित करने के लिए मन को एकदम 1 पॉइंट पर केंद्रित करने के लिए आप सुबह उठे सुबह के टाइम में हवा चल रही होती है बढ़िया एक जगह बैठे और पूरी शरीर को टाइट कर लीजिए बॉडी को पूरी और आप अपनी आंखें बंद करके भगवान का स्मरण करिए आप के अद्भुत अध्यात्म की दिशा सही दिशा में जाती रहेगी धीरे धीरे-धीरे आपका उसमें मन लग जाएगा मन लग जाएगा एक बार अगर भगवान में मन लग जाए ना तो कुछ नहीं दिखाई देता है यह शरीर नश्वर है भगवान कृष्ण ने बोला था क्या लेकर आए हो क्या तुम्हारा था क्या किसी और का होगा जो आज तुम्हारा है कल किसी और का था और तुम अगर मर जाओगे तो फिर कल किसी और का हो जाएगा किसी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है कौन अपना है कौन पराया है यह सब मत सोचो क्या सत्य है क्या सत्य है भूतकाल के बारे में सोच कर अपने वर्तमान को खराब मत करो भविष्य के बारे में सोच कर अपने वर्तमान को खराब मत करो अपने वर्तमान को सही तरीके से जीने की कोशिश करो भगवान श्री कृष्ण ने यह बोला है अब भूतकाल और भविष्य काल को भूल जाइए आप अपने पूरे दिमाग को खाली कर दीजिए आपने पहले क्या किया भूल जाइए सब कुछ बस आप मन लगा लीजिए अध्यात्म में अध्यात्म में अगर आप मन लगा लेंगे तो आपको शांति प्रदान होगी आप जहां पर रहेंगे वहां के चारों तरफ का एनवायरमेंट शांत होगा अच्छा वातावरण होगा तो धीरे-धीरे आपका मन लग जाएगा और आपको सत्य की प्राप्ति हो जाएगी धन्यवाद
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अध्यात्म का अर्थ होता है समय के साथ विकसित और विस्तारित होना
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