आपके अनुसार हमारे देश में कुछ अजीब परम्पराएँ क्या हैं? ...

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हमारे देश की जो सबसे अजीबोगरीब परंपरा है वह यह है कि जब हमारे यहां पर शादी होती है तो शादी के अंदर लड़कियों को कन्यादान किया जाता है और मां-बाप कन्यादान करते हैं और उसके पीछे जो 123 की कैसी लगती है कि...जवाब पढ़िये
हमारे देश की जो सबसे अजीबोगरीब परंपरा है वह यह है कि जब हमारे यहां पर शादी होती है तो शादी के अंदर लड़कियों को कन्यादान किया जाता है और मां-बाप कन्यादान करते हैं और उसके पीछे जो 123 की कैसी लगती है कि कन्या जो है वह पराया धन होती है और पराया धन का मतलब है की प्रॉपर्टी है तो यह मैं समझता हूं कि बड़ी अजीबोगरीब परंपरा है कि हम अपने लड़कों को लड़कियों को बिल्कुल अलग तरीके से बड़ा करते हैं और लड़कियों को एक प्रॉपर्टी की तरह है या एक वस्तु की तरह उसको देख देख चुकी लड़के जो है हम उसको अपना मानते हैं और इसलिए लड़कियों को हमें पराया धन मानते हुए उसको हमें तरीके से दान कर देते हैं शादी के दौरान तो मैं समझता हूं यह बड़ी एक अजीबोगरीब परंपरा है जो कि हमारे देश में चली आ रही है और इस परंपरा को हमें किसी तरीके से उसको खत्म करने की जरूरत है क्योंकि लड़कियों को भी जो है वही सम्मान मिलना चाहिए जो कि लड़कों को मिलता हैHamare Desh Ki Jo Sabse Ajibogarib Parampara Hai Wah Yeh Hai Ki Jab Hamare Yahan Par Shadi Hoti Hai To Shadi Ke Andar Ladkiyon Ko Kanyadan Kiya Jata Hai Aur Maa Baap Kanyadan Karte Hain Aur Uske Piche Jo 123 Ki Kaisi Lagti Hai Ki Kanya Jo Hai Wah Paraaya Dhan Hoti Hai Aur Paraaya Dhan Ka Matlab Hai Ki Property Hai To Yeh Main Samajhata Hoon Ki Badi Ajibogarib Parampara Hai Ki Hum Apne Ladko Ko Ladkiyon Ko Bilkul Alag Tarike Se Bada Karte Hain Aur Ladkiyon Ko Ek Property Ki Tarah Hai Ya Ek Vastu Ki Tarah Usko Dekh Dekh Chuki Ladke Jo Hai Hum Usko Apna Manate Hain Aur Isliye Ladkiyon Ko Hume Paraaya Dhan Manate Huye Usko Hume Tarike Se Daan Kar Dete Hain Shadi Ke Dauran To Main Samajhata Hoon Yeh Badi Ek Ajibogarib Parampara Hai Jo Ki Hamare Desh Mein Chali Aa Rahi Hai Aur Is Parampara Ko Hume Kisi Tarike Se Usko Khatam Karne Ki Zaroorat Hai Kyonki Ladkiyon Ko Bhi Jo Hai Wahi Samman Milna Chahiye Jo Ki Ladko Ko Milta Hai
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हमारे देश की कुछ अजीब परंपराओं की बात करें तो सबसे पहली परंपरा तो यह है कि हम कोई भी अगर दलित है कोई भी अगर SC ST OBC है तो हम उसको गरीब मानते हैं उसको हम आज फिर मानते हैं और इस लिहाज से हम उसको वह सा...जवाब पढ़िये
हमारे देश की कुछ अजीब परंपराओं की बात करें तो सबसे पहली परंपरा तो यह है कि हम कोई भी अगर दलित है कोई भी अगर SC ST OBC है तो हम उसको गरीब मानते हैं उसको हम आज फिर मानते हैं और इस लिहाज से हम उसको वह सारी सुविधाएं देते हैं जो कि मतलब कुछ एक्स्ट्रा सुविधाएं देते हैं हर जगह हर दो हमें कैसे तय कर सकते हैं कि अगर SC ST OBC वर्ग का व्यक्ति है तो वह गरीब वालों के साथ बहुत बड़ा धोखेबाज है क्योंकि वह व्यक्ति जो कि पर बने किसी पद के लिए पोस्ट के लिए मैं क्या मेडिकल की सीट के लिए इंजीनियरिंग सीट के लिए कुछ भी हासिल नहीं हो पा रही है और जो व्यक्ति बिल्कुल बेकार है जो किसी लायक नहीं है क्योंकि केवल को एससी एसटी ओबीसी वर्ग का है तो कोटे के तहत उसे सीट मिल जाती है तो सबसे अलग परंपरा हमारे देश में आरक्षण की पहली दूसरी चीज सबसे खराब चीज हमारे देश में राजनीति तो है ही खराब थी लेकिन प्रतिज्ञा करना एक चीज की बात करूंगा उसमें जो जिस पर आरोप लगा हुआ है दागी उम्मीदवार है उसको भी टिकट मिल जाता है चाहे किसी भी पार्टी का हो तो होना चाहिए कि जिस पर भी आरोप लगाया जाए साबित हुआ नहीं हुआ जब तक आरोप साबित नहीं हो जाता है या अभी कसूर को टिकट नहीं मिल सकता किसी भी पार्टी दूसरी तीसरी सबसे गलत परंपरा है कि अगर कोई आरोप साबित हुआ है तो केस साबित होते होते 10 साल लग जाते तब तक सबूत मिल जाते हैं गोगामेडी आते हैं और 10:00 20 साल के सजा होने के बाद फायदा भी क्या है कहीं जाना तो बेकसूर साबित बहुत गलत परंपरा हैHamare Desh Ki Kuch Ajib Paramparaon Ki Baat Karen To Sabse Pehli Parampara To Yeh Hai Ki Hum Koi Bhi Agar Dalit Hai Koi Bhi Agar SC ST OBC Hai To Hum Usko Garib Manate Hain Usko Hum Aaj Phir Manate Hain Aur Is Lihaj Se Hum Usko Wah Saree Suvidhaen Dete Hain Jo Ki Matlab Kuch Extra Suvidhaen Dete Hain Har Jagah Har Do Hume Kaise Tay Kar Sakte Hain Ki Agar SC ST OBC Varg Ka Vyakti Hai To Wah Garib Walon Ke Saath Bahut Bada Dhokhebaj Hai Kyonki Wah Vyakti Jo Ki Par Bane Kisi Pad Ke Liye Post Ke Liye Main Kya Medical Ki Seat Ke Liye Engineering Seat Ke Liye Kuch Bhi Hasil Nahi Ho Pa Rahi Hai Aur Jo Vyakti Bilkul Bekar Hai Jo Kisi Layak Nahi Hai Kyonki Kewal Ko Sc ST Obc Varg Ka Hai To Kote Ke Tahat Use Seat Mil Jati Hai To Sabse Alag Parampara Hamare Desh Mein Aarakshan Ki Pehli Dusri Cheez Sabse Kharab Cheez Hamare Desh Mein Rajneeti To Hai Hi Kharab Thi Lekin Pratigya Karna Ek Cheez Ki Baat Karunga Usamen Jo Jis Par Aarop Laga Hua Hai Daagi Ummidvar Hai Usko Bhi Ticket Mil Jata Hai Chahe Kisi Bhi Party Ka Ho To Hona Chahiye Ki Jis Par Bhi Aarop Lagaya Jaye Saabit Hua Nahi Hua Jab Tak Aarop Saabit Nahi Ho Jata Hai Ya Abhi Kasoor Ko Ticket Nahi Mil Sakta Kisi Bhi Party Dusri Teesri Sabse Galat Parampara Hai Ki Agar Koi Aarop Saabit Hua Hai To Case Saabit Hote Hote 10 Saal Lag Jaate Tab Tak Sabut Mil Jaate Hain Gogamady Aate Hain Aur 10:00 20 Saal Ke Saja Hone Ke Baad Fayda Bhi Kya Hai Kahin Jana To Bekasoor Saabit Bahut Galat Parampara Hai
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देखिए वैसे तो मुझे यह लगता ही है कि भारत के अन्दर जितनी परंपराएं हैं वे बहुत सोच समझकर और उनके पीछे कोई ना कोई वजह जरूर है| जैसे कि अगर हम देखें करवा चौथ के व्रत से लेकर दिवाली तक जितनी भी परंपराएं हम...जवाब पढ़िये
देखिए वैसे तो मुझे यह लगता ही है कि भारत के अन्दर जितनी परंपराएं हैं वे बहुत सोच समझकर और उनके पीछे कोई ना कोई वजह जरूर है| जैसे कि अगर हम देखें करवा चौथ के व्रत से लेकर दिवाली तक जितनी भी परंपराएं हम मनाते है जितने भी त्यौहार हम मनाते हैं उनके पीछे कोई ना कोई वजह जरूर होती है| पर एक परंपरा जो देखी गई है वह मैंने यह देखी कि होली पर डंडे से मारते हैं लोग| तो मुझे समझ नहीं आता कि होली पर डंडे से मारने से क्या होता है? तो यह परंपरा मुझे थोड़ी विचित्र लगी, और मुझे यह पसंद नहीं आई| और देखा गया कि काफी लोग घायल भी होते हैं इस मार पिट से होली पर| फिर वंही पर एक और परंपरा का मैंने जीकर सुना है कि बच्चों को जो न्यू बोर्न बेबीज होते हैं उनको 50 फीट ऊपर से टॉस करके फैका जाता है और यह इसलिए किया जाता है ताकि उनकी उम्र बढे| तो मुझे यह भी नहीं समझ में आया कि फैकने से उम्र कैसे बढ़ सकती है बच्चों की? तो कुछ ऐसी चीजें है जिनके पीछे का लॉजिक मुझे तो नहीं समझ में आया| मुझे ऐसा लगता है कि इससे नुकसान ही हो रहा है तो इन परंपराओं के बारे में थोड़ा सोचना चाहिए| और मुझे लगता है कि अगर यह परंपराएं बंद हो जाएंगी तो ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि यह परंपराओं से फायदा नहीं नुकसान ही दिख रहा है|Dekhie Waise To Mujhe Yeh Lagta Hi Hai Ki Bharat Ke Andar Jitni Paramparaen Hain Ve Bahut Soch Samajhkar Aur Unke Piche Koi Na Koi Wajah Jarur Hai Jaise Ki Agar Hum Dekhen Karava Chauth Ke Vrat Se Lekar Diwali Tak Jitni Bhi Paramparaen Hum Manate Hai Jitne Bhi Tyohar Hum Manate Hain Unke Piche Koi Na Koi Wajah Jarur Hoti Hai Par Ek Parampara Jo Dekhi Gayi Hai Wah Maine Yeh Dekhi Ki Holi Par Dande Se Marte Hain Log To Mujhe Samajh Nahi Aata Ki Holi Par Dande Se Maarne Se Kya Hota Hai To Yeh Parampara Mujhe Thodi Vichitra Lagi Aur Mujhe Yeh Pasand Nahi Eye Aur Dekha Gaya Ki Kafi Log Ghaayal Bhi Hote Hain Is Maar Pitt Se Holi Par Phir Vanhi Par Ek Aur Parampara Ka Maine Jeekar Suna Hai Ki Bacchon Ko Jo New Born Babies Hote Hain Unko 50 Feet Upar Se Toss Karke Faika Jata Hai Aur Yeh Isliye Kiya Jata Hai Taki Unki Umar Badhe To Mujhe Yeh Bhi Nahi Samajh Mein Aaya Ki Phaikane Se Umar Kaise Badh Sakti Hai Bacchon Ki To Kuch Aisi Cheezen Hai Jinke Piche Ka Logic Mujhe To Nahi Samajh Mein Aaya Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Isse Nuksan Hi Ho Raha Hai To In Paramparaon Ke Bare Mein Thoda Sochna Chahiye Aur Mujhe Lagta Hai Ki Agar Yeh Paramparaen Band Ho Jaengi To Jyada Accha Hoga Kyonki Yeh Paramparaon Se Fayda Nahi Nuksan Hi Dikh Raha Hai
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धीरे से तू जो हमारा भारत देश है उसके अंदर काफी सारी ऐसी परंपराएं हैं काफी सारी ऐसी अजीबोगरीब परंपरा है जिसका हमें समझ नहीं आता यह करते ही क्यों है पर सबसे ज्यादा जो अजीब परंपरा मुझे लगती है वह फाइल फॉकिंग जो की विधि के नाम से भी जानी जाती है और यह परंपरा होती है तमिलनाडु में सबसे पहले तो यह होता है कि जो नीचे आग पर इसमें चलना होता है और यह परंपरा महाभारत से ली गई है और यह थी मेरी जो है एक परंपरा यह सेलिब्रेट करती है मैं रात 3:30 बजे के लिए एक फेस्टिवल है जो कि महाभारत में द्रोपती के बारे में फेस्टिवल सेलिब्रेट होता है जो कि पांडे वॉइस की फाइट थी हुआ क्या था कि जो भी जो भी कुरुक्षेत्र की जो बैठे हुए थे उसके बाद प्रॉपर्टी इन वो किया था एक फायर के बेड पर और उसके बाद वह प्रीति एक प्यार के रूप में तो फिर tv थी इसी कारण मनाया जाता है और यदि तमिलनाडु श्रीलंका सिंगापुर एंड साउथ अफ्रीका तक सीमित हैDhire Se Tu Jo Hamara Bharat Desh Hai Uske Andar Kafi Saree Aisi Paramparaen Hain Kafi Saree Aisi Ajibogarib Parampara Hai Jiska Hume Samajh Nahi Aata Yeh Karte Hi Kyon Hai Par Sabse Jyada Jo Ajib Parampara Mujhe Lagti Hai Wah File Faking Jo Ki Vidhi Ke Naam Se Bhi Jani Jati Hai Aur Yeh Parampara Hoti Hai Tamil Nadu Mein Sabse Pehle To Yeh Hota Hai Ki Jo Neeche Aag Par Isme Chalna Hota Hai Aur Yeh Parampara Mahabharat Se Lee Gayi Hai Aur Yeh Thi Meri Jo Hai Ek Parampara Yeh Celebrate Karti Hai Main Raat 3:30 Baje Ke Liye Ek Festival Hai Jo Ki Mahabharat Mein Draupadi Ke Bare Mein Festival Celebrate Hota Hai Jo Ki Pandey Voice Ki Fight Thi Hua Kya Tha Ki Jo Bhi Jo Bhi Kurukshetra Ki Jo Baithey Huye The Uske Baad Property In Vo Kiya Tha Ek Fire Ke Bed Par Aur Uske Baad Wah Preeti Ek Pyar Ke Roop Mein To Phir Tv Thi Isi Kaaran Manaya Jata Hai Aur Yadi Tamil Nadu Sri Lanka Singapore End South Africa Tak Simith Hai
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हमारे देश में अगर अजीब परंपरा में से हमके ने यह जो परंपरा है यह बहुत अजीब होगी जो कि बारिश होने के लिए भगवान को खुश करने के लिए कि नहीं कि नहीं जगहों पर जो है जानवरों की शादी करवाई जाती है जी हां जैसे...जवाब पढ़िये
हमारे देश में अगर अजीब परंपरा में से हमके ने यह जो परंपरा है यह बहुत अजीब होगी जो कि बारिश होने के लिए भगवान को खुश करने के लिए कि नहीं कि नहीं जगहों पर जो है जानवरों की शादी करवाई जाती है जी हां जैसे की हम ले ले आसाम और महाराष्ट्र जैसे जगह में बारिश के जो भगवान है देवता हैं उन्हें खुश करने के लिए मेंढक को की फ्रॉक की शादी करवाई जाती है और कर्नाटका में गधों की का शादी करवाई जाती है तो कुछ कुछ जगह पर ऐसी है कि जो है कुत्तों की भी शादी कराई जाती है ताकि बारिश की जो भगवान ने देवता है वह खुश हो और बारिश अच्छे से हो उसकी वजह से जिसकी वजह से खेती वगैरा मैं कोई इफेक्ट ना आए और लाइवलीहुड में कोई जो है नेगेटिव इफेक्ट ना आएHamare Desh Mein Agar Ajib Parampara Mein Se Hamake Ne Yeh Jo Parampara Hai Yeh Bahut Ajib Hogi Jo Ki Barish Hone Ke Liye Bhagwan Ko Khush Karne Ke Liye Ki Nahi Ki Nahi Jagho Par Jo Hai Jaanvaro Ki Shadi Karwai Jati Hai Ji Haan Jaise Ki Hum Le Le Aassam Aur Maharashtra Jaise Jagah Mein Barish Ke Jo Bhagwan Hai Devta Hain Unhen Khush Karne Ke Liye Mendhak Ko Ki Frock Ki Shadi Karwai Jati Hai Aur Karnataka Mein Gadhon Ki Ka Shadi Karwai Jati Hai To Kuch Kuch Jagah Par Aisi Hai Ki Jo Hai Kutton Ki Bhi Shadi Karai Jati Hai Taki Barish Ki Jo Bhagwan Ne Devta Hai Wah Khush Ho Aur Barish Acche Se Ho Uski Wajah Se Jiski Wajah Se Kheti Vagaira Main Koi Effect Na Aaye Aur Laivalihud Mein Koi Jo Hai Negative Effect Na Aaye
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भीगी हमारे देश में जो कुछ अजीब परंपरा है जिनमें से कई सारे अजीब परंपराएं अगर हमसे कोई एक अजीब परंपरा बताए तो बच्चे को उछालना अगर हम और सोलापुर की बात करें जो कि महाराष्ट्र में आता है वह आपके पास जितने...जवाब पढ़िये
भीगी हमारे देश में जो कुछ अजीब परंपरा है जिनमें से कई सारे अजीब परंपराएं अगर हमसे कोई एक अजीब परंपरा बताए तो बच्चे को उछालना अगर हम और सोलापुर की बात करें जो कि महाराष्ट्र में आता है वह आपके पास जितने भी मां-बाप जो है वह मुझसे और उनके बच्चों को जो है 50 फुट टावर से बने और टॉस करते होने उछालते हैं और जो बच्चे होते हैं वह एक हीट में उन्हें पाया जाता है उनको देखने के बाद जो कि बाकी सारे गांव के लोग जो है उन्हें जमीन पर लगाए रखते हैं जो जितने भी मां बाप अपने बच्चों को फिर देखते हैं वह यह उनका यह मानना है कि इससे जो है उनके बच्चों को एकदम अच्छी और लंबी सेहत और जिंदगी मिलेगी और यह जो है यह ज्यादातर भारतीय मुस्लिम फैमिली भी करती है और कुछ हिंदू फैमिली भी करती है सिर्फ यही नहीं अगर हम और एक चीज की बात करें तो जिस प्रकार से जूता चुराई रसम जो होता है जो की बहुत सारी शादियों में होता है कि हम तो लेकर जो है जूते चुरा लेते हैं शादी के पहले और जो है उसे कुछ पैसे देने पड़ते हो जूते लेने के लिए तो यह खाना कहां पर पाया जाता है सिर्फ वही नहीं थी का गवार जो कि एक हफ्ते भेजो कि जोधपुर में बनाया जाता है चाहे जो लिख ली मतलब हम कह सकते हैं उसमें उम्र साइड होता है भगवान शिव का आशीर्वाद ही नहीं अगर मर भी चीज बात करें तो किस प्रकार से आ जाओ अगर हम कोई भी नई गाड़ी लेते हैं तो उसकी पूजा करते हैं नारियल फोड़ते हैं या फिर उस पर टिका लगाते और लिंबु लिंबु लगाते हैं तो यह सारी जो देश में हमारी अजीब परंपरा हैBhigi Hamare Desh Mein Jo Kuch Ajib Parampara Hai Jinmein Se Kai Sare Ajib Paramparaen Agar Humse Koi Ek Ajib Parampara Bataye To Bacche Ko Uchalana Agar Hum Aur Solapur Ki Baat Karen Jo Ki Maharashtra Mein Aata Hai Wah Aapke Paas Jitne Bhi Maa Baap Jo Hai Wah Mujhse Aur Unke Bacchon Ko Jo Hai 50 Foot Tower Se Bane Aur Toss Karte Hone Uchalate Hain Aur Jo Bacche Hote Hain Wah Ek Hit Mein Unhen Paya Jata Hai Unko Dekhne Ke Baad Jo Ki Baki Sare Gav Ke Log Jo Hai Unhen Jameen Par Lagaye Rakhate Hain Jo Jitne Bhi Maa Baap Apne Bacchon Ko Phir Dekhte Hain Wah Yeh Unka Yeh Manana Hai Ki Isse Jo Hai Unke Bacchon Ko Ekdam Acchi Aur Lambi Sehat Aur Zindagi Milegi Aur Yeh Jo Hai Yeh Jyadatar Bhartiya Muslim Family Bhi Karti Hai Aur Kuch Hindu Family Bhi Karti Hai Sirf Yahi Nahi Agar Hum Aur Ek Cheez Ki Baat Karen To Jis Prakar Se Juta Churai Resum Jo Hota Hai Jo Ki Bahut Saree Shadiyo Mein Hota Hai Ki Hum To Lekar Jo Hai Jute Chura Lete Hain Shadi Ke Pehle Aur Jo Hai Use Kuch Paise Dene Padate Ho Jute Lene Ke Liye To Yeh Khana Kahan Par Paya Jata Hai Sirf Wahi Nahi Thi Ka Gavar Jo Ki Ek Hafte Bhejo Ki Jodhpur Mein Banaya Jata Hai Chahe Jo Likh Lee Matlab Hum Keh Sakte Hain Usamen Umar Side Hota Hai Bhagwan Shiv Ka Ashirvaad Hi Nahi Agar Mar Bhi Cheez Baat Karen To Kis Prakar Se Aa Jao Agar Hum Koi Bhi Nayi Gaadi Lete Hain To Uski Puja Karte Hain Nariyal Fodte Hain Ya Phir Us Par Tika Lagate Aur Limbu Limbu Lagate Hain To Yeh Saree Jo Desh Mein Hamari Ajib Parampara Hai
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दिव्या हमारे देश में बहुत सारी मस्ती तू कुछ ऐसा है कि अगर उनके पैरों में होते हैं उस लड़की को होता है एक बार तू वहां पर भेज देते हैं वहां पर हमारे यहां पर...जवाब पढ़िये
दिव्या हमारे देश में बहुत सारी मस्ती तू कुछ ऐसा है कि अगर उनके पैरों में होते हैं उस लड़की को होता है एक बार तू वहां पर भेज देते हैं वहां पर हमारे यहां परDivya Hamare Desh Mein Bahut Saree Masti Tu Kuch Aisa Hai Ki Agar Unke Pairon Mein Hote Hain Us Ladki Ko Hota Hai Ek Bar Tu Wahan Par Bhej Dete Hain Wahan Par Hamare Yahan Par
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हमारे देश में काफी ऐसी परंपराएं हैं जो किसी लॉजिक पर भेज दो उनके पीछे कोई ना कोई लॉजिक है लेकिन कुछ परंपराएं आज भी ऐसी हैं उनके पीछे कोई लॉजिक नहीं है बस वह पहले से चली आ रही हैं तो लोग उन्हें आज भी फ...जवाब पढ़िये
हमारे देश में काफी ऐसी परंपराएं हैं जो किसी लॉजिक पर भेज दो उनके पीछे कोई ना कोई लॉजिक है लेकिन कुछ परंपराएं आज भी ऐसी हैं उनके पीछे कोई लॉजिक नहीं है बस वह पहले से चली आ रही हैं तो लोग उन्हें आज भी फॉलो कर रहे हैं जैसे अब आप देख लीजिए होली होली में एक हरियाणा की साइड होता है एक डंडे से मारते हैं वह क्यों मारते किसने मारते कुछ नहीं पता वैसे देखा जाए तो कुछ रुक जा मांगलिक होते हैं तो उनकी शादी से पहले उनकी शादी किसी पेड़ से या किसी जानवर से करा देते हैं ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए उनके सेल्फ रेस्पेक्ट कैसे कोई बंदर एक पेड़ वाली कोई भी जानवर से शादी कर सकता है तो यह कुछ परंपराएं बहुत गलत है वैसे ही कुछ परंपराएं कभी भी किसी गांव बहुत सारे गांव में चल रही है कि लड़कियों की शादी 17 18 में करा देते हैं उनका पता नहीं चलता तरह आज भी परंपरा चल रही है ऐसे ही काफी देर में परंपराएं औरतों की आते-आते हूं पर चलने की कि उनसे उनके पतियों की उम्र बड़ी तो यह सब परंपराएं है जो गलत है जिनके पीछे कोई लॉजिक नहीं हैHamare Desh Mein Kafi Aisi Paramparaen Hain Jo Kisi Logic Par Bhej Do Unke Piche Koi Na Koi Logic Hai Lekin Kuch Paramparaen Aaj Bhi Aisi Hain Unke Piche Koi Logic Nahi Hai Bus Wah Pehle Se Chali Aa Rahi Hain To Log Unhen Aaj Bhi Follow Kar Rahe Hain Jaise Ab Aap Dekh Lijiye Holi Holi Mein Ek Haryana Ki Side Hota Hai Ek Dande Se Marte Hain Wah Kyon Marte Kisne Marte Kuch Nahi Pata Waise Dekha Jaye To Kuch Ruk Ja Manglik Hote Hain To Unki Shadi Se Pehle Unki Shadi Kisi Ped Se Ya Kisi Janwar Se Kra Dete Hain Aisa Kyon Nahi Hona Chahiye Unke Self Respect Kaise Koi Bandar Ek Ped Wali Koi Bhi Janwar Se Shadi Kar Sakta Hai To Yeh Kuch Paramparaen Bahut Galat Hai Waise Hi Kuch Paramparaen Kabhi Bhi Kisi Gav Bahut Sare Gav Mein Chal Rahi Hai Ki Ladkiyon Ki Shadi 17 18 Mein Kra Dete Hain Unka Pata Nahi Chalta Tarah Aaj Bhi Parampara Chal Rahi Hai Aise Hi Kafi Der Mein Paramparaen Auraton Ki Aate Aate Hoon Par Chalne Ki Ki Unse Unke Patiyon Ki Umar Badi To Yeh Sab Paramparaen Hai Jo Galat Hai Jinke Piche Koi Logic Nahi Hai
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हमारे देश में कई ऐसी परंपराएं हैं जो कि बहुत अजीब है जैसे कि लड़कियों का 18 साल के बाद शादी कर लेना लड़कों का जॉब लगना वरना उनकी शादी ना होना और भी कई ऐसी परंपराएं हैं जो कि बहुत अजीब है जैसे कि लड...जवाब पढ़िये
हमारे देश में कई ऐसी परंपराएं हैं जो कि बहुत अजीब है जैसे कि लड़कियों का 18 साल के बाद शादी कर लेना लड़कों का जॉब लगना वरना उनकी शादी ना होना और भी कई ऐसी परंपराएं हैं जो कि बहुत अजीब है जैसे कि लड़कियों को बाहर ना जाने देनाHamare Desh Mein Kai Aisi Paramparaen Hain Jo Ki Bahut Ajib Hai Jaise Ki Ladkiyon Ka 18 Saal Ke Baad Shadi Kar Lena Ladko Ka Job Lagna Varana Unki Shadi Na Hona Aur Bhi Kai Aisi Paramparaen Hain Jo Ki Bahut Ajib Hai Jaise Ki Ladkiyon Ko Bahar Na Jaane Dena
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भारत अपनी विविध परंपराओं और विचारों के लिए जग भर में मशहूर है और यह परंपराएं हमें बाकी सब से काफी अलग बनाती हैं देखा जाए तो आजकल के लोग ज्यादातर उन परंपराओं से दूर भागना चाहते हैं क्योंकि उन्हें उन उस...जवाब पढ़िये
भारत अपनी विविध परंपराओं और विचारों के लिए जग भर में मशहूर है और यह परंपराएं हमें बाकी सब से काफी अलग बनाती हैं देखा जाए तो आजकल के लोग ज्यादातर उन परंपराओं से दूर भागना चाहते हैं क्योंकि उन्हें उन उसके पीछे का कारण समझ नहीं आता पर अगर हम उन परंपराओं के अतीत को ध्यानपूर्वक समझें तो हर परंपरा के पीछे एक उद्देश्य होता है एक विशेष कारण होता है या फिर उसमें हमें कोई फायदा होता है पर आजकल किसी के पास इतना वक्त क्या समय नहीं कि उन सब बातों पर गौर कर सके और वह समझ सके और यह सारी परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी से चली आ रही है तो मेरे ख्याल से इसी कारण लोगों ने अपनी सहूलियत के कारण उनमें बदलाव कर दिए हैं जिसकी वजह से अब उन दरवाजों का मूलभाव नष्ट हो चुका है इसीलिए अब उन परंपराओं को जब हम देखते हैं तो हमें लगता है कि उसमें उसका कोई सार नहीं है या उसे का उसका कोई फायदा नहीं हैBharat Apni Vividh Paramparaon Aur Vicharon Ke Liye Jag Bhar Mein Mashoor Hai Aur Yeh Paramparaen Hume Baki Sab Se Kafi Alag Banati Hain Dekha Jaye To Aajkal Ke Log Jyadatar Un Paramparaon Se Dur Bhaagna Chahte Hain Kyonki Unhen Un Uske Piche Ka Kaaran Samajh Nahi Aata Par Agar Hum Un Paramparaon Ke Atit Ko Dhyanpurwak Samajhe To Har Parampara Ke Piche Ek Uddeshya Hota Hai Ek Vishesh Kaaran Hota Hai Ya Phir Usamen Hume Koi Fayda Hota Hai Par Aajkal Kisi Ke Paas Itna Waqt Kya Samay Nahi Ki Un Sab Baaton Par Gaur Kar Sake Aur Wah Samajh Sake Aur Yeh Saree Paramparaen Pidhi Dar Pidhi Se Chali Aa Rahi Hai To Mere Khayal Se Isi Kaaran Logon Ne Apni Sahuliyat Ke Kaaran Unmen Badlav Kar Diye Hain Jiski Wajah Se Ab Un Darwajon Ka Mulbhav Nasht Ho Chuka Hai Isliye Ab Un Paramparaon Ko Jab Hum Dekhte Hain To Hume Lagta Hai Ki Usamen Uska Koi Saar Nahi Hai Ya Use Ka Uska Koi Fayda Nahi Hai
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