रायपुर में एक शिक्षक बताता है कि छोटे कपडे / लिपस्टिक से लड़कियाँ निर्भया प्रकार के बलात्कार को आमंत्रित करती हैं! क्या भारत इस तरह की सोच से कभी ऊपर उठ सकता है? कैसे? ...

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देखिये वैसे तो मैं इस तरीके के जो स्टेटमेंट होते हैं कि लड़कियां जो है लिपस्टिक लगाकर या छोटे कपड़े पहन के जो है वह नहीं घूमना चाहिए और वह इस तरीके से बलात्कारियों को आमंत्रित करती हैं| इस तरीके के जो...जवाब पढ़िये
देखिये वैसे तो मैं इस तरीके के जो स्टेटमेंट होते हैं कि लड़कियां जो है लिपस्टिक लगाकर या छोटे कपड़े पहन के जो है वह नहीं घूमना चाहिए और वह इस तरीके से बलात्कारियों को आमंत्रित करती हैं| इस तरीके के जो वक्तव्य होते हैं जरूर ये पुराने जमाने के लगते हैं लेकिन मैं यह समझता हूं कि इसमें कोई दो राय नहीं कि लड़कियों को प्रॉपरली एड्रेस होना चाहिए| क्योंकि अगर लड़कियां प्रॉपरली ओकेशन के हिसाब से ड्रेस नहीं होती हैं| तो मैं समझता हूं इससे जरूर जो है वह जो लड़के हैं उनको अंदर एक तरीके से बुरी भावनाए वो पैदा करती हैं| तो यह मैं इस बात को हालांकि मैं पूरी तरीके से तो नहीं एक्सेप्ट कर सकता क्योंकि लड़कियां मेरे ख्याल से ज्यादातर 99% लड़कियां इस बात में सजग होती हैं कि उनको क्या पहनना चाहिए और क्या उनके लिए अच्छा है? लेकिन फिर भी मैं समझता हूं कि लड़कियों की भी जिम्मेदारी है कि अपने को प्रॉपरली ट्रेस करें खासतौर से जब वह पब्लिक प्लेसेस पर रहती हैं| क्योंकि अगर प्रॉपरली ड्रेस नहीं होंगी तो लड़के जो होते हैं उनको एक डिफरेंट टाइप की लड़की समझते हैं और कई बार उस चक्कर में भी जो है उनको इस तरीके के बलात्कार या इस तरीके की चीजों का सामना करना पड़ सकता है|Dekhiye Waise To Main Is Tarike Ke Jo Statement Hote Hain Ki Ladkiyan Jo Hai Lipstick Lagakar Ya Chote Kapde Pahan Ke Jo Hai Wah Nahi Ghumana Chahiye Aur Wah Is Tarike Se Balatkariyo Ko Aamantrit Karti Hain Is Tarike Ke Jo Vaktavya Hote Hain Jarur Ye Purane Jamaane Ke Lagte Hain Lekin Main Yeh Samajhata Hoon Ki Isme Koi Do Rai Nahi Ki Ladkiyon Ko Praparali Address Hona Chahiye Kyonki Agar Ladkiyan Praparali Okeshan Ke Hisab Se Dress Nahi Hoti Hain To Main Samajhata Hoon Isse Jarur Jo Hai Wah Jo Ladke Hain Unko Andar Ek Tarike Se Buri Bhavanaye Vo Paida Karti Hain To Yeh Main Is Baat Ko Halanki Main Puri Tarike Se To Nahi Except Kar Sakta Kyonki Ladkiyan Mere Khayal Se Jyadatar 99% Ladkiyan Is Baat Mein Sajag Hoti Hain Ki Unko Kya Pahanna Chahiye Aur Kya Unke Liye Accha Hai Lekin Phir Bhi Main Samajhata Hoon Ki Ladkiyon Ki Bhi Jimmedari Hai Ki Apne Ko Praparali Trays Karen Khaastaur Se Jab Wah Public Places Par Rehti Hain Kyonki Agar Praparali Dress Nahi Hongi To Ladke Jo Hote Hain Unko Ek Different Type Ki Ladki Samajhte Hain Aur Kai Baar Us Chakkar Mein Bhi Jo Hai Unko Is Tarike Ke Balatkar Ya Is Tarike Ki Chijon Ka Samana Karna Padh Sakta Hai
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देखिए अर्जुन रायपुर में एक शिक्षक ने बताया कि छोटे कपड़े और लिपस्टिक से लड़कियां निर्भया प्रकार के बलात्कार को हम आमंत्रित करते हैं देखे तुम्हें कि मैं इस बात से बिल्कुल भी नहीं करती आर 227 10 क्योंकि...जवाब पढ़िये
देखिए अर्जुन रायपुर में एक शिक्षक ने बताया कि छोटे कपड़े और लिपस्टिक से लड़कियां निर्भया प्रकार के बलात्कार को हम आमंत्रित करते हैं देखे तुम्हें कि मैं इस बात से बिल्कुल भी नहीं करती आर 227 10 क्योंकि ऐसा बिल्कुल नहीं है लड़कियां किसी भी प्रकार से किसी भी वैसे यह नहीं चाहेंगे कि उनका भारत का बलात्कार हूं और मैं किसी भी ऐसे किसी भी कुछ भी पहन की कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे जिसे वह चाहे कि उनके साथ रेप हो तो ऐसा तो नहीं है कि लड़कियां इनवाइट करती है ऐसे छोटे कपड़े पहन के आ लिपस्टिक लगाकर क्योंकि क्योंकि लड़कियां नहीं खाएंगे उनकी इज्जत के साथ या उनके साथ कोई जबर्दस्ती करें तो यह सोच बिल्कुल ही गलत है और भारत इस तरह की सोच से कभी ऊपर उठ सकता है या नहीं इसके बारे में बस इतना कहना चाहूंगी कि भारत को ऐसी सोच से ऊपर उठना पड़ेगा क्योंकि फोटो बहुत ही गिरी हुई और बहुत ही ज्यादा अच्छी सोच है आज जो अवैध लोगों की यह सोच है और दो हमको सेंचुरी में जी रहे हैं लेकिन काफी लोग भारत में काफी ज्यादा आलू कैसे हैं शायद 50% लोग ऐसे हैं जो ऐसा सोचते हैं पर ऐसा बिल्कुल गलत है और इस चीज से ऊपर उठाना पड़ेगा और मुझको ऐसा लगता है कि जब लड़कियां अपने हक के लिए लड़ेंगे जब लड़कियां अपने राइट के लिए लड़ेंगे जब भारत के वासियों को पता लगेगा कि लड़कियां भी आवाज उठा सकते हैं सिर्फ तभी भारत इस प्रकार की सोच ऊपर उठेगाDekhie Arjun Raipur Mein Ek Shikshak Ne Bataya Ki Chote Kapde Aur Lipstick Se Ladkiyan Nirbhaya Prakar Ke Balatkar Ko Hum Aamantrit Karte Hain Dekhe Tumhein Ki Main Is Baat Se Bilkul Bhi Nahi Karti R 227 10 Kyonki Aisa Bilkul Nahi Hai Ladkiyan Kisi Bhi Prakar Se Kisi Bhi Waise Yeh Nahi Chahenge Ki Unka Bharat Ka Balatkar Hoon Aur Main Kisi Bhi Aise Kisi Bhi Kuch Bhi Pahan Ki Kuch Bhi Aisa Nahi Karenge Jise Wah Chahe Ki Unke Saath Rape Ho To Aisa To Nahi Hai Ki Ladkiyan Invite Karti Hai Aise Chote Kapde Pahan Ke Aa Lipstick Lagakar Kyonki Kyonki Ladkiyan Nahi Khayenge Unki Izzat Ke Saath Ya Unke Saath Koi Jabardasti Karen To Yeh Soch Bilkul Hi Galat Hai Aur Bharat Is Tarah Ki Soch Se Kabhi Upar Uth Sakta Hai Ya Nahi Iske Baare Mein Bus Itna Kehna Chahungi Ki Bharat Ko Aisi Soch Se Upar Uthana Padega Kyonki Photo Bahut Hi Giri Hui Aur Bahut Hi Jyada Acchi Soch Hai Aaj Jo Awaidh Logon Ki Yeh Soch Hai Aur Do Hamko Century Mein Ji Rahe Hain Lekin Kafi Log Bharat Mein Kafi Jyada Aalu Kaise Hain Shayad 50% Log Aise Hain Jo Aisa Sochte Hain Par Aisa Bilkul Galat Hai Aur Is Cheez Se Upar Uthaana Padega Aur Mujhko Aisa Lagta Hai Ki Jab Ladkiyan Apne Haq Ke Liye Ladenge Jab Ladkiyan Apne Right Ke Liye Ladenge Jab Bharat Ke Vasiyo Ko Pata Lagega Ki Ladkiyan Bhi Aawaj Utha Sakte Hain Sirf Tabhi Bharat Is Prakar Ki Soch Upar Uthega
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देखिये मेरे को लगता है कि भारत इस तरह की सोच से बिल्कुल उठ सकता है और उसके लिए हमें लोगों को ब्लेम करना छोड़ना होगा और पहले खुद की सोच के अंदर है से यह कहीं ना कहीं से बाहर निकालना होगा| हाँ मैं मानती...जवाब पढ़िये
देखिये मेरे को लगता है कि भारत इस तरह की सोच से बिल्कुल उठ सकता है और उसके लिए हमें लोगों को ब्लेम करना छोड़ना होगा और पहले खुद की सोच के अंदर है से यह कहीं ना कहीं से बाहर निकालना होगा| हाँ मैं मानती हूं कि हम सब लोग ये बोलते जरूर है कि हम लोग इस तरह की सोच नहीं रखते| पर हमें इस चीज के बारे में सोचना होगा और उस सोच को निकालना होगा कि कहीं ना कहीं हम इस तरह की सोच रखते हैं तभी शायद से हम प्रीकॉशंस लेने की कोशिश करते हैं जो हमें लेने भी चाहिए| पर हमें यह देखना चाहिए कि हमें उन प्रिकॉशन को लेने की जरूरत ना पड़े| हमें ऐसा भारत बनाने के लिए किस सोच को रखना चाहिए और हमें लोगों के दिमाग में वह सोच कैसे डालनी है? तो मैं तो यह पूछ सकती हूं कि अगर आप चाहेंगे कि यह सोच एक दम से आ जाए वह नहीं आ पाएगी, क्योंकि वह चीज बहुत मुश्किल होने वाली है| पर हां हम अपनी नेक्स्ट जनरेशन को ये सिखा सकते हैं अपने आसपास के लोगों को यह सिखा सकते हैं कि वह भी अपनी नेक्स्ट जनरेशन को ये सिखाए और वह भी अपने आसपास के लोगों यही सिखाए की सोच बदलने की जरूरत इस समय पर बहुत ज्यादा है| अगर यह सोच नहीं बदली गई तो आज तो फिर लोग सुरक्षित हैं पर कल को कोई भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा| अगर वह चाहते हैं कि उनके आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहें तो सोच को बदलना हमें आजसे शुरू करना पड़ेगा ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहें| और जिस तरह की ये सोच और जिस तरह का यह जो शिक्षक ने यह जो भी स्टेटमेंट पास करी है| मुझे लगता है कि उस शिक्षकों को भी कहीं बैठा कर समझाना चाहिए क्योंकि अगर हम लोग उनके बारे में यहां बात करेंगे तो उन्हें नहीं पता चलेगा पर हमें उनसे खुद बात कर कर उन्हें समझाना चाहिए कि सोच बदलने की जरूरत सबसे पहले उस शिक्षक को है क्यूंकि शिक्षक ही बच्चों का मार्ग सेट करते हैं|Dekhiye Mere Ko Lagta Hai Ki Bharat Is Tarah Ki Soch Se Bilkul Uth Sakta Hai Aur Uske Liye Hume Logon Ko Blame Karna Chodna Hoga Aur Pehle Khud Ki Soch Ke Andar Hai Se Yeh Kahin Na Kahin Se Bahar Nikalna Hoga Haan Main Maanati Hoon Ki Hum Sab Log Ye Bolte Jarur Hai Ki Hum Log Is Tarah Ki Soch Nahi Rakhate Par Hume Is Cheez Ke Baare Mein Sochna Hoga Aur Us Soch Ko Nikalna Hoga Ki Kahin Na Kahin Hum Is Tarah Ki Soch Rakhate Hain Tabhi Shayad Se Hum Precautions Lene Ki Koshish Karte Hain Jo Hume Lene Bhi Chahiye Par Hume Yeh Dekhna Chahiye Ki Hume Un Precaution Ko Lene Ki Zaroorat Na Pade Hume Aisa Bharat Banane Ke Liye Kis Soch Ko Rakhna Chahiye Aur Hume Logon Ke Dimag Mein Wah Soch Kaise Daalanee Hai To Main To Yeh Pooch Sakti Hoon Ki Agar Aap Chahenge Ki Yeh Soch Ek Dum Se Aa Jaye Wah Nahi Aa Payegi Kyonki Wah Cheez Bahut Mushkil Hone Wali Hai Par Haan Hum Apni Next Generation Ko Ye Sikha Sakte Hain Apne Aaspass Ke Logon Ko Yeh Sikha Sakte Hain Ki Wah Bhi Apni Next Generation Ko Ye Sikhaye Aur Wah Bhi Apne Aaspass Ke Logon Yahi Sikhaye Ki Soch Badalne Ki Zaroorat Is Samay Par Bahut Jyada Hai Agar Yeh Soch Nahi Badli Gayi To Aaj To Phir Log Surakshit Hain Par Kal Ko Koi Bhi Surakshit Nahi Rah Payega Agar Wah Chahte Hain Ki Unke Aane Wali Pidhi Surakshit Rahen To Soch Ko Badalna Hume Ajase Shuru Karna Padega Taki Hamari Aane Wali Pidhi Surakshit Rahen Aur Jis Tarah Ki Ye Soch Aur Jis Tarah Ka Yeh Jo Shikshak Ne Yeh Jo Bhi Statement Paas Kari Hai Mujhe Lagta Hai Ki Us Shikshakon Ko Bhi Kahin Baitha Kar Samajhana Chahiye Kyonki Agar Hum Log Unke Baare Mein Yahan Baat Karenge To Unhen Nahi Pata Chalega Par Hume Unse Khud Baat Kar Kar Unhen Samajhana Chahiye Ki Soch Badalne Ki Zaroorat Sabse Pehle Us Shikshak Ko Hai Kyunki Shikshak Hi Bacchon Ka Marg Set Karte Hain
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देखिए सबसे पहले तो क्या करना चाहिए यह सोच से ऊपर उठने के लिए, कि ऐसे लोगों को शिक्षक जैसी ऊंची पोस्ट पर से हटा दीजिए| यह लोग कुछ करने के लायक नहीं है, यह झाड़ू पोछा भी नहीं कर सकते| ऐसी मानसिकता वाले ...जवाब पढ़िये
देखिए सबसे पहले तो क्या करना चाहिए यह सोच से ऊपर उठने के लिए, कि ऐसे लोगों को शिक्षक जैसी ऊंची पोस्ट पर से हटा दीजिए| यह लोग कुछ करने के लायक नहीं है, यह झाड़ू पोछा भी नहीं कर सकते| ऐसी मानसिकता वाले लोगों की जरूरत हमे बिल्कुल भी नहीं है| कोई कैसे सोच सकता है कि कोई लड़की अगर छोटे कपड़े पहनती है, लिपस्टिक पहनती है तो वह यह कह रही है कि आके मेरा रेप करो? क्या एक मर्द के अंदर इतनी भी सेल्फ कंट्रोल नहीं है इतना भी उसका खुद पर कंट्रोल नहीं है कि वह सोच सके कि उसकी बहन, बेटी, पत्नी के साथ ऐसा कुछ हो जाए तो| इस मानसिकता से ऊपर उठने के लिए सबसे पहले शिक्षा पर पुरजोर जोर दिया जाए, बिना शिक्षा की कोई भी चीज पॉसिबल नहीं है दूसरा लड़कों को या लड़कियों को भी एक्चुअली समझाया जाए की फिजिकल रिलेशनशिप बहुत ही मतलब वह बायस चीज है| आप किसी से प्यार करते हैं तो आप समझते हैं कि आप इतने कम्फर्ट टेबल है कि आप फिजिकल रिलेशनशिप बना सके| किसी के साथ फोर्स फुल्ली ऐसा कुछ करना इस से तो सर ज्यादा बुरा कुछ भी नहीं हो सकता| यह सोच से ऊपर उठने के लिए शिक्षा में बदलाव लाइए, सेक्स एजुकेशन स्कूलों में लागू कीजिए, जो कि अभी नहीं होती| बच्चों में झिझक रहती है वह सवाल पूछ ही नहीं पाते इस बारे में| दूसरी चीज इतने स्ट्रिक्ट रूल बनाइये कि ऐसा कोई कुछ करने का सोचे भी तो उसे काट डालिए, फांसी दे दीजिए, कुछ भी करिये| उसको इतनी बदतर जिंदगी मिले कि कभी वह सोच भी ना पाए ऐसे कुछ स्टेप्स ले कर ही हम उपर उठ सकते हैं|Dekhie Sabse Pehle To Kya Karna Chahiye Yeh Soch Se Upar Uthane Ke Liye Ki Aise Logon Ko Shikshak Jaisi Unchi Post Par Se Hata Dijiye Yeh Log Kuch Karne Ke Layak Nahi Hai Yeh Jhadu Pochaa Bhi Nahi Kar Sakte Aisi Mansikta Wale Logon Ki Zaroorat Hume Bilkul Bhi Nahi Hai Koi Kaise Soch Sakta Hai Ki Koi Ladki Agar Chote Kapde Pahanti Hai Lipstick Pahanti Hai To Wah Yeh Keh Rahi Hai Ki Aake Mera Rape Karo Kya Ek Mard Ke Andar Itni Bhi Self Control Nahi Hai Itna Bhi Uska Khud Par Control Nahi Hai Ki Wah Soch Sake Ki Uski Behen Beti Patni Ke Saath Aisa Kuch Ho Jaye To Is Mansikta Se Upar Uthane Ke Liye Sabse Pehle Shiksha Par Purjor Jor Diya Jaye Bina Shiksha Ki Koi Bhi Cheez Possible Nahi Hai Doosra Ladko Ko Ya Ladkiyon Ko Bhi Actually Samjhaya Jaye Ki Physical Relationship Bahut Hi Matlab Wah Bayas Cheez Hai Aap Kisi Se Pyar Karte Hain To Aap Samajhte Hain Ki Aap Itne Comfort Table Hai Ki Aap Physical Relationship Bana Sake Kisi Ke Saath Force Fully Aisa Kuch Karna Is Se To Sar Jyada Bura Kuch Bhi Nahi Ho Sakta Yeh Soch Se Upar Uthane Ke Liye Shiksha Mein Badlav Laiye Sex Education Schoolon Mein Laagu Kijiye Jo Ki Abhi Nahi Hoti Bacchon Mein Jhijhak Rehti Hai Wah Sawal Pooch Hi Nahi Paate Is Baare Mein Dusri Cheez Itne Strict Rule Banaiye Ki Aisa Koi Kuch Karne Ka Soche Bhi To Use Kaat Daaliye Fansi De Dijiye Kuch Bhi Kariye Usko Itni Badataar Zindagi Mile Ki Kabhi Wah Soch Bhi Na Paye Aise Kuch Steps Le Kar Hi Hum Upar Uth Sakte Hain
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देखिए रायपुर में एक शिक्षक ने जो कहा है कि छोटे कपड़े लिपस्टिक से लड़कियों निर्भय निर्भय प्रकार के बलात्कार को आमंत्रित करती हो मेरे हिसाब से बिल्कुल बेकार बिहुला दिया फिर हम एक भी प्रकार की गंदी मानस...जवाब पढ़िये
देखिए रायपुर में एक शिक्षक ने जो कहा है कि छोटे कपड़े लिपस्टिक से लड़कियों निर्भय निर्भय प्रकार के बलात्कार को आमंत्रित करती हो मेरे हिसाब से बिल्कुल बेकार बिहुला दिया फिर हम एक भी प्रकार की गंदी मानसिकता हम कह सकते हैं जब तक बाद में इस तरह की सोच होगी तब तक जो है भारत में बलात्कार जो है वह कम नहीं हो गया बलात्कार जब रुकने का नाम नहीं लेगा क्योंकि ऐसे ऐसे लोगों की मानसिकता के कारण ही भारत में हुए बलात्कार होते हैं अगर लड़की जो है रतन पता है कि वह कुछ भी करें कुछ भी करें इसका मतलब यह नहीं है किसका बलात्कार होना चाहिए मुझे छोटे कपड़े पहने या पन्ना पहनने मुझे लिपस्टिक लगा है या नहीं लगा है वह चाहे किसी भी प्रकार का है ऐसा करें किसी भी प्रकार की लाइफ स्टाइल चाहिए उसका मतलब यह नहीं है क्यों बलात्कार को आमंत्रित करती है बलात्कार जो है वह एक बहुत बहुत बहुत गंदा जुर्म है और जिस प्रकार से रायपुर के एक शिक्षक ने कहा है वह बिल्कुल बेबुनियाद है और इस बात में बिल्कुल भी सच नहीं है बल्कि मुझे अब तक भारत में इस तरह की सोच होगी तब तक भारत में बलात्कार हो गया लेकिन मुझे नहीं लगता है कि भारत की जो सोच भारत की इस सोच से जो है कभी उठ सकती है भारत जय सोच कभी उठ सकता है किंतु जब तक हम लोग लोगों को मान सकता के बारे में नाम बताएं हमको माइंड सेट के बारे में ना बताकर मेंटलिटी जब तक भारत भारत के रहने वालों के नहीं सुधरेगी तब तक जो है यह भारत जो इस तरह की सोच कभी ऊपर नहीं हो सकता है अगर भारत के तरीके से कुछ सोच के ऊपर उठना है तो उन्हें सेक्स एजुकेशन स्कूल और कॉलेज गर्ल्स में लाना पड़ेगा लोगों को बताना होगा कि महिलाओं का मान सम्मान कैसे करते हैं सुबह ही नहीं उन्हें यह भी बताना होगा की मेंटलिटी फ्रॉम इंटरनेट क्या होती है सही मेंटलिटी क्या होती है और खाना खा पर जातक लोगों की मानसिकता विचार नहीं बदलेंगे अगर तब तक ऐसा होता रहेगा और लोगों के माइंड सेट और विचार भी बदलनी चाहिएDekhie Raipur Mein Ek Shikshak Ne Jo Kaha Hai Ki Chote Kapde Lipstick Se Ladkiyon Nirbhay Nirbhay Prakar Ke Balatkar Ko Aamantrit Karti Ho Mere Hisab Se Bilkul Bekar Bihula Diya Phir Hum Ek Bhi Prakar Ki Gandi Mansikta Hum Keh Sakte Hain Jab Tak Baad Mein Is Tarah Ki Soch Hogi Tab Tak Jo Hai Bharat Mein Balatkar Jo Hai Wah Kum Nahi Ho Gaya Balatkar Jab Rukane Ka Naam Nahi Lega Kyonki Aise Aise Logon Ki Mansikta Ke Kaaran Hi Bharat Mein Hue Balatkar Hote Hain Agar Ladki Jo Hai Ratan Pata Hai Ki Wah Kuch Bhi Karen Kuch Bhi Karen Iska Matlab Yeh Nahi Hai Kiska Balatkar Hona Chahiye Mujhe Chote Kapde Pahane Ya Panna Pahanne Mujhe Lipstick Laga Hai Ya Nahi Laga Hai Wah Chahe Kisi Bhi Prakar Ka Hai Aisa Karen Kisi Bhi Prakar Ki Life Style Chahiye Uska Matlab Yeh Nahi Hai Kyun Balatkar Ko Aamantrit Karti Hai Balatkar Jo Hai Wah Ek Bahut Bahut Bahut Ganda Jurm Hai Aur Jis Prakar Se Raipur Ke Ek Shikshak Ne Kaha Hai Wah Bilkul Bebuniyad Hai Aur Is Baat Mein Bilkul Bhi Sach Nahi Hai Balki Mujhe Ab Tak Bharat Mein Is Tarah Ki Soch Hogi Tab Tak Bharat Mein Balatkar Ho Gaya Lekin Mujhe Nahi Lagta Hai Ki Bharat Ki Jo Soch Bharat Ki Is Soch Se Jo Hai Kabhi Uth Sakti Hai Bharat Jai Soch Kabhi Uth Sakta Hai Kintu Jab Tak Hum Log Logon Ko Maan Sakta Ke Baare Mein Naam Bataen Hamko Mind Set Ke Baare Mein Na Batakar Mentaliti Jab Tak Bharat Bharat Ke Rehne Walon Ke Nahi Sudharegi Tab Tak Jo Hai Yeh Bharat Jo Is Tarah Ki Soch Kabhi Upar Nahi Ho Sakta Hai Agar Bharat Ke Tarike Se Kuch Soch Ke Upar Uthana Hai To Unhen Sex Education School Aur College Girls Mein Lana Padega Logon Ko Batana Hoga Ki Mahilaon Ka Maan Samman Kaise Karte Hain Subah Hi Nahi Unhen Yeh Bhi Batana Hoga Ki Mentaliti From Internet Kya Hoti Hai Sahi Mentaliti Kya Hoti Hai Aur Khana Kha Par Jatak Logon Ki Mansikta Vichar Nahi Badalenge Agar Tab Tak Aisa Hota Rahega Aur Logon Ke Mind Set Aur Vichar Bhi Badalni Chahiye
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अरे दिखे मेरे को लगता है लड़कियां क्या पहनती है क्या लगाती है क्या करती है यह तब उनका चाय से जैसे हमारे पास अपना चाहता है वैसे उनके पास भी अपने मजे कपड़े पहनने का चौहान चौहान डिपेंड करता है देखने वाले...जवाब पढ़िये
अरे दिखे मेरे को लगता है लड़कियां क्या पहनती है क्या लगाती है क्या करती है यह तब उनका चाय से जैसे हमारे पास अपना चाहता है वैसे उनके पास भी अपने मजे कपड़े पहनने का चौहान चौहान डिपेंड करता है देखने वाले पर कि कि उसे उसकी नजर कैसी है उसकी नियत कैसी है उसके दिमाग में क्या कचरा भरा है वह लड़की पर निर्भर नहीं करते हो उनको भी आज के डेट में इंडिपेंडेंस है कि वह क्या चाहती है वह पहन सकती है ना कि वह लड़के के हिसाब से पहने है कि लड़का किस में कंफर्टेबल लड़के को लड़की वह कपड़े पहनती है तो चैटिंग नहीं आती है दूसरा कपड़ा पहनते तो मैसेज नहीं आती है तो यह लड़कों की गलती ना की लड़कियों की गलती है और जहां तक बात है ऐसी नींद तो उसकी तो मैं समझता हूं कि ऐसे नहीं सोचते भारत को जो है यह थोड़ा किनारा करना पड़ेगा और रही है ऐसी सोच को हटानी पड़ेगी अगर हमको अपने देश के विकास और उन्नति की चिंता है तोArre Dikhe Mere Ko Lagta Hai Ladkiyan Kya Pahanti Hai Kya Lagati Hai Kya Karti Hai Yeh Tab Unka Chai Se Jaise Hamare Paas Apna Chahta Hai Waise Unke Paas Bhi Apne Maje Kapde Pahanne Ka Chauhan Chauhan Depend Karta Hai Dekhne Wale Par Ki Ki Use Uski Nazar Kaisi Hai Uski Niyat Kaisi Hai Uske Dimag Mein Kya Kachra Bhara Hai Wah Ladki Par Nirbhar Nahi Karte Ho Unko Bhi Aaj Ke Date Mein Independence Hai Ki Wah Kya Chahti Hai Wah Pahan Sakti Hai Na Ki Wah Ladke Ke Hisab Se Pahane Hai Ki Ladka Kis Mein Kamfartebal Ladke Ko Ladki Wah Kapde Pahanti Hai To Chatting Nahi Aati Hai Doosra Kapda Pehente To Massage Nahi Aati Hai To Yeh Ladko Ki Galti Na Ki Ladkiyon Ki Galti Hai Aur Jahan Tak Baat Hai Aisi Neend To Uski To Main Samajhata Hoon Ki Aise Nahi Sochte Bharat Ko Jo Hai Yeh Thoda Kinara Karna Padega Aur Rahi Hai Aisi Soch Ko Hataani Padegi Agar Hamko Apne Desh Ke Vikash Aur Unnati Ki Chinta Hai To
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देखिए मेरा मानना यह है कि भारत इस प्रकार की सोच से बिल्कुल ऊपर उठ सकता है क्योंकि ज्यादातर जो रेप के केस भारत में होते आए हैं वह सिर्फ और सिर्फ लड़कों की गलत सोच की वजह से होते हैं क्योंकि लड़कियों का...जवाब पढ़िये
देखिए मेरा मानना यह है कि भारत इस प्रकार की सोच से बिल्कुल ऊपर उठ सकता है क्योंकि ज्यादातर जो रेप के केस भारत में होते आए हैं वह सिर्फ और सिर्फ लड़कों की गलत सोच की वजह से होते हैं क्योंकि लड़कियों का छोटे कपड़े पहनना अलग अलग टाइप के फैशन करना यह आजकल के जमाने में कोई भी गलत बात नहीं है तो हम लोगों को एक माता-पिता के तौर पर अपने बच्चों को यह चीज समझा नहीं चाहिए छोटी उम्र से नहीं की कभी गलत नहीं सोचना चाहिए लड़कियों को अच्छी नजर से देखना चाहिए और सब को बराबर डिलीट करना चाहिए गलत सोच ही है जो रेप को आमंत्रित करती है तो इस गलत सोच को रोककर भारत बिल्कुल आगे बढ़ सकता हैDekhie Mera Manana Yeh Hai Ki Bharat Is Prakar Ki Soch Se Bilkul Upar Uth Sakta Hai Kyonki Jyadatar Jo Rape Ke Case Bharat Mein Hote Aaye Hain Wah Sirf Aur Sirf Ladko Ki Galat Soch Ki Wajah Se Hote Hain Kyonki Ladkiyon Ka Chote Kapde Pahanna Alag Alag Type Ke Fashion Karna Yeh Aajkal Ke Jamaane Mein Koi Bhi Galat Baat Nahi Hai To Hum Logon Ko Ek Mata Pita Ke Taur Par Apne Bacchon Ko Yeh Cheez Samjha Nahi Chahiye Choti Umar Se Nahi Ki Kabhi Galat Nahi Sochna Chahiye Ladkiyon Ko Acchi Nazar Se Dekhna Chahiye Aur Sab Ko Barabar Delete Karna Chahiye Galat Soch Hi Hai Jo Rape Ko Aamantrit Karti Hai To Is Galat Soch Ko Rokakar Bharat Bilkul Aage Badh Sakta Hai
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