क्या वह समय अब आ गया है कि हमारे संविधान में बदलाव होना चाहिए ? ...

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संविधान में बदलाव से पहले हमें यह सोचना चाहिए कि क्या सच में संविधान में इतनी ज्यादा बदलाव की जरूरत है या पूरे के पूरे संविधान में बदलाव की जरूरत है? आपको एक इंटरेस्टिंग फेक्ट बताता हूं जब से हमारा संविधान बना है इतनी सारी उसमें अनुच्छेद तथा भाग है इतना बड़ा संविधान पहली बात तो दुनिया किस देश का है ही नहीं और इतने सारे संविधानों को देखकर संविधान को बनाया गया है कि इसमें जो कभी-कभी जो परेशानी होती है उसको थोड़ी संशोधन के साथ सही कर लिया जाता है| इतनी सारी कंट्री जो है उनका पूरा का पूरा संविधान चेंज हो गया| लेकिन हमारी कंट्री एक ऐसी कंट्री है जिसका संविधान जब से बना है, तब से वैसा का वैसा ही है और हमारे देश में कभी कोई इतनी ज्यादा खराब परिस्थिति नहीं आई| हो सकता है कि आपातकाल की स्थिति या उसके पहले जब युद्ध छिड़ा था पाकिस्तान से उस समय की स्थिति थोड़ी खराब थी, लेकिन उसे संविधान पर कोई इफ़ेक्ट नहीं आया| मुझे लगता है कि जैसे कि नेपाल में भी संविधान परिवर्तित किया गया, यूरोपियन कंट्रीज में कुछ परिवर्तन किया गया, अफ्रीकन कंट्रीज में काफी संविधान चेंज किया गया तो मुझे लगता नहीं है कि भारत में संविधान परिवर्तन करने की कोई जरूरत है| भारत का संविधान अच्छा है और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में भारत को स्थापित करने में संविधान का बहुत बड़ा योगदान है| आखरी बात यही आ जाती है कि हमें लोकतंत्र होना चाहिए, संविधान हमें लोकतंत्र बनाता है, एक राइट देता है हमें इंसान होने के लिए, मानव अधिकार देता है| इसके अलावा उसमें सभी को समानता इक्वालिटी दी गई है तो संविधान में बदलने की आवश्यकता नहीं है| सम्मान करना चाहिए संविधान में दी हुई हर चीज का, संविधान का सम्मान करना चाहिए और अपनी सोच को थोड़ा डेवलप करना चाहिए| संविधान को परिवर्तित करने से अगर आप की नौकरी लग जाती है, तो मैं कहूंगा कि आज ही परिवर्तित कर दीजिए| लेकिन उसे नौकरी मिलेगी कि उससे आपका रोजगार नहीं मिलेगा उस से अब तक खाना नहीं भरेगा आप उन चीजों के बारे में सोचिए जो सच में देश के लिए एस्सेन्शिअल है धन्यवाद|Samvidhan Mein Badlav Se Pehle Hume Yeh Sochna Chahiye Ki Kya Sach Mein Samvidhan Mein Itni Jyada Badlav Ki Zaroorat Hai Ya Poore Ke Poore Samvidhan Mein Badlav Ki Zaroorat Hai Aapko Ek Interesting Fekt Batata Hoon Jab Se Hamara Samvidhan Bana Hai Itni Saree Usamen Anuched Tatha Bhag Hai Itna Bada Samvidhan Pehli Baat To Duniya Kis Desh Ka Hai Hi Nahi Aur Itne Sare Sanvidhanon Ko Dekhkar Samvidhan Ko Banaya Gaya Hai Ki Isme Jo Kabhi Kabhi Jo Pareshani Hoti Hai Usko Thodi Sanshodhan Ke Saath Sahi Kar Liya Jata Hai Itni Saree Country Jo Hai Unka Pura Ka Pura Samvidhan Change Ho Gaya Lekin Hamari Country Ek Aisi Country Hai Jiska Samvidhan Jab Se Bana Hai Tab Se Waisa Ka Waisa Hi Hai Aur Hamare Desh Mein Kabhi Koi Itni Jyada Kharab Paristhiti Nahi Eye Ho Sakta Hai Ki Aapatkal Ki Sthiti Ya Uske Pehle Jab Yudh Chida Tha Pakistan Se Us Samay Ki Sthiti Thori Kharab Thi Lekin Use Samvidhan Par Koi Effect Nahi Aaya Mujhe Lagta Hai Ki Jaise Ki Nepal Mein Bhi Samvidhan Parivartit Kiya Gaya European Countries Mein Kuch Pariwartan Kiya Gaya African Countries Mein Kafi Samvidhan Change Kiya Gaya To Mujhe Lagta Nahi Hai Ki Bharat Mein Samvidhan Pariwartan Karne Ki Koi Zaroorat Hai Bharat Ka Samvidhan Accha Hai Aur Loktantrik Ganrajya Ke Roop Mein Bharat Ko Sthapit Karne Mein Samvidhan Ka Bahut Bada Yogdan Hai Aakhri Baat Yahi Aa Jati Hai Ki Hume Loktantra Hona Chahiye Samvidhan Hume Loktantra Banata Hai Ek Right Deta Hai Hume Insaan Hone Ke Liye Manav Adhikaar Deta Hai Iske Alava Usamen Sabhi Ko Samanata Ikwaliti Di Gayi Hai To Samvidhan Mein Badalne Ki Avashyakta Nahi Hai Samman Karna Chahiye Samvidhan Mein Di Hui Har Cheez Ka Samvidhan Ka Samman Karna Chahiye Aur Apni Soch Ko Thoda Develop Karna Chahiye Samvidhan Ko Parivartit Karne Se Agar Aap Ki Naukri Lag Jati Hai To Main Kahunga Ki Aaj Hi Parivartit Kar Dijiye Lekin Use Naukri Milegi Ki Usse Aapka Rojgar Nahi Milega Us Se Ab Tak Khana Nahi Bharega Aap Un Chijon Ke Baare Mein Sochie Jo Sach Mein Desh Ke Liye Essenshial Hai Dhanyavad
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तिथि परिवर्तन जो है वह प्रकृति का नियम है इंग्लिश में बोलते ना चेंज द यूनिवर्सल कांस्टेंट परिवर्तन तो आदत है वह तो होता ही रहेगा तू जैसे से परिवर्तन होता जाता है और उसी तरीके से हमारे रीति रिवाजों और संविधान में भी परिवर्तन होता है इसलिए 70 साल में हमारे संविधान में कितने संशोधन हो चुके हैं आप पढ़ लीजिए संविधान में कब परिवर्तन नहीं हुआ है तो ऐसे तो कोई बात नहीं किया आज कुछ अलग समय आ गया है आज ही परिवर्तन की जरूरत है हमारे संविधान में संशोधन होते रहें और आगे भी होते रहेंगेTithi Pariwartan Jo Hai Wah Prakriti Ka Niyam Hai English Mein Bolte Na Change D Universal Kanstent Pariwartan To Aadat Hai Wah To Hota Hi Rahega Tu Jaise Se Pariwartan Hota Jata Hai Aur Ussi Tarike Se Hamare Riti Rivajon Aur Samvidhan Mein Bhi Pariwartan Hota Hai Isliye 70 Saal Mein Hamare Samvidhan Mein Kitne Sanshodhan Ho Chuke Hain Aap Padh Lijiye Samvidhan Mein Kab Pariwartan Nahi Hua Hai To Aise To Koi Baat Nahi Kiya Aaj Kuch Alag Samay Aa Gaya Hai Aaj Hi Pariwartan Ki Zaroorat Hai Hamare Samvidhan Mein Sanshodhan Hote Rahen Aur Aage Bhi Hote Rahenge
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ऐसा नहीं है कि समय के साथ-साथ हमारे संविधान में बदलाव नहीं होते और बल्कि अब तक बहुत सारे अमेंडमेंट हो तुम हो चुके हैं कॉन्स्टिट्यूशन में और उनको पूरी तरह से फॉलो पेश किया जा रहा है यह बात बिल्कुल सच है कि समय के साथ बदलाव बहुत ज्यादा जरूरी चीज है और हमारे नेता और हमारे कॉन्स्टिट्यूशन मेकस विश्वास को बहुत अच्छे से जानते हैं और इसकी वजह से बहुत सारे बदलाव हो चुके हैं बहुत सारे अमेंडमेंट हमने देखे हैं और जैसे कुछ एग्जांपल हम ले सकते हैं कि सती पहले एक इल्लीगल नहीं माना जाता था बल्कि आप सभी को इल्लीगल कर दिया गया और उसके बाद अभी हम ट्रिपल तलाक को भी देखना ट्रिपल तलाक को भी अभी अभी निकल कर दिया गया है और उस समय की तकनीकी हिसाब से राइट टू प्राइवेसी बुलाया गया है और जो कि अभी अभी देश में आया है उसके अलावा और बहुत सी ऐसी चीज है जिसमें हमारा देश तरक्की कर रहा है संविधान में बदलाव हो रहे हैं तो मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि यह समय के साथ-साथ संविधान में बदलाव बहुत जरूरी है और वह देश के हित के लिए ही होने चाहिए लेकिन जो आप कह किस समय आ गया है कि हमारे संविधान में बदलाव होना चाहिए तो यह पूरी तरह से सच है कि बदलाव हो रहे हैं जितने होने चाहिए और जो तू जरूरी है तो मेरा मानना है कि बदलाव हो रहे हैं और आगे भी ऐसा जब भी जरूरत होगी तो मारेला में 10 उसको बिल्कुल बताएंगे और जो जनता के हित में होगा वही चीज़ की जाएगीAisa Nahi Hai Ki Samay Ke Saath Saath Hamare Samvidhan Mein Badlav Nahi Hote Aur Balki Ab Tak Bahut Sare Amendment Ho Tum Ho Chuke Hain Constitution Mein Aur Unko Puri Tarah Se Follow Pesh Kiya Ja Raha Hai Yeh Baat Bilkul Sach Hai Ki Samay Ke Saath Badlav Bahut Jyada Zaroori Cheez Hai Aur Hamare Neta Aur Hamare Constitution Mekas Vishwas Ko Bahut Acche Se Jante Hain Aur Iski Wajah Se Bahut Sare Badlav Ho Chuke Hain Bahut Sare Amendment Humne Dekhe Hain Aur Jaise Kuch Example Hum Le Sakte Hain Ki Sati Pehle Ek Illegal Nahi Mana Jata Tha Balki Aap Sabhi Ko Illegal Kar Diya Gaya Aur Uske Baad Abhi Hum Triple Talak Ko Bhi Dekhna Triple Talak Ko Bhi Abhi Abhi Nikal Kar Diya Gaya Hai Aur Us Samay Ki Takniki Hisab Se Right To Privacy Bulaya Gaya Hai Aur Jo Ki Abhi Abhi Desh Mein Aaya Hai Uske Alava Aur Bahut Si Aisi Cheez Hai Jisme Hamara Desh Tarakki Kar Raha Hai Samvidhan Mein Badlav Ho Rahe Hain To Main Is Baat Se Puri Tarah Sahmat Hoon Ki Yeh Samay Ke Saath Saath Samvidhan Mein Badlav Bahut Zaroori Hai Aur Wah Desh Ke Hit Ke Liye Hi Hone Chahiye Lekin Jo Aap Keh Kis Samay Aa Gaya Hai Ki Hamare Samvidhan Mein Badlav Hona Chahiye To Yeh Puri Tarah Se Sach Hai Ki Badlav Ho Rahe Hain Jitne Hone Chahiye Aur Jo Tu Zaroori Hai To Mera Manana Hai Ki Badlav Ho Rahe Hain Aur Aage Bhi Aisa Jab Bhi Zaroorat Hogi To Marela Mein 10 Usko Bilkul Batayenge Aur Jo Janta Ke Hit Mein Hoga Wahi Cheese Ki Jayegi
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निखिल जरूर कंपनी फर्स्ट सेंचुरी में है और वक्त के साथ अच्छी तेजी से बदलनी चाहिए रूल रेगुलेशन बदलना चाहिए और इंप्रूवमेंट होनी चाहिए लिखिए और कुछ एग्जांपल के तौर पर समझाती हूं कि जो एलजीबीटी कम्युनिटी है उसको लेकर हमारा देश इतना ओपन हार्ट इन नहीं है ज्यादा वेलकम नहीं करता जो एलजीबीटी कम्युनिटी होती है उन लोगों को आपकी कंट्री में अभी से चलता है तो हमारे संविधान में अभी थोड़ी देर पहले बात भी हुई थी यह बात उठी थी कि जो बुद्ध आ रहा है उसमें चेंज सारे चाहिए उसे बंद कर देना चाहिए तो मुझे लगता है कि बिल्कुल क्योंकि देखी है जिसे जो एलजीबीटी कम्युनिटी का हिसाब से आपको दे रही हूं तू किसी के हाथ में नहीं है सारी चीजें अगर कोई बंदा ऐसा फील करता है कि वह असीम शक्ति तरफ अट्रैक्ट है तो क्यों नहीं उसे एक्सेप्ट किया जाए उसे जरुर एक्सेप्ट करना चाहिए सोसाइटी को एक्सेप्ट करना चाहिए तू इसी तरह से और भी बहुत सारे चेंजेस है जैसे कि रिजर्वेशन को लेकर बात कर लीजिए या फिर आप बात कर लीजिए कोई और चीज डेवलपमेंट को लेकर इसलिए ट्रिपल तलाक बिल अगर पास हो जाएगा तो एक नया चेंज होगा तो यह सब चीज की जरूरत हमें जरूरत है क्योंकि वक्त के साथ तेजी से बदलती है संविधान को बदलने की भी जरूरत है अगर संविधान नहीं बदलेगा तो जो मॉडल सिटी हम वेस्टर्न कल्चर वस वेस्टर्न कम्युनिटी से जो हम सीख रहे हैं आज के समय में वह सीख लेंगे लेकिन उसको मारने के लिए हमारे पास कोई नहीं होगा यानी कि उसका कोई दोष हमारे पास बैकग्राउंड नहीं होगा तो जरूर बदल जानी चाहिए

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निखिल जरूर कंपनी फर्स्ट सेंचुरी में है और वक्त के साथ अच्छी तेजी से बदलनी चाहिए रूल रेगुलेशन बदलना चाहिए और इंप्रूवमेंट होनी चाहिए लिखिए और कुछ एग्जांपल के तौर पर समझाती हूं कि जो एलजीबीटी कम्युनिटी है उसको लेकर हमारा देश इतना ओपन हार्ट इन नहीं है ज्यादा वेलकम नहीं करता जो एलजीबीटी कम्युनिटी होती है उन लोगों को आपकी कंट्री में अभी से चलता है तो हमारे संविधान में अभी थोड़ी देर पहले बात भी हुई थी यह बात उठी थी कि जो बुद्ध आ रहा है उसमें चेंज सारे चाहिए उसे बंद कर देना चाहिए तो मुझे लगता है कि बिल्कुल क्योंकि देखी है जिसे जो एलजीबीटी कम्युनिटी का हिसाब से आपको दे रही हूं तू किसी के हाथ में नहीं है सारी चीजें अगर कोई बंदा ऐसा फील करता है कि वह असीम शक्ति तरफ अट्रैक्ट है तो क्यों नहीं उसे एक्सेप्ट किया जाए उसे जरुर एक्सेप्ट करना चाहिए सोसाइटी को एक्सेप्ट करना चाहिए तू इसी तरह से और भी बहुत सारे चेंजेस है जैसे कि रिजर्वेशन को लेकर बात कर लीजिए या फिर आप बात कर लीजिए कोई और चीज डेवलपमेंट को लेकर इसलिए ट्रिपल तलाक बिल अगर पास हो जाएगा तो एक नया चेंज होगा तो यह सब चीज की जरूरत हमें जरूरत है क्योंकि वक्त के साथ तेजी से बदलती है संविधान को बदलने की भी जरूरत है अगर संविधान नहीं बदलेगा तो जो मॉडल सिटी हम वेस्टर्न कल्चर वस वेस्टर्न कम्युनिटी से जो हम सीख रहे हैं आज के समय में वह सीख लेंगे लेकिन उसको मारने के लिए हमारे पास कोई नहीं होगा यानी कि उसका कोई दोष हमारे पास बैकग्राउंड नहीं होगा तो जरूर बदल जानी चाहिएNikhil Jarur Company First Century Mein Hai Aur Waqt Ke Saath Acchi Teji Se Badalni Chahiye Rule Regulation Badalna Chahiye Aur Improvement Honi Chahiye Likhiye Aur Kuch Example Ke Taur Par Samajhaati Hoon Ki Jo Elajibiti Community Hai Usko Lekar Hamara Desh Itna Open Heart In Nahi Hai Jyada Welcome Nahi Karta Jo Elajibiti Community Hoti Hai Un Logon Ko Aapki Country Mein Abhi Se Chalta Hai To Hamare Samvidhan Mein Abhi Thodi Der Pehle Baat Bhi Hui Thi Yeh Baat Uthii Thi Ki Jo Buddha Aa Raha Hai Usamen Change Sare Chahiye Use Band Kar Dena Chahiye To Mujhe Lagta Hai Ki Bilkul Kyonki Dekhi Hai Jise Jo Elajibiti Community Ka Hisab Se Aapko De Rahi Hoon Tu Kisi Ke Hath Mein Nahi Hai Saree Cheezen Agar Koi Banda Aisa Feel Karta Hai Ki Wah Asim Shakti Taraf Attract Hai To Kyun Nahi Use Except Kiya Jaye Use Zaroor Except Karna Chahiye Society Ko Except Karna Chahiye Tu Isi Tarah Se Aur Bhi Bahut Sare Changes Hai Jaise Ki Reservation Ko Lekar Baat Kar Lijiye Ya Phir Aap Baat Kar Lijiye Koi Aur Cheez Development Ko Lekar Isliye Triple Talak Bill Agar Paas Ho Jayega To Ek Naya Change Hoga To Yeh Sab Cheez Ki Zaroorat Hume Zaroorat Hai Kyonki Waqt Ke Saath Teji Se Badalati Hai Samvidhan Ko Badalne Ki Bhi Zaroorat Hai Agar Samvidhan Nahi Badalega To Jo Model City Hum Western Culture Vas Western Community Se Jo Hum Seekh Rahe Hain Aaj Ke Samay Mein Wah Seekh Lenge Lekin Usko Maarne Ke Liye Hamare Paas Koi Nahi Hoga Yani Ki Uska Koi Dosh Hamare Paas Background Nahi Hoga To Jarur Badal Jani Chahiye
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