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क्या यह सही कि बॉलीवुड द्वारा कई फिल्में हिन्दू धर्म पर चोट करती हैं, चा है वह पीके जैसी फ़िल्म हो? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम फिल्मों की बात क्यों करें ? अदर वाइज भी बहुत सारी किताबों में बहुत सारे लेखों में हिंदू धर्म के बारे में अलग-अलग तरीके के विचार व्यक्त किए जाते हैं, उसको क्रितिसैज़ भी किया जाता है, कुछ अप्प्रेसिअत भी किया जा सकता है और कई लोग उस पर क्वेश्चन भी उठाते हैं l लेकिन इस में दिक्कत कहां है ? इसमें आम हिंदू को दिक्कत नहीं है क्योंकि हिंदू धर्म इसीलिए सनातन है और इसीलिए यह अनंत काल से चला आ रहा है क्योंकि यहां पर लोगों में उसकी बुराइयों को भी सुनने समझने और सुधारने की क्षमता है l कुछ न कुछ रीतियाँ है ऐसी चली आती है हर जो हर धर्म हर संस्कृति और हर क्षेत्र में वह होती है जो वह ठीक नहीं होती है l लेकिन वह उस समय की परिस्थितियों में शायद जनरेट हो गई होती है l जैसे हम अगर हिंदू धर्म की बात करें तो बहुत सारी है ऐसे ही ऐसे ही चीजें नोर्म्स बना दिए गए हैं जिन्हें पोंगा पंडित के नॉर्म से भी बोल सकते हैं जो लोग फॉलो करते हैं क्योंकि उस समय शायद वह जरूरी थे l तो हिंदू धर्म की खास बात यही है कि लोग इतने सहनशील हैं लोग सुनते हैं और लोग इंप्रूव करते हैं इसीलिए के धर्म सदियों से चला आ रहा है l अब प्रश्न यह है कि हम इसको सोचते हैं कि इस पर कुछ मूवीस ने कमेंट कर दिया तो यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम की बात है और ऐसा कुछ ही खास लोग सोचते हैं l तो उनकी सोच बाकी सब एक हिंदू समाज की सोच को जाहिर नहीं कर रही है और कुछ हद तक क्रिटिसिज्म होना, कुछ हद तक क्वेश्चन किया जाना अल्टीमेटली चीजों को इंप्रूव करने में फायदा करता है, और यही इस धर्म को आगे लेकर जा रहा है जिस तरीके से हिंदू धर्म सनातन है और केवल होता जा रहा है, यह वह सब बढ़ता रहेगा जब यह अपने को सहनशील बनाएगा, क्रिटिसिज्म को सुनेगा जो लोग कट्टर होने की बात करते हैं कट्टर होना ही नहीं चाहिए हिंदू धर्म में तो कट्टरता कहीं है ही नहीं l
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हम फिल्मों की बात क्यों करें ? अदर वाइज भी बहुत सारी किताबों में बहुत सारे लेखों में हिंदू धर्म के बारे में अलग-अलग तरीके के विचार व्यक्त किए जाते हैं, उसको क्रितिसैज़ भी किया जाता है, कुछ अप्प्रेसिअत भी किया जा सकता है और कई लोग उस पर क्वेश्चन भी उठाते हैं l लेकिन इस में दिक्कत कहां है ? इसमें आम हिंदू को दिक्कत नहीं है क्योंकि हिंदू धर्म इसीलिए सनातन है और इसीलिए यह अनंत काल से चला आ रहा है क्योंकि यहां पर लोगों में उसकी बुराइयों को भी सुनने समझने और सुधारने की क्षमता है l कुछ न कुछ रीतियाँ है ऐसी चली आती है हर जो हर धर्म हर संस्कृति और हर क्षेत्र में वह होती है जो वह ठीक नहीं होती है l लेकिन वह उस समय की परिस्थितियों में शायद जनरेट हो गई होती है l जैसे हम अगर हिंदू धर्म की बात करें तो बहुत सारी है ऐसे ही ऐसे ही चीजें नोर्म्स बना दिए गए हैं जिन्हें पोंगा पंडित के नॉर्म से भी बोल सकते हैं जो लोग फॉलो करते हैं क्योंकि उस समय शायद वह जरूरी थे l तो हिंदू धर्म की खास बात यही है कि लोग इतने सहनशील हैं लोग सुनते हैं और लोग इंप्रूव करते हैं इसीलिए के धर्म सदियों से चला आ रहा है l अब प्रश्न यह है कि हम इसको सोचते हैं कि इस पर कुछ मूवीस ने कमेंट कर दिया तो यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम की बात है और ऐसा कुछ ही खास लोग सोचते हैं l तो उनकी सोच बाकी सब एक हिंदू समाज की सोच को जाहिर नहीं कर रही है और कुछ हद तक क्रिटिसिज्म होना, कुछ हद तक क्वेश्चन किया जाना अल्टीमेटली चीजों को इंप्रूव करने में फायदा करता है, और यही इस धर्म को आगे लेकर जा रहा है जिस तरीके से हिंदू धर्म सनातन है और केवल होता जा रहा है, यह वह सब बढ़ता रहेगा जब यह अपने को सहनशील बनाएगा, क्रिटिसिज्म को सुनेगा जो लोग कट्टर होने की बात करते हैं कट्टर होना ही नहीं चाहिए हिंदू धर्म में तो कट्टरता कहीं है ही नहीं lHum Filmo Ki Baat Kyun Karen ? Other Wise Bhi Bahut Saree Kitabon Mein Bahut Sare Lekho Mein Hindu Dharm Ke Baare Mein Alag Alag Tarike Ke Vichar Vyakt Kiye Jaate Hain Usko Kritisaiz Bhi Kiya Jata Hai Kuch Appresiat Bhi Kiya Ja Sakta Hai Aur Kai Log Us Par Question Bhi Uthaatey Hain L Lekin Is Mein Dikkat Kahan Hai ? Isme Aam Hindu Ko Dikkat Nahi Hai Kyonki Hindu Dharm Isliye Sanatan Hai Aur Isliye Yeh Anant Kaal Se Chala Aa Raha Hai Kyonki Yahan Par Logon Mein Uski Buraiyon Ko Bhi Sunane Samjhne Aur Sudhaarne Ki Kshamta Hai L Kuch N Kuch Reetiyaa Hai Aisi Chali Aati Hai Har Jo Har Dharm Har Sanskriti Aur Har Kshetra Mein Wah Hoti Hai Jo Wah Theek Nahi Hoti Hai L Lekin Wah Us Samay Ki Paristhitiyon Mein Shayad Generate Ho Gayi Hoti Hai L Jaise Hum Agar Hindu Dharm Ki Baat Karen To Bahut Saree Hai Aise Hi Aise Hi Cheezen Norms Bana Diye Gaye Hain Jinhen Poonga Pandit Ke Norm Se Bhi Bol Sakte Hain Jo Log Follow Karte Hain Kyonki Us Samay Shayad Wah Zaroori The L To Hindu Dharm Ki Khas Baat Yahi Hai Ki Log Itne Sahanashil Hain Log Sunte Hain Aur Log Improve Karte Hain Isliye Ke Dharm Sadiyon Se Chala Aa Raha Hai L Ab Prashna Yeh Hai Ki Hum Isko Sochte Hain Ki Is Par Kuch Movies Ne Comment Kar Diya To Yeh Bahut Badi Problem Ki Baat Hai Aur Aisa Kuch Hi Khas Log Sochte Hain L To Unki Soch Baki Sab Ek Hindu Samaaj Ki Soch Ko Jaahir Nahi Kar Rahi Hai Aur Kuch Had Tak Criticism Hona Kuch Had Tak Question Kiya Jana Altimetli Chijon Ko Improve Karne Mein Fayda Karta Hai Aur Yahi Is Dharm Ko Aage Lekar Ja Raha Hai Jis Tarike Se Hindu Dharm Sanatan Hai Aur Kewal Hota Ja Raha Hai Yeh Wah Sab Badhta Rahega Jab Yeh Apne Ko Sahanashil Bnayega Criticism Ko Sunegaa Jo Log Kattar Hone Ki Baat Karte Hain Kattar Hona Hi Nahi Chahiye Hindu Dharm Mein To Kattartaa Kahin Hai Hi Nahi L
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड में कोई भी मूवी हो चाहे वह PK हो या उसके अलावा कोई सी भी मूवी हो कोई भी मूवी स्वतंत्रतापूर्वक दिखाया जाना उनका अधिकार है डायरेक्टर्स का और रिसर्च का किसी धर्म विशेष किया बात करते हैं तो PK मूवी कोई ले लेते हैं आपने कहा कि हिंदू धर्म को इस में मजाक उड़ाया गया है अगर सच में ऐसा है हिंदू धर्म का की मजाक उड़ाया गया है तो ऐसी मैं आपको अभी बहुत सारी मूवी गिना सकता हूं जिस में मुस्लिम धर्म का मजाक उड़ाया जाता जैसे मुस्लिम धर्म वाले को टायर पंचर जोड़ने वाला दिखा देते हैं या किसी सिख व्यक्ति को गरीबों भीख मांगता हूं दिखाए थे ऐसे कई सारी मूवीस हैं और इस तरह कर धर्म का अगर आपको लगता है कि चोट पहुंच रही है तो आप उस मूवी को इंजॉय नहीं कर सकते PK मूवी में अगर आप कहते हैं कि भगवान शंकर का अपमान किया गया और बाहुबली में इन को सिर पर चढ़ा लिया गया तब भी मूवी हिट हो गई ऐसा कुछ नहीं है वह उनका कृत एक दिखाने का तरीका है कि PK मूवी में HD दिखाया जा रहा था क्या जो इतनी सारी बाबा लोग आपके आसपास हैं आसाराम बापू को देख लिए थे यह नित्यानंद स्वामी आइए अपनी माफ कीजिए अपनी को एक और स्वामी आते हैं जितने सारे स्वामी है या बाबा है बाबा शब्द हिंदी का शब्द है जितने सारे बाबा है इतनी सारी फर्जी बाबा है यह सब क्या कर रहे हैं आप उनका सपोर्ट करते हैं मतलब बीवी तो हिंदू है यह भी तो प्रचार करते धर्म का कहने का मतलब यह है कि अगर धर्म की सही परिभाषा देखी जाए तो वह फिल्मों से नहीं आती है फिल्म एक आर्टिफिशियल सिक्स चैनल चीज होती है साफ-सफाई मूवी के पर लिखा रहता है और उसे अपने धर्म से ना जोड़ें उसे केवल मनोरंजन के प्रपत्र देखें और हर चीज में राजनीति करने की कोशिश ना करें हर चीज में धर्म का अंधापन देखने की कोशिश ना करें धर्म आपका अपने धर्म की इज्जत कीजिए दूसरे धर्म की इज्जत कीजिए मूवीस को चीजों को मजाक को इंटरटेनमेंट को हल्के में लीजिए धन्यवाद
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बॉलीवुड में कोई भी मूवी हो चाहे वह PK हो या उसके अलावा कोई सी भी मूवी हो कोई भी मूवी स्वतंत्रतापूर्वक दिखाया जाना उनका अधिकार है डायरेक्टर्स का और रिसर्च का किसी धर्म विशेष किया बात करते हैं तो PK मूवी कोई ले लेते हैं आपने कहा कि हिंदू धर्म को इस में मजाक उड़ाया गया है अगर सच में ऐसा है हिंदू धर्म का की मजाक उड़ाया गया है तो ऐसी मैं आपको अभी बहुत सारी मूवी गिना सकता हूं जिस में मुस्लिम धर्म का मजाक उड़ाया जाता जैसे मुस्लिम धर्म वाले को टायर पंचर जोड़ने वाला दिखा देते हैं या किसी सिख व्यक्ति को गरीबों भीख मांगता हूं दिखाए थे ऐसे कई सारी मूवीस हैं और इस तरह कर धर्म का अगर आपको लगता है कि चोट पहुंच रही है तो आप उस मूवी को इंजॉय नहीं कर सकते PK मूवी में अगर आप कहते हैं कि भगवान शंकर का अपमान किया गया और बाहुबली में इन को सिर पर चढ़ा लिया गया तब भी मूवी हिट हो गई ऐसा कुछ नहीं है वह उनका कृत एक दिखाने का तरीका है कि PK मूवी में HD दिखाया जा रहा था क्या जो इतनी सारी बाबा लोग आपके आसपास हैं आसाराम बापू को देख लिए थे यह नित्यानंद स्वामी आइए अपनी माफ कीजिए अपनी को एक और स्वामी आते हैं जितने सारे स्वामी है या बाबा है बाबा शब्द हिंदी का शब्द है जितने सारे बाबा है इतनी सारी फर्जी बाबा है यह सब क्या कर रहे हैं आप उनका सपोर्ट करते हैं मतलब बीवी तो हिंदू है यह भी तो प्रचार करते धर्म का कहने का मतलब यह है कि अगर धर्म की सही परिभाषा देखी जाए तो वह फिल्मों से नहीं आती है फिल्म एक आर्टिफिशियल सिक्स चैनल चीज होती है साफ-सफाई मूवी के पर लिखा रहता है और उसे अपने धर्म से ना जोड़ें उसे केवल मनोरंजन के प्रपत्र देखें और हर चीज में राजनीति करने की कोशिश ना करें हर चीज में धर्म का अंधापन देखने की कोशिश ना करें धर्म आपका अपने धर्म की इज्जत कीजिए दूसरे धर्म की इज्जत कीजिए मूवीस को चीजों को मजाक को इंटरटेनमेंट को हल्के में लीजिए धन्यवादBollywood Mein Koi Bhi Movie Ho Chahe Wah PK Ho Ya Uske Alava Koi Si Bhi Movie Ho Koi Bhi Movie Swatantratapurvak Dikhaya Jana Unka Adhikaar Hai Directors Ka Aur Research Ka Kisi Dharm Vishesh Kiya Baat Karte Hain To PK Movie Koi Le Lete Hain Aapne Kaha Ki Hindu Dharm Ko Is Mein Mazak Udaya Gaya Hai Agar Sach Mein Aisa Hai Hindu Dharm Ka Ki Mazak Udaya Gaya Hai To Aisi Main Aapko Abhi Bahut Saree Movie Gina Sakta Hoon Jis Mein Muslim Dharm Ka Mazak Udaya Jata Jaise Muslim Dharm Wale Ko Tyre Puncher Jodne Wala Dikha Dete Hain Ya Kisi Sikh Vyakti Ko Garibon Bhik Mangta Hoon Dekhiye The Aise Kai Saree Movies Hain Aur Is Tarah Kar Dharm Ka Agar Aapko Lagta Hai Ki Chot Pahunch Rahi Hai To Aap Us Movie Ko Enjoy Nahi Kar Sakte PK Movie Mein Agar Aap Kehte Hain Ki Bhagwan Shankar Ka Apman Kiya Gaya Aur Bahubali Mein In Ko Sir Par Chadha Liya Gaya Tab Bhi Movie Hit Ho Gayi Aisa Kuch Nahi Hai Wah Unka Trit Ek Dikhane Ka Tarika Hai Ki PK Movie Mein HD Dikhaya Ja Raha Tha Kya Jo Itni Saree Baba Log Aapke Aaspass Hain Aasaram Bapu Ko Dekh Liye The Yeh Nityananda Swami Aaiye Apni Maaf Kijiye Apni Ko Ek Aur Swami Aate Hain Jitne Sare Swami Hai Ya Baba Hai Baba Shabdh Hindi Ka Shabdh Hai Jitne Sare Baba Hai Itni Saree Farjee Baba Hai Yeh Sab Kya Kar Rahe Hain Aap Unka Support Karte Hain Matlab Biwi To Hindu Hai Yeh Bhi To Prachar Karte Dharm Ka Kehne Ka Matlab Yeh Hai Ki Agar Dharm Ki Sahi Paribhasha Dekhi Jaye To Wah Filmo Se Nahi Aati Hai Film Ek Artificial Six Channel Cheez Hoti Hai Saaf Safaai Movie Ke Par Likha Rehta Hai Aur Use Apne Dharm Se Na Joden Use Kewal Manoranjan Ke Prapatra Dekhen Aur Har Cheez Mein Rajneeti Karne Ki Koshish Na Karen Har Cheez Mein Dharm Ka Andhapan Dekhne Ki Koshish Na Karen Dharm Aapka Apne Dharm Ki Izzat Kijiye Dusre Dharm Ki Izzat Kijiye Movies Ko Chijon Ko Mazak Ko Entertainment Ko Halke Mein Lijiye Dhanyavad
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सवाल यह है कि क्या यह सही है कि बॉलीवुड द्वारा कई फिल्में हिंदू धर्म पर चोट करती है चाहे वह फिक्र जैसी फिल्म हो जो होती है वह एक मनोरंजन का माध्यम होती है और फिल्म देखते वक्त सामने अक्षर में रखना चाहिए कि उनका उद्देश्य एक ही होता है कि हमारा मनोरंजन हो और इन सब उस फिल्म के दृश्य को देखकर हमने इतना सीरियस नहीं होना चाहिए कि फिल्मों में जो हमारे समाज का जो वास्तव दर्शन होता है जो वास्तविकता और थी जो उसने की कोशिश होती है की फिल्म पीके में लिखा गया है जो हम हमारे जो रियलिटी है हम जो वास्तव में जो समाज में होता है उसी को दर्शाता है उसके फिल्म में किसी धर्म पर चोट करने का उद्देश्य नहीं है यह तो अपनी अपनी सोच होती है कि अपने धर्म के बारे में ज्यादा सेल स्वीट सेंसिटिव हो जाते हैं हम तो फिल्मों को लेकर आने ज्यादा इतना यह नहीं होना चाहिए
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सवाल यह है कि क्या यह सही है कि बॉलीवुड द्वारा कई फिल्में हिंदू धर्म पर चोट करती है चाहे वह फिक्र जैसी फिल्म हो जो होती है वह एक मनोरंजन का माध्यम होती है और फिल्म देखते वक्त सामने अक्षर में रखना चाहिए कि उनका उद्देश्य एक ही होता है कि हमारा मनोरंजन हो और इन सब उस फिल्म के दृश्य को देखकर हमने इतना सीरियस नहीं होना चाहिए कि फिल्मों में जो हमारे समाज का जो वास्तव दर्शन होता है जो वास्तविकता और थी जो उसने की कोशिश होती है की फिल्म पीके में लिखा गया है जो हम हमारे जो रियलिटी है हम जो वास्तव में जो समाज में होता है उसी को दर्शाता है उसके फिल्म में किसी धर्म पर चोट करने का उद्देश्य नहीं है यह तो अपनी अपनी सोच होती है कि अपने धर्म के बारे में ज्यादा सेल स्वीट सेंसिटिव हो जाते हैं हम तो फिल्मों को लेकर आने ज्यादा इतना यह नहीं होना चाहिएSawal Yeh Hai Ki Kya Yeh Sahi Hai Ki Bollywood Dwara Kai Filme Hindu Dharam Par Chot Karti Hai Chahe Wah Fikra Jaisi Film Ho Jo Hoti Hai Wah Ek Manoranjan Ka Maadhyam Hoti Hai Aur Film Dekhte Waqt Saamne Akshar Mein Rakhna Chahiye Ki Unka Uddeshya Ek Hi Hota Hai Ki Hamara Manoranjan Ho Aur In Sab Us Film Ke Drishya Ko Dekhkar Humne Itna Serious Nahi Hona Chahiye Ki Filmo Mein Jo Hamare Samaaj Ka Jo Vaastav Darshan Hota Hai Jo Vastavikta Aur Thi Jo Usne Ki Koshish Hoti Hai Ki Film Pk Mein Likha Gaya Hai Jo Hum Hamare Jo Reality Hai Hum Jo Vaastav Mein Jo Samaaj Mein Hota Hai Usi Ko Darshaata Hai Uske Film Mein Kisi Dharam Par Chot Karne Ka Uddeshya Nahi Hai Yeh Toh Apni Apni Soch Hoti Hai Ki Apne Dharam Ke Bare Mein Zyada Cell Sweet Sensitive Ho Jaate Hain Hum Toh Filmo Ko Lekar Aane Zyada Itna Yeh Nahi Hona Chahiye
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्मों में किताबों में नाटकों में कहानियों में वही दिखाएं और लिखा जाता है जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे समाज में हमारे जीवन में घटित होता है एक तरह से फिल्में और किताबें हमारी जिंदगी का हमारे समाज का आईना है आपने PK का उदाहरण दिया है तो एक सीन है उसमें कि एक छोटा सा पत्थर वहां से उठाकर पेड़ के नीचे रख दिया जाता है उस पर सिंदूर लगा देते हैं और एक चमकीला पढ़ना चिपका देता है और दो-तीन सिक्के डाल देता है उसके बाद जितनी भी जनता वहां से गुजरती है उस पर सिक्का चिढ़ाती रहती है तो आप बताइए क्या यह धर्म है नहीं यह हमारे समाज में व्याप्त और बहुत बुरी तरह से फैली हुई धर्मांधता है धर्म भी रोता है हमारे समाज के लोग यह सोचते हैं कि अगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया तो भगवान उन्हें सजा देंगे वह डरते हैं और इस दर पर धर्मांधता पर इस धर्म विरुद्ध पर फिल्मों ने कटाक्ष किया है जगाने की कोशिश करी है जनता को कि भगवान में आस्था रखती है लेकिन अंधभक्ति मत रखिए समाज के लोगों की अंधभक्ति ने बाबाओं को तांत्रिकों को और कहीं गलत लोगों को जन्म दे दिया है और जनता उनसे डर के मारे उनके पास जाती है और कुछ गलत करती हो और अपनी जीवन भर की कमाई उन बाबाओं को बेकार के लोगों को उन तांत्रिकों को दे देती है तो यह कहां तक सही है जो फिल्म में है वह हमें एकदम से चोट करती है दिल पर क्या कि हां सही है और यह आप यहां गलत है हर चीज के दो पहलू होते हैं सही और गलत अगर आप उसे सही लेना चाहे तो वह सही है अगर आप गलत लेना चाहे तो वह गलत है सही शिक्षा ले सकते हैं लीजिए गलत शिक्षण मत लीजिए ना
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फिल्मों में किताबों में नाटकों में कहानियों में वही दिखाएं और लिखा जाता है जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे समाज में हमारे जीवन में घटित होता है एक तरह से फिल्में और किताबें हमारी जिंदगी का हमारे समाज का आईना है आपने PK का उदाहरण दिया है तो एक सीन है उसमें कि एक छोटा सा पत्थर वहां से उठाकर पेड़ के नीचे रख दिया जाता है उस पर सिंदूर लगा देते हैं और एक चमकीला पढ़ना चिपका देता है और दो-तीन सिक्के डाल देता है उसके बाद जितनी भी जनता वहां से गुजरती है उस पर सिक्का चिढ़ाती रहती है तो आप बताइए क्या यह धर्म है नहीं यह हमारे समाज में व्याप्त और बहुत बुरी तरह से फैली हुई धर्मांधता है धर्म भी रोता है हमारे समाज के लोग यह सोचते हैं कि अगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया तो भगवान उन्हें सजा देंगे वह डरते हैं और इस दर पर धर्मांधता पर इस धर्म विरुद्ध पर फिल्मों ने कटाक्ष किया है जगाने की कोशिश करी है जनता को कि भगवान में आस्था रखती है लेकिन अंधभक्ति मत रखिए समाज के लोगों की अंधभक्ति ने बाबाओं को तांत्रिकों को और कहीं गलत लोगों को जन्म दे दिया है और जनता उनसे डर के मारे उनके पास जाती है और कुछ गलत करती हो और अपनी जीवन भर की कमाई उन बाबाओं को बेकार के लोगों को उन तांत्रिकों को दे देती है तो यह कहां तक सही है जो फिल्म में है वह हमें एकदम से चोट करती है दिल पर क्या कि हां सही है और यह आप यहां गलत है हर चीज के दो पहलू होते हैं सही और गलत अगर आप उसे सही लेना चाहे तो वह सही है अगर आप गलत लेना चाहे तो वह गलत है सही शिक्षा ले सकते हैं लीजिए गलत शिक्षण मत लीजिए नाFilmo Mein Kitabon Mein Natkon Mein Kahaniyon Mein Wahi Dikhaen Aur Likha Jata Hai Jo Hamari Rozmarra Ki Zindagi Mein Hamare Samaaj Mein Hamare Jeevan Mein Ghatit Hota Hai Ek Tarah Se Filme Aur Kitaben Hamari Zindagi Ka Hamare Samaaj Ka Aaina Hai Aapne PK Ka Udaharan Diya Hai To Ek Seen Hai Usamen Ki Ek Chota Sa Pathar Wahan Se Uthaakar Ped Ke Neeche Rakh Diya Jata Hai Us Par Sindur Laga Dete Hain Aur Ek Chamakila Padhna Chipaka Deta Hai Aur Do Teen Sikke Dal Deta Hai Uske Baad Jitni Bhi Janta Wahan Se Gujarati Hai Us Par Sikka Chidhati Rehti Hai To Aap Bataiye Kya Yeh Dharm Hai Nahi Yeh Hamare Samaaj Mein Vyapt Aur Bahut Buri Tarah Se Faili Hui Dharmandhata Hai Dharm Bhi Rota Hai Hamare Samaaj Ke Log Yeh Sochte Hain Ki Agar Unhone Aisa Kuch Nahi Kiya To Bhagwan Unhen Saja Denge Wah Darte Hain Aur Is Dar Par Dharmandhata Par Is Dharm Viruddha Par Filmo Ne Kataksh Kiya Hai Jagaane Ki Koshish Kari Hai Janta Ko Ki Bhagwan Mein Aastha Rakhti Hai Lekin Andhbhakti Mat Rakhiye Samaaj Ke Logon Ki Andhbhakti Ne Babaon Ko Tantrikon Ko Aur Kahin Galat Logon Ko Janm De Diya Hai Aur Janta Unse Dar Ke Maare Unke Paas Jati Hai Aur Kuch Galat Karti Ho Aur Apni Jeevan Bhar Ki Kamai Un Babaon Ko Bekar Ke Logon Ko Un Tantrikon Ko De Deti Hai To Yeh Kahan Tak Sahi Hai Jo Film Mein Hai Wah Hume Ekdam Se Chot Karti Hai Dil Par Kya Ki Haan Sahi Hai Aur Yeh Aap Yahan Galat Hai Har Cheez Ke Do Pahaloo Hote Hain Sahi Aur Galat Agar Aap Use Sahi Lena Chahe To Wah Sahi Hai Agar Aap Galat Lena Chahe To Wah Galat Hai Sahi Shiksha Le Sakte Hain Lijiye Galat Shikshan Mat Lijiye Na
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देखी मुझे तो नहीं लगता कि PK जैसे फिल्म किसी भी धर्म पर चोट करती है PK PK में यह दिखाया गया था कि जो लोगों की धारणा है भगवान को लेकर को गलत है यानी कि यह बाबाओं के थ्रू या यह जो मंदिरों में पूजा करके मूर्तियों के ऊपर दूध चढ़ाकर जो भगवान की पूजा अर्चना की जाती है वह गलत है ऑडिशन टाइम में हमने देखा भी है कि बहुत सारे ऐसे बाबा फिर चाहे वह आसाराम हो डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम और रामपाल हो या ऐसे बहुत सारे बाबाओं को जेल हुई है यह भगवान के नाम पर ही बहुत गलत काम करते थे और जो भगवान की एक इमेज है इनकी वजह से वह चीज खराब हो गई थी कि मैं यह नहीं दिखाया गया कि भगवान पर विश्वास रखना गलत है उसमें यह दिखाया गया है कि इन लोगों के थ्रू या यह जो मूर्ति पूजन है या मूर्तियों पर जो चढ़ावा चढ़ाया जाता है उन पर दूसरा जाता है वह चीज गलत है तुम मुझे बिल्कुल भी नहीं लगता सच्चाई बताऊं तो कि बॉलीवुड में किसी धर्म के खिलाफ या pk जैसी फिल्में ऐसा कुछ करती हैंDekhi Mujhe To Nahi Lagta Ki PK Jaise Film Kisi Bhi Dharm Par Chot Karti Hai PK PK Mein Yeh Dikhaya Gaya Tha Ki Jo Logon Ki Dharan Hai Bhagwan Ko Lekar Ko Galat Hai Yani Ki Yeh Babaon Ke Through Ya Yeh Jo Mandiro Mein Puja Karke Murtiyon Ke Upar Dudh Chadhakar Jo Bhagwan Ki Puja Archana Ki Jati Hai Wah Galat Hai Audition Time Mein Humne Dekha Bhi Hai Ki Bahut Sare Aise Baba Phir Chahe Wah Aasaram Ho Dera Saccha Sauda Ke Ram Raheem Aur Rampal Ho Ya Aise Bahut Sare Babaon Ko Jail Hui Hai Yeh Bhagwan Ke Naam Par Hi Bahut Galat Kaam Karte The Aur Jo Bhagwan Ki Ek Image Hai Inki Wajah Se Wah Cheez Kharab Ho Gayi Thi Ki Main Yeh Nahi Dikhaya Gaya Ki Bhagwan Par Vishwas Rakhna Galat Hai Usamen Yeh Dikhaya Gaya Hai Ki In Logon Ke Through Ya Yeh Jo Murti Pujan Hai Ya Murtiyon Par Jo Chadhawa Chadaya Jata Hai Un Par Doosra Jata Hai Wah Cheez Galat Hai Tum Mujhe Bilkul Bhi Nahi Lagta Sacchai Bataun To Ki Bollywood Mein Kisi Dharm Ke Khilaf Ya Pk Jaisi Filme Aisa Kuch Karti Hain
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देखिए मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि बॉलीवुड द्वारा कई फिल्में जो है वह हिंदू धर्म पर चोट लगाती है या करती हैं जैसे क्या बोल रहे हैं कि चाहे वह PK हो या अभी जो जैसा कि पद्मावती पर इतना ही शूज चल रहा है या ओ माय गॉड जब अक्षय कुमार और परेश रावल की रिलीज हुई थी तो उसमें अगर कोई ऐसा बात होता है कि जैसे आराजकता देश में फैल सकती है या कोई भी धर्म में जो है वह भड़क सकता है उसमें कोई भड़काऊ डायलॉग है भड़का उस दिन है तोह पार्टी नहीं करेगी
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देखिए मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि बॉलीवुड द्वारा कई फिल्में जो है वह हिंदू धर्म पर चोट लगाती है या करती हैं जैसे क्या बोल रहे हैं कि चाहे वह PK हो या अभी जो जैसा कि पद्मावती पर इतना ही शूज चल रहा है या ओ माय गॉड जब अक्षय कुमार और परेश रावल की रिलीज हुई थी तो उसमें अगर कोई ऐसा बात होता है कि जैसे आराजकता देश में फैल सकती है या कोई भी धर्म में जो है वह भड़क सकता है उसमें कोई भड़काऊ डायलॉग है भड़का उस दिन है तोह पार्टी नहीं करेगीDekhie Mujhe Aisa Bilkul Bhi Nahi Lagta Ki Bollywood Dwara Kai Filme Jo Hai Wah Hindu Dharm Par Chot Lagati Hai Ya Karti Hain Jaise Kya Bol Rahe Hain Ki Chahe Wah PK Ho Ya Abhi Jo Jaisa Ki Padmavati Par Itna Hi Shoes Chal Raha Hai Ya O My God Jab Akshay Kumar Aur Paresh Raval Ki Release Hui Thi To Usamen Agar Koi Aisa Baat Hota Hai Ki Jaise Arajakata Desh Mein Fail Sakti Hai Ya Koi Bhi Dharm Mein Jo Hai Wah Bhadak Sakta Hai Usamen Koi Bhadkau Dialogue Hai Bhadaka Us Din Hai Toh Party Nahi Karegi
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आप बॉलीवुड द्वारा बनाई गई जो मूवीस है यानी फिल्में है वह हिंदू धर्म पर छोड़ कर रहे हैं आपका यह कहना है और आपने इसमें पीछे का एग्जांपल दिया है तो मैं आपको पहले बताना चाहूंगी कि जो PK मूवी थी उसमें हिंदू धर्म पर छूट नहीं करी गई थी बल्कि यह समझा है क्या था कि भगवान का असली स्वरूप है वह किसी दान पेटी में पैसे चढ़ा कर या भगवान के ऊपर जल चढ़ाकर दूध चढ़ाकर या फिर उनको ज्यादा चीजों का भोग लगाकर उनका प्राप्त नहीं होता है बल्कि वह हमारे अंतर्मन में हम जितने अच्छे इंसान हैं और जितने अच्छे काम करते हैं लोगों की मदद करते हैं उस से हमें भगवान की प्राप्ति होती है और भगवान हम पर अपनी दया दृष्टि बना कर रखते हैं और जैसा की इंतजार में भी कहा भी गया है कि आप भगवान जी हर जगह प्रजेंट है और उनकी उनके लिए हर इंसान बराबर महत्व रखता है चाहे वह किसी भी जाति का हो किसी भी धर्म का हो या फिर एक ऐसा भी इंसान हो एक बुरा इंसान और एक अच्छा इंसान जो भी करता है अपनी लाइफ में उसकी वही कर्म उसे वापस मिलते हैं या मरे ग्रंथों में भी लिखा हुआ हिंदू धर्म के तो चुप PK मूवी थी उसमें जो ढोंगी बाबा और संत साधु लोग हैं जो कि भगवान के नाम पर धर्म की आड़ लेकर और लोगों से पैसे आ गए पैसे लिया करते हैं और उनको अंदर विश्वास की तरफ से खेलते हैं तो इन सब लोगों को छोड़ कर गई थी उन लोगों को एक वह दिखाए गया था कि इन लोगों के बहकावे में नहीं आना चाहिए किसी भी आम आदमी को और नुकसान से बच के रहना चाहिए और उसका हाल ही में बैंक एग्जाम पर ले सकते हैं बाबा राम रहीम का जिसमें है वह अपने आपको मैसेंजर ऑफ गॉड कहा करते थे जो कि भगवान का दूध बोलते हैं और बाद में जब उन का खुलासा हुआ तो हम को पता चला कि वह कितने गंदे इंसान थे तो सारी समाज में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो कि यह सब कर रहे हैं तो हर इंसान को से बचकर रहना चाहिए और भगवान के असली स्वरूप को मारना चाहिए क्योंकि अच्छे काम द्वारा मिलता है
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आप बॉलीवुड द्वारा बनाई गई जो मूवीस है यानी फिल्में है वह हिंदू धर्म पर छोड़ कर रहे हैं आपका यह कहना है और आपने इसमें पीछे का एग्जांपल दिया है तो मैं आपको पहले बताना चाहूंगी कि जो PK मूवी थी उसमें हिंदू धर्म पर छूट नहीं करी गई थी बल्कि यह समझा है क्या था कि भगवान का असली स्वरूप है वह किसी दान पेटी में पैसे चढ़ा कर या भगवान के ऊपर जल चढ़ाकर दूध चढ़ाकर या फिर उनको ज्यादा चीजों का भोग लगाकर उनका प्राप्त नहीं होता है बल्कि वह हमारे अंतर्मन में हम जितने अच्छे इंसान हैं और जितने अच्छे काम करते हैं लोगों की मदद करते हैं उस से हमें भगवान की प्राप्ति होती है और भगवान हम पर अपनी दया दृष्टि बना कर रखते हैं और जैसा की इंतजार में भी कहा भी गया है कि आप भगवान जी हर जगह प्रजेंट है और उनकी उनके लिए हर इंसान बराबर महत्व रखता है चाहे वह किसी भी जाति का हो किसी भी धर्म का हो या फिर एक ऐसा भी इंसान हो एक बुरा इंसान और एक अच्छा इंसान जो भी करता है अपनी लाइफ में उसकी वही कर्म उसे वापस मिलते हैं या मरे ग्रंथों में भी लिखा हुआ हिंदू धर्म के तो चुप PK मूवी थी उसमें जो ढोंगी बाबा और संत साधु लोग हैं जो कि भगवान के नाम पर धर्म की आड़ लेकर और लोगों से पैसे आ गए पैसे लिया करते हैं और उनको अंदर विश्वास की तरफ से खेलते हैं तो इन सब लोगों को छोड़ कर गई थी उन लोगों को एक वह दिखाए गया था कि इन लोगों के बहकावे में नहीं आना चाहिए किसी भी आम आदमी को और नुकसान से बच के रहना चाहिए और उसका हाल ही में बैंक एग्जाम पर ले सकते हैं बाबा राम रहीम का जिसमें है वह अपने आपको मैसेंजर ऑफ गॉड कहा करते थे जो कि भगवान का दूध बोलते हैं और बाद में जब उन का खुलासा हुआ तो हम को पता चला कि वह कितने गंदे इंसान थे तो सारी समाज में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो कि यह सब कर रहे हैं तो हर इंसान को से बचकर रहना चाहिए और भगवान के असली स्वरूप को मारना चाहिए क्योंकि अच्छे काम द्वारा मिलता हैAap Bollywood Dwara Banai Gayi Jo Movies Hai Yani Filme Hai Wah Hindu Dharm Par Chod Kar Rahe Hain Aapka Yeh Kehna Hai Aur Aapne Isme Piche Ka Example Diya Hai To Main Aapko Pehle Batana Chahungi Ki Jo PK Movie Thi Usamen Hindu Dharm Par Chhut Nahi Kari Gayi Thi Balki Yeh Samjha Hai Kya Tha Ki Bhagwan Ka Asli Swaroop Hai Wah Kisi Daan Peti Mein Paise Chadha Kar Ya Bhagwan Ke Upar Jal Chadhakar Dudh Chadhakar Ya Phir Unko Jyada Chijon Ka Bhog Lagakar Unka Prapt Nahi Hota Hai Balki Wah Hamare Antarman Mein Hum Jitne Acche Insaan Hain Aur Jitne Acche Kaam Karte Hain Logon Ki Madad Karte Hain Us Se Hume Bhagwan Ki Prapti Hoti Hai Aur Bhagwan Hum Par Apni Daya Drishti Bana Kar Rakhate Hain Aur Jaisa Ki Intejar Mein Bhi Kaha Bhi Gaya Hai Ki Aap Bhagwan Ji Har Jagah Present Hai Aur Unki Unke Liye Har Insaan Barabar Mahatva Rakhta Hai Chahe Wah Kisi Bhi Jati Ka Ho Kisi Bhi Dharm Ka Ho Ya Phir Ek Aisa Bhi Insaan Ho Ek Bura Insaan Aur Ek Accha Insaan Jo Bhi Karta Hai Apni Life Mein Uski Wahi Karm Use Wapas Milte Hain Ya Mare Granthon Mein Bhi Likha Hua Hindu Dharm Ke To Chup PK Movie Thi Usamen Jo Dhongi Baba Aur Sant Sadhu Log Hain Jo Ki Bhagwan Ke Naam Par Dharm Ki Ad Lekar Aur Logon Se Paise Aa Gaye Paise Liya Karte Hain Aur Unko Andar Vishwas Ki Taraf Se Khelte Hain To In Sab Logon Ko Chod Kar Gayi Thi Un Logon Ko Ek Wah Dekhiye Gaya Tha Ki In Logon Ke Bahakave Mein Nahi Aana Chahiye Kisi Bhi Aam Aadmi Ko Aur Nuksan Se Bach Ke Rehna Chahiye Aur Uska Haal Hi Mein Bank Exam Par Le Sakte Hain Baba Ram Raheem Ka Jisme Hai Wah Apne Aapko Messenger Of God Kaha Karte The Jo Ki Bhagwan Ka Dudh Bolte Hain Aur Baad Mein Jab Un Ka Khulasa Hua To Hum Ko Pata Chala Ki Wah Kitne Gande Insaan The To Saree Samaaj Mein Aise Bahut Sare Log Hain Jo Ki Yeh Sab Kar Rahe Hain To Har Insaan Ko Se Bachkar Rehna Chahiye Aur Bhagwan Ke Asli Swaroop Ko Maarna Chahiye Kyonki Acche Kaam Dwara Milta Hai
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देखिए यह बात बिल्कुल सही नहीं है कि बॉलीवुड द्वारा कही गई फिल्म सेवर हिंदू धर्म पर सूट करती है कि कि अगर तो मैं जितनी भी अब तक बॉलीवुड फिल्म देखी है वह इसलिए नहीं बनाई जाती ताकि वह हिंदू धर्म को छोड़कर एक लड़की बहुत अच्छी हो दिखाती है जो कि कोई भी धर्म में जो दिखाया जाता है कोई भी तरह को चोट करने के लिए नहीं बनाती है अगर हम PK फिल्म की बात करें तो PK कि मुझे बताएगा कि किस प्रकार से लोग जो अंधविश्वास में ज्यादा जो है विश्वास रखते हैं या फिर ऐसे कई सारी चीजों में विश्वास रखते हैं जो कि अभी तक वह कि नहीं गई है अगर हम कह सकते हैं ज्यादा ही विश्वास करने वाला दूध देना तो खाना खा फ्री चीज़ें हमेशा तुमको चोट नहीं करनी चाहिए ही नहीं कि किस प्रकार से लोग अंधविश्वास में ज्यादा मानते हैं दुकानों का पर यह जो ऐसे जो फिल्म में जो है वह बिल्कुल धर्म में चोटी से चल रही है जो चीजें गलत है उसे दिखाती है वह चाय पीते हो या ओ माय गॉड तू खाना खा पूरी बात बिल्कुल सही नहीं है गर्मी की फिल्म पद्मावती बात करती है बिजली मुझे कोई भी हिंदू धर्म को मुस्लिम फूल बना देते बॉलीवुड मूवीज निकली नहीं बनाई जाती है तू मेरे हिसाब से आप जो कह रहे हैं कि नहीं बिल्कुल सही नहीं है कि बॉलीवुड द्वारा की गई फिल्में
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देखिए यह बात बिल्कुल सही नहीं है कि बॉलीवुड द्वारा कही गई फिल्म सेवर हिंदू धर्म पर सूट करती है कि कि अगर तो मैं जितनी भी अब तक बॉलीवुड फिल्म देखी है वह इसलिए नहीं बनाई जाती ताकि वह हिंदू धर्म को छोड़कर एक लड़की बहुत अच्छी हो दिखाती है जो कि कोई भी धर्म में जो दिखाया जाता है कोई भी तरह को चोट करने के लिए नहीं बनाती है अगर हम PK फिल्म की बात करें तो PK कि मुझे बताएगा कि किस प्रकार से लोग जो अंधविश्वास में ज्यादा जो है विश्वास रखते हैं या फिर ऐसे कई सारी चीजों में विश्वास रखते हैं जो कि अभी तक वह कि नहीं गई है अगर हम कह सकते हैं ज्यादा ही विश्वास करने वाला दूध देना तो खाना खा फ्री चीज़ें हमेशा तुमको चोट नहीं करनी चाहिए ही नहीं कि किस प्रकार से लोग अंधविश्वास में ज्यादा मानते हैं दुकानों का पर यह जो ऐसे जो फिल्म में जो है वह बिल्कुल धर्म में चोटी से चल रही है जो चीजें गलत है उसे दिखाती है वह चाय पीते हो या ओ माय गॉड तू खाना खा पूरी बात बिल्कुल सही नहीं है गर्मी की फिल्म पद्मावती बात करती है बिजली मुझे कोई भी हिंदू धर्म को मुस्लिम फूल बना देते बॉलीवुड मूवीज निकली नहीं बनाई जाती है तू मेरे हिसाब से आप जो कह रहे हैं कि नहीं बिल्कुल सही नहीं है कि बॉलीवुड द्वारा की गई फिल्मेंDekhie Yeh Baat Bilkul Sahi Nahi Hai Ki Bollywood Dwara Kahi Gayi Film Sevar Hindu Dharm Par Suit Karti Hai Ki Ki Agar To Main Jitni Bhi Ab Tak Bollywood Film Dekhi Hai Wah Isliye Nahi Banai Jati Taki Wah Hindu Dharm Ko Chodkar Ek Ladki Bahut Acchi Ho Dikhaati Hai Jo Ki Koi Bhi Dharm Mein Jo Dikhaya Jata Hai Koi Bhi Tarah Ko Chot Karne Ke Liye Nahi Banati Hai Agar Hum PK Film Ki Baat Karen To PK Ki Mujhe Batayega Ki Kis Prakar Se Log Jo Andhavishvas Mein Jyada Jo Hai Vishwas Rakhate Hain Ya Phir Aise Kai Saree Chijon Mein Vishwas Rakhate Hain Jo Ki Abhi Tak Wah Ki Nahi Gayi Hai Agar Hum Keh Sakte Hain Jyada Hi Vishwas Karne Wala Dudh Dena To Khana Kha Free Chizen Hamesha Tumko Chot Nahi Karni Chahiye Hi Nahi Ki Kis Prakar Se Log Andhavishvas Mein Jyada Manate Hain Dukaano Ka Par Yeh Jo Aise Jo Film Mein Jo Hai Wah Bilkul Dharm Mein Choti Se Chal Rahi Hai Jo Cheezen Galat Hai Use Dikhaati Hai Wah Chai Pite Ho Ya O My God Tu Khana Kha Puri Baat Bilkul Sahi Nahi Hai Garmi Ki Film Padmavati Baat Karti Hai Bijli Mujhe Koi Bhi Hindu Dharm Ko Muslim Fool Bana Dete Bollywood Movies Nikli Nahi Banai Jati Hai Tu Mere Hisab Se Aap Jo Keh Rahe Hain Ki Nahi Bilkul Sahi Nahi Hai Ki Bollywood Dwara Ki Gayi Filme
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