AICTE ने कहा है कि इंजीनियरिंग के छात्र नए पाठ्यक्रमों के तहत वेद, पुराण और योग का अध्ययन करेंगे, इंजीनियरिंग में इसकी आवश्यकता क्यों है? ...

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यह बहुत ही मूर्खता भरा कदम है जो सीटीसी ने अगर ऐसा कहा है कि इंजीनियरिंग के तहत जो वेद पुराण और योग का अध्ययन करें क्योंकि वेद पुराणों और योग में से कोई भी चीज जो है वह साइंस नहीं है और साइंटिफिक चीज़...जवाब पढ़िये
यह बहुत ही मूर्खता भरा कदम है जो सीटीसी ने अगर ऐसा कहा है कि इंजीनियरिंग के तहत जो वेद पुराण और योग का अध्ययन करें क्योंकि वेद पुराणों और योग में से कोई भी चीज जो है वह साइंस नहीं है और साइंटिफिक चीज़ों को ही जो है वह इंजीनियर कोर्सेस में स्टडी करना चाहिए l और इस तरीके की जो साहित्य है जो कि ज्यादा से ज्यादा हम उसको स्प्रिचुअल कर सकते हैं, रिलीजियस चीजें कर सकता है इसका इंजीनियरिंग क्लास्सेस में किसी भी तरीके से इंट्रोडक्शन नहीं होना चाहिए और मैं समझता हूं कि बहुत ही गलत कदम है अगर ऐसा सीटीसी उठाया नहीं जा रही है तो lYeh Bahut Hi Murkhta Bhara Kadam Hai Jo Sitisi Ne Agar Aisa Kaha Hai Ki Engineering Ke Tahat Jo Ved Puran Aur Yog Ka Adhyayan Karen Kyonki Ved Puraanon Aur Yog Mein Se Koi Bhi Cheez Jo Hai Wah Science Nahi Hai Aur Scientific Chizon Ko Hi Jo Hai Wah Engineer Course Mein Study Karna Chahiye L Aur Is Tarike Ki Jo Sahitya Hai Jo Ki Jyada Se Jyada Hum Usko Sprichual Kar Sakte Hain Religious Cheezen Kar Sakta Hai Iska Engineering Klasses Mein Kisi Bhi Tarike Se Introduction Nahi Hona Chahiye Aur Main Samajhata Hoon Ki Bahut Hi Galat Kadam Hai Agar Aisa Sitisi Uthaya Nahi Ja Rahi Hai To L
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जैसा कि हम सब जानते हैं कंप्यूटर कंप्यूटर लैंग्वेज से चलता है और दुनिया भर में प्रोग्रामर लैंग्वेज प्रॉब्लम करते हैं लैंग्वेज बनाते हैं जैसे कंप्यूटर काम कर सके और अच्छी तरीके से परसों हम आशा बनाते है...जवाब पढ़िये
जैसा कि हम सब जानते हैं कंप्यूटर कंप्यूटर लैंग्वेज से चलता है और दुनिया भर में प्रोग्रामर लैंग्वेज प्रॉब्लम करते हैं लैंग्वेज बनाते हैं जैसे कंप्यूटर काम कर सके और अच्छी तरीके से परसों हम आशा बनाते हैं कंप्यूटर की भाषा उसका व्याकरण हमेशा गलत होता है और ऐसा शोध में पाया गया है कि संस्कृत जो हमारी भाषा है उसका व्याकरण सबसे सटीक है उसमें कहीं कोई गलती नहीं है कहीं कोई अलग से रूल नहीं है उसका व्याकरण काफी सटीक है और कंप्यूटर इस तरह के व्याख्यान पर काफी अच्छे से काम कर सकता है तो शायद सरकार का यह कहना है कि वह कंप्यूटर के विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ाना चाहिए तो शायद किए वेद पुराण पढ़ाने से ज्यादा अच्छा रहेगा कि छात्रों को संस्कृत के व्याकरण की जानकारी दी जाए जिसकी सहायता से वह शायद कोई नया लैंग्वेज प्रॉब्लम करें और जहां तक योग की बात है योग हर जगह सिखाया जाता है क्योंकि वह मनुष्य को बेहतर बनाता है तो शायद इन्हीं कारणों के कारण सरकार ने ऐसा निर्णय लिया होJaisa Ki Hum Sab Jante Hain Computer Computer Language Se Chalta Hai Aur Duniya Bhar Mein Programmer Language Problem Karte Hain Language Banate Hain Jaise Computer Kaam Kar Sake Aur Acchi Tarike Se Person Hum Asha Banate Hain Computer Ki Bhasha Uska Vyakaran Hamesha Galat Hota Hai Aur Aisa Shodh Mein Paya Gaya Hai Ki Sanskrit Jo Hamari Bhasha Hai Uska Vyakaran Sabse Sateek Hai Usamen Kahin Koi Galti Nahi Hai Kahin Koi Alag Se Rule Nahi Hai Uska Vyakaran Kafi Sateek Hai Aur Computer Is Tarah Ke Vyakhyan Par Kafi Acche Se Kaam Kar Sakta Hai To Shayad Sarkar Ka Yeh Kehna Hai Ki Wah Computer Ke Vidyarthiyon Ko Sanskrit Padhana Chahiye To Shayad Kiye Ved Puran Padhane Se Jyada Accha Rahega Ki Chhatro Ko Sanskrit Ke Vyakaran Ki Jankari Di Jaye Jiski Sahaayata Se Wah Shayad Koi Naya Language Problem Karen Aur Jahan Tak Yog Ki Baat Hai Yog Har Jagah Sikhaya Jata Hai Kyonki Wah Manushya Ko Behtar Banata Hai To Shayad Inhin Kaarno Ke Kaaran Sarkar Ne Aisa Nirnay Liya Ho
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देखिये जैसे एआईसीटी ने कहा है कि इंजीनियरिंग के छात्र नए पाठ्यक्रम की तरह वेद पुराण योग के अध्ययन करेंगे| तो इसमें इंजीनियरिंग की आवश्यकता है| अगर देखा जाए तो योग से हमें काफी फायदे होते हैं, बीमारियो...जवाब पढ़िये
देखिये जैसे एआईसीटी ने कहा है कि इंजीनियरिंग के छात्र नए पाठ्यक्रम की तरह वेद पुराण योग के अध्ययन करेंगे| तो इसमें इंजीनियरिंग की आवश्यकता है| अगर देखा जाए तो योग से हमें काफी फायदे होते हैं, बीमारियों का हल निकलता है| ऐसी जो वेद है इनके अंदर साइंस मिली नहीं हुई है अभी तो भी ये जादा इम्पोर्टेन्ट और स्ट्रोंग विषय है कि इससे हम काफी कुछ सीखते है जैसे हमने देखा है कि जो भारत का पास्ट रहा है वह काफी ज्यादा मजबूत रहा है जो यह चीजें थी कि जो रथ है वह हवा में उड़ रहा है| और आज तक अगर देखा जाए तो हमने अब जाकर एरोप्लेन बनाए हैं| तो पास्ट हमारा यह सारी तकनीके जानता था तो अगर हम भारत के ही पास्ट में खुरेदना शुरू करेंगे तो मैं काफी ज्यादा साइंस मिल सकता है, जैसे एक तीर कमान से दस तीर कमान निकलना| इसका साइंस हम आज तक नहीं निकाल पाए| तो मुझे ऐसा लगता है कि अगर हम पुराना हिस्ट्री भी पड़ेंगे और उसमे अगर हम साइंस को मिला देंगे तो इस से अच्छी चीज़ और कोई हो ही नहीं सकती| तो जो इंजीनियरिंग स्टूडेंट है जब वे इन चीजों के बारे में पड़ेंगे वेद और योग अगर आप सोचें योग से कितनी बीमारियों का हल होता है अगर उसके साथ साइंस भी मिल जाए और हमें इस तरीके से उस योग से हम कुछ और बेटर चीज़ बना सके, तो इससे ज्यादा और क्या एक अच्छी चीज हो सकती है| तो मुझे ऐसा लगता है कि इंजीनियरिंग स्टूडेंट यह पढा कर इससे साइंस को लिंक करना बहुत आवश्यक है | ताकि हो सकता है कि जो लोग योग नहीं कर सकते हम उनके लिए कोई मशीन बना सके, ताकी और यह एसी नई-नई चीजें भी लोगों के दिमाग में आ सकती है तो मेरे हिसाब से बहुत अच्छा स्टेप है|Dekhiye Jaise Eaaisiti Ne Kaha Hai Ki Engineering Ke Chatra Naye Pathyakram Ki Tarah Ved Puran Yog Ke Adhyayan Karenge To Isme Engineering Ki Avashyakta Hai Agar Dekha Jaye To Yog Se Hume Kafi Fayde Hote Hain Bimariyon Ka Hal Nikalta Hai Aisi Jo Ved Hai Inke Andar Science Mili Nahi Hui Hai Abhi To Bhi Ye Jada Important Aur Strong Vishay Hai Ki Isse Hum Kafi Kuch Sikhate Hai Jaise Humne Dekha Hai Ki Jo Bharat Ka Past Raha Hai Wah Kafi Jyada Mazboot Raha Hai Jo Yeh Cheezen Thi Ki Jo Rath Hai Wah Hawa Mein Ud Raha Hai Aur Aaj Tak Agar Dekha Jaye To Humne Ab Jaakar Aeroplane Banaye Hain To Past Hamara Yeh Saree Takanike Jaanta Tha To Agar Hum Bharat Ke Hi Past Mein Khuredana Shuru Karenge To Main Kafi Jyada Science Mil Sakta Hai Jaise Ek Teer Kamaan Se Das Teer Kamaan Nikalna Iska Science Hum Aaj Tak Nahi Nikal Paye To Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Agar Hum Purana History Bhi Padenge Aur Usme Agar Hum Science Ko Mila Denge To Is Se Acchi Cheez Aur Koi Ho Hi Nahi Sakti To Jo Engineering Student Hai Jab Ve In Chijon Ke Baare Mein Padenge Ved Aur Yog Agar Aap Sochen Yog Se Kitni Bimariyon Ka Hal Hota Hai Agar Uske Saath Science Bhi Mil Jaye Aur Hume Is Tarike Se Us Yog Se Hum Kuch Aur Better Cheez Bana Sake To Isse Jyada Aur Kya Ek Acchi Cheez Ho Sakti Hai To Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Engineering Student Yeh Padha Kar Isse Science Ko Link Karna Bahut Aavashyak Hai | Taki Ho Sakta Hai Ki Jo Log Yog Nahi Kar Sakte Hum Unke Liye Koi Machine Bana Sake Taaki Aur Yeh Ac Nayi Nayi Cheezen Bhi Logon Ke Dimag Mein Aa Sakti Hai To Mere Hisab Se Bahut Accha Step Hai
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देखिए मेरे हिसाब से ही जो एआईसीजीए ने यह जो निर्णय लिया है यह जो फैसला लिया है कि उन्होंने ऐसा कहा है कि इंजीनियरिंग के छात्र नई पाठकर्म के तहत वेद, पुराण और योग का अध्ययन करेंगे| यह मेरे हिसाब से यह ...जवाब पढ़िये
देखिए मेरे हिसाब से ही जो एआईसीजीए ने यह जो निर्णय लिया है यह जो फैसला लिया है कि उन्होंने ऐसा कहा है कि इंजीनियरिंग के छात्र नई पाठकर्म के तहत वेद, पुराण और योग का अध्ययन करेंगे| यह मेरे हिसाब से यह फैसला बिल्कुल सही है क्योंकि जो हमारा भारत देश है वह उसके लिए वेद, पुराण और योग यह भारत देश के तीन स्तम्भ है| अपना भारत देश इन्हीं के बेसिसी पर चल रहा है| और इवन मोदी जी ने योग को पूरी दुनिया के सामने इतना ज्यादा आगे लाए हैं| उन्होंने 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित किया है| और जो वेद और पुराण जैसी चीजें हैं यह हर एक इंसान में आनी चाहिए पर लेकिन आजकल के युवकों में अगर हम देखें तो वेद, पुराण, योग ऐसे तीनों ही चीज़े नहीं है| अपना भारत वर्ष है, जो अपना भारत देश है, वह वेस्टर्न कल्चर की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहा है| नए युग के सामान जिमिंग पर जादा कंसन्ट्रेट कर रहे है, वेद और पुराण की जगह जो वेस्टर्न नॉलेज है उसकी तरफ ज्यादा अट्रैक्ट हो रहे हैं तो इसको कम करने के लिए और अपने भारत देश को आगे बढ़ता हुआ देखने के लिए यह एआईसीजीए ने यह जो निर्णय लिया है, मेरे हिसाब से बिल्कुल सही निर्णय लिया है|Dekhie Mere Hisab Se Hi Jo Eaaisijiye Ne Yeh Jo Nirnay Liya Hai Yeh Jo Faisla Liya Hai Ki Unhone Aisa Kaha Hai Ki Engineering Ke Chatra Nayi Pathakarm Ke Tahat Ved Puran Aur Yog Ka Adhyayan Karenge Yeh Mere Hisab Se Yeh Faisla Bilkul Sahi Hai Kyonki Jo Hamara Bharat Desh Hai Wah Uske Liye Ved Puran Aur Yog Yeh Bharat Desh Ke Teen Stambha Hai Apna Bharat Desh Inhin Ke Besisi Par Chal Raha Hai Aur Even Modi Ji Ne Yog Ko Puri Duniya Ke Samane Itna Jyada Aage Laye Hain Unhone 21 June Ko Vishwa Yog Divas Ghoshit Kiya Hai Aur Jo Ved Aur Puran Jaisi Cheezen Hain Yeh Har Ek Insaan Mein Aani Chahiye Par Lekin Aajkal Ke Yuvakon Mein Agar Hum Dekhen To Ved Puran Yog Aise Teenon Hi Chizey Nahi Hai Apna Bharat Varsh Hai Jo Apna Bharat Desh Hai Wah Western Culture Ki Oar Jyada Aakarshit Ho Raha Hai Naye Yug Ke Saamaan Jiming Par Jada Concentrate Kar Rahe Hai Ved Aur Puran Ki Jagah Jo Western Knowledge Hai Uski Taraf Jyada Attract Ho Rahe Hain To Isko Kum Karne Ke Liye Aur Apne Bharat Desh Ko Aage Badhta Hua Dekhne Ke Liye Yeh Eaaisijiye Ne Yeh Jo Nirnay Liya Hai Mere Hisab Se Bilkul Sahi Nirnay Liya Hai
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वेद, पुराण और योग हमारी भारतीय सभ्यता और संस्कृति के आधार स्तंभ है| योग को तो अभी प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के सामने रखकर उस 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करवाया है| और वह वेद और पुराण को जानना मुझे...जवाब पढ़िये
वेद, पुराण और योग हमारी भारतीय सभ्यता और संस्कृति के आधार स्तंभ है| योग को तो अभी प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के सामने रखकर उस 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करवाया है| और वह वेद और पुराण को जानना मुझे लगता है आज की युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है कि वह समझे कि हमारी भारतीय सभ्यता में वेद पुराण का क्या महत्व था? और योग किस तरह से काम करता था? मुझे लगता है कि आज की जो भाग दौड़ भरी जिंदगी है, जो अशांति है, लोगों में जो काम के प्रति उनका जुनून है, उसे नियंत्रित करने के लिए योग होना बहुत आवश्यक है| योग के बारे में समझना, जानना अति आवश्यक है, शायद इसीलिए इसे चालू करने की कोशिश की जा रही है| आज के बच्चों को, आज की पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि योग से कितना कुछ आप कर सकते हैं| योग से आपको शक्ति मिलती है, आप को ऊर्जा मिलती है, अगर आप उसको रोज की दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं तो आप एक नई शक्ति से, नई उर्जा से भर जाते हैं| योग आपको शांति प्रदान करता है, योग आपको कार्य करने की ताकत देता है, योग आपके सोचने समझने की शक्ति को बढ़ा देता है, आपको शारीरिक रूप से भी वह समर्थ करता है| कई बीमारियों का योग से इलाज हो जाता है, इंसान को शांति मिलती है और मुझे लगता है, अपने वेद पुराणों से भी जो पुराना साहित्य है, जो पुरानी सभ्यता है, उसके बारे में आज की पीढ़ी को जानना चाहिए कि किस तरह से पुरानी सभ्यता में जीवन शैली होती थी और कैसे वह लोग शांति से जीवन व्यतीत करते थे? आज की इस भाग दौड़ की जिंदगी में योग का बहुत महत्व है, अगर योग को, यह योग की जीवन शैली को आधुनिक बच्चे अपना लेते हैं, तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा वह शांति महसूस करेंगे|Ved Puran Aur Yog Hamari Bhartiya Sabhyata Aur Sanskriti Ke Aadhar Stambh Hai Yog Ko To Abhi Pradhanmantri Modi Ne Vishwa Ke Samane Rakhakar Us 21 June Ko Vishwa Yog Divas Ghoshit Karvaya Hai Aur Wah Ved Aur Puran Ko Janana Mujhe Lagta Hai Aaj Ki Yuva Pidhi Ke Liye Bahut Zaroori Hai Ki Wah Samjhe Ki Hamari Bhartiya Sabhyata Mein Ved Puran Ka Kya Mahatva Tha Aur Yog Kis Tarah Se Kaam Karta Tha Mujhe Lagta Hai Ki Aaj Ki Jo Bhag Daudh Bhari Zindagi Hai Jo Ashanti Hai Logon Mein Jo Kaam Ke Prati Unka Junuun Hai Use Niyantrit Karne Ke Liye Yog Hona Bahut Aavashyak Hai Yog Ke Baare Mein Samajhna Janana Ati Aavashyak Hai Shayad Isliye Ise Chalu Karne Ki Koshish Ki Ja Rahi Hai Aaj Ke Bacchon Ko Aaj Ki Pidhi Ko Yeh Janana Chahiye Ki Yog Se Kitna Kuch Aap Kar Sakte Hain Yog Se Aapko Shakti Milti Hai Aap Ko Urja Milti Hai Agar Aap Usko Roj Ki Dinacharya Mein Shamil Kar Lete Hain To Aap Ek Nayi Shakti Se Nayi Urja Se Bhar Jaate Hain Yog Aapko Shanti Pradan Karta Hai Yog Aapko Karya Karne Ki Takat Deta Hai Yog Aapke Sochne Samjhne Ki Shakti Ko Badha Deta Hai Aapko Shaaririk Roop Se Bhi Wah Samarth Karta Hai Kai Bimariyon Ka Yog Se Ilaj Ho Jata Hai Insaan Ko Shanti Milti Hai Aur Mujhe Lagta Hai Apne Ved Puraanon Se Bhi Jo Purana Sahitya Hai Jo Purani Sabhyata Hai Uske Baare Mein Aaj Ki Pidhi Ko Janana Chahiye Ki Kis Tarah Se Purani Sabhyata Mein Jeevan Shaili Hoti Thi Aur Kaise Wah Log Shanti Se Jeevan Vyatit Karte The Aaj Ki Is Bhag Daudh Ki Zindagi Mein Yog Ka Bahut Mahatva Hai Agar Yog Ko Yeh Yog Ki Jeevan Shaili Ko Aadhunik Bacche Apna Lete Hain To Unhen Bahut Accha Lagega Wah Shanti Mahsus Karenge
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