भारत की राष्ट्रभाषा पूरे देश में लागू क्यों नहीं होती ? ...

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भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं बल्कि राजभाषा है राजभाषा का अर्थ होता है कि जिस भाषा में गवर्नमेंट या ऑफिशियल काम होता है और यह सारी सेंट्रल गवर्नमेंट जिस भाषा में काम करती इसके अलावा स्टेट गोवेर्मेंट के लिए अलग-अलग राजभाषा है जिसमें कई स्टेट्स में जो नोटिस की स्टेटस से नागालैंड हुआ वहां पर इंग्लिश में इंग्लिश को राजभाषा माना गया है भारत की राष्ट्रभाषा पूरे देश में लागू मुझे लगता है यह कैसी भाषा तो होनी ही चाहिए चाहे हिंदी हो चाहे कोई भी हो हिंदी मुझे लगता है शायद सबसे ज्यादा सीटें बोली जाती है तो एक हिंदी को एक स्टेट के सभी कंट्री में पूरी की पूरी में स्पेयर करना चाहिए ऐसा ना हो कि हम दूसरी भाषा का इस्तेमाल कर दूसरी भाषा का मेरा मतलब है कि विदेशी भाषा का इस्तेमाल अगर मैं अपनी कंट्री में करना पड़े तो डेवलपमेंट मेरे हिसाब से तो बिल्कुल नहीं है राजभाषा चाहे कोई भी हो लेकिन राष्ट्रभाषा एक ही होनी चाहिए और उस भाषा में हम एक दूसरे कम्यूनिकेट कर सके रेट लिस्ट अपनी कंट्री में तो हमें विदेशी भाषा का इस्तेमाल ना करना पड़े और 1991 के बाद तेजी से इंग्लिश में जो इंप्रूव जो एकदम से वह हुआ है उसे हुआ है वह 1991 के बाद से हुआ है मुझे लगता है कि हर देश की जिसकी जितनी भी भाषा है हर भाषा को बराबर सम्मान में नसीब बराबर का इंक्रीमेंट करना चाहिए लेकिन किसी एक भाषा को जरूर हम सब को आगे लाना चाहिए जिस भाषा से हम पूरे जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक गुजरात से लेकर 9 से 25 तक कम्यूनिकेट कर सके मुझे लगता है इसके लिए शायद हिंदी बेस्ट है इसलिए नहीं कि मैं हिंदी बोल रहा हूं इसलिए क्योंकि भारत के 40% आबादी हिंदी बोलती है इसलिए थैंक यूBharat Ki Koi Rashtrabhasha Nahi Balki Rajbhasha Hai Rajbhasha Ka Arth Hota Hai Ki Jis Bhasha Mein Government Ya Official Kaam Hota Hai Aur Yeh Saree Central Government Jis Bhasha Mein Kaam Karti Iske Alava State Government Ke Liye Alag Alag Rajbhasha Hai Jisme Kai States Mein Jo Notice Ki Status Se Nagaland Hua Wahan Par English Mein English Ko Rajbhasha Mana Gaya Hai Bharat Ki Rashtrabhasha Poore Desh Mein Laagu Mujhe Lagta Hai Yeh Kaisi Bhasha To Honi Hi Chahiye Chahe Hindi Ho Chahe Koi Bhi Ho Hindi Mujhe Lagta Hai Shayad Sabse Jyada Seaten Boli Jati Hai To Ek Hindi Ko Ek State Ke Sabhi Country Mein Puri Ki Puri Mein Speyar Karna Chahiye Aisa Na Ho Ki Hum Dusri Bhasha Ka Istemal Kar Dusri Bhasha Ka Mera Matlab Hai Ki Videshi Bhasha Ka Istemal Agar Main Apni Country Mein Karna Pade To Development Mere Hisab Se To Bilkul Nahi Hai Rajbhasha Chahe Koi Bhi Ho Lekin Rashtrabhasha Ek Hi Honi Chahiye Aur Us Bhasha Mein Hum Ek Dusre Communicate Kar Sake Rate List Apni Country Mein To Hume Videshi Bhasha Ka Istemal Na Karna Pade Aur 1991 Ke Baad Teji Se English Mein Jo Improve Jo Ekdam Se Wah Hua Hai Use Hua Hai Wah 1991 Ke Baad Se Hua Hai Mujhe Lagta Hai Ki Har Desh Ki Jiski Jitni Bhi Bhasha Hai Har Bhasha Ko Barabar Samman Mein Nasib Barabar Ka Increment Karna Chahiye Lekin Kisi Ek Bhasha Ko Jarur Hum Sab Ko Aage Lana Chahiye Jis Bhasha Se Hum Poore Jammu Kashmir Se Kanyakumari Tak Gujarat Se Lekar 9 Se 25 Tak Communicate Kar Sake Mujhe Lagta Hai Iske Liye Shayad Hindi Best Hai Isliye Nahi Ki Main Hindi Bol Raha Hoon Isliye Kyonki Bharat Ke 40% Aabadi Hindi Bolti Hai Isliye Thank You
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भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी जो है वह पूरे देश में लागू होनी चाहिए लेकिन वह सही नहीं क्योंकि जितने भी राज्य हैं वह बहुत पुराने या फिर जितने भी कल्चर है भारत में वह तो पुरानी है बहुत सालों से तो उनकी जो भाषा है वही मस्तक शुरुआती दिनों से बोलते आ रहे तो उनके लिए भी हिंदी बोलना थोड़ा मुश्किल होगा और मुझे लगता की हिंदी जो है सब देश में कंपलसरी करना चाहिए जिससे वीर्ए पार्टिकल रीजन कि जो भी उनकी रीजनल लैंग्वेज है या फिर जो उनकी मातृभाषा मदर टंग है उन्हें उन्हें जो है बोल देना चाहिए क्योंकि उनमें उनकी आसानी भी होते अच्छा कम्युनिकेशन करतेBharat Ki Rashtrabhasha Hindi Jo Hai Wah Poore Desh Mein Laagu Honi Chahiye Lekin Wah Sahi Nahi Kyonki Jitne Bhi Rajya Hain Wah Bahut Purane Ya Phir Jitne Bhi Culture Hai Bharat Mein Wah To Purani Hai Bahut Salon Se To Unki Jo Bhasha Hai Wahi Mastak Suruaati Dinon Se Bolte Aa Rahe To Unke Liye Bhi Hindi Bolna Thoda Mushkil Hoga Aur Mujhe Lagta Ki Hindi Jo Hai Sab Desh Mein Compulsory Karna Chahiye Jisse Virye Particle Reason Ki Jo Bhi Unki Regional Language Hai Ya Phir Jo Unki Matrubhasha Mother Tongue Hai Unhen Unhen Jo Hai Bol Dena Chahiye Kyonki Unmen Unki Aasani Bhi Hote Accha Communication Karte
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भारत की राष्ट्रभाषा पूरे देश में लागू होने से जरूर होनी चाहिए लेकिन जो है वह अगर आप देखेंगे दक्षिणी भारत के लोग जो है उनके भजन का जो भाषा रहता है जैसे कि तुम मिलना चाहते हो रहता है मलयालम रहता है उनके लिए उनके लिए जो है वह हिंदी का प्रयोग करना उनके लिए काफी कठिन सा होता है तो उनका जो है क्या क्या कहते जो एक्सीडेंट है वह बैठता नहीं है हिंदी के लिए तो इसलिए वह हिंदी जो है बचपन में से बचपन से सीखते नहीं है इंग्लिश जो है काफी हद तक उनके Action को जो जम जाती है और वहां दक्षिण भारत के लोग तो इतने एजुकेटेड भी होते हैं तो इसके लिए हिंदी थोड़ी सी मुश्किल है पूरे इसमें बनने के लिए नाग राष्ट्रभाषा बनने के लिए देश की लेकिन जरूर होनी चाहिएBharat Ki Rashtrabhasha Poore Desh Mein Laagu Hone Se Jarur Honi Chahiye Lekin Jo Hai Wah Agar Aap Dekhenge Dakshini Bharat Ke Log Jo Hai Unke Bhajan Ka Jo Bhasha Rehta Hai Jaise Ki Tum Milna Chahte Ho Rehta Hai Malyalam Rehta Hai Unke Liye Unke Liye Jo Hai Wah Hindi Ka Prayog Karna Unke Liye Kafi Kathin Sa Hota Hai To Unka Jo Hai Kya Kya Kehte Jo Accident Hai Wah Baithta Nahi Hai Hindi Ke Liye To Isliye Wah Hindi Jo Hai Bachpan Mein Se Bachpan Se Sikhate Nahi Hai English Jo Hai Kafi Had Tak Unke Action Ko Jo Jam Jati Hai Aur Wahan Dakshin Bharat Ke Log To Itne Educated Bhi Hote Hain To Iske Liye Hindi Thodi Si Mushkil Hai Poore Isme Banane Ke Liye Nag Rashtrabhasha Banane Ke Liye Desh Ki Lekin Jarur Honi Chahiye
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मुझे भारत के दो अनौपचारिक जो मातृभाषा है वह हिंदी है लेकिन उसे औपचारिक नहीं किया जाता है और पूरे देश में नहीं लागू किया जाता है क्योंकि तू सावन स्टेट्स हैं उसमें उसमें जो है वह हिंदी का उद्गम भूल चला नहीं है वहां पर हिंदू हिंदी जो है वहां पर ना के बराबर यूज की जाती है या बहुत कम यूज़ की जाती है अगर आप मेरे देश में जाएंगे हैदराबाद चेन्नई बेंगलुरु यहां पर पोस्ट करते हैं कि जब हम लोग नहीं बोलते तो आप कैसे पूरे कंट्री का कर सके तो इसमें कुछ प्रॉब्लम होती है चीजों में अभी मातृभाषा हिंदी को रिप्लाई करने में राष्ट्र भाषा में भी दिखाते हैंMujhe Bharat Ke Do Unaupcharik Jo Matrubhasha Hai Wah Hindi Hai Lekin Use Aupcharik Nahi Kiya Jata Hai Aur Poore Desh Mein Nahi Laagu Kiya Jata Hai Kyonki Tu Sawan States Hain Usamen Usamen Jo Hai Wah Hindi Ka Udgam Bhul Chala Nahi Hai Wahan Par Hindu Hindi Jo Hai Wahan Par Na Ke Barabar Use Ki Jati Hai Ya Bahut Kum Use Ki Jati Hai Agar Aap Mere Desh Mein Jaenge Hyderabad Chennai Bengaluru Yahan Par Post Karte Hain Ki Jab Hum Log Nahi Bolte To Aap Kaise Poore Country Ka Kar Sake To Isme Kuch Problem Hoti Hai Chijon Mein Abhi Matrubhasha Hindi Ko Reply Karne Mein Rashtra Bhasha Mein Bhi Dikhate Hain
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दिन कुछ ऐसे राज्य है जहां पर हिंदी कम यूज ली जाती है खासतौर से साउथ एरिया होता है वहां पर हिंदी को बहुत ही कम यूज किया जाता है UC नहीं लिया जाता इसका प्रमुख कारण हमारी हिस्ट्रीशीटर की वापरावा क्लॉक हिंदी को ज्यादा यूज़ नहीं ले लेते आना ही जानते हैं तो पूरे देश में हमारी हिंदी भाषा को लागू नहीं कर सकते लेकिन दस्तावेजों के जितने भी काट लेते हैं वापस हिंदी और इंग्लिश दोनों चलती है वहां पर दोनों तेरी कैसे काम होता है इसलिए हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में माना जाता हैDin Kuch Aise Rajya Hai Jahan Par Hindi Kum Use Lee Jati Hai Khaastaur Se South Area Hota Hai Wahan Par Hindi Ko Bahut Hi Kum Use Kiya Jata Hai UC Nahi Liya Jata Iska Pramukh Kaaran Hamari Historysheeter Ki Vaprawa Clock Hindi Ko Jyada Use Nahi Le Lete Aana Hi Jante Hain To Poore Desh Mein Hamari Hindi Bhasha Ko Laagu Nahi Kar Sakte Lekin Dastawejon Ke Jitne Bhi Kaat Lete Hain Wapas Hindi Aur English Dono Chalti Hai Wahan Par Dono Teri Kaise Kaam Hota Hai Isliye Hindi Ko Rashtrabhasha Ke Roop Mein Mana Jata Hai
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ऐसा तो नहीं हो सकता कि एक लैंग्वेज पूरे इंडिया में बोली जाए ऐसे ही देख लो कि नोट में नोट कर देख लो नोट्स न्यूज़ इन हिंदी में से बात करते हैं वह साउथ में हिंदी में हिंदी में बात नहीं करते हैं हम हिंदी यूज होती है और पूरे इंडिया में भाई-भाई ऐसी लैंग्वेज हैं जो पूरे इंडिया में बोली जाती हैं जैसे जनरल और 150 नई नई आदि लैंग्वेज इज जस्ट लैंग्वेज होती है और जब रोड मींस बार-बार के हिसाब से देखा जाए तो इंडिया में सी लैंग्वेज बोली ज्यादा लैंग्वेज बोली जाती है बाकियों से यह एक तरह से अच्छी चीज हैAisa To Nahi Ho Sakta Ki Ek Language Poore India Mein Boli Jaye Aise Hi Dekh Lo Ki Note Mein Note Kar Dekh Lo Notes News In Hindi Mein Se Baat Karte Hain Wah South Mein Hindi Mein Hindi Mein Baat Nahi Karte Hain Hum Hindi Use Hoti Hai Aur Poore India Mein Bhai Bhai Aisi Language Hain Jo Poore India Mein Boli Jati Hain Jaise General Aur 150 Nayi Nayi Aadi Language Is Just Language Hoti Hai Aur Jab Road Means Baar Baar Ke Hisab Se Dekha Jaye To India Mein Si Language Boli Jyada Language Boli Jati Hai Bakiyon Se Yeh Ek Tarah Se Acchi Cheez Hai
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भारत की राष्ट्रभाषा पूरे देश में लागू नहीं होने के बहुत सारे कारण हैं जैसे की हम भारत में भारत एक बड़ा देश है और इस देश में बहुत किस्म के लोग रहते हैं जो जिनका अपना हीरक वर्ष स्टेट का या फिर कुछ जगह का लोकल लैंग्वेज रहती है इस चीज को हाथ न लगना चाहता है तो भारत में इतने सारे स्टेट है हर स्टेट में अलग-अलग लैंग्वेज है और हर जगह पर अलग-अलग लोग हैं तो भारत में डेढ़ हजार से ज्यादा भाषाएं बोली जाती है और एक बात यह भी आती है कि हिंदी बहुत सारे लोगों को नहीं मालूम है उन लोगों को नहीं आता है तो अगर हिंदी को ऑफिशियल लैंग्वेज डाल दिया जाए तो अब एक कॉफी सेटिंग करने के लिए ही लोगों को हिंदी सीखने की जरूरत पड़ जाएगी तो इसलिए कि अब भारत कितने बहुत सारे जगह पर अब वह सबका अपना ऑफ लोकल लैंग्वेज है आप अपना स्टेट का लैंग्वेज है अपना डिफरेंट की मदद करनी है और लोगों का डिमांड के हिसाब से भी अभी जहाज जो लैंग्वेज स्पीकर होता है उसी के हिसाब से भारत की राष्ट्रभाषा पूरे देश में हिंदी का क्यों नहीं लागू किया है लेकिन मैं भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ-साथ इंग्लिश को क्यों माना गया है क्योंकि इंग्लिश स्थापना कब आता है इसीलिएBharat Ki Rashtrabhasha Poore Desh Mein Laagu Nahi Hone Ke Bahut Sare Kaaran Hain Jaise Ki Hum Bharat Mein Bharat Ek Bada Desh Hai Aur Is Desh Mein Bahut Kism Ke Log Rehte Hain Jo Jinka Apna Hiraka Varsh State Ka Ya Phir Kuch Jagah Ka Local Language Rehti Hai Is Cheez Ko Hath N Lagna Chahta Hai To Bharat Mein Itne Sare State Hai Har State Mein Alag Alag Language Hai Aur Har Jagah Par Alag Alag Log Hain To Bharat Mein Dedh Hazar Se Jyada Bhashayen Boli Jati Hai Aur Ek Baat Yeh Bhi Aati Hai Ki Hindi Bahut Sare Logon Ko Nahi Maloom Hai Un Logon Ko Nahi Aata Hai To Agar Hindi Ko Official Language Dal Diya Jaye To Ab Ek Coffee Setting Karne Ke Liye Hi Logon Ko Hindi Seekhne Ki Zaroorat Padh Jayegi To Isliye Ki Ab Bharat Kitne Bahut Sare Jagah Par Ab Wah Sabka Apna Of Local Language Hai Aap Apna State Ka Language Hai Apna Different Ki Madad Karni Hai Aur Logon Ka Demand Ke Hisab Se Bhi Abhi Jahaj Jo Language Speaker Hota Hai Ussi Ke Hisab Se Bharat Ki Rashtrabhasha Poore Desh Mein Hindi Ka Kyun Nahi Laagu Kiya Hai Lekin Main Bharat Ki Rashtrabhasha Hindi Ke Saath Saath English Ko Kyun Mana Gaya Hai Kyonki English Sthapana Kab Aata Hai Isliye
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