कोई भी राजनीतिक पार्टी न्यायालय के सुधार का मुद्दा नहीं उठाती । क्यों ? ...

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कोई भी राजनीतिक पार्टी न्यायालय में सुधार का मुद्दा नहीं उठाती है ना ही उठाएगी क्योंकि राजनीतिक दखल की वजह से ही न्याय व्यवस्था का यह हाल हुआ है राजनीति में जिनके ऊंचे बहुत छोटी है वह लोग कुछ गलत कर के भी अपने राजनैतिक सोर्सेस की वजह से बच निकलते हैं भ्रष्टाचार की वजह से न्याय व्यवस्था भी अंदर से खोखली हो गई है कुछ ईमानदार लोगों की इमानदारी भी बेईमानी के आगे चल नहीं पाती है ऐसा नहीं है कि ईमानदारी बची नहीं है अभी भी सच्चाई और ईमानदारी है और न्याय मिलता है लेकिन कई बार इसमें बहुत वक्त लग जाता है अगर राजनीति से भ्रष्टाचार और बेईमानी खत्म हो जाए तो बाकी सब जगह से भी इसे हटाने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा जरूरत है आज राजनीति में युवा सोच पढ़े-लिखे और ईमानदार नेताओं की जो देश को सेवा का संकल्प लेकर राजनीति में आए जनता की भलाई के बारे में सोचते तभी वह व्यवस्था बदल शक्ति हैKoi Bhi Rajnitik Party Nyayalaya Mein Sudhaar Ka Mudda Nahi Uthaati Hai Na Hi Uthayegee Kyonki Rajnitik Dakhal Ki Wajah Se Hi Nyay Vyavastha Ka Yeh Haal Hua Hai Rajneeti Mein Jinke Unche Bahut Choti Hai Wah Log Kuch Galat Kar Ke Bhi Apne Rajnaitik Sources Ki Wajah Se Bach Nikalte Hain Bhrashtachar Ki Wajah Se Nyay Vyavastha Bhi Andar Se Khokhalee Ho Gayi Hai Kuch Imandar Logon Ki Imaandari Bhi Baimani Ke Aage Chal Nahi Pati Hai Aisa Nahi Hai Ki Imaandaari Bachi Nahi Hai Abhi Bhi Sacchai Aur Imaandaari Hai Aur Nyay Milta Hai Lekin Kai Baar Isme Bahut Waqt Lag Jata Hai Agar Rajneeti Se Bhrashtachar Aur Baimani Khatam Ho Jaye To Baki Sab Jagah Se Bhi Ise Hatane Mein Jyada Waqt Nahi Lagega Zaroorat Hai Aaj Rajneeti Mein Yuva Soch Padhe Likhe Aur Imandar Netaon Ki Jo Desh Ko Seva Ka Sankalp Lekar Rajneeti Mein Aaye Janta Ki Bhalai Ke Baare Mein Sochte Tabhi Wah Vyavastha Badal Shakti Hai
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कोई भी राजनीतिक पार्टी नालों के मुद्दों को इसलिए नहीं उठाती है और उनके सुधार के बारे में इसलिए नहीं सोचती है क्योंकि जो न्यायालय होता है उद्यानिकी जुडिशरी और चौपाटी सोते हैं यानी कि लेजिस्लेटिव यह दोनों अलग-अलग पार्ट होते हैं गवर्नमेंट के भजन एवं अलग-अलग गवर्नमेंट के ऑर्गन कहते हैं और जिनकी वजह से गवर्नमेंट काम करवाती है किसी भी देश की लेकिन हमको यह बात जान ली होगी यह दोनों अलग-अलग पार्ट्स MP3 एक दूसरे से मिलकर नहीं रह सकते हैं और ना ही एक दूसरे का इन के लोगों का एक दूसरे पर कोई भी पावर होती है जिससे वह अपने आप कुछ कर सके तो अगर न्यायालय कोई भी फैसला लेता है या वह कोई भी जजमेंट देता है तो उसमें किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई भी हाथ नहीं हो सकता है और ना ही कोई राजनीतिक पार्टी न्यायालय को फोर्स कर सकती है कि कुछ काम करने के लिए और इंडिया कोई जजमेंट देने के लिए और यही वजह है जिसकी वजह से हम को न्याय पुर जजमेंट मिल पाते हैं किसी कोई पार्टी अपना फैसला होली सकती है चाहे वह कितनी भी रूलिंग पार्टी में रही हो और उसके बाद जो न्यायालय के सुधार की बात है तो उसके लिए सुप्रीम कोर्ट बनाया हुआ है अगर आपको किसी भी नीचे के न्यायलय में कोई भी दिक्कत होती है कोई भी ऐसी जगह जजमेंट मिलता है जो कि आपको यह लगता है कि वह दयापुर नहीं है तो आप उसको सुधार के लिए या फिर उसको बदलवाने के लिए फेस को चैलेंज करने के लिए किसी भी ऊपर रख कि कोर्ट में जाकर अपील कर सकते हैं और वहां पर जरूर आपकी कॉन्स्टिट्यूशन पंचवटी की जिसमें एक नहीं बल्कि 2 दिन या 5 या फिर उससे ज्यादा जज बैठकर आपका फैसला लेते हैं जो कि ज़रूर रहने अपूर्ण ही होगाKoi Bhi Rajnitik Party Naalo Ke Muddon Ko Isliye Nahi Uthaati Hai Aur Unke Sudhaar Ke Baare Mein Isliye Nahi Sochti Hai Kyonki Jo Nyayalaya Hota Hai Udyaniki Judiciary Aur Chowpatty Sote Hain Yani Ki Legislative Yeh Dono Alag Alag Part Hote Hain Government Ke Bhajan Evam Alag Alag Government Ke Organ Kehte Hain Aur Jinaki Wajah Se Government Kaam Karwati Hai Kisi Bhi Desh Ki Lekin Hamko Yeh Baat Jaan Lee Hogi Yeh Dono Alag Alag Parts MP3 Ek Dusre Se Milkar Nahi Rah Sakte Hain Aur Na Hi Ek Dusre Ka In Ke Logon Ka Ek Dusre Par Koi Bhi Power Hoti Hai Jisse Wah Apne Aap Kuch Kar Sake To Agar Nyayalaya Koi Bhi Faisla Leta Hai Ya Wah Koi Bhi Judgement Deta Hai To Usamen Kisi Bhi Rajnitik Party Ka Koi Bhi Hath Nahi Ho Sakta Hai Aur Na Hi Koi Rajnitik Party Nyayalaya Ko Force Kar Sakti Hai Ki Kuch Kaam Karne Ke Liye Aur India Koi Judgement Dene Ke Liye Aur Yahi Wajah Hai Jiski Wajah Se Hum Ko Nyay Pur Judgement Mil Paate Hain Kisi Koi Party Apna Faisla Holi Sakti Hai Chahe Wah Kitni Bhi Ruling Party Mein Rahi Ho Aur Uske Baad Jo Nyayalaya Ke Sudhaar Ki Baat Hai To Uske Liye Supreme Court Banaya Hua Hai Agar Aapko Kisi Bhi Neeche Ke Nayayalaya Mein Koi Bhi Dikkat Hoti Hai Koi Bhi Aisi Jagah Judgement Milta Hai Jo Ki Aapko Yeh Lagta Hai Ki Wah Dayapur Nahi Hai To Aap Usko Sudhaar Ke Liye Ya Phir Usko Badalavane Ke Liye Face Ko Challenge Karne Ke Liye Kisi Bhi Upar Rakh Ki Court Mein Jaakar Appeal Kar Sakte Hain Aur Wahan Par Jarur Aapki Constitution Panchawati Ki Jisme Ek Nahi Balki 2 Din Ya 5 Ya Phir Usse Jyada Judge Baithkar Aapka Faisla Lete Hain Jo Ki Jarur Rehne Apurn Hi Hoga
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