राजा पृथ्वी वल्लभ के बारे में कुछ बताएं ...

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1920 में मुंशी जी द्वारा लिखे गए एक उपन्यास के प्रमुख पात्र का नाम था पृथ्वी वल्लभ इस नाम का सच में इतिहास में कोई राजा था ही नहीं कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी गुजरात राज्य के एक वकील स्वतंत्रता सेनानी लेखक राजनीतिक शिक्षाविद थे उन्होंने भारतीय विद्या भवन ट्रस्ट व लेखन के लिए जाना जाता है उन्होंने ज्यादा तर काल्पनिक ऐतिहासिक विषयों पर ही लिखा है पृथ्वी वल्लभ भी उन्ही में से एक है 1943 में सोहराब मोदी ने इस पर एक फिल्म बनाई थी और वर्तमान में Sony TV पर इसे सीरियल के रूप में भव्य नए अंदाज में लाया जा रहा है1920 Mein Munshi Ji Dwara Likhe Gaye Ek Upanyaas Ke Pramukh Patra Ka Naam Tha Prithvi Vallabh Is Naam Ka Sach Mein Itihas Mein Koi Raja Tha Hi Nahi Kanhaiyalal Maniklal Munshi Gujarat Rajya Ke Ek Vakil Swatantrata Senaanee Lekhak Rajnitik Shikshavid The Unhone Bhartiya Vidya Bhavan Trust V Lekhan Ke Liye Jana Jata Hai Unhone Jyada Tar Kalpnik Aetihasik Vishyon Par Hi Likha Hai Prithvi Vallabh Bhi Unhi Mein Se Ek Hai 1943 Mein Sohrab Modi Ne Is Par Ek Film Banai Thi Aur Vartaman Mein Sony TV Par Ise Serial Ke Roop Mein Bhavya Naye Andaaz Mein Laya Ja Raha Hai
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आंधी की राजा पृथ्वी वल्लभ अभी-अभी हमें नाम सुनने को मिला है क्योंकि और टीवी पर सोनी चैनल पर नया प्रोग्राम शुरू होने वाला है कि लोगों के दिमाग में यह बताया कि राज्य पृथ्वी वल्लभ कौन है जमीन के बारे में हमने पहले कभी नहीं सुना तो मैं आपको बता दूं कि राजा पृथ्वी वल्लभ नाम के कोई रियालिटी में राजा है ही नहीं 1920 में कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने किताब लिखी थी पृथ्वी वल्लभ यह उसके कैरेक्टर है और उस किताब के मुताबिक वह जम्मू कश्मीर के एक छोटे से शहर अवंतीपुर के राजा हैं बहुत नरम दिल है कविताओं से बहुत प्यार करते हैं खुद एक कवि हैं और हिंसा में विश्वास नहीं रखते को दूसरा जाऊं पर्यटक भी नहीं करते बलशाली बहुत है बट 8 लिटरेचर डांस म्यूजिक यह सब में ज्यादा विश्वास रखते हैं दूसरी तरफ उनके पड़ोसी है राजा तालाब वह हिंसक है बहुत अत्याचारी है बहुत वह सिर्फ कविता का नाच आते हैं और वह अपनी बहन मृणाल वती के साथ मिलकर राजा पृथ्वी वल्लभ को बैठक करते हैं और उन को बंदी बना लेता और वहां पर राजा पृथ्वी वल्लभ को मिला युवती से प्यार हो जाता है इसका अक्षय 943 में एक मूवी पर बनी थी राजा पृथ्वी वल्लभ के ऊपर सौरभ मोदी ने डायरेक्ट की थी मूवी तुलजा लिपि में से कोई राजा नहीं है ID में सब कोई स्टोरी नहीं है यह बस एक नोबेल की कहानी पर आधारित होगाAndhi Ki Raja Prithvi Vallabh Abhi Abhi Hume Naam Sunane Ko Mila Hai Kyonki Aur Tv Par Sony Channel Par Naya Program Shuru Hone Wala Hai Ki Logon Ke Dimag Mein Yeh Bataya Ki Rajya Prithvi Vallabh Kaun Hai Jameen Ke Baare Mein Humne Pehle Kabhi Nahi Suna To Main Aapko Bata Doon Ki Raja Prithvi Vallabh Naam Ke Koi Reality Mein Raja Hai Hi Nahi 1920 Mein Kanhaiyalal Maniklal Munshi Ne Kitab Likhi Thi Prithvi Vallabh Yeh Uske Character Hai Aur Us Kitab Ke Mutabik Wah Jammu Kashmir Ke Ek Chote Se Sheher Awantipur Ke Raja Hain Bahut Naram Dil Hai Kavitao Se Bahut Pyar Karte Hain Khud Ek Kavi Hain Aur Hinsa Mein Vishwas Nahi Rakhate Ko Doosra Jaun Paryatak Bhi Nahi Karte Balashali Bahut Hai But 8 Literature Dance Music Yeh Sab Mein Jyada Vishwas Rakhate Hain Dusri Taraf Unke Padoshi Hai Raja Taalab Wah Hinsak Hai Bahut Atyachari Hai Bahut Wah Sirf Kavita Ka Nach Aate Hain Aur Wah Apni Behen Mrinal Wati Ke Saath Milkar Raja Prithvi Vallabh Ko Baithak Karte Hain Aur Un Ko Bandi Bana Leta Aur Wahan Par Raja Prithvi Vallabh Ko Mila Yuvati Se Pyar Ho Jata Hai Iska Akshay 943 Mein Ek Movie Par Bani Thi Raja Prithvi Vallabh Ke Upar Saurabh Modi Ne Direct Ki Thi Movie Tulaja Lipi Mein Se Koi Raja Nahi Hai ID Mein Sab Koi Story Nahi Hai Yeh Bus Ek Nobel Ki Kahani Par Aadharit Hoga
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राजा पृथ्वी वल्लभ जो थे वह मालवा के राजकुमार थे ऐसा कहा जाता है कि वह किसी घास की पत्ती में मिले पड़े हुए मिले थे तब जाकर उनके वहां के राजा ने उन्हें अपनाया उन्हें सिखाया और इतना काबिल बनाया वह पृथ्वी वल्लभ जो चाहे वह काफी एक नेक दिल इंसान थे उन्हें युद्ध कला में ज्यादा रुचि नहीं थी पर वह इस कला में निपुण थे लेकिन उन्हें इस युद्ध कला में लगना ज्यादा अच्छा नहीं लगता था कुछ कारणों के खातिर होने लड़ना पड़ता था वह तो कला के प्रशंसक हैं उन्हें कल आपसे बहुत ज्यादा पसंद थी वह चाहते थे कि राज्य में कला जो है उसके जो डेवलपमेंट हो कला में और बहुत ज्यादा और वह चाहते थे कि आने वाली जो पी ली है आने आगे की पीढ़ी हमें एक दूसरे के साथ भाईचारे में रहना देख लेना कि युद्ध में एक-दूसरे से लड़ते हुए वह पूरे राज्य में भाईचारा फैलाना चाहते थेRaja Prithvi Vallabh Jo The Wah Malawa Ke Rajkumar The Aisa Kaha Jata Hai Ki Wah Kisi Ghas Ki Patti Mein Mile Pade Hue Mile The Tab Jaakar Unke Wahan Ke Raja Ne Unhen Apnaya Unhen Sikhaya Aur Itna Kaabil Banaya Wah Prithvi Vallabh Jo Chahe Wah Kafi Ek Neck Dil Insaan The Unhen Yudh Kala Mein Jyada Ruchi Nahi Thi Par Wah Is Kala Mein Nipun The Lekin Unhen Is Yudh Kala Mein Lagna Jyada Accha Nahi Lagta Tha Kuch Kaarno Ke Khatir Hone Ladana Padata Tha Wah To Kala Ke Prasanshak Hain Unhen Kal Aapse Bahut Jyada Pasand Thi Wah Chahte The Ki Rajya Mein Kala Jo Hai Uske Jo Development Ho Kala Mein Aur Bahut Jyada Aur Wah Chahte The Ki Aane Wali Jo P Lee Hai Aane Aage Ki Pidhi Hume Ek Dusre Ke Saath Bhaichare Mein Rehna Dekh Lena Ki Yudh Mein Ek Dusre Se Ladtey Hue Wah Poore Rajya Mein Bhaichara Faillana Chahte The
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