मुगलों का इतिहास ...

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मुगल वंश की स्थापना भारत में बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम नदी को प्राप्त करके किया था इब्राहिम लोदी की मृत्यु के बाद रावण ने लगभग 4 वर्ष तक शासन किया और 1530 इसी में उसकी ...जवाब पढ़िये
मुगल वंश की स्थापना भारत में बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत की प्रथम लड़ाई में इब्राहिम नदी को प्राप्त करके किया था इब्राहिम लोदी की मृत्यु के बाद रावण ने लगभग 4 वर्ष तक शासन किया और 1530 इसी में उसकी मृत्यु हो गई इसके बाद उसका बेटा हुमायूं ने सत्ता को संभाला परंतु वह एक अयोग्य शासक से दुआ हॉस्पिटल सिरसा सूरी ने उससे गड्डी ले ली आविष्कार उसने सूर्य वंश की स्थापना की प्रक्रिया बन गया ज्यादा दिन तक नहीं चला आप हिमायू ने शेरशाह सूरी को फिर से प्राप्त करके अपनी सत्ता हासिल की उसके बाद हुमायूं का बेटा अकबर शाह जो कि मुगल वंश का सबसे प्रतापी राजा था उसने सत्ता पर काबिज किया और वह मुगल वंश का सबसे योग्य शासक सिद्ध हुआ उसने अपनी सत्ता को बहुत बड़े क्षेत्र तक हरा दिया इसके बाद उसका बेटा जहांगीर जहांगीर हूंMughal Vansh Ki Sthapana Bharat Mein Babar Ne 1526 Issavi Mein Panipat Ki Pratham Ladai Mein Ibrahim Nadi Ko Prapt Karke Kiya Tha Ibrahim Lodi Ki Mrityu Ke Baad Ravan Ne Lagbhag 4 Varsh Tak Shasan Kiya Aur 1530 Isi Mein Uski Mrityu Ho Gayi Iske Baad Uska Beta Humayun Ne Satta Ko Sambhala Parantu Wah Ek Ayogya Shasak Se Dua Hospital Sirsa Suri Ne Usse Gaddi Le Lee Avishkar Usne Surya Vansh Ki Sthapana Ki Prakriya Ban Gaya Jyada Din Tak Nahi Chala Aap Himayu Ne Shershah Suri Ko Phir Se Prapt Karke Apni Satta Hasil Ki Uske Baad Humayun Ka Beta Akbar Shah Jo Ki Mughal Vansh Ka Sabse Pratapi Raja Tha Usne Satta Par Kabij Kiya Aur Wah Mughal Vansh Ka Sabse Yogya Shasak Siddh Hua Usne Apni Satta Ko Bahut Bade Kshetra Tak Hara Diya Iske Baad Uska Beta Jahangir Jahangir Hoon
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मुगल साम्राज्य की नींव एक इस्लामिक दुर्ग बाबर ने 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध को जीतने के बाद रखी थी पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर जीता था और क्या भारत में मुगलों का शासन शुरू...जवाब पढ़िये
मुगल साम्राज्य की नींव एक इस्लामिक दुर्ग बाबर ने 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध को जीतने के बाद रखी थी पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर जीता था और क्या भारत में मुगलों का शासन शुरू हो गया था धीरे-धीरे बाबर ने काफी सारी चोदी जीते और काफी बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया उसके बाद हमारी हुआ या हुमायूं को हालांकि कुछ समय बाद शेरशाह सूरी ने हरा दिया परास्त कर दिया लेकिन जल्दी हमारी वापस अपनी गद्दी पर बैठ गया लेकिन ज्यादा देर तक नहीं पाया और कुछ से उसकी मृत्यु हो गई जब अकबर उसके स्थान पर आया था अकबर की उम्र ज्योति वह 16 17 साल के करीब थी 13 साल थी एग्जैक्ट 13 साल उसके बाद अकबर के बाद जो अकबर से महान राजा माना जाता है और मध्यकालीन भारत का उसके बाद उसके पुत्र जहांगीर जहांगीर के बाद पुत्र शाहजहां फिर उसी तरह औरंगजेब उसके बाद पतन शुरू हो गया मुगलों का और अंग्रेजों का आगमन शुरू हो गया और सबसे आखिरी चुराता था बहादुर शाह जफर द्वितीय जिसने 18 57 की क्रांति में भाग लिया था और अंग्रेजों से परास्त कर दिया और 1858 में जब ग्राम दूध शुरू हो गया उस समय मुगलों का या दिल्ली के राजा की जो एक ऑफिशियल वह होती है दिल्ली के घर आजा हैं या मुगलों का युवराज है उसकी पत्नी को ही समाप्त कर दिया तो इस तरह से मुगलों ने काफी लंबे समय तक 1526 से लेकर 17 18 57 तक 300 साल तक ऑल मोस्ट दिल्ली पर शासन किया धन्यवादMughal Samrajya Ki Neev Ek Islamic Durg Babar Ne 1526 Mein Panipat Ke Pratham Yudh Ko Jitne Ke Baad Rakhi Thi Panipat Ka Pratham Yudh Babar Ne Ibrahim Lodi Ko Harakar Jeeta Tha Aur Kya Bharat Mein Mugalon Ka Shasan Shuru Ho Gaya Tha Dhire Dhire Babar Ne Kafi Saree Chodi Jeete Aur Kafi Bade Hisse Par Kabja Kar Liya Uske Baad Hamari Hua Ya Humayun Ko Halanki Kuch Samay Baad Shershah Suri Ne Hara Diya Parast Kar Diya Lekin Jaldi Hamari Wapas Apni Gaddi Par Baith Gaya Lekin Jyada Der Tak Nahi Paya Aur Kuch Se Uski Mrityu Ho Gayi Jab Akbar Uske Sthan Par Aaya Tha Akbar Ki Umar Jyoti Wah 16 17 Saal Ke Karib Thi 13 Saal Thi Egjaikt 13 Saal Uske Baad Akbar Ke Baad Jo Akbar Se Mahaan Raja Mana Jata Hai Aur Madhyakalin Bharat Ka Uske Baad Uske Putra Jahangir Jahangir Ke Baad Putra Shahjahan Phir Ussi Tarah Aurangzeb Uske Baad Patan Shuru Ho Gaya Mugalon Ka Aur Angrejo Ka Aagaman Shuru Ho Gaya Aur Sabse Aakhiri Churata Tha Bahadur Shah Jafar Dvitiya Jisne 18 57 Ki Kranti Mein Bhag Liya Tha Aur Angrejo Se Parast Kar Diya Aur 1858 Mein Jab Gram Dudh Shuru Ho Gaya Us Samay Mugalon Ka Ya Delhi Ke Raja Ki Jo Ek Official Wah Hoti Hai Delhi Ke Ghar Aaja Hain Ya Mugalon Ka Yuvraj Hai Uski Patni Ko Hi Samapt Kar Diya To Is Tarah Se Mugalon Ne Kafi Lambe Samay Tak 1526 Se Lekar 17 18 57 Tak 300 Saal Tak All Most Delhi Par Shasan Kiya Dhanyavad
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मुगल साम्राज्य एक इस्लामिक तुर्की मंगोल साम्राज्य था जो 1526 में शुरू हुआ जिसने 17 वी शताब्दी के आखिर में 18वीं शताब्दी की शुरुआत तक भारतीय उपमहाद्वीप में शासन किया और 19वीं शताब्दी में शताब्दी के मध्...जवाब पढ़िये
मुगल साम्राज्य एक इस्लामिक तुर्की मंगोल साम्राज्य था जो 1526 में शुरू हुआ जिसने 17 वी शताब्दी के आखिर में 18वीं शताब्दी की शुरुआत तक भारतीय उपमहाद्वीप में शासन किया और 19वीं शताब्दी में शताब्दी के मध्य से समाप्त हुआ मुगल सम्राट तुर्क मंगोल पीढ़ी के तैमूर वंश के थे और उन्होंने अति परिषद मिश्रित हिंद भारतीय संस्कृति को विकसित किया 2000 के आसपास अपनी शादी की ऊंचाई पर इसने भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश भाग को नियंत्रित किया इसका विस्तार पूर्व में वर्तमान बांग्लादेश से पश्चिम में बलूचिस्तान तक और उत्तर में कश्मीर से दक्षिण में कावेरी घाटी तथा उस समय पोटी पोटी लाख किमी क्षेत्र पर फैले इस साम्राज्य की जनसंख्या का अनुमान 11 और 3 करोड के बीच लगाया गया था चड्डी बॉडी पर के बाद इसकी शक्ति में तेजी से गिरावट आई उत्तराधिकार की कला कृषि संकट की वजह से स्थानीय विद्रोह धार्मिक स्थान रिश्ता का उत्कर्ष और ब्रिटिश उपनिवेशवाद के कमजोर से हुए और साम्राज्य का अंतिम सम्राट बहादुर जफर शाह था जिसका शासन दिल्ली शहर तक सीमित रह गया था अंग्रेजों ने उसे कैद में रखा 8057 के भारतीय विद्रोह के बाद ब्रिटिश द्वारा में आना निर्वासित कर दिया कर गया ₹15 में जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर जो महान अकबर के नाम से प्रसिद्ध हुआ के पद ग्रहण के साथ इस साम्राज्य का उत्कृष्ट कार्य शुरू हुआ और सम्राट औरंगजेब के निधन के साथ समाप्त हुआMughal Samrajya Ek Islamic Turkey Mangol Samrajya Tha Jo 1526 Mein Shuru Hua Jisne 17 V Shatabdi Ke Aakhir Mein Vi Shatabdi Ki Shuruvat Tak Bhartiya Upmahadweep Mein Shasan Kiya Aur Vi Shatabdi Mein Shatabdi Ke Madhya Se Samapt Hua Mughal Samrat Turq Mangol Pidhi Ke Taimur Vansh Ke The Aur Unhone Ati Parishad Mishrit Hind Bhartiya Sanskriti Ko Viksit Kiya 2000 Ke Aaspass Apni Shadi Ki Unchai Par Isane Bhartiya Upmahadweep Ke Adhikaansh Bhag Ko Niyantrit Kiya Iska Vistar Purv Mein Vartaman Bangladesh Se Paschim Mein Baluchistan Tak Aur Uttar Mein Kashmir Se Dakshin Mein Kaveri Ghati Tatha Us Samay Potty Potty Lakh Kimi Kshetra Par Faile Is Samrajya Ki Jansankhya Ka Anumaan 11 Aur 3 Crore Ke Beech Lagaya Gaya Tha Chaddee Body Par Ke Baad Iski Shakti Mein Teji Se Giravat Eye Utaraadhikaar Ki Kala Krishi Sankat Ki Wajah Se Sthaniye Vidroh Dharmik Sthan Rishta Ka Utkarsh Aur British Upaniveshavaad Ke Kamjor Se Hue Aur Samrajya Ka Antim Samrat Bahadur Jafar Shah Tha Jiska Shasan Delhi Sheher Tak Simith Rah Gaya Tha Angrejo Ne Use Kaid Mein Rakha 8057 Ke Bhartiya Vidroh Ke Baad British Dwara Mein Aana Nirvasit Kar Diya Kar Gaya ₹15 Mein Jalaaluddin Mohammed Akbar Jo Mahaan Akbar Ke Naam Se Prasiddh Hua Ke Pad Grahan Ke Saath Is Samrajya Ka Utkrisht Karya Shuru Hua Aur Samrat Aurangzeb Ke Nidhan Ke Saath Samapt Hua
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