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महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है, क्या वो उसके लायक हैं? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं हो सकता उस में कोई ना कोई कमी जरुर होगी तो कहीं जगह महात्मा गांधी जी में भी कमियां थी जिस तरीके से वह पूरे भारत को तो साथ लेकर चलने पर मैं अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चल पार ऐसे करके ऐसे करके कुछ और भी कमजोर में देखी गई तो मुझे ऐसा लगता है कि उन कमियों के बाद भी तो उन्होंने भारत को दिया है उसके मुकाबले उनकी कमियां कुछ भी नहीं है उनकी कमी हमेशा नजरअंदाज करी जाती है और जहां तक की बात हुई उनके कि उनको जितना प्रशंसा मिलती है तो हां मैं उसके लायक है 1 अक्टूबर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है उनके जन्मदिवस पर तो यह जो उनको आदत दिया गया है कि हर एक गर्म नोट पर भी बात करेगी जो करेंसी होती है उस पर भी उनकी तस्वीर होती है तो मुझे लगता है जो भी आदर उन्हें दिया गया है उसके बिल्कुल प्रशंसनीय है वह उसके बिल्कुल काबिल है क्योंकि जिस तरीके देखा गया जिस तरीके से उन्होंने पूरे भारत को एकजुट करके इकट्ठा करके 300 ब्रिटिश भारत से अलग करवाया है उनसे छुटकारा दिलवाया तो इसको ही काबिले तारीफ ही कह सकते हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि महात्मा गांधी जी ने जिस तरीके से लोगों को एक साथ लेकर हमेशा पीसफुल ही काम करना चाहा है और लोगों की सोच में बदलाव ले कर आए हैं कि काम अगर हम चाहे तो पी स्कूली भी हो सकता है बड़े से बड़ा काम क्यों ना हो तो यह जो सोच में बदलाव ले कर आए हैं इसकी वजह से मुझे ऐसा लगता है कि उन्हें प्रशंसा जून को मिलती है बे उसके बिल्कुल कहां पर है
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देखिए जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं हो सकता उस में कोई ना कोई कमी जरुर होगी तो कहीं जगह महात्मा गांधी जी में भी कमियां थी जिस तरीके से वह पूरे भारत को तो साथ लेकर चलने पर मैं अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चल पार ऐसे करके ऐसे करके कुछ और भी कमजोर में देखी गई तो मुझे ऐसा लगता है कि उन कमियों के बाद भी तो उन्होंने भारत को दिया है उसके मुकाबले उनकी कमियां कुछ भी नहीं है उनकी कमी हमेशा नजरअंदाज करी जाती है और जहां तक की बात हुई उनके कि उनको जितना प्रशंसा मिलती है तो हां मैं उसके लायक है 1 अक्टूबर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है उनके जन्मदिवस पर तो यह जो उनको आदत दिया गया है कि हर एक गर्म नोट पर भी बात करेगी जो करेंसी होती है उस पर भी उनकी तस्वीर होती है तो मुझे लगता है जो भी आदर उन्हें दिया गया है उसके बिल्कुल प्रशंसनीय है वह उसके बिल्कुल काबिल है क्योंकि जिस तरीके देखा गया जिस तरीके से उन्होंने पूरे भारत को एकजुट करके इकट्ठा करके 300 ब्रिटिश भारत से अलग करवाया है उनसे छुटकारा दिलवाया तो इसको ही काबिले तारीफ ही कह सकते हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि महात्मा गांधी जी ने जिस तरीके से लोगों को एक साथ लेकर हमेशा पीसफुल ही काम करना चाहा है और लोगों की सोच में बदलाव ले कर आए हैं कि काम अगर हम चाहे तो पी स्कूली भी हो सकता है बड़े से बड़ा काम क्यों ना हो तो यह जो सोच में बदलाव ले कर आए हैं इसकी वजह से मुझे ऐसा लगता है कि उन्हें प्रशंसा जून को मिलती है बे उसके बिल्कुल कहां पर हैDekhie Jaisa Ki Hum Jante Hain Ki Koi Bhi Vyakti Sampurna Nahi Ho Sakta Us Mein Koi Na Koi Kami Zaroor Hogi To Kahin Jagah Mahatma Gandhi Ji Mein Bhi Kamiyan Thi Jis Tarike Se Wah Poore Bharat Ko To Saath Lekar Chalne Par Main Apne Parivar Ko Saath Lekar Nahi Chal Par Aise Karke Aise Karke Kuch Aur Bhi Kamjor Mein Dekhi Gayi To Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Un Kamiyon Ke Baad Bhi To Unhone Bharat Ko Diya Hai Uske Muqable Unki Kamiyan Kuch Bhi Nahi Hai Unki Kami Hamesha Najarandaj Kari Jati Hai Aur Jahan Tak Ki Baat Hui Unke Ki Unko Jitna Prashansa Milti Hai To Haan Main Uske Layak Hai 1 October 2 October Ko Gandhi Jayanti Manai Jati Hai Unke Janmadivas Par To Yeh Jo Unko Aadat Diya Gaya Hai Ki Har Ek Garam Note Par Bhi Baat Karegi Jo Currency Hoti Hai Us Par Bhi Unki Tasveer Hoti Hai To Mujhe Lagta Hai Jo Bhi Aadar Unhen Diya Gaya Hai Uske Bilkul Prashansaniya Hai Wah Uske Bilkul Kaabil Hai Kyonki Jis Tarike Dekha Gaya Jis Tarike Se Unhone Poore Bharat Ko Ekjoot Karke Ikattha Karke 300 British Bharat Se Alag Karvaya Hai Unse Chhutkara Dilwaya To Isko Hi Kabile Tarif Hi Keh Sakte Hain To Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Mahatma Gandhi Ji Ne Jis Tarike Se Logon Ko Ek Saath Lekar Hamesha Peaceful Hi Kaam Karna Chaha Hai Aur Logon Ki Soch Mein Badlav Le Kar Aaye Hain Ki Kaam Agar Hum Chahe To P Skuli Bhi Ho Sakta Hai Bade Se Bada Kaam Kyun Na Ho To Yeh Jo Soch Mein Badlav Le Kar Aaye Hain Iski Wajah Se Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Unhen Prashansa June Ko Milti Hai Be Uske Bilkul Kahan Par Hai
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देखिए अगर इस फैशन पर मैं अपना ओपिनियन रखना चाहो तो मैं बिल्कुल सहमत हूं इस बात से कि महात्मा गांधी जी को जितनी प्रशंसा मिलती है वह बिल्कुल उसके लायक थे उन्होंने काम किया है इंडिया के लिए उन्होंने इंडिया को तो फ्री करवाने के लिए जितनी मेहनत की है जितने भी आंदोलन उन्होंने चलाएं हैं उन सबका महात्मा गांधी बड़ा हादसा और महात्मा गांधी नहीं होते तो कभी भारत देश को आजादी नहीं मिल पाती और जहां तक देखा जाए कि एक इंसान में मतलब हर चीज अच्छी नहीं हो सकती कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है तो हम यह कैसे कर सकते हैं कि महात्मा गांधी जी की कमियां होती है सब में होती है महात्मा गांधी जी में भी थी पर लेकिन उन्होंने उनकी अच्छाइयां है उन्होंने जो काम किए हैं वह उनकी वह इतने बड़े हैं कि हम उनकी कमियों को नजरअंदाज कर सकते हैं क्योंकि अगर वह नहीं होते जो Andolan उन्होंने चलाएं अगर वह सब वे सभी काम नहीं करते तो शायद आज भी भारत आजाद नहीं हो पाता मां के जैसा हम हम सुनते हैं हमने कहीं पढ़ा है अब उतना ही मैं भी कहीं पढ़ा है बहुत सारी जगह पर नेट पर निबंध भारत के लिए बहुत ज्यादा होने से कुछ चीज जो इंडिया के लिए बहुत ज्यादा मिलने के टेस्ट में चले गए पर लेकिन उनके पॉजिटिव फिर भी देखा जाता उनके निकट से बहुत ज्यादा है इसलिए जी हां बिलकुल महात्मा जी को जितनी प्रशंसा मिलती है उसके बिल्कुल लायक है
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देखिए अगर इस फैशन पर मैं अपना ओपिनियन रखना चाहो तो मैं बिल्कुल सहमत हूं इस बात से कि महात्मा गांधी जी को जितनी प्रशंसा मिलती है वह बिल्कुल उसके लायक थे उन्होंने काम किया है इंडिया के लिए उन्होंने इंडिया को तो फ्री करवाने के लिए जितनी मेहनत की है जितने भी आंदोलन उन्होंने चलाएं हैं उन सबका महात्मा गांधी बड़ा हादसा और महात्मा गांधी नहीं होते तो कभी भारत देश को आजादी नहीं मिल पाती और जहां तक देखा जाए कि एक इंसान में मतलब हर चीज अच्छी नहीं हो सकती कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है तो हम यह कैसे कर सकते हैं कि महात्मा गांधी जी की कमियां होती है सब में होती है महात्मा गांधी जी में भी थी पर लेकिन उन्होंने उनकी अच्छाइयां है उन्होंने जो काम किए हैं वह उनकी वह इतने बड़े हैं कि हम उनकी कमियों को नजरअंदाज कर सकते हैं क्योंकि अगर वह नहीं होते जो Andolan उन्होंने चलाएं अगर वह सब वे सभी काम नहीं करते तो शायद आज भी भारत आजाद नहीं हो पाता मां के जैसा हम हम सुनते हैं हमने कहीं पढ़ा है अब उतना ही मैं भी कहीं पढ़ा है बहुत सारी जगह पर नेट पर निबंध भारत के लिए बहुत ज्यादा होने से कुछ चीज जो इंडिया के लिए बहुत ज्यादा मिलने के टेस्ट में चले गए पर लेकिन उनके पॉजिटिव फिर भी देखा जाता उनके निकट से बहुत ज्यादा है इसलिए जी हां बिलकुल महात्मा जी को जितनी प्रशंसा मिलती है उसके बिल्कुल लायक हैDekhie Agar Is Fashion Par Main Apna Opiniyan Rakhna Chaho To Main Bilkul Sahmat Hoon Is Baat Se Ki Mahatma Gandhi Ji Ko Jitni Prashansa Milti Hai Wah Bilkul Uske Layak The Unhone Kaam Kiya Hai India Ke Liye Unhone India Ko To Free Karwane Ke Liye Jitni Mehnat Ki Hai Jitne Bhi Aandolan Unhone Chalaye Hain Un Sabka Mahatma Gandhi Bada Hadasaa Aur Mahatma Gandhi Nahi Hote To Kabhi Bharat Desh Ko Azadi Nahi Mil Pati Aur Jahan Tak Dekha Jaye Ki Ek Insaan Mein Matlab Har Cheez Acchi Nahi Ho Sakti Koi Bhi Insaan Perfect Nahi Hota Hai To Hum Yeh Kaise Kar Sakte Hain Ki Mahatma Gandhi Ji Ki Kamiyan Hoti Hai Sab Mein Hoti Hai Mahatma Gandhi Ji Mein Bhi Thi Par Lekin Unhone Unki Acchaiyan Hai Unhone Jo Kaam Kiye Hain Wah Unki Wah Itne Bade Hain Ki Hum Unki Kamiyon Ko Najarandaj Kar Sakte Hain Kyonki Agar Wah Nahi Hote Jo Andolan Unhone Chalaye Agar Wah Sab Ve Sabhi Kaam Nahi Karte To Shayad Aaj Bhi Bharat Azad Nahi Ho Pata Maa Ke Jaisa Hum Hum Sunte Hain Humne Kahin Padha Hai Ab Utana Hi Main Bhi Kahin Padha Hai Bahut Saree Jagah Par Net Par Nibandh Bharat Ke Liye Bahut Jyada Hone Se Kuch Cheez Jo India Ke Liye Bahut Jyada Milne Ke Test Mein Chale Gaye Par Lekin Unke Positive Phir Bhi Dekha Jata Unke Nikat Se Bahut Jyada Hai Isliye Ji Haan Bilkul Mahatma Ji Ko Jitni Prashansa Milti Hai Uske Bilkul Layak Hai
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देखिए मेरे हिसाब से जिस प्रकार के इंसान महात्मा गांधी थे और इस प्रकार क्योंकि प्रशंसा मिली तो मेरे सबसे को उसके बिल्कुल लायक थे कि किस प्रकार से महात्मा गांधी ने जो है अहिंसा के मार्ग लेकर या फिर हम कह सकते नॉन वायलेंस विषय तरीके से भारत को आजादी दिए तो का नाका पर उन्हें जो है जिस प्रकार की प्रशंसा मिलती है वह किला कि मुझे सबसे ज्यादा भी बोला है कि क्योंकि हम देखते अंबेडकर जयंती जो है लोग बहुत दिलचस्प से बनाते एकदम मनोरंजक ओके बनाते हैं लेकिन जब गांधी जयंती आते तब गांधीजी के ऊपर या गांधी जी के जन्म के दिन आ जाए ऐसी मनोरंजक यात्रा इतना एक्साइटमेंट नहीं दिखता है आशिकी आई नहीं जिस प्रकार से महात्मा गांधी जो एक जनर्लिस्ट रह चुके एक पत्रकार रह चुके हो मैंने तीन या चार न्यूज़ पेपर जो बोले थे उन्होंने वस साउथ अफ्रीका से मैंने पढ़ा था उनके पास डिग्री है सिर्फ दो ही नहीं जिस प्रकार जिन्होंने भारत को एकजुटता लाई है वह हमेशा हां बंटवारे के खिलाफ थे और हमेशा वह हिंदुस्तान के बारे में सोचते हो भारत के बारे में नहीं बल्कि हिंदुस्तान के बारे में सोचते थे और इस प्रकार से उन्होंने अंग्रेजों से हमें बचाया अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकाला है तो का नाका पर उन्हें जो प्रशंसा मिलती है इसके लिए वह बिल्कुल सही और उसके बिल्कुल लायक है
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देखिए मेरे हिसाब से जिस प्रकार के इंसान महात्मा गांधी थे और इस प्रकार क्योंकि प्रशंसा मिली तो मेरे सबसे को उसके बिल्कुल लायक थे कि किस प्रकार से महात्मा गांधी ने जो है अहिंसा के मार्ग लेकर या फिर हम कह सकते नॉन वायलेंस विषय तरीके से भारत को आजादी दिए तो का नाका पर उन्हें जो है जिस प्रकार की प्रशंसा मिलती है वह किला कि मुझे सबसे ज्यादा भी बोला है कि क्योंकि हम देखते अंबेडकर जयंती जो है लोग बहुत दिलचस्प से बनाते एकदम मनोरंजक ओके बनाते हैं लेकिन जब गांधी जयंती आते तब गांधीजी के ऊपर या गांधी जी के जन्म के दिन आ जाए ऐसी मनोरंजक यात्रा इतना एक्साइटमेंट नहीं दिखता है आशिकी आई नहीं जिस प्रकार से महात्मा गांधी जो एक जनर्लिस्ट रह चुके एक पत्रकार रह चुके हो मैंने तीन या चार न्यूज़ पेपर जो बोले थे उन्होंने वस साउथ अफ्रीका से मैंने पढ़ा था उनके पास डिग्री है सिर्फ दो ही नहीं जिस प्रकार जिन्होंने भारत को एकजुटता लाई है वह हमेशा हां बंटवारे के खिलाफ थे और हमेशा वह हिंदुस्तान के बारे में सोचते हो भारत के बारे में नहीं बल्कि हिंदुस्तान के बारे में सोचते थे और इस प्रकार से उन्होंने अंग्रेजों से हमें बचाया अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकाला है तो का नाका पर उन्हें जो प्रशंसा मिलती है इसके लिए वह बिल्कुल सही और उसके बिल्कुल लायक हैDekhie Mere Hisab Se Jis Prakar Ke Insaan Mahatma Gandhi The Aur Is Prakar Kyonki Prashansa Mili To Mere Sabse Ko Uske Bilkul Layak The Ki Kis Prakar Se Mahatma Gandhi Ne Jo Hai Ahinsha Ke Marg Lekar Ya Phir Hum Keh Sakte Non Violence Vishay Tarike Se Bharat Ko Azadi Diye To Ka Naka Par Unhen Jo Hai Jis Prakar Ki Prashansa Milti Hai Wah Kila Ki Mujhe Sabse Jyada Bhi Bola Hai Ki Kyonki Hum Dekhte Ambedkar Jayanti Jo Hai Log Bahut Dilchasp Se Banate Ekdam Manoranjak Ok Banate Hain Lekin Jab Gandhi Jayanti Aate Tab Gandhiji Ke Upar Ya Gandhi Ji Ke Janm Ke Din Aa Jaye Aisi Manoranjak Yatra Itna Excitement Nahi Dikhta Hai Ashiki Eye Nahi Jis Prakar Se Mahatma Gandhi Jo Ek Journalist Rah Chuke Ek Patrakar Rah Chuke Ho Maine Teen Ya Char News Paper Jo Bole The Unhone Vas South Africa Se Maine Padha Tha Unke Paas Degree Hai Sirf Do Hi Nahi Jis Prakar Jinhone Bharat Ko Ekjutta Lai Hai Wah Hamesha Haan Bantavare Ke Khilaf The Aur Hamesha Wah Hindustan Ke Baare Mein Sochte Ho Bharat Ke Baare Mein Nahi Balki Hindustan Ke Baare Mein Sochte The Aur Is Prakar Se Unhone Angrejo Se Hume Bachaya Angrejo Ko Hindustan Se Nikaala Hai To Ka Naka Par Unhen Jo Prashansa Milti Hai Iske Liye Wah Bilkul Sahi Aur Uske Bilkul Layak Hai
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