मुसलमान बच्चे क्यों ज्यादा करते हैं ? ...

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देखी मुझे लगता है कि मुसलमानों में ज्यादा बच्चे पैदा करने का जो कारण नजर आते एक तो वहां शिक्षा मुस्लिम यह कैसा रिलीजन हमारे देश के अंदर सबसे कम पढ़ा लिखा है सबसे कम लिटरेसी है तो किसी कि वह मुसलमान दूसरे मैं कहना चाहूंगा बहुत ही कंज़र्वेटिव थैंक्यू होती है पानी चल कंडीशन उतनी अच्छी नहीं है और लाइफ का कोई आम नहीं होता मूसली आपने देखा होगा मुसलमान मेरे घर में 10 बच्चे होते हैं तो बचपन से ही किसी न किसी काम में लग जाते हैं कोई सब्जी का ठेला लगाने लगेगा कोई कूड़ा बीनने लगेगा कोई कुछ करने लगे हैं कुछ कुछ करने लगेगा लेकिन एक लाइव कमेंट सेट लाइट के लिए रिमाइंड सेट नहीं होता कि लाइफ जीवन में कुछ अच्छा करना है ऐसा कुछ नहीं होता दूसरे में कहना चाहूंगा जिस तरह से उनके यहां कुरान पढ़ाया जाता है इस पर श्री मौलवियों द्वारा तो वह बुक से ज्यादा मुझे लगता अपनी धार्मिक ग्रंथ को पढ़ते हैं तो इसलिए भी कंज़र्वेटिव बहुत ज्यादा कंजरवेटर हैं और दूसरा मैं यह कहना चाहूंगा जिस तरह से बहुत सारे मुसलमान मैं कुछ दिल के मुसलमान की नहीं बात करता हमारे देश के अंदर जो जो एक बड़ा तबका जो अनपढ़ है मुसलमानों को मौलाना के चक्कर में बहुत ज्यादा रहते हैं तो मुझे तो यही सारे कारण है सोशल सिक्योरिटी भी एक बड़ा रीजन हो सकता है इसकाDekhi Mujhe Lagta Hai Ki Musalmano Mein Jyada Bacche Paida Karne Ka Jo Kaaran Nazar Aate Ek To Wahan Shiksha Muslim Yeh Kaisa Rilijan Hamare Desh Ke Andar Sabse Kum Padha Likha Hai Sabse Kum Literacy Hai To Kisi Ki Wah Musalman Dusre Main Kehna Chahunga Bahut Hi Kanzarvetiv Thainkyu Hoti Hai Pani Chal Condition Utani Acchi Nahi Hai Aur Life Ka Koi Aam Nahi Hota Muesli Aapne Dekha Hoga Musalman Mere Ghar Mein 10 Bacche Hote Hain To Bachpan Se Hi Kisi N Kisi Kaam Mein Lag Jaate Hain Koi Sabzi Ka Thela Lagane Lagega Koi Kuda Binne Lagega Koi Kuch Karne Lage Hain Kuch Kuch Karne Lagega Lekin Ek Live Comment Set Light Ke Liye Remind Set Nahi Hota Ki Life Jeevan Mein Kuch Accha Karna Hai Aisa Kuch Nahi Hota Dusre Mein Kehna Chahunga Jis Tarah Se Unke Yahan Quraan Padhaya Jata Hai Is Par Shri Maulviyon Dwara To Wah Book Se Jyada Mujhe Lagta Apni Dharmik Granth Ko Padhte Hain To Isliye Bhi Kanzarvetiv Bahut Jyada Kanjaravetar Hain Aur Doosra Main Yeh Kehna Chahunga Jis Tarah Se Bahut Sare Musalman Main Kuch Dil Ke Musalman Ki Nahi Baat Karta Hamare Desh Ke Andar Jo Jo Ek Bada Tabaka Jo Anapadh Hai Musalmano Ko Maulana Ke Chakkar Mein Bahut Jyada Rehte Hain To Mujhe To Yahi Sare Kaaran Hai Social Security Bhi Ek Bada Reason Ho Sakta Hai Iska
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इस्लाम धर्म के हिसाब से बच्चों को घर में आना अल्लाह का दिन माना जाता है वह लोग यह मानते हैं कि अगर घर में बच्चे आते हैं तो उनके घर में अल्लाह आते हैं और अल्लाह उनसे खुश होते हैं और दूसरी बात यह है कि ज्यादा करके उनके धर्म के हिसाब से वह लोग स्थाई या अस्थाई परिवार नियोजन के तरीके नहीं अपनाते और लोग समझते हैं कि यह परिवार नियोजन का तरीका अपनाना एक गुनाह है इसीलिए मुसलमान लोग सच्चे ज्यादा करते हैंIslam Dharm Ke Hisab Se Bacchon Ko Ghar Mein Aana Allah Ka Din Mana Jata Hai Wah Log Yeh Manate Hain Ki Agar Ghar Mein Bacche Aate Hain To Unke Ghar Mein Allah Aate Hain Aur Allah Unse Khush Hote Hain Aur Dusri Baat Yeh Hai Ki Jyada Karke Unke Dharm Ke Hisab Se Wah Log Sthai Ya Asthai Parivar Niyojan Ke Tarike Nahi Apanate Aur Log Samajhte Hain Ki Yeh Parivar Niyojan Ka Tarika Apnana Ek Gunah Hai Isliye Musalman Log Sacche Jyada Karte Hain
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