क्या भारत देश मे जातिवाद समाप्त हो सकता है?? ...

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एक भारत देश में जातिवाद कभी साथ नहीं हो सकता उस का मुख्य कारण हमारा जो एक सिस्टम है वह बहुत ही भ्रष्ट लोगों की बहुत ही गंदा हो गया है यदि आप देखेंगे राजनीति जाओ जो है वह बहुत ही गंदी सो आप की हो गई है जब इलेक्शन आते हैं तो जो भी नेता वगैरह है वह अपने भाषणों में हमेशा जाति विशेष का जिक्र करते हैं जिससे उनका वोट बैंक हासिल हो सके वोट बैंक की राजनीति होती है वोट हासिल हो सके उनको उनको उदू भाषा के अपने बातों से और उनको आरक्षण वगैरा इन सब चीजों का कभी वादा करते हैं और उसी के विपरीत जो है यह आरक्षण की जो समस्या है वह बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है हर जाति विशेष पर महसूस होता है कि हमारा जो है वह हमें यह सही हक नहीं मिल रहा है तो उसके खिलाफ लड़ते हैं और फिर उसके अनुरूप जो है वह सभी जातियों में रोज पैदा होता है और सब अपने अपने हक की मांग करते हैं तो इस तरीके से जातिवाद कभी समाप्त नहीं हो सकता हम पूरी तरीके से इस में घुस चुके हैं और बहुत ही मुश्किल हो गया इसमें से बाहर निकलना है क्योंकि इसके लिए कोई पहल नहीं की जा रही है बजाएं सिकंदर और इस को बढ़ावा दिया जा रहा है केवल वोट बैंक की राजनीति के चलतेEk Bharat Desh Mein Jaatiwad Kabhi Saath Nahi Ho Sakta Us Ka Mukhya Kaaran Hamara Jo Ek System Hai Wah Bahut Hi Bhrasht Logon Ki Bahut Hi Ganda Ho Gaya Hai Yadi Aap Dekhenge Rajneeti Jao Jo Hai Wah Bahut Hi Gandi So Aap Ki Ho Gayi Hai Jab Election Aate Hain To Jo Bhi Neta Vagairah Hai Wah Apne Bhashano Mein Hamesha Jati Vishesh Ka Jikarr Karte Hain Jisse Unka Vote Bank Hasil Ho Sake Vote Bank Ki Rajneeti Hoti Hai Vote Hasil Ho Sake Unko Unko Udu Bhasha Ke Apne Baaton Se Aur Unko Aarakshan Vagaira In Sab Chijon Ka Kabhi Vada Karte Hain Aur Ussi Ke Viparit Jo Hai Yeh Aarakshan Ki Jo Samasya Hai Wah Bahut Jyada Badhti Ja Rahi Hai Har Jati Vishesh Par Mahsus Hota Hai Ki Hamara Jo Hai Wah Hume Yeh Sahi Haq Nahi Mil Raha Hai To Uske Khilaf Ladtey Hain Aur Phir Uske Anurup Jo Hai Wah Sabhi Jaatiyo Mein Roj Paida Hota Hai Aur Sab Apne Apne Haq Ki Maang Karte Hain To Is Tarike Se Jaatiwad Kabhi Samapt Nahi Ho Sakta Hum Puri Tarike Se Is Mein Ghus Chuke Hain Aur Bahut Hi Mushkil Ho Gaya Isme Se Bahar Nikalna Hai Kyonki Iske Liye Koi Pahal Nahi Ki Ja Rahi Hai Bajaen Sikandar Aur Is Ko Badhawa Diya Ja Raha Hai Kewal Vote Bank Ki Rajneeti Ke Chalte
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देखें जातिवाद जो है वह पूरी तरह से भारत में समाप्त हो सकता है लेकिन उसके लिए जो है टाइम लगेगा क्योंकि भारत की लोक संख्या बहुत ज्यादा है और जातिवाद जैसे चीजें जो 102 सालों से चली आ रही है और लोगों के मन में जो भी पूरी तरह से घर बना चुकी है वह चीज है तो उसके लिए टाइम देना पड़ेगा और लोगों को भी संयम रखना पड़ेगा और समझना पड़ेगा कि जाती जो है इस टाइम पर बनाए गए थे उनका मूड मतलब जो मेन मोटा था की वह चीज क्यों बनाए गए थे और आज का समय देखते आज की आज उनकी जरूरत है क्या और हम वह चीज के लिए झगड़ रहे बल्कि उस चीज क्या जरुरत भी नहीं है तो उन लोगों को भी समझना होगा कि इस चीज क्या जरुरत नहीं है और सरकार की तरफ से देखा जो सरकार जो है वह पब्लिक अवेयरनेस के लिए जो है मुझे लगता है कि भूल को कई सारे प्रोग्राम करने पड़ेंगे या फिर हर टाइपिंग करनी पड़ेगी जिस के थ्रु जो है वह पब्लिक में अगर में सो जाएगा कि जा पूरी तरह से मिलना चाहिए और इसकी जो है अभी के टाइम पर बिल्कुल ही जरूरत नहीं हैDekhen Jaatiwad Jo Hai Wah Puri Tarah Se Bharat Mein Samapt Ho Sakta Hai Lekin Uske Liye Jo Hai Time Lagega Kyonki Bharat Ki Lok Sankhya Bahut Jyada Hai Aur Jaatiwad Jaise Cheezen Jo 102 Salon Se Chali Aa Rahi Hai Aur Logon Ke Man Mein Jo Bhi Puri Tarah Se Ghar Bana Chuki Hai Wah Cheez Hai To Uske Liye Time Dena Padega Aur Logon Ko Bhi Sanyam Rakhna Padega Aur Samajhna Padega Ki Jati Jo Hai Is Time Par Banaye Gaye The Unka Mood Matlab Jo Main Mota Tha Ki Wah Cheez Kyun Banaye Gaye The Aur Aaj Ka Samay Dekhte Aaj Ki Aaj Unki Zaroorat Hai Kya Aur Hum Wah Cheez Ke Liye Jhagad Rahe Balki Us Cheez Kya Zaroorat Bhi Nahi Hai To Un Logon Ko Bhi Samajhna Hoga Ki Is Cheez Kya Zaroorat Nahi Hai Aur Sarkar Ki Taraf Se Dekha Jo Sarkar Jo Hai Wah Public Awareness Ke Liye Jo Hai Mujhe Lagta Hai Ki Bhul Ko Kai Sare Program Karne Padenge Ya Phir Har Typing Karni Padegi Jis Ke Thru Jo Hai Wah Public Mein Agar Mein So Jayega Ki Ja Puri Tarah Se Milna Chahiye Aur Iski Jo Hai Abhi Ke Time Par Bilkul Hi Zaroorat Nahi Hai
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हां ! मुझे लगता है कि भारत देश में जातिवाद की समस्या जो है समाप्त हो सकती है; पर मुझे यह भी लगता है कि इतना आसान नहीं है. यह अभी होने के लिए काफी वक्त लग जाएगा, क्योंकि अभी जो लोगों की मेंटालिटी है, जो सोचने का तरीका है, जातिवाद को लेकर अभी भी उस पर पुराने खयालों के हिसाब से है जिस कुछ लोगों के. अभी भी वह लोगों को जो जज करते हैं जाति, कास्ट यह सबके वगैरह से ही करते हैं ,कुछ लोग, जो कि अभी भी उस चीज में सुधार आना बाकी है l तो अभी भी उन लोगों में वह जागरूकता आनी बाकी है, कि यह सब से और जो हमारी ह्यूमैनिटी है, इंसानियत है ऊपर है l तो यह होगा पर अभी इसमें कुछ समय लग जाएगा लोगों को इस चीज को एक्सेप्ट करने के लिए lHaan ! Mujhe Lagta Hai Ki Bharat Desh Mein Jaatiwad Ki Samasya Jo Hai Samapt Ho Sakti Hai Par Mujhe Yeh Bhi Lagta Hai Ki Itna Aasan Nahi Hai Yeh Abhi Hone Ke Liye Kafi Waqt Lag Jayega Kyonki Abhi Jo Logon Ki Mentaliti Hai Jo Sochne Ka Tarika Hai Jaatiwad Ko Lekar Abhi Bhi Us Par Purane Khayalon Ke Hisab Se Hai Jis Kuch Logon Ke Abhi Bhi Wah Logon Ko Jo Judge Karte Hain Jati Caste Yeh Sabke Vagairah Se Hi Karte Hain Kuch Log Jo Ki Abhi Bhi Us Cheez Mein Sudhaar Aana Baki Hai L To Abhi Bhi Un Logon Mein Wah Jagrukta Aani Baki Hai Ki Yeh Sab Se Aur Jo Hamari Humanity Hai Insaniyat Hai Upar Hai L To Yeh Hoga Par Abhi Isme Kuch Samay Lag Jayega Logon Ko Is Cheez Ko Except Karne Ke Liye L
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बिल्कुल नहीं हो सकता अगर कोई हां बोलता है तो मैं उसका विरोध करूंगा मैं चैलेंज करता हूं कि उसको खत्म करके दिखाएं वह इसलिए नहीं कि हम लोग नहीं चाहते वह इसलिए कि हमारे सिस्टम ऐसा जबतक सरकारी नौकरियों के फॉर्म में जाति का कॉलम खत्म नहीं किया जाएगा जब तक आरक्षण की व्यवस्था जाति आधारित खत्म नहीं होगी आर्थिक आधार पर लागू नहीं होगी तब तक इस देश में जातिवाद खत्म नहीं हो सकता क्योंकि मैं आरक्षण के विरोध में नहीं हूं थोड़ा सा DP सोचा हम होता है कि आरक्षण की बात करती कुछ लोगों के वेतन जाती है फिर सोच लेना जरा आरक्षण जातिवादी होने के कारण नेता लोगों को जाति के आधार पर राजनीति करने का मौका मिलता है और जहां जी जहां पर जिस क्षेत्र में जिस देश में जाति के आधार पर राजनीतिक चल रही हो क्या वहां से जातिवाद खत्म किया जा सकता है क्योंकि हर चीज को वह फिर उस एंगल से देखेंगे हम लोग आज देख रहा है हर चीज को वह लोग दलित सवर्ण के आंगन से देख रहे हैं और अब तो इतना हो चुका है कि दलित और हिंदू के एंगल से देख रहे दलितों को अपने ही धर्म से अलग करके सोचा जा रहा है क्यों क्या कारण अगर सरकारी सिस्टम में जातिवाद का सिस्टम कॉलोनी खत्म हो जाए अपनी पहचान राष्ट्रीयता का आधार पर है या फिर आर्थिक आधार पर हम अपनी पहचान बनाने कि मैं यह पूछना है अति पिछड़ा है सामान्य है आर्थिक आधार कार्ड तो हम जातीय भेदभाव जातिवाद को खत्म कर सकते हैं बाकी हजार बातें कर ले कुछ लोग बड़े अच्छे लगते दे देते हैं लेकिन उससे हो ना कुछ नहीं हम लोगों ने 70 सालों में देखा है

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बिल्कुल नहीं हो सकता अगर कोई हां बोलता है तो मैं उसका विरोध करूंगा मैं चैलेंज करता हूं कि उसको खत्म करके दिखाएं वह इसलिए नहीं कि हम लोग नहीं चाहते वह इसलिए कि हमारे सिस्टम ऐसा जबतक सरकारी नौकरियों के फॉर्म में जाति का कॉलम खत्म नहीं किया जाएगा जब तक आरक्षण की व्यवस्था जाति आधारित खत्म नहीं होगी आर्थिक आधार पर लागू नहीं होगी तब तक इस देश में जातिवाद खत्म नहीं हो सकता क्योंकि मैं आरक्षण के विरोध में नहीं हूं थोड़ा सा DP सोचा हम होता है कि आरक्षण की बात करती कुछ लोगों के वेतन जाती है फिर सोच लेना जरा आरक्षण जातिवादी होने के कारण नेता लोगों को जाति के आधार पर राजनीति करने का मौका मिलता है और जहां जी जहां पर जिस क्षेत्र में जिस देश में जाति के आधार पर राजनीतिक चल रही हो क्या वहां से जातिवाद खत्म किया जा सकता है क्योंकि हर चीज को वह फिर उस एंगल से देखेंगे हम लोग आज देख रहा है हर चीज को वह लोग दलित सवर्ण के आंगन से देख रहे हैं और अब तो इतना हो चुका है कि दलित और हिंदू के एंगल से देख रहे दलितों को अपने ही धर्म से अलग करके सोचा जा रहा है क्यों क्या कारण अगर सरकारी सिस्टम में जातिवाद का सिस्टम कॉलोनी खत्म हो जाए अपनी पहचान राष्ट्रीयता का आधार पर है या फिर आर्थिक आधार पर हम अपनी पहचान बनाने कि मैं यह पूछना है अति पिछड़ा है सामान्य है आर्थिक आधार कार्ड तो हम जातीय भेदभाव जातिवाद को खत्म कर सकते हैं बाकी हजार बातें कर ले कुछ लोग बड़े अच्छे लगते दे देते हैं लेकिन उससे हो ना कुछ नहीं हम लोगों ने 70 सालों में देखा हैBilkul Nahi Ho Sakta Agar Koi Haan Bolta Hai To Main Uska Virodh Karunga Main Challenge Karta Hoon Ki Usko Khatam Karke Dikhaen Wah Isliye Nahi Ki Hum Log Nahi Chahte Wah Isliye Ki Hamare System Aisa Jabtak Sarkari Naukriyon Ke Form Mein Jati Ka Column Khatam Nahi Kiya Jayega Jab Tak Aarakshan Ki Vyavastha Jati Aadharit Khatam Nahi Hogi Aarthik Aadhar Par Laagu Nahi Hogi Tab Tak Is Desh Mein Jaatiwad Khatam Nahi Ho Sakta Kyonki Main Aarakshan Ke Virodh Mein Nahi Hoon Thoda Sa DP Socha Hum Hota Hai Ki Aarakshan Ki Baat Karti Kuch Logon Ke Vetan Jati Hai Phir Soch Lena Jara Aarakshan Jativadi Hone Ke Kaaran Neta Logon Ko Jati Ke Aadhar Par Rajneeti Karne Ka Mauka Milta Hai Aur Jahan Ji Jahan Par Jis Kshetra Mein Jis Desh Mein Jati Ke Aadhar Par Rajnitik Chal Rahi Ho Kya Wahan Se Jaatiwad Khatam Kiya Ja Sakta Hai Kyonki Har Cheez Ko Wah Phir Us Angle Se Dekhenge Hum Log Aaj Dekh Raha Hai Har Cheez Ko Wah Log Dalit Savarn Ke Angan Se Dekh Rahe Hain Aur Ab To Itna Ho Chuka Hai Ki Dalit Aur Hindu Ke Angle Se Dekh Rahe Dalito Ko Apne Hi Dharm Se Alag Karke Socha Ja Raha Hai Kyun Kya Kaaran Agar Sarkari System Mein Jaatiwad Ka System Colony Khatam Ho Jaye Apni Pehchaan Rastriyata Ka Aadhar Par Hai Ya Phir Aarthik Aadhar Par Hum Apni Pehchaan Banane Ki Main Yeh Poochna Hai Ati Pichada Hai Samanya Hai Aarthik Aadhar Card To Hum Jatiye Bhedbhav Jaatiwad Ko Khatam Kar Sakte Hain Baki Hazar Batein Kar Le Kuch Log Bade Acche Lagte De Dete Hain Lekin Usse Ho Na Kuch Nahi Hum Logon Ne 70 Salon Mein Dekha Hai
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आज दीदी के मुझे लगता है कि आप जरुर भारत देश में जातिवाद जो है वह समाप्त हो सकता है आजकल जो लोग हैं जैसा कि आप देखेंगे तो चाइना में कई लोग जो है यह जातिवाद और धर्म के पात में विश्वास नहीं करते और मैं शब्दों की पूरी दुनिया में जो सबसे बड़ा धर्म है वह इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और कुछ पार्ट विलेज हैं इंडिया के कुछ नहीं बोलूंगा उसको कई पार्ट्स ऑफ विलेज जो इंडिया के हैं उसमें जो जातिवाद है उसको बहुत बढ़ावा दिया जाता है तो मैंने जो है वह जातिवाद और धर्म से ऊपर उठकर एकता जो है वह प्यार से रहना चाहिए और एक एहसास की मदद करनी चाहिए और जो है वह साथ में रहकर भारत के उत्थान के लिए काम करना

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आज दीदी के मुझे लगता है कि आप जरुर भारत देश में जातिवाद जो है वह समाप्त हो सकता है आजकल जो लोग हैं जैसा कि आप देखेंगे तो चाइना में कई लोग जो है यह जातिवाद और धर्म के पात में विश्वास नहीं करते और मैं शब्दों की पूरी दुनिया में जो सबसे बड़ा धर्म है वह इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और कुछ पार्ट विलेज हैं इंडिया के कुछ नहीं बोलूंगा उसको कई पार्ट्स ऑफ विलेज जो इंडिया के हैं उसमें जो जातिवाद है उसको बहुत बढ़ावा दिया जाता है तो मैंने जो है वह जातिवाद और धर्म से ऊपर उठकर एकता जो है वह प्यार से रहना चाहिए और एक एहसास की मदद करनी चाहिए और जो है वह साथ में रहकर भारत के उत्थान के लिए काम करनाAaj Didi Ke Mujhe Lagta Hai Ki Aap Zaroor Bharat Desh Mein Jaatiwad Jo Hai Wah Samapt Ho Sakta Hai Aajkal Jo Log Hain Jaisa Ki Aap Dekhenge To China Mein Kai Log Jo Hai Yeh Jaatiwad Aur Dharm Ke Pat Mein Vishwas Nahi Karte Aur Main Shabdon Ki Puri Duniya Mein Jo Sabse Bada Dharm Hai Wah Insaniyat Se Bada Koi Dharm Nahi Hai Aur Kuch Part Village Hain India Ke Kuch Nahi Bolunga Usko Kai Parts Of Village Jo India Ke Hain Usamen Jo Jaatiwad Hai Usko Bahut Badhawa Diya Jata Hai To Maine Jo Hai Wah Jaatiwad Aur Dharm Se Upar Uthakar Ekta Jo Hai Wah Pyar Se Rehna Chahiye Aur Ek Ehsaas Ki Madad Karni Chahiye Aur Jo Hai Wah Saath Mein Rahkar Bharat Ke Utthan Ke Liye Kaam Karna
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