हमारे जीवन में साहित्य का महत्व क्या है? ...

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साहित्य में हमारी संस्कृति से हमारे अतीत से हमें रूबरू कराता है जो कुछ भी प्राचीन समय में हुआ था जिस समय का समय वक्त रहा था जैसा उस समय हमारा जगदीश सैनी को मिलती है जिनके द्वारा ही हम जानते हैं कि हम...जवाब पढ़िये
साहित्य में हमारी संस्कृति से हमारे अतीत से हमें रूबरू कराता है जो कुछ भी प्राचीन समय में हुआ था जिस समय का समय वक्त रहा था जैसा उस समय हमारा जगदीश सैनी को मिलती है जिनके द्वारा ही हम जानते हैं कि हमारे प्राचीन सभ्यता में किस तरह से लोग अपना जीवन बिताते थे वह लोग क्या काम करते थे किस तरह चलाते थे और किस तरह से वह त्योहारों को मनाते थे कौन से त्योहारों पर किस तरह की वेशभूषा पहनते थे इस तरह से उनका खान पान की सामाजिक स्थिति को मिलती है हमारा प्यार अंधा होता है और हम अपनी जिंदगी में क्योंकि हमारे पूर्वजों ने उसे अपना जीवन की तरह से रहती थी किस तरह से वो लोग अपना जीवन यापन करते थे इस तरह की सामाजिक संरचना के लोग क्या पहनते थे वह लोग क्या खाते थे समिति के द्वारा ही मिलती है उस समय होता था वह सब साहित्य में कहानियों के रूप में कविताओं के रूप में वैसे हमें पता भी चलता है कि हमारे पूर्वज किस तरह का जीवन बिताते थेSahitya Mein Hamari Sanskriti Se Hamare Atit Se Hume Roobaroo Krata Hai Jo Kuch Bhi Prachin Samay Mein Hua Tha Jis Samay Ka Samay Waqt Raha Tha Jaisa Us Samay Hamara Jagdish Saini Ko Milti Hai Jinke Dwara Hi Hum Jante Hain Ki Hamare Prachin Sabhyata Mein Kis Tarah Se Log Apna Jeevan Bitaate The Wah Log Kya Kaam Karte The Kis Tarah Chalte The Aur Kis Tarah Se Wah Tyoharon Ko Manate The Kaun Se Tyoharon Par Kis Tarah Ki Veshbhoosha Pehente The Is Tarah Se Unka Khan Pan Ki Samajik Sthiti Ko Milti Hai Hamara Pyar Andha Hota Hai Aur Hum Apni Zindagi Mein Kyonki Hamare Purwaajon Ne Use Apna Jeevan Ki Tarah Se Rehti Thi Kis Tarah Se Vo Log Apna Jeevan Yaapan Karte The Is Tarah Ki Samajik Sanrachna Ke Log Kya Pehente The Wah Log Kya Khate The Samiti Ke Dwara Hi Milti Hai Us Samay Hota Tha Wah Sab Sahitya Mein Kahaniyon Ke Roop Mein Kavitao Ke Roop Mein Waise Hume Pata Bhi Chalta Hai Ki Hamare Poorvaj Kis Tarah Ka Jeevan Bitaate The
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हमारे जीवन में साहित्य का अत्यधिक महत्व है वह इसलिए क्योंकि अगर हमारा साहित्य नहीं होता तो हमेशा कभी पता ही नहीं चलता कि किस जमाने में लोगों की वेशभूषा क्या थी उनकी सोच क्या थी उनके जीने का तरीका क्या...जवाब पढ़िये
हमारे जीवन में साहित्य का अत्यधिक महत्व है वह इसलिए क्योंकि अगर हमारा साहित्य नहीं होता तो हमेशा कभी पता ही नहीं चलता कि किस जमाने में लोगों की वेशभूषा क्या थी उनकी सोच क्या थी उनके जीने का तरीका क्या था यह साहित्य यही हमारे पूरे के पूरे कल्चर को अपने-अपने समेट लेता है माननीय आज आपने अपनी डायरी लिखी ठीक है अपनी डायरी में आप क्या करते हैं पूरे दिन भर कैसे रहते हैं आपकी सोच क्या है आप की डायरी में वह सबकुछ लिखा रहता है और मनी चाहिए जो हमारी अभी सिविलाइज़ेशन है अभी से सौ साल बाद या 200 साल की 6 साल बाद है और तो सब 2025 समझ लीजिए सॉरी 2025 सा साल चल रहा है 2500 तो आप सोचें उस समय जब किसी को वह डायरी मिलेगी तो उससे मैं तो लिविंग कंडिशंस काफी डिफरेंट हो जाएगा कल्चर काफी अलग हो जाएगा उस समय का तो उस समय के लोगों को जब आप की डायरी मिलेगी उन्हें समझ में आएगा कि अभी यानी कि 2018 में लोग कैसे जीते थे उनकी सोच क्या थी बात करने का तरीका क्या था लैंग्वेज क्या क्या थी तो साहित्य जो है ना वह हमारे जीवन को एक दिशा देते हैं साहित्य पढ़ कर हमें काफी बार बहुत सारे अलग-अलग चीजों का अनुभव होता है हमें प्यार का अनुभव होता है उसे का अनुभव होता है हम किसी अन्य दुनिया में चले जाते साहित्य की मदद से इसलिए मुझे लगता है हमारे जीवन में साहित्य का तो बहुत ज्यादा महत्व हैHamare Jeevan Mein Sahitya Ka Atyadhik Mahatva Hai Wah Isliye Kyonki Agar Hamara Sahitya Nahi Hota To Hamesha Kabhi Pata Hi Nahi Chalta Ki Kis Jamaane Mein Logon Ki Veshbhoosha Kya Thi Unki Soch Kya Thi Unke Jeene Ka Tarika Kya Tha Yeh Sahitya Yahi Hamare Poore Ke Poore Culture Ko Apne Apne Samet Leta Hai Maananeey Aaj Aapne Apni Diary Likhi Theek Hai Apni Diary Mein Aap Kya Karte Hain Poore Din Bhar Kaise Rehte Hain Aapki Soch Kya Hai Aap Ki Diary Mein Wah Sabkuch Likha Rehta Hai Aur Money Chahiye Jo Hamari Abhi Civilization Hai Abhi Se Sau Saal Baad Ya 200 Saal Ki 6 Saal Baad Hai Aur To Sab 2025 Samajh Lijiye Sorry 2025 Sa Saal Chal Raha Hai 2500 To Aap Sochen Us Samay Jab Kisi Ko Wah Diary Milegi To Usse Main To Living Kandishans Kafi Different Ho Jayega Culture Kafi Alag Ho Jayega Us Samay Ka To Us Samay Ke Logon Ko Jab Aap Ki Diary Milegi Unhen Samajh Mein Aaega Ki Abhi Yani Ki 2018 Mein Log Kaise Jeete The Unki Soch Kya Thi Baat Karne Ka Tarika Kya Tha Language Kya Kya Thi To Sahitya Jo Hai Na Wah Hamare Jeevan Ko Ek Disha Dete Hain Sahitya Padh Kar Hume Kafi Bar Bahut Sare Alag Alag Chijon Ka Anubhav Hota Hai Hume Pyar Ka Anubhav Hota Hai Use Ka Anubhav Hota Hai Hum Kisi Anya Duniya Mein Chale Jaate Sahitya Ki Madad Se Isliye Mujhe Lagta Hai Hamare Jeevan Mein Sahitya Ka To Bahut Jyada Mahatva Hai
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कि हमारे सब के जीवन में साहित्य का महत्व होता है बिल्कुल लेकिन कई बार लोग जो है साहित्य में रुचि नहीं रखते हैं या कुछ तो खास लगाव होता है कुल मिलाकर साहित्य एक ऐसी चीज है जिस पर और सुनाओ जिससे आप जुड़...जवाब पढ़िये
कि हमारे सब के जीवन में साहित्य का महत्व होता है बिल्कुल लेकिन कई बार लोग जो है साहित्य में रुचि नहीं रखते हैं या कुछ तो खास लगाव होता है कुल मिलाकर साहित्य एक ऐसी चीज है जिस पर और सुनाओ जिससे आप जुड़ जाओ तो बेशक आप को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा बहुत कुछ जानने को मिलेगा लेकिन अगर आप नहीं भी जोड़ो तो बहुत अच्छी चीज़ हो रहे हो बहुत अच्छा एक जो है ज्ञान खोलो तो बाकी इसमें कोई चीज नहीं है साहित्य का हाथ तुझको इंपॉर्टेंट बहुत इंपॉर्टेंट रोल नहीं है जिसका इंटरेस्ट है वह करता है साहित्य लिटरेचर और नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि हम लोग बहुत ज्यादा रुचि नहीं लेतेKi Hamare Sab Ke Jeevan Mein Sahitya Ka Mahatva Hota Hai Bilkul Lekin Kai Bar Log Jo Hai Sahitya Mein Ruchi Nahi Rakhate Hain Ya Kuch To Khas Lagaav Hota Hai Kul Milakar Sahitya Ek Aisi Cheez Hai Jis Par Aur Sunao Jisse Aap Jud Jao To Beshak Aap Ko Bahut Kuch Seekhne Ko Milega Bahut Kuch Jaanne Ko Milega Lekin Agar Aap Nahi Bhi Jodon To Bahut Acchi Cheese Ho Rahe Ho Bahut Accha Ek Jo Hai Gyaan Kholo To Baki Isme Koi Cheez Nahi Hai Sahitya Ka Hath Tujhko Important Bahut Important Roll Nahi Hai Jiska Interest Hai Wah Karta Hai Sahitya Literature Aur Nahi Hai To Koi Dikkat Nahi Hai Kyonki Hum Log Bahut Jyada Ruchi Nahi Lete
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हमारे जीवन में साहित्य का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि अगर हमें यही नहीं पता कि हमारे पूर्वज हमारे दोस्त लोग किस तरह से रहते थे किसी से बिलॉन्ग करते थे कैसे उनकी संस्कृति थी कैसा वह लोग मतलब किस तरह के ...जवाब पढ़िये
हमारे जीवन में साहित्य का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि अगर हमें यही नहीं पता कि हमारे पूर्वज हमारे दोस्त लोग किस तरह से रहते थे किसी से बिलॉन्ग करते थे कैसे उनकी संस्कृति थी कैसा वह लोग मतलब किस तरह के खाना पीना था उनका दूसरे के घरों में रहते थे किसी का डांस करता तो मैं पता ही नहीं चलेगा कि हमारा जो हमारे हम किसी से बिलॉन्ग करते हैं हमारी रूट कहां है किसी भी व्यक्ति के लिए चाहे वह कहीं का हो कोई भी हो यह जाना बहुत इंपॉर्टेंट रहते कि उसके रूट क्या है उसकी जड़े कहां से हैं और अगर मैं यही नहीं पता होगा कि हमारा साहित्य अगर पर साहित्य नहीं हमें यही नहीं पता कि हमारी शुरुआत कहां से हुई थी यह किस तरीके से हम आप क्या मिट्टी के बर्तनों में खाते थे और अब हम कहां का आज के इन चीजों पर आ गए हैं यह सारी चीजें तो जब तक हमें समझ नहीं पाएंगे तब तो कंप्यूटर पर सेट नहीं करेंगे और भारतीय होने के नाते हमारा लड़की तो वैसे भी बहुत ज्यादा एडवेंचरस आ रहा है आजादी की लड़ाई लड़ी है हमने कितने सारे जो यह रूलर से इनसे हम लड़ाई की है तो इसकी वजह से यह हमारे लिए जाना क्या भारत साहित्य कैसा था वह बहुत इंपॉर्टेंट हो जाता हैHamare Jeevan Mein Sahitya Ka Bahut Adhik Mahatva Hai Kyonki Agar Hume Yahi Nahi Pata Ki Hamare Poorvaj Hamare Dost Log Kis Tarah Se Rehte The Kisi Se Bilong Karte The Kaise Unki Sanskriti Thi Kaisa Wah Log Matlab Kis Tarah Ke Khana Peena Tha Unka Dusre Ke Gharon Mein Rehte The Kisi Ka Dance Karta To Main Pata Hi Nahi Chalega Ki Hamara Jo Hamare Hum Kisi Se Bilong Karte Hain Hamari Root Kahan Hai Kisi Bhi Vyakti Ke Liye Chahe Wah Kahin Ka Ho Koi Bhi Ho Yeh Jana Bahut Important Rehte Ki Uske Root Kya Hai Uski Jade Kahan Se Hain Aur Agar Main Yahi Nahi Pata Hoga Ki Hamara Sahitya Agar Par Sahitya Nahi Hume Yahi Nahi Pata Ki Hamari Shuruvat Kahan Se Hui Thi Yeh Kis Tarike Se Hum Aap Kya Mitti Ke Bartano Mein Khate The Aur Ab Hum Kahan Ka Aaj Ke In Chijon Par Aa Gaye Hain Yeh Saree Cheezen To Jab Tak Hume Samajh Nahi Paenge Tab To Computer Par Set Nahi Karenge Aur Bhartiya Hone Ke Naate Hamara Ladki To Waise Bhi Bahut Jyada Edavencharas Aa Raha Hai Azadi Ki Ladai Ladi Hai Humne Kitne Sare Jo Yeh Ruler Se Inse Hum Ladai Ki Hai To Iski Wajah Se Yeh Hamare Liye Jana Kya Bharat Sahitya Kaisa Tha Wah Bahut Important Ho Jata Hai
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