search_iconmic
leaderboard
notify
हिंदी
leaderboard
notify
हिंदी
जवाब दें

हम लोग अल्लाह के करीब कैसे हो सकते हैं? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रार्थना करो लेकिन सच्ची प्रार्थना अगर तुमने की होती में विलुप्त हो जाता है हो जाता है भूल जाता है हो जाता है फिर तो प्रार्थी के कर्म उसके अपने नहीं रह जाते अल्लाह मात्र करता हो जाता है सबके मात्र करता हो जाता है चला को जो कुछ करना है तुम्हारे हाथों से करेगा जब तुम्हारे भीतर तो समाप्त हो जाए और तुम्हारे हाथ किस के इशारों पर चले शाहरुख पर नहीं तुम्हारे हाथ होते ही काम किया होता जो सही मतलब तुम्हारा कर्म तो गलत था कि उस कर्म से पहले तुमने जो प्रार्थना करी वह भी झूठी नकली अधूरी थी असली प्रार्थना के बाद तो प्रार्थी से ही नहीं रहता असली प्रार्थना के बाद तो प्रार्थी करता रैली नहीं जाता के बाद प्रार्थी के जो भी कम होते हैं वह वास्तव में किसके होते हैं वह इस से प्रार्थना करें प्रार्थना में अपने ब्लॉग के अलावा कोई मांग रखी जाती है क्या तू ही तू है जादू देखो जाए यही प्रार्थना है ना बेटा तू बजा फिर अब मैं प्रार्थना करने के बाद भी समर्पित होने के बाद भी अगर अभी अपना ही भेजा चला रहा अपनी बुद्धि से व्यक्तिगत निर्णय लेने प्रार्थना कभी करीना का सॉन्ग किया था प्रार्थना का आचरण किया था बस कुछ पंक्तियों का दौरा कुछ वास्तविक हुआ नहीं वहां पर इस बात को समझना खुदा जब तुम्हारी मदद करना चाहता है तो कहीं बाहर जाकर नहीं करता तुम्हारे भीतर बैठ जाता है जब तुम्हारे भीतर बैठ जाता है तो तुम्हारे कैसे हो जाते तुम अपनी मदद आप करने लगते हो दूध लोग कहते हैं कि हम हम रहे खुदा बाहर से आकर हमारी मदद करते उन्हें कभी मदद मिलती नहीं क्योंकि जब तक तुम हो कौन तुम्हारी मदद कर सकता है जब तक तुम हो कौन तुम्हारी मदद करेगा और दूसरे होते हैं जो कहते हैं हम ना रहे उनकी वास्तविक मदद होती है उनके भीतर जो बहुत है उसी का नाम तो अल्लाह है उसी का नाम खुदाई है उनकी आत्मा है उसी का नाम तो सकते हैं अब भी करता हो गई है वह काम कर रही है जो कुछ भी करोगे उसमें आप की भी मदद होगी और पूरे संसार की भी एक-एक कर सही दिशा में होगा आपकी मदद की दिशा में होगा आपने जो मांगा था वह आपको अपने ही हाथों मिल जाएगा आप जो बाहर तलाशते थे वह आपको अपनी ही हंसती में मिल जाएगा उसी को अगर बचाए रह गए तो संतुष्टि भी कभी मिलने कि नहीं यह गलती अक्सर प्रार्थी आखरी जाता है कहता है कि मुझे कुछ ऐसा दे दो जो मुझे अच्छा लगता हो तुम तुम हो तब ना वह है जो तुम्हें अच्छा लगता है जो असली भक्त हैं वास्तव में प्रार्थना कर रहा है वह कहता है मैं क्या जानू मेरे लिए क्या अच्छा है तुम आ जाओ फिर जो होगा सब अच्छा होगा तुम्हारे होने से रौनक है तुम्हारे होने से सच्चाई है तुम्हारे होने से खुशबू है तुम्हारे होने से बाहर है तुम नहीं तो और क्या तुम्हारे अपनी कुछ और मांगो तो तेरा ही मांग रहा हूं अपनी मूर्खता इशारा तुम आओ और किसी और के लिए जगह ना रहे यहां तक कि स्वयं मेरे लिए भी जगह ना रहे तुम कुछ ऐसा भर दो मुझको कि मैं भी अपने वजूद से बाहर हो जाऊं बेदखल हो जाऊं यही प्रार्थना प्रथम थोड़ी होती तो दूर बैठे हो और हमारे को तो बैठे बैठे तो मुझसे मांग क्या रहे हो कि हमारा लड्डू का योग हो जाए तो प्रेम तुम्हें किस से लड्डू से प्रेम लगन से कर रहे हो वह है तुम हो और दोला के प्रेम किसके किसके बीच है तुम्हारी गाने झंझट में घसीट ते हो उसके पास तब जाओ जब और कुछ ना चाहिए हो सिर्फ वही चाहिए अभी और कुछ चाहिए जो चाहिए सीधे उसके पास जाओ ना तुम्हें अगर चाहिए हो तो मुझसे बात करो ना चित बड़ी कड़ी शर्तों गई भगवान के पास भगवान को मारने कब जाते हो तुम तो भगवान के पास जाते हो इसीलिए कुछ नहीं बचा न भगवान भगवान और वरदान जवानी की वरदान दे सकता है उस प्रधान का नाम भगवान ने और यही वरदान मांगना हमेशा क्या और कुछ नहीं चाहिए तुम ही आ जाओ तुम कुछ नहीं चाहिए मुझे तो तुम ही चाहिए
प्रार्थना करो लेकिन सच्ची प्रार्थना अगर तुमने की होती में विलुप्त हो जाता है हो जाता है भूल जाता है हो जाता है फिर तो प्रार्थी के कर्म उसके अपने नहीं रह जाते अल्लाह मात्र करता हो जाता है सबके मात्र करता हो जाता है चला को जो कुछ करना है तुम्हारे हाथों से करेगा जब तुम्हारे भीतर तो समाप्त हो जाए और तुम्हारे हाथ किस के इशारों पर चले शाहरुख पर नहीं तुम्हारे हाथ होते ही काम किया होता जो सही मतलब तुम्हारा कर्म तो गलत था कि उस कर्म से पहले तुमने जो प्रार्थना करी वह भी झूठी नकली अधूरी थी असली प्रार्थना के बाद तो प्रार्थी से ही नहीं रहता असली प्रार्थना के बाद तो प्रार्थी करता रैली नहीं जाता के बाद प्रार्थी के जो भी कम होते हैं वह वास्तव में किसके होते हैं वह इस से प्रार्थना करें प्रार्थना में अपने ब्लॉग के अलावा कोई मांग रखी जाती है क्या तू ही तू है जादू देखो जाए यही प्रार्थना है ना बेटा तू बजा फिर अब मैं प्रार्थना करने के बाद भी समर्पित होने के बाद भी अगर अभी अपना ही भेजा चला रहा अपनी बुद्धि से व्यक्तिगत निर्णय लेने प्रार्थना कभी करीना का सॉन्ग किया था प्रार्थना का आचरण किया था बस कुछ पंक्तियों का दौरा कुछ वास्तविक हुआ नहीं वहां पर इस बात को समझना खुदा जब तुम्हारी मदद करना चाहता है तो कहीं बाहर जाकर नहीं करता तुम्हारे भीतर बैठ जाता है जब तुम्हारे भीतर बैठ जाता है तो तुम्हारे कैसे हो जाते तुम अपनी मदद आप करने लगते हो दूध लोग कहते हैं कि हम हम रहे खुदा बाहर से आकर हमारी मदद करते उन्हें कभी मदद मिलती नहीं क्योंकि जब तक तुम हो कौन तुम्हारी मदद कर सकता है जब तक तुम हो कौन तुम्हारी मदद करेगा और दूसरे होते हैं जो कहते हैं हम ना रहे उनकी वास्तविक मदद होती है उनके भीतर जो बहुत है उसी का नाम तो अल्लाह है उसी का नाम खुदाई है उनकी आत्मा है उसी का नाम तो सकते हैं अब भी करता हो गई है वह काम कर रही है जो कुछ भी करोगे उसमें आप की भी मदद होगी और पूरे संसार की भी एक-एक कर सही दिशा में होगा आपकी मदद की दिशा में होगा आपने जो मांगा था वह आपको अपने ही हाथों मिल जाएगा आप जो बाहर तलाशते थे वह आपको अपनी ही हंसती में मिल जाएगा उसी को अगर बचाए रह गए तो संतुष्टि भी कभी मिलने कि नहीं यह गलती अक्सर प्रार्थी आखरी जाता है कहता है कि मुझे कुछ ऐसा दे दो जो मुझे अच्छा लगता हो तुम तुम हो तब ना वह है जो तुम्हें अच्छा लगता है जो असली भक्त हैं वास्तव में प्रार्थना कर रहा है वह कहता है मैं क्या जानू मेरे लिए क्या अच्छा है तुम आ जाओ फिर जो होगा सब अच्छा होगा तुम्हारे होने से रौनक है तुम्हारे होने से सच्चाई है तुम्हारे होने से खुशबू है तुम्हारे होने से बाहर है तुम नहीं तो और क्या तुम्हारे अपनी कुछ और मांगो तो तेरा ही मांग रहा हूं अपनी मूर्खता इशारा तुम आओ और किसी और के लिए जगह ना रहे यहां तक कि स्वयं मेरे लिए भी जगह ना रहे तुम कुछ ऐसा भर दो मुझको कि मैं भी अपने वजूद से बाहर हो जाऊं बेदखल हो जाऊं यही प्रार्थना प्रथम थोड़ी होती तो दूर बैठे हो और हमारे को तो बैठे बैठे तो मुझसे मांग क्या रहे हो कि हमारा लड्डू का योग हो जाए तो प्रेम तुम्हें किस से लड्डू से प्रेम लगन से कर रहे हो वह है तुम हो और दोला के प्रेम किसके किसके बीच है तुम्हारी गाने झंझट में घसीट ते हो उसके पास तब जाओ जब और कुछ ना चाहिए हो सिर्फ वही चाहिए अभी और कुछ चाहिए जो चाहिए सीधे उसके पास जाओ ना तुम्हें अगर चाहिए हो तो मुझसे बात करो ना चित बड़ी कड़ी शर्तों गई भगवान के पास भगवान को मारने कब जाते हो तुम तो भगवान के पास जाते हो इसीलिए कुछ नहीं बचा न भगवान भगवान और वरदान जवानी की वरदान दे सकता है उस प्रधान का नाम भगवान ने और यही वरदान मांगना हमेशा क्या और कुछ नहीं चाहिए तुम ही आ जाओ तुम कुछ नहीं चाहिए मुझे तो तुम ही चाहिए
Likes  121  Dislikes      
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिए😊

ऐसे और सवाल

ques_icon

ques_icon

अधिक जवाब


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न हम हम लोग अल्लाह के गरीब के सबसे उसके लिए पीर बनना पड़ेगा फिर का मतलब जानते हो फिर का मतलब निकाल दो को संवेदनशील में निश्चित प्रकाश का को जो मनोनीत किया हुआ है अक्षत दूध दूध दूध पी लेना है और उसकी गहराई में पहुंचता जा रहा है और कल्याण के लिए सोचता है कि यह दुख का रास्ता सबके लिए हर जाए कर जाए ऐसी भावना का जरूरी होता है वह उसके करीब होता है
प्रश्न हम हम लोग अल्लाह के गरीब के सबसे उसके लिए पीर बनना पड़ेगा फिर का मतलब जानते हो फिर का मतलब निकाल दो को संवेदनशील में निश्चित प्रकाश का को जो मनोनीत किया हुआ है अक्षत दूध दूध दूध पी लेना है और उसकी गहराई में पहुंचता जा रहा है और कल्याण के लिए सोचता है कि यह दुख का रास्ता सबके लिए हर जाए कर जाए ऐसी भावना का जरूरी होता है वह उसके करीब होता है
Likes  0  Dislikes      
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अल्लाह की अल्लाह और उसके रसूल की बात करके अल्लाह और उसके रसूल का हुक्म मान के अल्लाह और उसके रसूल ने जो खत में हमें करने के लिए दिया है उस पर अमल करने के लिए और उस पर अमल करने के साथ-साथ दूसरों को बताना और उस पर खासतौर पर तवज्जो देना और अल्लाह की इबादत मशहूर रहना ईश्वर इस जब इंसान अल्लाह के मशहूर रहता है तो वहां क्या करीब हो जाता है
अल्लाह की अल्लाह और उसके रसूल की बात करके अल्लाह और उसके रसूल का हुक्म मान के अल्लाह और उसके रसूल ने जो खत में हमें करने के लिए दिया है उस पर अमल करने के लिए और उस पर अमल करने के साथ-साथ दूसरों को बताना और उस पर खासतौर पर तवज्जो देना और अल्लाह की इबादत मशहूर रहना ईश्वर इस जब इंसान अल्लाह के मशहूर रहता है तो वहां क्या करीब हो जाता है
Likes  0  Dislikes      
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम लोग अल्लाह के करीब हैं भगवान जो है उन्होंने यही कहा था यही काम है बाइबल के अंदर और कुरान के अंदर गीता के अंदर सब किताबों में यही कहा है कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ ही बस जो है परिश्रम हमें करना चाहिए और उन्होंने हमें महिमा के लिए खुद की महिमा खुद की शोभा के लिए पैदा किया बनाया है
हम लोग अल्लाह के करीब हैं भगवान जो है उन्होंने यही कहा था यही काम है बाइबल के अंदर और कुरान के अंदर गीता के अंदर सब किताबों में यही कहा है कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ ही बस जो है परिश्रम हमें करना चाहिए और उन्होंने हमें महिमा के लिए खुद की महिमा खुद की शोभा के लिए पैदा किया बनाया है
Likes  1  Dislikes      
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches:Hum Log Allah Ke Kareeb Kaise Ho Sakte Hain,How Can We Be Close To Allah?,


vokalandroid