बैंक में NPA का कैसा काम किया जाता है ? ...

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MP एक ऐसा मुद्दा है जिसे बार बार उठाया जाता रहा है और आप यह भी सुनते हैं कि जो यह अंतिम होते हैं वह हमारी इकोनॉमी और बैंक के लिए एक सिर दर्द के समान है हर बात जब भी इकनोमिक की बात होती है कुछ ना कुछ ठोस कदम उठाने की बात होती है चाहे सरकार किसी की भी हो बस वो बातें करते हैं लेकिन इस से बैंकों का कुछ भी भला नहीं हो पाता है इंटर का फुल फॉर्म नॉन परफॉर्मिंग एसेट होता है मतलब कि ऐसा एसिड जोकि पर फोन नहीं कर रहा है यह ऐसी संपत्ति होती है इसका देश की अर्थव्यवस्था में कोई योगदान नहीं होता है MP3 बैंक की बात करें तो यह लोन के बारे में होता है और बड़े लोन के बारे में खास तौर पर ही होता है क्योंकि लोग अगर लोन लेते हैं तो बैंक कौन से वसूली के लिए उनका खून पीने तक को तैयार हो जाते हैं लेकिन बड़े लोन के मामले में ऐसा नहीं होता इसके बहुत से कारण और दबाव होते हैं जिसकी वजह से बैंक ऐसा नहीं कर पाते एनपीए इसलिए बढ़ता है की बैंक की लोन देने की प्रक्रिया में खामी होती है या फिर जिस बिजनेस या कंपनी को लोन दिया जा रहा है उसका दिवालिया हो जाना होता है बैंकों को लोन देने के पहले अच्छी तरह से जांच परख कर लेनी चाहिए ताकि जिसे लोन दे रहे हैं वह लोन चुका पाएगा या नहीं यह अपने आप को गारंटी मिल जाएMP Ek Aisa Mudda Hai Jise Baar Baar Uthaya Jata Raha Hai Aur Aap Yeh Bhi Sunte Hain Ki Jo Yeh Antim Hote Hain Wah Hamari Economy Aur Bank Ke Liye Ek Sir Dard Ke Saman Hai Har Baat Jab Bhi Economic Ki Baat Hoti Hai Kuch Na Kuch Thos Kadam Uthane Ki Baat Hoti Hai Chahe Sarkar Kisi Ki Bhi Ho Bus Vo Batein Karte Hain Lekin Is Se Bankon Ka Kuch Bhi Bhala Nahi Ho Pata Hai Inter Ka Full Form Non Parafarming Eset Hota Hai Matlab Ki Aisa Acid Joki Par Phone Nahi Kar Raha Hai Yeh Aisi Sampatti Hoti Hai Iska Desh Ki Arthavyavastha Mein Koi Yogdan Nahi Hota Hai MP3 Bank Ki Baat Karen To Yeh Loan Ke Baare Mein Hota Hai Aur Bade Loan Ke Baare Mein Khas Taur Par Hi Hota Hai Kyonki Log Agar Loan Lete Hain To Bank Kaun Se Vasuli Ke Liye Unka Khoon Peene Tak Ko Taiyaar Ho Jaate Hain Lekin Bade Loan Ke Mamle Mein Aisa Nahi Hota Iske Bahut Se Kaaran Aur Dabaav Hote Hain Jiski Wajah Se Bank Aisa Nahi Kar Paate Npa Isliye Badhta Hai Ki Bank Ki Loan Dene Ki Prakriya Mein Khami Hoti Hai Ya Phir Jis Business Ya Company Ko Loan Diya Ja Raha Hai Uska Diwaliya Ho Jana Hota Hai Bankon Ko Loan Dene Ke Pehle Acchi Tarah Se Janch Parakh Kar Leni Chahiye Taki Jise Loan De Rahe Hain Wah Loan Chuka Payega Ya Nahi Yeh Apne Aap Ko Guarantee Mil Jaye
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इंडिया ने जो होता है नॉन परफॉर्मिंग एसेट जाए जब किसी को लोन देते हैं और अगर उससे उस लोन से जो है इंटरेस्ट यारी पेमेंट की जो संभावना नहीं दिख रही है तो उसे बैंक को जो आपने बैलेंस शीट में जो है उसे नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स के हेड के अंदर डालना पड़ता है अब नॉन परफॉर्मिंग एसेट मतलब यही हो रहा है कि उसे जय पेमेंट नहीं आ रही है लोन की छोरी पेमेंट नहीं हो रही है तो नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स सीधी बात है कि अधिकतर अगर नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स बढ़ जाए तो यह कोई अच्छा सा गुण नहीं है बैंक के लिए बहुत ही खराब स्थिति दिखाई दे रही है अगर नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स हद से ज्यादा बढ़ जाए तो इंदौर चली गई उसे वापस उसे लेने के लिए लोग जो है कभी-कभी इंटरेस्ट रेट बड़ा देती है और क्योंकि उन्हें भी अजय डिपाजिट जो Happy FD WhatsApp पर जोर इंटरेस्ट भर नहीं होती है रेसिंग सेविंग अकाउंट इंटरेस्ट करना होता है उनको भरने के लिए बैंक को पैसे चाहिए होते तो उस पर जो है अपना रिकवरी करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर वहां पर इंटरेस्ट देते हैंIndia Ne Jo Hota Hai Non Parafarming Eset Jaye Jab Kisi Ko Loan Dete Hain Aur Agar Usse Us Loan Se Jo Hai Interest Yaari Payment Ki Jo Sambhavna Nahi Dikh Rahi Hai To Use Bank Ko Jo Aapne Balance Sheet Mein Jo Hai Use Non Parafarming Esets Ke Head Ke Andar Daalna Padata Hai Ab Non Parafarming Eset Matlab Yahi Ho Raha Hai Ki Use Jai Payment Nahi Aa Rahi Hai Loan Ki Chhori Payment Nahi Ho Rahi Hai To Non Parafarming Esets Sidhi Baat Hai Ki Adhiktar Agar Non Parafarming Esets Badh Jaye To Yeh Koi Accha Sa Gun Nahi Hai Bank Ke Liye Bahut Hi Kharab Sthiti Dikhai De Rahi Hai Agar Non Parafarming Esets Had Se Jyada Badh Jaye To Indore Chali Gayi Use Wapas Use Lene Ke Liye Log Jo Hai Kabhi Kabhi Interest Rate Bada Deti Hai Aur Kyonki Unhen Bhi Ajay Deposit Jo Happy FD WhatsApp Par Jor Interest Bhar Nahi Hoti Hai Racing Saving Account Interest Karna Hota Hai Unko Bharne Ke Liye Bank Ko Paise Chahiye Hote To Us Par Jo Hai Apna Recovery Karne Ke Liye Interest Rate Badhakar Wahan Par Interest Dete Hain
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MP का मतलब होता है नॉन परफॉर्मिंग एसेट बैंक फ्यूज विल इट अप लोन को नॉन परफॉर्मिंग के तौर पर सेट प्राइस करते हैं जो पेमेंट ड्यू डेट के 90 डेज बाद भी उनका इंटरेस्ट है प्रिंसिपल नहीं पर किया जाए आसान शब्दों में एक ऐसे नॉन परफॉर्मिंग तब होता है जब वह लैंडर के लिए कमाई जनरेट ना कर सके एनपीएस फाइनेंसियल इंस्टिट्यूशन के लिए समस्याग्रस्त है क्योंकि यह आज के लिए ब्याज भुगतान पर निर्भर रहते हैं अगर इकोनॉमी पर बहुत प्रसिद्ध है तो एनपीएस की बढ़ोतरी से बैंक बहुत मुश्किल स्थिति में आ सकते हैं जैसा कि 2008 में यूएस में हुआ था एनपीए केवल बैंक के अकाउंट बुक्स को बुरी तरह प्रभावित नहीं करते वे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं जमा कर्ताओं को सही रिटर्न नहीं मिलता और कई बार वह अपने अनुसार डिपॉजिट हो सकते हैं एनपीए नुकसान की भरपाई के लिए बैंक कुछ प्रोडक्ट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट लगाना शुरु कर सकता है बैंक के शेयर धारक प्रतीक रूप से प्रभावित होते हैं जब बैंक को लोन चुका दिया ब्याज भुगतान नहीं मिलता है लिक्विडिटी की समस्या भी सामने आ सकती हैMP Ka Matlab Hota Hai Non Parafarming Eset Bank Fuse Will It Up Loan Ko Non Parafarming Ke Taur Par Set Price Karte Hain Jo Payment Due Date Ke 90 Days Baad Bhi Unka Interest Hai Principal Nahi Par Kiya Jaye Aasan Shabdon Mein Ek Aise Non Parafarming Tab Hota Hai Jab Wah Laindar Ke Liye Kamai Generate Na Kar Sake Nps Financial Instityushan Ke Liye Samasyagrast Hai Kyonki Yeh Aaj Ke Liye Byaj Bhugtan Par Nirbhar Rehte Hain Agar Economy Par Bahut Prasiddh Hai To Nps Ki Badhotari Se Bank Bahut Mushkil Sthiti Mein Aa Sakte Hain Jaisa Ki 2008 Mein Us Mein Hua Tha Npa Kewal Bank Ke Account Books Ko Buri Tarah Prabhavit Nahi Karte Ve Rashtriya Arthavyavastha Par Bhi Pratikul Prabhav Daalte Hain Jama Kartaon Ko Sahi Return Nahi Milta Aur Kai Baar Wah Apne Anusar Deposit Ho Sakte Hain Npa Nuksan Ki Bharpai Ke Liye Bank Kuch Product Par Jyada Interest Rate Lagana Shuru Kar Sakta Hai Bank Ke Share Dharak Pratik Roop Se Prabhavit Hote Hain Jab Bank Ko Loan Chuka Diya Byaj Bhugtan Nahi Milta Hai Likwiditi Ki Samasya Bhi Samane Aa Sakti Hai
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