मोदी जी ने नशा कारोबार और पेट्रोल जीएसटी में क्यों नहीं शामिल किया? ...

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पेट्रोल और डीजल को सरकार के तहत जीएसटी के अंदर नहीं लाया गया है क्योंकि यह केंद्र और राज्य सरकारों के लिए राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है क्योंकि एक बुनियादी आवश्यकता है और भारी टेक्स्ट पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाते हैं वर्तमान में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी अर्थात केंद्र सरकार द्वारा टाइप 23% है और राज्य सरकारों द्वारा तैयार की गई बात लगभग 34% है जिससे कोई टैक्स 57% हो जाता है अब अगर सरकार डीजल और पेट्रोल पर जीएसटी को लागू कर देगी तो इसके साथ ही पर टैक्स की अधिकतम सीमा 28% हो जाएगी क्योंकि यह जीएसटी परिषद में तय जीएसटी का सर्वोत्तम मूल है इसका मतलब दोनों केंद्र और राज्य सरकारों को केवल 15% ही मिल सकती थी इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग आधे से कम हो सकती थी इसी तरह वर्तमान में शराब राज्य राजस्व में 20 से 25पसंद तक योगदान देता है राजनेता और शराब निर्माताओं या विक्रेताओं के बीच लाइसेंस जारी करने अवैध शराब आदि के लिए एक बड़ी गठजोड़ भी है राज्य जीएसटी के तहत राजस्व के इस आकर्षक स्त्रोत्र को खोना नहीं चाहते हैं जीएसटी के अंदर उन्हें केंद्र के साथ आधे राजस्व का हिस्सा लेना होगा और केंद्र को एग्जीक्यूटिव में बोलने का एक हक भी देना होगा इन कारणों से राज्य जीएसटी के तहत नशा कारोबार और पेट्रोल पर जीएसटी को शामिल करने का विरोध विरोध कर रहे थे और इसीलिए मोदी जी ने ने शामिल नहीं कियाPetrol Aur Diesel Ko Sarkar Ke Tahat Gst Ke Andar Nahi Laya Gaya Hai Kyonki Yeh Kendra Aur Rajya Sarkaro Ke Liye Raajaswa Ka Sabse Bada Srot Hai Kyonki Ek Buniyaadi Avashyakta Hai Aur Bhari Text Petrol Aur Diesel Par Lagaye Jaate Hain Vartaman Mein Central Excise Duty Arthat Kendra Sarkar Dwara Type 23% Hai Aur Rajya Sarkaro Dwara Taiyaar Ki Gayi Baat Lagbhag 34% Hai Jisse Koi Tax 57% Ho Jata Hai Ab Agar Sarkar Diesel Aur Petrol Par Gst Ko Laagu Kar Degi To Iske Saath Hi Par Tax Ki Adhiktam Seema 28% Ho Jayegi Kyonki Yeh Gst Parishad Mein Tay Gst Ka Sarvottam Mul Hai Iska Matlab Dono Kendra Aur Rajya Sarkaro Ko Kewal 15% Hi Mil Sakti Thi Isse Petrol Aur Diesel Ki Keematen Lagbhag Aadhe Se Kum Ho Sakti Thi Isi Tarah Vartaman Mein Sharab Rajya Raajaswa Mein 20 Se Pasand Tak Yogdan Deta Hai Rajneta Aur Sharab Nirmaataon Ya Vikretaon Ke Beech License Jaari Karne Awaidh Sharab Aadi Ke Liye Ek Badi Gathajod Bhi Hai Rajya Gst Ke Tahat Raajaswa Ke Is Aakarshak Strotra Ko Khona Nahi Chahte Hain Gst Ke Andar Unhen Kendra Ke Saath Aadhe Raajaswa Ka Hissa Lena Hoga Aur Kendra Ko Executive Mein Bolne Ka Ek Haq Bhi Dena Hoga In Kaarno Se Rajya Gst Ke Tahat Nasha Karobaar Aur Petrol Par Gst Ko Shamil Karne Ka Virodh Virodh Kar Rahe The Aur Isliye Modi Ji Ne Ne Shamil Nahi Kiya
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