क्या सुभाष चंद्र बोस भी RSS का विरोध करते थे और क्यों करते थे ? ...

Likes  0  Dislikes

2 Answers


प्ले क्लिक करके जवाब सुनिये। जवाब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करिये...जवाब पढ़िये
सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया| अंग्रेजो को देश से निकालने के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की| उन्हें नेताजी के नाम से भी जाना जाता है देश को स्वतंत्र कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है| गांधी जी को राष्ट्रपिता का संबोधन पहली बार नेताजी नहीं दिया था| श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जब हिंदू महासभा को ज्वाइन किया तब उनके और नेताजी मैं आपसे बातचीत हुई तो इस तरह की नेता जी नेSubhash Chandra Bose Ne 1939 Mein Forward Block Ka Gathan Kiya Angrejo Ko Desh Se Nikalne Ke Liye Azad Hind Fauj Ki Sthapana Ki Unhen Netaji Ke Naam Se Bhi Jana Jata Hai Desh Ko Swatantra Karane Mein Unka Mahatvapurna Yogdan Raha Hai Gandhi Ji Ko Rashtrapita Ka Sanbodhan Pehli Baar Netaji Nahi Diya Tha Shyaama Prasad Mukherjee Ne Jab Hindu Mahasabha Ko Join Kiya Tab Unke Aur Netaji Main Aapse Batchit Hui To Is Tarah Ki Neta Ji Ne
Likes  24  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

अपना सवाल पूछिए


Englist → हिंदी

Additional options appears here!


0/180
mic

अपना सवाल बोलकर पूछें


प्ले क्लिक करके जवाब सुनिये। जवाब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करिये...जवाब पढ़िये
हिंदी को यह बात सच है कि सुभाष चंद्र बोस है वह RSS का महिषासुर वध करके आ रहे थे कि कंपनी मान्यता कि RSS को जो है वह बंद हो जाना चाहिए पर बंद होना चाहिए कानून के हिसाब से कि अगर हम देखें तो जिस प्रकार से RSS जीमेल को हिंदुत्व जय हिंदुत्व को लेकर आता था तो सुभाष चंद्र बोस पास में ही मानना नहीं था उस बांसुरी वाले की तरफ लौट रहे थे ऐसी कई सारे दंगे हो गए थे हिंदू धर्म के कारण मौसम बारिश कौन-कौन से है वह हमें और भी टेंशन जो है वह हमेशा बढ़ाते थे जब भी भी नेता जी जो है वह आजादी के बारे में बात करते थे और हमेशा देर कर दी उसकी आपसे तो इसके लिए जो है ना सुभाष चंद्र बोस जो है वह RSS के विरोध थे और उनका यह भी मानना था कि rss जॉइन कर सकती है वह इतना इंपोर्टेंट नहीं है कि कि उन्हें नेताजी कुरुक्षेत्र की बार जरूर ज्यादा इंपोर्टेंट है कोई एक रिलीजिंग की जो मान सकता है या फिर हम कैसे बैटरी बची है वह उन्हें द मैटर नहीं करता था तो इसके कारण जो है सुभाष चंद्र बोस RSS के विरोध करते थे और मैं यार इसमें कोई पसंद नहीं थाHindi Ko Yeh Baat Sach Hai Ki Subhash Chandra Bose Hai Wah RSS Ka Mahishasur Vadh Karke Aa Rahe The Ki Company Manyata Ki RSS Ko Jo Hai Wah Band Ho Jana Chahiye Par Band Hona Chahiye Kanoon Ke Hisab Se Ki Agar Hum Dekhen To Jis Prakar Se RSS Gmail Ko Hindutva Jai Hindutva Ko Lekar Aata Tha To Subhash Chandra Bose Paas Mein Hi Manana Nahi Tha Us Bansuri Wale Ki Taraf Lot Rahe The Aisi Kai Sare Denge Ho Gaye The Hindu Dharm Ke Kaaran Mausam Barish Kaun Kaun Se Hai Wah Hume Aur Bhi Tension Jo Hai Wah Hamesha Badhate The Jab Bhi Bhi Neta Ji Jo Hai Wah Azadi Ke Baare Mein Baat Karte The Aur Hamesha Der Kar Di Uski Aapse To Iske Liye Jo Hai Na Subhash Chandra Bose Jo Hai Wah RSS Ke Virodh The Aur Unka Yeh Bhi Manana Tha Ki Rss Join Kar Sakti Hai Wah Itna Important Nahi Hai Ki Ki Unhen Netaji Kurukshetra Ki Baar Jarur Jyada Important Hai Koi Ek Releasing Ki Jo Maan Sakta Hai Ya Phir Hum Kaise Battery Bachi Hai Wah Unhen D Matter Nahi Karta Tha To Iske Kaaran Jo Hai Subhash Chandra Bose RSS Ke Virodh Karte The Aur Main Yaar Isme Koi Pasand Nahi Tha
Likes  2  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

Want to invite experts?




Similar Questions

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Kya Subhash Chandra Bose Bhi RSS Ka Virodh Karte The Aur Kyun Karte The ?





मन में है सवाल?