क्या लोकतंत्र के अन्तर्गत आपस में पार्टीयो का विरोध करना उचित हैं? ...

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एक राजनीतिक शास्त्र स्नातक होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि किसी भी लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टियों व समुदायों का अंतर्विरोध कुदरत का नियम है एक नियति है जो किसी भी प्रकार से गलत नहीं है इसमें किसी भी...
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एक राजनीतिक शास्त्र स्नातक होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि किसी भी लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टियों व समुदायों का अंतर्विरोध कुदरत का नियम है एक नियति है जो किसी भी प्रकार से गलत नहीं है इसमें किसी भी प्रकार का कोई समस्या नहीं है आपस में पार्टियों का विरोध राज्यों के आधार पर होता है भाषाओं के आधार पर होते हैं वहां अधिकारों के आधार पर होता है उदाहरण के तौर पर कावेरी जल विवाद जिसमें की दो राज्य उलझे हुए हैं इसके अलावा नर्मदा जल विवाद अगर आ देखे तो नदियों का जल विवाद सीमाओं का जल विवाद तथा नए राज्यों के गठन व पुनर्निर्माण के लिए किस प्रकार से राज्य में उठापटक होती है आपस में तनातनी होती है यह स्वाभाविक है क्योंकि हर राज्य चाहता है कि उसके अधिकार जो आर्थिक अधिकार हैं उन में बढ़ोतरी हो केंद्र सरकार से मिलने वाली फंड में सहायता राशि में किस प्रकार से वृद्धि हो इसको लेकर विभिन्न राज्यों में मतभेद रहते हैं तो उदाहरण को अगर हम एक तरफ रख पीते तो भी हम यह कह सकते हैं कि अगर हम देखें कि वह राज्य जिसमें बिल्कुल समान सरकार उदाहरण के तौर पर बीजेपी की सरकार सचिन का जीवन में भी विरोध हो सकता अंतर्विरोध की भावनाओं में भी हो सकती है तो यह पार्टियों से संबंधित नहीं है यह राज्यों के अधिकार व आर्थिक ताने-बाने से संबंधित अंतर्विरोध है जो कि लोकतंत्र का एक अहम् हिस्सा है और हमें इस को बिल्कुल भी नकरात्मक तौर पर बिल्कुल भी इन्होंने के टिप्स तौर पर नहीं देखना चाहिए बिल्कुल स्वाभाविक है लोकतंत्र का अंग है और वह इस का सम्मान करते हुए हमें राज्यों की समस्याओं को सुनना चाहिए वह केंद्र सरकार को चाहिए कि उनके बीच में मध्यस्थ बनाकर उनका निदान करने की प्रयास करें धंयवादEk Raajnitik Shastra Snatak Hone Ke Naate Main Kehna Chahunga Ki Kisi Bhi Loktantra Mein Raajnitik Partiyon V Samudayo Ka Antarvirodh Kudrat Ka Niyam Hai Ek Niyati Hai Jo Kisi Bhi Prakar Se Galat Nahi Hai Isme Kisi Bhi Prakar Ka Koi Samasya Nahi Hai Aapas Mein Partiyon Ka Virodh Rajyo Ke Aadhar Par Hota Hai Bhashaon Ke Aadhar Par Hote Hain Wahan Adhikaaro Ke Aadhar Par Hota Hai Udaharan Ke Taur Par Kaveri Jal Vivad Jisme Ki Do Rajya Ulajhe Huye Hain Iske Alava Narmada Jal Vivad Agar Aa Dekhe To Nadiyon Ka Jal Vivad Seemaon Ka Jal Vivad Tatha Naye Rajyo Ke Gathan V Punarnirman Ke Liye Kis Prakar Se Rajya Mein Uthapatak Hoti Hai Aapas Mein Tanatani Hoti Hai Yeh Svabhavik Hai Kyonki Har Rajya Chahta Hai Ki Uske Adhikaar Jo Aarthik Adhikaar Hain Un Mein Badhotari Ho Kendra Sarkar Se Milne Wali Fund Mein Sahaayata Rashi Mein Kis Prakar Se Vriddhi Ho Isko Lekar Vibhinn Rajyo Mein Matbhed Rehte Hain To Udaharan Ko Agar Hum Ek Taraf Rakh Pite To Bhi Hum Yeh Keh Sakte Hain Ki Agar Hum Dekhen Ki Wah Rajya Jisme Bilkul Saman Sarkar Udaharan Ke Taur Par Bjp Ki Sarkar Sachin Ka Jeevan Mein Bhi Virodh Ho Sakta Antarvirodh Ki Bhavnao Mein Bhi Ho Sakti Hai To Yeh Partiyon Se Sambandhit Nahi Hai Yeh Rajyo Ke Adhikaar V Aarthik Tane Bane Se Sambandhit Antarvirodh Hai Jo Ki Loktantra Ka Ek Aham Hissa Hai Aur Hume Is Ko Bilkul Bhi Nakaratmak Taur Par Bilkul Bhi Inhone Ke Tips Taur Par Nahi Dekhna Chahiye Bilkul Svabhavik Hai Loktantra Ka Ang Hai Aur Wah Is Ka Samman Karte Huye Hume Rajyo Ki Samasyaon Ko Sunana Chahiye Wah Kendra Sarkar Ko Chahiye Ki Unke Bich Mein Madhyasth Banakar Unka Nidan Karne Ki Prayas Karen Dhanyvad
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जी बिल्कुल, यह तो बहुत जरूरी है कि लोकतंत्र के लिए राजनीतिक पार्टियां आपस में एक दूसरे का विरोध करते रहे l विरोध लेकिन केवल विरोध के लिए नहीं होना चाहिए, विरोध मुद्दे का होना चाहिए क्योंकि अगर राजनीति...
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जी बिल्कुल, यह तो बहुत जरूरी है कि लोकतंत्र के लिए राजनीतिक पार्टियां आपस में एक दूसरे का विरोध करते रहे l विरोध लेकिन केवल विरोध के लिए नहीं होना चाहिए, विरोध मुद्दे का होना चाहिए क्योंकि अगर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे से मिल जाएंगे सांठगांठ हो जाएगी तो प्रॉब्लम ज्यादा सीरियस हो जाएगी l और आप समझ रहे हो कोई भी दल एक दूसरे को पॉइंट आउट नहीं करेगा, क्वेश्चन नहीं करेगा और मिल-जुलकर होगी वो काम करेंगे जो केवल उनके हित में होगा l जैसे कि फार एग्जांपल जब ऍमपि'स की सैलरी बढ़नी होती तो कोई विरोध नहीं होता है तो हमें मालूम भी नहीं पड़ता और एमपी की सैलरी बढ़ती चली जाती है, उन की फैसिलिटीज भी बढती चली जाती हैं l तो अगर वैसा हर चीज में होने लग गया तो मालूम पड़ रहा है कि सारे बिल और सारी फैसिलिटीज यह सारी चीजें देश में कुछ खास लोगों के हित में हो रही है l इसलिए विरोध का होना राजनीतिक पार्टियों में एक-दूसरे के खिलाफ क्वेश्चन उठाना, विरोध करना तो लोकतंत्र का आधार है और विपक्षी पार्टी गति के मुख्य काम है यह विरोध होना चाहिए lG Bilkul Yeh To Bahut Zaroori Hai Ki Loktantra Ke Liye Raajnitik Partyian Aapas Mein Ek Dusre Ka Virodh Karte Rahe L Virodh Lekin Kewal Virodh Ke Liye Nahi Hona Chahiye Virodh Mudde Ka Hona Chahiye Kyonki Agar Raajnitik Partyian Ek Dusre Se Mil Jaenge Santhaganth Ho Jayegi To Problem Zyada Serious Ho Jayegi L Aur Aap Samajh Rahe Ho Koi Bhi Dal Ek Dusre Ko Point Out Nahi Karega Question Nahi Karega Aur Mil Julkar Hogi Vo Kaam Karenge Jo Kewal Unke Hit Mein Hoga L Jaise Ki Far Example Jab Amapi S Ki Salary Badhani Hoti To Koi Virodh Nahi Hota Hai To Hume Maloom Bhi Nahi Padata Aur Mp Ki Salary Badhti Chali Jati Hai Un Ki Facilities Bhi Badhti Chali Jati Hain L To Agar Waisa Har Cheez Mein Hone Lag Gaya To Maloom Padh Raha Hai Ki Sare Bill Aur Saree Facilities Yeh Saree Cheezen Desh Mein Kuch Khas Logon Ke Hit Mein Ho Rahi Hai L Isliye Virodh Ka Hona Raajnitik Partiyon Mein Ek Dusre Ke Khilaf Question Uthaana Virodh Karna To Loktantra Ka Aadhar Hai Aur Vipakshi Party Gati Ke Mukhya Kaam Hai Yeh Virodh Hona Chahiye L
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जी हां लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है क्योंकि लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत बात ही है कि यहां पर चर्चा में जो है विशेष रूप से मतभेद उभर के आते हैं और उन मतभेदों को हमारे को अपन...
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जी हां लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है क्योंकि लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत बात ही है कि यहां पर चर्चा में जो है विशेष रूप से मतभेद उभर के आते हैं और उन मतभेदों को हमारे को अपनाना होगा कुछ पार्टियां जो होती है वह सेंटर की पार्टियां होती हैं कुछ पार्टियों जो थे बर राइट विंग पार्टी होती है और कुछ पाटिया जो होती है वह लेफ्ट पार्टियां होती हैं तो इन तीनों आईडियोलॉजी इन तीनों चीजों को मिलाकर ही एक पूरा जो है लोकतंत्र बनता है अगर मान लीजिए सारी की सारी पार्टिया सेम आईडियोलॉजी की होंगी तो जो एक सोसाइटी में नयापन आता है सोसाइटी में चेंज हो जाते हैं सोसाइटी में बदलाव आता है समय के साथ सोसाइटी में गवर्नमेंट की पॉलिसी इसका क्रिटिसिज्म होता है खत्म हो जाएंगी और जो डेमोक्रेसी डेमोक्रेसी का मतलब क्या होता है कि सबको अपनी बात रखने का आगे पूरा हक है सबको अपनी बात रखने का पूरा एक अधिकार दिया गया है जिसे हम राइट टू फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन भी कहते हैं तो लोकतंत्र में पार्टियां जितनी ज्यादा होगी उतनी ही ज्यादा आईडियोलॉजी सॉन्ग कुछ पार्टियां ऐसी होंगी चुनाव पूर्ण तरीके से राइट होंगी ना पूर्ण तरीके से लेफ्ट होंगी वहीं सेंटर के आसपास होगी तो हर पॉलिसी का एक थारो एनालिसिस हॉलिस्टिक एनालिसिस पूर्ण तरीके से 360 डिग्री एंगल सरिया को निकाल कर आएगा और उससे हमारे को पता चलेगा कि हमारी जो पॉलिसीज है वह कितने हद तक सही है कितने हद तक गलत है किस प्रकार से वह हमारी सोसाइटी में फिट होती है तो आपस में मतभेद होना और आपस में चर्चा करना बहुत ही आवश्यक कंपोनेंट है हमारे लोकतंत्र काG Haan Loktantra Ke Antargat Aapas Mein Partiyon Ka Virodh Karna Uchit Hai Kyonki Loktantra Ki Sabse Khoobsurat Baat Hi Hai Ki Yahan Par Charcha Mein Jo Hai Vishesh Roop Se Matbhed Ubhar Ke Aate Hain Aur Un Matbedon Ko Hamare Ko Apnana Hoga Kuch Partyian Jo Hoti Hai Wah Center Ki Partyian Hoti Hain Kuch Partiyon Jo The Bar Right Wing Party Hoti Hai Aur Kuch Paatiya Jo Hoti Hai Wah Left Partyian Hoti Hain To In Teenon Aidiyolaji In Teenon Chijon Ko Milakar Hi Ek Pura Jo Hai Loktantra Banta Hai Agar Maan Lijiye Saree Ki Saree Partiya Same Aidiyolaji Ki Hongi To Jo Ek Society Mein Nayapan Aata Hai Society Mein Change Ho Jaate Hain Society Mein Badlav Aata Hai Samay Ke Saath Society Mein Government Ki Policy Iska Criticism Hota Hai Khatam Ho Jaengi Aur Jo Democracy Democracy Ka Matlab Kya Hota Hai Ki Sabko Apni Baat Rakhne Ka Aage Pura Haq Hai Sabko Apni Baat Rakhne Ka Pura Ek Adhikaar Diya Gaya Hai Jise Hum Right To Freedom Of Speech End Expression Bhi Kehte Hain To Loktantra Mein Partyian Jitni Zyada Hogi Utani Hi Zyada Aidiyolaji Song Kuch Partyian Aisi Hongi Chunav Poorn Tarike Se Right Hongi Na Poorn Tarike Se Left Hongi Wahin Center Ke Aaspass Hogi To Har Policy Ka Ek Tharo Analysis Halistik Analysis Poorn Tarike Se 360 Degree Angle Sariya Ko Nikal Kar Aaega Aur Usse Hamare Ko Pata Chalega Ki Hamari Jo Policies Hai Wah Kitne Had Tak Sahi Hai Kitne Had Tak Galat Hai Kis Prakar Se Wah Hamari Society Mein Fit Hoti Hai To Aapas Mein Matbhed Hona Aur Aapas Mein Charcha Karna Bahut Hi Aavashyak Component Hai Hamare Loktantra Ka
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लिखे हम एक लोकतांत्रिक कंट्री में रहते हैं और लोकतांत्रिक ओवर कंट्री का मतलब है कि आपको लाइट है अपनी बात रखने का आप यहां पर इतनी पार्टी बिहार पार्टी से अलग अलग नेता हैं और उनके अलग अलग मंत्रालय पार्टी...
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लिखे हम एक लोकतांत्रिक कंट्री में रहते हैं और लोकतांत्रिक ओवर कंट्री का मतलब है कि आपको लाइट है अपनी बात रखने का आप यहां पर इतनी पार्टी बिहार पार्टी से अलग अलग नेता हैं और उनके अलग अलग मंत्रालय पार्टी की एक अलग होता है पार्टी का पार्टी के ऊपर तू ब्लूटूथ की बात अच्छी नहीं है दूसरी पार्टी तथा खाने के बाद रखी थी तो वह बता रहे हैं और पुरुष नसबंदी ऑपरेशन को चोदना चाहिए तो बिल्कुल अपनी बात इतनी सी है मैं ऑफिस में हूं लोग विरोध नहीं करते हैं अपनी बात रखते हैं लोकेशन बताओ उसके साथ लोग अच्छे हैंLikhe Hum Ek Loktantrik Country Mein Rehte Hain Aur Loktantrik Over Country Ka Matlab Hai Ki Aapko Light Hai Apni Baat Rakhne Ka Aap Yahan Par Itni Party Bihar Party Se Alag Alag Neta Hain Aur Unke Alag Alag Mantralay Party Ki Ek Alag Hota Hai Party Ka Party Ke Upar Tu Bluetooth Ki Baat Acchi Nahi Hai Dusri Party Tatha Khane Ke Baad Rakhi Thi To Wah Bata Rahe Hain Aur Purush Nasbandi Operation Ko Chodana Chahiye To Bilkul Apni Baat Itni Si Hai Main Office Mein Hoon Log Virodh Nahi Karte Hain Apni Baat Rakhate Hain Location Batao Uske Saath Log Acche Hain
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यह तो लोकतंत्र का हिस्सा है कि राजनीति में और पोजीशन और रोली आपस में विरोध करती है इसे कांग्रेस अगर रोलिंग में है तो पोजीशन में भेजी थी उसका विरोध करती है अगर बीजेपी रूलिंग में है तो कांग्रेस उसका पोज...
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यह तो लोकतंत्र का हिस्सा है कि राजनीति में और पोजीशन और रोली आपस में विरोध करती है इसे कांग्रेस अगर रोलिंग में है तो पोजीशन में भेजी थी उसका विरोध करती है अगर बीजेपी रूलिंग में है तो कांग्रेस उसका पोजीशन करती है और क्षेत्रीय पार्टी भी एक पोजीशन और रोली गौरव पोजीशन का विरोध करती है यह लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन अगर हम प्रैक्टिकल विरोध कर रहे तो व्यक्तिगत नाले ठीक है अगर मान लिया जाए कि मैं सलमान खान को व्यक्तिगत कुछ बोलता हूं तो सलमान खान को व्यक्तिगत में कुछ नहीं बोल सकता हूं हां उसके अभिनय में जो से एक्टर है तो मैं उससे पॉलिटिक्स कर सकता हूं कि सलमान खान जिया नहीं करते उनकी फिल्म यह काम नहीं करते उनकी फिल्म अब जो चुनाव हो रही है लगातार 5 किलो हो रही है तो यह कर सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत नहीं उसके रूप से Passion Pro Passion पर हम विरोध कर सकते हैं न कि उसके इंडीज वॉलपेपर मेरी बात से धन्यवाद करना चाहता हूं थैंक यू सो मच गुड नाइटYeh To Loktantra Ka Hissa Hai Ki Rajneeti Mein Aur Position Aur Roli Aapas Mein Virodh Karti Hai Ise Congress Agar Rolling Mein Hai To Position Mein Bheji Thi Uska Virodh Karti Hai Agar Bjp Ruling Mein Hai To Congress Uska Position Karti Hai Aur Kshetriya Party Bhi Ek Position Aur Roli Gaurav Position Ka Virodh Karti Hai Yeh Loktantra Ka Hissa Hai Lekin Agar Hum Practical Virodh Kar Rahe To Vyaktigat Naale Theek Hai Agar Maan Liya Jaye Ki Main Salman Khan Ko Vyaktigat Kuch Bolta Hoon To Salman Khan Ko Vyaktigat Mein Kuch Nahi Bol Sakta Hoon Haan Uske Abhinay Mein Jo Se Actor Hai To Main Usse Politics Kar Sakta Hoon Ki Salman Khan Jiya Nahi Karte Unki Film Yeh Kaam Nahi Karte Unki Film Ab Jo Chunav Ho Rahi Hai Lagatar 5 Kilo Ho Rahi Hai To Yeh Kar Sakte Hain Lekin Vyaktigat Nahi Uske Roop Se Passion Pro Passion Par Hum Virodh Kar Sakte Hain N Ki Uske Indies Wallpaper Meri Baat Se Dhanyavad Karna Chahta Hoon Thank You So Mach Good Night
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राजनीतिक दल केवल एक विचारधारा और लोकतंत्र में यह बहुत ही उचित है कि राजनीतिक दल एक-दूसरे का बहुत करें लेकिन यह विरोध मुद्दों और विचारधाराओं पर होना चाहिए यह विरोध उन मुद्दों पर नहीं होना चाहिए जो आम ज...
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राजनीतिक दल केवल एक विचारधारा और लोकतंत्र में यह बहुत ही उचित है कि राजनीतिक दल एक-दूसरे का बहुत करें लेकिन यह विरोध मुद्दों और विचारधाराओं पर होना चाहिए यह विरोध उन मुद्दों पर नहीं होना चाहिए जो आम जनता को फायदा कुछ आते हैं या राष्ट्रहित के मुद्दे यदि लोकतंत्र में पार्टी का विरोध नहीं करेंगे और एक दूसरे की सहमति में बनी रहेंगी तो लोकतंत्र का नुकसान ही होगा इससे कोई फायदा नहीं होने वालाRaajnitik Dal Kewal Ek Vichardhara Aur Loktantra Mein Yeh Bahut Hi Uchit Hai Ki Raajnitik Dal Ek Dusre Ka Bahut Karen Lekin Yeh Virodh Muddon Aur Vichardharaon Par Hona Chahiye Yeh Virodh Un Muddon Par Nahi Hona Chahiye Jo Aam Janta Ko Fayda Kuch Aate Hain Ya Rastrahit Ke Mudde Yadi Loktantra Mein Party Ka Virodh Nahi Karenge Aur Ek Dusre Ki Sehmati Mein Bani Rahengi To Loktantra Ka Nuksan Hi Hoga Isse Koi Fayda Nahi Hone Vala
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लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टी का विरोध करना उचित है विरोध की स्थिति चल रही है क्योंकि विरोधी थी तभी आती है जब लोगों का काम सही नहीं होता है और के द्वारा किया गया जो भी रिजल्ट होता है यदि सभी को ए...
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लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टी का विरोध करना उचित है विरोध की स्थिति चल रही है क्योंकि विरोधी थी तभी आती है जब लोगों का काम सही नहीं होता है और के द्वारा किया गया जो भी रिजल्ट होता है यदि सभी को एक का मतानुसार और सही ढंग से काम करेंगे तो फिर उसकी स्थिति आज भी नहीं है और रोड की स्थिति लाने से उससे पार्टी भी दवा पड़ेगा जिससे काफी हद तक अपना अच्छा काम कर सकती है लोकतंत्र चौकी जनता के द्वारा चुने गए प्रतिनिधि और यदि वह आपस में जिन्हें जनता ने चुना है वह आपस में दीक्षा काम करेंगे x20 की जनता के द्वारा ऑपरेशन होने जब दूसरी पार्टी से चलता है और हमने चुनाव हो सही से काम नहीं करेंगे तो उन सब का विरोध करना जायज तरीका है सो अकॉर्डिंग टू 10 क्वेश्चन सुतली चलता और लोकतंत्र इसका विरोध करना उचित हैLoktantra Ke Antargat Aapas Mein Party Ka Virodh Karna Uchit Hai Virodh Ki Sthiti Chal Rahi Hai Kyonki Virodhi Thi Tabhi Aati Hai Jab Logon Ka Kaam Sahi Nahi Hota Hai Aur Ke Dwara Kiya Gaya Jo Bhi Result Hota Hai Yadi Sabhi Ko Ek Ka Matanusar Aur Sahi Dhang Se Kaam Karenge To Phir Uski Sthiti Aaj Bhi Nahi Hai Aur Road Ki Sthiti Lane Se Usse Party Bhi Dawa Padega Jisse Kafi Had Tak Apna Accha Kaam Kar Sakti Hai Loktantra Chowki Janta Ke Dwara Chune Gaye Pratinidhi Aur Yadi Wah Aapas Mein Jinhen Janta Ne Chuna Hai Wah Aapas Mein Diksha Kaam Karenge X20 Ki Janta Ke Dwara Operation Hone Jab Dusri Party Se Chalta Hai Aur Humne Chunav Ho Sahi Se Kaam Nahi Karenge To Un Sab Ka Virodh Karna Jayaj Tarika Hai So According To 10 Question Sutli Chalta Aur Loktantra Iska Virodh Karna Uchit Hai
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जी नहीं मुझे नहीं लगता है कि लोकतंत्र में आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है मुझे लगता है कि सभी पार्टियों को देश की भलाई के बारे में सोच कर आपस में वैचारिक ताजमहल कर लेना चाहे यह सही है कि हर व्...
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जी नहीं मुझे नहीं लगता है कि लोकतंत्र में आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है मुझे लगता है कि सभी पार्टियों को देश की भलाई के बारे में सोच कर आपस में वैचारिक ताजमहल कर लेना चाहे यह सही है कि हर व्यक्ति के विचार अलग होते हैं और एक जैसे विचारों वाले व्यक्तियों का एक सामुदायिक संगठन बन जाता है कई पार्टियों के होने से सब के विचारों में भी असमानताएं होती है परंतु लोकतंत्र में जनता की भलाई को मद्देनजर रखते हुए सभी पार्टियों के दिग्गजों को आपस में बातचीत करके आप से विरोध खत्म करके जो जनता के लिए फायदेमंद योजनाएं या कानून है उनको बनाने और चलाने में एक दूसरे का भरपूर सहयोग करना चाहिएG Nahi Mujhe Nahi Lagta Hai Ki Loktantra Mein Aapas Mein Partiyon Ka Virodh Karna Uchit Hai Mujhe Lagta Hai Ki Sabhi Partiyon Ko Desh Ki Bhalai Ke Bare Mein Soch Kar Aapas Mein Vaicharik Tajmahal Kar Lena Chahe Yeh Sahi Hai Ki Har Vyakti Ke Vichar Alag Hote Hain Aur Ek Jaise Vicharon Wali Vyaktiyon Ka Ek Samudayik Sangathan Ban Jata Hai Kai Partiyon Ke Hone Se Sab Ke Vicharon Mein Bhi Asamantaen Hoti Hai Parantu Loktantra Mein Janta Ki Bhalai Ko Maddenajar Rakhate Huye Sabhi Partiyon Ke Diggajon Ko Aapas Mein Batchit Karke Aap Se Virodh Khatam Karke Jo Janta Ke Liye Faydemand Yojanaye Ya Kanoon Hai Unko Banane Aur Chalane Mein Ek Dusre Ka Bharpur Sahyog Karna Chahiye
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हां बिल्कुल लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों को व्रत करना बिल्कुल उचित है क्योंकि लोकतंत्र का मतलब यह है कि आप आपके विचार जो है वह पूरी तरह से सबके सामने प्रदर्शित कर सकते हैं सबके सामने रख सकते ...
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हां बिल्कुल लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों को व्रत करना बिल्कुल उचित है क्योंकि लोकतंत्र का मतलब यह है कि आप आपके विचार जो है वह पूरी तरह से सबके सामने प्रदर्शित कर सकते हैं सबके सामने रख सकते हैं तो लोकतंत्र में जोड़ें विरोधी पक्ष होना कोई नई बात नहीं है क्योंकि लोकतंत्र का मतलब ही है यह बिल्कुल सच बात हैHaan Bilkul Loktantra Ke Antargat Aapas Mein Partiyon Ko Vrat Karna Bilkul Uchit Hai Kyonki Loktantra Ka Matlab Yeh Hai Ki Aap Aapke Vichar Jo Hai Wah Puri Tarah Se Sabke Samane Pradarshit Kar Sakte Hain Sabke Samane Rakh Sakte Hain To Loktantra Mein Joden Virodhi Paksh Hona Koi Nayi Baat Nahi Hai Kyonki Loktantra Ka Matlab Hi Hai Yeh Bilkul Sach Baat Hai
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सोलंकी जी अगर मैं अपना ओपिनियन दूं तो मेरे हिसाब से बिल्कुल हाल लोग लोकतंत्र में एक पार्टी का दूसरी पार्टी पर व्रत करना उचित है लेकिन अगर वह विरोध कर रहे हैं अगर वह सही बात के लिए कर रहे हैं तो सही है...
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सोलंकी जी अगर मैं अपना ओपिनियन दूं तो मेरे हिसाब से बिल्कुल हाल लोग लोकतंत्र में एक पार्टी का दूसरी पार्टी पर व्रत करना उचित है लेकिन अगर वह विरोध कर रहे हैं अगर वह सही बात के लिए कर रहे हैं तो सही है अगर फालतू में ही विरोध कर रहे तो यह करना उचित नहीं होगा और आपको पता ही है कि जो आजकल हमारे भारत में जो पोलिटिकल पार्टीज है वह अपने स्वार्थ के लिए सही चीजों का भी विरोध करती है अगर वह सत्ता में आना चाहती हो सत्ता में है नहीं तो वह अपनी तो पार्टी फुल कर दो उनको उनकी सही बात का भी विरोध करती है आपको तो पता ही होगा तो यह उचित नहीं है और हमारे भारत में अभी कुछ यही हाल बहुत गंदा हाल चला है कि आप पार्टी अपनी सत्ता में आने के चक्कर में जो दूसरी पार्टी का सही काम भी कर रही है तब भी उसका विरोध करती है और अगर वह कई स्कूल से सही से प्ले ने जा रही हूं तब भी उसका विरोध करके उस टाइप सोने नहीं देती तो यह सब जो भी है वह बहुत गलत है और अगर ऐसा ही चलता रहा अपने भारत में तो आने वाले टाइम में क्या कहते हैं यह लोकतंत्र की वजह से हमारे भारत में बहुत नुकसान होने वाला है जो कि नहीं होना चाहिए तो मुझे लगता है कि हमारा जो भी पब्लिक है उसको थोड़ा ध्यान देना चाहिए और लोकतंत्र को भी सोचना चाहिए और जो पोलिटिकल पार्टीज है उनको भी सोचना चाहिए कि ऐसा करने से हमारे देश के नुकसान हैं और वह तो स्वार्थ के लिए यह सब करते हैं वह बहुत गलत है जो कि सभी के लिए हानि हानिकारक हैSolanki G Agar Main Apna Opinion Doon To Mere Hisab Se Bilkul Haal Log Loktantra Mein Ek Party Ka Dusri Party Par Vrat Karna Uchit Hai Lekin Agar Wah Virodh Kar Rahe Hain Agar Wah Sahi Baat Ke Liye Kar Rahe Hain To Sahi Hai Agar Faltu Mein Hi Virodh Kar Rahe To Yeh Karna Uchit Nahi Hoga Aur Aapko Pata Hi Hai Ki Jo Aajkal Hamare Bharat Mein Jo Political Parties Hai Wah Apne Swartha Ke Liye Sahi Chijon Ka Bhi Virodh Karti Hai Agar Wah Satta Mein Aana Chahti Ho Satta Mein Hai Nahi To Wah Apni To Party Full Kar Do Unko Unki Sahi Baat Ka Bhi Virodh Karti Hai Aapko To Pata Hi Hoga To Yeh Uchit Nahi Hai Aur Hamare Bharat Mein Abhi Kuch Yahi Haal Bahut Ganda Haal Chala Hai Ki Aap Party Apni Satta Mein Aane Ke Chakkar Mein Jo Dusri Party Ka Sahi Kaam Bhi Kar Rahi Hai Tab Bhi Uska Virodh Karti Hai Aur Agar Wah Kai School Se Sahi Se Play Ne Ja Rahi Hoon Tab Bhi Uska Virodh Karke Us Type Sone Nahi Deti To Yeh Sab Jo Bhi Hai Wah Bahut Galat Hai Aur Agar Aisa Hi Chalta Raha Apne Bharat Mein To Aane Wali Time Mein Kya Kehte Hain Yeh Loktantra Ki Wajah Se Hamare Bharat Mein Bahut Nuksan Hone Vala Hai Jo Ki Nahi Hona Chahiye To Mujhe Lagta Hai Ki Hamara Jo Bhi Public Hai Usko Thoda Dhyan Dena Chahiye Aur Loktantra Ko Bhi Sochna Chahiye Aur Jo Political Parties Hai Unko Bhi Sochna Chahiye Ki Aisa Karne Se Hamare Desh Ke Nuksan Hain Aur Wah To Swartha Ke Liye Yeh Sab Karte Hain Wah Bahut Galat Hai Jo Ki Sabhi Ke Liye Hani Haanikarak Hai
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जी हां लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है क्योंकि जब तक विपक्ष में रह रही पार्टी विरोध नहीं करेगी तब तक सत्ता में बनी हुई पार्टी जो भी काम कर रही है उसमे बिल्कुल शत प्रतिशत अप...
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जी हां लोकतंत्र के अंतर्गत आपस में पार्टियों का विरोध करना उचित है क्योंकि जब तक विपक्ष में रह रही पार्टी विरोध नहीं करेगी तब तक सत्ता में बनी हुई पार्टी जो भी काम कर रही है उसमे बिल्कुल शत प्रतिशत अपना नहीं देगी क्योंकि जब विपक्षी पार्टियां सत्ता में पुणेरी पाटी की यानी की सरकार में सरकार चला रही पार्टी का विरोध करती है तब से सरकार वाली पार्टी को यह पता चलता है कि जो को काम करने जा रहे हैं उसमें कोई कमी तो नहीं है वह पहले से ही इस बात का ध्यान रखते हैं सारी कमियां सारी चीजों से मिलने के बाद ही कोई भी चीज सामने लाई जाती है और उस का उद्घाटन किया जाता है ताकि विपक्ष की पार्टी को कोई भी मौका नहीं मिली क्या कुछ कहने के लिए तू इसलिए किसी भी चीज को क्रिटिसाइज करना बहुत जरूरी होता है ताकि आपको अच्छे परिणाम मिल सकेG Haan Loktantra Ke Antargat Aapas Mein Partiyon Ka Virodh Karna Uchit Hai Kyonki Jab Tak Vipaksh Mein Rah Rahi Party Virodh Nahi Karegi Tab Tak Satta Mein Bani Hui Party Jo Bhi Kaam Kar Rahi Hai Usme Bilkul Shat Pratishat Apna Nahi Degi Kyonki Jab Vipakshi Partyian Satta Mein Puneri Paati Ki Yani Ki Sarkar Mein Sarkar Chala Rahi Party Ka Virodh Karti Hai Tab Se Sarkar Wali Party Ko Yeh Pata Chalta Hai Ki Jo Ko Kaam Karne Ja Rahe Hain Usamen Koi Kami To Nahi Hai Wah Pehle Se Hi Is Baat Ka Dhyan Rakhate Hain Saree Kamiyan Saree Chijon Se Milne Ke Baad Hi Koi Bhi Cheez Samane Lai Jati Hai Aur Us Ka Udghatan Kiya Jata Hai Taki Vipaksh Ki Party Ko Koi Bhi Mauka Nahi Mili Kya Kuch Kehne Ke Liye Tu Isliye Kisi Bhi Cheez Ko Criticize Karna Bahut Zaroori Hota Hai Taki Aapko Acche Parinam Mil Sake
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लोकतंत्र है तो उसका जो है विरोध एक अटूट हिस्सा है अगर आप सत्ता में हो और मैं रिक्वेस्ट विपक्ष में हूं तो मेरा यह मेरा कर्तव्य है कि मैं आप का विरोध करूं अब किस बात पर विरोध करते हो वही से आप कर सकते ह...
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लोकतंत्र है तो उसका जो है विरोध एक अटूट हिस्सा है अगर आप सत्ता में हो और मैं रिक्वेस्ट विपक्ष में हूं तो मेरा यह मेरा कर्तव्य है कि मैं आप का विरोध करूं अब किस बात पर विरोध करते हो वही से आप कर सकते हो लेकिन विरोध करना उसको तो आप अलग नहीं कर सकतेLoktantra Hai To Uska Jo Hai Virodh Ek Atut Hissa Hai Agar Aap Satta Mein Ho Aur Main Request Vipaksh Mein Hoon To Mera Yeh Mera Kartavya Hai Ki Main Aap Ka Virodh Karun Ab Kis Baat Par Virodh Karte Ho Wahi Se Aap Kar Sakte Ho Lekin Virodh Karna Usko To Aap Alag Nahi Kar Sakte
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