क्या भारत ने यरुशलम पर संयुक्त राष्ट्र के संकल्प में अमरीका & इजराइल के खिलाफ वोट देने का फैसला सही था? ...

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भारत देश स्वतंत्र संप्रभु देश है भारत विदेशी कूटनीति में जो भी पैसे ले लेगा वह स्वयं लेगा ना कि किसी अन्य देश के कहने पर भारत का नजरिया फिलिस्तीन को लेकर पहले से ही इस तरह स्वतंत्र है अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी सर्दी व संतुलित शब्दों में कहा कि भारतीय दूतावास तेल अवीव में ही रहेगा और यह फैसला सही भी है क्योंकि वहां विभिन्न देशों में लगभग भारतीय समुदाय के 4000000 लोग रह रहे हैं इसका असर उन पर पड़ता और वह समुदाय भारतीय अर्थव्यवस्था में 40 अरब डॉलर का सहयोग करता है भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर करता काफी सराहनीय फैसला है भारत का यह और भारत भी वहां के विभिन्न देशों पर निर्भर है कच्चे तेल को लेकर के भारत 80 परसेंट तेल वहीं से आयात करता है और यह पहली बार ऐसा नहीं है कि भारत को किसी अन्य देश के खिलाफ वोट कर रहा है तुझ से भारत का संबंध खराब हो जाएगा जैसा की अभी हाल ही में 25 जनवरी 2018 को आज हम सब मिल के साथ में बारूद की मीटिंग है उसने इस्राइल के प्रधानमंत्री नेता ने भी आ रहे हैं भारत ने इजराइल के खिलाफ बोर्ड किया है फिर भी इजरायल के पीएम भारत आ रहे हैं इस से साफ स्पष्ट होता है कि भारत ने जो अपना फैसला लिया है वह किसी देश के साथ संबंध खराब करने जैसा नहीं है और भारत का जो फैसला है वह वहां के संघर्ष आतंकवाद को रोकेगा थैंक यूBharat Desh Swatantra Samprabhu Desh Hai Bharat Videshi Kutneeti Mein Jo Bhi Paise Le Lega Wah Swayam Lega Na Ki Kisi Anya Desh Ke Kehne Par Bharat Ka Najariya Philistine Ko Lekar Pehle Se Hi Is Tarah Swatantra Hai Abhi Haal Hi Mein Pradhanmantri Narendra Modi Ne Kafi Sardi V Santulit Shabdon Mein Kaha Ki Bhartiya Dootavaas Tel Aviv Mein Hi Rahega Aur Yeh Faisla Sahi Bhi Hai Kyonki Wahan Vibhinn Deshon Mein Lagbhag Bhartiya Samuday Ke 4000000 Log Rah Rahe Hain Iska Asar Un Par Padata Aur Wah Samuday Bhartiya Arthavyavastha Mein 40 Arab Dollar Ka Sahyog Karta Hai Bhartiya Arthavyavastha Par Bhi Asar Karta Kafi Sarahniya Faisla Hai Bharat Ka Yeh Aur Bharat Bhi Wahan Ke Vibhinn Deshon Par Nirbhar Hai Kacche Tel Ko Lekar Ke Bharat 80 Percent Tel Wahin Se Aayaat Karta Hai Aur Yeh Pehli Baar Aisa Nahi Hai Ki Bharat Ko Kisi Anya Desh Ke Khilaf Vote Kar Raha Hai Tujh Se Bharat Ka Sambandh Kharab Ho Jayega Jaisa Ki Abhi Haal Hi Mein 25 January 2018 Ko Aaj Hum Sab Mil Ke Saath Mein Barood Ki Meeting Hai Usne Israel Ke Pradhanmantri Neta Ne Bhi Aa Rahe Hain Bharat Ne Israel Ke Khilaf Board Kiya Hai Phir Bhi Israel Ke Pm Bharat Aa Rahe Hain Is Se Saaf Spasht Hota Hai Ki Bharat Ne Jo Apna Faisla Liya Hai Wah Kisi Desh Ke Saath Sambandh Kharab Karne Jaisa Nahi Hai Aur Bharat Ka Jo Faisla Hai Wah Wahan Ke Sangharsh Aatankwad Ko Rokega Thank You
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जी हां यह फैसला सही था और मैं आपको थोड़ी सी हिस्ट्री बताना चाहूंगी आगे बढ़ने के पहले | ईस्ट जेरूसलम जो है वह पहले पलेस्टीन की कैपिटल है अभी और युएस ने इजरायल की कैपिटल को जेरूसलम डिक्लेयर कर दिया था | तो उसके खिलाफ कुछ कंट्रीज यूनाइटेड नेशन्स के पास गई, और उन्होंने वहां पर यह वोटिंग करवाई कि क्या की कैपिटल होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए तो १२८ लोगों ने कहा कि जी नहीं नहीं होनी चाहिए और कुछ 9 लोगों ने जिसमें की युएस और इजराइल शामिल है, उन्होंने कहा कि होनी चाहिए | तो हम लोग या तो युएस और इजराइल जैसी कुछ कंट्रीस का सपोर्ट कर सकते थे या फिर इन १२८ कंट्रीस का सपोर्ट कर सकते थे | अगर हम युएस और इजराइल का सपोर्ट इंडिया करता तो इजराइल को पाकिस्तान से कुछ ज्यादा उम्मीदें नहीं है और उसकी तो वहां पर एम्बेसी भी नहीं है | तो हमें इज़राइल इज़राइल के पास कोई ज्यादा ऑप्शन नहीं है इंडिया को सपोर्ट करने के अलावा | तों कुछ भी हो वो इंडिया को सपोर्ट करेगा ही हम उसके फेवर में रहे या डिफेन्स में रहे तो उसे कोई फायदा नहीं है | तों इसके बाद युएस और इंडिया के म्यूच्यूअल टाइज है, याने जितना फायदा हमें उनसे मिल रहा है उतना ही उन्हें हमसे मिल रहा है तो यह दोनों कंट्रीस का सपोर्ट करके हमें कोई खास बेनिफिट मिल नहीं रहा था | और जो १२८ कंट्रीज है, उनमे मोस्टली अरब वर्ल्ड है और अरब की कंट्री जैसे कि उएइ, सऊदी अरेबिया हो गया और इरान हो गए इनसे हमें बहुत ज्यादा फायदे मिलते हैं और ईरान हाथ से हमें हम लोग इंटरनेशनल ट्रेड के थ्रू जुड़े हुए जो हमारा नॉर्थ साउथ ट्रेड कॉरिडोर है जो की मुंबई से ईरान मुंबई से शुरू होता है इरान के थ्रू रसिया जाता है तो वहां से हमारा इंटरनेशनल ट्रेड में बहुत ज्यादा फायदा मिलता है | इसके बाद उएइ जो है वह बहुत ज्यादा इन्वेस्ट करता है इंडिया में और सऊदी अरेबिया जो है वह एक्सपोर्ट करता है अपने सऊदी अरेबिया को हम लोग एक्सपोर्ट करते है वेपन्स और आर्म्स हैं| तों इस तरीके से ये कन्ट्रीज पलेस्टीन के साथ थी और हमें उनका सपोर्ट करना था | क्योंकि हमारा हमारे कुछ ना कुछ तरीके से हम ट्रेड के थ्रू जुड़े हुए तो जी हां यह फैसला बिल्कुल सही था क्योंकि हमने अपने बारे में सोचा इंडिया ने अपने फायदे के लिए सोचा है |Ji Haan Yeh Faisla Sahi Tha Aur Main Aapko Thodi Si History Batana Chahungi Aage Badhne Ke Pehle | East Jerusalem Jo Hai Wah Pehle Palestin Ki Capital Hai Abhi Aur Yues Ne Israel Ki Capital Ko Jerusalem Declare Kar Diya Tha | To Uske Khilaf Kuch Countries United Nations Ke Paas Gayi Aur Unhone Wahan Par Yeh Voting Karwai Ki Kya Ki Capital Honi Chahiye Ya Nahi Honi Chahiye To 128 Logon Ne Kaha Ki Ji Nahi Nahi Honi Chahiye Aur Kuch 9 Logon Ne Jisme Ki Yues Aur Israel Shamil Hai Unhone Kaha Ki Honi Chahiye | To Hum Log Ya To Yues Aur Israel Jaisi Kuch Kantris Ka Support Kar Sakte The Ya Phir In 128 Kantris Ka Support Kar Sakte The | Agar Hum Yues Aur Israel Ka Support India Karta To Israel Ko Pakistan Se Kuch Jyada Ummeden Nahi Hai Aur Uski To Wahan Par Embassy Bhi Nahi Hai | To Hume Israel Israel Ke Paas Koi Jyada Option Nahi Hai India Ko Support Karne Ke Alava | To Kuch Bhi Ho Vo India Ko Support Karega Hi Hum Uske Favor Mein Rahe Ya Defence Mein Rahe To Use Koi Fayda Nahi Hai | To Iske Baad Yues Aur India Ke Mutual Ties Hai Yaane Jitna Fayda Hume Unse Mil Raha Hai Utana Hi Unhen Humse Mil Raha Hai To Yeh Dono Kantris Ka Support Karke Hume Koi Khas Benefit Mil Nahi Raha Tha | Aur Jo 128 Countries Hai Uname Mostly Arab World Hai Aur Arab Ki Country Jaise Ki Uei Saudi Arebiya Ho Gaya Aur Iran Ho Gaye Inse Hume Bahut Jyada Fayde Milte Hain Aur Iran Hath Se Hume Hum Log International Trade Ke Through Jude Hue Jo Hamara North South Trade Corridor Hai Jo Ki Mumbai Se Iran Mumbai Se Shuru Hota Hai Iran Ke Through Rasiya Jata Hai To Wahan Se Hamara International Trade Mein Bahut Jyada Fayda Milta Hai | Iske Baad Uei Jo Hai Wah Bahut Jyada Invest Karta Hai India Mein Aur Saudi Arebiya Jo Hai Wah Export Karta Hai Apne Saudi Arebiya Ko Hum Log Export Karte Hai Weapons Aur Arms Hain To Is Tarike Se Ye Countries Palestin Ke Saath Thi Aur Hume Unka Support Karna Tha | Kyonki Hamara Hamare Kuch Na Kuch Tarike Se Hum Trade Ke Through Jude Hue To Ji Haan Yeh Faisla Bilkul Sahi Tha Kyonki Humne Apne Baare Mein Socha India Ne Apne Fayde Ke Liye Socha Hai |
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भारत का वोट अपनी प्रदेश नई पॉलिसी के अनुरूप था मुस्लिम कंट्रीज को अपने फैसले से उत्तेजित ना करने के लिए यह संभव है कि भारत वैसे भी एजुकेशन रात के पक्ष में मतदान करने की इच्छा रख रहा था लेकिन अमेरिकन अल्टीमेटम उसने उसे थोड़ा जूस करने पर मजबूर कर दिया इसमें कोई संदेह नहीं है कि सरकार ने अपनी कॉस्ट बेनिफिट प्रेशर को एनालाइज किया भारत के घुटने इजराइल और यूएस को निराश किया होगा भारत के रेल के साथ बहुत अच्छे रिलेशन से परे कब्ज एक्टिव एनालिसिस से पता चलता है कि इजराइल को भारत की ज्यादा जरूरत है और इसका उल्टा नहीं इजराइल के डिफेंस प्रोडक्शन का एक तिहाई हिस्सा भारत खरीदता है डिप्लोमेटिक और पॉलिटिकल कारणों से भारत इजरायल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी आगामी भारत यात्रा को रद्द नहीं करेंगे युवक की बात करें तो दोनों देशों के बीच म्यूच्यूअल इंटरेस्ट है और दोनों ही देशों को एक दूसरे की जरूरत है हमें अपने डिफेंस प्लेटफार्म स्कीम फ्री हो न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की सदस्यता जैसे कुछ चीजों के लिए अमेरिकन समर्थन की आवश्यकता है इसका इंडिया के मार्केट में बहुत बड़ा इंटरेस्ट है और म्यूच्यूअल एनिमी के नाम पर चाइना सेक्टर तू है ही कंपनी रिसेंटली है इंडिया को एक लीडिंग ग्लोबल पावर बुलाकर उसे उस स्टेटस तक पहुंचने में सपोर्ट करने का वादा किया है इंडिया Fortuner है क्योंकि उससे अमेरिकन ईद की जरूरत नहीं है जो कभी भी हटाया रिड्यूस की जा सकती है तो अगर हम ने युवक के अगेंस्ट भी वोट किया है तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिएBharat Ka Vote Apni Pradesh Nayi Policy Ke Anurup Tha Muslim Countries Ko Apne Faisle Se Uttejit Na Karne Ke Liye Yeh Sambhav Hai Ki Bharat Waise Bhi Education Raat Ke Paksh Mein Matdan Karne Ki Icha Rakh Raha Tha Lekin American Ultimatum Usne Use Thoda Juice Karne Par Majboor Kar Diya Isme Koi Sandeh Nahi Hai Ki Sarkar Ne Apni Cost Benefit Pressure Ko Analyse Kiya Bharat Ke Ghutne Israel Aur Us Ko Nirash Kiya Hoga Bharat Ke Rail Ke Saath Bahut Acche Relation Se Pare Kabz Active Analysis Se Pata Chalta Hai Ki Israel Ko Bharat Ki Jyada Zaroorat Hai Aur Iska Ulta Nahi Israel Ke Defence Production Ka Ek Tihai Hissa Bharat Kharidata Hai Diplometik Aur Political Kaarno Se Bharat Israel Ke Liye Bahut Mahatvapurna Hai Israel Ke Pradhanmantri Benjamin Netanyahu Apni Aagaami Bharat Yatra Ko Radd Nahi Karenge Yuvak Ki Baat Karen To Dono Deshon Ke Beech Mutual Interest Hai Aur Dono Hi Deshon Ko Ek Dusre Ki Zaroorat Hai Hume Apne Defence Platform Scheme Free Ho Nuclear Supplier Group Ki Sadasyata Jaise Kuch Chijon Ke Liye American Samarthan Ki Avashyakta Hai Iska India Ke Market Mein Bahut Bada Interest Hai Aur Mutual Enimi Ke Naam Par China Sector Tu Hai Hi Company Recently Hai India Ko Ek Leading Global Power Bulakar Use Us Status Tak Pahuchne Mein Support Karne Ka Vada Kiya Hai India Fortuner Hai Kyonki Usse American Eid Ki Zaroorat Nahi Hai Jo Kabhi Bhi Hataya Reduce Ki Ja Sakti Hai To Agar Hum Ne Yuvak Ke Against Bhi Vote Kiya Hai To Usse Jyada Fark Nahi Padhna Chahiye
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