भारतीयों में ऐसी क्या कमी है कि वह जाति और धर्म के आधार पर वोट देते हैं ? ...

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देखिए हम भारतीयों को बहुत पहले से ही यह आदत पड़ी हुई है कि हम जाति और धर्म के आधार पर वोट देते हैं ना कि किसी की काबिलियत और उसके अच्छे कामों की वजह से क्योंकि जब हम छोटे होते हैं तब से ही हम अपने घर ...
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देखिए हम भारतीयों को बहुत पहले से ही यह आदत पड़ी हुई है कि हम जाति और धर्म के आधार पर वोट देते हैं ना कि किसी की काबिलियत और उसके अच्छे कामों की वजह से क्योंकि जब हम छोटे होते हैं तब से ही हम अपने घर में धर्म जाति और आधी चीजों के बारे में सुनते हैं और उनके बारे में पता चलता है हम और उसी के साथ हमारे ओपिनियन बन जाता है कि हम अगर इस धर्म के हैं तो हम इसी धर्म के लोगों को वोट देंगे और अगर हम उसी जाती है तो मूर्ति जाति वालों को वोट देंगे और अगर हम नीची जाति के नेता और रणनीति से नीची जाति के लोगों को वोट देंगे क्योंकि हमें लगता है कि वही वही राजनेता हमारा हमारे बारे में कुछ कर सकता है या हमारी चीज़ें सुन सकता है जो हमारी जाति हमारे धर्म का है और दूसरी जाति वाले हमारी हमारी चीज़ें नहीं सुनेंगे ऐसा हमको लगता है और इसी वजह से हम अपने जाति और धर्म के आधार पर वोट देतेDekhie Hum Bharatiyon Ko Bahut Pehle Se Hi Yeh Aadat Padi Hui Hai Ki Hum Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Vote Dete Hain Na Ki Kisi Ki Kabiliyat Aur Uske Acche Kamon Ki Wajah Se Kyonki Jab Hum Chote Hote Hain Tab Se Hi Hum Apne Ghar Mein Dharm Jati Aur Aadhi Chijon Ke Baare Mein Sunte Hain Aur Unke Baare Mein Pata Chalta Hai Hum Aur Ussi Ke Saath Hamare Opiniyan Ban Jata Hai Ki Hum Agar Is Dharm Ke Hain To Hum Isi Dharm Ke Logon Ko Vote Denge Aur Agar Hum Ussi Jati Hai To Murti Jati Walon Ko Vote Denge Aur Agar Hum Nichi Jati Ke Neta Aur Rananiti Se Nichi Jati Ke Logon Ko Vote Denge Kyonki Hume Lagta Hai Ki Wahi Wahi Rajneta Hamara Hamare Baare Mein Kuch Kar Sakta Hai Ya Hamari Chizen Sun Sakta Hai Jo Hamari Jati Hamare Dharm Ka Hai Aur Dusri Jati Wale Hamari Hamari Chizen Nahi Sunenge Aisa Hamko Lagta Hai Aur Isi Wajah Se Hum Apne Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Vote Dete
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देखिए भारत जो देश है उसमे अनेक प्रकार की जाती के लोग अनेक धर्म के लोग रहते हैं तो होता क्या है कि यहां पर यह जो आरक्षण वाली चीजें इसने हमारे देश को बांट दिया है जो राजनीति उसने हमारे देश को बांट दिया ...
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देखिए भारत जो देश है उसमे अनेक प्रकार की जाती के लोग अनेक धर्म के लोग रहते हैं तो होता क्या है कि यहां पर यह जो आरक्षण वाली चीजें इसने हमारे देश को बांट दिया है जो राजनीति उसने हमारे देश को बांट दिया हम क्या करते हैं किसी एक धर्म को जादा पुरा रेडी देकर दूसरे को डोमिनेटिंग करते जिसका जो भी लाइक अपना धर्म होता है जाति होती है उसको वह तवज्जो देता है जिससे कि हर एक इंसान ऐसा करने लगता है और जाति और धर्म के आधार पर बंटवारा होने लगता है इसीलिए जब चुनाव आते हैं कोई भी राजनेता आखिरकार जातीय धर्म के नाम पर आ जाता है जिससे कि उस जाती है उस धर्म का इंसान एक मत हो जाए और इस तरीके की चौकी यह जो एक क्राइटेरिया बन गया है 10 जाति और धर्म का हर इंसान अपने को एक महसूस करता है कि हां यह मैं अपने ग्रुप को सपोर्ट करना है यदि हम अपने ग्रुप को सपोर्ट नहीं करेंगे किसी दूसरे जातीय धर्म को करेंगे तो वह गलत होगा तो इसीलिए जस्ट बिकॉज़ राजनीति और यह आरक्षण वगैरह की चीजों ने हमारे देश को बांट दिया है इस ग्रुप में तो हर कोई अपने ग्रुप को सपोर्ट करना चाहता है तो इसी वजह से यह जो चीज है खत्म होने के बजाए और ज्यादा बढ़ती जा रही है और पॉलिटिशंस इसका भरपूर फायदा उठाकर बोर्ड ले रहा हैDekhie Bharat Jo Desh Hai Usme Anek Prakar Ki Jati Ke Log Anek Dharm Ke Log Rehte Hain To Hota Kya Hai Ki Yahan Par Yeh Jo Aarakshan Wali Cheezen Isane Hamare Desh Ko Baant Diya Hai Jo Rajneeti Usne Hamare Desh Ko Baant Diya Hum Kya Karte Hain Kisi Ek Dharm Ko Jada Pura Ready Dekar Dusre Ko Dominating Karte Jiska Jo Bhi Like Apna Dharm Hota Hai Jati Hoti Hai Usko Wah Tavajjo Deta Hai Jisse Ki Har Ek Insaan Aisa Karne Lagta Hai Aur Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Batwara Hone Lagta Hai Isliye Jab Chunav Aate Hain Koi Bhi Rajneta Aakhirkaar Jatiye Dharm Ke Naam Par Aa Jata Hai Jisse Ki Us Jati Hai Us Dharm Ka Insaan Ek Mat Ho Jaye Aur Is Tarike Ki Chowki Yeh Jo Ek Criteria Ban Gaya Hai 10 Jati Aur Dharm Ka Har Insaan Apne Ko Ek Mahsus Karta Hai Ki Haan Yeh Main Apne Group Ko Support Karna Hai Yadi Hum Apne Group Ko Support Nahi Karenge Kisi Dusre Jatiye Dharm Ko Karenge To Wah Galat Hoga To Isliye Just Bikaz Rajneeti Aur Yeh Aarakshan Vagairah Ki Chijon Ne Hamare Desh Ko Baant Diya Hai Is Group Mein To Har Koi Apne Group Ko Support Karna Chahta Hai To Isi Wajah Se Yeh Jo Cheez Hai Khatam Hone Ke Bajae Aur Jyada Badhti Ja Rahi Hai Aur Politicians Iska Bharpur Fayda Uthaakar Board Le Raha Hai
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भारतीयों में ऐसी कौन सी कमी कि वह जाति और धर्म के आधार पर वोट देते राजस्थान पाबूजी पूछना चाहते तो मैं आपको बताना चाहता हूं भारतीय लोग जो है वह कुछ ज्यादा ही इमोशनल हो चोर को आपने थरमस है या फिर अपनी ज...
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भारतीयों में ऐसी कौन सी कमी कि वह जाति और धर्म के आधार पर वोट देते राजस्थान पाबूजी पूछना चाहते तो मैं आपको बताना चाहता हूं भारतीय लोग जो है वह कुछ ज्यादा ही इमोशनल हो चोर को आपने थरमस है या फिर अपनी जात से कुछ ज्यादा ही अटैक भेजो कि बिल्कुल ही नहीं होना चाहिए मुस्लिम में अटैक ना कि प्रेक्टिकली है प्रैक्टिकल एक अलग बात होती आटा चुनाव प्रैक्टिकल आप आप समझती हैं कि आपका धर्म है और मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह जॉब जितने भी धर्म हो या फिर जितने भी चाहत समाज बनाए गए थे इन लोगों की भलाई के लिए बनाए गए थे ना कि लोगों को मतलब उकसाने के लिए बनाए गए आप आज की तारीख में बात करूं तुझ्यात और धमाका बस यही काम बचा है कि उनसे जुड़े आप लोगों को उकसा सकते हैं आज के जमाने में लोग जो है जात और धर्म को प्रकट कर रहे बल्कि और जात और धर्म की स्वीकृत किए थे कि लोगों को जो है एक दूसरे के समाज से प्रकट किया जाए वह पूरा उल्टा हो रहा है और वोट की बात करूं तो जो है भारत लोग तो बहुत इमोशनल अत्याचार ना जात और धर्म से तो अगर उनके जाति और धर्म का कोई प्रतिनिधि खड़ा रहता है 24 जून को ही प्रेफर करते हैं ना कि बाद में जैसे कि उनका काम किया है उनका क्वालिफिकेशन क्या है सब जो हो रहा है वह पूरा मुझे लगता कि इस वजह से हो रहा है अगर उन लोगों को प्रॉपर नॉलेज दिया जाए प्रॉपर एजुकेशन दिया जाए कि यह जो चीजें होती इसलिए बनाई होती है ना कि मुझे लगता है वह जरुर समझेंगेBharatiyon Mein Aisi Kaun Si Kami Ki Wah Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Vote Dete Rajasthan Paabuji Poochna Chahte To Main Aapko Batana Chahta Hoon Bhartiya Log Jo Hai Wah Kuch Jyada Hi Emotional Ho Chor Ko Aapne Tharamas Hai Ya Phir Apni Jaat Se Kuch Jyada Hi Attack Bhejo Ki Bilkul Hi Nahi Hona Chahiye Muslim Mein Attack Na Ki Prektikali Hai Practical Ek Alag Baat Hoti Atta Chunav Practical Aap Aap Samajhti Hain Ki Aapka Dharm Hai Aur Main Aapko Batana Chahta Hoon Ki Yeh Job Jitne Bhi Dharm Ho Ya Phir Jitne Bhi Chahat Samaaj Banaye Gaye The In Logon Ki Bhalai Ke Liye Banaye Gaye The Na Ki Logon Ko Matlab Ukasane Ke Liye Banaye Gaye Aap Aaj Ki Tarikh Mein Baat Karun Tujhyat Aur Dhamaaka Bus Yahi Kaam Bacha Hai Ki Unse Jude Aap Logon Ko Usaka Sakte Hain Aaj Ke Jamaane Mein Log Jo Hai Jaat Aur Dharm Ko Prakat Kar Rahe Balki Aur Jaat Aur Dharm Ki Sawikrit Kiye The Ki Logon Ko Jo Hai Ek Dusre Ke Samaaj Se Prakat Kiya Jaye Wah Pura Ulta Ho Raha Hai Aur Vote Ki Baat Karun To Jo Hai Bharat Log To Bahut Emotional Atyachar Na Jaat Aur Dharm Se To Agar Unke Jati Aur Dharm Ka Koi Pratinidhi Khada Rehta Hai 24 June Ko Hi Prefar Karte Hain Na Ki Baad Mein Jaise Ki Unka Kaam Kiya Hai Unka Qualification Kya Hai Sab Jo Ho Raha Hai Wah Pura Mujhe Lagta Ki Is Wajah Se Ho Raha Hai Agar Un Logon Ko Proper Knowledge Diya Jaye Proper Education Diya Jaye Ki Yeh Jo Cheezen Hoti Isliye Banai Hoti Hai Na Ki Mujhe Lagta Hai Wah Zaroor Samjhenge
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मेरी सबसे अधिक भारत के लोग अभी तक जाति और धर्म के जो मुद्दे है वह अभी तक समझ नहीं पाए हैं अगर हम देखें सदियों से जो जाति और धर्म के मुद्दे चल रहे हैं इस से 1 वर्षों से भारत के लोगों के लिए जाति और धर्...
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मेरी सबसे अधिक भारत के लोग अभी तक जाति और धर्म के जो मुद्दे है वह अभी तक समझ नहीं पाए हैं अगर हम देखें सदियों से जो जाति और धर्म के मुद्दे चल रहे हैं इस से 1 वर्षों से भारत के लोगों के लिए जाति और धर्म एक बहुत महत्व की चीज है अगर अनदेखी जितने भी भारत में हिंसा हुआ वश में जातीय धर्म एक बहुत ही बड़ा है नशा है अभी भी हम दूसरों दूसरे लोगों को जाति और धर्म के आधार पर चर्च करते हैं अगर हमको यह पॉलिटिशंस धर्म और जाति के आधार पर ही वोट देते हैं अगर हमसे किए कई सारी पार्टी है जैसे BJP और कांग्रेस है जिन्होंने जाति और धर्म के वोट के हिसाब से वोट मांगे और लोगों ने वोट दिए भी है तो मेरे हिसाब से अब यह समय आ चुका है कि अगर हम जाति और धर्म में एकता मां ने हम लोगों को या राजनेता को जाती धर्म के हिसाब से ना देखे अगर जिस दिन भारतीय लोग इस चीज को देखना बंद कर देंगे या इस पर एक पॉजिटिव क्यों लगेंगे तो उसी टाइम राजनेता भी चीज को बंद कर देंगे और राजनेताओं को भी जाति और धर्म के आधार पर वोट बिल्कुल नहीं मांगना चाहिए क्योंकि इससे सोसाइटी में एकता नहीं होगी एकता झुकता नहीं होगी और इससे हिंसा भी हो सकते हैं जो कि हमने पहले देखे हैंMeri Sabse Adhik Bharat Ke Log Abhi Tak Jati Aur Dharm Ke Jo Mudde Hai Wah Abhi Tak Samajh Nahi Paye Hain Agar Hum Dekhen Sadiyon Se Jo Jati Aur Dharm Ke Mudde Chal Rahe Hain Is Se 1 Varshon Se Bharat Ke Logon Ke Liye Jati Aur Dharm Ek Bahut Mahatva Ki Cheez Hai Agar Andekha Jitne Bhi Bharat Mein Hinsa Hua Vash Mein Jatiye Dharm Ek Bahut Hi Bada Hai Nasha Hai Abhi Bhi Hum Dusron Dusre Logon Ko Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Church Karte Hain Agar Hamko Yeh Politicians Dharm Aur Jati Ke Aadhar Par Hi Vote Dete Hain Agar Humse Kiye Kai Saree Party Hai Jaise BJP Aur Congress Hai Jinhone Jati Aur Dharm Ke Vote Ke Hisab Se Vote Mange Aur Logon Ne Vote Diye Bhi Hai To Mere Hisab Se Ab Yeh Samay Aa Chuka Hai Ki Agar Hum Jati Aur Dharm Mein Ekta Maa Ne Hum Logon Ko Ya Rajneta Ko Jati Dharm Ke Hisab Se Na Dekhe Agar Jis Din Bhartiya Log Is Cheez Ko Dekhna Band Kar Denge Ya Is Par Ek Positive Kyun Lagenge To Ussi Time Rajneta Bhi Cheez Ko Band Kar Denge Aur Rajnetao Ko Bhi Jati Aur Dharm Ke Aadhar Par Vote Bilkul Nahi Mangana Chahiye Kyonki Isse Society Mein Ekta Nahi Hogi Ekta Jhukta Nahi Hogi Aur Isse Hinsa Bhi Ho Sakte Hain Jo Ki Humne Pehle Dekhe Hain
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आप अगर इंडियन हिस्ट्री देखे तो इंडियन संस्कृति को इंडियन हिस्ट्री है वह ज्यादा तक धर्म और जाति के नाम पर ही पूरा डिवाइडेड रहा है और उसी का बेच रहा है इंडियन हिस्ट्री में टाइपिंग को एक हो गया है वह में...
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आप अगर इंडियन हिस्ट्री देखे तो इंडियन संस्कृति को इंडियन हिस्ट्री है वह ज्यादा तक धर्म और जाति के नाम पर ही पूरा डिवाइडेड रहा है और उसी का बेच रहा है इंडियन हिस्ट्री में टाइपिंग को एक हो गया है वह मेंटलिटी बन गई सारी सोसाइटी कि क्यों लोग वोट भी वैसे भेजें कि अपने धर्म के और अपनी जाति के वैसे हिसाब से मेरे हिसाब से वही लग रहा है क्योंकि जब तक वह कमी हटेगी नहीं वह मेंटलिटी हटेगी नहीं कि यह मेरा धर्म का ही जो लड़ने जो खड़ा हुआ है इलेक्शन में वही कर सकता है मेरा मेरा दुख देख सकता है मेरा शौक देख सकता है तो वह जब तक वह मेंटलिटी थोड़ा वह चेंज नहीं होगा आई थिंक तब तक ऐसा ही चलता रहेगाAap Agar Indian History Dekhe To Indian Sanskriti Ko Indian History Hai Wah Jyada Tak Dharm Aur Jati Ke Naam Par Hi Pura Divided Raha Hai Aur Ussi Ka Bech Raha Hai Indian History Mein Typing Ko Ek Ho Gaya Hai Wah Mentaliti Ban Gayi Saree Society Ki Kyun Log Vote Bhi Waise Bheje Ki Apne Dharm Ke Aur Apni Jati Ke Waise Hisab Se Mere Hisab Se Wahi Lag Raha Hai Kyonki Jab Tak Wah Kami Hategi Nahi Wah Mentaliti Hategi Nahi Ki Yeh Mera Dharm Ka Hi Jo Ladane Jo Khada Hua Hai Election Mein Wahi Kar Sakta Hai Mera Mera Dukh Dekh Sakta Hai Mera Shauk Dekh Sakta Hai To Wah Jab Tak Wah Mentaliti Thoda Wah Change Nahi Hoga Eye Think Tab Tak Aisa Hi Chalta Rahega
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यह तो समस्या है कि भारतीयों में ऐसी क्या कमी है कि वह धर्म के बेसिस पर वोट डालते हैं तो वह क्या है कि हमारे पूर्वज थे वह किसी और धर्म के लोगों पर इतना ट्रस्ट इतना विश्वास नहीं कर पाते थे जितना मैं अपन...
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यह तो समस्या है कि भारतीयों में ऐसी क्या कमी है कि वह धर्म के बेसिस पर वोट डालते हैं तो वह क्या है कि हमारे पूर्वज थे वह किसी और धर्म के लोगों पर इतना ट्रस्ट इतना विश्वास नहीं कर पाते थे जितना मैं अपने धर्म के लोगों पर करते थे कहीं ना कहीं यह भावना जुड़ी रहती थी कि अपने धर्म के लोग हमारे जैसे लोग और यह हम यह हमारी एक फेमली की तरह है यह हमें धोखा नहीं देंगे तो यह रीजन था यह काफी बड़ा रीजन था कि वह अपने धर्म के लोगों पर ज्यादा विश्वास करते थे अन्य दूसरे धर्म के लोगों से उसके बाद उनके बच्चे हुए ऐसे जनरेशन भर्ती नहीं तो जब हम छोटे थे बचपन से यही हमारे धर्म के लोग अच्छे होते हैं होते हैं बाकी धर्म के लोग नहीं होते इसके कारण दो बीवियां थी वह पीढ़ियों से चलता हुआ है और वह धर्म के लोगों को ही ज्यादा सपोर्ट अपने करते थे काफी लोग जो वोट मांगते वह भी धर्म के उस बेसिस पर मांगते हैं पर अगर हम आज कल टाइम देखे तो काफी बदलाव आ रहा है बेशक अभी भी कुछ लोग हिंदू धर्म के बेसिस पर वोट डालते हैं पर आप काफी बदलाव आ रहा है जो आज की नई पीढ़ी है हमारे जैसे वह धर्म को ना देखते हुए फायदे को देखते कि कौन सी पार्टी कितना फायदा करवाएगी देश को तो आज की सोच बदल रही है वह मेरे को लगता है टाइम के साथ-साथ यह सोच पूरी तरीके से भी बदल जाएगी तू यह सोचा यह तो प्रॉब्लम है इंडिया के अंदर धर्म के बेसिस पर वोट करने वाली इसको सिर्फ एक ही से खत्म कर सकती है अगर हम बच्चों को स्कूल टाइम सही है सिखाते हुए आएंगे धर्म से कुछ किसी का लेन-देन नहीं होता है धर्म के बीच पर फैसले नहीं लेनी चाहिए क्योंकि हम बच्चों को बचपन से ही अगर यह सिखा रहे हैं उनके पेरेंट्स धर्म में बहुत ही बड़ी चीज होती है और हमें धर्म के बेसिस पर लेने चाहिए पैसे धर्म पर भरोसा करना चाहिए तो इसी तरीके से हमें बचपन से उन्हें यह से खाना चाहिए उन्हें जागरुक करना चाहिएYeh To Samasya Hai Ki Bharatiyon Mein Aisi Kya Kami Hai Ki Wah Dharm Ke Basis Par Vote Daalte Hain To Wah Kya Hai Ki Hamare Poorvaj The Wah Kisi Aur Dharm Ke Logon Par Itna Trust Itna Vishwas Nahi Kar Paate The Jitna Main Apne Dharm Ke Logon Par Karte The Kahin Na Kahin Yeh Bhavna Judi Rehti Thi Ki Apne Dharm Ke Log Hamare Jaise Log Aur Yeh Hum Yeh Hamari Ek Femli Ki Tarah Hai Yeh Hume Dhokha Nahi Denge To Yeh Reason Tha Yeh Kafi Bada Reason Tha Ki Wah Apne Dharm Ke Logon Par Jyada Vishwas Karte The Anya Dusre Dharm Ke Logon Se Uske Baad Unke Bacche Hue Aise Generation Bharti Nahi To Jab Hum Chote The Bachpan Se Yahi Hamare Dharm Ke Log Acche Hote Hain Hote Hain Baki Dharm Ke Log Nahi Hote Iske Kaaran Do Biwiyaan Thi Wah Peedhiyon Se Chalta Hua Hai Aur Wah Dharm Ke Logon Ko Hi Jyada Support Apne Karte The Kafi Log Jo Vote Mangate Wah Bhi Dharm Ke Us Basis Par Mangate Hain Par Agar Hum Aaj Kal Time Dekhe To Kafi Badlav Aa Raha Hai Beshak Abhi Bhi Kuch Log Hindu Dharm Ke Basis Par Vote Daalte Hain Par Aap Kafi Badlav Aa Raha Hai Jo Aaj Ki Nayi Pidhi Hai Hamare Jaise Wah Dharm Ko Na Dekhte Hue Fayde Ko Dekhte Ki Kaun Si Party Kitna Fayda Karvaaegi Desh Ko To Aaj Ki Soch Badal Rahi Hai Wah Mere Ko Lagta Hai Time Ke Saath Saath Yeh Soch Puri Tarike Se Bhi Badal Jayegi Tu Yeh Socha Yeh To Problem Hai India Ke Andar Dharm Ke Basis Par Vote Karne Wali Isko Sirf Ek Hi Se Khatam Kar Sakti Hai Agar Hum Bacchon Ko School Time Sahi Hai Sikhate Hue Aayenge Dharm Se Kuch Kisi Ka Lane Then Nahi Hota Hai Dharm Ke Beech Par Faisle Nahi Leni Chahiye Kyonki Hum Bacchon Ko Bachpan Se Hi Agar Yeh Sikha Rahe Hain Unke Parents Dharm Mein Bahut Hi Badi Cheez Hoti Hai Aur Hume Dharm Ke Basis Par Lene Chahiye Paise Dharm Par Bharosa Karna Chahiye To Isi Tarike Se Hume Bachpan Se Unhen Yeh Se Khana Chahiye Unhen Jagaruk Karna Chahiye
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आधे कि हमारे भारतीय संस्कृति में अलग-अलग तरह के जाती है धर्म है और लोगों को ऐसा लगता है कि अगर अपने जाति वाला जाने अपने धर माला अपनी भाषा वाला वह हमारी बात समझेगा हमसे अच्छे से बात करके रहेगा हमारे सा...
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आधे कि हमारे भारतीय संस्कृति में अलग-अलग तरह के जाती है धर्म है और लोगों को ऐसा लगता है कि अगर अपने जाति वाला जाने अपने धर माला अपनी भाषा वाला वह हमारी बात समझेगा हमसे अच्छे से बात करके रहेगा हमारे साथ हमारा साथ देगा हमारी बातें सुनेगा हमारी मदद करेगा उनका मानना हो गया एक मेंटलिटी सी हो गई है जिसकी पूरी तरह से अभी की जनता को दोष नहीं दिया सजा दिया जा सकता पुराने थोड़े समय पहले जो राजनेताओं ने अलग-अलग चालीसा लिखकर जातिवाद और धर्म पर जो झगड़े कर आए हैं जो राइट्स हुए मुंबई में मुंबई में पूरे भारत में जो राइट्स हुए थे यह उन्हीं के नतीजे का परिणाम हमें दिखाई दे रहा है कि लोगों को ना दूसरे जातियों पर के नेताओं पर जो है विश्वास कम सा हो गया है उन्हें लगता है कि यह हमारे लिए कोई काम नहीं करने वाले तो उसके लिए उन उन के उन नेताओं को वोट नहीं दे पाते वोट नहीं दिया जाता तो इसीलिए ऐसे यह काफी बहुत बड़ी जो 1 किलो है हमारे इंडियन सिस्टम में भारतीय सिस्टम में कि लोग चाहती और जातिवाद धर्म पर वोट देते हैं ना कि नेता की काबिलियत पर वोट देतेAadhe Ki Hamare Bhartiya Sanskriti Mein Alag Alag Tarah Ke Jati Hai Dharm Hai Aur Logon Ko Aisa Lagta Hai Ki Agar Apne Jati Wala Jaane Apne Dhar Mala Apni Bhasha Wala Wah Hamari Baat Samjhega Humse Acche Se Baat Karke Rahega Hamare Saath Hamara Saath Dega Hamari Batein Sunegaa Hamari Madad Karega Unka Manana Ho Gaya Ek Mentaliti Si Ho Gayi Hai Jiski Puri Tarah Se Abhi Ki Janta Ko Dosh Nahi Diya Saja Diya Ja Sakta Purane Thode Samay Pehle Jo Rajnetao Ne Alag Alag Chalisa Likhkar Jaatiwad Aur Dharm Par Jo Jhagde Kar Aaye Hain Jo Rights Hue Mumbai Mein Mumbai Mein Poore Bharat Mein Jo Rights Hue The Yeh Unhin Ke Natheeje Ka Parinam Hume Dikhai De Raha Hai Ki Logon Ko Na Dusre Jaatiyo Par Ke Netaon Par Jo Hai Vishwas Kum Sa Ho Gaya Hai Unhen Lagta Hai Ki Yeh Hamare Liye Koi Kaam Nahi Karne Wale To Uske Liye Un Un Ke Un Netaon Ko Vote Nahi De Paate Vote Nahi Diya Jata To Isliye Aise Yeh Kafi Bahut Badi Jo 1 Kilo Hai Hamare Indian System Mein Bhartiya System Mein Ki Log Chahti Aur Jaatiwad Dharm Par Vote Dete Hain Na Ki Neta Ki Kabiliyat Par Vote Dete
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