क्या भारत को नए साल पर वेस्टार्ण कल्चर के जैसा मानना चाहिए ? ...

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जब हम आपके देश में आज के टाइम में देखते हैं कि अमेरिका में दीपावली सेलिब्रेट हो रही है बहुत बड़े तरीके से वह न्यूज़ फ्लैश हो रही थी तो हर आदमी प्राउड फील कर रहा था कि देखिए अमेरिकी राष्ट्रपति भी दीपाव...जवाब पढ़िये
जब हम आपके देश में आज के टाइम में देखते हैं कि अमेरिका में दीपावली सेलिब्रेट हो रही है बहुत बड़े तरीके से वह न्यूज़ फ्लैश हो रही थी तो हर आदमी प्राउड फील कर रहा था कि देखिए अमेरिकी राष्ट्रपति भी दीपावली की शुभकामनाएं दे रहा है तो एक बार तो हम आधुनिकरण को अच्छा मानते हैं और दूसरे लोग आज भारत की इतनी तारीफ कर रहे हैं उसको हम अच्छा मानते हैं लेकिन दूसरी ओर हम यह अपनी पुरानी सोच को कीजिए वेस्टर्न है कि 1 जनवरी उनका नया साल है हमारा भी नया साल एक दिन हो रही है अब हम सैकड़ों साल से 1 जनवरी को ही अपना नया साल मनाते आ रहे हैं आप किसी से भी पूछ लीजिए कि हिंदू कैलेंडर के हिसाब से कौन से दिन आने वाला है नया साल आई डोंट थिंक यू 99% लोगों को याद भी रहता है क्योंकि वह तकदीर बदल जाती है और अलग अलग तरीके के रूप में मनाया जाता है वह अपने अपने स्टेट में और उसमें भी कई सारे अलग-अलग देर से आती हैं तो उनको कोई दिक्कत नहीं है हम लोग आज भी सेलिब्रेट करें हम और भी सेलिब्रेट करें हम गणेश चतुर्थी सेलिब्रेट करें लेकिन हम क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेट करें कुछ लोग अपनी पॉलिटिकल बेनिफिट के लिए इस तरीके की भावनाओं को फैला रहे हैं और भड़का रहे हैं कि वेस्टर्न है यह नहीं है लेकिन हमारा कल्चर हमारा समाज तो रोज-रोज इस तरीके से डेवलप हुआ है कि हम विश्व को अपने में समेटे तो हमें डेफिनेटली यह पूरा अधिकार है और जिस को मनाना है मनाने दीजिए जिसको नहीं बनाना है वह घर में अपना सर्दी में रजाई खींच के सोए और अगले दिन अपना ड्यूटी पर जाएं हैप्पी न्यू ईयरJab Hum Aapke Desh Mein Aaj Ke Time Mein Dekhte Hain Ki America Mein Deepawali Celebrate Ho Rahi Hai Bahut Bade Tarike Se Wah News Flash Ho Rahi Thi To Har Aadmi Proud Feel Kar Raha Tha Ki Dekhie American Rashtrapati Bhi Deepawali Ki Subhkamnaayain De Raha Hai To Ek Baar To Hum Aadhunikaran Ko Accha Manate Hain Aur Dusre Log Aaj Bharat Ki Itni Tarif Kar Rahe Hain Usko Hum Accha Manate Hain Lekin Dusri Oar Hum Yeh Apni Purani Soch Ko Kijiye Western Hai Ki 1 January Unka Naya Saal Hai Hamara Bhi Naya Saal Ek Din Ho Rahi Hai Ab Hum Saikadon Saal Se 1 January Ko Hi Apna Naya Saal Manate Aa Rahe Hain Aap Kisi Se Bhi Pooch Lijiye Ki Hindu Calendar Ke Hisab Se Kaun Se Din Aane Wala Hai Naya Saal Eye Don't Think You 99% Logon Ko Yaad Bhi Rehta Hai Kyonki Wah Takdir Badal Jati Hai Aur Alag Alag Tarike Ke Roop Mein Manaya Jata Hai Wah Apne Apne State Mein Aur Usamen Bhi Kai Sare Alag Alag Der Se Aati Hain To Unko Koi Dikkat Nahi Hai Hum Log Aaj Bhi Celebrate Karen Hum Aur Bhi Celebrate Karen Hum Ganesh Chaturthi Celebrate Karen Lekin Hum Christmas Aur New Year Celebrate Karen Kuch Log Apni Political Benefit Ke Liye Is Tarike Ki Bhavnao Ko Faila Rahe Hain Aur Bhadaka Rahe Hain Ki Western Hai Yeh Nahi Hai Lekin Hamara Culture Hamara Samaaj To Roj Roj Is Tarike Se Develop Hua Hai Ki Hum Vishwa Ko Apne Mein Samete To Hume Definetli Yeh Pura Adhikaar Hai Aur Jis Ko Manana Hai Manane Dijiye Jisko Nahi Banana Hai Wah Ghar Mein Apna Sardi Mein Rajai Khinch Ke Soye Aur Agle Din Apna Duty Par Jayen Happy New Year
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भारत जो नए साल का जो त्योहार मनाता है थर्टी फर्स्ट नाईट पार्टी का वह भी एक तरह से एक कल्चर को अपनाने के लिए भारत में पार्टी मनाई जाती है जैसे इस दुनिया में जो है हॉलीवुड जो है वह ट्रेन सेटेलाइट है वह ...जवाब पढ़िये
भारत जो नए साल का जो त्योहार मनाता है थर्टी फर्स्ट नाईट पार्टी का वह भी एक तरह से एक कल्चर को अपनाने के लिए भारत में पार्टी मनाई जाती है जैसे इस दुनिया में जो है हॉलीवुड जो है वह ट्रेन सेटेलाइट है वह सारे जो है अलग-अलग ट्रेन सेट करता है हॉलीवुड और उसे जो है पूरी दुनिया मानती है और उसका सम्मान भी करती है तो इसी तरह से अगर भारत में अगर थर्टी फर्स्ट की पार्टी वेस्टर्न कल्चर की तरह मनाई जाती है तो इसमें कुछ गलत नहीं है क्योंकि इससे हम लोग अपने परंपरा को ठेस तो नहीं पहुंचा रहे तो इसमें कुछ गलत नहीं है कि भारत एक भारतवासी अगर वेस्टर्न कल्चर से 35 की पार्टी मना है तोBharat Jo Naye Saal Ka Jo Tyohaar Manata Hai Thirty First Night Party Ka Wah Bhi Ek Tarah Se Ek Culture Ko Apnane Ke Liye Bharat Mein Party Manai Jati Hai Jaise Is Duniya Mein Jo Hai Hollywood Jo Hai Wah Train Satellite Hai Wah Sare Jo Hai Alag Alag Train Set Karta Hai Hollywood Aur Use Jo Hai Puri Duniya Maanati Hai Aur Uska Samman Bhi Karti Hai To Isi Tarah Se Agar Bharat Mein Agar Thirty First Ki Party Western Culture Ki Tarah Manai Jati Hai To Isme Kuch Galat Nahi Hai Kyonki Isse Hum Log Apne Parampara Ko Thes To Nahi Pahuncha Rahe To Isme Kuch Galat Nahi Hai Ki Bharat Ek Bharatvasi Agar Western Culture Se 35 Ki Party Mana Hai To
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देखो मेरा पर्सनल ओपन इस क्वेश्चन पर यह के वेस्टर्न कल्चर रोज आपका इंडियन कल्चर को आदमी एकदम स्वतंत्र जिस कल्चर को फॉलो करना चाहता है उसको फॉलो कर सकता है उसको लगता है वेस्टर्न कल्चर से निवेश बनाना चाह...जवाब पढ़िये
देखो मेरा पर्सनल ओपन इस क्वेश्चन पर यह के वेस्टर्न कल्चर रोज आपका इंडियन कल्चर को आदमी एकदम स्वतंत्र जिस कल्चर को फॉलो करना चाहता है उसको फॉलो कर सकता है उसको लगता है वेस्टर्न कल्चर से निवेश बनाना चाहिए डेफिनिट वह कर सकता है अगर उसको लता इंडियन कल्चर से बनाना चाहिए तो वह कर सकता है ठीक है हर व्यक्ति स्वतंत्र इस देश के अंदर डेमोक्रेटिक कंट्री में हम लोग रहते हैं तो इतना तो चलता हैDekho Mera Personal Open Is Question Par Yeh Ke Western Culture Roj Aapka Indian Culture Ko Aadmi Ekdam Swatantra Jis Culture Ko Follow Karna Chahta Hai Usko Follow Kar Sakta Hai Usko Lagta Hai Western Culture Se Nivesh Banana Chahiye Definite Wah Kar Sakta Hai Agar Usko Lata Indian Culture Se Banana Chahiye To Wah Kar Sakta Hai Theek Hai Har Vyakti Swatantra Is Desh Ke Andar Democratic Country Mein Hum Log Rehte Hain To Itna To Chalta Hai
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मुझे लगता है कि यह सब का अपना इंडिविजुअल डिसिशन होता है, कि उन्हें नया साल कैसे मनाना है, और इंडियन कल्चर या वेस्टर्न कल्चर का इसमें कोई रोल नहीं होता| तो सब अपने हिसाब से,अपना नया साल बिल्कुल मना सकत...जवाब पढ़िये
मुझे लगता है कि यह सब का अपना इंडिविजुअल डिसिशन होता है, कि उन्हें नया साल कैसे मनाना है, और इंडियन कल्चर या वेस्टर्न कल्चर का इसमें कोई रोल नहीं होता| तो सब अपने हिसाब से,अपना नया साल बिल्कुल मना सकता है|Mujhe Lagta Hai Ki Yeh Sab Ka Apna Imdividual Decision Hota Hai Ki Unhen Naya Saal Kaise Manana Hai Aur Indian Culture Ya Western Culture Ka Isme Koi Roll Nahi Hota To Sab Apne Hisab Se Apna Naya Saal Bilkul Mana Sakta Hai
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मेरे हिसाब से तो बस हर एक आदमी की सोच और विचार है कि उन्हें नया साल उड़ने कैसे बनाने वह सोच और विचार को हम वेस्टर्न कल्चर के जैसा माना जाना यह संभव नहीं है या खेल सकते सही नहीं होगा कि कि देखा जाए तो ...जवाब पढ़िये
मेरे हिसाब से तो बस हर एक आदमी की सोच और विचार है कि उन्हें नया साल उड़ने कैसे बनाने वह सोच और विचार को हम वेस्टर्न कल्चर के जैसा माना जाना यह संभव नहीं है या खेल सकते सही नहीं होगा कि कि देखा जाए तो दुनिया भर में एक ही तरीके से न्यू ईयर बनाते हैं जो कि है कि हम सब दोस्त मिलते हैं या तो हम जिसे प्यार करते हैं उनके साथ बनाते हैं यहां रिश्तेदारों के साथ बनाते है तुम कहीं दूसरी जगह पर नहीं नहीं जगह पर जाते तो मेरे हिसाब से यह सब वेस्टर्न कल्चर में आना यह सही बात नहीं है और भारत जैसे देश में तो जहां पर अलग अलग तरीके के राज्य अलग अलग तरीके भाषाएं है वहां पर यह कहना सही नहीं है क्योंकि देखा जाए तो हर एक राज्य में अपने-अपने न्यू ईयर होते हैं तो वह भी लोग बनाते हैं और अगर हम कैलेंडर भाई देखे तो 1 जनवरी की न्यू ईयर है गरम कई सारे भारतीयों को पूछे तो उन्हें सबसे ज्यादा तो यही बताएंगे कि 1 जनवरी को ही नहीं है तो मेरे हिसाब से यह कहना कि न्यू ईयर पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा जाना ना जाना यह सही नहीं होगा यह तो बस अलग-अलग लोगों के सोचा बेचारे खेलेंगे कैसा बनाना हैMere Hisab Se To Bus Har Ek Aadmi Ki Soch Aur Vichar Hai Ki Unhen Naya Saal Udane Kaise Banane Wah Soch Aur Vichar Ko Hum Western Culture Ke Jaisa Mana Jana Yeh Sambhav Nahi Hai Ya Khel Sakte Sahi Nahi Hoga Ki Ki Dekha Jaye To Duniya Bhar Mein Ek Hi Tarike Se New Year Banate Hain Jo Ki Hai Ki Hum Sab Dost Milte Hain Ya To Hum Jise Pyar Karte Hain Unke Saath Banate Hain Yahan Rishtedaaro Ke Saath Banate Hai Tum Kahin Dusri Jagah Par Nahi Nahi Jagah Par Jaate To Mere Hisab Se Yeh Sab Western Culture Mein Aana Yeh Sahi Baat Nahi Hai Aur Bharat Jaise Desh Mein To Jahan Par Alag Alag Tarike Ke Rajya Alag Alag Tarike Bhashayen Hai Wahan Par Yeh Kehna Sahi Nahi Hai Kyonki Dekha Jaye To Har Ek Rajya Mein Apne Apne New Year Hote Hain To Wah Bhi Log Banate Hain Aur Agar Hum Calendar Bhai Dekhe To 1 January Ki New Year Hai Garam Kai Sare Bharatiyon Ko Puche To Unhen Sabse Jyada To Yahi Batayenge Ki 1 January Ko Hi Nahi Hai To Mere Hisab Se Yeh Kehna Ki New Year Par Western Culture Ke Jaisa Jana Na Jana Yeh Sahi Nahi Hoga Yeh To Bus Alag Alag Logon Ke Socha Bechaare Khelenge Kaisa Banana Hai
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देखिये येह अपने इंडिविजुअल चॉइस की बात होती है कि आप भारत में वेस्टर्न तरीके से बनाना चाहते हैं या किसी और तरीके से बनाना चाहते हैं| सबका सेलिब्रेशन का तरीका अपना अलग, अलग होता है| तो हा हम इंडिपेंड...जवाब पढ़िये
देखिये येह अपने इंडिविजुअल चॉइस की बात होती है कि आप भारत में वेस्टर्न तरीके से बनाना चाहते हैं या किसी और तरीके से बनाना चाहते हैं| सबका सेलिब्रेशन का तरीका अपना अलग, अलग होता है| तो हा हम इंडिपेंडेंट कंट्री में रहते हैं,फ्रीडम है, राईट टू चुस है तो क्यों नहीं जो आपको अच्छा लगे वह कीजिए |Dekhiye Yeh Apne Imdividual Choice Ki Baat Hoti Hai Ki Aap Bharat Mein Western Tarike Se Banana Chahte Hain Ya Kisi Aur Tarike Se Banana Chahte Hain Sabka Celebration Ka Tarika Apna Alag Alag Hota Hai To Ha Hum Independent Country Mein Rehte Hain Freedom Hai Right To Chus Hai To Kyun Nahi Jo Aapko Accha Lage Wah Kijiye |
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दिखा कोई सा भी फेस्टिवल है अगर आप अब बात है यहां पर नहीं ऐसा करते हैं तो आप चाहे वेस्टर्न कल्चर में बनाए अपना देसी कल्चर में बनाएं इंडियन कल्चर में आपको जो है वह खुशी सेलिब्रेट है करनी है और लोकेशन को...जवाब पढ़िये
दिखा कोई सा भी फेस्टिवल है अगर आप अब बात है यहां पर नहीं ऐसा करते हैं तो आप चाहे वेस्टर्न कल्चर में बनाए अपना देसी कल्चर में बनाएं इंडियन कल्चर में आपको जो है वह खुशी सेलिब्रेट है करनी है और लोकेशन को सेलिब्रेट करना है तो आप पर चाहे किसी भी कल्चर में बनाई है समाचार पोर्टल बाकी है कि आप पोस्टर मोमेंट को जो है इंजॉय करें लोकेशन को इंजॉय करें और दूसरों के साथDikha Koi Sa Bhi Festival Hai Agar Aap Ab Baat Hai Yahan Par Nahi Aisa Karte Hain To Aap Chahe Western Culture Mein Banaye Apna Desi Culture Mein Banaye Indian Culture Mein Aapko Jo Hai Wah Khushi Celebrate Hai Karni Hai Aur Location Ko Celebrate Karna Hai To Aap Par Chahe Kisi Bhi Culture Mein Banai Hai Samachar Portal Baki Hai Ki Aap Poster Moment Ko Jo Hai Enjoy Karen Location Ko Enjoy Karen Aur Dusron Ke Saath
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भारत जैसे देश में जहां कई तरह तरह के लोग हैं लैंग्वेज है कल्चरल फेस्टिवल हैं कुछ लोगों को यह अजीब लगता है कि हम और फेस्टिवल जवाब करना चाहते हैं स्पेशली वह जो हमारे कल्चर से भी नहीं है फंडामेंटलिस्ट तो...जवाब पढ़िये
भारत जैसे देश में जहां कई तरह तरह के लोग हैं लैंग्वेज है कल्चरल फेस्टिवल हैं कुछ लोगों को यह अजीब लगता है कि हम और फेस्टिवल जवाब करना चाहते हैं स्पेशली वह जो हमारे कल्चर से भी नहीं है फंडामेंटलिस्ट तो यह तक्ता क्यों करते हैं कि वेस्टर्न फेस्टिवल सेलिब्रेट करने से हम अपने फेस्टिवल्स ऑन हेरिटेज भूल जाएंगे मुझे यह बात सही नहीं लगती क्योंकि भारत अपनी एक्सेप्टेंस के लिए पूरी दुनिया में जाना गया है ईद दिवाली क्रिसमस के सारे फेस्टिवल स्कूल से लेकर प्रीत में तक बड़ी धूमधाम से मनाया जाते हैं तो फिर चाहे वेस्टर्न कल्चर की पॉपुलैरिटी की वजह से ही सही एक ऐसा सेलिब्रेशन जिसमें कोई धन का मुद्दा तक नहीं क्यों नहीं मनाया जाना चाहिएBharat Jaise Desh Mein Jahan Kai Tarah Tarah Ke Log Hain Language Hai Cultural Festival Hain Kuch Logon Ko Yeh Ajib Lagta Hai Ki Hum Aur Festival Jawab Karna Chahte Hain Speshli Wah Jo Hamare Culture Se Bhi Nahi Hai Fandamentalist To Yeh Takta Kyun Karte Hain Ki Western Festival Celebrate Karne Se Hum Apne Festivals On Heritage Bhul Jaenge Mujhe Yeh Baat Sahi Nahi Lagti Kyonki Bharat Apni Acceptance Ke Liye Puri Duniya Mein Jana Gaya Hai Eid Diwali Christmas Ke Sare Festival School Se Lekar Preet Mein Tak Badi Dhumadham Se Manaya Jaate Hain To Phir Chahe Western Culture Ki Popularity Ki Wajah Se Hi Sahi Ek Aisa Celebration Jisme Koi Dhan Ka Mudda Tak Nahi Kyun Nahi Manaya Jana Chahiye
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यह आप पूछ रहे हैं कि भारत के नए साल पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा मारना चाहिए या नहीं पर यह देखिए कि यहां क्लिक हर इंडिविजुअल का एक अलग अलग सोच रहेगा और अभी की जो पी ली है जो यूथ है अभी के उस ज्यादा तक आप...जवाब पढ़िये
यह आप पूछ रहे हैं कि भारत के नए साल पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा मारना चाहिए या नहीं पर यह देखिए कि यहां क्लिक हर इंडिविजुअल का एक अलग अलग सोच रहेगा और अभी की जो पी ली है जो यूथ है अभी के उस ज्यादा तक आप देखो तो वेस्टर्न लाइफ से वेस्टर्न कल्चर से बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस थे तो मतलब मेरे को तो लगने के थोड़ा तो इन्फ्लुएंस है बट भारत में भी अपनी संस्कृति अभी भी बरकरार है तो आप को देखे कि वह दोनों का मिक्सचर है एक ही कर चुका वो नहीं है वह सारा गणित मिक्स हो गया है तो दोनों का ऐसे मिला एक साथी हैYeh Aap Pooch Rahe Hain Ki Bharat Ke Naye Saal Par Western Culture Ke Jaisa Maarna Chahiye Ya Nahi Par Yeh Dekhie Ki Yahan Click Har Imdividual Ka Ek Alag Alag Soch Rahega Aur Abhi Ki Jo P Lee Hai Jo Youth Hai Abhi Ke Us Jyada Tak Aap Dekho To Western Life Se Western Culture Se Bahut Jyada Imfluens The To Matlab Mere Ko To Lagne Ke Thoda To Imfluens Hai But Bharat Mein Bhi Apni Sanskriti Abhi Bhi Barkaraar Hai To Aap Ko Dekhe Ki Wah Dono Ka Mixture Hai Ek Hi Kar Chuka Vo Nahi Hai Wah Saara Ganit Mix Ho Gaya Hai To Dono Ka Aise Mila Ek Sathi Hai
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इस सवाल की जवाब है मैं एक सवाल करना चाहूंगी जब दुनिया सिमट रही है तो अलगाव का बीज बोने की कोशिश क्यों की जाए वैसे भारतीय परंपरा की बात करें तो हम अलग-अलग धर्म समुदाय के हिसाब से पूरे साल में कितने 9 व...जवाब पढ़िये
इस सवाल की जवाब है मैं एक सवाल करना चाहूंगी जब दुनिया सिमट रही है तो अलगाव का बीज बोने की कोशिश क्यों की जाए वैसे भारतीय परंपरा की बात करें तो हम अलग-अलग धर्म समुदाय के हिसाब से पूरे साल में कितने 9 वर्ष मनाते हैं आइए देखते हैं हिंदू नव वर्ष चैत्र महिना के शुक्ल प्रतिपदा से शुरू माना जाता है या 3 अप्रैल के किसी दिन पड़ता है कहते हैं इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि रचयिता इसे नया संवत करें इसी दिन से विक्रम संवत स्वरूपा इसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा कहते आंध्र कर्नाटक में उगादि के नाम से जाना जाता है बांग्ला नववर्ष पोइला बैशाख और पंजाबियों की बैठक 14 अप्रैल को मनाई जाती है पर नानकशाही कैलेंडर में होली के दूसरे दिन से नया साल मनाने की बात कही गई है वही पारसी नववर्ष नवरोज आमतौर पर 19 अगस्त के आसपास मनाया जाता है अब इस्लामी नववर्ष की बात करें तो मोहर्रम की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है सिंधी चैत्र शुक्ल द्वितीया को झूलेलाल के जन्मदिन के दिन नव वर्ष के टीचर के नाम से नया साल मनाते हैं गुजराती और राजस्थानी दीपावली को नए साल की शुरुआत मानते हैं 1 जनवरी का नया साल हमारे यहां इसाई भी बनाते हैं अब क्योंकि दुनिया कारोबारी सभ्यता का बोलबाला रह गया है तो इसलिए हाथ से पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नया साल के रूप में एक साथ मिलकर मनाते हैं बस में बैठने के बाद छोड़िए पूरी दुनिया के सात नए साल में नई उम्मीद के साथ खुश रहिए और खुशियां बांटिएIs Sawal Ki Jawab Hai Main Ek Sawal Karna Chahungi Jab Duniya Simat Rahi Hai To Alagav Ka Beej Bone Ki Koshish Kyun Ki Jaye Waise Bhartiya Parampara Ki Baat Karen To Hum Alag Alag Dharm Samuday Ke Hisab Se Poore Saal Mein Kitne 9 Varsh Manate Hain Aaiye Dekhte Hain Hindu Nav Varsh Chaitra Mahina Ke Shukla Pratipada Se Shuru Mana Jata Hai Ya 3 April Ke Kisi Din Padata Hai Kehte Hain Isi Din Brahma Ne Shrishti Rachayita Ise Naya Sanvat Karen Isi Din Se Vikram Sanvat Swaroopa Ise Maharashtra Mein Gudi Padawa Kehte Andhra Karnataka Mein Ugadi Ke Naam Se Jana Jata Hai Bangla Navavarsh Poila Baishakh Aur Panjabiyon Ki Baithak 14 April Ko Manai Jati Hai Par Nanakashahi Calendar Mein Holi Ke Dusre Din Se Naya Saal Manane Ki Baat Kahi Gayi Hai Wahi Parasi Navavarsh Navaroj Aamtaur Par 19 August Ke Aaspass Manaya Jata Hai Ab Islami Navavarsh Ki Baat Karen To Moharram Ki Pehli Tarikh Ko Naya Saal Hijari Shuru Hota Hai Sindhi Chaitra Shukla Dwitiya Ko Jhulelal Ke Janamdin Ke Din Nav Varsh Ke Teacher Ke Naam Se Naya Saal Manate Hain Gujarati Aur Rajasthani Deepawali Ko Naye Saal Ki Shuruvat Manate Hain 1 January Ka Naya Saal Hamare Yahan Isai Bhi Banate Hain Ab Kyonki Duniya Kaarobari Sabhyata Ka Bolabaala Rah Gaya Hai To Isliye Hath Se Puri Duniya Mein 1 January Ko Naya Saal Ke Roop Mein Ek Saath Milkar Manate Hain Bus Mein Baithne Ke Baad Chodiye Puri Duniya Ke Saat Naye Saal Mein Nayi Ummid Ke Saath Khush Rahiye Aur Khushiyan Bantiye
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