भारतीय लोग हर त्योहार ज़्यादा ही धूम धाम से क्यों मनाते हैं? ...

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भारतीय लोगों के लिए हर त्यौहार बहुत ही बड़ा उत्सव होता है और वह उसको बहुत ही ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि हमारे यहां त्यौहारों को बहुत ही बड़ी महत्व था दी जाती है उसमें हम पूजा करते हैं और जैसे ...जवाब पढ़िये
भारतीय लोगों के लिए हर त्यौहार बहुत ही बड़ा उत्सव होता है और वह उसको बहुत ही ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि हमारे यहां त्यौहारों को बहुत ही बड़ी महत्व था दी जाती है उसमें हम पूजा करते हैं और जैसे कि दिवाली हुई तो हमने वहां दीपक जलाते हैं पटाखे चलाते हैं और होली हुई तो हम रंगों से उठे होली खेलते हैं तो हमारे हत्यारों की महत्वता इतनी होती है कि हम लोग अपने आप खुशी जाहिर करने के लिए उनको बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं और इसके अलावा बहुत से और भी तो हारे हैं जिनको लोग पार्टी धूमधाम से मनाते हैंBhartiya Logon Ke Liye Har Tyohar Bahut Hi Bada Utsav Hota Hai Aur Wah Usko Bahut Hi Jyada Dhumadham Se Manate Hain Kyonki Hamare Yahan Tyauharon Ko Bahut Hi Badi Mahatva Tha Di Jati Hai Usamen Hum Puja Karte Hain Aur Jaise Ki Diwali Hui To Humne Wahan Dipak Jalate Hain Patakhe Chalte Hain Aur Holi Hui To Hum Rangon Se Uthe Holi Khelte Hain To Hamare Hatyaron Ki Mahatvata Itni Hoti Hai Ki Hum Log Apne Aap Khushi Jaahir Karne Ke Liye Unko Bahut Jyada Dhumadham Se Manate Hain Aur Iske Alava Bahut Se Aur Bhi To Haare Hain Jinako Log Party Dhumadham Se Manate Hain
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यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति का एक बहुत ही मजबूत पहलू है भारत एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या वाला धर्मनिरपेक्ष देश है विभिन्न धर्मों समुदायों और संस्कृति वाले लोग यहां सदियों से साथ रह रहे हैं एक साथ रहते ह...जवाब पढ़िये
यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति का एक बहुत ही मजबूत पहलू है भारत एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या वाला धर्मनिरपेक्ष देश है विभिन्न धर्मों समुदायों और संस्कृति वाले लोग यहां सदियों से साथ रह रहे हैं एक साथ रहते हुए वह एक दूसरे की खुशियां और दुख में बराबर के भागीदार हो जाते हैं हर संप्रदाय का अपनी खुशियां मनाने का अलग अलग तरीका है भारत में हर महीने कोई ना कोई त्यौहार मनाया जाता है और भारत में रहने वाले सभी भारतीय उन त्यौहारों को अपने दूसरे संप्रदाय के बंधुओं के साथ बड़ी खुशी और उत्साह से मनाते हैं यही भावना भारत की एकता और अखंडता को सुरक्षित बनाए रखती हैYeh Bhartiya Sabhyata Aur Sanskriti Ka Ek Bahut Hi Mazboot Pahaloo Hai Bharat Ek Bahut Hi Badi Jansankhya Wala Dharmanirapeksh Desh Hai Vibhinn Dharmon Samudayo Aur Sanskriti Wale Log Yahan Sadiyon Se Saath Rah Rahe Hain Ek Saath Rehte Hue Wah Ek Dusre Ki Khushiyan Aur Dukh Mein Barabar Ke Bhagidaar Ho Jaate Hain Har Sampraday Ka Apni Khushiyan Manane Ka Alag Alag Tarika Hai Bharat Mein Har Mahine Koi Na Koi Tyohar Manaya Jata Hai Aur Bharat Mein Rehne Wale Sabhi Bhartiya Un Tyauharon Ko Apne Dusre Sampraday Ke Bandhuon Ke Saath Badi Khushi Aur Utsaah Se Manate Hain Yahi Bhavna Bharat Ki Ekta Aur Akhandata Ko Surakshit Banaye Rakhti Hai
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बहुत ही अच्छा सवाल पूछा गया है हां, जो हम भारत के लोग होते हैं, हम लोग अपना त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं |क्योंकि होता क्या है जो हम भारत के लोग होते हैं ना हमें चाहे छोटा काम हो या बड़ा काम हो हम...जवाब पढ़िये
बहुत ही अच्छा सवाल पूछा गया है हां, जो हम भारत के लोग होते हैं, हम लोग अपना त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं |क्योंकि होता क्या है जो हम भारत के लोग होते हैं ना हमें चाहे छोटा काम हो या बड़ा काम हो हम चाहते हैं अपना हर काम में उसे पूरी तरीके से करें हम उस में अपना हंड्रेड परसेंट दे | तो जब वह चाहिए एक ऑफिस का काम होता है चाहे वह त्यौहार मनाना चाहे वह अपना कोई फर्ज निभाना हो हम चाहते हैं कि वह हम बहुत अच्छे से पूरा करें उसमें कहीं कोई कमी ना रह जाये| तो जब त्योहारों की बात आती है तो भारत एक ऐसा देश है जहां बहुत ज्यादा अलग अलग तरह के हमारे पास कल्चर्स है, अलग अलग तरह की कम्युनिटीज है, अलग अलग जगह पर रहने वाले लोग हैं | सब की बहुत अलग-अलग सोच है उसके बावजूद भी जब भी कोई त्यौहार आता है तो बिना किसी डिस्क्रिमिनेशन के पूरा भारत उसे मनाता है | हम बहुत रिस्पेक्ट करते हैं चाहे वह दूसरी कम्युनिटी का त्यौहार हो चाहे वह किसी कम्युनिटी का त्यौहार हो सबको हम इक्वल वैल्यू देते हैं चाहे वह हिंदू का त्योहार हो, चाहे वो मुसलमानों का त्योहार हो, हर स्कूल के अंदर छुट्टी होती है | जब कोई त्यौहार आता है तब हम लोग यह सोचते हैं कि यह त्यौहार एक खुशी ढूंढने का हमारे लिए तरीका होता अपनी फैमिली के साथ इक टाइम स्पेंड करने का तरीका होता है अपने बिजी लाइफ से एक ब्रेक लेने का तरीका होता है | तो मेरे हिसाब से यह और भी काफी सारे कारणों की वजह से क्योंकी हिंदुस्तानियों में उत्साह की तो कोई कमी ही नहीं है | इन वजह से जो भारतीय लोग है वे हर त्योहार को बहुत धूमधाम से मनाते हैं |Bahut Hi Accha Sawal Poocha Gaya Hai Haan Jo Hum Bharat Ke Log Hote Hain Hum Log Apna Tyohaar Bahut Dhumadham Se Manate Hain Kyonki Hota Kya Hai Jo Hum Bharat Ke Log Hote Hain Na Hume Chahe Chota Kaam Ho Ya Bada Kaam Ho Hum Chahte Hain Apna Har Kaam Mein Use Puri Tarike Se Karen Hum Us Mein Apna Hundred Percent De | To Jab Wah Chahiye Ek Office Ka Kaam Hota Hai Chahe Wah Tyohar Manana Chahe Wah Apna Koi Farj Nibhana Ho Hum Chahte Hain Ki Wah Hum Bahut Acche Se Pura Karen Usamen Kahin Koi Kami Na Rah Jaye To Jab Tyoharon Ki Baat Aati Hai To Bharat Ek Aisa Desh Hai Jahan Bahut Jyada Alag Alag Tarah Ke Hamare Paas Cultures Hai Alag Alag Tarah Ki Kamyunitij Hai Alag Alag Jagah Par Rehne Wale Log Hain | Sab Ki Bahut Alag Alag Soch Hai Uske Bawajud Bhi Jab Bhi Koi Tyohar Aata Hai To Bina Kisi Discrimination Ke Pura Bharat Use Manata Hai | Hum Bahut Respect Karte Hain Chahe Wah Dusri Community Ka Tyohar Ho Chahe Wah Kisi Community Ka Tyohar Ho Sabko Hum Equal Value Dete Hain Chahe Wah Hindu Ka Tyohaar Ho Chahe Vo Musalmano Ka Tyohaar Ho Har School Ke Andar Chutti Hoti Hai | Jab Koi Tyohar Aata Hai Tab Hum Log Yeh Sochte Hain Ki Yeh Tyohar Ek Khushi Dhundhane Ka Hamare Liye Tarika Hota Apni Family Ke Saath Ek Time Spend Karne Ka Tarika Hota Hai Apne Busy Life Se Ek Break Lene Ka Tarika Hota Hai | To Mere Hisab Se Yeh Aur Bhi Kafi Sare Kaarno Ki Wajah Se Kyonki Hindustaniyon Mein Utsaah Ki To Koi Kami Hi Nahi Hai | In Wajah Se Jo Bhartiya Log Hai Ve Har Tyohaar Ko Bahut Dhumadham Se Manate Hain |
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सवाल पूछा है निर्मल जी यह बहुत ही अच्छा सवाल है आप अगर जानते हो तो यह भारत की खासियत है कि हम सारे अपने जो भी फंक्शन होते हैं सेलिब्रेशन जाते हम बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं त्यौहार भी धूमधाम तलाशते है...जवाब पढ़िये
सवाल पूछा है निर्मल जी यह बहुत ही अच्छा सवाल है आप अगर जानते हो तो यह भारत की खासियत है कि हम सारे अपने जो भी फंक्शन होते हैं सेलिब्रेशन जाते हम बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं त्यौहार भी धूमधाम तलाशते हैं कि हमारी संस्कृति बन गई है कि हम यह सब के साथ शेयर करें और फिर और धूमधाम से अपना ही आपने सब को बांटे कि वह ऐसे थोड़ी खुशियां हुए अपने आसपास सलाम लेंगेSawal Poocha Hai Nirmal Ji Yeh Bahut Hi Accha Sawal Hai Aap Agar Jante Ho To Yeh Bharat Ki Khasiyat Hai Ki Hum Sare Apne Jo Bhi Function Hote Hain Celebration Jaate Hum Bahut Hi Dhumadham Se Manate Hain Tyohar Bhi Dhumadham Talashate Hain Ki Hamari Sanskriti Ban Gayi Hai Ki Hum Yeh Sab Ke Saath Share Karen Aur Phir Aur Dhumadham Se Apna Hi Aapne Sab Ko Bante Ki Wah Aise Thodi Khushiyan Hue Apne Aaspass Salaam Lenge
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देखिए भारत के लोग हर त्यौहार धूमधाम से मनाते हैं बिल्कुल धक धक बात है यह सही बात है और क्यों मनाते हैं उसके पीछे वजह ज्यादा कोई बड़ी नहीं है मेरे ख्याल से 1 सीटों का हिसाब है अगर आप देखोगे हिंदुस्तान ...जवाब पढ़िये
देखिए भारत के लोग हर त्यौहार धूमधाम से मनाते हैं बिल्कुल धक धक बात है यह सही बात है और क्यों मनाते हैं उसके पीछे वजह ज्यादा कोई बड़ी नहीं है मेरे ख्याल से 1 सीटों का हिसाब है अगर आप देखोगे हिंदुस्तान के अंदर जितने भी तमाम हूं जितनी भी कल्चर है उन सबका आप अगर बैकग्राउंड देखते हो जिस आधार पर वह धर्म जो है या वह जो संस्कृति है वह वजूद में आई उसके पीछे जितनी भी है आज तक इंसिडेंट हुए जो भी घटनाएं हुई वह सारी चीज़े उनसे मुतासिर होने के बाद इंसान को जो त्यौहार का वक्त आता है वह उसके लिए इतना ज्यादा मत नहीं रखता है बस मेरे साथ से बजा यही है कि जब आप उस पार्टी कूलर रहता है वह उसे मार के बारे में अगर आप बात करोगे उसके पीछे जाकर देखोगे तो उसके पीछे की जो कहानी है वह इतनी ज्यादा उत्साह भरी है इतनी ज्यादा इंस्पिरेशनल है उससे आपको बहुत ज्यादा सीखने को मिल सकता है तो यही सारी चीजें हैं जिनकी वजह से इंसान जो है बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाते हैंDekhie Bharat Ke Log Har Tyohar Dhumadham Se Manate Hain Bilkul Dhaka Dhaka Baat Hai Yeh Sahi Baat Hai Aur Kyun Manate Hain Uske Piche Wajah Jyada Koi Badi Nahi Hai Mere Khayal Se 1 Seaton Ka Hisab Hai Agar Aap Dekhoge Hindustan Ke Andar Jitne Bhi Tamam Hoon Jitni Bhi Culture Hai Un Sabka Aap Agar Background Dekhte Ho Jis Aadhar Par Wah Dharm Jo Hai Ya Wah Jo Sanskriti Hai Wah Vajud Mein Eye Uske Piche Jitni Bhi Hai Aaj Tak Incident Hue Jo Bhi Ghatnaye Hui Wah Saree Cheeje Unse Mutasir Hone Ke Baad Insaan Ko Jo Tyohar Ka Waqt Aata Hai Wah Uske Liye Itna Jyada Mat Nahi Rakhta Hai Bus Mere Saath Se Baja Yahi Hai Ki Jab Aap Us Party Cooler Rehta Hai Wah Use Maar Ke Baare Mein Agar Aap Baat Karoge Uske Piche Jaakar Dekhoge To Uske Piche Ki Jo Kahani Hai Wah Itni Jyada Utsaah Bhari Hai Itni Jyada Inspiration Hai Usse Aapko Bahut Jyada Seekhne Ko Mil Sakta Hai To Yahi Saree Cheezen Hain Jinaki Wajah Se Insaan Jo Hai Bahut Jyada Dhumadham Se Manate Hain
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भारतीय लोग हर त्योहार इतने धूमधाम से इसलिए मनाते है क्योंकि भारत में अलवर की संस्कृतियां है अगर देखा जाए तो भारत में विश्व में सबसे ज्यादा त्यौहार है इसकी वजह से लोगों में एक एक्साइटमेंट है इन्हें बना...जवाब पढ़िये
भारतीय लोग हर त्योहार इतने धूमधाम से इसलिए मनाते है क्योंकि भारत में अलवर की संस्कृतियां है अगर देखा जाए तो भारत में विश्व में सबसे ज्यादा त्यौहार है इसकी वजह से लोगों में एक एक्साइटमेंट है इन्हें बनाने की चाहे वह कोई भी त्यौहार ओपन करो होली हो दिवाली हो या कृष्ण शुभ भारतीय लोग हर त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं यह भारतीय संस्कृति में है कि कोई भी त्यौहार उसे धूमधाम से मनाना चाहिए अगर हम देखें जैसे अतिथि देवो भवः घर में जाए नए मेहमान हो या अगर हम देखें कैसे फॉरेन के लोग आए हमारे देश में कोई भी नई चीज हो हम भारतीय बड़े ही धूमधाम से एकदम पॉजिटिव आत्मा शरीर से बनाते हैं जो की बहुत ही अच्छी बात हैBhartiya Log Har Tyohaar Itne Dhumadham Se Isliye Manate Hai Kyonki Bharat Mein Alwar Ki Sanskritiyan Hai Agar Dekha Jaye To Bharat Mein Vishwa Mein Sabse Jyada Tyohar Hai Iski Wajah Se Logon Mein Ek Excitement Hai Inhen Banane Ki Chahe Wah Koi Bhi Tyohar Open Karo Holi Ho Diwali Ho Ya Krishan Shubha Bhartiya Log Har Tyohaar Ko Badi Dhumadham Se Manate Hain Yeh Bhartiya Sanskriti Mein Hai Ki Koi Bhi Tyohar Use Dhumadham Se Manana Chahiye Agar Hum Dekhen Jaise Atithi Devo Bhavh Ghar Mein Jaye Naye Mehmaan Ho Ya Agar Hum Dekhen Kaise Foreign Ke Log Aaye Hamare Desh Mein Koi Bhi Nayi Cheez Ho Hum Bhartiya Bade Hi Dhumadham Se Ekdam Positive Aatma Sharir Se Banate Hain Jo Ki Bahut Hi Acchi Baat Hai
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देखिए भारत देश जो है अलग-अलग संस्कृतियों का देश है इसमें जो है ऐसा कहा जाता है कि हर लगभग 10 किलोमीटर में एक एक नया जो है संस्कृति आपको देखने में भी एक नया सीखने को मिलता है भारत में अपने हिसाब से अपन...जवाब पढ़िये
देखिए भारत देश जो है अलग-अलग संस्कृतियों का देश है इसमें जो है ऐसा कहा जाता है कि हर लगभग 10 किलोमीटर में एक एक नया जो है संस्कृति आपको देखने में भी एक नया सीखने को मिलता है भारत में अपने हिसाब से अपने त्योहार पर हम सब मिलकर एक ही देश में रहते हैं सारे कल्चर वाले मिलकर सारे संस्कृतियां वाले अलग-अलग संस्कृति की है कि देश में रहते भारत और अभी काम नौकरी के वजह से पढ़ाई लिखाई के वजह से तो हर शब्द कल चर्च के लोग अलग-अलग जगह से 1 बड़े बड़े शहरों में ही खड़ा हो जाते अपने काम के लिए तो हम सब मिलकर एक ही शहर में रहते हैं तो सब अपने यह बहुत अच्छी बात है कि सब अपने अपने कल्चर की जो है इज्जत करते हैं अलग-अलग संस्कृतियों की अपने पैसों की इज्जत करते हैं तो उसने अगर वह इज्जत कर रहे हैं तो सारे त्यौहार भी धूमधाम से ही मनाएंगे हर धर्म का त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है भारत मेंDekhie Bharat Desh Jo Hai Alag Alag Sanskritiyo Ka Desh Hai Isme Jo Hai Aisa Kaha Jata Hai Ki Har Lagbhag 10 Kilometre Mein Ek Ek Naya Jo Hai Sanskriti Aapko Dekhne Mein Bhi Ek Naya Seekhne Ko Milta Hai Bharat Mein Apne Hisab Se Apne Tyohaar Par Hum Sab Milkar Ek Hi Desh Mein Rehte Hain Sare Culture Wale Milkar Sare Sanskritiyan Wale Alag Alag Sanskriti Ki Hai Ki Desh Mein Rehte Bharat Aur Abhi Kaam Naukri Ke Wajah Se Padhai Likhai Ke Wajah Se To Har Shabdh Kal Church Ke Log Alag Alag Jagah Se 1 Bade Bade Shaharon Mein Hi Khada Ho Jaate Apne Kaam Ke Liye To Hum Sab Milkar Ek Hi Sheher Mein Rehte Hain To Sab Apne Yeh Bahut Acchi Baat Hai Ki Sab Apne Apne Culture Ki Jo Hai Izzat Karte Hain Alag Alag Sanskritiyo Ki Apne Paison Ki Izzat Karte Hain To Usne Agar Wah Izzat Kar Rahe Hain To Sare Tyohar Bhi Dhumadham Se Hi Manaenge Har Dharm Ka Tyohaar Ko Dhumadham Se Manaya Jata Hai Bharat Mein
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मुकेश रावल आपका बिल्कुल सही है निर्मल जी से बात कर लो घर पर ज्यादा धूमधाम से क्यों मनाते हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की संस्कृति रही है भारत का इतिहास रहा है कि हम पांच लोग जो है वह सारी खुशियां जो ...जवाब पढ़िये
मुकेश रावल आपका बिल्कुल सही है निर्मल जी से बात कर लो घर पर ज्यादा धूमधाम से क्यों मनाते हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की संस्कृति रही है भारत का इतिहास रहा है कि हम पांच लोग जो है वह सारी खुशियां जो है वह मिल बांट के बनाते हैं मिठाइयां बांटते हैं पटाखे फोड़ते हैं रंगों से खेलते हैं चाहे वह तो हर कोई सा भी हो होली होती वाली है किस्मत होगी यारो हम सब लोग जो है वह खुशियों को आपस में बात है और और एक दूसरे की केयर करते हुए एक दूसरे के साथ मिलकर हम लोग पीते हैं हैं और जीते रहेंगे तो मतलब आपने यह कहावत अगर आपके पास कोई भी चीज ज्यादा से ज्यादा तो उसको दूसरे के साथ शेयर करें यही कि हम लोग आपस में रहते हैं यह दुनिया में आप कौन सी कंट्री नहीं देखी होगी जिसमें जो त्यौहार महाभारत के रचयिता धूमधाम से मनाते हैं और और अब किसी भी कंट्री को दुनिया के भारत से कंपेयर करके देख लीजिए आपको किसी भी कंट्री में भारत से ज्यादा हॉलिडे नंबर नहीं दोगे भारत में ही थे फेस्टिवल होते हैं कि हम को इतने सारे हॉलीडे भारत में मिला थाMukesh Raval Aapka Bilkul Sahi Hai Nirmal Ji Se Baat Kar Lo Ghar Par Jyada Dhumadham Se Kyun Manate Hain Aisa Isliye Hai Kyonki Bharat Ki Sanskriti Rahi Hai Bharat Ka Itihas Raha Hai Ki Hum Paanch Log Jo Hai Wah Saree Khushiyan Jo Hai Wah Mil Baant Ke Banate Hain Mithaiyan Bantate Hain Patakhe Fodte Hain Rangon Se Khelte Hain Chahe Wah To Har Koi Sa Bhi Ho Holi Hoti Wali Hai Kismat Hogi Yaro Hum Sab Log Jo Hai Wah Khushiyon Ko Aapas Mein Baat Hai Aur Aur Ek Dusre Ki Care Karte Hue Ek Dusre Ke Saath Milkar Hum Log Pite Hain Hain Aur Jeete Rahenge To Matlab Aapne Yeh Kahaavat Agar Aapke Paas Koi Bhi Cheez Jyada Se Jyada To Usko Dusre Ke Saath Share Karen Yahi Ki Hum Log Aapas Mein Rehte Hain Yeh Duniya Mein Aap Kaun Si Country Nahi Dekhi Hogi Jisme Jo Tyohar Mahabharat Ke Rachayita Dhumadham Se Manate Hain Aur Aur Ab Kisi Bhi Country Ko Duniya Ke Bharat Se Kampeyar Karke Dekh Lijiye Aapko Kisi Bhi Country Mein Bharat Se Jyada Holiday Number Nahi Doge Bharat Mein Hi The Festival Hote Hain Ki Hum Ko Itne Sare Hollyday Bharat Mein Mila Tha
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