ISRO की नई खोज क्या है? ...

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अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले विकास में केरोसिन तेल का इस्तेमाल इसरो की नई खोज है सेमी क्रायोजेनिक इंजन के लिए केरोसिन तेल के इस्तेमाल को लेकर स्कूल लंबे समय से काम कर रहा था क...
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अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले विकास में केरोसिन तेल का इस्तेमाल इसरो की नई खोज है सेमी क्रायोजेनिक इंजन के लिए केरोसिन तेल के इस्तेमाल को लेकर स्कूल लंबे समय से काम कर रहा था कि रुसी से पहले इन विकास में जिस इंधन का इस्तेमाल होता है उसका विकास लॉन्च करने में समस्या पेश आ रही थी इसलिए विकल्प के तौर पर केरोसिन के इस्तेमाल पर विचार किया गया फिलहाल इस में खाता कामयाबी मिल चुकी है लेकिन अंतिम नतीजों पर अध्ययन जारी है विकास को लॉन्च करने के लिए मौजूदा तेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण होता था जिसे माइनस 22 डिग्री तापमान पर जम आकर्षित किया जाता था अब केरोसिन के इस्तेमाल पर खोज जारी है और इस ओके रिपोर्ट के मुताबिक अगर योजना के अनुसार इसमें पूरी कामयाबी मिली तो 2021 में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगाAntariksh Mein Satellite Bhejne Ke Liye Istemal Hone Wale Vikash Mein Kerosene Tel Ka Istemal Isro Ki Nayi Khoj Hai Semi Cryogenic Engine Ke Liye Kerosene Tel Ke Istemal Ko Lekar School Lambe Samay Se Kaam Kar Raha Tha Ki Rusi Se Pehle In Vikash Mein Jis Indhan Ka Istemal Hota Hai Uska Vikash Launch Karne Mein Samasya Pesh Aa Rahi Thi Isliye Vikalp Ke Taur Par Kerosene Ke Istemal Par Vichar Kiya Gaya Filhal Is Mein Khaata Kamyabi Mil Chuki Hai Lekin Antim Nateezon Par Adhyayan Jaari Hai Vikash Ko Launch Karne Ke Liye Maujuda Tel Hydrogen Aur Oxygen Ka Mishran Hota Tha Jise Minus 22 Degree Taapman Par Jam Aakarshit Kiya Jata Tha Ab Kerosene Ke Istemal Par Khoj Jaari Hai Aur Is Ok Report Ke Mutabik Agar Yojana Ke Anusar Isme Puri Kamyabi Mili To 2021 Mein Iska Istemal Kiya Ja Sakega
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सर इसरो की नई खोज यह है कि वह ऐसे सैटेलाइट लॉन्च करने वाले हैं जिसे देश की निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया है बेंगलुरु की अल्फा डिज़ाइन टेक्नोलॉजी ने नाविक नाम से एक उपग्रह तैयार किया है जिससे देसी ज...
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सर इसरो की नई खोज यह है कि वह ऐसे सैटेलाइट लॉन्च करने वाले हैं जिसे देश की निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया है बेंगलुरु की अल्फा डिज़ाइन टेक्नोलॉजी ने नाविक नाम से एक उपग्रह तैयार किया है जिससे देसी जीपीएस की क्षमता बढ़ेगीSar Isro Ki Nayi Khoj Yeh Hai Ki Wah Aise Satellite Launch Karne Wale Hain Jise Desh Ki Niji Kshetra Ne Milkar Taiyaar Kiya Hai Bengaluru Ki Alpha Design Technology Ne Navik Naam Se Ek Upgrah Taiyaar Kiya Hai Jisse Desi GPS Ki Kshamta Badhegi
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जो सबसे लेटेस्ट प्रोजेक्टर फिर खोज क्या है DJ स्ट्रोक योगी चंद्रयान-2 जोकि मार्च 2018 को होने की उम्मीद की जा रहे हैं यह जो ऑप्शन है यह लो और भारत से सेटेलाइट चांद पर भेजने की तैयारी कर ली है ऐसा नहीं...
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जो सबसे लेटेस्ट प्रोजेक्टर फिर खोज क्या है DJ स्ट्रोक योगी चंद्रयान-2 जोकि मार्च 2018 को होने की उम्मीद की जा रहे हैं यह जो ऑप्शन है यह लो और भारत से सेटेलाइट चांद पर भेजने की तैयारी कर ली है ऐसा नहीं कि पहली बार भारत भेज रही है यहां से पहचानती से पहले भी चंद्रयान-1 हो चुका है और भारत ने भेजा है पर वह किसी से कामयाब नहीं हो पाई कई कारणों की वजह से और जो सेट लाइट है वह क्लास कर गई और चांद पर ही पर इस मिशन से लोग बहुत उम्मीदें हैं यह बहुत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है भारत की तरफ से और जोर आखिरी बार का अगर किसी देश ने अपने सेट लाइट भेजी थी चांद से होती चाइना तो जो कि 2013 में भेजी थी तो इस बार 2018 में इस प्रोजेक्ट से भारत को बहुत सारी उम्मीदें हैं और काफी सारी रिसर्च से जुड़ी हुई है तो यह काफी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट और खोज इसरो की मारी जा रही है अभीJo Sabse Latest Projector Phir Khoj Kya Hai DJ Stroke Yogi Chandrayan Joki March 2018 Ko Hone Ki Ummid Ki Ja Rahe Hain Yeh Jo Option Hai Yeh Lo Aur Bharat Se Satellite Chand Par Bhejne Ki Taiyari Kar Lee Hai Aisa Nahi Ki Pehli Baar Bharat Bhej Rahi Hai Yahan Se Pahachaanati Se Pehle Bhi Chandrayan Ho Chuka Hai Aur Bharat Ne Bheja Hai Par Wah Kisi Se Kamyab Nahi Ho Payi Kai Kaarno Ki Wajah Se Aur Jo Set Light Hai Wah Class Kar Gayi Aur Chand Par Hi Par Is Mission Se Log Bahut Ummeden Hain Yeh Bahut Mahatvapurna Project Mana Ja Raha Hai Bharat Ki Taraf Se Aur Jor Aakhiri Baar Ka Agar Kisi Desh Ne Apne Set Light Bheji Thi Chand Se Hoti China To Jo Ki 2013 Mein Bheji Thi To Is Baar 2018 Mein Is Project Se Bharat Ko Bahut Saree Ummeden Hain Aur Kafi Saree Research Se Judi Hui Hai To Yeh Kafi Mahatvapurna Project Aur Khoj Isro Ki Mari Ja Rahi Hai Abhi
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देखिए शुरू जो है इस समय है मौजूदा स्थिति में छोटी-छोटी सेटेलाइट कि वह कल बना रही है जिससे की सेटेलाइट को लॉन्च किया जा सके छोटी-छोटी सेटेलाइट से जो सस्ते में तैयार हो जाए और दूसरी एक मौजूदा स्थिति में...
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देखिए शुरू जो है इस समय है मौजूदा स्थिति में छोटी-छोटी सेटेलाइट कि वह कल बना रही है जिससे की सेटेलाइट को लॉन्च किया जा सके छोटी-छोटी सेटेलाइट से जो सस्ते में तैयार हो जाए और दूसरी एक मौजूदा स्थिति में इसरो जो है नई सोच नई प्लानिंग कर रही है एक सोलर मिशन की तैयारी कर रहा है इसमें जो 2019 में होगा आदित्य 11 नाम से आदित्य एल-1 एक सैटेलाइट 15 किलो के लगभग जैसे सूरज के पास सूरज की टंकी स्टडी करने के लिए भेजा जाएगा एक हेलो और पेट के अंदर हेलो और बेटी एक पॉइंट होता है तन और अर्थ के बीच में तो वहां पर जाकर वह सेटेलाइट जो है होगी कुछ मिलियंस किलोमीटर समझे और वहां पर हो स्टडी करेगी संघ के बारे में डिटेलDekhie Shuru Jo Hai Is Samay Hai Maujuda Sthiti Mein Choti Choti Satellite Ki Wah Kal Bana Rahi Hai Jisse Ki Satellite Ko Launch Kiya Ja Sake Choti Choti Satellite Se Jo Saste Mein Taiyaar Ho Jaye Aur Dusri Ek Maujuda Sthiti Mein Isro Jo Hai Nayi Soch Nayi Planning Kar Rahi Hai Ek Solar Mission Ki Taiyari Kar Raha Hai Isme Jo 2019 Mein Hoga Aditya 11 Naam Se Aditya El Ek Satellite 15 Kilo Ke Lagbhag Jaise Suraj Ke Paas Suraj Ki Tanki Study Karne Ke Liye Bheja Jayega Ek Hello Aur Pet Ke Andar Hello Aur Beti Ek Point Hota Hai Tan Aur Arth Ke Beech Mein To Wahan Par Jaakar Wah Satellite Jo Hai Hogi Kuch Miliyans Kilometre Samjhe Aur Wahan Par Ho Study Karegi Sangh Ke Baare Mein Detail
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ऐश्वर्या ने इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन जो इस समय छोटी-छोटी सेटेलाइट क्या बनाने की तैयारी कर रहा है सस्ती और छोटी सैटेलाइट अंतरिक्ष में जा सके और एक बड़ी तौर पर एक मिशन की तैयारी कर रहा है जो एक्...
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ऐश्वर्या ने इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन जो इस समय छोटी-छोटी सेटेलाइट क्या बनाने की तैयारी कर रहा है सस्ती और छोटी सैटेलाइट अंतरिक्ष में जा सके और एक बड़ी तौर पर एक मिशन की तैयारी कर रहा है जो एक्शन की स्टडी सूर्य की स्टडी के लिए आदित्य 23:00 पर कक्षा 8 लाइट को भेजने की तैयारी कर रहा है जो साल 2019 लांच होने के लिए तैयारी की जा रही हैAishwarya Ne Indian Space Research Organisation Jo Is Samay Choti Choti Satellite Kya Banane Ki Taiyari Kar Raha Hai Sasti Aur Choti Satellite Antariksh Mein Ja Sake Aur Ek Badi Taur Par Ek Mission Ki Taiyari Kar Raha Hai Jo Action Ki Study Surya Ki Study Ke Liye Aditya 23:00 Par Kaksha 8 Light Ko Bhejne Ki Taiyari Kar Raha Hai Jo Saal 2019 Launch Hone Ke Liye Taiyari Ki Ja Rahi Hai
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