वित्तीय बिल कैसे पास होता है व्याख्या करें? ...

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वित्त विधेयक चीनी फिनांशल बेल का प्रस्ताव सदन में पेश किया जाता है प्रस्ताव पर चयन समिति समीक्षा करती है समीक्षा करने के बाद विधायक को दोबारा सदन में पेश किया जाता है वित्त विधेयक पर संसद पूरा अख्तिया...
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वित्त विधेयक चीनी फिनांशल बेल का प्रस्ताव सदन में पेश किया जाता है प्रस्ताव पर चयन समिति समीक्षा करती है समीक्षा करने के बाद विधायक को दोबारा सदन में पेश किया जाता है वित्त विधेयक पर संसद पूरा अख्तियार लोकसभा का होता है या नहीं वित्त विधेयक अकेला एक ऐसा विधायक है जिसे राज्यसभा की मंजूरी की जरूरत नहीं होती हनन की राज्यसभा में इस पर चर्चा ज़रूर होती है चर्चा के अलावा इसके पास और कोई अधिकार नहीं है प्रस्ताव का विरोध नहीं कर सकती का सुझाव दे सकती है लेकिन लोकसभा के पास राज्यसभा के सुझाव को माने न माने या उस में कटौती करने का पूरा अधिकार होता है इसलिए वित्त विधेयक संसद में पेश होते ही लागू मान लिया जाता है हालांकि नियम के अनुसार पेश किए जाने के 75 दिन के अंदर सदन से बारिश हो जाना चाहिए और उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल जाना चाहिएVitt Vidhayak Chini Finanshal Bell Ka Prastaav Sadan Mein Pesh Kiya Jata Hai Prastaav Par Chayan Samiti Samiksha Karti Hai Samiksha Karne Ke Baad Vidhayak Ko Dobara Sadan Mein Pesh Kiya Jata Hai Vitt Vidhayak Par Sansad Pura Akhtiyar Lok Sabha Ka Hota Hai Ya Nahi Vitt Vidhayak Akela Ek Aisa Vidhayak Hai Jise Rajya Sabha Ki Manjuri Ki Zaroorat Nahi Hoti Hanan Ki Rajya Sabha Mein Is Par Charcha Jarur Hoti Hai Charcha Ke Alava Iske Paas Aur Koi Adhikaar Nahi Hai Prastaav Ka Virodh Nahi Kar Sakti Ka Sujhaav De Sakti Hai Lekin Lok Sabha Ke Paas Rajya Sabha Ke Sujhaav Ko Mane N Mane Ya Us Mein Katauti Karne Ka Pura Adhikaar Hota Hai Isliye Vitt Vidhayak Sansad Mein Pesh Hote Hi Laagu Maan Liya Jata Hai Halanki Niyam Ke Anusar Pesh Kiye Jaane Ke 75 Din Ke Andar Sadan Se Barish Ho Jana Chahiye Aur Use Rashtrapati Ki Swikriti Mil Jana Chahiye
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इडली विधि बल ऐसी विधि को कहते हैं जो आय और व्यय से संबंधित होते हैं इसमें क्या होता है कि जो आने वाले साल में नए प्रकार के कैसे कर लगानी है या किसी को पता के घर में संशोधन करना है यह इन सबी आदि इस इस ...
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इडली विधि बल ऐसी विधि को कहते हैं जो आय और व्यय से संबंधित होते हैं इसमें क्या होता है कि जो आने वाले साल में नए प्रकार के कैसे कर लगानी है या किसी को पता के घर में संशोधन करना है यह इन सबी आदि इस इस इस इस जो चीजें हैं ना वह इन सब चीजों में मतलब इस बिल में शामिल होते हैं यह बिल द्वितीय पठन के बाद जो भी बिल बनाते हैं ना उसको दफन करने के बाद प्रवर समिति को भेजा जाता है और फिर यह समिति जो है इससे टेबल का जो है समीक्षा करती है इसमें जो भी एडिशनल सेशन करना था वह करती है उसके बाद उसको दोबारा सदन में पेश करते हैं उसके बाद यह जो सदन में पेश होता है उसके बाद ही लागू हुआ माना जाता है बेसिकली यह जब यह बजट के बाद स्कोर रखा जाता है इसके जाता हैIdli Vidhi Bal Aisi Vidhi Ko Kehte Hain Jo Aay Aur Vyay Se Sambandhit Hote Hain Isme Kya Hota Hai Ki Jo Aane Wale Saal Mein Naye Prakar Ke Kaise Kar Lagaani Hai Ya Kisi Ko Pata Ke Ghar Mein Sanshodhan Karna Hai Yeh In Sabi Aadi Is Is Is Is Jo Cheezen Hain Na Wah In Sab Chijon Mein Matlab Is Bill Mein Shamil Hote Hain Yeh Bill Dvitiya Pathan Ke Baad Jo Bhi Bill Banate Hain Na Usko Dafan Karne Ke Baad Pravara Samiti Ko Bheja Jata Hai Aur Phir Yeh Samiti Jo Hai Isse Table Ka Jo Hai Samiksha Karti Hai Isme Jo Bhi Additional Session Karna Tha Wah Karti Hai Uske Baad Usko Dobara Sadan Mein Pesh Karte Hain Uske Baad Yeh Jo Sadan Mein Pesh Hota Hai Uske Baad Hi Laagu Hua Mana Jata Hai Basically Yeh Jab Yeh Budget Ke Baad Score Rakha Jata Hai Iske Jata Hai
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लिखे जो वित्तीय बिल होता है उसे देश के फाइनेंस मिनिस्टर जो है वह पार्लिमेंट में रखते हैं और वह बजट के जज्बात रखा जाता है और लोकसभा में पेश किया जाता राज्यसभा में उसके बाद भेजा जाता राजसभा को वही पावर ...
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लिखे जो वित्तीय बिल होता है उसे देश के फाइनेंस मिनिस्टर जो है वह पार्लिमेंट में रखते हैं और वह बजट के जज्बात रखा जाता है और लोकसभा में पेश किया जाता राज्यसभा में उसके बाद भेजा जाता राजसभा को वही पावर नहीं दी गई है राष्ट्रभावना सजेशन दे सकता है उसमें और बाकी वह कोई चेंज चाहता है तो वह मर्जी है लोकसभा कि वह करें ना करें और जो भी होता है उसको लोकसभा मेजोरिटी से पास होना जरुरी होता है यदि नहीं हो पाता है तो प्रूफ करना पड़ेगा जो गवर्नमेंट है उसको अन्यथा सरकार जो है वह भी सकती हैLikhe Jo Vittiy Bill Hota Hai Use Desh Ke Finance Minister Jo Hai Wah Parliment Mein Rakhate Hain Aur Wah Budget Ke Jajbat Rakha Jata Hai Aur Lok Sabha Mein Pesh Kiya Jata Rajya Sabha Mein Uske Baad Bheja Jata Rajyasabha Ko Wahi Power Nahi Di Gayi Hai Rashtrabhavana Suggestion De Sakta Hai Usamen Aur Baki Wah Koi Change Chahta Hai To Wah Marji Hai Lok Sabha Ki Wah Karen Na Karen Aur Jo Bhi Hota Hai Usko Lok Sabha Majority Se Paas Hona Zaroori Hota Hai Yadi Nahi Ho Pata Hai To Proof Karna Padega Jo Government Hai Usko Anyatha Sarkar Jo Hai Wah Bhi Sakti Hai
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वित्तीय बिरयानी विद्या भी देख लेता है वित्त विधेयक में आगामी वित्तीय वर्ष में किसी नए प्रकार के कर लगाने या कर में संशोधन ऐसे आदि विषय शामिल होते हैं यह आया भाई से संबंधित होते हैं यह विधेयक का पास हो...
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वित्तीय बिरयानी विद्या भी देख लेता है वित्त विधेयक में आगामी वित्तीय वर्ष में किसी नए प्रकार के कर लगाने या कर में संशोधन ऐसे आदि विषय शामिल होते हैं यह आया भाई से संबंधित होते हैं यह विधेयक का पास होते समय द्वितीय बार पठन होता है और फिर उसके बाद उसको प्रवर समिति को भेजा जाता है जहां पर विधायक की पूरी समीक्षा करते हैं और फिर उसके बाद में सदन में पेश किया जाता है फिर कहां जा कर यह वित्तीय विधेयक लागू हुआ यह माना जाता है देखा जाए तो अब इस विधेयक को विरोध नहीं किया जा सकता और फिर यह विधेयक मतदान के लिए रखा जाता है यह रोल है कि यह पेश करने के बाद 75 डेस के अंदर यह सदन और राष्ट्रपति से अप्रूव होना चाहिए वैसे यह विधेयक एनुअल बजट पेश करने के बाद लोकसभा में भेजा जाता हैVittiy Biryani Vidya Bhi Dekh Leta Hai Vitt Vidhayak Mein Aagaami Vittiy Varsh Mein Kisi Naye Prakar Ke Kar Lagane Ya Kar Mein Sanshodhan Aise Aadi Vishay Shamil Hote Hain Yeh Aaya Bhai Se Sambandhit Hote Hain Yeh Vidhayak Ka Paas Hote Samay Dvitiya Baar Pathan Hota Hai Aur Phir Uske Baad Usko Pravara Samiti Ko Bheja Jata Hai Jahan Par Vidhayak Ki Puri Samiksha Karte Hain Aur Phir Uske Baad Mein Sadan Mein Pesh Kiya Jata Hai Phir Kahan Ja Kar Yeh Vittiy Vidhayak Laagu Hua Yeh Mana Jata Hai Dekha Jaye To Ab Is Vidhayak Ko Virodh Nahi Kiya Ja Sakta Aur Phir Yeh Vidhayak Matdan Ke Liye Rakha Jata Hai Yeh Roll Hai Ki Yeh Pesh Karne Ke Baad 75 Des Ke Andar Yeh Sadan Aur Rashtrapati Se Apoorav Hona Chahiye Waise Yeh Vidhayak Aanewale Budget Pesh Karne Ke Baad Lok Sabha Mein Bheja Jata Hai
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साधारणता वित्त विधेयक ऐसे विधेयक को कहते हैं जो आए यो यो से संबंधित विधेयक में आग मे वित्तीय वर्ष में किसी नए प्रकार के कर लगाने या कर में संशोधन आदि से संबंधित विषय शामिल होते हैं और वित्त विधेयक पास...
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साधारणता वित्त विधेयक ऐसे विधेयक को कहते हैं जो आए यो यो से संबंधित विधेयक में आग मे वित्तीय वर्ष में किसी नए प्रकार के कर लगाने या कर में संशोधन आदि से संबंधित विषय शामिल होते हैं और वित्त विधेयक पास कैसे होता है वित्त विधेयक द्वितीय पठन के बाद प्रवर समिति को भेजा जाता है प्रवर समिति द्वारा विदेशों की समीक्षा करने के बाद वित्त विधेयक जब दोबारा सदन में पेश किया जाता है उस समय पर विधेयक लागू मान लिया जाता है वित्त विधेयक के प्रस्ताव का विरोध नहीं किया जा सकता और उसे तत्काल मतदान के लिए रखा जाता है इसी पर इसे पेश किए जाने के 75 दिन के अंदर से सन में पारित हो जाना चाहिए तथा उस पर राष्ट्रपति की स्वीकृति भी मिल जाने सामान्य थे यह विधेयक वार्षिक बजट पेश किए जाने के तत्काल बाद लोकसभा में पेश किया जाता है और कुछ कॉल करने वाली बातें यह है लोकसभा अध्यक्ष द्वारा प्रमाणित धन विधेयक लोकसभा के पास होने के बाद आने से भेजा जाता है राज्यसभा धन विधेयक को स्वीकार कर सकती है उसमें कोई संशोधन कर सकती है पर हम अपनी कुछ राय दे सकती है जो लोकसभा चाहे तो स्वीकार करें चाहे तो और स्वीकार करें और यदि धन विधेयक राज्यसभा द्वारा 14 दिन में वापस लौट आया नहीं आया लोकसभा लोकसभा को तो दोनों सदनों द्वारा पारित समझा जाता है और इस तरह से बिल पास हो जाता है और वह बिल लागू किया जाता हैSadharanta Vitt Vidhayak Aise Vidhayak Ko Kehte Hain Jo Aaye Yo Yo Se Sambandhit Vidhayak Mein Aag Me Vittiy Varsh Mein Kisi Naye Prakar Ke Kar Lagane Ya Kar Mein Sanshodhan Aadi Se Sambandhit Vishay Shamil Hote Hain Aur Vitt Vidhayak Paas Kaise Hota Hai Vitt Vidhayak Dvitiya Pathan Ke Baad Pravara Samiti Ko Bheja Jata Hai Pravara Samiti Dwara Videshon Ki Samiksha Karne Ke Baad Vitt Vidhayak Jab Dobara Sadan Mein Pesh Kiya Jata Hai Us Samay Par Vidhayak Laagu Maan Liya Jata Hai Vitt Vidhayak Ke Prastaav Ka Virodh Nahi Kiya Ja Sakta Aur Use Tatkal Matdan Ke Liye Rakha Jata Hai Isi Par Ise Pesh Kiye Jaane Ke 75 Din Ke Andar Se Sun Mein Paarit Ho Jana Chahiye Tatha Us Par Rashtrapati Ki Swikriti Bhi Mil Jaane Samanya The Yeh Vidhayak Vaarshik Budget Pesh Kiye Jaane Ke Tatkal Baad Lok Sabha Mein Pesh Kiya Jata Hai Aur Kuch Call Karne Wali Batein Yeh Hai Lok Sabha Adhyaksh Dwara Pramanit Dhan Vidhayak Lok Sabha Ke Paas Hone Ke Baad Aane Se Bheja Jata Hai Rajya Sabha Dhan Vidhayak Ko Sweekar Kar Sakti Hai Usamen Koi Sanshodhan Kar Sakti Hai Par Hum Apni Kuch Rai De Sakti Hai Jo Lok Sabha Chahe To Sweekar Karen Chahe To Aur Sweekar Karen Aur Yadi Dhan Vidhayak Rajya Sabha Dwara 14 Din Mein Wapas Lot Aaya Nahi Aaya Lok Sabha Lok Sabha Ko To Dono Sadano Dwara Paarit Samjha Jata Hai Aur Is Tarah Se Bill Paas Ho Jata Hai Aur Wah Bill Laagu Kiya Jata Hai
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब से मिला जो फाइनल बिल है वह कब उसे पहले पानी चल मिनिस्टर बनाते हैं और जैसा कि वह लोगों के लिए होता है तो उसे लोकसभा में पेश किया जाता है बजट के बाद और उसके बाद लोकसभा के सारे मेंबर्स उस पर चर्चा करत...
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जब से मिला जो फाइनल बिल है वह कब उसे पहले पानी चल मिनिस्टर बनाते हैं और जैसा कि वह लोगों के लिए होता है तो उसे लोकसभा में पेश किया जाता है बजट के बाद और उसके बाद लोकसभा के सारे मेंबर्स उस पर चर्चा करते हैं उस पर डिबेट होती है और उस हिसाब से एक कप फाइनल डिसीजन होता है बच्चों की डिसीजन होता है फाइनेंसियल मिनिस्टर का मूवी एंड में साबित होता है कि टेबल का काम कैसा होगा जिंहें सजेशन देना है जिन्हे भाई देनी है दे सकते हैं और डिपेंड करता है के गाने चल मिनिस्टर को वर्ड भाई लेनी है कि नहीं और एंड मेकअप जब भी जाहिर किया जाता है तब वह भी तब एलिमेंट होना स्टार्ट हो जाता है और राज्यसभा जो है उसके पास कोई पावर तो होती नहीं है अब टेबल के लिए बट सजेशन दे सकती है लोकसभा के मेंबर्स को या लोकसभा को और और डिपेंड करता है लोकसभा पर कि उन्हें क्या करना है उस कृष्ण को लेना है कि नहीं एंड में जो भी डिसीजन होता है वह लोकसभा में ही होता है और फिर उसे पेमेंट किया जाता हैJab Se Mila Jo Final Bill Hai Wah Kab Use Pehle Pani Chal Minister Banate Hain Aur Jaisa Ki Wah Logon Ke Liye Hota Hai To Use Lok Sabha Mein Pesh Kiya Jata Hai Budget Ke Baad Aur Uske Baad Lok Sabha Ke Sare Members Us Par Charcha Karte Hain Us Par Debate Hoti Hai Aur Us Hisab Se Ek Cup Final Decision Hota Hai Bacchon Ki Decision Hota Hai Financial Minister Ka Movie End Mein Saabit Hota Hai Ki Table Ka Kaam Kaisa Hoga Jinhen Suggestion Dena Hai Jinhe Bhai Deni Hai De Sakte Hain Aur Depend Karta Hai Ke Gaane Chal Minister Ko Word Bhai Leni Hai Ki Nahi Aur End Makeup Jab Bhi Jaahir Kiya Jata Hai Tab Wah Bhi Tab Element Hona Start Ho Jata Hai Aur Rajya Sabha Jo Hai Uske Paas Koi Power To Hoti Nahi Hai Ab Table Ke Liye But Suggestion De Sakti Hai Lok Sabha Ke Members Ko Ya Lok Sabha Ko Aur Aur Depend Karta Hai Lok Sabha Par Ki Unhen Kya Karna Hai Us Krishan Ko Lena Hai Ki Nahi End Mein Jo Bhi Decision Hota Hai Wah Lok Sabha Mein Hi Hota Hai Aur Phir Use Payment Kiya Jata Hai
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