महाभारत में अर्जुन के पौत्र का नाम क्या था? ...

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क्या यह सही है कि भगवान शिव भी भगवान राम से उनके भक्त रावण को नहीं बचा सकते थे? ...

आप का सवाल है क्या यह सही है कि भगवान शिव जी भगवान राम से उनके भक्त रावण को नहीं बचा सकते थे रावण ने बहुत मेहनत किया था शिव तांडव स्त्रोत का उसने निर्माण किया था और उसने भगवान शिव को प्रसन्न किया था जवाब पढ़िये
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अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था अभिमन्यु महाभारत के नायक अर्जुन और सुभद्रा जबल राम व कृष्ण की बहन जी के पुत्र थे उन्हें चंद्र गुप्ता का पुत्र भी माना जाता था धारणा है कि समस्त देवताओं ने अपने पुत्रों का अवतार रूप में धरती पर भेजा था परंतु चंद्रदेव ने कहा कि वह अपने पुत्र का भुगतान नहीं कर सकते आता उनके पुत्र को मानव जवानी में मात्र 16 वर्ष की आयु दी गई
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अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था अभिमन्यु महाभारत के नायक अर्जुन और सुभद्रा जबल राम व कृष्ण की बहन जी के पुत्र थे उन्हें चंद्र गुप्ता का पुत्र भी माना जाता था धारणा है कि समस्त देवताओं ने अपने पुत्रों का अवतार रूप में धरती पर भेजा था परंतु चंद्रदेव ने कहा कि वह अपने पुत्र का भुगतान नहीं कर सकते आता उनके पुत्र को मानव जवानी में मात्र 16 वर्ष की आयु दी गईArjun Ke Putr Ka Naam Abhimanyu Tha Abhimanyu Mahabharat Ke Nayak Arjun Aur Subhadra Jabla Ram V Krishan Ki Behen G Ke Putr The Unhen Chandra Gupta Ka Putr Bhi Mana Jata Tha Dharan Hai Ki Samast Devatao Ne Apne Putron Ka Avatar Roop Mein Dharti Par Bheja Tha Parantu Chandradev Ne Kaha Ki Wah Apne Putr Ka Bhugtan Nahi Kar Sakte Aata Unke Putr Ko Manav Jawaani Mein Matra 16 Varsh Ki Aayu Di Gayi
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अर्जुन महाभारत के मुख्य पात्र हैं महाराज पांडु एवं राम रानी कुंती के बाद तीसरे पुत्र थे जो पति कृष्णा और बलराम की बहन सुभद्रा नागकन्या उलूपी और मणिपुर नरेश की पुत्री चित्रांगदा इन की पत्नियां थी महर्षि वेदव्यास के कहने पर पांडव माता कुंती के साथ पांचाल चले गए थे वह और जहां राजा द्रुपद की कन्या तिरुपति का स्वयंवर चल रहा था अर्जुन वहां ब्राह्मण के वेश में गए थे और देखा कि महासभा लगी है पूरे भारत से राजकुमार आए थे परंतु कोई भी लक्ष्य भेद नहीं पा रहा था तब अर्जुन ने लक्ष्य भेदने के पश्चात था पति को जीता था जो पति से इनका पुत्र श्री कर्मा हुआ जिससे जिससे अश्वत्थामा ने मारा सुभद्रा भगवान कृष्ण के पिता बलराम की बहन थी जिसे कृष्ण के कहने पर अर्जुन द्वारिका से भगा ले गए थे सुभद्रा से इनका अभिमन्यु नामक पुत्र हुआ जो कुरुक्षेत्र युद्ध में मारा गया इनके दोनों पुत्र वीरगति को प्राप्त हुए थे अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित ने इन का वंश आगे बढ़ाया था
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अर्जुन महाभारत के मुख्य पात्र हैं महाराज पांडु एवं राम रानी कुंती के बाद तीसरे पुत्र थे जो पति कृष्णा और बलराम की बहन सुभद्रा नागकन्या उलूपी और मणिपुर नरेश की पुत्री चित्रांगदा इन की पत्नियां थी महर्षि वेदव्यास के कहने पर पांडव माता कुंती के साथ पांचाल चले गए थे वह और जहां राजा द्रुपद की कन्या तिरुपति का स्वयंवर चल रहा था अर्जुन वहां ब्राह्मण के वेश में गए थे और देखा कि महासभा लगी है पूरे भारत से राजकुमार आए थे परंतु कोई भी लक्ष्य भेद नहीं पा रहा था तब अर्जुन ने लक्ष्य भेदने के पश्चात था पति को जीता था जो पति से इनका पुत्र श्री कर्मा हुआ जिससे जिससे अश्वत्थामा ने मारा सुभद्रा भगवान कृष्ण के पिता बलराम की बहन थी जिसे कृष्ण के कहने पर अर्जुन द्वारिका से भगा ले गए थे सुभद्रा से इनका अभिमन्यु नामक पुत्र हुआ जो कुरुक्षेत्र युद्ध में मारा गया इनके दोनों पुत्र वीरगति को प्राप्त हुए थे अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित ने इन का वंश आगे बढ़ाया थाArjun Mahabharat Ke Mukhya Patra Hain Maharaj Pandu Evam Ram Rani Kuntee Ke Baad Tisare Putr The Jo Pati Krishna Aur Balaram Ki Behen Subhadra Naagkanya Uloopi Aur Manipur Naresh Ki Putri Chintajanak In Ki Patniyaan Thi Maharshi Vedvyas Ke Kehne Par Pandav Mata Kuntee Ke Saath Panchal Chale Gaye The Wah Aur Jahan Raja Drupad Ki Kanya Tirupati Ka Swayamver Chal Raha Tha Arjun Wahan Brahman Ke Vesh Mein Gaye The Aur Dekha Ki Mahasabha Lagi Hai Poore Bharat Se Rajkumar Aaye The Parantu Koi Bhi Lakshya Bhed Nahi Pa Raha Tha Tab Arjun Ne Lakshya Bhedane Ke Pashchat Tha Pati Ko Jita Tha Jo Pati Se Inka Putr Shri Kamra Hua Jisse Jisse Ashvatthaama Ne Mara Subhadra Bhagwan Krishan Ke Pita Balaram Ki Behen Thi Jise Krishan Ke Kehne Par Arjun Dwarika Se Bhaga Le Gaye The Subhadra Se Inka Abhimanyu Namak Putr Hua Jo Kurukshetra Yudh Mein Mara Gaya Inke Dono Putr Viragati Ko Prapt Huye The Abhimanyu Ke Putr Parikshit Ne In Ka Vansh Aage Badhaya Tha
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जी महाभारत में अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था जो जूली के चक्रव्यूह में फस गया और वहीं पर जो है उनकी जो है डेथ हो गई बड़ी अच्छी कैरेक्टर है कि बड़ा छछूंदर उनको अंदर जाना तो मालूम है लेकिन वहां से बाहर नहीं निकल पाते और उनके खिलाफ जो है वह सिर्फ 16 साल की उम्र में अपने प्राण गवा बैठे क्योंकि सारे जो विरुद्ध उनके ओपन एंड से उनको चारों तरफ से उनको घेर लिया जो कि उनकी सौतन फिर भी हुआ चीज सब एक ही दिखी महाभारत में ऐसा बैटल फील्ड में क्या होता है कि आप एक के खिलाफ एक लड़ सकते डुअल हो सकता है लेकिन जब आप चारों के खिलाफ लड़ेंगे तू चीज है जो अंतर हो जाती है तो अभिमन्यु की मौत ऐसी हुई और वह जो है अर्जुन के पुत्र कहलाए जाते हैं
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जी महाभारत में अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था जो जूली के चक्रव्यूह में फस गया और वहीं पर जो है उनकी जो है डेथ हो गई बड़ी अच्छी कैरेक्टर है कि बड़ा छछूंदर उनको अंदर जाना तो मालूम है लेकिन वहां से बाहर नहीं निकल पाते और उनके खिलाफ जो है वह सिर्फ 16 साल की उम्र में अपने प्राण गवा बैठे क्योंकि सारे जो विरुद्ध उनके ओपन एंड से उनको चारों तरफ से उनको घेर लिया जो कि उनकी सौतन फिर भी हुआ चीज सब एक ही दिखी महाभारत में ऐसा बैटल फील्ड में क्या होता है कि आप एक के खिलाफ एक लड़ सकते डुअल हो सकता है लेकिन जब आप चारों के खिलाफ लड़ेंगे तू चीज है जो अंतर हो जाती है तो अभिमन्यु की मौत ऐसी हुई और वह जो है अर्जुन के पुत्र कहलाए जाते हैंG Mahabharat Mein Arjun Ke Putr Ka Naam Abhimanyu Tha Jo Julie Ke Chakravyooh Mein Fas Gaya Aur Wahin Par Jo Hai Unki Jo Hai Death Ho Gayi Badi Acchi Character Hai Ki Bada Chhachhundar Unko Andar Jana To Maloom Hai Lekin Wahan Se Bahar Nahi Nikal Paate Aur Unke Khilaf Jo Hai Wah Sirf 16 Saal Ki Umar Mein Apne Praan Gawa Baithey Kyonki Sare Jo Viruddha Unke Open End Se Unko Charo Taraf Se Unko Gher Liya Jo Ki Unki Sotan Phir Bhi Hua Cheez Sab Ek Hi Dikhi Mahabharat Mein Aisa Battle Field Mein Kya Hota Hai Ki Aap Ek Ke Khilaf Ek Lad Sakte Dual Ho Sakta Hai Lekin Jab Aap Charo Ke Khilaf Ladenge Tu Cheez Hai Jo Antar Ho Jati Hai To Abhimanyu Ki Maut Aisi Hui Aur Wah Jo Hai Arjun Ke Putr Kahalae Jaate Hain
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महाभारत में अर्जुन के पुत्र का नाम परीक्षित था जो अभिमन्यु का बेटा था
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महाभारत में अर्जुन के पुत्र का नाम परीक्षित था जो अभिमन्यु का बेटा थाMahabharat Mein Arjun Ke Putr Ka Naam Parikshit Tha Jo Abhimanyu Ka Beta Tha
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