भारतीय पुलिस इतना भ्रस्ट क्यों है? ये आम आदमी की सुरक्षा के लिए है लेकिन लोग डरते क्यों ? ...

यह बात सही है कि भारतीय पुलिस बहुत भ्रष्ट है, लेकिन यह बात भी सही है कि भारतीय पुलिस को जिस कंडीशन में काम करना पड़ता है ,उस कंडीशन में मैं नहीं समझता कि दुनिया की और देशों की खास और विकसित देशों की पुलिस में काम करना पड़ता है l हमारे यहां पुलिस पर सबसे पुराने टाइप के वेपन्स है l हमारे यहां पर पुलिस जो काम करती है ,उसकी जो कंडीशन है बहुत ही बत्थर है l उनके ड्यूटी की कोई आवर्स नहीं है l १२ घंटे, २४ घंटे काम करना, छुट्टी ना मिलना और उनको कोई इंसेंटिव नहीं है, कोई उनके अच्छे काम का कोई रिवॉर्ड नहीं है, ना उनके कोई फ़ास्ट प्रमोशन है और यह सारी चीजें जो है इस तरीके से विकृत कर चुकी हैं भारतीय पुलिस सिस्टम को कि, वहां पर आदमी थोड़े दिनों के अंदर जाने के बाद भी उसकी पूरी मानसिकता जो है विकृत हो जाती है, क्योंकि आपने कोई भी लीगल उसको जो है बेनिफिट नहीं दिया हुआ है l उसको अगर किसी आदमी को हम ८ घंटे सरकारी ऑफिस में काम कराते हैं और अगर हम उसको ज्यादा रोकते हैं १२ घंटे काम कराते हैं, सैटरडे- संडे बुलाते हैं, तो हम उसको ओवरटाइम देते हैं l लेकिन पुलिस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है l वो एक बंधुआ मजदूर की तरह मानते हैं लोग उनको , जो मर्जी हो से काम करा लो l जितना काम करा लो और उनको कोई भी पैसा ना दो, तो जब उनको हम बुरी तरीके से प्रताड़ित करते हैं, उनको हम बुरी तरीके से ट्रीट करते हैं, तो वह उसी तरीके से जनता को ट्रीट करते हैं l तो अगर हमें पुलिस को सुधारना है तो, सबसे पहले पुलिस की जो लोग हैं, उनको हमें अच्छी तरीके से ट्रीट करना पड़ेगा, अच्छी तरीके से ट्रेनिंग देनी पड़ेगी l जब हम उनके साथ अच्छा व्यवहार करेंगे, तभी वह आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे l

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यह बात सही है कि भारतीय पुलिस बहुत भ्रष्ट है, लेकिन यह बात भी सही है कि भारतीय पुलिस को जिस कंडीशन में काम करना पड़ता है ,उस कंडीशन में मैं नहीं समझता कि दुनिया की और देशों की खास और विकसित देशों की पुलिस में काम करना पड़ता है l हमारे यहां पुलिस पर सबसे पुराने टाइप के वेपन्स है l हमारे यहां पर पुलिस जो काम करती है ,उसकी जो कंडीशन है बहुत ही बत्थर है l उनके ड्यूटी की कोई आवर्स नहीं है l १२ घंटे, २४ घंटे काम करना, छुट्टी ना मिलना और उनको कोई इंसेंटिव नहीं है, कोई उनके अच्छे काम का कोई रिवॉर्ड नहीं है, ना उनके कोई फ़ास्ट प्रमोशन है और यह सारी चीजें जो है इस तरीके से विकृत कर चुकी हैं भारतीय पुलिस सिस्टम को कि, वहां पर आदमी थोड़े दिनों के अंदर जाने के बाद भी उसकी पूरी मानसिकता जो है विकृत हो जाती है, क्योंकि आपने कोई भी लीगल उसको जो है बेनिफिट नहीं दिया हुआ है l उसको अगर किसी आदमी को हम ८ घंटे सरकारी ऑफिस में काम कराते हैं और अगर हम उसको ज्यादा रोकते हैं १२ घंटे काम कराते हैं, सैटरडे- संडे बुलाते हैं, तो हम उसको ओवरटाइम देते हैं l लेकिन पुलिस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है l वो एक बंधुआ मजदूर की तरह मानते हैं लोग उनको , जो मर्जी हो से काम करा लो l जितना काम करा लो और उनको कोई भी पैसा ना दो, तो जब उनको हम बुरी तरीके से प्रताड़ित करते हैं, उनको हम बुरी तरीके से ट्रीट करते हैं, तो वह उसी तरीके से जनता को ट्रीट करते हैं l तो अगर हमें पुलिस को सुधारना है तो, सबसे पहले पुलिस की जो लोग हैं, उनको हमें अच्छी तरीके से ट्रीट करना पड़ेगा, अच्छी तरीके से ट्रेनिंग देनी पड़ेगी l जब हम उनके साथ अच्छा व्यवहार करेंगे, तभी वह आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे l Yeh Baat Sahi Hai Ki Bhartiya Police Bahut Bhrasht Hai Lekin Yeh Baat Bhi Sahi Hai Ki Bhartiya Police Ko Jis Condition Mein Kaam Karna Padata Hai Us Condition Mein Main Nahi Samajhata Ki Duniya Ki Aur Deshon Ki Khas Aur Viksit Deshon Ki Police Mein Kaam Karna Padata Hai L Hamare Yahan Police Par Sabse Purane Type Ke Weapons Hai L Hamare Yahan Par Police Jo Kaam Karti Hai Uski Jo Condition Hai Bahut Hi Batthar Hai L Unke Duty Ki Koi Hours Nahi Hai L 12 Ghante 24 Ghante Kaam Karna Chutti Na Milna Aur Unko Koi Insentiv Nahi Hai Koi Unke Acche Kaam Ka Koi Reward Nahi Hai Na Unke Koi Fast Promotion Hai Aur Yeh Saree Cheezen Jo Hai Is Tarike Se Vikrit Kar Chuki Hain Bhartiya Police System Ko Ki Wahan Par Aadmi Thode Dinon Ke Andar Jaane Ke Baad Bhi Uski Puri Mansikta Jo Hai Vikrit Ho Jati Hai Kyonki Aapne Koi Bhi Legal Usko Jo Hai Benefit Nahi Diya Hua Hai L Usko Agar Kisi Aadmi Ko Hum 8 Ghante Sarkari Office Mein Kaam Karate Hain Aur Agar Hum Usko Jyada Rokte Hain 12 Ghante Kaam Karate Hain Saitarade Sunday Bulate Hain To Hum Usko Overtime Dete Hain L Lekin Police Mein Aisa Koi System Nahi Hai L Vo Ek Bandhua Majdur Ki Tarah Manate Hain Log Unko , Jo Marji Ho Se Kaam Kra Lo L Jitna Kaam Kra Lo Aur Unko Koi Bhi Paisa Na Do To Jab Unko Hum Buri Tarike Se Pratadit Karte Hain Unko Hum Buri Tarike Se Treat Karte Hain To Wah Ussi Tarike Se Janta Ko Treat Karte Hain L To Agar Hume Police Ko Sudharna Hai To Sabse Pehle Police Ki Jo Log Hain Unko Hume Acchi Tarike Se Treat Karna Padega Acchi Tarike Se Training Deni Padegi L Jab Hum Unke Saath Accha Vyavhar Karenge Tabhi Wah Aam Janta Ke Saath Accha Vyavhar Karenge L
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