आज भी लोग प्राइवेट स्कूल/हॉस्पिटल पर भरोसा क्यों करते है ? ...

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भ्रष्टाचार इसकी बड़ी वजह जानकार बताते हैं कि आजादी के बाद नहीं रुके समाजवादी भारत में पांचवी और छठी दशक में सरकारी व्यवस्था में पतन होने लगा इसके बाद समाजवादी भारत मनमोहन सिंह के पूंजीवादी भारत में तब...
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भ्रष्टाचार इसकी बड़ी वजह जानकार बताते हैं कि आजादी के बाद नहीं रुके समाजवादी भारत में पांचवी और छठी दशक में सरकारी व्यवस्था में पतन होने लगा इसके बाद समाजवादी भारत मनमोहन सिंह के पूंजीवादी भारत में तब्दील होने लगा और अब तो कारोबारियों की सरकारें स्थिति और भी भैया बहुत ही जा रही है ज्यादातर सरकारी अस्पतालों की आड़ में निजी व्यवसाय पनप रही है डॉक्टर धीरे से अपने मरीजों को निजी क्लीनिक में बुला लेते हैं अस्पतालों की दवाई बाहर केमिस्ट की दुकान में पहुंच जाती है लापरवाही चरम पर है अस्पतालों में चूहे बिल्ली और कुत्तों का जमावड़ा है ऐसी खबरें भी आई है कि नवजात को पीलिया कुत्ते ने अपना निवाला बना लिया 100 तक चूहे कुतर जाती राज्य में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भर्ती के लिए एक अलग दलाल तंत्र हैं जिनके पास पैसे नहीं है वही सरकारी अस्पतालों में जाने को मजबूर है अब रही बात सरकारी स्कूलों की तो यहां शिक्षक ही नहीं होती है बगैर शिक्षक के बहुत सारे स्कूल गांव-देहातों में चल रहे हैं सरकारी स्कूलों में शौचालय नहीं है गुजरात के एक स्कूल में टीचर की पहरेदारी में लड़कियां खुले में शौच करती दिखाई गई है पेयजल की सुविधा नहीं है बच्चे बालू लीज पर पानी पीते हैं सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लालच में बच्चे भेजी जाती हैBhrashtachar Iski Badi Wajah Janakar Batatey Hain Ki Azadi Ke Baad Nahi Ruke Samajwadi Bharat Mein Paanchvi Aur Chathi Dashak Mein Sarkari Vyavastha Mein Patan Hone Laga Iske Baad Samajwadi Bharat Manmohan Singh Ke Punjiwadi Bharat Mein Tabdil Hone Laga Aur Ab To Karobariyo Ki Sarkaren Sthiti Aur Bhi Bhaiya Bahut Hi Ja Rahi Hai Jyadatar Sarkari Aspataalon Ki Ad Mein Niji Vyavasaya Panap Rahi Hai Doctor Dhire Se Apne Marijon Ko Niji Clinic Mein Bula Lete Hain Aspataalon Ki Dawai Bahar Chemist Ki Dukan Mein Pahunch Jati Hai Laparwahi Charam Par Hai Aspataalon Mein Chuhe Billi Aur Kutton Ka Jamavada Hai Aisi Khabren Bhi Eye Hai Ki Navjat Ko Peeliya Kutte Ne Apna Nivala Bana Liya 100 Tak Chuhe Kutar Jati Rajya Mein Sarkari Aspataalon Mein Marijon Ki Bharti Ke Liye Ek Alag Dalaal Tantra Hain Jinke Paas Paise Nahi Hai Wahi Sarkari Aspataalon Mein Jaane Ko Majboor Hai Ab Rahi Baat Sarkari Schoolon Ki To Yahan Shikshak Hi Nahi Hoti Hai Bagair Shikshak Ke Bahut Sare School Gav Dehaton Mein Chal Rahe Hain Sarkari Schoolon Mein Sauchalay Nahi Hai Gujarat Ke Ek School Mein Teacher Ki Paharedari Mein Ladkiyan Khule Mein Shauch Karti Dikhai Gayi Hai Paijaal Ki Suvidha Nahi Hai Bacche Baalu Liz Par Pani Pite Hain Sarkari Schoolon Mein Mid Day Meal Ke Lalach Mein Bacche Bheji Jati Hai
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हां यह तो बड़े दुख की बात है कि आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल पर भरोसा करते हैं क्योंकि हम देखते आ रहे हैं आजादी के बाद से ही कि सरकारी स्कूल या सरकारी हॉस्पिटल इतनी अच्छी ट्रीटमेंट नहीं देती ह...
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हां यह तो बड़े दुख की बात है कि आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल पर भरोसा करते हैं क्योंकि हम देखते आ रहे हैं आजादी के बाद से ही कि सरकारी स्कूल या सरकारी हॉस्पिटल इतनी अच्छी ट्रीटमेंट नहीं देती है या फिर इतना अच्छा सर्वेश नहीं देती है कितनी उम्मीदें लोग रखते हैं वह चाहे अमीर हो या गरीब और सभी अपने बच्चों को या फिर और सभी खुद प्राइवेट स्कूल में जाना चाहते हैं प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज करा कर के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल प्राइवेट हॉस्पिटल जो वो सारी फैसिलिटी देता है जो कि गवर्नमेंट स्कूल फैसिलिटीज़ नहीं देती है सरकार आप इतने सारे फैसिलिटीज नहीं देती है कि कि वो जितना भी पैसा होने मिलता है मंत्रियों को सब मंत्री अपनी जेब में रख देते हैं उससे थोड़ी बहुत पैसे ही वह सरकारी स्कूल या फिर सरकारी हॉस्पिटल के डेवलपमेंट के पीछे लगा देते हैं तो मेरे हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है और दुख की बात है कि आज भी लोग भरोसा करते हैं परंतु आने वाले समय में हम बस याद रखेंगे कि सरकारी स्कूल में सरकारी हॉस्पिटल से ज्यादा अच्छी हो और ज्यादा लोग आने वाले समय में सरकारी स्कूल और हॉस्पिटल में जाएHaan Yeh To Bade Dukh Ki Baat Hai Ki Aaj Bhi Log Private School Aur Hospital Par Bharosa Karte Hain Kyonki Hum Dekhte Aa Rahe Hain Azadi Ke Baad Se Hi Ki Sarkari School Ya Sarkari Hospital Itni Acchi Treatment Nahi Deti Hai Ya Phir Itna Accha Sarvesh Nahi Deti Hai Kitni Ummeden Log Rakhate Hain Wah Chahe Amir Ho Ya Garib Aur Sabhi Apne Bacchon Ko Ya Phir Aur Sabhi Khud Private School Mein Jana Chahte Hain Private Hospital Mein Apna Ilaj Kra Kar Ke Liye Private Hospital Private Hospital Jo Vo Saree Facility Deta Hai Jo Ki Government School Faisilitiz Nahi Deti Hai Sarkar Aap Itne Sare Faisilitij Nahi Deti Hai Ki Ki Vo Jitna Bhi Paisa Hone Milta Hai Mantriyo Ko Sab Mantri Apni Jeb Mein Rakh Dete Hain Usse Thodi Bahut Paise Hi Wah Sarkari School Ya Phir Sarkari Hospital Ke Development Ke Piche Laga Dete Hain To Mere Hisab Se Bilkul Sahi Nahi Hai Aur Dukh Ki Baat Hai Ki Aaj Bhi Log Bharosa Karte Hain Parantu Aane Wale Samay Mein Hum Bus Yaad Rakhenge Ki Sarkari School Mein Sarkari Hospital Se Jyada Acchi Ho Aur Jyada Log Aane Wale Samay Mein Sarkari School Aur Hospital Mein Jaye
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आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल ऑफ़ इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल और स्कूल में वह पैसे दे रहे हैं तो उनको जो भी चीज वह चाहते हैं उनको जरूर मिलेगी जैसा कि हम स्कू...
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आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल ऑफ़ इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल और स्कूल में वह पैसे दे रहे हैं तो उनको जो भी चीज वह चाहते हैं उनको जरूर मिलेगी जैसा कि हम स्कूल की बात करें तो उनको पता है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी प्राइवेट स्कूल्स में तो वह उसी हिसाब से उनको वहां डालते हैं पढ़ने के लिए और हॉस्पिटल की बात करें तो हमको पता होता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल ज्यादा होते हैं लेकिन वहां पर उनको अच्छा ट्रीटमेंट मिलेगा इसलिए वहीं जाना पसंद करते हैं और वह गवर्नमेंट में इसलिए नहीं जाते हैं क्योंकि आजकल के भ्रष्टाचार की वजह से गवर्नमेंट स्कूल्स ऑफ गवर्मेंट हॉस्पिटल दोनों की हालत बहुत ज्यादा खराब है हमारे देश में आप कहीं भी चले जाइए आपको गवर्नमेंट स्कूलों गवर्नमेंट हॉस्पिटल बहुत ही गंदी हालत में मिलेगा वहां पर कोई इंसान पढ़ाई तो दूर या ट्रीटमेंट दूर खड़ा भी होना पसंद नहीं करता है तो इसीलिए लोग प्राइवेट स्कूल हॉस्पिटल ज्यादा पसंद करते हैं कॉमेंट्री कंपैरिजन मेंAaj Bhi Log Private School Aur Hospital Of Isliye Bharosa Karte Hain Kyonki Unhen Pata Hai Ki Private Hospital Aur School Mein Wah Paise De Rahe Hain To Unko Jo Bhi Cheez Wah Chahte Hain Unko Jarur Milegi Jaisa Ki Hum School Ki Baat Karen To Unko Pata Hai Ki Unke Bacchon Ko Acchi Shiksha Milegi Private Schools Mein To Wah Ussi Hisab Se Unko Wahan Daalte Hain Padhne Ke Liye Aur Hospital Ki Baat Karen To Hamko Pata Hota Hai Ki Private Hospital Jyada Hote Hain Lekin Wahan Par Unko Accha Treatment Milega Isliye Wahin Jana Pasand Karte Hain Aur Wah Government Mein Isliye Nahi Jaate Hain Kyonki Aajkal Ke Bhrashtachar Ki Wajah Se Government Schools Of Goverment Hospital Dono Ki Halat Bahut Jyada Kharab Hai Hamare Desh Mein Aap Kahin Bhi Chale Jaiye Aapko Government Schoolon Government Hospital Bahut Hi Gandi Halat Mein Milega Wahan Par Koi Insaan Padhai To Dur Ya Treatment Dur Khada Bhi Hona Pasand Nahi Karta Hai To Isliye Log Private School Hospital Jyada Pasand Karte Hain Commentary Kampairijan Mein
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आज लोग प्राइवेट स्कूल यह अस्पताल अस्पताल पर ज्यादा भरोसा क्यों करते हैं ऐसा नहीं है कि सब यह माना सबका है सबकी अपनी-अपनी राय पब्लिक और गवर्मेंट स्कूल नियर हॉस्पिटल को लेकर हम बात करें भरोसा है या फिर ...
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आज लोग प्राइवेट स्कूल यह अस्पताल अस्पताल पर ज्यादा भरोसा क्यों करते हैं ऐसा नहीं है कि सब यह माना सबका है सबकी अपनी-अपनी राय पब्लिक और गवर्मेंट स्कूल नियर हॉस्पिटल को लेकर हम बात करें भरोसा है या फिर जॉब क्वालिटी 26 है वह कहीं ना कहीं प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा मिलती है चाहे वह हॉस्पिटल में हो तो बैटरी फैसिलिटी चाहे कोई भी पेशेंट है उसको अटेंड अटेंड करना डॉक्टर का आकर समझना क्या हो रहा कैसे इमीडियेट एक्शन लेना अगर कोई भी प्रॉब्लम हो रही है बहुत ज्यादा इज्जत नहीं होती है यह फॉर्मेलिटी यू फॉर्मेलिटी तो प्रोसेस काफी फास्ट अगर हम प्राइवेट हॉस्पिटल की बात कीजिए और स्कूल में भी क्वालिटी ऑफ एजुकेशन अटेंडेंस टू द मैंने जो बच्चों को ध्यान देना वह क्या क्या कर रहे हैं कैसे कर रहे हैं पर बैठे-बैठे टीचर बैटरी फैसिलिटी तो क्वालिटी की वजह से लोगों को आजकल ज्यादा भरोसा है पब्लिक स्कूल हॉस्पिटल में अगर कम पर करें हम गवर्मेंट स्कूल या हॉस्पिटल मेंAaj Log Private School Yeh Aspatal Aspatal Par Jyada Bharosa Kyun Karte Hain Aisa Nahi Hai Ki Sab Yeh Mana Sabka Hai Sabaki Apni Apni Rai Public Aur Goverment School Near Hospital Ko Lekar Hum Baat Karen Bharosa Hai Ya Phir Job Quality 26 Hai Wah Kahin Na Kahin Private Sector Mein Jyada Milti Hai Chahe Wah Hospital Mein Ho To Battery Facility Chahe Koi Bhi Patient Hai Usko Attend Attend Karna Doctor Ka Aakar Samajhna Kya Ho Raha Kaise Imidiyet Action Lena Agar Koi Bhi Problem Ho Rahi Hai Bahut Jyada Izzat Nahi Hoti Hai Yeh Formality You Formality To Process Kafi Fast Agar Hum Private Hospital Ki Baat Kijiye Aur School Mein Bhi Quality Of Education Atendens To D Maine Jo Bacchon Ko Dhyan Dena Wah Kya Kya Kar Rahe Hain Kaise Kar Rahe Hain Par Baithey Baithey Teacher Battery Facility To Quality Ki Wajah Se Logon Ko Aajkal Jyada Bharosa Hai Public School Hospital Mein Agar Kum Par Karen Hum Goverment School Ya Hospital Mein
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आज भी लोग प्राइवेट स्कूल्स इन हॉस्पिटल से ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि अगर हम स्कूलों की बात करें तो अगर हम स्कूल की फैसिलिटीज की बात करें तो वह इतनी अच्छी नहीं है जोगी प्राइवेट स्कूल्स में दी जाती ह...
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आज भी लोग प्राइवेट स्कूल्स इन हॉस्पिटल से ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि अगर हम स्कूलों की बात करें तो अगर हम स्कूल की फैसिलिटीज की बात करें तो वह इतनी अच्छी नहीं है जोगी प्राइवेट स्कूल्स में दी जाती है और आजकल जो लोगों लोगों के जो मैंने पहले ही ऑलरेडी सेट होता है जिसे जो बहुत ज्यादा आई पीपल होते हैं तो वह सोचते हैं कि हमारा बच्चा करे तो उसे पड़ेगा तो गवर्नमेंट स्कूल में बहुत काफी तरह के लोग प्लास्टिक पल भी आते हैं गरीब लोग जाते हम साथ पड़ेगा तो उनके जैसे हो जाएगा तो यह वाली यह वाली जो पी ली है ना यह भी उनके दिमाग में स्पाई करती है तो कुछ लोग इसलिए इसकी वजह से स्कूल नहीं भेजते कुछ लोग इसलिए नहीं भेजते कि जो गवर्नमेंट स्कूल से हमें अच्छी फैसिलिटीज नहीं होती अच्छे फेकल्टी नहीं होते अच्छे पढ़ाने वाले नहीं होते और अच्छा माहौल नहीं होता और मैं आपको बता दूं कि इसमें हमारे जो गवर्नमेंट्स है और जो पॉलिटिशियन से उनकी पिक जो जूए गवर्नमेंट ऑन कर रहे हैं जितने जैसे आप एजुकेशन मिनिस्टर ले लो और जो भी गवर्नमेंट को रंग करते हैं उनके दो बच्चे भी हैं वह भी प्राइवेट स्कूल में पढ़ते अब आप एक बात बताइए जो इस जो इस सिस्टम को रंग कर रहा है अगर उनके बच्चे खुद अगर गवर्नमेंट में ना पढ़कर प्राइवेट स्कूल में पढ़ेंगे तो फिर और उसे उम्मीद के अब आप सोचिए जो गवर्नमेंट सिस्टम को रंग कर रहे थे जो एजुकेशन मिनिस्टर है अगर उनका बच्चा ही गवर्नमेंट स्कूल में नहीं पड़ेगा और प्राइवेट स्कूल पड़ेगा उसका कोई रिजल्ट होगा क्योंकि गवर्नमेंट में इतनी फैसिलिटी नहीं दी गई है और हमारी गवर्नमेंट इतनी करप्ट हो चुकी है क्या उसको जितना करना चाहिए एजुकेशन सिस्टम है और गवर्नमेंट स्कूल और कॉलेज में इतना इतना भी नहीं करती है तो बस यही एक दो रीजन है जिस को ध्यान देना चाहिए और लोग इसलिए प्राइवेट स्कूल को ज्यादा प्यार करते हैंAaj Bhi Log Private Schools In Hospital Se Jyada Bharosa Karte Hain Kyonki Agar Hum Schoolon Ki Baat Karen To Agar Hum School Ki Faisilitij Ki Baat Karen To Wah Itni Acchi Nahi Hai Jogi Private Schools Mein Di Jati Hai Aur Aajkal Jo Logon Logon Ke Jo Maine Pehle Hi Already Set Hota Hai Jise Jo Bahut Jyada Eye Pipal Hote Hain To Wah Sochte Hain Ki Hamara Baccha Kare To Use Padega To Government School Mein Bahut Kafi Tarah Ke Log Plastic Pal Bhi Aate Hain Garib Log Jaate Hum Saath Padega To Unke Jaise Ho Jayega To Yeh Wali Yeh Wali Jo P Lee Hai Na Yeh Bhi Unke Dimag Mein Spai Karti Hai To Kuch Log Isliye Iski Wajah Se School Nahi Bhejate Kuch Log Isliye Nahi Bhejate Ki Jo Government School Se Hume Acchi Faisilitij Nahi Hoti Acche Faculty Nahi Hote Acche Padhane Wale Nahi Hote Aur Accha Maahaul Nahi Hota Aur Main Aapko Bata Doon Ki Isme Hamare Jo Goverment Hai Aur Jo Politician Se Unki Pic Jo Juye Government On Kar Rahe Hain Jitne Jaise Aap Education Minister Le Lo Aur Jo Bhi Government Ko Rang Karte Hain Unke Do Bacche Bhi Hain Wah Bhi Private School Mein Padhte Ab Aap Ek Baat Bataiye Jo Is Jo Is System Ko Rang Kar Raha Hai Agar Unke Bacche Khud Agar Government Mein Na Padhakar Private School Mein Padhenge To Phir Aur Use Ummid Ke Ab Aap Sochie Jo Government System Ko Rang Kar Rahe The Jo Education Minister Hai Agar Unka Baccha Hi Government School Mein Nahi Padega Aur Private School Padega Uska Koi Result Hoga Kyonki Government Mein Itni Facility Nahi Di Gayi Hai Aur Hamari Government Itni Corrupt Ho Chuki Hai Kya Usko Jitna Karna Chahiye Education System Hai Aur Government School Aur College Mein Itna Itna Bhi Nahi Karti Hai To Bus Yahi Ek Do Reason Hai Jis Ko Dhyan Dena Chahiye Aur Log Isliye Private School Ko Jyada Pyar Karte Hain
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देखिए यदि मैं आपके सवाल का उत्तर दूं तो मैं इसके बिल्कुल विपरीत सोच रखता हूं आज के लोग प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट अस्पताल पर ज्यादा भरोसा रखते हैं बजाएं की सरकारी स्कूलों सरकारी हॉस्पिटल की बात करते ह...
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देखिए यदि मैं आपके सवाल का उत्तर दूं तो मैं इसके बिल्कुल विपरीत सोच रखता हूं आज के लोग प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट अस्पताल पर ज्यादा भरोसा रखते हैं बजाएं की सरकारी स्कूलों सरकारी हॉस्पिटल की बात करते हैं सरकारी स्कूल में यह सब लोग जानते हैं कि जो पढ़ाई की सुख सुविधाएं हैं वह बिल्कुल नहीं है जो पढ़ाई का स्टैंडर्ड है वह बिल्कुल नहीं प्राइवेट फॉर्म सरकारी स्कूल से कंपेयर करें तो हर मां बाप यही चाहता है कि उसका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा होती है और बहुत ही ज्यादा ऑफिस में भ्रष्टाचार है मैनेजमेंट की लापरवाही होती है वहां पर जो सरकारी स्कूल में फीस बहुत ही कम होती है तो जो लोग सपोर्ट नहीं कर पाते हैं तो वह सरकारी स्कूल पर भरोसा करते हो और अपना फोटो करने वाली चीज ही नहीं है यह बिल्कुल सही बात है प्राइवेट की स्पीड बहुत ज्यादा है मनमाने ढंग से बढ़ा देते हैं वह तो उसे कम करनी चाहिए बाकी शिक्षा का स्तर सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहिए इससे लोगों का भरोसा वहां पर भी है दूसरी चीज सरकारी अस्पताल प्राइवेट अस्पताल में दफ़न सेट करें प्राइवेट अस्पताल बहुत अच्छी सुविधाएं देते हैं वही बात है कि वह रुपए को छूने और चौकने करने का हिसाब रखते हैं इंसान की डेट भी हो जाए तब भी उसे वेंटीलेटर पर बिठाए रखना पैसा बनाने के लिए सरकारी अस्पताल में कितनी नहीं इतना पैसा देना होता है तू सरकारी अस्पताल में इलाज बहुत अच्छा होता है बजाएं की प्राइवेट अस्पताल में जोगी प्राइवेट अस्पताल तो खुले जा रहे हैं कॉलेज आ रहे हैं हर गली मोहल्ले में एक भी खुल जाएंगे ऐसी नौबत आएगी हजारों प्राइवेट अस्पताल हर शहर में खुल गए एक धंधा बना दिया है तो इसलिए हां सशक्त हॉस्पिटल के मामले में सरकारी अस्पताल अभी भी अच्छे हैं पैसे में भी और सुमितDekhie Yadi Main Aapke Sawal Ka Uttar Doon To Main Iske Bilkul Viparit Soch Rakhta Hoon Aaj Ke Log Private School Aur Private Aspatal Par Jyada Bharosa Rakhate Hain Bajaen Ki Sarkari Schoolon Sarkari Hospital Ki Baat Karte Hain Sarkari School Mein Yeh Sab Log Jante Hain Ki Jo Padhai Ki Sukh Suvidhayen Hain Wah Bilkul Nahi Hai Jo Padhai Ka Standard Hai Wah Bilkul Nahi Private Form Sarkari School Se Kampeyar Karen To Har Maa Baap Yahi Chahta Hai Ki Uska Baccha Acchi Shiksha Prapt Karen Aur Private School Mein Jyada Hoti Hai Aur Bahut Hi Jyada Office Mein Bhrashtachar Hai Management Ki Laparwahi Hoti Hai Wahan Par Jo Sarkari School Mein Fees Bahut Hi Kum Hoti Hai To Jo Log Support Nahi Kar Paate Hain To Wah Sarkari School Par Bharosa Karte Ho Aur Apna Photo Karne Wali Cheez Hi Nahi Hai Yeh Bilkul Sahi Baat Hai Private Ki Speed Bahut Jyada Hai Manamane Dhang Se Badha Dete Hain Wah To Use Kum Karni Chahiye Baki Shiksha Ka Sthar Sarkari School Mein Padhana Chahiye Isse Logon Ka Bharosa Wahan Par Bhi Hai Dusri Cheez Sarkari Aspatal Private Aspatal Mein Dafan Set Karen Private Aspatal Bahut Acchi Suvidhayen Dete Hain Wahi Baat Hai Ki Wah Rupaiye Ko Chhune Aur Chaukne Karne Ka Hisab Rakhate Hain Insaan Ki Date Bhi Ho Jaye Tab Bhi Use VENTILATOR Par Bithaye Rakhna Paisa Banane Ke Liye Sarkari Aspatal Mein Kitni Nahi Itna Paisa Dena Hota Hai Tu Sarkari Aspatal Mein Ilaj Bahut Accha Hota Hai Bajaen Ki Private Aspatal Mein Jogi Private Aspatal To Khule Ja Rahe Hain College Aa Rahe Hain Har Gali Mohalle Mein Ek Bhi Khul Jaenge Aisi Naubat Aayegi Hajaron Private Aspatal Har Sheher Mein Khul Gaye Ek Dhanda Bana Diya Hai To Isliye Haan Sashakt Hospital Ke Mamle Mein Sarkari Aspatal Abhi Bhi Acche Hain Paise Mein Bhi Aur Sumit
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