बिहार सरकार संस्कृत को क्यों नहीं आगे बढ़ाती है ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस सवाल के जवाब पर सबसे पहले तो इसकी उपयोगिता पर विचार कर लेती है एक प्राचीन भाषा है हमारे देश में सबसे ज्यादा इसकी उपयोगिता पर होता ही में है और यह उपयोग लंबे समय तक बना रहेगा इसमें कोई शक भी नहीं है...
जवाब पढ़िये
इस सवाल के जवाब पर सबसे पहले तो इसकी उपयोगिता पर विचार कर लेती है एक प्राचीन भाषा है हमारे देश में सबसे ज्यादा इसकी उपयोगिता पर होता ही में है और यह उपयोग लंबे समय तक बना रहेगा इसमें कोई शक भी नहीं है इसके अलावा वेद मनुस्मृति और उपनिषद जैसे प्राचीन ग्रंथों के रूप में इसकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता आज बहुत सारे कॉलेजों में प्राचीन भाषा के रूप में संस्कृत पढ़ाई जाती है कई राज्यों में संस्कृत कॉलेज है संस्कृत विश्वविद्यालय हैं जहां तक करियर का सवाल है तो हर्बल कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनियों में संस्कृत की पौड़ी बहुत कुछ है आयुर्वेद पद्धति से इलाज के लिए जो करंट उपलब्ध है वह ज्यादातर संस्कृत में है विदेशों में संस्कृत भाषा के लिए सहायक के लिए के रूप में एक अच्छी गुंजाइश हो सकती है लेकिन व्यवहारिक रुप से देखा जाए तो यह काम काज की भाषा नहीं बन सकती और रही बात इस भाषा को आगे बढ़ाने की तो यहां के लिए बिहार सरकार की जिम्मेवारी क्यों बनेIs Sawal Ke Jawab Par Sabse Pehle To Iski Upayogita Par Vichar Kar Leti Hai Ek Prachin Bhasha Hai Hamare Desh Mein Sabse Jyada Iski Upayogita Par Hota Hi Mein Hai Aur Yeh Upyog Lambe Samay Tak Bana Rahega Isme Koi Shaq Bhi Nahi Hai Iske Alava Ved Manusmriti Aur Upanishad Jaise Prachin Granthon Ke Roop Mein Iski Upayogita Ko Nukaraa Nahi Ja Sakta Aaj Bahut Sare Collegeon Mein Prachin Bhasha Ke Roop Mein Sanskrit Padhai Jati Hai Kai Rajyo Mein Sanskrit College Hai Sanskrit Vishwavidyalaya Hain Jahan Tak Career Ka Sawal Hai To HERBAL Cosmetic Banane Wali Companion Mein Sanskrit Ki Podi Bahut Kuch Hai Ayurveda Paddhatee Se Ilaj Ke Liye Jo Current Uplabdha Hai Wah Jyadatar Sanskrit Mein Hai Videshon Mein Sanskrit Bhasha Ke Liye Sahayak Ke Liye Ke Roop Mein Ek Acchi Gunjan Ho Sakti Hai Lekin Vyavharik Roop Se Dekha Jaye To Yeh Kaam Kaaj Ki Bhasha Nahi Ban Sakti Aur Rahi Baat Is Bhasha Ko Aage Badhane Ki To Yahan Ke Liye Bihar Sarkar Ki Jimmevari Kyun Bane
Likes  1  Dislikes
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संस्कृत एक आई सी भाषा है जो हर क्षेत्र में अपना ही रहनी चाहिए संस्कृत को आगे नहीं पढ़ नाम की सबसे बड़ी गलती है यदि संस्कृत को आगे नहीं बनाया तो विकास नहीं हो सकता है क्योंकि संस्कृत हमारी बहुत पुरानी ...
जवाब पढ़िये
संस्कृत एक आई सी भाषा है जो हर क्षेत्र में अपना ही रहनी चाहिए संस्कृत को आगे नहीं पढ़ नाम की सबसे बड़ी गलती है यदि संस्कृत को आगे नहीं बनाया तो विकास नहीं हो सकता है क्योंकि संस्कृत हमारी बहुत पुरानी भाषा है यार अपना देश ही नहीं हो पा जाने देशों में भी संस्कृत भाषा सिखाई जाती है इसके लिए यदि संस्कृत भाषा होगी तो बिहार आगे तरक्की कर सके इसके लिए यह पता नहीं कि संस्कृत भाषा को मद्देनजर नहीं रख रहा है और अपनी चुनौतियों को स्वीकार नहीं कर पा रहा हैSanskrit Ek Eye Si Bhasha Hai Jo Har Kshetra Mein Apna Hi Rahani Chahiye Sanskrit Ko Aage Nahi Padh Naam Ki Sabse Badi Galti Hai Yadi Sanskrit Ko Aage Nahi Banaya To Vikash Nahi Ho Sakta Hai Kyonki Sanskrit Hamari Bahut Purani Bhasha Hai Yaar Apna Desh Hi Nahi Ho Pa Jaane Deshon Mein Bhi Sanskrit Bhasha Sikhai Jati Hai Iske Liye Yadi Sanskrit Bhasha Hogi To Bihar Aage Tarakki Kar Sake Iske Liye Yeh Pata Nahi Ki Sanskrit Bhasha Ko Maddenajar Nahi Rakh Raha Hai Aur Apni Chunautiyo Ko Sweekar Nahi Kar Pa Raha Hai
Likes  0  Dislikes
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सरकार का काम है उन चीजों को प्रमोट करना जो जो रोटी के लिए फायदे का सौदा है और संस्कृत मुझे नहीं लगता कि आज के जमाने में आबू भाषा है जिसका बहुत ज्यादा फायदा जनता को होगा अगर आप उसको बहुत ज्यादा प...
जवाब पढ़िये
देखिए सरकार का काम है उन चीजों को प्रमोट करना जो जो रोटी के लिए फायदे का सौदा है और संस्कृत मुझे नहीं लगता कि आज के जमाने में आबू भाषा है जिसका बहुत ज्यादा फायदा जनता को होगा अगर आप उसको बहुत ज्यादा पुष्टि करते हैं तो बोलचाल के लिए यूज की नहीं जाती सरकारी काम होता नहीं है संस्कृत में पैसे नहीं उसकी बहन की उपयोगिता बहुत कम है लेकिन आपको उसकी जगह किसी और रिलेवेंट लैंग्वेज को प्रमोट करना चाहिए और आप कोशिश करें कि बच्चों को वह सीखा है यह बहुत जरूरी हैDekhie Sarkar Ka Kaam Hai Un Chijon Ko Promote Karna Jo Jo Roti Ke Liye Fayde Ka Sauda Hai Aur Sanskrit Mujhe Nahi Lagta Ki Aaj Ke Jamaane Mein Aabu Bhasha Hai Jiska Bahut Jyada Fayda Janta Ko Hoga Agar Aap Usko Bahut Jyada Pushti Karte Hain To Bolchal Ke Liye Use Ki Nahi Jati Sarkari Kaam Hota Nahi Hai Sanskrit Mein Paise Nahi Uski Behen Ki Upayogita Bahut Kum Hai Lekin Aapko Uski Jagah Kisi Aur Relevant Language Ko Promote Karna Chahiye Aur Aap Koshish Karen Ki Bacchon Ko Wah Seekha Hai Yeh Bahut Zaroori Hai
Likes  1  Dislikes
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Bihar Sarkar Sanskrit Ko Kyon Nahi Aage Badhati Hai, Why Bihar Government Does Not Move To Sanskrit

vokalandroid