माता-पिता और बच्चों के बीच अच्छा रिश्ता कैसे बनाएं रख सकते हैं? ...

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माता-पिता और बच्चों का रिश्ता बचपन से लेकर जब तक है बड़े होते हैं तब तक अलग-अलग दौर से गुजरता है जब बच्चा छोटा होता है तो वह दुनिया में एक साथ स्लेट की तरह से आता है हम जैसे उन्हें डालते हैं मैं उसी त...
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माता-पिता और बच्चों का रिश्ता बचपन से लेकर जब तक है बड़े होते हैं तब तक अलग-अलग दौर से गुजरता है जब बच्चा छोटा होता है तो वह दुनिया में एक साथ स्लेट की तरह से आता है हम जैसे उन्हें डालते हैं मैं उसी तरह बन जाते हैं इस बच्चे के साथ बाउंड्री सियानी क्या एक्सेप्ट टेबल बिहेवियर है और क्या नहीं यह स्टाइलिश करना बहुत जरूरी है मैं कहूंगी कि यह फेस प्यार और सेंसिबल पेरेंटिंग जिसमें कि डिसिप्लिन प्यार भी सही अम्मा सही तरीके का प्यार सही तरीके की शिक्षा यह सब देने वाला वक्त है बच्चे के लाइफ के हर मोड़ पर पेरेंट्स को रोल मॉडल्स बनना बहुत जरूरी है जैसे बच्चे बड़े हो जाते हैं उन्हें वक्त देना चाहिए बच्चों को इतनी फ्रीडम होनी चाहिए कि वह अपने प्रॉब्लम्स खोलकर डिस्कस करें अपने मां बाप के साथ रियल इस्टेट और वास्तविक एक्सपेक्टेशंस उन पर न थोपे और एक खुश बचपन देने का प्रयास करना चाहिए पेरेंट्स को सबसे मुश्किल पर एंट्री दोस्त इमेज का होता है कम्युनिकेशन चैनल्स खुले होने चाहिए इस वक्त ना बच्चे को माता-पिता से डर और नखरे ना होनी चाहिए रिस्पेक्ट और दोस्ती दोनों का मिश्रण होना चाहिए इस रिश्ते में मतलब जैसे इस वक्त में एक बात पर जोर दूंगी कि बच्चे के साथ का रिश्ता शक्ति प्लस झील का सही मिश्रण है जैसे पतंग उड़ाना तभी आप बच्चों के लाइफ में उनको एक उड़ान दे सकते हैं आगे के जीवन में जब बच्चे पूरे बड़े हो जाते हैं तो हमें उन्हें जीवनसाथी चुनने का भी हक देना चाहिए Samsung से प्लीज चुने लेकिन जीवनसाथी चुनने का हक दे और उसका फ्रीडम ऑफ चॉइस है कि वह किसे चुनना चाहते हैं अपने फ्रीडम अपने जीवनसाथी के तौर पर और उस दिन हम साथी को अगर हम प्यार और एक्सेप्टेंस के साथ हम अपने अपने लाइफ में उन्हें भी इंक्लूड करेंगे तो बच्चों का साथ जिंदगी भर रहेगा खुशी खुशीMata Pita Aur Bacchon Ka Rishta Bachpan Se Lekar Jab Tak Hai Bade Hote Hain Tab Tak Alag Alag Daur Se Gujarat Hai Jab Baccha Chota Hota Hai To Wah Duniya Mein Ek Saath Slate Ki Tarah Se Aata Hai Hum Jaise Unhen Daalte Hain Main Ussi Tarah Ban Jaate Hain Is Bacche Ke Saath Boundary Siyani Kya Except Table Behaviour Hai Aur Kya Nahi Yeh Stylish Karna Bahut Zaroori Hai Main Kahungi Ki Yeh Face Pyar Aur Sensibal Parenting Jisme Ki Discipline Pyar Bhi Sahi Amma Sahi Tarike Ka Pyar Sahi Tarike Ki Shiksha Yeh Sab Dene Vala Waqt Hai Bacche Ke Life Ke Har Mod Par Parents Ko Roll Models Banana Bahut Zaroori Hai Jaise Bacche Bade Ho Jaate Hain Unhen Waqt Dena Chahiye Bacchon Ko Itni Freedom Honi Chahiye Ki Wah Apne Problem Kholakar Discuss Karen Apne Maa Baap Ke Saath Real Estate Aur Vastavik Eksapekteshans Un Par N Thope Aur Ek Khush Bachpan Dene Ka Prayas Karna Chahiye Parents Ko Sabse Mushkil Par Entry Dost Image Ka Hota Hai Communication Channels Khule Hone Chahiye Is Waqt Na Bacche Ko Mata Pita Se Dar Aur Nakhare Na Honi Chahiye Respect Aur Dosti Dono Ka Mishran Hona Chahiye Is Rishte Mein Matlab Jaise Is Waqt Mein Ek Baat Par Jor Dungi Ki Bacche Ke Saath Ka Rishta Shakti Plus Jheel Ka Sahi Mishran Hai Jaise Patang Udana Tabhi Aap Bacchon Ke Life Mein Unko Ek Uddan De Sakte Hain Aage Ke Jeevan Mein Jab Bacche Poore Bade Ho Jaate Hain To Hume Unhen Jeevansathi Chunane Ka Bhi Haq Dena Chahiye Samsung Se Please Chune Lekin Jeevansathi Chunane Ka Haq De Aur Uska Freedom Of Choice Hai Ki Wah Kise Chunana Chahte Hain Apne Freedom Apne Jeevansathi Ke Taur Par Aur Us Din Hum Sathi Ko Agar Hum Pyar Aur Acceptance Ke Saath Hum Apne Apne Life Mein Unhen Bhi Include Karenge To Bacchon Ka Saath Zindagi Bhar Rahega Khushi Khushi
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DJ अगर मां-बाप चाहते हैं कि बच्चों के बीच में अच्छा रिश्ता बना रहे तो पहली बात तो यह है कि इसमें मां-बाप और बच्चों को दोनों को जिम्मेदारी अपनी-अपनी समझ नहीं होगी मां बाप रे दायित्व होता है कि वह बच्चो...
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DJ अगर मां-बाप चाहते हैं कि बच्चों के बीच में अच्छा रिश्ता बना रहे तो पहली बात तो यह है कि इसमें मां-बाप और बच्चों को दोनों को जिम्मेदारी अपनी-अपनी समझ नहीं होगी मां बाप रे दायित्व होता है कि वह बच्चों की अच्छी से अच्छी देखभाल करें उनको प्रेम से रखें उनकी जरूरतों को पूरा करें और खासतौर से जब वह छोटे हैं तो यह इंश्योर करें कि उनकी बुरी सूरत ना हो और उनको मार्गदर्शन से ही मिलता रहे लेकिन इसके साथ में बच्चों का भी यह दायित्व होता है कि मां-बाप की बात माने और जब वह बड़े हो जाएं तो मां बाप की घर की देखभाल करें और उनकी जरूरतों पर वह खड़ा रहे तो इसलिए यह जो रिश्ता होता है वह शुरू में उसका एक अलग रूप रहता है क्योंकि बच्चे जहां मां बाप पर डिपेंडेंट रहते हैं फिर एक पैसा था जिसमें वह दोनों इंडिपेंडेंट जाते हैं क्योंकि बच्चे अपने में सौ पर्सेंट है मां बाप अपने सभी सेट हैं और उसके बाद में फिर एक फेस आता है जिसमें मां बाप जोड़ते हैं वह बच्चों पर डिपेंडेंट जाते हैं ऑफिस में जो है वह सम्मान देना एक दूसरे को और तीनों समय अपने धर्म का निर्वाह करना अगर मां बाप और बच्चे सब करते हैं तब यह रिश्ते जो है अच्छे बन सकते हैं अगर भाई अगर सिर्फ इस तरीके से स्कूल में किया जाएगा तुझे अच्छे नहीं बन पाएंगेDJ Agar Maa Baap Chahte Hain Ki Bacchon Ke Bich Mein Accha Rishta Bana Rahe To Pehli Baat To Yeh Hai Ki Isme Maa Baap Aur Bacchon Ko Dono Ko Jimmedari Apni Apni Samajh Nahi Hogi Maa Baap Ray Dayitva Hota Hai Ki Wah Bacchon Ki Acchi Se Acchi Dekhbhal Karen Unko Prem Se Rakhen Unki Jaruraton Ko Pura Karen Aur Khaasataur Se Jab Wah Chote Hain To Yeh Inshyor Karen Ki Unki Buri Surat Na Ho Aur Unko Margdarshan Se Hi Milta Rahe Lekin Iske Saath Mein Bacchon Ka Bhi Yeh Dayitva Hota Hai Ki Maa Baap Ki Baat Mane Aur Jab Wah Bade Ho Jayen To Maa Baap Ki Ghar Ki Dekhbhal Karen Aur Unki Jaruraton Par Wah Khada Rahe To Isliye Yeh Jo Rishta Hota Hai Wah Shuru Mein Uska Ek Alag Roop Rehta Hai Kyonki Bacche Jahan Maa Baap Par Dependent Rehte Hain Phir Ek Paisa Tha Jisme Wah Dono Independent Jaate Hain Kyonki Bacche Apne Mein Sau Percent Hai Maa Baap Apne Sabhi Set Hain Aur Uske Baad Mein Phir Ek Face Aata Hai Jisme Maa Baap Jodte Hain Wah Bacchon Par Dependent Jaate Hain Office Mein Jo Hai Wah Samman Dena Ek Dusre Ko Aur Teenon Samay Apne Dharm Ka Nirvah Karna Agar Maa Baap Aur Bacche Sab Karte Hain Tab Yeh Rishte Jo Hai Acche Ban Sakte Hain Agar Bhai Agar Sirf Is Tarike Se School Mein Kiya Jayega Tujhe Acche Nahi Ban Payenge
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विकी मेरा मानना है कि माता-पिता अपने बच्चों से अच्छा रिश्ता भी बना सकते हैं जब उनकी बात को मन की बात को समझना बहुत जरूरी होता है वह जाकर चाहते क्या है बहुत बार उन्हें उनका दोस्त बनकर रहना पड़ता है इस ...
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विकी मेरा मानना है कि माता-पिता अपने बच्चों से अच्छा रिश्ता भी बना सकते हैं जब उनकी बात को मन की बात को समझना बहुत जरूरी होता है वह जाकर चाहते क्या है बहुत बार उन्हें उनका दोस्त बनकर रहना पड़ता है इस गाइडिंग के साथ गाइडिंग के साथ एक दोस्त की भुन ने बहुत जरूरत होती जिसके साथ वह अपनी बातें पीजी चाकन बिना संकोच क्यों शेयर कर पाए दूसरी बात कि साथ में रखने के लिए आप उनके साथ उनको उनका टाइम दे के साथ घूमने जाए जैसे फ्रेंड्स माता हैंग आउट करना तो वैसे भी अपने बच्चों के साथ हैंगआउट करें ताकि आपके बच्चे जितनी ज्यादा आपसे फ्रेंड ही लेंगे होते हैं आपके करीब देंगे उतनी बात आपसे शेयर करेंगे कि आज जमाना यह नहीं है कि हम बच्चों में अपनी पुरानी पुरानी जो बातें हैं उनका पोस्ट डालें गया जमाने यह कि उनको अपने हिसाब से अपनी जिंदगी तय करने दे और डेफिनेटली गाइडेंस की जरूरत है वह पिक गाइड भी करते रहे लेकिन हां शक्ति के साथ नहीं बल्कि प्यार मोहब्बत और एक अच्छी पिक्चर अक्षय प्रिंटर मेंVikee Mera Manana Hai Ki Mata Pita Apne Bacchon Se Accha Rishta Bhi Bana Sakte Hain Jab Unki Baat Ko Man Ki Baat Ko Samajhna Bahut Zaroori Hota Hai Wah Jaakar Chahte Kya Hai Bahut Baar Unhen Unka Dost Bankar Rehna Padata Hai Is Guiding Ke Saath Guiding Ke Saath Ek Dost Ki Bhun Ne Bahut Zaroorat Hoti Jiske Saath Wah Apni Batein PG Chakan Bina Sankoch Kyon Share Kar Paye Dusri Baat Ki Saath Mein Rakhne Ke Liye Aap Unke Saath Unko Unka Time De Ke Saath Ghoomne Jaye Jaise Friends Mata Hang Out Karna To Waise Bhi Apne Bacchon Ke Saath Hangout Karen Taki Aapke Bacche Jitni Zyada Aapse Friend Hi Lenge Hote Hain Aapke Karib Denge Utani Baat Aapse Share Karenge Ki Aaj Jamana Yeh Nahi Hai Ki Hum Bacchon Mein Apni Purani Purani Jo Batein Hain Unka Post Daalein Gaya Jamaane Yeh Ki Unko Apne Hisab Se Apni Zindagi Tay Karne De Aur Definetli Guidance Ki Zaroorat Hai Wah Pic Guide Bhi Karte Rahe Lekin Haan Shakti Ke Saath Nahi Balki Pyar Mohabbat Aur Ek Acchi Picture Akshay Printer Mein
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इसके माता-पिता को कभी-कभी लगता है कि अगर उन्होंने जन्म दिया है बच्चों को तो उनका उन पर अधिकार है जो कि सरासर गलत है आप ने जन्म दिया हो सकता है उनको लेकिन वह एक अलग इंसान है उनकी अलग उनका जो है अलग बात...
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इसके माता-पिता को कभी-कभी लगता है कि अगर उन्होंने जन्म दिया है बच्चों को तो उनका उन पर अधिकार है जो कि सरासर गलत है आप ने जन्म दिया हो सकता है उनको लेकिन वह एक अलग इंसान है उनकी अलग उनका जो है अलग बात है वह आपकी बात मान सकते हैं लेकिन आप उनको कंट्रोल नहीं कर सकते आप उनको ओल्ड नहीं कर सकते यह बात बाबा को समझनी चाहिए कि उनकी अपनी सोच है अपनी लाइफ है तो जब तक वह उस लेवल तक नहीं पहुंचते कि अपना अच्छा बुरा भला बुरा हो समझ सके आपको उनको गाइड करना चाहिए उनके साथ रहना चाहिए और उनको अपनी देखरेख में रखना चाहिए लेकिन जहां पर वो इंडिपेंडेंट हो जाते हैं सेटल हो जाते हैं वहां पर आपको थोड़ा थोड़ा अपना कंट्रोल कम कर देना चाहिए क्योंकि अगर आप उनको यह संभलने का मौका देंगे नहीं तो अगर खुदा ना खसता अपना रहे दुनिया में तो आगे जाकर उनको काफी तो दिक्कत हो सकती है लाइफ जीने नहीं तो आप कुछ है कि थोड़ा सा इंडिपेंडेंट थिंकिंग आप उनको बचपन से ही दे ताकि वह किसी एशियन में अपने आप को मैनेज कर सके जहां तक बच्चों का सवाल है मां-बाप को सिर्फ एक एटीएम मशीन या फिर अपने सर्विस उसके बारे अकेली मत सोचें मां बाप ने वह जिन्होंने आप को जन्म दिया है आपके लिए काफी पूरी जिंदगी होने आपकी ने लगाई है तो थोड़ा सा उनके लिए टाइम निकालिए और उनकी कहीं भी बातों पर उनकी बातों को समझिए हो सके तो उस पर चलिए मां बाप से होते हैं वह बहुत ही इंपॉर्टेंट है लाइफ में उनकी उन्होंने आपको जन्म दिया होता है संस्कार दिया होता है हर कोई लकी नहीं अच्छे मां-बाप आने के लिए मैं यह नहीं कहती कि सबके मां-बाप एक जैसे होते हैं लेकिन अगर आप हैं जो लकी है जो अच्छे मां-बाप मिले हैं तो डेफिनटली आपको उनका आदर सम्मान करना चाहिए और उनकी देखभाल भी करनी चाहिए और अगर दोनों मिलकर चले बैलेंस रखे रिश्तो में इमोशंस में देखने के लिए रिश्ता जो होता है बहुत भूत होता है जहां पर आपको जज नहीं करना है कंट्रोल नहीं करना है और एक्सपेक्टेशन उम्मीदें कम रखनी हैIske Mata Pita Ko Kabhi Kabhi Lagta Hai Ki Agar Unhone Janm Diya Hai Bacchon Ko To Unka Un Par Adhikaar Hai Jo Ki Sarasar Galat Hai Aap Ne Janm Diya Ho Sakta Hai Unko Lekin Wah Ek Alag Insaan Hai Unki Alag Unka Jo Hai Alag Baat Hai Wah Aapki Baat Maan Sakte Hain Lekin Aap Unko Control Nahi Kar Sakte Aap Unko Old Nahi Kar Sakte Yeh Baat Baba Ko Samajhni Chahiye Ki Unki Apni Soch Hai Apni Life Hai To Jab Tak Wah Us Level Tak Nahi Pahunchate Ki Apna Accha Bura Bhala Bura Ho Samajh Sake Aapko Unko Guide Karna Chahiye Unke Saath Rehna Chahiye Aur Unko Apni Dekharekh Mein Rakhna Chahiye Lekin Jahan Par Vo Independent Ho Jaate Hain Settle Ho Jaate Hain Wahan Par Aapko Thoda Thoda Apna Control Kam Kar Dena Chahiye Kyonki Agar Aap Unko Yeh Sambhalane Ka Mauka Denge Nahi To Agar Khuda Na Khasata Apna Rahe Duniya Mein To Aage Jaakar Unko Kafi To Dikkat Ho Sakti Hai Life Jeene Nahi To Aap Kuch Hai Ki Thoda Sa Independent Thinking Aap Unko Bachpan Se Hi De Taki Wah Kisi Asian Mein Apne Aap Ko Manage Kar Sake Jahan Tak Bacchon Ka Sawal Hai Maa Baap Ko Sirf Ek Atm Machine Ya Phir Apne Service Uske Bare Akeli Mat Sochen Maa Baap Ne Wah Jinhone Aap Ko Janm Diya Hai Aapke Liye Kafi Puri Zindagi Hone Aapki Ne Lagai Hai To Thoda Sa Unke Liye Time Nikaliye Aur Unki Kahin Bhi Baaton Par Unki Baaton Ko Samajhie Ho Sake To Us Par Chaliye Maa Baap Se Hote Hain Wah Bahut Hi Important Hai Life Mein Unki Unhone Aapko Janm Diya Hota Hai Sanskar Diya Hota Hai Har Koi Lucky Nahi Acche Maa Baap Aane Ke Liye Main Yeh Nahi Kahti Ki Sabke Maa Baap Ek Jaise Hote Hain Lekin Agar Aap Hain Jo Lucky Hai Jo Acche Maa Baap Mile Hain To Definatali Aapko Unka Aadar Samman Karna Chahiye Aur Unki Dekhbhal Bhi Karni Chahiye Aur Agar Dono Milkar Chale Balance Rakhe Rishto Mein Emotional Mein Dekhne Ke Liye Rishta Jo Hota Hai Bahut Bhoot Hota Hai Jahan Par Aapko Judge Nahi Karna Hai Control Nahi Karna Hai Aur Expectation Ummeden Kam Rakhni Hai
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आप सभी श्रोताओं को नमस्कार देखिए माता-पिता और बच्चों के बीच में जो सामान्य से स्थापित करके रखना है उसमें सबसे बड़ी अहम भूमिका होती है कि वेकेशन देखिए एक उम्र तक जब बच्चे छोटे होते हैं तो हम उन्हें डां...
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आप सभी श्रोताओं को नमस्कार देखिए माता-पिता और बच्चों के बीच में जो सामान्य से स्थापित करके रखना है उसमें सबसे बड़ी अहम भूमिका होती है कि वेकेशन देखिए एक उम्र तक जब बच्चे छोटे होते हैं तो हम उन्हें डांट के थोड़ा सा फ्रेश अब देखो ने समझा देते हैं इसलिए वह थोड़ा सा उस समय हम से किसी भी चीज को लेकर आगे उम्मीद नहीं करते या फिर उस समय वह उन चीजों पर ज्यादा फोकस नहीं करते क्योंकि छोटे होते लेकिन जैसे जैसे बड़े होते हैं तब हम उनको नहीं डांट सकते हैं माता-पिता जो भी है ना उन्हें डांट सकते हैं लोग डिप्रेशन दे सकते हैं क्योंकि नई जनरेशन है नई सोच है और बहुत सारी चीजें ऐसी होती है कि माता-पिता देखते हैं और बच्चों को समझाने की कोशिश करते और बच्चे उनको समझ नहीं पाते और वह गलतियां बार-बार रिपीट करते रहते हैं तो इससे अच्छा है मां या बाप सबसे स्पेशल पर में मां की बात करूं तो बाद में वह क्षमता है कि वह अपने बच्चों से कम निकेशन करें उन की प्रॉब्लम्स को पूछे हो क्या सोचते हैं क्या करना चाहते हैं क्या है उनके मन में यह सारी चीजें चांदनी होंगी तभी जाकर समझ जैसा साबित करना पड़ेगा एक पिता जब अपने बच्चों से बात करता है तो बच्चे भी थोड़ी डर डर से रहते हैं पिता एक ऐसा व्यक्तित्व होता है कि उस समय मान लीजिए पिता को लोग बहुत ही ज्यादा उस समय बच्चे सीरियसली लेते तो जरूर है कि कुछ जानते हैं कि जो भी कर रहे हो वो हमारे पिता है और हमारी भलाई के लिए कर रहे हैं लेकिन उस पर क्या होता है कि अगर आप सख्ती दिखाते हैं तो बच्चे उस समय तो आप से डर जाएंगे या फिर आपकी बातों को फॉलो करके लेकिन बाद में चलती वह ऐसा नहीं करेंगे तो पिता हो या ना हो दोनों को मिलकर सॉफ्ट तरीके से बात करनी होगी बच्चों से अच्छे से और उनको समझना होगा अगर उनको कोई प्रॉब्लम है तो यह बात आपको समझ नहीं होगी और उसी आधार पर उनको सलूशन देना होगा धन्यवादAap Sabhi Shrotaon Ko Namaskar Dekhie Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Mein Jo Samanya Se Sthapit Karke Rakhna Hai Usamen Sabse Badi Aham Bhumika Hoti Hai Ki Vacation Dekhie Ek Umar Tak Jab Bacche Chote Hote Hain To Hum Unhen Dant Ke Thoda Sa Fresh Ab Dekho Ne Samjha Dete Hain Isliye Wah Thoda Sa Us Samay Hum Se Kisi Bhi Cheez Ko Lekar Aage Ummid Nahi Karte Ya Phir Us Samay Wah Un Chijon Par Zyada Focus Nahi Karte Kyonki Chote Hote Lekin Jaise Jaise Bade Hote Hain Tab Hum Unko Nahi Dant Sakte Hain Mata Pita Jo Bhi Hai Na Unhen Dant Sakte Hain Log Depression De Sakte Hain Kyonki Nayi Generation Hai Nayi Soch Hai Aur Bahut Saree Cheezen Aisi Hoti Hai Ki Mata Pita Dekhte Hain Aur Bacchon Ko Samjhaane Ki Koshish Karte Aur Bacche Unko Samajh Nahi Paate Aur Wah Galtiya Baar Baar Repeat Karte Rehte Hain To Isse Accha Hai Maa Ya Baap Sabse Special Par Mein Maa Ki Baat Karun To Baad Mein Wah Kshamta Hai Ki Wah Apne Bacchon Se Kam Nikeshan Karen Un Ki Problem Ko Puche Ho Kya Sochte Hain Kya Karna Chahte Hain Kya Hai Unke Man Mein Yeh Saree Cheezen Chandni Hongi Tabhi Jaakar Samajh Jaisa Saabit Karna Padega Ek Pita Jab Apne Bacchon Se Baat Karta Hai To Bacche Bhi Thodi Dar Dar Se Rehte Hain Pita Ek Aisa Vyaktitva Hota Hai Ki Us Samay Maan Lijiye Pita Ko Log Bahut Hi Zyada Us Samay Bacche Siriyasali Lete To Jarur Hai Ki Kuch Jante Hain Ki Jo Bhi Kar Rahe Ho Vo Hamare Pita Hai Aur Hamari Bhalai Ke Liye Kar Rahe Hain Lekin Us Par Kya Hota Hai Ki Agar Aap Sakhti Dikhate Hain To Bacche Us Samay To Aap Se Dar Jaenge Ya Phir Aapki Baaton Ko Follow Karke Lekin Baad Mein Chalti Wah Aisa Nahi Karenge To Pita Ho Ya Na Ho Dono Ko Milkar Soft Tarike Se Baat Karni Hogi Bacchon Se Acche Se Aur Unko Samajhna Hoga Agar Unko Koi Problem Hai To Yeh Baat Aapko Samajh Nahi Hogi Aur Ussi Aadhar Par Unko Salution Dena Hoga Dhanyavad
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जिस तरह से आप का सवाल है माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता कैसे बनाए रख सकते हैं तो माता-पिता को एक कंट्रोल और उनको डिसिप्लिन में रखना और उनकी जरूरत तो समझ लेना कई सारी ऐसी चीज होती है तो माता-पिता...
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जिस तरह से आप का सवाल है माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता कैसे बनाए रख सकते हैं तो माता-पिता को एक कंट्रोल और उनको डिसिप्लिन में रखना और उनकी जरूरत तो समझ लेना कई सारी ऐसी चीज होती है तो माता-पिता को आने चाहिए बच्चों को इतनी छूट भी नहीं देनी चाहिए क्यों बिगड़ गया और इतना कछला भी नहीं चाहिए कि वह अंदर ही अंदर घुट मर गया तो बच्चों के साथ माता-पिता को मुझे लगता है कि एक हर टाइम पर उनको एक दोस्त के साथी की जरूरत के रूप में को देना चाहिए उनकी जरूरतों कविता ने मुझे यहां पर बच्चों को आसानी से कोई चीज नहीं देनी चाहिए 6 बार तो देख सके बचत थोड़े से जीत करता है उसको दे देता है वह बचपन में चॉकलेट की हो या फिर बड़े-बड़े के बाद पाएगी या कुछ भी हो उसकी खुद ताश के रूप में को देना चाहिए जिससे बच्चे खुद अटेंड हो जाएगी उन्हें अगर काम करेंगे तब इनको कुछ अचीवमेंट मिलेगी बच्चों को फ्री में कुछ नहीं देना चाहिए ताकि उनको खाना जी की जिंदगी में हर चीज आसानी से नहीं मिलतीJis Tarah Se Aap Ka Sawal Hai Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Ka Rishta Kaise Banaye Rakh Sakte Hain To Mata Pita Ko Ek Control Aur Unko Discipline Mein Rakhna Aur Unki Zaroorat To Samajh Lena Kai Saree Aisi Cheez Hoti Hai To Mata Pita Ko Aane Chahiye Bacchon Ko Itni Chhut Bhi Nahi Deni Chahiye Kyon Bigad Gaya Aur Itna Kuchela Bhi Nahi Chahiye Ki Wah Andar Hi Andar Ghut Mar Gaya To Bacchon Ke Saath Mata Pita Ko Mujhe Lagta Hai Ki Ek Har Time Par Unko Ek Dost Ke Sathi Ki Zaroorat Ke Roop Mein Ko Dena Chahiye Unki Jaruraton Kavita Ne Mujhe Yahan Par Bacchon Ko Aasani Se Koi Cheez Nahi Deni Chahiye 6 Baar To Dekh Sake Bachat Thode Se Jeet Karta Hai Usko De Deta Hai Wah Bachpan Mein Chocolate Ki Ho Ya Phir Bade Bade Ke Baad Payegi Ya Kuch Bhi Ho Uski Khud Tash Ke Roop Mein Ko Dena Chahiye Jisse Bacche Khud Attend Ho Jayegi Unhen Agar Kaam Karenge Tab Inko Kuch Achievement Milegi Bacchon Ko Free Mein Kuch Nahi Dena Chahiye Taki Unko Khana G Ki Zindagi Mein Har Cheez Aasani Se Nahi Milti
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व्हिच अगर माता-पिता और बच्चों के रिश्तो की बात की जाए तो यह बहुत अनोखा रिश्ता होता है अब बात करते हैं कि इस अनोखे रिश्ते को हमेशा कैसे अच्छे से रखा जाए और हमेशा कैसे प्यार में राजा मुझे लगता है कि दोन...
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व्हिच अगर माता-पिता और बच्चों के रिश्तो की बात की जाए तो यह बहुत अनोखा रिश्ता होता है अब बात करते हैं कि इस अनोखे रिश्ते को हमेशा कैसे अच्छे से रखा जाए और हमेशा कैसे प्यार में राजा मुझे लगता है कि दोनों ही बच्चे और माता पिता दोनों ही समझदार बनेंगे तो मुझे नहीं लगता कि कोई दिक्कत आएगी वह कैसे कहां-कहां दिक्कत आती है रिश्तो में अगर हम बात करते हैं अगर मैं स्पेशली भारत की बात करूं तो कहीं ना कहीं भारत के जो पेरेंट्स होते हैं वह कह रहे थे मैं मानता हूं बहुत अच्छी बात है लेकिन कभी-कभी कंजरवेटिव हो जाते हैं दादा रूठो करते अपने बच्चों को जिस वजह से बच्चे भी अपने माता पिता को सारी बात बताना पसंद नहीं करते तो यह जॉक ऑफ कम्युनिकेशन होता है जो कि नहीं होना चाहिए यह बहुत खतरनाक होता है मेरा मन नहीं होता तो प्लीज को थोड़ा समझदार बनना चाहिए बच्चों को इतना रिस्पेक्ट ना लगाएं अगर कोई चीज गलत है तो बिल्कुल बच्चों को प्यार से समझा सकते हैं ना और गुस्से में बोलने की वजह करूं बच्चों को प्यार से समझाना चाहिए तो बिल्कुल बच्चे भी समझेंगे और थोड़ा सा दोनों के बीच में एक फ्रेंडशिप वाला रेलवे स्टेशन बनेगा जो कि बहुत जरूरी है तो मुझे 1 अप्रैल को अपने बच्चों के साथ एक फ्रेंडशिप कि आप ऐसे कैसे नीचे रखना चाहिए क्योंकि बहुत जरूरी था कि बच्चों की शादी पर माता पिता को बता सकें पहले क्या होता है कभी कभी आपने देखा होगा कि बच्चे अपने लाइफ में कुछ और करना चाहते हैं लेकिन माता पिता जो होते हैं वह हमेशा मुझे बोलते हैं कभी-कभी कि नहीं आपको यही बनना है आपको यह पढ़ाई करनी चाहिए इस में दिक्कत आ जाती है तो बच्चों दोनों को ही समझदार बनना चाहिए अगर बच्चों को कुछ बात समझाने में माता पिता को तो उनको प्यार से समझाएं प्यार से समझाने की कोशिश करना कि गुस्से से और रही बात की अगर शादी के बाद कैसे मैनेज करें माता पिता के साथ रिलेशनशिप तो मुझे लगता है कि अगर आप समझदार है तो अपनी मैरिड लाइफ अपने माता पिता दोनों की एक साथ खुश रख सकते हैं तो आप को समझदार बनना हैWhich Agar Mata Pita Aur Bacchon Ke Rishto Ki Baat Ki Jaye To Yeh Bahut Anokha Rishta Hota Hai Ab Baat Karte Hain Ki Is Anokhe Rishte Ko Hamesha Kaise Acche Se Rakha Jaye Aur Hamesha Kaise Pyar Mein Raja Mujhe Lagta Hai Ki Dono Hi Bacche Aur Mata Pita Dono Hi Samajhdar Banenge To Mujhe Nahi Lagta Ki Koi Dikkat Aaegi Wah Kaise Kahaan Kahaan Dikkat Aati Hai Rishto Mein Agar Hum Baat Karte Hain Agar Main Speshli Bharat Ki Baat Karun To Kahin Na Kahin Bharat Ke Jo Parents Hote Hain Wah Keh Rahe The Main Manata Hoon Bahut Acchi Baat Hai Lekin Kabhi Kabhi Kanjaravetiv Ho Jaate Hain Dada Rutho Karte Apne Bacchon Ko Jis Wajah Se Bacche Bhi Apne Mata Pita Ko Saree Baat Batana Pasand Nahi Karte To Yeh Jock Of Communication Hota Hai Jo Ki Nahi Hona Chahiye Yeh Bahut Khataranaak Hota Hai Mera Man Nahi Hota To Please Ko Thoda Samajhdar Banana Chahiye Bacchon Ko Itna Respect Na Lagaen Agar Koi Cheez Galat Hai To Bilkul Bacchon Ko Pyar Se Samjha Sakte Hain Na Aur Gusse Mein Bolne Ki Wajah Karun Bacchon Ko Pyar Se Samajhana Chahiye To Bilkul Bacche Bhi Samjhenge Aur Thoda Sa Dono Ke Bich Mein Ek Friendship Vala Railway Station Banega Jo Ki Bahut Zaroori Hai To Mujhe 1 April Ko Apne Bacchon Ke Saath Ek Friendship Ki Aap Aise Kaise Neeche Rakhna Chahiye Kyonki Bahut Zaroori Tha Ki Bacchon Ki Shadi Par Mata Pita Ko Bata Saken Pehle Kya Hota Hai Kabhi Kabhi Aapne Dekha Hoga Ki Bacche Apne Life Mein Kuch Aur Karna Chahte Hain Lekin Mata Pita Jo Hote Hain Wah Hamesha Mujhe Bolte Hain Kabhi Kabhi Ki Nahi Aapko Yahi Banana Hai Aapko Yeh Padhai Karni Chahiye Is Mein Dikkat Aa Jati Hai To Bacchon Dono Ko Hi Samajhdar Banana Chahiye Agar Bacchon Ko Kuch Baat Samjhaane Mein Mata Pita Ko To Unko Pyar Se Samjhayen Pyar Se Samjhaane Ki Koshish Karna Ki Gusse Se Aur Rahi Baat Ki Agar Shadi Ke Baad Kaise Manage Karen Mata Pita Ke Saath Relationship To Mujhe Lagta Hai Ki Agar Aap Samajhdar Hai To Apni Married Life Apne Mata Pita Dono Ki Ek Saath Khush Rakh Sakte Hain To Aap Ko Samajhdar Banana Hai
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माता पिता और बच्चों के बीच एक अच्छा रिश्ता बनाए रखने के लिए मुझे लगता है कि दोनों ही तरफ से और अपच की जरूरत होती है और बच्चों को हमेशा अपने मां-बाप के साथ हर चीज शेयर करनी चाहिए हर चीज़ हमको बता नहीं ...
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माता पिता और बच्चों के बीच एक अच्छा रिश्ता बनाए रखने के लिए मुझे लगता है कि दोनों ही तरफ से और अपच की जरूरत होती है और बच्चों को हमेशा अपने मां-बाप के साथ हर चीज शेयर करनी चाहिए हर चीज़ हमको बता नहीं चाहिए चाहे वह अच्छी चीज को बुरी चीज हो जो भी आपके साथ हो रहा है आपकी लाइफ में आप जो भी चीज से गुजर रहे हैं तो उन सब चीजों को अपने माता पिता को जरूर बताएं और रघु सकता है कई बार आपको ऑफ वड लगे कि यह चीज मुझे बतानी नहीं चाहिए शायद मेरी डांट लग जाएगी या कुछ और हो जाएगा तो इन चीजों से बचने किसी से अच्छा है कि आप अपने माता पिता को बता दें ताकि आगे चलकर अगर आप के ऊपर कोई दिक्कत आती है आपको कोई प्रॉब्लम होती है तो वह आपके साथ खड़े रहेंगे उसके अलावा माता-पिता को भी कहीं ना कहीं अपने बच्चों की बातें समझ नहीं चाहिए और उनको डांट नहीं खाया डराने का तरीका नहीं इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि नहीं डरा कि आप कहीं ना कहीं बच्चे को अपने आप से दूर कर देते हैं वही अगर आप अपने बच्चे से एक फ्रेंड की तरह एक बहुत प्यार से बात करने की कोशिश करेंगे तो कहीं ना कहीं बच्चा आपको एक चीज जरूर बताएगा और इससे यह भी होगा कि आपके और बच्चे के बीच के रिलेशन सयाने संबंध अच्छे होंगे और वही और आप आगे चल कर आप को अगर ऐसा लगता है कि आपका बच्चा कुछ गलत कर रहा है तो अगर आप उसको प्यार से समझाएंगे तो समझ भी जाएगा और अगर कुछ गलत हो कर भी रहा होगा तो वह आपको डर की वजह से हो सकता है ना भी बताएं लेकिन अगर आप उससे अच्छे रिलेशन सच्चे संबंध बनाकर रखेंगे तो कहीं ना कहीं वह आपको बताएगा और आप उसको वहीं के वहीं सुधार भी सकते हैं तो वही चीज है और दोनों ही तरफ से होनी चाहिए तभी जाकर एक अच्छा रिश्ता बनाए रख सकते हैं मां बाप और बच्चेMata Pita Aur Bacchon Ke Bich Ek Accha Rishta Banaye Rakhne Ke Liye Mujhe Lagta Hai Ki Dono Hi Taraf Se Aur Apach Ki Zaroorat Hoti Hai Aur Bacchon Ko Hamesha Apne Maa Baap Ke Saath Har Cheez Share Karni Chahiye Har Cheese Hamko Bata Nahi Chahiye Chahe Wah Acchi Cheez Ko Buri Cheez Ho Jo Bhi Aapke Saath Ho Raha Hai Aapki Life Mein Aap Jo Bhi Cheez Se Gujar Rahe Hain To Un Sab Chijon Ko Apne Mata Pita Ko Jarur Bataen Aur Raghu Sakta Hai Kai Baar Aapko Of Vad Lage Ki Yeh Cheez Mujhe Batani Nahi Chahiye Shayad Meri Dant Lag Jayegi Ya Kuch Aur Ho Jayega To In Chijon Se Bachane Kisi Se Accha Hai Ki Aap Apne Mata Pita Ko Bata Dein Taki Aage Chalkar Agar Aap Ke Upar Koi Dikkat Aati Hai Aapko Koi Problem Hoti Hai To Wah Aapke Saath Khade Rahenge Uske Alava Mata Pita Ko Bhi Kahin Na Kahin Apne Bacchon Ki Batein Samajh Nahi Chahiye Aur Unko Dant Nahi Khaya Darane Ka Tarika Nahi Istemal Karna Chahiye Kyonki Nahi Daraa Ki Aap Kahin Na Kahin Bacche Ko Apne Aap Se Dur Kar Dete Hain Wahi Agar Aap Apne Bacche Se Ek Friend Ki Tarah Ek Bahut Pyar Se Baat Karne Ki Koshish Karenge To Kahin Na Kahin Baccha Aapko Ek Cheez Jarur Batayega Aur Isse Yeh Bhi Hoga Ki Aapke Aur Bacche Ke Bich Ke Relation Sayaane Sambandh Acche Honge Aur Wahi Aur Aap Aage Chal Kar Aap Ko Agar Aisa Lagta Hai Ki Aapka Baccha Kuch Galat Kar Raha Hai To Agar Aap Usko Pyar Se Samjhayeange To Samajh Bhi Jayega Aur Agar Kuch Galat Ho Kar Bhi Raha Hoga To Wah Aapko Dar Ki Wajah Se Ho Sakta Hai Na Bhi Bataen Lekin Agar Aap Usse Acche Relation Sacche Sambandh Banakar Rakhenge To Kahin Na Kahin Wah Aapko Batayega Aur Aap Usko Wahin Ke Wahin Sudhaar Bhi Sakte Hain To Wahi Cheez Hai Aur Dono Hi Taraf Se Honi Chahiye Tabhi Jaakar Ek Accha Rishta Banaye Rakh Sakte Hain Maa Baap Aur Bacche
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मेरे विचार से वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ट्रांसपरेंसी होना बहुत जरूरी है आज के बच्चे चाहते हैं कि वह सब कुछ खुल कर बताएं और उन्हें भी सब कुछ खुलकर बताया जाए अगर माता-पिता और बच्चों में एक दूसरे से बात क...
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मेरे विचार से वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ट्रांसपरेंसी होना बहुत जरूरी है आज के बच्चे चाहते हैं कि वह सब कुछ खुल कर बताएं और उन्हें भी सब कुछ खुलकर बताया जाए अगर माता-पिता और बच्चों में एक दूसरे से बात करने का खुला बंद होगा वह हर बात एक दूसरे से शेयर कर सकते हैं तो मुझे लगता है कि यह रिश्ते ज्यादा मधुर और ज्यादा अच्छे हो सकते हैं पहले ऐसा होता था कि माता-पिता ज्यादातर बच्चों को कोई बात बताती नहीं थे बच्चे भी अनुशासन के कारण दर्द के कारण के कारण अपने पेरेंट्स को कोई मिस अंडरस्टेंडिंग की बहुत संभावना रहती थी लेकिन आज की जनरेशन चाहती है कि वह जो कुछ भी कर रही है उसे पता है और वह चाहती है कि उसके पेरेंट्स की बात को समझे वह क्या करना चाहते हैं वह क्या करने की कोशिश कर रहे हैं इस बात को पहले भी समझें और मुझे लगता है कि पेरेंट्स को भी यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे उनसे क्या कहते हैं अगर वह खुलकर आपस में एक दूसरे से बात करेंगे और अपनी इच्छाएं अपनी आवश्यकता है एक दूसरे को बताएंगे तो मुझे लगता है उससे काफी कुछ सरलता जाए रिश्ते ही रहेंगे और इश्क में प्यार भी रहेगा सही है कि पेरेंट्स को अपने बच्चों की हर बात भी नहीं माननी चाहिए लेकिन फिर भी आज के बच्चे चाहते हैं कि उन्हें पूरी स्वतंत्रता मिले तो पेरेंट्स को भी उन्हें स्वतंत्रता देनी चाहिए लेकिन सब कुछ उन्हें पता होना चाहिए क्योंकि बच्चे क्या कर रहे हैंMere Vichar Se Vartaman Pariprekshya Mein Transaparensi Hona Bahut Zaroori Hai Aaj Ke Bacche Chahte Hain Ki Wah Sab Kuch Khul Kar Bataen Aur Unhen Bhi Sab Kuch Khulkar Bataya Jaye Agar Mata Pita Aur Bacchon Mein Ek Dusre Se Baat Karne Ka Khula Band Hoga Wah Har Baat Ek Dusre Se Share Kar Sakte Hain To Mujhe Lagta Hai Ki Yeh Rishte Zyada Madhur Aur Zyada Acche Ho Sakte Hain Pehle Aisa Hota Tha Ki Mata Pita Jyadatar Bacchon Ko Koi Baat Batati Nahi The Bacche Bhi Anushasan Ke Kaaran Dard Ke Kaaran Ke Kaaran Apne Parents Ko Koi Miss Andarastending Ki Bahut Sambhavna Rehti Thi Lekin Aaj Ki Generation Chahti Hai Ki Wah Jo Kuch Bhi Kar Rahi Hai Use Pata Hai Aur Wah Chahti Hai Ki Uske Parents Ki Baat Ko Samjhe Wah Kya Karna Chahte Hain Wah Kya Karne Ki Koshish Kar Rahe Hain Is Baat Ko Pehle Bhi Samajhe Aur Mujhe Lagta Hai Ki Parents Ko Bhi Yeh Dekhna Chahiye Ki Unke Bacche Unse Kya Kehte Hain Agar Wah Khulkar Aapas Mein Ek Dusre Se Baat Karenge Aur Apni Ichhaen Apni Avashyakta Hai Ek Dusre Ko Batayenge To Mujhe Lagta Hai Usse Kafi Kuch Saralata Jaye Rishte Hi Rahenge Aur Ishq Mein Pyar Bhi Rahega Sahi Hai Ki Parents Ko Apne Bacchon Ki Har Baat Bhi Nahi Maanani Chahiye Lekin Phir Bhi Aaj Ke Bacche Chahte Hain Ki Unhen Puri Svatantrata Mile To Parents Ko Bhi Unhen Svatantrata Deni Chahiye Lekin Sab Kuch Unhen Pata Hona Chahiye Kyonki Bacche Kya Kar Rahe Hain
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मुझे लगता है इसके लिए सबसे जरूरी है वह माता-पिता जो है अपने बच्चे पर भरोसा करें क्या तरक्की पर माता-पिता इतनी शक्ति हो जाते हैं या बच्चों को लेकर ज्यादा चिंतित रहते भरोसा नहीं कर पाते मुझे लगता एक बहु...
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मुझे लगता है इसके लिए सबसे जरूरी है वह माता-पिता जो है अपने बच्चे पर भरोसा करें क्या तरक्की पर माता-पिता इतनी शक्ति हो जाते हैं या बच्चों को लेकर ज्यादा चिंतित रहते भरोसा नहीं कर पाते मुझे लगता एक बहुत बड़ा डॉन कौन है यह बहुत बड़ा रीजन है बच्चे अपने पेरेंट्स से खुलकर बात नहीं कर पाते आजकल यह अगर पेरेंट्स अपने बच्चों में धीरे-धीरे भरोसा दिखाने लगेंगे ना तो उनके बच्चों में भी जिम्मेदारी का एहसास होगा कि उन्हें अपने पेरेंट्स से झूठ नहीं बोलना उनसे बातें नहीं छुपानी है और उनको इन्फॉर्म रखना अपने बारे में यह सबसे बड़ा कारण है जो मुझे लगता है आजकल के पेरेंट्स में मतलब आजकल तो फिर बैलेंस भरोसा करते हैं अपने बच्चों पर हमारे समय में ऐसे कई सारे पेरेंट्स हुआ करते थे अपने बच्चों पर बिलकुल भरोसा नहीं करते थे चैन कुली मेरे पेरेंट्स ने मुझ पर हमेशा भरोसा किया इसलिए मेरा संबंध उनके साथ हमेशा से अच्छा रहा है तो यह पेरेंट्स की तरफ से फ्री हो गया बच्चों की तरफ से यह बच्चे अपने पेरेंट्स से डरे ना इसलिए मुझे लगता कि पेरेंट्स को ही पहल करनी चाहिए पेरेंट्स को समझ नहीं चाहिए बाकी बच्चे और कोमल होता है उधर शुरुआत से एक दोस्त की तरह रहेंगे एक बार जिनके बच्चे तो बच्चे ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करेंगे और अगर बच्चे ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करेंगे तो ज्यादा बातें बताएंगे उनसे सब चीजें शेयर करेंगे और उनके खतरे में पड़ने का चांस कम होगा तो इसलिए मुझे लगता पेरेंट्स को अपनी तरफ से बहुत कोशिश करनी चाहिए कि वह बच्चों को डराएं नहीं उनके साथ प्यार से बातें करेंMujhe Lagta Hai Iske Liye Sabse Zaroori Hai Wah Mata Pita Jo Hai Apne Bacche Par Bharosa Karen Kya Tarakki Par Mata Pita Itni Shakti Ho Jaate Hain Ya Bacchon Ko Lekar Zyada Chintit Rehte Bharosa Nahi Kar Paate Mujhe Lagta Ek Bahut Bada Don Kaon Hai Yeh Bahut Bada Reason Hai Bacche Apne Parents Se Khulkar Baat Nahi Kar Paate Aajkal Yeh Agar Parents Apne Bacchon Mein Dhire Dhire Bharosa Dikhane Lagenge Na To Unke Bacchon Mein Bhi Jimmedari Ka Ehsaas Hoga Ki Unhen Apne Parents Se Jhuth Nahi Bolna Unse Batein Nahi Chupani Hai Aur Unko Inform Rakhna Apne Bare Mein Yeh Sabse Bada Kaaran Hai Jo Mujhe Lagta Hai Aajkal Ke Parents Mein Matlab Aajkal To Phir Balance Bharosa Karte Hain Apne Bacchon Par Hamare Samay Mein Aise Kai Sare Parents Hua Karte The Apne Bacchon Par Bilkul Bharosa Nahi Karte The Chain Kuli Mere Parents Ne Mujh Par Hamesha Bharosa Kiya Isliye Mera Sambandh Unke Saath Hamesha Se Accha Raha Hai To Yeh Parents Ki Taraf Se Free Ho Gaya Bacchon Ki Taraf Se Yeh Bacche Apne Parents Se Dare Na Isliye Mujhe Lagta Ki Parents Ko Hi Pahal Karni Chahiye Parents Ko Samajh Nahi Chahiye Baki Bacche Aur Komal Hota Hai Udhar Shuruvat Se Ek Dost Ki Tarah Rahenge Ek Baar Jinke Bacche To Bacche Zyada Comfortable Mahsus Karenge Aur Agar Bacche Zyada Comfortable Mahsus Karenge To Zyada Batein Batayenge Unse Sab Cheezen Share Karenge Aur Unke Khatre Mein Padane Ka Chance Kam Hoga To Isliye Mujhe Lagta Parents Ko Apni Taraf Se Bahut Koshish Karni Chahiye Ki Wah Bacchon Ko Daraen Nahi Unke Saath Pyar Se Batein Karen
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देखिए आज के दौर में जनरेशन क्या आप एक बहुत बड़ा इशू है और हर घर में कैसे भी लेवल की या किसी भी सोशल साइट्स के लोगों यह जो इशू है जान लेकिन क्या आप यह सब के घर में सब को फेस करना पड़ता है प्रॉब्लम यह ह...
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देखिए आज के दौर में जनरेशन क्या आप एक बहुत बड़ा इशू है और हर घर में कैसे भी लेवल की या किसी भी सोशल साइट्स के लोगों यह जो इशू है जान लेकिन क्या आप यह सब के घर में सब को फेस करना पड़ता है प्रॉब्लम यह है यह है कि जो हमारे पेरेंट्स थे उनके टाइम एंड टेक्नोलॉजी इन एडवांस से ज्यादा मरने से नहीं थी और हमारी जनरेशन में 9:30 वाले जो लोग हैं उनके जैसे एकदम से सब्जी से आई तो हम सबके मन में जिज्ञासा रहती तब ट्राई करने के बाद हमारे पेरेंट्स कंफर्टेबल नहीं है इसको लेकर और प्रिंस लिए रोज झगड़े आग में सब चलता रहता है एक अच्छा रिश्ता बनाए रखने का सबसे इंपॉर्टेंट है कि दोनों पीढ़ियां अपनी एक दूसरे को समझे माता-पिता समझने की कोशिश करें कि बच्चे जो चेंजेस आ रहे हैं समाज में उस हिसाब से जो मॉडर्नाइजेशन या फिर जो टेक्नोलॉजी के लिए एडवांसमेंट जी से आ रही है वह सब बच यूज़ करना चाहेंगे और उन्हें करने दे और बच्चे यह समझे कि उनके पेरेंट्स के लिए सब कुछ नया है और उनका जो डर है उनके जो इन सिक्योरिटीज है कि आज के समाज में आप देख रहे हैं रोज ऐसी घटनाएं हो रही है जो सुनकर दिल दहल जाता है तो वह सब घटनाएं हो रही है तू माता पिता की चिंता जायज है तो उस चीज को देखते हुए बच्चे ध्यान रखें कि वह अपने पेरेंट्स के ऊपर प्रेशर ना डालें और थोड़ा समझने की कोशिश करें कि उनकी भी कुछ रीजन है और जब एक दूसरे को समझेंगे उसका सामान जैसे बनाकर चलेंगे तभी सारी प्रॉब्लम्स अपने आप खत्म हो जाएंगेDekhie Aaj Ke Daur Mein Generation Kya Aap Ek Bahut Bada Issue Hai Aur Har Ghar Mein Kaise Bhi Level Ki Ya Kisi Bhi Social Sites Ke Logon Yeh Jo Issue Hai Jaan Lekin Kya Aap Yeh Sab Ke Ghar Mein Sab Ko Face Karna Padata Hai Problem Yeh Hai Yeh Hai Ki Jo Hamare Parents The Unke Time End Technology In Advance Se Zyada Marne Se Nahi Thi Aur Hamari Generation Mein 9:30 Wali Jo Log Hain Unke Jaise Ekdam Se Sabzi Se I To Hum Sabke Man Mein Jigyasa Rehti Tab Try Karne Ke Baad Hamare Parents Comfortable Nahi Hai Isko Lekar Aur Prince Liye Roj Jhagde Aag Mein Sab Chalta Rehta Hai Ek Accha Rishta Banaye Rakhne Ka Sabse Important Hai Ki Dono Peedhiyaan Apni Ek Dusre Ko Samjhe Mata Pita Samjhne Ki Koshish Karen Ki Bacche Jo Changes Aa Rahe Hain Samaaj Mein Us Hisab Se Jo Madarnaijeshan Ya Phir Jo Technology Ke Liye Edavansament G Se Aa Rahi Hai Wah Sab Bach Use Karna Chahenge Aur Unhen Karne De Aur Bacche Yeh Samjhe Ki Unke Parents Ke Liye Sab Kuch Naya Hai Aur Unka Jo Dar Hai Unke Jo In Security Hai Ki Aaj Ke Samaaj Mein Aap Dekh Rahe Hain Roj Aisi Ghatnaye Ho Rahi Hai Jo Sunkar Dil Dahal Jata Hai To Wah Sab Ghatnaye Ho Rahi Hai Tu Mata Pita Ki Chinta Jayaj Hai To Us Cheez Ko Dekhte Huye Bacche Dhyan Rakhen Ki Wah Apne Parents Ke Upar Pressure Na Daalein Aur Thoda Samjhne Ki Koshish Karen Ki Unki Bhi Kuch Reason Hai Aur Jab Ek Dusre Ko Samjhenge Uska Saamaan Jaise Banakar Chalenge Tabhi Saree Problem Apne Aap Khatam Ho Jaenge
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PK माता-पिता और बच्चों के बीच हुए हमेशा एक का दोस्त का रिश्ता होना चाहिए और इसका मतलब यह नहीं कि आप भी अपने बच्चों के साथ हमेशा ही रहे या फिर हमेशा यूं ही उनसे ओपन ली बातें करते आपको हालांकि वहां पर ज...
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PK माता-पिता और बच्चों के बीच हुए हमेशा एक का दोस्त का रिश्ता होना चाहिए और इसका मतलब यह नहीं कि आप भी अपने बच्चों के साथ हमेशा ही रहे या फिर हमेशा यूं ही उनसे ओपन ली बातें करते आपको हालांकि वहां पर जो है एक प्रकार की रिस्पेक्ट भी रखनी एक दूसरे के प्रति आपके बच्चों को आप के प्रति रिस्पेक्ट भी होना चाहिए अगर वह आपके साथ जुड़े अपने दोस्तों की तरह बात करने लग जाए तो वह आपके प्रति जो है उसको कुछ रिस्पेक्ट नहीं होगी तो आपको जरुर कि जो स्टेटस हथियाने कि जिस प्रकार से वह अपनी उम्र में बढ़ते जाते रहते उस प्रकार से उन्होंने ट्वीट करना चाहिए जब बचपन में छोटे बच्चे बच्चे तुमको जो है एक अच्छे से एडिट करना चाहिए ना कि उनको देख ज्यादा संभलना पड़ता है लेकिन जैसे-जैसे धीरे-धीरे बच्चे बराबर दी जाती है उसे कैसे जुड़े हम अपना स्वभाव उनके पति बदल दे सकते और हमें बदलना ही चाहिए क्योंकि बच्चे अगर एक कपटी न्यूज़ में आ जाए यानी कि 15 साल से 16 साल के बच्चों तुमको जो है अपनी फिजिकल प्रॉब्लम भी बहुत सारी होती है इसकी फूल के बारे में चेंज होते तो यह सब चीज से बात करने के लिए उनका कोई अच्छा दोस्त नहीं होता है फिर मैं चोर फ्रेंड नहीं होता है तो उस समय आप भी उनके फ्रेंड बन सकते हो और एक ऐसी चीज है जब बच्चे जो है रिकॉर्डिंग में इंटर करते रानी की दूरी 25 साल के थे तब जाकर आप जुड़े उनके लिए मेंटल और गार्डन भी बन सकते हो तो आपको जो है वह बच्चों की स्टेशन सर्वे अपने आप को बदलने और अपने आप को भी उनको गाइड करते रहना है तो अगर आप एक दोस्ती का रिश्ता वहां पर मेंटेन कर दो बचपन से तो आपका जो यादव जाकर बच्चों के साथ एक अच्छा रिश्ता बन सकता हैPK Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Huye Hamesha Ek Ka Dost Ka Rishta Hona Chahiye Aur Iska Matlab Yeh Nahi Ki Aap Bhi Apne Bacchon Ke Saath Hamesha Hi Rahe Ya Phir Hamesha Yun Hi Unse Open Lee Batein Karte Aapko Halanki Wahan Par Jo Hai Ek Prakar Ki Respect Bhi Rakhni Ek Dusre Ke Prati Aapke Bacchon Ko Aap Ke Prati Respect Bhi Hona Chahiye Agar Wah Aapke Saath Jude Apne Doston Ki Tarah Baat Karne Lag Jaye To Wah Aapke Prati Jo Hai Usko Kuch Respect Nahi Hogi To Aapko Zaroor Ki Jo Status Hathiyane Ki Jis Prakar Se Wah Apni Umar Mein Badhte Jaate Rehte Us Prakar Se Unhone Tweet Karna Chahiye Jab Bachpan Mein Chote Bacche Bacche Tumko Jo Hai Ek Acche Se Edit Karna Chahiye Na Ki Unko Dekh Zyada Sambhalana Padata Hai Lekin Jaise Jaise Dhire Dhire Bacche Barabar Di Jati Hai Use Kaise Jude Hum Apna Swabhav Unke Pati Badal De Sakte Aur Hume Badalna Hi Chahiye Kyonki Bacche Agar Ek Kapati News Mein Aa Jaye Yani Ki 15 Saal Se 16 Saal Ke Bacchon Tumko Jo Hai Apni Physical Problem Bhi Bahut Saree Hoti Hai Iski Fool Ke Bare Mein Change Hote To Yeh Sab Cheez Se Baat Karne Ke Liye Unka Koi Accha Dost Nahi Hota Hai Phir Main Chor Friend Nahi Hota Hai To Us Samay Aap Bhi Unke Friend Ban Sakte Ho Aur Ek Aisi Cheez Hai Jab Bacche Jo Hai Recording Mein Inter Karte Rani Ki Doori 25 Saal Ke The Tab Jaakar Aap Jude Unke Liye Mental Aur Garden Bhi Ban Sakte Ho To Aapko Jo Hai Wah Bacchon Ki Station Survey Apne Aap Ko Badalne Aur Apne Aap Ko Bhi Unko Guide Karte Rehna Hai To Agar Aap Ek Dosti Ka Rishta Wahan Par Maintain Kar Do Bachpan Se To Aapka Jo Yadav Jaakar Bacchon Ke Saath Ek Accha Rishta Ban Sakta Hai
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माता पिता और बच्चों के बीच अच्छा रिश्ता बनाने के लिए कई चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है जैसे कि आज हम देखते हैं कि माता-पिता और बच्चों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती माता-पिता अपने काम में इतने व्यस्त र...
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माता पिता और बच्चों के बीच अच्छा रिश्ता बनाने के लिए कई चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है जैसे कि आज हम देखते हैं कि माता-पिता और बच्चों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती माता-पिता अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि वह बच्चों को समय नहीं दे पाते तो यह चीजें बिल्कुल गलत है माता-पिता को सिर्फ यह नहीं करना चाहिए कि उनकी स्कूल की फीस भर दी कोचिंग का एडमिशन करवा दिया कॉलेज में दाखिला दिलवा दिया तो वह अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर उन्हें बच्चों के साथ बैठकर बात करनी चाहिए क्योंकि जिंदगी में क्या सही चल रहा है क्या नहीं तो अगर एक फ्रेंडली माहौल रहेगा घर में दो बच्चों और माता-पिता के बीच का जो रिश्ता है वह काफी बेहतर रहेगा कई बार ऐसा होता है कि कम्युनिकेशन गैप के वजह से बच्चे माता-पिता को सारी बातें नहीं बता पाते और इससे वह आगे चलकर बड़ी मुसीबतों में फंस जाते हैं तो हमेशा माता पिता और बच्चों के बीच बातचीत होती रहनी चाहिए कि आखिर बच्चों की जिंदगी में क्या चल रहा है यह माता पिता को पता हो तो ऐसा अगर रहेगा तो सारी चीजें बच्चे खुलकर शेयर कर पाएंगे अपने माता-पिता से और उनकी जिंदगी में कोई भी मुसीबत नहीं आएगी तो इसके अलावा मुझे लगता है कि माता पिता को एक फ्रीडम भी जरूर देना चाहिए बच्चों को ऐसा नहीं कि उन्हें हर चीज से बांधकर रखना चाहिए बाउंडेशन लगानी चाहिए बहुत ज्यादा क्योंकि इससे बच्चे अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं उन्हें कई चीजें करने का शौक होता है मन करता है लेकिन फिर भी वह नहीं कर पाते हालांकि प्रतिबंध लगाना भी काफी जरूरी है क्योंकि बच्चों का मन चंचल होता है और वह कई ऐसी चीजें भी कर सकते हैं जो उनके लिए उनके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं रहेंगी तो रेस्ट्रिक्शन 1 लेवल तक ही होना चाहिए ऐसा नहीं कि हर एक चीज में माता-पिता बच्चों पर रोक तो करें या फिर मना ही करें तो इस तरह से अगर माता-पिता बच्चों का ध्यान रखेंगे तो दोनों के बीच का जो रिश्ता है वह अच्छा रह सकेगाMata Pita Aur Bacchon Ke Bich Accha Rishta Banane Ke Liye Kai Chijon Par Dhyan Dena Aavashyak Hai Jaise Ki Aaj Hum Dekhte Hain Ki Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Zyada Batchit Nahi Hoti Mata Pita Apne Kaam Mein Itne Vyasta Rehte Hain Ki Wah Bacchon Ko Samay Nahi De Paate To Yeh Cheezen Bilkul Galat Hai Mata Pita Ko Sirf Yeh Nahi Karna Chahiye Ki Unki School Ki Fees Bhar Di Coaching Ka Admission Karava Diya College Mein Dakhila Dilwa Diya To Wah Apni Jimmedaariyon Se Mukt Hokar Unhen Bacchon Ke Saath Baithkar Baat Karni Chahiye Kyonki Zindagi Mein Kya Sahi Chal Raha Hai Kya Nahi To Agar Ek Friendly Maahaul Rahega Ghar Mein Do Bacchon Aur Mata Pita Ke Bich Ka Jo Rishta Hai Wah Kafi Behtar Rahega Kai Baar Aisa Hota Hai Ki Communication Gap Ke Wajah Se Bacche Mata Pita Ko Saree Batein Nahi Bata Paate Aur Isse Wah Aage Chalkar Badi Musibaton Mein Phans Jaate Hain To Hamesha Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Batchit Hoti Rahani Chahiye Ki Aakhir Bacchon Ki Zindagi Mein Kya Chal Raha Hai Yeh Mata Pita Ko Pata Ho To Aisa Agar Rahega To Saree Cheezen Bacche Khulkar Share Kar Payenge Apne Mata Pita Se Aur Unki Zindagi Mein Koi Bhi Musibat Nahi Aaegi To Iske Alava Mujhe Lagta Hai Ki Mata Pita Ko Ek Freedom Bhi Jarur Dena Chahiye Bacchon Ko Aisa Nahi Ki Unhen Har Cheez Se Bandhkar Rakhna Chahiye Boundation Lagaani Chahiye Bahut Zyada Kyonki Isse Bacche Andar Hi Andar Ghutte Rehte Hain Unhen Kai Cheezen Karne Ka Shauk Hota Hai Man Karta Hai Lekin Phir Bhi Wah Nahi Kar Paate Halanki Pratibandh Lagana Bhi Kafi Zaroori Hai Kyonki Bacchon Ka Man Chanchal Hota Hai Aur Wah Kai Aisi Cheezen Bhi Kar Sakte Hain Jo Unke Liye Unke Swasthya Ke Liye Sahi Nahi Rahengi To Restriction 1 Level Tak Hi Hona Chahiye Aisa Nahi Ki Har Ek Cheez Mein Mata Pita Bacchon Par Rok To Karen Ya Phir Mana Hi Karen To Is Tarah Se Agar Mata Pita Bacchon Ka Dhyan Rakhenge To Dono Ke Bich Ka Jo Rishta Hai Wah Accha Rah Sakega
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विकी माता-पिता और बच्चों के बीच में अच्छे रिश्ते कैसे बनाए रख सकते हैं मुझे लगता है कि आजकल जब से यह मोबाइल फोन आया है तो कहीं ना कहीं लोगों के बीच में दूरियां बढ़ी हैं आप देख कर उसे पहले हर चीज पेरें...
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विकी माता-पिता और बच्चों के बीच में अच्छे रिश्ते कैसे बनाए रख सकते हैं मुझे लगता है कि आजकल जब से यह मोबाइल फोन आया है तो कहीं ना कहीं लोगों के बीच में दूरियां बढ़ी हैं आप देख कर उसे पहले हर चीज पेरेंट्स के साथ इंटरैक्ट होती थी बच्चे अपनी बात भी करते थे लेकिन आजकल जब से मोबाइल आया है उसमें मोबाइल को दोष नहीं देना चाहता मोबाइल आया है लोग अपने मोबाइल में इतने याद रहते हैं पेरेंट्स के साथ कम्युनिकेशन नहीं हो पाता है आगे प्रॉब्लम होने लगती है इसको सबसे अच्छा तरीका अगर मुझे लगता है तो वह यह है कि उस समय पेरेंट्स को भी और बच्चों को भी निकालना चाहिए अब वह सकता है वह डिनर के टाइम आपस में बैठे हैं कुछ बातें करें जनरल स्टोर्स पर बातें करें तो कहीं ना कहीं लोगों के बीच में हेल्दी रिलेशन भी होंगे और इंटरेक्शन जब बहुत एक अच्छे स्तर में पहुंच जाएगा तो एक बच्चा अपने पेरेंट्स से हर चीज बता सकता है जो जरूरी हैVikee Mata Pita Aur Bacchon Ke Bich Mein Acche Rishte Kaise Banaye Rakh Sakte Hain Mujhe Lagta Hai Ki Aajkal Jab Se Yeh Mobile Phone Aaya Hai To Kahin Na Kahin Logon Ke Bich Mein Duriya Badhi Hain Aap Dekh Kar Use Pehle Har Cheez Parents Ke Saath Interact Hoti Thi Bacche Apni Baat Bhi Karte The Lekin Aajkal Jab Se Mobile Aaya Hai Usamen Mobile Ko Dosh Nahi Dena Chahta Mobile Aaya Hai Log Apne Mobile Mein Itne Yaad Rehte Hain Parents Ke Saath Communication Nahi Ho Pata Hai Aage Problem Hone Lagti Hai Isko Sabse Accha Tarika Agar Mujhe Lagta Hai To Wah Yeh Hai Ki Us Samay Parents Ko Bhi Aur Bacchon Ko Bhi Nikalna Chahiye Ab Wah Sakta Hai Wah Dinner Ke Time Aapas Mein Baithey Hain Kuch Batein Karen General Stores Par Batein Karen To Kahin Na Kahin Logon Ke Bich Mein Healthy Relation Bhi Honge Aur Interaction Jab Bahut Ek Acche Sthar Mein Pahunch Jayega To Ek Baccha Apne Parents Se Har Cheez Bata Sakta Hai Jo Zaroori Hai
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