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200 कोई भी इंसान अगर आपको पहली बार मिलता है जिनसे आपकी पहली बात होती है इससे पहले तक वहा परिचित था उसके बाद थोड़े टाइम पर वह परिचित होता है जब वह परिचित होते हैं उसके बाद चांसेस बैठते हैं कि आप और उसमें मित्रता दोस्ती हो जाएगी और उसके आगे जाकर प्यार हो सकता है तो जनरल ही ऐसा ही होता है जब हम कहते हैं कि वही मैंने उसको देखा और मुझे प्यार हो गया वह अलग कहानी है और आइटम ऐसा प्यार होता नहीं है कोई आखो अट्रैक्टिव लग सकता है या उसकी दो तीन आदतें आपको अच्छी लग सकती है लेकिन वह प्यार नहीं होता है चली उसका स्वभाव उसका बर्ताव या हो सकता है उसका फिजिकल अपीरियंस आपको अच्छा लगता है इसलिए आप बोलते हैं मुझे तो देखते ही प्यार हो गया बट असल में सबसे पहले जो आती है बाद वह आती है दोस्ती की और दोस्ती में देखे कोई नियम कोई कारण उनको ऐसा कुछ कुछ भी नहीं होता दोस्ती में तो बस दिल मिलने की बात है कि भाई हां यह जो बोल रहा है यह जो करता है इस पर विश्वास किया जा सकता है तेरी और उसकी ट्यूनिंग या फ्रिकवेंसी कुछ आता क्या बहुत हद तक मैच करती है मेरे को उससे बात करना अच्छा लगता है मेरे को उसकी कंपनी अच्छी लगती है वगैरह वगैरह कुछ है तो आप आसानी से बहुत आसानी से बिना टाइम लगाए आप किसी के अच्छे दोस्त बन सकते हैं तो दूसरी सबसे है में सबसे पहले आती है और उसके बाद हो सकते आप को दोस्ती में दोस्त के साथ प्यार हो जाए ना तो आप एक अच्छी सोच कर देखिए क्या पहले आपको किसी से प्यार होगा फिर आप उसके दोस्त बनेंगे ऐसा तो नहीं होता तो सबसे पहले नैचुरली दोस्ती होती है उसके बाद आपका प्यार हो सकता है या ना भी हो आप बहुत सारे लोगों के दोस्त बन सकते हैं लेकिन बहुत सारे लोगों के साथ या उन्हीं लोगों के साथ आप प्यार नहीं कर सकते तो प्यार तो आप चुनिंदा लोगों से ही करते हैं यह थोड़ा बहुत आप के दोस्तों के साथ प्यार रहते हैं वह अलग कहानी है लेकिन दोस्ती यूनिवर्स चलें प्यार एक्सक्लूसिव है ऐसा होता है
200 कोई भी इंसान अगर आपको पहली बार मिलता है जिनसे आपकी पहली बात होती है इससे पहले तक वहा परिचित था उसके बाद थोड़े टाइम पर वह परिचित होता है जब वह परिचित होते हैं उसके बाद चांसेस बैठते हैं कि आप और उसमें मित्रता दोस्ती हो जाएगी और उसके आगे जाकर प्यार हो सकता है तो जनरल ही ऐसा ही होता है जब हम कहते हैं कि वही मैंने उसको देखा और मुझे प्यार हो गया वह अलग कहानी है और आइटम ऐसा प्यार होता नहीं है कोई आखो अट्रैक्टिव लग सकता है या उसकी दो तीन आदतें आपको अच्छी लग सकती है लेकिन वह प्यार नहीं होता है चली उसका स्वभाव उसका बर्ताव या हो सकता है उसका फिजिकल अपीरियंस आपको अच्छा लगता है इसलिए आप बोलते हैं मुझे तो देखते ही प्यार हो गया बट असल में सबसे पहले जो आती है बाद वह आती है दोस्ती की और दोस्ती में देखे कोई नियम कोई कारण उनको ऐसा कुछ कुछ भी नहीं होता दोस्ती में तो बस दिल मिलने की बात है कि भाई हां यह जो बोल रहा है यह जो करता है इस पर विश्वास किया जा सकता है तेरी और उसकी ट्यूनिंग या फ्रिकवेंसी कुछ आता क्या बहुत हद तक मैच करती है मेरे को उससे बात करना अच्छा लगता है मेरे को उसकी कंपनी अच्छी लगती है वगैरह वगैरह कुछ है तो आप आसानी से बहुत आसानी से बिना टाइम लगाए आप किसी के अच्छे दोस्त बन सकते हैं तो दूसरी सबसे है में सबसे पहले आती है और उसके बाद हो सकते आप को दोस्ती में दोस्त के साथ प्यार हो जाए ना तो आप एक अच्छी सोच कर देखिए क्या पहले आपको किसी से प्यार होगा फिर आप उसके दोस्त बनेंगे ऐसा तो नहीं होता तो सबसे पहले नैचुरली दोस्ती होती है उसके बाद आपका प्यार हो सकता है या ना भी हो आप बहुत सारे लोगों के दोस्त बन सकते हैं लेकिन बहुत सारे लोगों के साथ या उन्हीं लोगों के साथ आप प्यार नहीं कर सकते तो प्यार तो आप चुनिंदा लोगों से ही करते हैं यह थोड़ा बहुत आप के दोस्तों के साथ प्यार रहते हैं वह अलग कहानी है लेकिन दोस्ती यूनिवर्स चलें प्यार एक्सक्लूसिव है ऐसा होता है
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यह दोस्ती और प्यार दोनों इंपॉर्टेंट है ऐसा बहुत मुश्किल होगा कि दोनों में से एक को चुनना आ गया आपका बहुत स्ट्रॉन्ग है ठीक है यह बोलना बहुत मुश्किल होगा कि आप किस को चुनेंगे है क्योंकि दोनों लाइफ में बजवाब पढ़िये
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पहले तो बेहतर यही रहेगा कि दोस्ती करें ताकि आप जो है उन से आराम से बात कर सकें बिना झिझक के बात कर सके उन्हें समझ सके और देख सके कि आप की पार्टी केमिस्ट्री कहां तक जाती है उसके बाद प्यार करें
पहले तो बेहतर यही रहेगा कि दोस्ती करें ताकि आप जो है उन से आराम से बात कर सकें बिना झिझक के बात कर सके उन्हें समझ सके और देख सके कि आप की पार्टी केमिस्ट्री कहां तक जाती है उसके बाद प्यार करें
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देखिए सबसे पहले दोस्ती जरूरी होती है और दोस्ती में ही आप किसी इंसान को कैसे जान सकते हैं उसके विचारों को आप समझ सकते उसकी फीलिंग को महसूस कर सकते हैं और रही बात प्यार की तो प्यार किया नहीं जाता प्यार खुद ब खुद हो जाता है और यह कोई एक अट्रैक्शन नहीं होता ट्रेक्शन तो सुंदरता के प्रति होता है अगर दिल के प्रति अगर आप का पूर्ण रूप से ट्रक में तू वह सही मायने में प्यार होता है और वह किया नहीं जाता हो जाता है
देखिए सबसे पहले दोस्ती जरूरी होती है और दोस्ती में ही आप किसी इंसान को कैसे जान सकते हैं उसके विचारों को आप समझ सकते उसकी फीलिंग को महसूस कर सकते हैं और रही बात प्यार की तो प्यार किया नहीं जाता प्यार खुद ब खुद हो जाता है और यह कोई एक अट्रैक्शन नहीं होता ट्रेक्शन तो सुंदरता के प्रति होता है अगर दिल के प्रति अगर आप का पूर्ण रूप से ट्रक में तू वह सही मायने में प्यार होता है और वह किया नहीं जाता हो जाता है
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देखो यह तो व्यक्ति की सोच होती है कि पहले दोस्ती करें या प्रेम करें कि दोस्ती भी एक प्रेम का ही रूप होता है वह परिवर्तित हो जाता है मित्रता में मित्रता मित्रता भी प्रेम का शोरूम बताइए रिया मित्रता करते तभी प्रेम करते हो और प्रेम करते तो भी आप प्रेम करते हो प्रेम का कोई अलग अर्थ तो है नहीं उसमें भी प्रेमी होता है बस वैसे तो मेरे अनुसार तो पहले मित्रता करनी चाहिए पहले दोस्ती करनी चाहिए पहले फ्रेंडशिप करनी चाहिए इसके बाद वह फ्रेंडशिप खुद ही प्रेम में परिवर्तित हो जाती है इसमें कोई धंधा वाली बात नहीं
देखो यह तो व्यक्ति की सोच होती है कि पहले दोस्ती करें या प्रेम करें कि दोस्ती भी एक प्रेम का ही रूप होता है वह परिवर्तित हो जाता है मित्रता में मित्रता मित्रता भी प्रेम का शोरूम बताइए रिया मित्रता करते तभी प्रेम करते हो और प्रेम करते तो भी आप प्रेम करते हो प्रेम का कोई अलग अर्थ तो है नहीं उसमें भी प्रेमी होता है बस वैसे तो मेरे अनुसार तो पहले मित्रता करनी चाहिए पहले दोस्ती करनी चाहिए पहले फ्रेंडशिप करनी चाहिए इसके बाद वह फ्रेंडशिप खुद ही प्रेम में परिवर्तित हो जाती है इसमें कोई धंधा वाली बात नहीं
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