ऐसा क्या है जो आप चाहते हैं की भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए ? ...

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जिसे आज के समय में आई थी एक बार जो पूरी तरह से सामाजिक रुप से स्वीकार होनी चाहिए वह बात मुझे यह लगता है कि आप जो है इंटर कास्ट मैरिज स्कोर आलोक करना चाहिए क्योंकि आज के समय में आप देखिए कि आकाश को ज्य...जवाब पढ़िये
जिसे आज के समय में आई थी एक बार जो पूरी तरह से सामाजिक रुप से स्वीकार होनी चाहिए वह बात मुझे यह लगता है कि आप जो है इंटर कास्ट मैरिज स्कोर आलोक करना चाहिए क्योंकि आज के समय में आप देखिए कि आकाश को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि जितने भी लड़के लड़कियां हैं आप देखोगे तो ज्यादा पढ़े लिखे होते और सेल्फ इंडिपेंडेंट होते हैं तो उन्हें जो है किसी के ऊपर डिपेंड डरने की जरूरत नहीं होती है और उन्हें जो अगर किसी से प्यार हो जाता है मुझे लगता है कि हमें जो है वह एक दूसरे को शादी कर देनी चाहिए क्योंकि अगर आप उनसे उनके ऊपर फोर्स कर के आप कोइ जो लड़की पसंद है फिर आपके घर वालों को जो लड़की पसंद की शादी उसके शादी करोगे तो उनके जिंदगी का सवाल होता है तो मुझे लगता कि यह डिसीजन नहीं लेना देना चाहिए और जो समाज जो गहरे होते अंखियों का सिस्टम होते उन्हें इस प्यार के आड़े नहीं आने चाहिए तो मुझे लगता है कि हमें आ जाओ सोसाइटी यह सब चेंज उसको जो है आलोक करना चाहिएJise Aaj Ke Samay Mein Eye Thi Ek Baar Jo Puri Tarah Se Samajik Roop Se Sweekar Honi Chahiye Wah Baat Mujhe Yeh Lagta Hai Ki Aap Jo Hai Inter Caste Marriage Score Alok Karna Chahiye Kyonki Aaj Ke Samay Mein Aap Dekhie Ki Akash Ko Jyada Fark Nahi Padata Hai Kyonki Jitne Bhi Ladke Ladkiyan Hain Aap Dekhoge To Jyada Padhe Likhe Hote Aur Self Independent Hote Hain To Unhen Jo Hai Kisi Ke Upar Depend Darane Ki Zaroorat Nahi Hoti Hai Aur Unhen Jo Agar Kisi Se Pyar Ho Jata Hai Mujhe Lagta Hai Ki Hume Jo Hai Wah Ek Dusre Ko Shadi Kar Deni Chahiye Kyonki Agar Aap Unse Unke Upar Force Kar Ke Aap Koi Jo Ladki Pasand Hai Phir Aapke Ghar Walon Ko Jo Ladki Pasand Ki Shadi Uske Shadi Karoge To Unke Zindagi Ka Sawal Hota Hai To Mujhe Lagta Ki Yeh Decision Nahi Lena Dena Chahiye Aur Jo Samaaj Jo Gehre Hote Ankhiyon Ka System Hote Unhen Is Pyar Ke Ade Nahi Aane Chahiye To Mujhe Lagta Hai Ki Hume Aa Jao Society Yeh Sab Change Usko Jo Hai Alok Karna Chahiye
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मैं यह तो नहीं कहूंगी कि क्या है जो मैं चाहती हूं जो भारत में स्वीकार हो लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहूंगी कि मैं उन लोगों को स्वीकार करवाना चाहती हूं भारत में चले हम भारत में हीन भावना से देखते हैं वह ह...जवाब पढ़िये
मैं यह तो नहीं कहूंगी कि क्या है जो मैं चाहती हूं जो भारत में स्वीकार हो लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहूंगी कि मैं उन लोगों को स्वीकार करवाना चाहती हूं भारत में चले हम भारत में हीन भावना से देखते हैं वह है किन्नर प्रजाति तो मैं चाहूंगी कि हमारे भारत में लोग किन्नर प्रजाति को सामाजिक रुप से स्वीकार करना शुरु करें उनको वही सम्मान मिले जो कि आम आदमी और औरत को मिलता है उनको लोग ऐसा ना ऐसा ना समझे कि वह एक अलग इंसान है जो हमारे बीच नहीं रह सकते हमारे बीच नहीं खा पी सकते उनको एक अलग दर्जा ना देकर उनको हमारे जैसा समझ कर सभी लोग स्वीकार करेंगे तभी शायद उन लोगों के बीच जो हीन भावना पैदा हो चुकी है उनके लिए सबके अंदर वह सब काम हो सकती है और उनको भी हवा मनुष्य की तरह हम देख सकते हैंMain Yeh To Nahi Kahungi Ki Kya Hai Jo Main Chahti Hoon Jo Bharat Mein Sweekar Ho Lekin Main Yeh Jarur Kehna Chahungi Ki Main Un Logon Ko Sweekar Karwana Chahti Hoon Bharat Mein Chale Hum Bharat Mein Heen Bhavna Se Dekhte Hain Wah Hai Kinnar Prajati To Main Chahungi Ki Hamare Bharat Mein Log Kinnar Prajati Ko Samajik Roop Se Sweekar Karna Shuru Karen Unko Wahi Samman Mile Jo Ki Aam Aadmi Aur Aurat Ko Milta Hai Unko Log Aisa Na Aisa Na Samjhe Ki Wah Ek Alag Insaan Hai Jo Hamare Beech Nahi Rah Sakte Hamare Beech Nahi Kha P Sakte Unko Ek Alag Darja Na Dekar Unko Hamare Jaisa Samajh Kar Sabhi Log Sweekar Karenge Tabhi Shayad Un Logon Ke Beech Jo Heen Bhavna Paida Ho Chuki Hai Unke Liye Sabke Andar Wah Sab Kaam Ho Sakti Hai Aur Unko Bhi Hawa Manushya Ki Tarah Hum Dekh Sakte Hain
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मेरी राय में भारत जैसे विशाल एवं संस्कृत देश में यौन संबंधों पर सार्वजनिक चर्चा एक सामान्य वर्षा होना चाहिए और स्कूलों में भी यह एक अनिवार्य विषय होना चाहिए इसके लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति रहनी चा...जवाब पढ़िये
मेरी राय में भारत जैसे विशाल एवं संस्कृत देश में यौन संबंधों पर सार्वजनिक चर्चा एक सामान्य वर्षा होना चाहिए और स्कूलों में भी यह एक अनिवार्य विषय होना चाहिए इसके लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति रहनी चाहिए ताकि किशोर उम्र से ही बच्चों में सामान्य बात करें कोई झिझक चर्म संकोच का विषय में यौन संबंधों के अनैतिक तरीकों से होने वाली हानियों के बारे में भी लोगों को जागरुक करने के प्रचार और प्रसार को भी सामान्य विज्ञापनों की तरह ही दिखाया जाए जिससे यह सिर्फ वयस्कों की बात ना रहे और बच्चों की मानसिकता कुंठित जो गलत धारणा वाली ना आखिर कंडोम के विज्ञापन की समय सीमा को निर्धारित करने की जरूरत है जब सेनेटरी पैड का विज्ञापन एक सामान्य विज्ञापन हेतु बल्कि इसके साथ ही कम उम्र में कई लोगों से शारीरिक संबंध बनाने से होने वाली हानि को भी सामान्य रोजमर्रा के विज्ञापनों के जरिए दिखाया जाना चाहिए क्योंकि बहुत सारी यौन समस्या बच्चे अपने बड़ों से नहीं पूछ पाते कोई सटीक जानकारी नहीं रहती या आधी अधूरी जानकारी में सही निर्णय नहीं ले पाते इसीलिए एक बौद्धिक समाज में यौन संबंध एक सामान्य विषय होना चाहिएMeri Rai Mein Bharat Jaise Vishal Evam Sanskrit Desh Mein Yaun Sambandho Par Sarvajanik Charcha Ek Samanya Varsha Hona Chahiye Aur Schoolon Mein Bhi Yeh Ek Anivarya Vishay Hona Chahiye Iske Liye Yogya Shikshakon Ki Niyukti Rahani Chahiye Taki Kishore Umar Se Hi Bacchon Mein Samanya Baat Karen Koi Jhijhak Charm Sankoch Ka Vishay Mein Yaun Sambandho Ke Anaitik Trikon Se Hone Wali Haaniyon Ke Baare Mein Bhi Logon Ko Jagaruk Karne Ke Prachar Aur Prasaar Ko Bhi Samanya Vigyapanon Ki Tarah Hi Dikhaya Jaye Jisse Yeh Sirf Vayaskon Ki Baat Na Rahe Aur Bacchon Ki Mansikta Kunthit Jo Galat Dharan Wali Na Aakhir Condom Ke Vigyapan Ki Samay Seema Ko Nirdharit Karne Ki Zaroorat Hai Jab Sanitary Pad Ka Vigyapan Ek Samanya Vigyapan Hetu Balki Iske Saath Hi Kum Umar Mein Kai Logon Se Shaaririk Sambandh Banane Se Hone Wali Hani Ko Bhi Samanya Rozmarra Ke Vigyapanon Ke Jariye Dikhaya Jana Chahiye Kyonki Bahut Saree Yaun Samasya Bacche Apne Badon Se Nahi Pooch Paate Koi Sateek Jankari Nahi Rehti Ya Aadhi Adhuri Jankari Mein Sahi Nirnay Nahi Le Paate Isliye Ek Baudhik Samaaj Mein Yaun Sambandh Ek Samanya Vishay Hona Chahiye
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मेरे हिसाब से भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार्य अपने स्वयं के विचार को प्रस्तुत करने की होनी चाहिए हां आज अगर हम अपने विचार सामाजिक रुप में अगर हम भेजते हैं तो हमारे विचारों को कड़ी निंदा की जाती है उ...जवाब पढ़िये
मेरे हिसाब से भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार्य अपने स्वयं के विचार को प्रस्तुत करने की होनी चाहिए हां आज अगर हम अपने विचार सामाजिक रुप में अगर हम भेजते हैं तो हमारे विचारों को कड़ी निंदा की जाती है उसके बारे में यह नहीं पूछा कि हमारे विचार कितने सही है या कितने गलत बयानबाजी शुरू हो जाती है जैसे कि अभी पद्मावती फिल्म पद्मावती में लेकिन किसी ने क्या पूछा कि पद्मावती में सही में भी गलत नहीं है क्या किसी ने भी तो समझ को समझना होगा सोचना होगा उसके ऊपर चिंतन मनन करने के बाद हमें कोई हमें कोई डिसीजन लेना चाहिए क्योंकि बिना चिंतन मनन करें आजकल कुछ नहीं हो सकता हम एक इंसान हैं हम सबसे पहले कुछ सोचना होगा कि उसकी विचार में अगर सही है और अगर गलत भी है तो हमें उसे स्वीकार लेना है बस उस को फॉलो नहीं करना है लेकिन आजकल इंडिया जैसे एक महान स्वतंत्र और आजादी वाले देश में जहां पर महापुरुष जन्मे हुए हैं वहां पर हम ऐसे ही मुर्ख जैसे किसी को भी बस फॉलो किए जा रहे हैं भले अफवाहें फैला रहे आजकल देखे WhatsApp पर भी कितनी जल्दी फेक न्यूज़ पहली गली जा रही है तो हमें यह सब रोकना होगा हमें दूसरों के विचार को समझना होगा और अगर वह सही है तो उसे आगे बढ़ो बिना सोचे समझे आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है जय हिंद वंदे मातरमMere Hisab Se Bharat Mein Samajik Roop Se Svikarya Apne Swayam Ke Vichar Ko Prastut Karne Ki Honi Chahiye Haan Aaj Agar Hum Apne Vichar Samajik Roop Mein Agar Hum Bhejate Hain To Hamare Vicharon Ko Kadi Ninda Ki Jati Hai Uske Baare Mein Yeh Nahi Poocha Ki Hamare Vichar Kitne Sahi Hai Ya Kitne Galat Bayanbazi Shuru Ho Jati Hai Jaise Ki Abhi Padmavati Film Padmavati Mein Lekin Kisi Ne Kya Poocha Ki Padmavati Mein Sahi Mein Bhi Galat Nahi Hai Kya Kisi Ne Bhi To Samajh Ko Samajhna Hoga Sochna Hoga Uske Upar Chintan Manan Karne Ke Baad Hume Koi Hume Koi Decision Lena Chahiye Kyonki Bina Chintan Manan Karen Aajkal Kuch Nahi Ho Sakta Hum Ek Insaan Hain Hum Sabse Pehle Kuch Sochna Hoga Ki Uski Vichar Mein Agar Sahi Hai Aur Agar Galat Bhi Hai To Hume Use Sweekar Lena Hai Bus Us Ko Follow Nahi Karna Hai Lekin Aajkal India Jaise Ek Mahaan Swatantra Aur Azadi Wale Desh Mein Jahan Par Mahapurush Janme Hue Hain Wahan Par Hum Aise Hi Murkh Jaise Kisi Ko Bhi Bus Follow Kiye Ja Rahe Hain Bhale Afavahen Faila Rahe Aajkal Dekhe WhatsApp Par Bhi Kitni Jaldi Fake News Pehli Gali Ja Rahi Hai To Hume Yeh Sab Rokna Hoga Hume Dusron Ke Vichar Ko Samajhna Hoga Aur Agar Wah Sahi Hai To Use Aage Badho Bina Soche Samjhe Aage Badhane Ki Koi Zaroorat Nahi Hai Jai Hind Vande Mataram
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