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बेटा भी जो पंचकर्म होता है ना उसी में यह तो आज भी दिक्कत आज का भेद मतलब पढ़ाई होता है वह सब देखना पड़ता है किस तरह से पता होता है इसमें आप लोग ज्यादा कोई सेकेंड लगता है दर्द होता तो उसमें तेल का मालिश उठते हैं तो आप अधिकतर देखते हैं तेल का मालिश जो करते हैं वह ऊपर से नीचे करते हैं लेकिन हमारे ऊपर करवाते हैं उससे क्या होता है कि जो अगर गैस साथ का भरा हुआ है इधर उधर तो वह सिमट के आपकी सोच के द्वारा जिसको हवा बोलते हैं हवा छोड़ना द्वारा कुछ दर्द भरा
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बेटा भी जो पंचकर्म होता है ना उसी में यह तो आज भी दिक्कत आज का भेद मतलब पढ़ाई होता है वह सब देखना पड़ता है किस तरह से पता होता है इसमें आप लोग ज्यादा कोई सेकेंड लगता है दर्द होता तो उसमें तेल का मालिश उठते हैं तो आप अधिकतर देखते हैं तेल का मालिश जो करते हैं वह ऊपर से नीचे करते हैं लेकिन हमारे ऊपर करवाते हैं उससे क्या होता है कि जो अगर गैस साथ का भरा हुआ है इधर उधर तो वह सिमट के आपकी सोच के द्वारा जिसको हवा बोलते हैं हवा छोड़ना द्वारा कुछ दर्द भराBeta Bhi Jo Panchkarm Hota Hai Na Usi Mein Yeh Toh Aaj Bhi Dikkat Aaj Ka Bhed Matlab Padhai Hota Hai Wah Sab Dekhna Padta Hai Kis Tarah Se Pata Hota Hai Ismein Aap Log Zyada Koi Second Lagta Hai Dard Hota Toh Usmein Tel Ka Maalish Uthte Hain Toh Aap Adhiktar Dekhte Hain Tel Ka Maalish Jo Karte Hain Wah Upar Se Neeche Karte Hain Lekin Hamare Upar Karwaate Hain Usse Kya Hota Hai Ki Jo Agar Gas Saath Ka Bhara Hua Hai Idhar Udhar Toh Wah Simat Ke Aapki Soch Ke Dwara Jisko Hawa Bolte Hain Hawa Chhodna Dwara Kuch Dard Bhara
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आयुर्वेद मसला में बैठा हूं मैन मदन होता है तेल लगा कर के चुम्मा लिया जाता अनुसार यात्रा
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आयुर्वेद मसला में बैठा हूं मैन मदन होता है तेल लगा कर के चुम्मा लिया जाता अनुसार यात्राAyurveda Masala Mein Baitha Hoon Man Madan Hota Hai Tel Laga Kar Ke Chumma Liya Jata Anusaar Yatra
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से लेकर 4 तक पूरा-पूरा कोलकाता से जो सब कुछ दूर हो जाता है
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से लेकर 4 तक पूरा-पूरा कोलकाता से जो सब कुछ दूर हो जाता हैSe Lekar 4 Tak Pura Pura Kolkata Se Jo Sab Kuch Dur Ho Jata Hai
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बेताबी है जो पंचकर्म होता है ना उसी ने यह तस्वीर देख कर बताता भी मतलब पढ़ाई होता है वह सब देखना पड़ता है किस तरह से पता होता है इसमें आप लोग जब वह कोई सेकेंड लगता है दर्द होता तो उसमें तेल का मालिश उठते हैं तो आप अधिकतर देखते हैं तेल का मालिश जो करते हैं वह ऊपर से नीचे करते हैं लेकिन हमारे ऊपर करवाते हैं उससे क्या होता है कि जो अगर गैस साथ का भरा हुआ है इधर उधर तो वह सिमट के आपकी सोच के द्वारा जिसको हवा बनकर हवा छोड़ना द्वारा कुछ दर्द भरा
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बेताबी है जो पंचकर्म होता है ना उसी ने यह तस्वीर देख कर बताता भी मतलब पढ़ाई होता है वह सब देखना पड़ता है किस तरह से पता होता है इसमें आप लोग जब वह कोई सेकेंड लगता है दर्द होता तो उसमें तेल का मालिश उठते हैं तो आप अधिकतर देखते हैं तेल का मालिश जो करते हैं वह ऊपर से नीचे करते हैं लेकिन हमारे ऊपर करवाते हैं उससे क्या होता है कि जो अगर गैस साथ का भरा हुआ है इधर उधर तो वह सिमट के आपकी सोच के द्वारा जिसको हवा बनकर हवा छोड़ना द्वारा कुछ दर्द भराBetabi Hai Jo Panchkarm Hota Hai Na Usi Ne Yeh Tasveer Dekh Kar Batata Bhi Matlab Padhai Hota Hai Wah Sab Dekhna Padta Hai Kis Tarah Se Pata Hota Hai Ismein Aap Log Jab Wah Koi Second Lagta Hai Dard Hota Toh Usmein Tel Ka Maalish Uthte Hain Toh Aap Adhiktar Dekhte Hain Tel Ka Maalish Jo Karte Hain Wah Upar Se Neeche Karte Hain Lekin Hamare Upar Karwaate Hain Usse Kya Hota Hai Ki Jo Agar Gas Saath Ka Bhara Hua Hai Idhar Udhar Toh Wah Simat Ke Aapki Soch Ke Dwara Jisko Hawa Bankar Hawa Chhodna Dwara Kuch Dard Bhara
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आयुर्वेदिक मालिश मतलब आयुर्वेदिक ऑयल रेट है उसे गर्म करके पूरा शरीर पर लगा जगाता है एक घंटा लगता है उसके लिए अर्थराइटिस स्पॉन्डलोसिस जॉइंट पेन उसके लिए
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आयुर्वेदिक मालिश मतलब आयुर्वेदिक ऑयल रेट है उसे गर्म करके पूरा शरीर पर लगा जगाता है एक घंटा लगता है उसके लिए अर्थराइटिस स्पॉन्डलोसिस जॉइंट पेन उसके लिएAyurvedic Maalish Matlab Ayurvedic Oil Rate Hai Use Garam Karke Pura Sharir Par Laga Jagata Hai Ek Ghanta Lagta Hai Uske Liye Arthritis Spandalosis Joint Pen Uske Liye
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मालिनी अगर आप पूछेंगे तो आप यंग में फैल जाता है हर एक व्यक्ति के अनुरूप उसके दोष के अनुसार कोई लिए जाते हैं ऋतिक सीजन के हिसाब से ऋतु की हिसाब से अधिक तेल लिया जाता है और उस मालिश की जाती है मालिश करने के लिए तरीका बताया गया है कि किस तरह से मालिश करनी चाहिए बलम अनु अनु निरीक्षण में आने की आपकी जो बाल है बाल का कनेक्शन है इलेक्शन में मालिश करनी चाहिए अभी मतलब सिर्फ तेल की मालिश ऐसे ही माना जाता है लेकिन तेल की मालिश किस सीजन में कैसे कभी कितनी देर के लिए करनी चाहिए आयुर्वेदिक मालिश नहीं करना चाहती है बुखार है सर्दी खांसी है कभी मालिश नहीं करना चाहिए आपको कौन-कौन से प्रकार की बीमारी है और बाकी पेंचवेली
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मालिनी अगर आप पूछेंगे तो आप यंग में फैल जाता है हर एक व्यक्ति के अनुरूप उसके दोष के अनुसार कोई लिए जाते हैं ऋतिक सीजन के हिसाब से ऋतु की हिसाब से अधिक तेल लिया जाता है और उस मालिश की जाती है मालिश करने के लिए तरीका बताया गया है कि किस तरह से मालिश करनी चाहिए बलम अनु अनु निरीक्षण में आने की आपकी जो बाल है बाल का कनेक्शन है इलेक्शन में मालिश करनी चाहिए अभी मतलब सिर्फ तेल की मालिश ऐसे ही माना जाता है लेकिन तेल की मालिश किस सीजन में कैसे कभी कितनी देर के लिए करनी चाहिए आयुर्वेदिक मालिश नहीं करना चाहती है बुखार है सर्दी खांसी है कभी मालिश नहीं करना चाहिए आपको कौन-कौन से प्रकार की बीमारी है और बाकी पेंचवेलीMalini Agar Aap Puchhenge Toh Aap Young Mein Fail Jata Hai Har Ek Vyakti Ke Anurup Uske Dosh Ke Anusaar Koi Liye Jaate Hain Ritik Season Ke Hisab Se Ritu Ki Hisab Se Adhik Tel Liya Jata Hai Aur Us Maalish Ki Jati Hai Maalish Karne Ke Liye Tarika Bataya Gaya Hai Ki Kis Tarah Se Maalish Karni Chahiye Balma Anu Anu Nirikshan Mein Aane Ki Aapki Jo Baal Hai Baal Ka Connection Hai Election Mein Maalish Karni Chahiye Abhi Matlab Sirf Tel Ki Maalish Aise Hi Mana Jata Hai Lekin Tel Ki Maalish Kis Season Mein Kaise Kabhi Kitni Der Ke Liye Karni Chahiye Ayurvedic Maalish Nahi Karna Chahti Hai Bukhar Hai Sardi Khansi Hai Kabhi Maalish Nahi Karna Chahiye Aapko Kaun Kaun Se Prakar Ki Bimari Hai Aur Baki Penchaveli
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विकी वह अलग अलग रोगी को अलग-अलग जरूरत के अनुसार में साफ किया जाता है अब उसमें जैसे किसी को महानारायण तेल की मालिश की जरूरत पड़ सकती है किसी को सरसों के तेल की मालिश कर सकती आप उसका दो मुख काम है शरीर के भीतर जो आजकल लोग बोलते हैं ग्रीटिंग डिग्री शिक्षकों से डॉक्टर लोग बोलते हैं नागिन का नशा बढ़ जाता है लक्ष्मी खटखट करता है क्यों नहीं बोलते हैं कि आपका गिरीश खत्म हो गया है तू अब शरीर में जो तेलंग प्रवेश करवाना खेल में जो है चिकना पल पैदा करने का कितना तन शरीर के अंदर में पैदा हो मांसपेशियों में और हड्डियों में इसके लिए की जाने वाली प्रक्रिया है और इसमें क्या है अलग-अलग तरह के तेल का मालिश किया जाता है अलग-अलग तरह के टेंपरेचर तक जरूरत के अनुसार रोगी की जरूरत और रोगी के शरीर के अनुसार उसका निर्णय किया जाता है
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विकी वह अलग अलग रोगी को अलग-अलग जरूरत के अनुसार में साफ किया जाता है अब उसमें जैसे किसी को महानारायण तेल की मालिश की जरूरत पड़ सकती है किसी को सरसों के तेल की मालिश कर सकती आप उसका दो मुख काम है शरीर के भीतर जो आजकल लोग बोलते हैं ग्रीटिंग डिग्री शिक्षकों से डॉक्टर लोग बोलते हैं नागिन का नशा बढ़ जाता है लक्ष्मी खटखट करता है क्यों नहीं बोलते हैं कि आपका गिरीश खत्म हो गया है तू अब शरीर में जो तेलंग प्रवेश करवाना खेल में जो है चिकना पल पैदा करने का कितना तन शरीर के अंदर में पैदा हो मांसपेशियों में और हड्डियों में इसके लिए की जाने वाली प्रक्रिया है और इसमें क्या है अलग-अलग तरह के तेल का मालिश किया जाता है अलग-अलग तरह के टेंपरेचर तक जरूरत के अनुसार रोगी की जरूरत और रोगी के शरीर के अनुसार उसका निर्णय किया जाता हैVikee Wah Alag Alag Rogi Ko Alag Alag Zaroorat Ke Anusaar Mein Saaf Kiya Jata Hai Ab Usmein Jaise Kisi Ko Mahanarayan Tel Ki Maalish Ki Zaroorat Pad Sakti Hai Kisi Ko Sarson Ke Tel Ki Maalish Kar Sakti Aap Uska Do Mukh Kaam Hai Sharir Ke Bheetar Jo Aajkal Log Bolte Hain Greeting Degree Shikshakon Se Doctor Log Bolte Hain Nagin Ka Nasha Badh Jata Hai Laxmi Khat-khar Karta Hai Kyon Nahi Bolte Hain Ki Aapka Girish Khatam Ho Gaya Hai Tu Ab Sharir Mein Jo Telang Pravesh Karwana Khel Mein Jo Hai Chikna Pal Paida Karne Ka Kitna Tan Sharir Ke Andar Mein Paida Ho Maspeshiyo Mein Aur Haddiyon Mein Iske Liye Ki Jaane Waali Prakriya Hai Aur Ismein Kya Hai Alag Alag Tarah Ke Tel Ka Maalish Kiya Jata Hai Alag Alag Tarah Ke Temperature Tak Zaroorat Ke Anusaar Rogi Ki Zaroorat Aur Rogi Ke Sharir Ke Anusaar Uska Nirnay Kiya Jata Hai
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